जेल की सजा, जुर्माने और सार्वजनिक रजिस्टर
न्याय मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, उज़्बेकिस्तान ने उग्रवादी, अलगाववादी, कट्टरपंथी या अन्य प्रतिबंधित संगठनों में भागीदारी के लिए पांच से 10 साल तक की जेल की सजा तय करते हुए अपने कानूनों में संशोधन किया है। बदलावों में उग्रवादी सामग्री और प्रतीकों से जुड़ी निर्दिष्ट गतिविधियों के लिए प्रशासनिक दंड भी शामिल हैं। साथ ही, मंत्रालय एक सार्वजनिक इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर बनाए रखेगा।
विषय-सूची
- जेल की सजा, जुर्माने और सार्वजनिक रजिस्टर
- किन गतिविधियों पर जेल की सजा होगी?
- किन सामग्रियों और प्रतीकों पर प्रावधान लागू होंगे?
- प्रशासनिक दंड कितना बड़ा है?
- बार-बार अपराध करने पर आपराधिक मामला कब बन सकता है?
- इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर में क्या दर्ज होगा?
- सामग्री सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचेगी?
- व्यापक शब्दावली और गतिविधियों की सूचना देने वालों की सुरक्षा
- मुख्य बातें
इन प्रशासनिक अपराधों के लिए नागरिकों पर मूल गणना राशि के 50 से 100 गुना तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अधिकारियों पर इस राशि के 100 से 150 गुना तक जुर्माना हो सकता है। वैकल्पिक सजा के तौर पर 15 दिन तक की प्रशासनिक हिरासत दी जा सकती है और अपराध में शामिल वस्तुएं जब्त की जाएंगी।
कानून में मौजूदा प्रावधानों के भीतर "धार्मिक उग्रवाद" शब्द की जगह "उग्रवाद" शब्द भी रखा गया है। आपराधिक दंड के साथ-साथ, संशोधनों में यह तय किया गया है कि संगठनों, सामग्रियों और कुछ ऑनलाइन स्रोतों को न्याय मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध रजिस्टर में कैसे दर्ज किया जाएगा।
ओली मजलिस की सीनेट ने 13 अगस्त, 2026 को इस कानून को मंजूरी दी। कानून आधिकारिक रूप से प्रकाशित होने के दिन से लागू होगा। घोषणा में प्रकाशन की तारीख, रजिस्टर शुरू होने की तारीख या जुर्माने को उज़्बेक सोम में बदलने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मौद्रिक राशि का उल्लेख नहीं है।
किन गतिविधियों पर जेल की सजा होगी?
आपराधिक संहिता के प्रावधान में उग्रवादी, अलगाववादी, कट्टरपंथी या अन्य प्रतिबंधित संगठनों में भागीदारी के लिए पांच से 10 साल की सजा तय की गई है। यह किसी संगठन में भागीदारी से जुड़ा है, जबकि घोषणा में बताए गए प्रशासनिक प्रावधान सामग्री, विशेषताओं और प्रतीकों से जुड़ी गतिविधियों पर लागू होते हैं।
इस प्रावधान में संगठनों की कई श्रेणियां शामिल हैं। आम तौर पर अलगाववाद का अर्थ किसी मौजूदा राज्य से क्षेत्र को अलग करने के प्रयासों से है। संशोधन का आकलन करने वाले पाठकों के लिए मुख्य कानूनी मुद्दा यह है कि हर प्रावधान किन गतिविधियों पर लागू होता है: प्रतिबंधित संगठन में भागीदारी पर जेल की सजा है, जबकि निर्दिष्ट सामग्री और प्रतीकों से जुड़े अपराधों पर नीचे बताए गए प्रशासनिक दंड लागू होते हैं।
जेल की न्यूनतम और अधिकतम अवधि संशोधन में तय की गई सजा की सीमा बताती है। घोषणा में भागीदारी के विभिन्न रूपों के लिए अलग-अलग सजा का ब्योरा नहीं दिया गया है और न ही उन विशिष्ट संगठनों की पहचान की गई है जिन पर यह प्रावधान लागू होगा।
किन सामग्रियों और प्रतीकों पर प्रावधान लागू होंगे?
प्रशासनिक दायित्व संहिता में किए गए संशोधनों में निर्दिष्ट सामग्री तैयार करना या उसे वितरण के उद्देश्य से अपने पास रखना शामिल है। इन श्रेणियों में उग्रवाद, अलगाववाद या कट्टरपंथ के विचारों वाली सामग्री; नरसंहार या नागरिकों को बलपूर्वक विस्थापित करने का आह्वान; और आबादी में दहशत फैलाने के इरादे से बनाई गई सामग्री शामिल है।
इस प्रावधान में उग्रवादी और आतंकवादी संगठनों की विशेषताएं या प्रतीक वितरण अथवा प्रदर्शन के उद्देश्य से बनाना या अपने पास रखना भी शामिल है। आम तौर पर, इसका संबंध उन पहचान-चिह्नों या प्रतीकों से है जो ऐसे संगठनों से जुड़े हों और जिन्हें वितरित करने या दिखाने का उद्देश्य हो।
घोषणा में बताए गए प्रावधान की शब्दावली में उद्देश्य भी शामिल है। सामग्री को अपने पास रखने के मामले में प्रावधान उसे वितरित करने के इरादे का उल्लेख करता है। संगठनों की विशेषताओं और प्रतीकों के मामले में यह उन्हें वितरित करने या दिखाने का इरादा बताता है। ये विवरण स्पष्ट करते हैं कि नए प्रशासनिक नियम किन गतिविधियों पर लागू होते हैं।
दंड में आर्थिक जुर्माना या थोड़े समय की हिरासत के साथ अपराध में शामिल वस्तुओं की जब्ती भी शामिल है। जब्ती का अर्थ है कि अपराध के लिए कानूनी कार्रवाई के तहत उन वस्तुओं को ले लिया जाएगा।
प्रशासनिक दंड कितना बड़ा है?
उज़्बेकिस्तान इन जुर्मानों को अपनी मूल गणना राशि के गुणकों में व्यक्त करता है। यह एक मानक मौद्रिक इकाई है, जिसका इस्तेमाल कुछ कानूनी भुगतानों और दंडों की गणना के लिए किया जाता है। सोम में देय राशि जानने के लिए लागू मूल गणना राशि को दंड में निर्दिष्ट संख्या से गुणा करना होगा।
- नागरिक: मूल गणना राशि के 50 से 100 गुना तक जुर्माना।
- अधिकारी: मूल गणना राशि के 100 से 150 गुना तक जुर्माना।
- वैकल्पिक सजा: 15 दिन तक की प्रशासनिक हिरासत।
- अपराध में शामिल वस्तुएं: जब्ती।
जुर्माने की इन दोनों श्रेणियों में काफी अंतर है। किसी अधिकारी पर न्यूनतम जुर्माना, यानी मूल गणना राशि का 100 गुना, किसी नागरिक पर अधिकतम जुर्माने के बराबर है। अधिकारी पर अधिकतम जुर्माना राशि का 150 गुना है, जबकि नागरिक के लिए यह 100 गुना है।
प्रशासनिक हिरासत प्रतिबंधित संगठन में भागीदारी के लिए पांच से 10 साल की जेल की सजा से अलग दंड है। पाठकों को इन दोनों प्रावधानों में अंतर समझना चाहिए: कानून अलग-अलग गतिविधियों के लिए अलग-अलग दंड तय करता है।
बार-बार अपराध करने पर आपराधिक मामला कब बन सकता है?
सीनेट की चर्चाओं में बताया गया कि उग्रवादी सामग्री तैयार करने या उसे वितरण के लिए अपने पास रखने से जुड़े कुछ अपराधों के लिए पहले प्रशासनिक दंड दिया जाएगा। प्रशासनिक सजा मिलने के बाद यदि वही गतिविधि दोबारा की जाती है, तो आपराधिक दायित्व लागू होगा।
सीनेटरों द्वारा चर्चा किए गए सामग्री-संबंधी अपराधों के मामले में प्रक्रिया इस तरह होगी: शुरुआती उल्लंघन पर प्रशासनिक दंड लग सकता है और उस दंड के बाद दोबारा ऐसा करने पर आपराधिक दायित्व बन सकता है। इसलिए पहले दी गई सजा बाद में आपराधिक मामला बनने की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रतिबंधित संगठन में भागीदारी के लिए जेल की सजा एक अलग प्रावधान के तहत आती है। पांच से 10 साल की सजा भागीदारी पर लागू होती है, जबकि सीनेट की व्याख्या सामग्री से जुड़ी कुछ गतिविधियों को दोहराने पर दंड बढ़ाए जाने से संबंधित है। घोषणा में सामग्री से जुड़े उन दोहराए गए अपराधों के लिए सजा की सीमा नहीं बताई गई है।
बताए गए विधायी कदम इस प्रकार हैं:
- 13 अगस्त, 2026: सीनेट ने कानून को मंजूरी दी और सामग्री से जुड़े शुरुआती तथा दोहराए गए अपराधों पर कार्रवाई के बारे में चर्चा की।
- न्याय मंत्रालय की घोषणा: मंत्रालय ने आपराधिक संहिता और प्रशासनिक संशोधनों की रूपरेखा बताई।
- आधिकारिक प्रकाशन: कानून उसी दिन लागू होगा।
इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर में क्या दर्ज होगा?
उग्रवाद का मुकाबला करने संबंधी कानून में किए गए संशोधनों के तहत उग्रवादी संगठनों और सामग्रियों या स्रोतों का इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर बनाए रखने की जिम्मेदारी न्याय मंत्रालय को दी गई है। यह रजिस्टर मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध होगा और जनता इसके रिकॉर्ड देख सकेगी।
इसमें केवल वे संगठन शामिल नहीं होंगे जिन्हें पहले से उग्रवादी घोषित किया गया है। उग्रवादी गतिविधियों से संबंध के कारण जिन संगठनों की गतिविधियां निलंबित की गई हैं, वे भी इसमें दर्ज होंगे। इसलिए रजिस्टर देखने वालों को हर संगठन की दर्ज स्थिति पर ध्यान देना होगा।
रजिस्टर में चार श्रेणियां होंगी:
- वे संगठन जिनकी गतिविधियां उग्रवादी गतिविधियों से संबंध के कारण निलंबित की गई हैं।
- उग्रवादी घोषित संगठन।
- उग्रवादी घोषित सामग्री।
- दूरसंचार नेटवर्क या इंटरनेट पर मौजूद ऐसे इलेक्ट्रॉनिक स्रोत, जहां एक साल के भीतर कम से कम दो बार उग्रवादी सामग्री पोस्ट और वितरित की गई हो।
इलेक्ट्रॉनिक स्रोतों के लिए तय सीमा बार-बार हुई गतिविधि को संख्यात्मक रूप देती है: एक साल के भीतर दो या अधिक बार। इस तरह रजिस्टर में अलग-अलग सामग्री के साथ-साथ बार-बार पोस्ट और वितरण से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक स्रोत की पहचान भी की जा सकेगी।
जनता के लिए उपलब्धता से लोगों और संगठनों को आधिकारिक रिकॉर्ड देखने का अवसर मिलेगा। इसकी व्यावहारिक उपयोगिता इस बात पर निर्भर करेगी कि प्रविष्टियों में संबंधित संगठन, सामग्री या स्रोत और उसकी कानूनी स्थिति सही ढंग से दर्ज हों।
सामग्री सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचेगी?
उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए जिम्मेदार सरकारी निकाय किसी सामग्री या स्रोत को उग्रवादी घोषित कराने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। वे अभियोजक जनरल के कार्यालय में याचिका दायर करेंगे और उसके साथ विशेषज्ञ का आकलन देंगे, जिसमें उग्रवादी सामग्री की मौजूदगी की पुष्टि होगी।
इसके बाद अभियोजक जनरल का कार्यालय जांचेगा कि अनुरोध के समर्थन में दिए गए दस्तावेज पर्याप्त आधार वाले हैं या नहीं। यदि वह अनुरोध से सहमत होता है, तो अभियोजक जनरल या उनका कोई उप-प्रतिनिधि सुप्रीम कोर्ट में आवेदन करेगा।
कानून में निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुप्रीम कोर्ट सामग्री या स्रोत को उग्रवादी घोषित करने पर विचार करेगा। इस प्रक्रिया में जिम्मेदार सरकारी निकाय द्वारा दिया गया आकलन, अभियोजकों की समीक्षा और देश की सर्वोच्च अदालत में आवेदन शामिल है।
इस प्रक्रिया में विशेषज्ञ आकलन की एक खास भूमिका है: यह सामग्री की जांच के जरिए याचिका का समर्थन करता है। अभियोजक आवेदन के आधारों की समीक्षा करते हैं और सुप्रीम कोर्ट कानून में वर्णित न्यायिक फैसला देता है। इन चरणों से स्पष्ट होता है कि सामग्री शुरुआती सरकारी आकलन से औपचारिक रूप से उग्रवादी घोषित किए जाने तक कैसे पहुंच सकती है।
व्यापक शब्दावली और गतिविधियों की सूचना देने वालों की सुरक्षा
"धार्मिक उग्रवाद" की जगह "उग्रवाद" करने से संबंधित कानूनी प्रावधानों में से धार्मिक विशेषण हट जाता है। इससे शब्दावली उन प्रावधानों के अनुरूप हो जाती है जिनमें उग्रवादी, अलगाववादी और कट्टरपंथी विचारों तथा गतिविधियों का स्पष्ट उल्लेख है।
सीनेटरों ने यह भी कहा कि कानून से उग्रवाद की अवधारणा स्पष्ट होगी और उग्रवादी गतिविधियों की सूचना देने वाले लोगों की सुरक्षा के तंत्र बेहतर होंगे। घोषणा में इन सुरक्षा तंत्रों या संशोधित परिभाषा का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। कानून के इन पहलुओं को समझना बदलावों के पूरे दायरे को जानने के इच्छुक लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।
इस विधायी पैकेज में कई ठोस बदलाव शामिल हैं: प्रतिबंधित संगठनों में भागीदारी के लिए जेल की सजा, निर्दिष्ट सामग्री और प्रतीकों से जुड़े अपराधों के लिए प्रशासनिक दंड, कुछ गतिविधियों को दोहराने पर आपराधिक दायित्व का प्रावधान और अभियोजकों तथा सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया के तहत सार्वजनिक रजिस्टर।
नागरिकों, अधिकारियों और संगठनों के लिए तत्काल व्यावहारिक रूप से महत्वपूर्ण बातें हैं: हर प्रावधान में शामिल गतिविधियां, सामग्री और प्रतीक बनाने या रखने से जुड़ा उद्देश्य, और रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों की स्थिति। आधिकारिक प्रकाशन की तारीख तय करेगी कि संशोधन कब से लागू होंगे।
मुख्य बातें
- उग्रवादी, अलगाववादी, कट्टरपंथी या अन्य प्रतिबंधित संगठनों में भागीदारी पर पांच से 10 साल की जेल की सजा होगी।
- निर्दिष्ट सामग्री और प्रतीकों से जुड़े अपराधों पर जुर्माना या 15 दिन तक की प्रशासनिक हिरासत हो सकती है; संबंधित वस्तुएं जब्त की जाएंगी।
- नागरिकों पर मूल गणना राशि के 50 से 100 गुना तक और अधिकारियों पर 100 से 150 गुना तक जुर्माना होगा।
- सीनेट की चर्चाओं में प्रशासनिक सजा के बाद सामग्री से जुड़े कुछ अपराध दोहराने पर आपराधिक दायित्व की बात कही गई।
- न्याय मंत्रालय संगठनों, सामग्रियों और निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले इलेक्ट्रॉनिक स्रोतों का सार्वजनिक इलेक्ट्रॉनिक रजिस्टर बनाएगा।
- सामग्री या स्रोत को उग्रवादी घोषित कराने के आवेदन अभियोजक जनरल के कार्यालय के जरिए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचेंगे।
- सीनेट ने 13 अगस्त, 2026 को कानून को मंजूरी दी। यह आधिकारिक प्रकाशन के बाद लागू होगा।






