खर्च की समस्या के केंद्र में 7.5 करोड़ लोग
इंडोनेशिया के निम्न-मध्यवर्ग में करीब 7.5 करोड़ लोग हैं, लेकिन वे राष्ट्रीय खपत में केवल लगभग 17 प्रतिशत का योगदान करते हैं। यह आंकड़ा इंडोनेशियाई चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की मैक्रोइकॉनॉमिक और माइक्रोइकॉनॉमिक नीति विश्लेषण की उपाध्यक्ष अविलियानी ने पेश किया। 15 जनवरी, 2026 को जकार्ता में बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनकी आय घटने की ओर है, जिससे आर्थिक विकास के एक प्रमुख स्रोत पर दबाव पड़ रहा है।
विषय-सूची
- खर्च की समस्या के केंद्र में 7.5 करोड़ लोग
- कौन सहायता और वित्तीय सुरक्षा के बीच फंसा है?
- करीब 5 प्रतिशत की विकास दर असमान क्यों महसूस हो सकती है
- आंकड़ों और तारीखों को ध्यान से समझना
- राष्ट्रीय उत्पादन के लिए घरेलू आय क्यों अहम है
- अधिक रोजगार, लेकिन किस तरह का काम?
- आय बढ़ाने का कारोबारी रास्ता
- निजी क्षेत्र और 8 प्रतिशत का लक्ष्य
- राजकोषीय अनुशासन और मजबूती का व्यापक आकलन
- मुख्य बातें
उनकी चेतावनी इंडोनेशिया के आर्थिक प्रदर्शन और कई परिवारों के अनुभव के बीच का अंतर दिखाती है। विकास दर करीब 5 प्रतिशत बनी हुई है, जबकि आय वितरण के मध्य हिस्से में आने वाले परिवारों की कमाई घट रही है और उनके आकलन में, उन्हें सरकारी सहायता भी बहुत कम मिल रही है।
अविलियानी ने सरकार और कारोबार जगत से आय बढ़ाने पर ध्यान देने का आग्रह किया, खासकर रोजगार के जरिए और बड़ी कंपनियों तथा छोटे एवं मझोले उद्यमों के बीच मजबूत संबंध बनाकर। उनका तर्क घरेलू वित्त को इंडोनेशिया की 8 प्रतिशत आर्थिक विकास दर हासिल करने की महत्वाकांक्षा से जोड़ता है: कारोबार को ऐसे ग्राहक चाहिए जिनके पास खर्च करने के लिए पैसा हो, और परिवारों को उसे कमाने के भरोसेमंद तरीके चाहिए।
इस दबाव से पहले मध्यवर्ग की संख्या में गिरावट दर्ज हुई थी: 2019 में 5.7 करोड़ से अधिक लोगों से घटकर 2024 में 4.8 करोड़ से कुछ कम। उनकी बाद की प्रस्तुति में उद्धृत आंकड़ों के अनुसार, 2025 में मध्यवर्ग की आबादी 4.67 करोड़ थी, यानी कुल आबादी का करीब 16.6 प्रतिशत।
ये आंकड़े आय वितरण के अलग-अलग हिस्सों का वर्णन करते हैं। उनकी चेतावनी के केंद्र में मौजूद व्यापक निम्न-मध्यवर्गीय समूह में ऐसे लोग शामिल हैं जिनकी वित्तीय स्थिति, अपेक्षाकृत संकीर्ण परिभाषा वाले मध्यवर्ग की तुलना में कम सुरक्षित है।
कौन सहायता और वित्तीय सुरक्षा के बीच फंसा है?
अविलियानी ने आय-दशमांश के आधार पर परिवारों को तीन समूहों में बांटा। दशमांश का अर्थ है लोगों को सबसे कम से सबसे अधिक आय के क्रम में रखकर दस समूह बनाना, जिनमें हर समूह मापी जा रही आबादी का दसवां हिस्सा होता है।
- दशमांश 1 से 3: निम्न आय समूह, जिसे उनकी प्रस्तुति में लाल रंग से दिखाया गया।
- दशमांश 4 से 7: निम्न-मध्यवर्गीय समूह, जिसे पीले रंग से दिखाया गया।
- दशमांश 8 से 10: उच्च-मध्यवर्गीय समूह, जिसे नीले रंग से दिखाया गया।
अविलियानी ने कहा कि सबसे निम्न आय समूह के परिवारों को आम तौर पर बीएलटी यानी प्रत्यक्ष नकद सहायता और इंडोनेशिया की सामाजिक बीमा प्रणाली बीपीजेएस से जुड़ी सहायता मिलती है। उनकी चिंता उनसे ऊपर के परिवारों को लेकर थी: ऐसे लोग जिनकी कमाई घट रही थी, लेकिन वे उनके बताए सहायता कार्यक्रमों के दायरे से बाहर थे।
इन परिवारों के लिए तत्काल समस्या जरूरी खर्चों के बाद बचने वाली रकम है। कमाई घटने पर अन्य वस्तुओं और सेवाओं पर खर्च जारी रखना मुश्किल हो जाता है। अविलियानी का प्रस्ताव मुख्य रूप से सामाजिक सहायता का बजट बढ़ाने के बजाय आय बढ़ाने पर केंद्रित है।
करीब 5 प्रतिशत की विकास दर असमान क्यों महसूस हो सकती है
इंडोनेशिया के अधिक आय वाले परिवार खर्च का बड़ा हिस्सा करते हैं। दशमांश के आधार पर आयोजित प्रस्तुति में अविलियानी ने कहा कि शीर्ष तीन समूह कुल घरेलू खर्च में करीब 53 प्रतिशत का योगदान करते हैं।
इस संकेंद्रण से समझ आता है कि कुछ परिवारों की क्रय शक्ति घटने के बावजूद खर्च राष्ट्रीय विकास को सहारा कैसे देता रह सकता है। मजबूत वित्तीय स्थिति वाले लोगों की खरीदारी का राष्ट्रीय कुल में काफी बड़ा भार है।
15 जनवरी को आयोजित Kadin: Global & Domestic Economic Outlook 2026 कार्यक्रम में अविलियानी ने एक और वर्गीकरण पेश किया। उन्होंने कहा कि उच्च और उच्च-मध्यवर्गीय समूहों का राष्ट्रीय खपत में करीब 70 प्रतिशत योगदान था, जबकि निम्न-मध्यवर्गीय समूह का योगदान 17 प्रतिशत और निम्न आय समूह के करीब 2.5 करोड़ लोगों का 13 प्रतिशत था।
जनवरी के इन आंकड़ों के अनुसार, उच्च आय वाले समूहों की खपत में हिस्सेदारी निम्न-मध्यवर्गीय समूह से करीब चार गुना थी: 17 प्रतिशत के मुकाबले 70 प्रतिशत। यह तुलना दिखाती है कि अधिक संपन्न परिवारों की खर्च करने की क्षमता राष्ट्रीय नतीजों के लिए इतनी अहम क्यों है।
अविलियानी की चिंता यह है कि विकास के लाभ कितने लोगों तक पहुंचते हैं। आय घटने का सामना कर रहे परिवार की खर्च करने की क्षमता कम हो जाती है, भले ही कुल आर्थिक उत्पादन बढ़ रहा हो।
आंकड़ों और तारीखों को ध्यान से समझना
अविलियानी की प्रस्तुतियों में इंडोनेशियाई समाज के मध्य हिस्से के कई अलग-अलग माप दिए गए हैं: 2025 में मध्यवर्ग में 4.67 करोड़ लोग; जनवरी 2026 में निम्न-मध्यवर्ग में बताए गए 7.5 करोड़ लोग; और दशमांश वाली प्रस्तुति में आबादी का करीब 33 प्रतिशत बताया गया समूह।
जनवरी में उच्च आय वाले समूहों के लिए बताए गए 70 प्रतिशत और निम्न-मध्यवर्ग के लिए 17 प्रतिशत खपत हिस्से के साथ, दूसरी प्रस्तुति में शीर्ष तीन दशमांश के लिए 53 प्रतिशत का आंकड़ा भी दिया गया है। इन विवरणों में अलग-अलग नाम वाले समूह शामिल हैं और उनकी मूल परिभाषाएं तथा गणना तालिकाएं स्पष्ट नहीं की गईं। आबादी के चार पूरे दशमांश आम तौर पर 40 प्रतिशत होते हैं, इसलिए दशमांश 4 से 7 और बताए गए 33 प्रतिशत के बीच संबंध को भी स्पष्ट करने की जरूरत है।
कार्यक्रमों के कालक्रम में एक और अनसुलझा विवरण है। रंगों से दर्शाए गए दशमांश समूहों पर टिप्पणियों को Katadata Insight की प्रस्तुति के विवरणों में 20 फरवरी, 2026 की तारीख दी गई है, जबकि विस्तृत विवरण उन्हें 20 अक्टूबर को जकार्ता में हुए Outlook Ekonomi 2027 नीति संवाद से जोड़ते हैं, लेकिन वर्ष नहीं बताते।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर क्रम यह है:
- 2019 से 2024: इंडोनेशिया का मध्यवर्ग 5.7 करोड़ से अधिक लोगों से घटकर 4.8 करोड़ से कुछ कम रह गया।
- 2025: अविलियानी की प्रस्तुति में मध्यवर्ग की आबादी 4.67 करोड़, यानी आबादी का करीब 16.6 प्रतिशत बताई गई।
- 15 जनवरी, 2026: जकार्ता में Kadin के आर्थिक परिदृश्य कार्यक्रम में उन्होंने निम्न-मध्यवर्ग के 7.5 करोड़ लोगों की घटती आय का मुद्दा उठाया।
- 20 फरवरी, 2026 और 20 अक्टूबर: दशमांश संबंधी टिप्पणियों के विवरण में कार्यक्रम की ये अलग-अलग तारीखें दी गई हैं; अक्टूबर का वर्ष स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्रीय उत्पादन के लिए घरेलू आय क्यों अहम है
अविलियानी ने जनवरी में कहा कि इंडोनेशिया के सकल घरेलू उत्पाद में खपत का हिस्सा करीब 57 प्रतिशत है। जीडीपी किसी अर्थव्यवस्था में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं के मूल्य को मापता है। इसलिए घरेलू खरीदारी देश की आधी से अधिक आर्थिक गतिविधि का हिस्सा है।
निवेश का योगदान करीब 30 प्रतिशत है, जबकि उनके अनुसार राज्य के बजट से जुड़ा योगदान लगभग 8.7 प्रतिशत है। उनका मुख्य संदेश था कि केवल प्रत्यक्ष सरकारी खर्च की तुलना में उपभोक्ताओं और निजी कारोबार की भूमिका कहीं बड़ी है।
आय पर लंबे समय तक बना दबाव शुरुआती रूप से प्रभावित परिवारों से आगे भी फैल सकता है। जब परिवार खरीदारी घटाते हैं, तो उन्हें सेवाएं देने वाले कारोबारों की आमदनी कम होती है। फिर इन कारोबारों के पास कर्मचारियों को रखने या विस्तार करने की गुंजाइश घट सकती है। इसलिए परिवारों की आय बढ़ाना नीतिनिर्माताओं के साथ-साथ नियोक्ताओं के लिए भी व्यावहारिक चिंता है।
अविलियानी ने निजी कारोबार और Kadin के सदस्यों से रोजगार बढ़ाने का आह्वान किया, ताकि निम्न-मध्यवर्गीय समूह अधिक सुरक्षित वित्तीय स्थिति में आ सके और खपत में अधिक योगदान दे सके। उनका प्रस्ताव विकास की गुणवत्ता को इस बात से जोड़ता है कि परिवार उसमें भाग लेने में कितने सक्षम हैं।
अधिक रोजगार, लेकिन किस तरह का काम?
अविलियानी ने बन रही नौकरियों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। Outlook Ekonomi 2027 चर्चा में उन्होंने कहा कि रोजगार में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा अनौपचारिक कामों में हो रहा है। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों के जरिए काम करने वाले मोटरसाइकिल टैक्सी चालकों की बढ़ती संख्या का उदाहरण दिया।
अनौपचारिक काम आम तौर पर मानक रोजगार व्यवस्थाओं से बाहर होता है। कमाई में उतार-चढ़ाव हो सकता है और औपचारिक नौकरी करने वालों की तुलना में श्रमिकों को कम लाभ या सुरक्षा मिल सकती है। परिवार के लिए काम मिलना और भरोसेमंद आय हासिल करना वित्तीय सुरक्षा की दिशा में एक-दूसरे से जुड़े, लेकिन अलग कदम हैं।
इंडोनेशिया के पहले के रोजगार आंकड़े इस चिंता का संदर्भ देते हैं। अनौपचारिक रोजगार 2018 में कुल नौकरियों के 57 प्रतिशत से बढ़कर 2023 में 59 प्रतिशत हो गया, यानी दो प्रतिशत अंक की वृद्धि। अविलियानी की टिप्पणियां मध्यवर्गीय आय पर दबाव को श्रम बाजार में इस लंबे बदलाव से जोड़ती हैं।
उनकी चेतावनी सामाजिक तनाव तक भी पहुंची। उन्होंने कहा कि मध्यवर्गीय परिवारों पर लंबे समय तक बना दबाव विरोध प्रदर्शनों और अशांति को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने आय और रोजगार के अवसर बेहतर बनाने को उनकी कमजोर स्थिति से निपटने के सरकार के उपायों का हिस्सा बताया।
आय बढ़ाने का कारोबारी रास्ता
Kadin के प्रस्तावित उपाय के तहत बड़ी कंपनियों को छोटे और मझोले उद्यमों को अपनी आपूर्ति शृंखलाओं में शामिल करने के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। आपूर्ति शृंखला उन कारोबारों का नेटवर्क है जो किसी वस्तु को बनाने और बेचने के लिए जरूरी सामग्री, सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध कराते हैं।
इस नेटवर्क में शामिल होने वाला छोटा उद्यम किसी बड़े खरीदार को पुर्जे, पैकेजिंग, परिवहन या अन्य सेवाएं दे सकता है। अविलियानी का तर्क है कि मजबूत कारोबारी रिश्ते आर्थिक गतिविधि बढ़ाएंगे और आय में इजाफा करेंगे।
उन्होंने छोटी कंपनियों के साथ काम करने वाली बड़ी कंपनियों के लिए कर कटौती या अन्य कर प्रोत्साहन का सुझाव दिया। कर कटौती से उस आय की रकम कम हो जाती है जिस पर कोई कंपनी योजना के नियमों के अधीन कर की गणना करती है।
अविलियानी ने इसे राष्ट्रीय बजट में सामाजिक खर्च का हिस्सा लगातार बढ़ाते जाने के विकल्प के रूप में पेश किया। इस प्रस्ताव में कारोबारों के बीच संबंधों को प्रोत्साहित करने के लिए कर प्रणाली का इस्तेमाल होगा और निजी क्षेत्र की गतिविधि से अधिक कमाई का रास्ता बनेगा।
जनवरी में उनकी टिप्पणियों में निजी क्षेत्र की गतिविधि को सहायता के वित्तपोषण से भी जोड़ा गया। उन्होंने कहा कि इस गतिविधि से बेहतर कर संग्रह सामाजिक कार्यक्रमों को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इस तरह कारोबार का विस्तार, सार्वजनिक राजस्व और कमजोर स्थिति वाले परिवारों को सहायता आपस में जुड़ते हैं।
निजी क्षेत्र और 8 प्रतिशत का लक्ष्य
अविलियानी ने कहा कि इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था में निजी क्षेत्र का हिस्सा करीब 80 प्रतिशत है। इसलिए सरकार के 8 प्रतिशत विकास लक्ष्य तक पहुंचने के लिए राज्य के स्वामित्व वाले कारोबारों और सहकारी संस्थाओं के साथ-साथ निजी उद्यमों की बड़ी भूमिका जरूरी होगी।
उन्होंने इन समूहों के बीच संतुलित अवसर देने का आह्वान किया। उनकी टिप्पणियां इस धारणा से जुड़ी थीं कि आर्थिक गतिविधियां राज्य के स्वामित्व वाली कंपनियों और सरकारी संपत्तियों का प्रबंधन करने वाली संस्था Danantara के इर्द-गिर्द अधिक केंद्रित होती जा रही हैं।
मैक्रोइकॉनॉमिक और माइक्रोइकॉनॉमिक नीति विश्लेषण की जिम्मेदारी संभालने वाली Kadin की उपाध्यक्ष अविलियानी ने राज्य के बजट को मुख्य आर्थिक चालक नहीं, बल्कि उत्प्रेरक बताया:
एपीबीएन केवल उत्प्रेरक है, मुख्य भूमिका निभाने वाला नहीं। इसलिए अगर हर चीज एपीबीएन के जरिए करना चाहें, तो यह संभव नहीं होगा,
उनका कहना था कि राष्ट्रीय बजट गतिविधियों को शुरू करने में मदद कर सकता है, लेकिन निवेश, उत्पादन और रोजगार का बड़ा हिस्सा निजी कारोबारों को संभालना होगा। घरेलू आय बढ़ाना भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है, क्योंकि ग्राहकों का अधिक खर्च कारोबार की मांग को सहारा देता है।
राजकोषीय अनुशासन और मजबूती का व्यापक आकलन
निजी क्षेत्र की भागीदारी के आह्वान के साथ अविलियानी ने राजकोषीय अनुशासन को लेकर भी चेताया। राजकोषीय गुंजाइश का अर्थ है सरकार की वह क्षमता, जिसके तहत वह वित्तीय स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए खर्च बढ़ा सकती है या कर घटा सकती है। उन्होंने कहा कि इस गुंजाइश को सुरक्षित रखना और बजट घाटे को लागू नियमों के भीतर रखना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकारी बॉन्ड खरीदने वाले निवेशक सरकार की वित्तीय स्थिति संभालने और कर्ज चुकाने की क्षमता पर ध्यान देते हैं। इसलिए विकास के वित्तपोषण का तरीका सार्वजनिक कर्ज की लागत और टिकाऊपन के लिए अहम है।
समन्वय मंत्री एयरलांगा हार्तार्तो ने अलग से इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था को मजबूत बताया। उनके अनुसार, अमेरिका, चीन और जापान की तुलना में मंदी का जोखिम अपेक्षाकृत कम है। वैश्विक विकास धीमा होने और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर चर्चा करते हुए उन्होंने जोखिम आकलन का हवाला दिया।
एयरलांगा का आकलन बाहरी दबाव झेलने की अर्थव्यवस्था की क्षमता से जुड़ा है। अविलियानी ने अर्थव्यवस्था के भीतर आय और खर्च के वितरण पर ध्यान दिया। दोनों मुद्दे नीतिनिर्माताओं के सामने दो ठोस काम रखते हैं: राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखना और उन परिवारों की कमाई बढ़ाना जिनकी वित्तीय स्थिति कमजोर हो रही है।
निम्न-मध्यवर्गीय समूह के लिए Kadin की प्राथमिकता रोजगार और कारोबारी गतिविधि के जरिए आय बढ़ाने का रास्ता है। विकास लक्ष्य के लिहाज से यही परिवार संभावित मांग का बड़ा स्रोत भी हैं, बशर्ते उनकी खर्च करने की क्षमता बेहतर हो।
मुख्य बातें
- अविलियानी ने कहा कि इंडोनेशिया के निम्न-मध्यवर्गीय समूह के करीब 7.5 करोड़ लोग राष्ट्रीय खपत में लगभग 17 प्रतिशत योगदान करते हैं और उनकी आय घट रही है।
- उन्होंने चेताया कि सबसे गरीब आय समूहों से ऊपर के परिवारों पर दबाव पड़ सकता है, जबकि उन्हें निम्न आय वाले परिवारों को मिलने वाली सहायता नहीं मिलती।
- जीडीपी में खपत का हिस्सा करीब 57 प्रतिशत है, इसलिए घरेलू आय इंडोनेशिया की विकास संभावनाओं के लिए अहम है।
- Kadin ने बड़ी कंपनियों को छोटे और मझोले उद्यमों को अपनी आपूर्ति शृंखलाओं में शामिल करने के लिए कर प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा।
- तेज विकास को सहारा देने के लिए अविलियानी ने रोजगार मजबूत करने, निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने का आह्वान किया।
- प्रस्तुतियों में आय समूहों के अलग-अलग वर्गीकरण हैं और दशमांश संबंधी टिप्पणियों के विवरण में कार्यक्रम की तारीखों को लेकर अंतर है।






