परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ऋण विस्तार की बड़ी पहल
राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने 2027 में 2.8 करोड़ इंडोनेशियाई परिवारों को 400 ट्रिलियन रुपिया तक के उत्पादक ऋण वितरित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच 343 वित्तीय सेवा संस्थानों के माध्यम से 21,06,401 कर्जदारों को पहले ही वितरित किए गए 53.15 ट्रिलियन रुपिया पर आधारित है।
विषय-सूची
- परिवारों की आय बढ़ाने के लिए ऋण विस्तार की बड़ी पहल
- सरकार किन तक पहुंचना चाहती है
- 53.15 ट्रिलियन रुपिया से अब तक क्या वित्तपोषित हुआ
- 2027 की महत्वाकांक्षा कितनी बड़ी है
- क्षेत्रीय दलों के जरिए पहुंचेगा वित्तपोषण
- नई परिषद के केंद्र में परिवार
- प्राकृतिक संसाधन और सरकारी कंपनियां भी योजना में
- असली कसौटी यह कि परिवार क्या वहन कर सकते हैं
- मुख्य बिंदु
22 अक्टूबर 2026 को क्षेत्रीय वित्तीय पहुंच त्वरण दलों की राष्ट्रीय समन्वय बैठक में बोलते हुए प्रबोवो ने किसानों, मछुआरों, ग्रामीण समुदायों, दूरदराज और पिछड़े इलाकों के लोगों तथा कम आय वाले शहरी निवासियों को प्राथमिकता बताया। उनका घोषित लक्ष्य कारोबार के लिए वित्त तक व्यापक पहुंच को अधिक कमाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने की बेहतर क्षमता में बदलना है।
बताया गया कि बैठक जकार्ता के केमायोरान स्थित JIExpo कन्वेंशन सेंटर में हुई, हालांकि पश्चिम जावा के गुनुंग पुत्री को भी आयोजन स्थल बताया गया। कार्यक्रम में प्रबोवो ने अगस्त से अक्टूबर की अवधि में पहले ही वितरित किए गए ऋणों के प्रतिनिधित्व वाले समझौते प्रतीकात्मक रूप से सौंपे।
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो ने देश के प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों से बाहर काम करने वाले लोगों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने की अपनी महत्वाकांक्षा बताते हुए कहा:
आने वाले वर्षों के लिए हमारी योजना या लक्ष्य किसानों, मछुआरों और गांवों में रहने वाले लोगों को 400 ट्रिलियन रुपिया (करीब 22 अरब अमेरिकी डॉलर) वितरित करना है,
2027 का लक्ष्य दो बड़े वादों को जोड़ता है: ऋण की मात्रा में बड़ी वृद्धि और अधिक परिवारों तक पहुंच। इसे पूरा करने के लिए वित्तीय संस्थानों और क्षेत्रीय प्रशासन को लाखों और परिवारों को उनके कारोबार के अनुकूल वित्तपोषण से जोड़ना होगा, साथ ही इस बात पर ध्यान रखना होगा कि उन कारोबारों से कितनी आय हो सकती है।
सरकार किन तक पहुंचना चाहती है
प्रस्तावित विस्तार में ग्रामीण आजीविका के साथ कस्बों और शहरों में होने वाला काम भी शामिल है। किसानों और मछुआरों के साथ छोटे कारोबारियों तथा उन निवासियों को प्रमुखता दी गई है, जिनका स्थान या आय उन्हें सरकार के प्राथमिकता समूहों में रखती है।
पहले वितरित वित्तपोषण पाने वालों में ऑनलाइन मोटरसाइकिल टैक्सी चालक, बाजार के व्यापारी, खाद्य विक्रेता और कपड़ा कारोबारी शामिल थे। इससे पता चलता है कि ऋण की यह पहल कृषि उत्पादन से आगे बढ़कर सेवाओं और छोटे खुदरा कारोबारों तक भी जाती है, जो परिवारों के रोजमर्रा के खर्चों में मदद करते हैं।
उत्पादक ऋण का अर्थ ऐसी उधारी है जिसका मकसद आय कमाने वाली गतिविधि को सहारा देना हो। छोटे कारोबार के लिए इसमें माल, उपकरण या अन्य संचालन जरूरतों के खर्च शामिल हो सकते हैं। इसका व्यावहारिक लाभ इस बात पर निर्भर करता है कि वित्तपोषित गतिविधि इतनी आय पैदा करती है या नहीं कि उसके खर्च और ऋण की किस्तें चुकाई जा सकें।
प्रबोवो का अनुमान था कि 2.8 करोड़ परिवारों तक पहुंचने से उनके जीवनसाथी और बच्चों को शामिल करने पर करीब 10 करोड़ लोगों को लाभ मिल सकता है। उन्होंने प्रति परिवार चार लोगों का अनुमान लिया। 2.8 करोड़ को चार से गुणा करने पर 11.2 करोड़ होते हैं, इसलिए 10 करोड़ लोगों का उनका आंकड़ा संभावित लाभार्थियों की संख्या का मोटा अनुमान था।
परिवारों का यह आंकड़ा यह भी बताता है कि प्रशासन इस योजना को कल्याणकारी उपाय के रूप में क्यों पेश कर रहा है। ऋण भले ही एक कर्जदार को मिले, लेकिन कारोबार से होने वाली कमाई परिवार के साझा खर्चों, जैसे भोजन, पढ़ाई और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकती है।
53.15 ट्रिलियन रुपिया से अब तक क्या वित्तपोषित हुआ
अक्टूबर के समारोह में अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच 21,06,401 कर्जदारों को वितरित किए गए 53.15 ट्रिलियन रुपिया के उत्पादक ऋणों को मान्यता दी गई। इस वित्तपोषण में 343 वित्तीय सेवा संस्थान शामिल थे और इसका लाभ छोटे कारोबारों, किसानों, मछुआरों तथा अन्य उद्यमियों को मिला।
कार्यक्रम में इस व्यापक समूह का प्रतिनिधित्व पांच कर्जदारों ने किया। उनके ऋण 50 लाख से 40 करोड़ रुपिया तक थे, जो एक ही व्यापक नीति के तहत आने वाले विभिन्न पेशों की अलग-अलग वित्तीय जरूरतों को दिखाते हैं।
- हेन्द्रा सुक्माविजया बेकासी जिले में जलीय कृषि के क्षेत्र में काम करते हैं।
- देदी सुप्रियात्ना जकार्ता में ऑनलाइन मोटरसाइकिल टैक्सी चालक हैं।
- वाह्यू तेमांगगुंग जिले में कॉफी की खेती करते हैं।
- रत्ना देवी सुसांति जकार्ता में खाद्य पदार्थ बेचती हैं।
- देवी मुर्नी जकार्ता के तनाह आबांग बाजार में कपड़े बेचती हैं।
प्रबोवो ने प्रतिनिधियों को ऋण की राशि दर्शाने वाले बोर्ड सौंपे। आर्थिक मामलों के समन्वय मंत्री एरलांग्गा हार्तार्तो और वित्तीय सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष फ्रिदेरिका विड्यासारी देवी इस दौरान उनके साथ थीं।
50 लाख से 40 करोड़ रुपिया तक की राशि इस विस्तार को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। मामूली संचालन पूंजी चाहने वाले व्यापारी और बड़े ऋण की जरूरत वाले स्थापित उत्पादक की आवश्यकताएं अलग होती हैं। 2027 का लक्ष्य इन विविध वित्तीय जरूरतों को एक राष्ट्रीय कुल आंकड़े में समेटता है।
2027 की महत्वाकांक्षा कितनी बड़ी है
400 ट्रिलियन रुपिया, अगस्त से अक्टूबर 2026 के दौरान वितरित 53.15 ट्रिलियन रुपिया का करीब 7.5 गुना है। इस तुलना में अगले वर्ष के लक्ष्य को तीन महीनों में दर्ज ऋण वितरण के साथ रखा गया है, इसलिए विस्तार का पैमाना आंकते समय दोनों अवधियों का ध्यान रखना जरूरी है।
लाभार्थियों की पहुंच में इससे भी तेज वृद्धि होगी। 2.8 करोड़ परिवारों का लक्ष्य दर्ज 21,06,401 कर्जदारों की संख्या से करीब 13.3 गुना है। पहले का आंकड़ा अलग-अलग कर्जदारों को गिनता है, जबकि नया लक्ष्य परिवारों के रूप में व्यक्त किया गया है।
400 ट्रिलियन रुपिया को 2.8 करोड़ परिवारों में बराबर बांटने पर प्रति परिवार करीब 1.43 करोड़ रुपिया का उदाहरणात्मक औसत निकलता है। अब तक वितरित 53.15 ट्रिलियन रुपिया का प्रति कर्जदार औसत करीब 2.52 करोड़ रुपिया बैठता है। दोनों गणनाएं कुल रकम और लाभार्थियों की संख्या के बीच संबंध दिखाती हैं; समारोह में दिए गए वास्तविक ऋणों की राशि में काफी अंतर था।
आंकड़ों से संकेत मिलता है कि परिवारों के पूरे लक्ष्य तक पहुंचने के लिए ऋण वितरण को कहीं अधिक व्यापक करना होगा। 2027 का उदाहरणात्मक औसत अगस्त से अक्टूबर के ऋण वितरण के आधार पर निकले औसत से करीब 43% कम है। अंततः नतीजे पर ऋण की रकम, कर्जदारों का स्वरूप और हर परिवार में ऋणों की संख्या का असर पड़ेगा।
घोषणा में कई व्यावहारिक ब्योरे स्पष्ट नहीं किए गए: वित्तपोषण का मिश्रण, ब्याज दरें, चुकौती अवधि, जमानत की शर्तें, पात्रता नियम और आवेदन का समय। यही ब्योरे तय करेंगे कि परिवार कैसे आवेदन कर सकते हैं और वित्तपोषण उनके काम से होने वाली नकदी आय के अनुकूल है या नहीं।
क्षेत्रीय दलों के जरिए पहुंचेगा वित्तपोषण
प्रबोवो ने वित्तीय सेवा प्राधिकरण, जिसे OJK के नाम से जाना जाता है, बैंक इंडोनेशिया, क्षेत्रीय सरकारों और अन्य भागीदारों की सराहना की। इन संस्थाओं ने 2024 के अंत तक हर प्रांत, जिले और शहर में क्षेत्रीय वित्तीय पहुंच त्वरण दल स्थापित किए थे।
इन दलों को इंडोनेशियाई संक्षिप्त नाम TPAKD से जाना जाता है। उनकी भूमिका अपने-अपने क्षेत्रों में वित्तीय सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने में मदद करना है। राष्ट्रपति ने उत्पादक ऋण के विस्तार में सहयोग देने वाली उपलब्धि के रूप में उनकी देशव्यापी मौजूदगी का उल्लेख किया।
स्थानीय समन्वय महत्वपूर्ण है, क्योंकि लक्षित लाभार्थी बहुत अलग परिस्थितियों में काम करते हैं। तेमांगगुंग का कॉफी किसान, बेकासी का जलीय कृषि उत्पादक और तनाह आबांग का कपड़ा व्यापारी अलग-अलग कारोबार चक्रों के जरिए कमाई करते हैं। क्षेत्रीय संस्थान इन आजीविकाओं और राष्ट्रीय वित्तपोषण महत्वाकांक्षा के बीच संपर्क की एक कड़ी हैं।
इस समयरेखा में पहले से मौजूद नेटवर्क, पूरे हो चुके ऋण वितरण और आगे के लक्ष्य शामिल हैं:
- 2024 के अंत तक सभी प्रांतों, जिलों और शहरों में TPAKD दल स्थापित किए जा चुके थे।
- अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच 343 वित्तीय संस्थानों ने 21,06,401 कर्जदारों को 53.15 ट्रिलियन रुपिया वितरित किए।
- 22 अक्टूबर 2026 को प्रबोवो ने 400 ट्रिलियन रुपिया की ऋण योजना पेश की और ऋणों के प्रतीकात्मक हस्तांतरण में हिस्सा लिया।
- दिसंबर 2026 तक सरकार का लक्ष्य करीब 700 सरकारी कंपनियों को बंद करना है, जिन्हें घाटे में चलने वाली या वित्तीय रिपोर्टों में हेराफेरी करने वाली बताया गया है।
- 2027 में ऋण विस्तार के जरिए 2.8 करोड़ परिवारों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
नई परिषद के केंद्र में परिवार
बैठक में राष्ट्रीय परिवार कल्याण परिषद की शुरुआत भी हुई। इसने सरकारी विनियम संख्या 42, 2026 के तहत राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन परिषद की जगह ली। इस नई संस्था को राष्ट्रीय वित्तीय कल्याण परिषद भी कहा गया।
एरलांग्गा ने कहा कि इसका ध्यान वित्तीय कुशलता, वित्तीय मजबूती और वित्तीय सुरक्षा पर होगा, जिनका आकलन परिवार के स्तर पर किया जाएगा। रोजमर्रा की भाषा में, ये प्राथमिकताएं इस बात से जुड़ी हैं कि कोई परिवार अपनी वित्तीय जरूरतें पूरी कर सकता है या नहीं, अचानक आई मुश्किल का सामना कर सकता है या नहीं और अपने पैसे के प्रबंधन को लेकर कितना सुरक्षित महसूस करता है।
यह बदलाव वित्त तक पहुंच को उसका इस्तेमाल करने वाले परिवार की स्थिति से जोड़ता है। छोटा कारोबार चलाने वाले परिवार के लिए ऋण मिलना एक कदम है। रोजमर्रा के खर्च पूरे करते हुए किस्तों का भुगतान करना और व्यवधानों का सामना करना लगातार जारी रहने वाला काम है।
प्रबोवो इस परिषद के अध्यक्ष हैं, जबकि एरलांग्गा दैनिक अध्यक्ष और OJK की अध्यक्ष फ्रिदेरिका विड्यासारी देवी उपाध्यक्ष हैं। बैंक इंडोनेशिया की गवर्नर देस्त्री दामायंती और वित्त मंत्री सुवाहासिल नजारा उप दैनिक अध्यक्ष हैं। इसमें अन्य मंत्री भी शामिल हैं।
इस नेतृत्व में राष्ट्रपति कार्यालय, आर्थिक समन्वय, वित्तीय नियमन, केंद्रीय बैंक और सार्वजनिक वित्त एक ही ढांचे में आते हैं। इसके घोषित ध्यान में परिवारों की वित्तीय स्थिति भी शामिल है, जबकि घोषणा में ऋण के कुल आंकड़े प्रमुख रहे।
प्राकृतिक संसाधन और सरकारी कंपनियां भी योजना में
प्रबोवो ने ऋण विस्तार की महत्वाकांक्षा को इंडोनेशिया के प्राकृतिक संसाधनों की बेहतर सुरक्षा और प्रबंधन से जोड़ा। उन्होंने कहा कि अगर संसाधनों को अधिक अच्छी तरह सुरक्षित रखा जाए और उनका उपयोग सार्वजनिक समृद्धि के लिए किया जाए, तो परिवारों को सहारा देने की देश की क्षमता बढ़ सकती है।
राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ पक्षों को संसाधनों की दौलत पर एकाधिकार करने से रोकने के लिए निगरानी सख्त की जाएगी। उन्होंने ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बहलिल लहदालिया को उन खनन कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्होंने दो साल से अधिक समय तक कोई वास्तविक गतिविधि नहीं दिखाई। इसमें उनके परमिट रद्द करना भी शामिल है।
प्रबोवो ने दिसंबर 2026 तक करीब 700 सरकारी कंपनियों को बंद करने का लक्ष्य भी बताया, अगर वे घाटे में चल रही हों या उन्होंने वित्तीय विवरणों में हेराफेरी की हो। उन्होंने संसाधन प्रबंधन और सरकारी कंपनियों पर कार्रवाई को देश की आर्थिक क्षमता का अधिक हिस्सा जनकल्याण की ओर लगाने की योजना का हिस्सा बताया।
इन उपायों की जिम्मेदारियां अलग-अलग हैं। वित्तीय संस्थान ऋण वितरित करेंगे, खनन प्राधिकरण निष्क्रिय रियायतों की समीक्षा करेंगे और सरकार सरकारी कंपनियों में बदलावों को संभालेगी। राष्ट्रपति ने इन्हें इस तर्क के तहत एक साथ रखा कि राष्ट्रीय संपदा से आम परिवारों को व्यावहारिक लाभ मिलना चाहिए।
असली कसौटी यह कि परिवार क्या वहन कर सकते हैं
प्रबोवो ने कहा कि आर्थिक प्रगति वास्तविक आय और क्रय शक्ति में दिखनी चाहिए। वास्तविक आय का अर्थ है कीमतों में बदलाव को ध्यान में रखने के बाद कमाई से खरीदी जा सकने वाली चीजें। परिवारों की आय से ज्यादा चीजें खरीदी जा सकनी चाहिए, न कि जरूरी वस्तुओं की कीमतें बढ़ने के बीच उन्हें केवल अधिक रकम मिलनी चाहिए।
राष्ट्रपति का जोर इस बात पर ध्यान खींचता है कि ऋण मिलने के बाद क्या होता है: क्या किसान उत्पादन से अधिक कमा सकता है, मछुआरा अपनी आजीविका कायम रख सकता है या व्यापारी बिक्री बढ़ाते हुए ऋण चुकाने की जिम्मेदारियां पूरी कर सकता है।
यह घोषणा प्रबोवो के बजट बचत के नए प्रयास के बाद आई है, जिसे सार्वजनिक कल्याण बेहतर करने वाले खर्च को बनाए रखने के उपाय के रूप में पेश किया गया था। सरकार 2027 में 6% आर्थिक वृद्धि का लक्ष्य भी रख रही है और बजट घाटे को सकल घरेलू उत्पाद के 2.4% तक सीमित करना चाहती है।
इस नीतिगत संदर्भ में वादे की सफलता उनके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। ऋण कार्यक्रम लाखों छोटे कारोबारों और परिवारों के जरिए आर्थिक गतिविधियों को सहारा देना चाहता है, जबकि सरकार का व्यापक एजेंडा सार्वजनिक संसाधनों का अधिक सख्ती से प्रबंधन करने का है।
लक्षित लाभार्थियों के लिए सबसे तात्कालिक मुद्दे होंगे: ऋण तक पहुंच, उसे वहन कर पाने की क्षमता और कारोबार से होने वाली कमाई। 400 ट्रिलियन रुपिया का लक्ष्य प्रबोवो की महत्वाकांक्षा का पैमाना तय करता है। ऋण की शर्तें और उससे पैदा होने वाली आय तय करेंगी कि रोजमर्रा की जिंदगी पर इसका क्या असर होगा।
मुख्य बिंदु
- प्रबोवो का 2027 में 2.8 करोड़ परिवारों को 400 ट्रिलियन रुपिया तक के उत्पादक ऋण देने का लक्ष्य है।
- प्राथमिकता समूहों में किसान, मछुआरे, ग्रामीण निवासी, दूरदराज के समुदाय और कम आय वाले शहरी परिवार शामिल हैं।
- अगस्त से अक्टूबर 2026 के बीच 343 वित्तीय संस्थानों ने 21,06,401 कर्जदारों को 53.15 ट्रिलियन रुपिया वितरित किए।
- 2027 का लक्ष्य तीन महीनों में वितरित ऋण की कुल राशि से करीब 7.5 गुना है।
- नई राष्ट्रीय परिषद परिवारों की वित्तीय कुशलता, मजबूती और सुरक्षा पर ध्यान देगी।
- ऋण की शर्तें, पात्रता नियम, वित्तपोषण की व्यवस्था और आवेदन का समय अभी स्पष्ट नहीं किए गए हैं।






