5 नवंबर से कर्नाटक में बस किराये बढ़ेंगे, BMTC का न्यूनतम टिकट 10 रुपये

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Karnataka Bus Fares Rise From November 5 as BMTC Minimum Ticket Reaches Rs 10

शहर और अंतरशहरी यात्रियों पर बढ़े किराये का असर

कर्नाटक में 5 नवंबर से राज्य की बसों के किराये बढ़ रहे हैं। बेंगलुरु में BMTC का न्यूनतम टिकट 6 रुपये से बढ़कर 10 रुपये होगा, जबकि KSRTC की मैसूरु जाने वाली एक्सप्रेस बस का किराया 160 रुपये से बढ़कर 197 रुपये हो जाएगा। इस फैसले से शहर, उपनगरीय और अंतरशहरी मार्गों पर यात्रियों का खर्च बढ़ेगा। साथ ही, राज्य के परिवहन निगमों की वित्तीय स्थिति को लेकर विपक्ष ने अभियान छेड़ दिया है।

विषय-सूची
  1. शहर और अंतरशहरी यात्रियों पर बढ़े किराये का असर
  2. बेंगलुरु के यात्रियों को कितना किराया देना होगा
  3. बेंगलुरु के आसपास की छोटी यात्राएं महंगी
  4. प्रमुख मार्गों पर एक्सप्रेस किराये बढ़े
  5. फैसला कैसे हुआ
  6. सरकार के मुताबिक अधिक राजस्व की जरूरत क्यों
  7. शक्ति योजना के भुगतान पर विवाद
  8. कर्नाटक भर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी
  9. घरेलू बजट पर असर
  10. मुख्य बातें

परिवहन मंत्री बिराठी सुरेश ने बेंगलुरु में किराया संशोधन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC), उत्तर पश्चिमी कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (NWKRTC) और कल्याण कर्नाटक सड़क परिवहन निगम (KKRTC) के किराये औसतन 23% बढ़ेंगे। बेंगलुरु महानगर परिवहन निगम (BMTC) के किराये 33% से 35% तक बढ़ेंगे।

सरकार ने परिचालन लागत बढ़ने और घाटे को इस वृद्धि की वजह बताया है। सुरेश ने कहा कि चारों निगमों का कुल संचित घाटा 9,912 करोड़ रुपये हो गया है। उन्होंने इस दलील को खारिज किया कि शक्ति योजना के कारण यह घाटा हुआ है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को गैर-लक्जरी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है।

विपक्ष के नेता आर अशोक ने इस स्पष्टीकरण को चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पर परिवहन विभाग का 5,800 करोड़ रुपये से अधिक बकाया है और वह यात्रियों पर बकाया मुआवजे का बोझ डाल रही है। उन्होंने 5 नवंबर को बेंगलुरु समेत पूरे कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की।

बेंगलुरु के यात्रियों को कितना किराया देना होगा

BMTC का न्यूनतम किराया 4 रुपये बढ़कर 6 रुपये से 10 रुपये हो जाएगा, जबकि अधिकतम किराया 10 रुपये बढ़कर 35 रुपये से 45 रुपये होगा। इस तरह न्यूनतम टिकट करीब 67% महंगा होगा, जबकि अधिकतम टिकट में लगभग 29% की बढ़ोतरी होगी। निगम ने कुल किराया संशोधन 33% से 35% बताया है; अलग-अलग टिकटों के किराये में प्रतिशत के लिहाज से अलग-अलग वृद्धि होगी।

हवाई अड्डे तक नहीं जाने वाली वज्र वोल्वो सेवाओं में भी यात्रियों को अधिक किराया देना होगा। इन बसों का न्यूनतम किराया 15 रुपये से बढ़कर 20 रुपये होगा, जबकि 60 किलोमीटर की यात्रा का अधिकतम किराया 75 रुपये से बढ़कर 90 रुपये हो जाएगा।

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रोजाना कामकाजी दिनों में BMTC के न्यूनतम किराये वाले दो टिकट खरीदने वाले यात्री को प्रतिदिन 8 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। 26 कामकाजी दिनों में महीने का खर्च 208 रुपये बढ़ जाएगा। इन टिकटों पर कुल खर्च 312 रुपये से बढ़कर 520 रुपये होगा। यह गणना हर दिन न्यूनतम किराये के दो अलग-अलग टिकट खरीदने के आधार पर की गई है।

सुरेश ने वायु वज्र हवाई अड्डा सेवाओं के संशोधित किराये नहीं बताए। इसलिए हवाई अड्डे से आने-जाने वाले यात्रियों को वायु वज्र सेवा का किराया जानना होगा; अन्य मार्गों पर चलने वाली वज्र बसों के घोषित किराये उन पर लागू नहीं होते।

बेंगलुरु के आसपास की छोटी यात्राएं महंगी

संशोधित किराया सूची में बेंगलुरु को आसपास के कस्बों से जोड़ने वाली सामान्य बस सेवाओं के किराये 9 से 11 रुपये तक बढ़ेंगे। बार-बार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यह बढ़ोतरी जल्द ही काफी खर्च जोड़ सकती है।

  • बेंगलुरु से नेलमंगला या होसकोटे: 44 रुपये, पहले 35 रुपये।
  • बेंगलुरु से डोड्डबल्लापुर या अनेकल: 47 रुपये, पहले 38 रुपये।
  • बेंगलुरु से मगड़ी या मालूर: 57 रुपये, पहले 46 रुपये।

इन सामान्य बसों से बेंगलुरु और नेलमंगला के बीच आने-जाने का किराया 70 रुपये के बजाय 88 रुपये होगा। महीने में 26 दिन यह यात्रा करने वाले व्यक्ति का खर्च कुल 468 रुपये बढ़ेगा। यह गणना बताए गए मार्ग के किराये पर रोजाना दो टिकटों के आधार पर की गई है।

ये मार्ग बेंगलुरु को आसपास के कस्बों से जोड़ते हैं, इसलिए किराया संशोधन का असर शहर की बस सेवा के दायरे से बाहर की यात्राओं पर भी पड़ेगा। यात्रा के किसी दूसरे हिस्से के लिए BMTC टिकट खरीदने वाले यात्रियों को सफर के दोनों चरणों में बढ़ा हुआ किराया देना पड़ सकता है।

प्रमुख मार्गों पर एक्सप्रेस किराये बढ़े

KSRTC की एक्सप्रेस बसों से बेंगलुरु से कोलार, तुमकुरु, मांड्या, मैसूरु, हासन और चिक्कमगलुरु जाने वाले यात्रियों को अधिक किराया देना होगा। एक तरफ की यात्रा के लिए किराये में 19 से 68 रुपये तक की वृद्धि होगी।

  • बेंगलुरु से कोलार या तुमकुरु: 100 रुपये, पहले 81 रुपये।
  • बेंगलुरु से मांड्या: 136 रुपये, पहले 110 रुपये।
  • बेंगलुरु से मैसूरु: 197 रुपये, पहले 160 रुपये।
  • बेंगलुरु से हासन: 270 रुपये, पहले 219 रुपये।
  • बेंगलुरु से चिक्कमगलुरु: 363 रुपये, पहले 295 रुपये।

सूची में दिए गए एक्सप्रेस किराये लगभग 23% से 24% बढ़े हैं। यह KSRTC, NWKRTC और KKRTC के लिए घोषित 23% की औसत वृद्धि के करीब है। व्यावहारिक रूप से, बेंगलुरु और मैसूरु के बीच आने-जाने का किराया 320 रुपये के बजाय 394 रुपये होगा, यानी 74 रुपये अधिक। चिक्कमगलुरु आने-जाने का किराया 590 रुपये से बढ़कर 726 रुपये होगा, यानी 136 रुपये की वृद्धि।

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फैसला कैसे हुआ

किराया बढ़ाने का फैसला निगमों के अनुरोध, एक समिति की समीक्षा और सरकार के भीतर हुई चर्चा के बाद लिया गया। सार्वजनिक परिवहन किराया नियामक समिति की अध्यक्षता भारतीय प्रशासनिक सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी अतुल कुमार तिवारी ने की थी। परिवहन विभाग ने 10 जुलाई को इस समिति का गठन किया था।

समिति ने KSRTC, NWKRTC और KKRTC के किराये 25% तथा BMTC के किराये 40% बढ़ाने की सिफारिश की थी। घोषित औसत वृद्धि इन सिफारिशों से कम है: तीन क्षेत्रीय निगमों के लिए करीब दो प्रतिशत अंक कम और BMTC के लिए पांच से सात प्रतिशत अंक कम।

  • जनवरी 2025: चारों निगमों ने किराये 15% बढ़ाए।
  • जून: KSRTC, NWKRTC और KKRTC ने 33% वृद्धि की मांग की। BMTC ने 40% वृद्धि का अनुरोध किया; करीब 44% का एक और आंकड़ा भी सामने आया।
  • 10 जुलाई: परिवहन विभाग ने किराया समीक्षा समिति का गठन किया।
  • 3 नवंबर: मंत्री और परिवहन अधिकारियों के बीच बैठक में प्रस्तावित संशोधन पर चर्चा होने की उम्मीद थी।
  • 4 नवंबर: विभाग ने वृद्धि का पैमाना तय करने के लिए चारों निगमों के अधिकारियों के साथ चर्चा निर्धारित की।
  • 5 नवंबर: संशोधित किराये लागू होंगे। विपक्ष ने इसी दिन विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की है।

अंतिम घोषणा से पहले BMTC के किराये 15% से 17% और अन्य निगमों के करीब 15% बढ़ाने के प्रस्ताव भी सामने आए थे। ये शुरुआती आंकड़े बाद में घोषित वृद्धि से कम थे। सरकार ने कहा था कि इसे चरणों में लागू किया जाएगा, लेकिन घोषित संशोधन में 5 नवंबर को शुरुआत की तारीख बताया गया है और आगे के चरणों का कोई कार्यक्रम नहीं दिया गया।

सरकार के मुताबिक अधिक राजस्व की जरूरत क्यों

सुरेश ने किराया बढ़ाने की वजहों में डीजल की बढ़ती कीमत और वित्तीय घाटे का हवाला दिया। फैसले से पहले उन्होंने चारों निगमों का संयुक्त सालाना घाटा करीब 2,000 करोड़ रुपये बताया था। उन्होंने कहा था कि पिछले किराया संशोधन के बाद से डीजल करीब 15 से 16 रुपये प्रति लीटर महंगा हो गया है।

चारों निगम कर्नाटक में कुल 26,054 बसें चलाते हैं। इस बेड़े के संचालन पर ईंधन, रखरखाव, वेतन और प्रशासन का खर्च आता है। जब टिकटों से होने वाली आय और सरकार से मिलने वाली रकम खर्च से कम पड़ती है, तो निगम घाटा दर्ज करते हैं।

करीब 2,000 करोड़ रुपये का सालाना घाटा एक वर्ष के दौरान हुई कमी को दर्शाता है। घोषणा के समय बताए गए 9,912 करोड़ रुपये के संचित घाटे का मतलब समय के साथ जुड़ा कुल घाटा है। ये दोनों आंकड़े अलग-अलग अवधियों के वित्तीय दबाव को बताते हैं।

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सुरेश ने कर्नाटक के फैसले की वजह बताते हुए तमिलनाडु और महाराष्ट्र में किराया बढ़ने का भी जिक्र किया। उन्होंने उन राज्यों के तुलनीय टिकट किराये नहीं बताए, इसलिए कर्नाटक के यात्रियों के लिए वास्तविक बदलाव को संशोधित मार्ग किरायों से समझना सबसे आसान है।

शक्ति योजना के भुगतान पर विवाद

शक्ति योजना के तहत पात्र महिलाएं राज्य की गैर-लक्जरी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकती हैं। योजना के दायरे में आने वाली यात्रा का किराया पात्र यात्री से लेने के बजाय सरकार परिवहन निगमों को भुगतान करती है। किराया संशोधन के साथ यह योजना जारी रहने की उम्मीद है।

सुरेश ने कहा कि शक्ति योजना के तहत यात्रा के लिए सरकार ने 2023 से अब तक निगमों को 16,595.75 करोड़ रुपये की भरपाई की है। उन्होंने इस बात से इनकार किया कि 9,912 करोड़ रुपये के संचित घाटे के लिए योजना जिम्मेदार है।

अशोक ने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग का 5,800 करोड़ रुपये से अधिक बकाया अब भी चुकाया नहीं गया है। उन्होंने यह दावा भी किया कि वित्त विभाग ने कहा है कि राज्य के खजाने में धन की कमी के कारण वह बकाया राशि जारी नहीं कर सकता।

सरकार की ओर से बताई गई प्रतिपूर्ति की कुल रकम 2023 से किए गए भुगतानों से संबंधित है, जबकि अशोक का आरोप उस रकम के बारे में है जिसे उनके मुताबिक अब भी चुकाया जाना बाकी है। टिकट खरीदने वाले यात्रियों को 5 नवंबर से अधिक किराया देना होगा; शक्ति योजना के दायरे में आने वाली सेवाओं का इस्तेमाल करने वाली पात्र महिलाओं को योजना के तहत मुफ्त यात्रा जारी रहेगी।

कर्नाटक भर में विरोध प्रदर्शन की तैयारी

विपक्ष के नेता अशोक ने किराया वृद्धि वापस लेने की मांग की और सरकार पर अपनी वित्तीय जिम्मेदारियां जनता पर डालने का आरोप लगाया। फैसले पर अपनी आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा:

परिवहन विभाग में कीमतों में बढ़ोतरी गैरकानूनी है।

अशोक ने वृद्धि 30% से 40% बताई, जबकि सुरेश ने KSRTC, NWKRTC और KKRTC के लिए 23% तथा BMTC के लिए 33% से 35% की औसत वृद्धि घोषित की। सूची में दिए गए किराये से पता चलता है कि यात्रियों पर इसका असर अलग-अलग हो सकता है: BMTC का न्यूनतम टिकट करीब 67% महंगा होगा, जबकि सूची में दिए गए KSRTC एक्सप्रेस टिकटों के किराये करीब 23% से 24% बढ़ेंगे।

अशोक ने किराये लागू होने वाले दिन बेंगलुरु समेत कर्नाटक के सभी जिलों में प्रदर्शन करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अगले विधानसभा सत्र के दौरान भी विरोध जारी रहेगा।

घरेलू बजट पर असर

नियमित यात्रियों को बार-बार किए जाने वाले छोटे भुगतानों के साथ-साथ महंगी अंतरशहरी यात्राओं का भी असर महसूस होगा। BMTC के एक न्यूनतम किराये वाले टिकट पर 4 रुपये की वृद्धि 52 यात्राओं में 208 रुपये हो जाती है, जबकि बेंगलुरु से मैसूरु की एकतरफा एक्सप्रेस यात्रा पर 37 रुपये की बढ़ोतरी से आने-जाने का खर्च 74 रुपये बढ़ेगा।

यह घोषणा नंदिनी दूध के दामों में वृद्धि के बाद हुई है, जिससे घरों के एक और आम खर्च पर दबाव पड़ेगा। हर परिवार के परिवहन खर्च में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह इस्तेमाल किए जाने वाले मार्गों, यात्राओं की संख्या और यात्रियों के शक्ति योजना के लिए पात्र होने पर निर्भर करेगा।

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सरकार का तर्क भारी घाटे से जूझ रहे निगमों के लिए राजस्व बढ़ाने पर आधारित है। विपक्ष का सवाल यह है कि क्या सरकार की ओर से बकाया मुआवजे ने इस वित्तीय दबाव को बढ़ाया है। किराया देने वाले यात्रियों के लिए तत्काल नतीजा यह है कि 5 नवंबर से टिकट महंगे हो जाएंगे।

मुख्य बातें

  • कर्नाटक में राज्य की बसों के संशोधित किराये 5 नवंबर से लागू होंगे।
  • BMTC का न्यूनतम टिकट 6 रुपये से बढ़कर 10 रुपये और अधिकतम किराया 35 रुपये से बढ़कर 45 रुपये होगा।
  • KSRTC, NWKRTC और KKRTC के किराये औसतन 23% बढ़ेंगे; BMTC के लिए घोषित वृद्धि 33% से 35% है।
  • बेंगलुरु से मैसूरु का एक्सप्रेस किराया 160 रुपये से बढ़कर 197 रुपये होगा।
  • सुरेश ने 9,912 करोड़ रुपये के संचित घाटे और 2023 से शक्ति योजना के तहत 16,595.75 करोड़ रुपये की प्रतिपूर्ति का हवाला दिया।
  • अशोक ने 5,800 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया होने का आरोप लगाया और राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शनों की घोषणा की।
  • घोषणा में वायु वज्र हवाई अड्डा सेवाओं के संशोधित किराये नहीं बताए गए।
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