हाइब्रिड वाहनों की बदौलत यूरोप में चीनी कार कंपनियों ने जापानी ब्रांडों को पीछे छोड़ा, दर्ज की रिकॉर्ड बढ़त

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Chinese Carmakers Overtake Japanese Brands in Europe as Hybrids Drive Record Gains

एक तिमाही की बड़ी कामयाबी ने यूरोप के कार बाजार का रुख बदला

बाजार अनुसंधान संस्था Dataforce के अनुसार, सितंबर 2026 तक के तीन महीनों में यूरोप में कुल वाहन पंजीकरण में चीनी कार ब्रांडों की हिस्सेदारी 12.7% रही। पूरे एक तिमाही के दौरान पहली बार उन्होंने जापानी निर्माताओं को पीछे छोड़ दिया। Toyota समेत जापानी ब्रांडों की हिस्सेदारी 11.9% रही, यानी 0.8 प्रतिशत अंक का अंतर।

विषय-सूची
  1. एक तिमाही की बड़ी कामयाबी ने यूरोप के कार बाजार का रुख बदला
  2. बिक्री के आंकड़े क्या बताते हैं
  3. ब्रिटेन ने चीनी ब्रांडों को दी बड़ी बढ़त
  4. कई चीनी निर्माता एक साथ कर रहे हैं विस्तार
  5. इस बढ़त में हाइब्रिड वाहन अहम क्यों हैं
  6. चीन में दबाव के चलते निर्माता विदेशों का रुख कर रहे हैं
  7. यूरोपीय संघ की नीति बदल सकती है कि किन कारों को मदद मिलेगी
  8. स्थानीय कारखाने होंगे प्रतिस्पर्धा की अगली कसौटी
  9. मुख्य बिंदु

एक साल पहले की तुलना में चीनी ब्रांडों के पंजीकरण लगभग दोगुने हो गए। इस बढ़त में हाइब्रिड वाहनों की अहम भूमिका रही। तिमाही के आखिर में उनकी हिस्सेदारी और तेजी से बढ़ी: Dataforce के मुताबिक, सितंबर में यह रिकॉर्ड 14.5% पर पहुंच गई, जो अगस्त से करीब तीन प्रतिशत अंक अधिक थी। सितंबर के बाजार के एक अन्य आकलन में चीनी ब्रांडों के 182,462 वाहन और 13.6% हिस्सेदारी दर्ज की गई।

Volkswagen और Renault जैसे यूरोपीय निर्माता अब भी इस क्षेत्र के बाजार पर हावी हैं। फिर भी, पांच साल पहले यूरोप में बमुश्किल 1% बिक्री करने वाले चीनी ब्रांडों की तिमाही हिस्सेदारी अब हर आठ में से लगभग एक कार तक पहुंच गई है। वे उन जापानी कंपनियों को चुनौती दे रहे हैं, जिन्होंने पूरे यूरोप में कारखाने, डीलरशिप और जाने-पहचाने मॉडल नाम स्थापित करने में दशकों लगाए।

यह कामयाबी ऐसे समय मिली है, जब यूरोपीय संघ चीन से आयात पर और पाबंदियों तथा स्थानीय स्तर पर बने वाहनों को प्रोत्साहन देने पर विचार कर रहा है। चीनी निर्माता दो मोर्चों पर जवाब दे रहे हैं: वे हाइब्रिड वाहनों की बिक्री बढ़ा रहे हैं और यूरोप में कारखाने तैयार कर रहे हैं।

सितंबर के विस्तृत आंकड़े बताते हैं कि यह बदलाव सिर्फ राष्ट्रीय समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा तक सीमित क्यों नहीं है। Toyota उस महीने यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा कार ब्रांड बना रहा और उसके 78,319 वाहन पंजीकृत हुए। BYD 49,340 पंजीकरण के साथ 11वें स्थान पर रहा, जबकि Chery का Jaecoo 7 यूरोप के शीर्ष 10 मॉडल में जगह बनाने वाला पहला चीनी मॉडल बना। किसी एक निर्माता के बजाय चीनी ब्रांडों की बढ़ती संख्या प्रतिस्पर्धा का संतुलन बदल रही है।

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बिक्री के आंकड़े क्या बताते हैं

बाजार के विस्तृत आकलन के अनुसार, 2026 के पहले नौ महीनों में चीनी ब्रांडों की यूरोप में 1,023,762 कारें बिकीं, जो एक साल पहले की तुलना में 113.2% अधिक हैं। उनकी बाजार हिस्सेदारी 9.7% तक पहुंची, जबकि 2025 की इसी अवधि में यह 4.8% थी। यानी 4.9 प्रतिशत अंक की बढ़त और पिछली हिस्सेदारी से लगभग दोगुना।

12.7% का तिमाही आंकड़ा जनवरी से सितंबर के औसत से अधिक है। इससे पता चलता है कि साल के बाद के महीनों में बिक्री ने कितनी तेजी पकड़ी। सितंबर का नतीजा इससे भी बेहतर था। चीनी निर्माता पूरे बाजार की बढ़त से कहीं तेजी से ग्राहक हासिल कर रहे थे।

Dataforce ने सितंबर में यूरोपीय संघ, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ और ब्रिटेन में कुल 1,343,518 वाहन पंजीकरण दर्ज किए, जो 10.2% अधिक थे। यूरोपीय ऑटोमोबाइल निर्माता संघ, जिसे ACEA के नाम से जाना जाता है, ने 1,363,210 पंजीकरण दर्ज किए, जो यहां भी 10.2% की बढ़त थी। इस तुलना में यूरोप का कार बाजार यूरोपीय संघ की सीमाओं से आगे तक फैला है। यह बात उन व्यापार नियमों पर विचार करते समय अहम है, जो खास तौर पर संघ पर लागू होते हैं।

पंजीकरण का मतलब है राष्ट्रीय वाहन रजिस्टरों में नए वाहन दर्ज होना। यह बाजार की मांग का व्यावहारिक पैमाना है, हालांकि खरीदारों में निजी परिवारों के साथ कंपनियां और वाहन बेड़े संचालक भी शामिल होते हैं।

ब्रिटेन ने चीनी ब्रांडों को दी बड़ी बढ़त

सितंबर के नतीजों में ब्रिटेन की भूमिका असाधारण रूप से बड़ी रही। वहां वाहन पंजीकरण 12% बढ़कर 350,536 हो गए, जबकि जर्मनी में यह संख्या 256,774 थी। ब्रिटेन में साल में दो बार नंबर प्लेट बदलने की वजह से मार्च और सितंबर में कार खरीदारी खास तौर पर बढ़ जाती है।

सितंबर में BYD की यूरोप में कुल बिक्री का 52% ब्रिटेन से आया, जहां वह ब्रांडों में दूसरे स्थान पर रहा। पूरे यूरोप में इसके 49,340 पंजीकरण हुए, जो एक साल पहले की तुलना में 102.3% अधिक थे। Toyota के 78,319 पंजीकरण में 0.2% की बढ़त हुई। यह आंकड़ा चीनी चुनौतीकर्ता की तेज विस्तार दर और जापानी निर्माता के कहीं बड़े, स्थापित कारोबारी आधार के बीच का अंतर दिखाता है।

Chery का Jaecoo 7 मार्च और सितंबर, दोनों महीनों में ब्रिटेन का सबसे ज्यादा बिकने वाला मॉडल रहा। सितंबर में पूरे यूरोप में इसके 15,470 वाहन पंजीकृत हुए और मॉडलों में यह 10वें स्थान पर रहा। इनमें से 70% पंजीकरण ब्रिटेन में हुए। Jaecoo ब्रांड की कुल बिक्री 24,321 वाहन रही, जो 156.6% अधिक थी।

ये आंकड़े दिखाते हैं कि पूरे यूरोप में चीनी ब्रांडों की बढ़त एक समान नहीं है। सबसे व्यस्त पंजीकरण महीनों में किसी बड़े बाजार में सफलता क्षेत्रीय रैंकिंग पर बड़ा असर डाल सकती है। BYD और Jaecoo के लिए ब्रिटेन बिक्री का बड़ा स्रोत बन गया है।

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कई चीनी निर्माता एक साथ कर रहे हैं विस्तार

Chery Group ने सितंबर में यूरोप में 56,552 वाहन पंजीकृत किए, जो एक साल पहले की तुलना में 187.3% अधिक थे। इसके ब्रांडों में Jaecoo, Omoda और Chery शामिल हैं। इससे कंपनी सिर्फ एक वाहन श्रृंखला पर निर्भर रहने के बजाय कई नामों से प्रतिस्पर्धा कर सकती है।

Leapmotor ने 14,382 वाहन पंजीकृत किए, जो 324.2% की बढ़त थी। Geely Group के 51,493 पंजीकरण हुए, जो 31.3% अधिक थे, जबकि SAIC Motor के पंजीकरण 24.4% बढ़कर 41,707 पर पहुंचे। ये आंकड़े कंपनी समूहों के हैं, जिनके स्वामित्व में कई ब्रांड हो सकते हैं। इसलिए इनकी तुलना Toyota या BYD जैसे अलग-अलग ब्रांडों की रैंकिंग से नहीं की जा सकती।

यूरोप के स्थापित निर्माताओं के लिए महीना कुछ मुश्किल रहा। Volkswagen Group के पंजीकरण 2.8% घटे, Renault Group में 0.8% की गिरावट आई और BMW Group में लगभग कोई बदलाव नहीं हुआ। Stellantis की बिक्री 5.1% बढ़ी, जो बाजार की 10.2% वृद्धि से कम थी।

जापानी निर्माताओं की यूरोप में गहरी जड़ें हैं। Toyota ने 1963 में यूरोप में कारें बेचना शुरू किया था और अब पूरे महाद्वीप में इसके कारखाने हैं। Nissan 1986 से ब्रिटेन के सुंदरलैंड में वाहन बना रही है। चीनी ब्रांड एक तिमाही में कुल बिक्री के मामले में जापानी निर्माताओं से आगे निकल गए हैं, जबकि उनका मुकाबला उन औद्योगिक नेटवर्क से है जो कई पीढ़ियों में बने हैं।

इस बढ़त में हाइब्रिड वाहन अहम क्यों हैं

चीनी ब्रांडों के तिमाही पंजीकरण में बढ़ोतरी की अगुवाई हाइब्रिड वाहनों ने की। हाइब्रिड वाहन में इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर भी होती है। प्लग-इन हाइब्रिड में ऐसी बैटरी भी होती है जिसे बाहरी बिजली आपूर्ति से चार्ज किया जा सकता है। इससे इंजन की जरूरत पड़ने से पहले कुछ दूरी बिजली से तय की जा सकती है।

BYD ने अक्टूबर में पेरिस मोटर शो में Dolphin G DM-i पेश की। यह यूरोप के लिए खास तौर पर विकसित की गई कॉम्पैक्ट प्लग-इन हाइब्रिड कार है। Chery और Geely Holding Group की कंपनी Zeekr Intelligent Technology ने भी नए मॉडल प्रदर्शित किए। ये लॉन्च दिखाते हैं कि निर्माता केवल चीन के लिए विकसित वाहनों पर निर्भर रहने के बजाय यूरोपीय खरीदारों की पसंद के मुताबिक अपनी मॉडल श्रृंखला ढाल रहे हैं।

बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। सितंबर में इनके पंजीकरण 59.9% बढ़कर 416,443 हो गए और बाजार में इनकी हिस्सेदारी 21.1% से बढ़कर 30.5% पहुंच गई। ये वाहन पूरी तरह बैटरी में जमा बिजली से चलते हैं और इनमें पेट्रोल या डीजल इंजन नहीं होता।

इस तरह चीनी निर्माता एक साथ तेजी से बढ़ रहे दो क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उनकी हालिया वृद्धि में हाइब्रिड वाहनों का बड़ा योगदान है, जबकि पूरी तरह इलेक्ट्रिक मॉडल उन्हें ऐसे बाजार तक पहुंच देते हैं, जहां सितंबर के आंकड़ों में हर 10 नए पंजीकरण में करीब तीन वाहन इलेक्ट्रिक थे। ईंधन की ऊंची कीमतें भी पेट्रोल का इस्तेमाल घटाने में खरीदारों की दिलचस्पी बढ़ाती हैं।

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चीन में दबाव के चलते निर्माता विदेशों का रुख कर रहे हैं

Volkswagen और BMW को अपने सबसे बड़े बाजार चीन में भी चीनी प्रतिस्पर्धियों का सामना करना पड़ रहा है और यूरोप में भी। चीनी खरीदार घरेलू ब्रांडों को चुन रहे हैं, जिनके निर्माता कम लागत में और तेजी से नए मॉडल ला रहे हैं। चीन में मांग कमजोर होने से BYD जैसी कंपनियां विदेशों में और ग्राहक तलाश रही हैं।

2026 की शुरुआत में BYD की मुश्किलें विदेश विस्तार के पीछे के वित्तीय दबाव को दिखाती हैं। कंपनी की फरवरी में बिक्री में गिरावट के दौरान जनवरी में दुनिया भर में इसकी डिलीवरी 30.1% घटकर 210,051 वाहन रह गई थी। यह लगातार पांचवीं मासिक गिरावट थी। इससे पहले मई से कंपनी का बाजार मूल्य 60 अरब डॉलर से अधिक घट चुका था।

निर्यात ने बढ़ते बाजार का रास्ता दिया: BYD ने जनवरी में 100,482 नई ऊर्जा वाले वाहन विदेश भेजे। इस श्रेणी में बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड शामिल हैं। यूरोप में वृद्धि से कंपनी को ग्राहकों का एक और स्रोत मिलता है, जबकि घरेलू बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा बिक्री कीमतों और मुनाफे पर दबाव डालती है।

इसलिए यूरोपीय निर्माताओं को दोनों ओर से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है। चीन के भीतर वे चीनी ब्रांडों के हाथों बाजार हिस्सेदारी खो रहे हैं, और वही प्रतिद्वंद्वी यूरोप में विस्तार कर रहे हैं। इस कारोबारी मुकाबले में चीन में घरेलू कीमतों का दबाव, नए मॉडल की पेशकश, आयात और हजारों किलोमीटर दूर कारखानों में निवेश आपस में जुड़ गए हैं।

यूरोपीय संघ की नीति बदल सकती है कि किन कारों को मदद मिलेगी

यूरोपीय संघ चीन में बनी बैटरी इलेक्ट्रिक कारों पर पहले ही अतिरिक्त शुल्क लगा चुका है। शुल्क आयात पर लगने वाला कर है, जिससे किसी उत्पाद को बाजार में लाने की लागत बढ़ जाती है। अक्टूबर में संघ ने चीन से तेजी से बढ़ते हाइब्रिड आयात पर अंकुश लगाने के सिद्धांत पर भी सहमति जताई। इन उपायों की अंतिम शर्तें और लागू होने की तारीख अभी तय नहीं हुई हैं।

आगे और कदम उठाए जाने की आशंका के बीच हाइब्रिड वाहनों का आयात तेज हुआ है। इस बीच, यूरोपीय संघ ऐसे नियमों पर विचार कर रहा है जिनके तहत सरकारों की सब्सिडी या अन्य प्रोत्साहन पाने वाले वाहनों में स्थानीय स्तर पर बने वाहनों को तरजीह दी जाएगी। इनमें कंपनी की कारों पर मिलने वाली कुछ कर छूट भी शामिल है।

जर्मनी जैसे बाजारों में कंपनियां और वाहन बेड़े के खरीदार कुल खरीदारी का बड़ा हिस्सा हैं। इसलिए कर लाभ के पात्र वाहनों के नियम बदलने से बड़ी संख्या में खरीदारी प्रभावित हो सकती है, सिर्फ निजी परिवारों के फैसले नहीं।

Toyota ने यूरोप में पात्र उत्पादन की संकीर्ण परिभाषा को चुनौती दी है। अपनी अक्टूबर की प्रोत्साहन अपील में उसने प्रस्तावित Industrial Accelerator Act के तहत जापान, ब्रिटेन और Türkiye में बनी कारों को मान्यता देने की मांग की। Toyota के कारखाने यूरोपीय संघ के भीतर फ्रांस और चेक गणराज्य में तथा संघ से बाहर ब्रिटेन और Türkiye में हैं।

Toyota Motor Europe के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Yoshihiro Nakata ने अक्टूबर के नीति वक्तव्य में कंपनी का रुख इस तरह बताया:

Toyota यूरोप में मेहमान नहीं है। हम एक यूरोपीय निर्माता हैं और चाहते हैं कि यूरोप का ऑटोमोबाइल उद्योग सफल हो

Mercedes-Benz ने यूरोपीय विनिर्माण के लिए राजनीतिक समर्थन का स्वागत किया है, लेकिन चेतावनी दी है कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव से लागत बढ़ सकती है। ब्रिटेन, Türkiye और Morocco यूरोपीय संघ को वाहन और कलपुर्जे भेजते हैं, इसलिए नियमों का सटीक स्वरूप संघ के बाहर के कारखानों को भी प्रभावित कर सकता है।

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स्थानीय कारखाने होंगे प्रतिस्पर्धा की अगली कसौटी

चीनी कंपनियां यूरोप में ज्यादा वाहन बनाने की तैयारी पहले से कर रही हैं। Chery बार्सिलोना में उत्पादन की तैयारी कर रही है, जबकि Leapmotor ने कंपनियों के संयुक्त उद्यम के जरिए स्पेन के ज़ारागोज़ा में Stellantis के कारखाने में अपनी B10 SUV बनाना शुरू कर दिया है।

BYD का हंगरी के सेगेद में कारखाना, पहले हुई देरी के बाद, 2026 की चौथी तिमाही में उत्पादन शुरू करने वाला है। कंपनी की यूरोप में कारखाने की योजनाओं में आगे के विनिर्माण के लिए फ्रांस को संभावित जगह के तौर पर देखना भी शामिल है। वहां की प्रतिस्पर्धी ऊर्जा कीमतों को आकर्षण बताया गया है।

इस समय-सारणी में बिक्री की कामयाबी और निवेश का अगला चरण आपस में जुड़ते हैं:

  • सितंबर 2025: हंगरी में उत्पादन शुरू करने का BYD का शुरुआती लक्ष्य।
  • जुलाई से सितंबर 2026: पूरे यूरोपीय तिमाही में चीनी ब्रांड जापानी निर्माताओं से आगे निकले।
  • 12 अक्टूबर 2026: BYD ने पेरिस मोटर शो में यूरोप में और कारखाने लगाने पर चर्चा की।
  • 16 अक्टूबर 2026: Toyota ने प्रस्तावित यूरोपीय औद्योगिक प्रोत्साहनों तक व्यापक पहुंच की मांग की।
  • अक्टूबर से दिसंबर 2026: सेगेद में उत्पादन शुरू करने के लिए BYD की संशोधित समयसीमा।

BYD की योजना हंगरी में Dolphin Surf छोटी शहरी कार की असेंबली से शुरुआत करने और उसके बाद Atto 2 SUV बनाने की है। कारखाने की सालाना उत्पादन क्षमता का लक्ष्य 300,000 वाहन है, जबकि वास्तविक उत्पादन इस बात पर निर्भर करेगा कि कामकाज कैसे आगे बढ़ता है।

स्थानीय विनिर्माण से चीनी कंपनियां आयातक होने के साथ-साथ यूरोपीय कर्मचारियों और आपूर्तिकर्ताओं की नियोक्ता और खरीदार भी बन सकती हैं। प्रस्तावित प्रोत्साहनों के लिए पात्रता असेंबली और कलपुर्जों से जुड़ी शर्तों समेत अंतिम नियमों पर निर्भर करेगी। मुकाबला अब सिर्फ इस बात का नहीं रह गया है कि कौन सबसे ज्यादा कारें बेच सकता है, बल्कि यह भी है कि वे कारें, बैटरियां और कलपुर्जे कहां बनेंगे।

मुख्य बिंदु

  • 2026 की तीसरी तिमाही में यूरोप के कुल वाहन पंजीकरण में चीनी ब्रांडों की हिस्सेदारी 12.7% रही, जो जापानी ब्रांडों की 11.9% हिस्सेदारी से अधिक थी।
  • चीनी ब्रांडों के पंजीकरण एक साल पहले की तुलना में लगभग दोगुने हुए, जिसमें हाइब्रिड वाहनों की प्रमुख भूमिका रही।
  • सितंबर में BYD की यूरोपीय बिक्री का 52% और Jaecoo 7 के पंजीकरण का 70% ब्रिटेन से आया।
  • यूरोपीय निर्माता अब भी बाजार में हावी हैं, लेकिन सितंबर में कई बड़े समूह बाजार से धीमी गति से बढ़े या उनकी बिक्री घटी।
  • यूरोपीय संघ आयात पर और पाबंदियों तथा यूरोपीय उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहनों पर विचार कर रहा है।
  • चीनी निर्माता स्थानीय असेंबली का विस्तार कर रहे हैं। BYD का लक्ष्य 2026 के अंत से पहले हंगरी में उत्पादन शुरू करना है।
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