चीन का विशाल उत्पादन खरीदारों की तलाश में जूझ रहा है
चीन ने नवंबर 2024 में 15.66 लाख नई ऊर्जा वाहन (एनईवी) बनाए और 15.12 लाख बेचे। इससे मासिक रिकॉर्ड बना, जबकि उसका वाहन उद्योग ऐसी रफ्तार से बढ़ा जो दुनियाभर के निर्माताओं के लिए चुनौती है। जनरल मोटर्स, फोर्ड और फॉक्सवैगन को चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों और हाइब्रिड कारों से प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ रहा है, जो कम कीमतों के साथ लगातार उन्नत होते फीचर दे रहे हैं।
विषय-सूची
- चीन का विशाल उत्पादन खरीदारों की तलाश में जूझ रहा है
- चीन के उत्पादन आंकड़े क्या बताते हैं
- घरेलू मांग निर्यात से तेज बढ़ी
- समय के साथ कैसे बढ़ा दबाव
- 55,800 युआन की कार ने कीमतों की होड़ बदल दी
- जीएम, फोर्ड और फॉक्सवैगन पर दबाव क्यों
- चीन के निर्माताओं को भी चुकानी पड़ रही कीमत
- सस्ती कारों का खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या मतलब
- मुख्य बातें
चाइना एसोसिएशन ऑफ ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सीएएएम) के मुताबिक, नवंबर 2023 की तुलना में उत्पादन 45.8% और बिक्री 47.4% बढ़ी। उसके नवंबर उद्योग विश्लेषण में, जिसे उसके उद्योग सूचना विभाग ने 26 दिसंबर 2024 को प्रकाशित किया, पहले 11 महीनों में बिक्री 1.1262 करोड़ वाहन रही।
इनमें से ज्यादातर वाहन चीन के घरेलू खरीदारों ने खरीदे। जनवरी से नवंबर के दौरान घरेलू बिक्री 1.0121 करोड़ रही, जबकि निर्यात 11.41 लाख था। यह अनुपात अहम है: प्रतिस्पर्धा का दबाव चीन के विशाल घरेलू बाजार में ग्राहकों को आकर्षित करने की होड़ से शुरू होता है, फिर निर्यात और विदेशी ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा के जरिए दूसरे बाजारों तक फैलता है।
जून 2025 तक कीमतों और कारखानों के इस्तेमाल में यह संघर्ष ज्यादा साफ दिखने लगा था। बीवाईडी ने 22 मॉडलों की कीमतें 34% तक घटा दी थीं, चीनी वाहन निर्माता अपनी उत्पादन क्षमता के आधे से भी कम का इस्तेमाल कर रहे थे और 35 लाख से अधिक वाहन बिना बिके पड़े थे।
उपभोक्ताओं को सस्ती कारें मिलीं। निर्माताओं, डीलरों और निवेशकों के सामने कठिन हिसाब था: ज्यादा वाहन बेचने से राजस्व बढ़ सकता है, लेकिन बार-बार दी जाने वाली छूट से हर बिक्री पर मुनाफा घट सकता है। फरवरी 2026 तक कीमतों की प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने वाली बड़ी कंपनी बीवाईडी की डिलीवरी भी घट रही थी और शेयर बाजार में उसका मूल्य तेजी से गिरा था।
चीन के उत्पादन आंकड़े क्या बताते हैं
सीएएएम इन वाहनों के लिए नई ऊर्जा वाहन (एनईवी) शब्द का इस्तेमाल करता है। इस श्रेणी में पूरी तरह बैटरी से चलने वाले वाहन और प्लग-इन हाइब्रिड शामिल हैं, जो बिजली के साथ-साथ दहन इंजन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन पारंपरिक हाइब्रिड वाहनों को बाहरी स्रोत से चार्ज नहीं किया जा सकता, वे इस श्रेणी में नहीं आते।
जनवरी से नवंबर 2024 के दौरान चीन में एनईवी का उत्पादन 1.1345 करोड़ रहा, जो 2023 की इसी अवधि से 34.6% ज्यादा था। बिक्री 35.6% बढ़कर 1.1262 करोड़ हो गई। ये आंकड़े तेजी से बढ़ते उद्योग और उसके विस्तार करते कारखानों के साथ-साथ बड़े ग्राहक आधार को भी दिखाते हैं।
इन 11 महीनों में उत्पादन, बिक्री से 83,000 वाहन ज्यादा रहा। यह अंतर एसोसिएशन के कुल आंकड़ों से निकाला गया है। कारखाने की क्षमता एक अलग चीज मापती है: कारखाने कितने वाहन बना सकते हैं, जिसमें आंशिक रूप से बंद उत्पादन लाइनें भी शामिल होती हैं। बिना बिका स्टॉक उन तैयार वाहनों की संख्या बताता है जो खरीदारों का इंतजार कर रहे हैं। हर आंकड़ा उद्योग पर वित्तीय दबाव के एक अलग पहलू को सामने लाता है।
बाद में कारखानों का आधी से भी कम क्षमता पर चलना बताता है कि कीमतों की प्रतिस्पर्धा इतनी तीखी क्यों हो सकती है। उत्पादन लाइनें बंद हों, तब भी इमारतों, उपकरणों और कई परिचालन खर्चों का भुगतान करना पड़ता है। निर्माताओं के पास ज्यादा खरीदार तलाशने और उन खर्चों को अधिक वाहनों में बांटने की वजह है।
घरेलू मांग निर्यात से तेज बढ़ी
जनवरी से नवंबर 2024 के दौरान चीन में घरेलू एनईवी बिक्री 40.3% बढ़ी, जबकि निर्यात में 4.5% की वृद्धि हुई। सीएएएम के कुल आंकड़ों के अनुसार, बिक्री में घरेलू खरीदारों की हिस्सेदारी करीब 89.9% और विदेशी खरीदारों की लगभग 10.1% थी।
नवंबर में यह अंतर और भी तेज दिखा। घरेलू बिक्री 14.29 लाख रही, जो एक साल पहले से 53.8% और अक्टूबर से 9.7% ज्यादा थी। निर्यात घटकर 83,000 रह गया, जो एक साल पहले से 14.1% और पिछले महीने से 35.2% कम था।
इसलिए बाद में शुरू हुए कीमतों के युद्ध से पहले ही चीनी निर्माताओं की घरेलू बिक्री में मजबूत वृद्धि दर्ज हो चुकी थी। उनके लिए चुनौती उत्पादन की महत्वाकांक्षाओं, ग्राहकों की मांग और मुनाफा बनाए रखने वाली कीमतों के बीच तालमेल बिठाना था। चीन में प्रतिस्पर्धा कर रहे विदेशी निर्माताओं के सामने तत्काल चुनौती थी कि खरीदारों की दिलचस्पी कैसे बनाए रखें, जबकि स्थानीय प्रतिद्वंद्वी तेजी से ज्यादा आकर्षक सौदे दे रहे थे।
चीन के बाहर के निर्माताओं के लिए निर्यात ने प्रतिस्पर्धा का एक और रास्ता खोल दिया। चीन की कुल बिक्री में निर्यात की हिस्सेदारी भले ही अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन 11 महीनों में यह 10 लाख से अधिक वाहनों के बराबर थी, जो विदेशी बाजारों में बड़ी संख्या में पहुंची।
समय के साथ कैसे बढ़ा दबाव
सीएएएम का जुलाई उद्योग विश्लेषण विस्तार का पहले का एक आंकड़ा देता है। उस महीने चीन ने 9.84 लाख एनईवी बनाए और 9.91 लाख बेचे। यह जुलाई 2023 की तुलना में क्रमशः 22.3% और 27% की वृद्धि थी। जनवरी से जुलाई तक उत्पादन 59.14 लाख और बिक्री कुल 59.34 लाख रही।
नवंबर तक मासिक बिक्री जुलाई के 9.91 लाख से करीब 52.6% बढ़कर 15.12 लाख पर पहुंच गई। यह तुलना दिखाती है कि 2024 के दौरान मासिक बिक्री कितनी बढ़ी, हालांकि एक साल पहले के उसी महीने से एसोसिएशन की तुलना मौसमी असर के बीच वृद्धि का बेहतर संकेत देती है।
- जुलाई 2024: सीएएएम के पूर्णांकित आंकड़ों के अनुसार, एनईवी बिक्री 9.91 लाख रही। इसमें 8.87 लाख घरेलू बिक्री और 1.03 लाख निर्यात शामिल थे।
- नवंबर 2024: मासिक बिक्री रिकॉर्ड 15.12 लाख पर पहुंची, जबकि निर्यात घटकर 83,000 रह गया।
- मई 2025 के आखिर में: बीवाईडी ने 22 मॉडलों की कीमतें 34% तक घटाईं, जिसके बाद प्रतिस्पर्धियों ने भी छूट दी।
- 9 जून 2025: चीनी वाहन निर्माता अपनी उत्पादन क्षमता के आधे से भी कम पर काम कर रहे थे और 35 लाख से अधिक वाहन बिना बिके पड़े थे।
- 6 फरवरी 2026: बीवाईडी की जनवरी डिलीवरी एक साल पहले की तुलना में 30.1% गिरी और मई के बाद से उसका बाजार मूल्य 60 अरब डॉलर से अधिक घट गया था।
2024 के इन दो आंकड़ों के बीच निर्यात की रफ्तार भी धीमी हुई। जनवरी से जुलाई तक निर्यात 11.4% बढ़कर 7.08 लाख वाहन रहा। जनवरी से नवंबर तक निर्यात की संचयी संख्या बढ़कर 11.41 लाख हुई, लेकिन वृद्धि दर घटकर 4.5% रह गई।
55,800 युआन की कार ने कीमतों की होड़ बदल दी
बीवाईडी की सीगल हैचबैक कीमतों के दबाव का खास उदाहरण बन गई, जब मई 2025 में कीमतें घटाए जाने के दौरान इसकी शुरुआती कीमत 55,800 युआन, यानी करीब 7,800 डॉलर, हो गई। जीली, चेरी और एसएआईसी-जीएम ने भी अपनी छूटों के साथ जवाब दिया।
इस होड़ में बीवाईडी को कुछ फायदे थे। इनमें अपने कारोबार के भीतर बैटरी बनाना और उस समय कच्चे माल की घटती कीमतों का लाभ शामिल था। इलेक्ट्रिक वाहन की लागत का बड़ा हिस्सा बैटरी होती है। उसका उत्पादन अपने नियंत्रण में होने से वाहन निर्माता को इस महंगे हिस्से पर ज्यादा सीधा नियंत्रण मिलता है।
बीवाईडी 2025 में 55 लाख वाहन बेचने का लक्ष्य लेकर चल रही थी। कम कीमतें ग्राहकों को आकर्षित करने, स्टॉक निकालने और कारखानों में गतिविधि बढ़ाने का तरीका थीं। इसके बाद प्रतिस्पर्धियों के सामने कठिन विकल्प था: अपनी कीमतें घटाएं या खरीदार खोने का जोखिम उठाएं।
उद्योग और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा सीएएएम ने अव्यवस्थित कीमत युद्ध के खिलाफ चेतावनी दी। उनकी चिंता कंपनियों की कमाई तक सीमित नहीं थी, बल्कि आपूर्तिकर्ताओं, कलपुर्जों की विश्वसनीयता और वाहन की बिक्री के बाद मिलने वाली सेवा तक फैली थी। कम नकदी वाले छोटे निर्माताओं के पास लंबे समय तक दबाव झेलने की गुंजाइश कम थी।
जीएम, फोर्ड और फॉक्सवैगन पर दबाव क्यों
जनरल मोटर्स, फोर्ड और फॉक्सवैगन के सामने चुनौती सिर्फ किसी एक वाहन की घोषित कीमत से मुकाबला करने तक सीमित नहीं है। खरीदार पूरे वाहन की तुलना करते हैं: खरीद लागत, ड्राइविंग रेंज, उपकरण, आराम और तकनीक। आकर्षक सुविधाओं वाला सस्ता प्रतिद्वंद्वी स्थापित निर्माताओं को अपनी कीमतों और शामिल फीचर, दोनों पर फिर से विचार करने के लिए मजबूर कर सकता है।
2025 में एसएआईसी-जीएम की छूटों में भागीदारी दिखाती है कि यह दबाव चीन में वैश्विक निर्माताओं से जुड़ी कंपनियों तक भी पहुंचता है। कोई कंपनी हर वाहन पर कम मुनाफा स्वीकार कर सकती है, विनिर्माण लागत घटाने की कोशिश कर सकती है या कुछ बिक्री छोड़ सकती है। हर विकल्प का असर कारखानों, नए मॉडलों और दूसरे निवेशों के लिए उपलब्ध धन पर पड़ता है।
विदेशी बिक्री से यह प्रतिस्पर्धा भौगोलिक रूप से और फैलती है। विदेशों में ग्राहक तलाशने वाले चीनी निर्माता अपने घरेलू बाजार में हासिल किए पैमाने को स्थापित ब्रांडों के साथ सीधी प्रतिस्पर्धा में ले जाते हैं। अलग-अलग बाजारों में इसकी तीव्रता अलग है, लेकिन कारोबार की बुनियादी चुनौती जानी-पहचानी है: ग्राहकों के पास एक और विकल्प है और प्रतिस्पर्धियों को जवाब देना होगा।
यहां जीएम, फोर्ड और फॉक्सवैगन पर वित्तीय असर का कोई परिमाण नहीं दिया गया है: उद्योग के इन आंकड़ों के साथ किसी कंपनी की कमाई, बाजार हिस्सेदारी या शेयर कीमतों का अलग पूर्वानुमान नहीं है। ठोस दबाव कीमतों, बिक्री की मात्रा और हर वाहन से बचने वाले मुनाफे पर है।
चीन के निर्माताओं को भी चुकानी पड़ रही कीमत
बीवाईडी की बाद की मुश्किलें दिखाती हैं कि सस्ती कीमतों की होड़ शुरू करने वाली कंपनियां भी उसी प्रतिस्पर्धा से प्रभावित हो सकती हैं। फरवरी 2026 में शेयरों की बिकवाली के दौरान, मई से कंपनी का बाजार मूल्य 60 अरब डॉलर से अधिक घट चुका था। 6 फरवरी से पहले वाले सप्ताह में हांगकांग में उसके शेयर करीब 7% गिरे।
जनवरी में वैश्विक डिलीवरी एक साल पहले की तुलना में 30.1% गिरकर 210,051 वाहन रह गई। यह बिक्री में लगातार पांचवें महीने की गिरावट थी। मांग में कमजोरी, छूट और बढ़ती उत्पादन लागत के बीच निवेशकों की चिंता से जीली ऑटो, नियो और एक्सपेंग के शेयर भी गिरे।
हांगकांग में सीएलएसए के चीन औद्योगिक शोध के सह-प्रमुख श्याओ फेंग ने मुनाफे को लेकर चिंता जाहिर की:
बड़ी चिंता यह है कि इस साल कंपनियों की कमाई के अनुमानों में बड़े पैमाने पर कटौती हो सकती है, जिससे चीन के घरेलू बाजार में ईवी निर्माताओं की लंबे समय तक मुनाफा कमाने की क्षमता पर सवाल उठेंगे।
खरीदारों और निर्माताओं के लिए हालात भी बदल चुके थे। 10 साल की खरीद कर छूट 1 जनवरी 2026 को खत्म हो गई और 5% खरीद कर फिर लागू हो गया। निर्माताओं के सामने लिथियम, तांबे, एल्युमिनियम और मेमोरी चिप की बढ़ती कीमतों की चुनौती थी, जिससे सस्ती उत्पादन लागत के जरिए छूट की भरपाई करना कठिन हो गया।
सस्ती कारों का खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या मतलब
कार खरीदारों को तत्काल फायदा कम खरीद कीमतों और बेहतर सुविधाओं वाले पैकेज से मिलता है। इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर विचार कर रहे परिवार को कोई ऐसा मॉडल अब किफायती लग सकता है जो पहले उसके बजट से बाहर था। हालांकि, डीलरों को मौजूदा स्टॉक ऐसे बाजार में बेचना पड़ता है जहां नई छूट से ग्राहकों की उम्मीदें तेजी से बदल सकती हैं।
निर्माताओं को हर बिक्री के बाद इतनी रकम बचाकर रखनी होती है कि सिर्फ कार की लागत ही नहीं, बल्कि विकास, वारंटी मरम्मत, सेवा और भविष्य के मॉडलों का खर्च भी पूरा हो सके। जब कीमतों में कटौती, लागत में बचत से आगे निकल जाती है, तब बिक्री बढ़ने के साथ कमाई घट सकती है।
निवेशक इसी रिश्ते पर ध्यान देते हैं। फरवरी 2026 में बीवाईडी के शेयर भविष्य की अनुमानित कमाई के करीब 15 गुना मूल्य पर कारोबार कर रहे थे, जबकि पिछले तीन वर्षों का औसत 18 गुना था। यह अनुपात कंपनी के शेयर मूल्य की तुलना उसकी अनुमानित कमाई से करता है। शेयरों की कीमत के साथ-साथ निवेशक कमाई के इन अनुमानों पर भी सवाल उठा रहे थे।
विदेशी बाजार बीवाईडी के लिए मांग का स्रोत बने रहे। कंपनी ने जनवरी 2026 में 100,482 एनईवी निर्यात किए। विदेशों में विकास की तलाश ने चीन की घरेलू कीमतों की होड़ को वैश्विक वाहन निर्माताओं के सामने मौजूद बड़ी चुनौती से जोड़ दिया: ग्राहकों के लिए प्रतिस्पर्धा करते हुए निवेश जारी रखने लायक मुनाफा बनाए रखना।
मुख्य बातें
- चीन ने जनवरी से नवंबर 2024 के दौरान 1.1262 करोड़ नई ऊर्जा वाहन बेचे, जो एक साल पहले से 35.6% ज्यादा थे।
- इन बिक्री में घरेलू खरीदारों की हिस्सेदारी करीब 89.9% थी; निर्यात कुल 11.41 लाख वाहन रहा।
- मई 2025 में बीवाईडी की छूटों के बाद सीगल की शुरुआती कीमत 55,800 युआन, यानी करीब 7,800 डॉलर, हो गई और प्रतिस्पर्धियों ने भी कीमतें घटाईं।
- जून 2025 तक चीनी वाहन निर्माता अपनी उत्पादन क्षमता के आधे से भी कम का इस्तेमाल कर रहे थे और 35 लाख से अधिक वाहन बिना बिके थे।
- जीएम, फोर्ड और फॉक्सवैगन पर मुनाफा बचाते हुए कीमतों और सुविधाओं के मोर्चे पर प्रतिस्पर्धा का दबाव है।
- फरवरी 2026 तक बीवाईडी की घटती डिलीवरी और शेयर बाजार में हुए नुकसान ने दिखाया कि तीखी प्रतिस्पर्धा की कीमत चीनी निर्माताओं को भी चुकानी पड़ रही है।






