चुनावी चेतावनी के पीछे विशाल डेटाबेस
ताइवान के डबलथिंक लैब द्वारा जांचे गए चीनी कंपनी के लीक दस्तावेजों में ताइवान के करीब 2.3 करोड़ परिवार पंजीकरण रिकॉर्ड, समाचार और सोशल मीडिया की 62 लाख से अधिक प्रविष्टियां और लगभग 5,000 लक्षित खाते दर्ज हैं। इन निष्कर्षों से 28 नवंबर, 2026 को होने वाले स्थानीय चुनावों से पहले ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों की नई चेतावनी के पीछे मौजूद डेटा और तकनीक की विस्तृत तस्वीर सामने आती है।
विषय-सूची
- चुनावी चेतावनी के पीछे विशाल डेटाबेस
- 2.3 करोड़ रिकॉर्ड में क्या है
- लोगों को अलग-अलग लक्ष्यों में कैसे बांटा जाता है
- स्वास्थ्य सलाह से राजनीतिक हमलों तक
- झूठी पहचानों को सक्रिय रखने वाली व्यवस्था
- एआई निगरानी, लेखन और प्रसार को जोड़ता है
- दस्तावेजों में वर्षों के चुनावी काम का ब्योरा
- गोलेक्सी से किसका जुड़ाव है
- ताइवान केंद्र में, अभियान का दायरा व्यापक
- मुख्य बिंदु
हाल ही में हुई एक आंतरिक बैठक में गुमनाम रूप से बोलने वाले अधिकारियों ने कहा कि चीन कृत्रिम बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल कर विश्वसनीय दिखने वाली झूठी पहचानें बना रहा है, लोगों को राजनीतिक श्रेणियों में बांट रहा है और ऐसे संदेश भेज रहा है जिनका मकसद विभाजन बढ़ाना या मतदान से हतोत्साहित करना है। उनके मुताबिक, अभियान की शुरुआत जीवनशैली से जुड़ी सामान्य पोस्टों से हो सकती है, जो बाद में राजनीतिक हमलों में बदल जाती हैं।
डबलथिंक लैब की गोलेक्सी दस्तावेजों का विश्लेषण, जिसे उसकी डिजिटल इंटेलिजेंस टीम और शोधकर्ता एथेना टोंग ने तैयार किया है, राजनीतिक निगरानी, निजी प्रोफाइल, स्वचालित लेखन और समन्वित प्रकाशन को जोड़ने वाली प्रणाली का विवरण देता है। गोलेक्सी, जिसे झोंगके तियानजी के नाम से भी जाना जाता है, चीनी विज्ञान अकादमी के कंप्यूटिंग प्रौद्योगिकी संस्थान से विकसित हुई कंपनी है।
मतदाताओं के लिए व्यावहारिक चिंता यह है कि स्वास्थ्य, स्कूल या रोजमर्रा की जिंदगी पर चर्चा करने वाला कोई जाना-पहचाना खाता विदेश से संचालित एक गढ़ा हुआ व्यक्ति हो सकता है। इसके राजनीतिक संदेशों को फिर उसे फॉलो करने वाले लोगों के हितों और कुंठाओं के अनुसार ढाला जा सकता है।
ताइवान के स्थानीय चुनावों की नौ श्रेणियों में स्थानीय सरकार के विभिन्न पदों के उम्मीदवार मतदाताओं के सामने होते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि चीन ने 2025 की गर्मियों में 1,850 उम्मीदवारों के खिलाफ व्यवस्थित हमले किए। अधिकारियों के मुताबिक, हाल के समय में संचालकों ने संबंधित विचार फैलाने के लिए चुनिंदा चर्चा विषयों, प्रेस कॉन्फ्रेंस और तीसरे पक्षों का इस्तेमाल किया है।
2.3 करोड़ रिकॉर्ड में क्या है
डबलथिंक लैब के अनुसार, सबसे बड़े संवेदनशील डेटासेट में सार्वजनिक स्रोतों से इतर हासिल किए गए करीब 2.3 करोड़ परिवार पंजीकरण रिकॉर्ड हैं। दस्तावेजों में 170 विस्तृत राजनीतिक प्रोफाइल, 75 राजनीतिक दल, 1,478 कंपनियां, 13,000 से अधिक धार्मिक समूह और करीब 24,000 नागरिक संगठन भी सूचीबद्ध हैं।
परिवारों से जुड़े रिकॉर्ड का स्रोत, उनकी उम्र, सटीकता और उनमें दर्ज विशिष्ट लोगों की संख्या स्पष्ट नहीं है। कथित अभियान का मतदान पर कितना मापने योग्य असर पड़ा, यह भी अज्ञात है। यह आंकड़ा डेटाबेस की प्रविष्टियों की संख्या बताता है, जबकि व्यापक संग्रह में निजी जानकारी, संस्थागत रिकॉर्ड और सार्वजनिक ऑनलाइन सामग्री शामिल है।
गोलेक्सी का संग्रह दुनिया भर में ताइवान से जुड़े कम से कम 10,000 स्रोतों से जानकारी जुटाता है। उसके करीब 5,000 प्रमुख सोशल मीडिया लक्ष्यों को ऑनलाइन पहचान को वास्तविक व्यक्ति से जोड़ने के लिए उपयुक्त बताया गया है। ऐसा जुड़ाव संचालक को किसी खाते की पोस्ट का अध्ययन करने से आगे बढ़कर उस व्यक्ति के राजनीतिक, पेशेवर या सामाजिक संबंधों की पड़ताल करने में मदद करेगा।
राजनीतिक प्रोफाइल में कई खेमों की हस्तियां शामिल हैं, जैसे राष्ट्रपति लाई चिंग-ते, पूर्व राष्ट्रपति त्साई इंग-वेन, पूर्व प्रधानमंत्री सु त्सेंग-चांग, ताइवान पीपुल्स पार्टी के पूर्व अध्यक्ष को वेन-जे और कुओमिन्तांग नेता होउ यू-इह। इनमें पार्टी सदस्यता, सार्वजनिक पद, जन्मस्थान, निवास, शिक्षा, धर्म और सामाजिक संबंधों की जानकारी है।
इससे जुड़ा एक नॉलेज ग्राफ दलों, नेताओं, संस्थानों और स्थानों को जोड़ता है। नॉलेज ग्राफ संबंधों का खोजा जा सकने वाला नक्शा होता है: अलग-अलग नामों को सहेजने के बजाय यह दिखा सकता है कि किसी संगठन का नेतृत्व कौन करता है, वह कहां काम करता है और दूसरे लोगों से उसका क्या जुड़ाव है। गोलेक्सी के नॉलेज ग्राफ में एक फ़ील्ड यह दर्ज करता है कि किसी संगठन का चीन के प्रति रुख क्या है।
लोगों को अलग-अलग लक्ष्यों में कैसे बांटा जाता है
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने दर्शकों की चार श्रेणियां बताईं: कट्टर समर्थक, मैत्रीपूर्ण रुख वाले लोग, वे लोग जिनकी राय बदली जा सकती है और निष्पक्ष माने गए लोग। ये संचालकों के बनाए लेबल हैं, जिनसे तय होता है कि किसे कौन-सा संदेश भेजना है।
डबलथिंक लैब को लीक दस्तावेजों में एक अधिक विशिष्ट परियोजना की जरूरत का उल्लेख मिला। इसमें ताइवान से जुड़ी कम से कम 50,000 समाचार सामग्री जुटाने और उनमें उल्लिखित लोगों को इन चार समूहों तथा उनके विपरीत समूहों में बांटने की मांग थी। हर श्रेणी में कम से कम 1,000 प्रमुख लोगों को शामिल करना था।
170 विस्तृत राजनीतिक प्रोफाइल और हर श्रेणी में कम से कम 1,000 लोगों की जरूरत, फाइलों के अलग-अलग हिस्सों से संबंधित हैं: सारांश में बताए गए मौजूदा संग्रह से और एक व्यापक परियोजना के लक्ष्य से। दोनों साथ मिलकर दिखाते हैं कि कौन-सी जानकारी व्यवस्थित की जा रही थी और आगे किस स्तर पर वर्गीकरण करने की योजना थी।
दर्शकों का वर्गीकरण यानी साझा विशेषताओं वाले छोटे समूहों में बड़े जनसमूह को बांटना। विज्ञापन में इससे तय हो सकता है कि किसे प्रचार सामग्री दिखाई जाए। यहां अधिकारियों का कहना है कि लोगों के रुख और कमजोरियों के मुताबिक राजनीतिक संदेश चुनने के लिए इसका इस्तेमाल हो रहा है।
किसी प्रतिबद्ध समर्थक को भेजा गया संदेश उसी खेमे के दूसरे लोगों के प्रति उसका गुस्सा बढ़ा सकता है। किसी अनिश्चित व्यक्ति को भेजा गया संदेश यह संकेत दे सकता है कि हर उम्मीदवार अनुपयुक्त है या राजनीतिक कोशिश बेकार है। इसका मकसद किसी खास प्रतिद्वंद्वी का समर्थन जुटाने के बजाय लोगों को राजनीति से दूर करना भी हो सकता है।
स्वास्थ्य सलाह से राजनीतिक हमलों तक
अधिकारियों ने चार बार-बार इस्तेमाल होने वाले तरीके बताए: अलग-अलग दर्शकों के अनुरूप संदेश ढालना, विश्वसनीय दिखने वाले झूठे खातों के जरिए समुदायों में पैठ बनाना, राजनीतिक भागीदारी घटाना और रोजमर्रा की चिंताओं के बारे में झूठे दावे फैलाना।
एक उदाहरण में ऐसा खाता या पेज शामिल था जो शुरुआत में स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती पर चर्चा करता था। दर्शक जुटाने के बाद वह यह आरोप लगा सकता था कि स्वास्थ्य एवं कल्याण मंत्रालय ने उन लोगों की अनदेखी की है। जाना-पहचाना विषय सामान्य बातचीत से राजनीतिक दबाव तक पहुंचने का पुल बनता है।
अन्य उदाहरणों में झूठे दावे शामिल थे कि कोई उम्मीदवार पद संभालने के बाद विवादास्पद दवाओं की बड़ी खेप की अनुमति देगा या नाइटलाइफ से जुड़े कारोबारों पर पाबंदियां ढीली करेगा। अधिकारियों ने इन्हें माता-पिता और व्यापक जनता में चिंता पैदा करने के लिए गढ़े गए झूठे संदेश बताया।
संचालक किसी समुदाय की राजनीतिक निष्ठा साझा करने का दिखावा भी कर सकते हैं और फिर किसी संवेदनशील घटना के दौरान बेहद तीखी टिप्पणियां पोस्ट कर सकते हैं। सहयोगी दिखने वाला व्यक्ति समूह के भीतर से आपसी लड़ाई भड़का सकता है, जिससे विवाद असली समर्थकों के बीच स्वाभाविक असहमति जैसा लगे।
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि ताइवानी दिखने वाले कुछ थ्रेड्स खातों की जांच में उनके पंजीकरण के लिए दूसरे देशों के फोन नंबर मिले। अधिकारी नियमित निगरानी के तहत इन जानकारियों के साथ पोस्ट करने के तरीकों, गढ़ी गई पहचानों और विभिन्न प्लेटफॉर्मों पर समन्वय की जांच कर रहे हैं।
झूठी पहचानों को सक्रिय रखने वाली व्यवस्था
गोलेक्सी के दस्तावेज फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम, लाइन, टेलीग्राम, टिकटॉक, यूट्यूब और अन्य सेवाओं पर खातों को विकसित करने के लिए एक केंद्रीय प्रणाली का विवरण देते हैं। हर खाता-संचालन प्रणाली 50 से अधिक मोबाइल उपकरणों का प्रबंधन कर सकती थी। डैशबोर्ड के एक स्क्रीनशॉट में 3,692 वर्चुअल पहचानें थीं।
खाता-संचालन का अर्थ है समय के साथ खाते बनाना और सक्रिय रखना, ताकि वे आम उपयोगकर्ताओं जैसे दिखने लगें। किसी गढ़े हुए व्यक्ति की पहचान को एक जैसा नाम, तस्वीर, भाषा, संपर्क जानकारी और पोस्ट का इतिहास चाहिए। नियमित गतिविधि उस पहचान को राजनीतिक संदेश देने से पहले लोगों के लिए जाना-पहचाना बना सकती है।
दस्तावेजों में एक उपकरण को किसी खास गढ़े हुए व्यक्ति के नाम आवंटित करने की प्रक्रिया बताई गई है। उस व्यक्ति के अलग-अलग प्लेटफॉर्मों पर खाते हो सकते हैं। इनमें अलग-अलग तरह के खातों के लिए प्रक्रियाएं भी दी गई हैं, जैसे नए बनाए गए खाते और निलंबन के बाद हाल ही में बहाल हुए खाते।
गोलेक्सी की प्रणाली इन पहचानों के लिए अंतरराष्ट्रीय फोन नंबर, ईमेल पते और नेटवर्क कनेक्शन उपलब्ध कराती थी। कंपनी की आंतरिक चर्चाओं में प्लेटफॉर्म की पहचान प्रणालियों और खाता हटाए जाने को कामकाज की बड़ी अड़चन बताया गया। इसलिए संचालक सामग्री बनाने के साथ-साथ खातों को सक्रिय रखने पर भी संसाधन खर्च करते थे।
डबलथिंक लैब ने सात ऐसे खातों की पहचान की जिन्हें उसके मुताबिक गोलेक्सी संचालित करती थी। शोधकर्ताओं ने कुछ खातों को उन इंजीनियरों से जोड़ा जिनके नाम और तस्वीरें लीक फाइलों में दूसरी जगह दिखाई दीं। जांच में कुछ संदिग्ध संबद्ध खाते भी मिले, जो चोरी की गई या एआई से बनाई गई प्रोफाइल तस्वीरों का इस्तेमाल करते थे और खुद को ताइवान का नागरिक बताते थे।
शोधकर्ताओं ने 14 दिसंबर, 2025 को तीन संदिग्ध खातों को एआई से बनाई गई मिलती-जुलती पालतू जानवरों की तस्वीरें साझा करते देखा। कुछ खातों ने ताइवानी राजनीति पर भी पोस्ट किया। पहचाने जा सकने वाले कई खातों पर प्रतिक्रिया कम थी और उनकी सामग्री काफी बुनियादी थी, जबकि दस्तावेजों में कहीं अधिक व्यापक क्षमता का जिक्र था।
एआई निगरानी, लेखन और प्रसार को जोड़ता है
गोलेक्सी की प्रस्तावित गोप्रो प्रचार प्रणाली चार चरणों को एक साथ लाती है: राजनीतिक घटनाक्रमों की निगरानी, लक्ष्यों की पहचान, सामग्री तैयार करना और विदेशों के प्लेटफॉर्मों पर खातों के जरिए उसे प्रकाशित करना। दस्तावेजों के मुताबिक, इस प्रणाली पर 50 लोगों की एक विशेष टीम काम कर रही थी।
प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण, यानी मानव भाषा का विश्लेषण करने वाला सॉफ्टवेयर, पोस्ट और खबरों को विषय, भाव और राजनीतिक रुख के आधार पर छांटने में मदद करता है। इसके बाद संचालक लोगों या समूहों को चुन सकते हैं, उनके अनुरूप सामग्री तैयार कर सकते हैं और केंद्रीय रूप से नियंत्रित खातों से उसके अलग-अलग संस्करण भेज सकते हैं।
सामग्री तैयार करने वाले उपकरणों में अंश पूरे करना, सहायक सामग्री सुझाना और एक ही संदेश को अलग शब्दों में दोबारा लिखना शामिल है। इससे संचालक एक ही विचार को फैला सकते हैं, बिना इसके कि हर खाता बिल्कुल एक ही वाक्य दोहराए।
पहचान से जुड़ी एक समानांतर परियोजना में ताइवानी मंदारिन, ताइवानी होक्किएन और अंग्रेजी में संवाद और बातचीत की पटकथाएं बनाने की मांग थी। इसकी रूपरेखा में 10 वर्चुअल परिदृश्यों में कम से कम 100 वर्चुअल पहचानें शामिल थीं। बातचीत और सामग्री में पाठ, तस्वीरें, ऑडियो और वीडियो शामिल होने थे।
यह मेल इसलिए अहम है क्योंकि निगरानी और संदेश एक-दूसरे को बेहतर बना सकते हैं। संचालक किसी विषय पर लोगों की प्रतिक्रिया देखकर भाषा बदल सकते हैं और किसी दूसरे खाते या प्लेटफॉर्म से फिर कोशिश कर सकते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, सहायक कर्मी इन अभियानों की लगातार निगरानी, समीक्षा और उनमें बदलाव करते रहते हैं।
टोक्यो विश्वविद्यालय और चाइना स्ट्रैटेजिक रिस्क्स इंस्टीट्यूट से जुड़ी शोधकर्ता टोंग ने कहा कि एआई से संचालक जिस डेटा की जांच कर सकते हैं उसकी मात्रा और तैयार किए जा सकने वाले संदेशों के रूपों की संख्या बहुत बढ़ जाती है। डबलथिंक लैब की जांच इस क्षमता के साथ यह भी दिखाती है कि असली बातचीत आकर्षित करने वाले विश्वसनीय खाते चलाना अब भी मुश्किल है।
दस्तावेजों में वर्षों के चुनावी काम का ब्योरा
लीक हुए संग्रह में 399 पृष्ठ हैं, जिनमें प्रस्तुतियां, बिक्री सामग्री और आंतरिक बैठकों के रिकॉर्ड शामिल हैं। शोधकर्ता ब्रेट जे. गोल्डस्टीन और ब्रेट वी. बेन्सन को ये फाइलें मिलीं। अकादमिक शोध के लिए इन्हें वेंडरबिल्ट विश्वविद्यालय के नेशनल सिक्योरिटी संस्थान में रखा गया है।
कई तारीखें ताजा चेतावनी को पहले की योजना और निगरानी से जोड़ती हैं:
- दिसंबर 2022: बैठक के रिकॉर्ड में ताइवान को निशाना बनाकर सूचना में हेरफेर के लिए सहयोग पर चर्चा हुई। इसमें डेटा संग्रह, वास्तविक दिखने वाली डिजिटल पहचानें और सामग्री का प्रसार शामिल था।
- 25 नवंबर से 1 दिसंबर, 2023: एक चुनाव निगरानी रिपोर्ट ने ताइवान के 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले 634,448 सामग्री प्रविष्टियों पर नजर रखी।
- गर्मियां 2025: ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि चीन ने 1,850 उम्मीदवारों को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाया।
- 5 अगस्त, 2025: गोलेक्सी फाइलों के अस्तित्व और उनके महत्व की जानकारी सार्वजनिक हुई।
- 14 दिसंबर, 2025: शोधकर्ताओं ने संदिग्ध संबद्ध खातों को एआई से बनाई गई मिलती-जुलती पालतू जानवरों की तस्वीरें समन्वित रूप से साझा करते देखा।
- अक्टूबर 2026: अधिकारियों ने 28 नवंबर को होने वाले स्थानीय चुनावों से पहले तेजी से स्वचालित हो रहे हस्तक्षेप को लेकर चेतावनी दी।
2023 के आखिर की साप्ताहिक रिपोर्ट में एक-दूसरे के मुकाबले खड़े राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों और होउ यू-इह, झाओ शाओ-कांग और को वेन-जे समेत नेताओं को लेकर लोगों की बदलती दिलचस्पी पर नजर रखी गई। इसमें हमलों, जवाबी हमलों और चीन के साथ आर्थिक संबंधों पर बहस का विश्लेषण किया गया।
सात दिनों में 634,448 प्रविष्टियां यानी रोजाना करीब 90,635 प्रविष्टियां। यह हिसाब निगरानी के काम के पैमाने को दर्शाता है। रिपोर्ट में राजनीतिक विचारों और प्रमुख खेमों के भीतर एकजुटता का आकलन करने के लिए सामग्री और प्रतिक्रियाओं की जांच की गई।
गोलेक्सी से किसका जुड़ाव है
डबलथिंक लैब का कहना है कि फाइलों में परियोजनाओं और ग्राहकों के अवलोकन की सूची में चीन का साइबरस्पेस प्रशासन, केंद्रीय सैन्य आयोग का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आयोग, ताइवान मामलों का कार्यालय और बेस 311 शामिल हैं। बेस 311 को पीएलए यूनिट 61716 के नाम से भी जाना जाता है। यह फूझोउ में स्थित है और ताइवान को निशाना बनाकर चलाए जाने वाले मनोवैज्ञानिक अभियानों से जुड़ा है।
गोलेक्सी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से सीधे संबंध होने से इनकार किया है। टोंग ने कहा कि तीसरे पक्षों के जरिए हुए कुछ अनुबंधों का पीपुल्स लिबरेशन आर्मी, पार्टी या सरकारी निकायों से स्पष्ट जुड़ाव था।
फाइलों में प्रौद्योगिकी और मीडिया साझेदारों का एक नेटवर्क भी दर्ज है। उनकी भूमिकाएं डेटा संग्रह और भाषा प्रौद्योगिकी से लेकर डिजिटल मीडिया सामग्री बनाने और सोशल मीडिया प्रबंधन तक फैली हैं। दिसंबर 2022 की बैठक में चर्चा हुई कि ताइवान-केंद्रित परियोजना के अलग-अलग हिस्सों में कई साझेदार कैसे योगदान देंगे।
इसलिए डबलथिंक लैब का विश्लेषण वाणिज्यिक आपूर्तिकर्ताओं, शोध विशेषज्ञता और सरकारी ग्राहकों की मिली-जुली व्यवस्था का ब्योरा देता है। कंपनियां डेटाबेस, सॉफ्टवेयर और खातों का बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराती हैं, जिनका इस्तेमाल सरकारी या सैन्य संगठन कर सकते हैं।
ताइवान केंद्र में, अभियान का दायरा व्यापक
गोलेक्सी के दस्तावेज अमेरिका, हांगकांग और चीन की बेल्ट एंड रोड परियोजनाओं से जुड़े देशों में भी ऐसी ही निगरानी का ब्योरा देते हैं। हांगकांग के लिए कंपनी की एक प्रस्तुति में दावा किया गया कि 1,80,000 ट्विटर उपयोगकर्ताओं के विश्लेषण से 3,000 से अधिक प्रमुख हस्तियों और 100 से ज्यादा ऑनलाइन जनमत नेताओं की पहचान हुई।
अमेरिका से जुड़ी सामग्री में 2,000 से अधिक अतिरिक्त राजनीतिक हस्तियों और जनमत नेताओं के साथ पत्रकार, शोधकर्ता, कारोबार और संस्थान भी शामिल हैं। एक चुनावी डैशबोर्ड के डिजाइन में राजनीतिक कैलेंडर, उम्मीदवारों पर लोगों की दिलचस्पी, चुनावी चंदा और राज्यों में मतदान का विश्लेषण शामिल है।
डबलथिंक लैब को कुछ अधूरे हिस्से भी मिले। अमेरिकी उम्मीदवारों की गतिविधियों के प्रस्तावित नक्शे के प्रदर्शन में हांगझोउ की वेस्ट लेक का नक्शा इस्तेमाल हुआ। यह उदाहरण दिखाता है कि प्रस्तावित अमेरिकी चुनाव एप्लिकेशन के ब्योरे में एक प्रस्तुति उपकरण अब भी घरेलू नक्शे का इस्तेमाल कर रहा था।
पूरी फाइलों में ताइवान से जुड़ी जानकारी असामान्य रूप से विस्तृत है। इसमें परिवारों के रिकॉर्ड, नागरिक संगठन, राजनीतिक संबंध और भाषा के हिसाब से बनाई गई वर्चुअल पहचानें शामिल हैं। निर्देशों में ताइवान और लिथुआनिया के रिश्तों पर केंद्रित खाते बनाने की मांग भी थी, जिससे पता चलता है कि किसी कूटनीतिक मुद्दे को समर्पित सोशल मीडिया अभियान में बदला जा सकता है।
चीन की व्यापक सूचना रणनीति स्थापित मीडिया तक भी पहुंचती है। रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स की एक जांच में अंतरराष्ट्रीय प्रसारण में निवेश, विदेशी मीडिया में हिस्सेदारी और विकासशील देशों के पत्रकारों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का ब्योरा दिया गया। इसमें चीन और ताइवान या चीनी प्रभाव गतिविधियों पर खबरें प्रकाशित करने के बाद डेनमार्क और फिलीपींस के पत्रकारों पर दूतावासों के दबाव का भी दस्तावेजीकरण किया गया।
ताइवान के नवंबर चुनाव के लिए तात्कालिक सवाल ज्यादा निजी है: आम ऑनलाइन समुदायों में कौन बोल रहा है, वह पहचान कैसे बनाई गई और कोई खास संदेश किसी खास मतदाता तक क्यों पहुंचता है। अधिकारियों का कहना है कि निगरानी को अलग-अलग प्लेटफॉर्मों पर गतिविधियों का पीछा करना होगा, क्योंकि संचालक स्वचालित खातों को मानवीय निर्देशन और स्थानीय राजनीतिक विवादों के साथ जोड़ते हैं।
मुख्य बिंदु
- ताइवान के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने 28 नवंबर, 2026 को होने वाले स्थानीय चुनावों से पहले एआई की मदद से किए जा रहे हस्तक्षेप को लेकर चेतावनी दी है।
- डबलथिंक लैब के मुताबिक, गोलेक्सी की फाइलों में ताइवान से जुड़े करीब 2.3 करोड़ परिवार पंजीकरण रिकॉर्ड और समाचार व सोशल मीडिया की 62 लाख से अधिक प्रविष्टियां दर्ज हैं।
- दस्तावेजों में राजनीतिक प्रोफाइल तैयार करने, दर्शकों का वर्गीकरण करने, सामग्री स्वचालित रूप से बनाने और झूठे खातों का केंद्रीय रूप से प्रबंधन करने का ब्योरा है।
- अधिकारियों का कहना है कि संचालक विभाजन बढ़ाना, चिंता भड़काना और राजनीतिक भागीदारी से हतोत्साहित करना चाहते हैं।
- शोधकर्ताओं ने ऐसे सात खातों की पहचान की जिन्हें उनके मुताबिक गोलेक्सी संचालित करती थी। कुछ पर लोगों की प्रतिक्रिया सीमित थी।
- गोलेक्सी ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से सीधे संबंधों से इनकार किया है; शोधकर्ताओं को दस्तावेजों और अनुबंधों में सरकारी तथा सैन्य संस्थानों से जुड़ाव मिला है।






