2026 में तेज़ वृद्धि के बाद नई बढ़त
ओपनएआई इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रभजीत सिंह के अनुसार, साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के लिहाज़ से भारत ChatGPT का सबसे बड़ा बाजार बन गया है और जनवरी 2026 से इसका उपयोगकर्ता आधार दोगुना हो चुका है। 3 नवंबर को आई इस घोषणा से 15 फरवरी की स्थिति में बदलाव का पता चलता है, जब ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने भारत में साप्ताहिक दर्शकों की संख्या 10 करोड़ बताई थी और अमेरिका के बाद इसे दूसरे स्थान पर रखा था।
विषय-सूची
- 2026 में तेज़ वृद्धि के बाद नई बढ़त
- भारत कैसे पहले स्थान पर पहुंचा
- वॉइस और भारतीय भाषाओं से विस्तार को रफ्तार
- सस्ती पहुंच, छात्र और भुगतान का सवाल
- छोटी दुकानें और डेवलपर काम के उपयोग खोज रहे हैं
- कारोबार परीक्षण से रोज़मर्रा के संचालन की ओर
- कंप्यूटिंग क्षमता से डेटा प्रोसेसिंग नज़दीक
- विज्ञापन से किफायती पहुंच का एक और रास्ता
- इस्तेमाल बढ़ने के साथ सुरक्षा पर बातचीत
- मुख्य बातें
सिंह ने इस वृद्धि का श्रेय लोगों द्वारा ChatGPT को रोज़मर्रा के काम में शामिल करने और उसके लिए अधिक काम खोजने को दिया। ओपनएआई की मौजूदा पहल अब वॉइस सुविधाओं और भारतीय भाषाओं से लेकर विज्ञापन, भुगतान योजनाओं और कारोबारों के लिए कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे तक फैली है।
साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ता वह व्यक्ति है जो किसी खास सप्ताह के दौरान सेवा का इस्तेमाल करता है, चाहे मुफ्त पहुंच के ज़रिये या सशुल्क सदस्यता के माध्यम से। सिंह के ताज़ा बयान में उपयोगकर्ताओं की संशोधित संख्या शामिल नहीं थी। संख्या दोगुनी होने की तुलना जनवरी से शुरू होती है, जबकि 10 करोड़ का आंकड़ा फरवरी का है, इसलिए इन दोनों खुलासों के आधार पर मौजूदा कुल संख्या की गणना नहीं की जा सकती।
भारत की यह स्थिति उसे पढ़ाई, लेखन, कोडिंग और कारोबारी कामों में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद के विकास में अधिक महत्व देती है। कौन-सी भाषाएं अच्छी तरह काम करती हैं, फोन में कितनी मेमोरी चाहिए और उपयोगकर्ता भुगतान कैसे करते हैं, इन फैसलों का असर अब ओपनएआई के सबसे बड़े राष्ट्रीय साप्ताहिक दर्शक वर्ग पर पड़ता है।
ओपनएआई के लिए तात्कालिक चुनौती इस दर्शक वर्ग का विस्तार करना और उसे सेवा देना अधिक उपयोगी बनाना है। सिंह ने कहा कि कंपनी को उम्मीद है कि लोग उसके उत्पादों में अधिक मूल्य देखेंगे तो सदस्यताएं बढ़ेंगी, जबकि फिलहाल उसकी प्राथमिकता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव का विस्तार करना है।
भारत कैसे पहले स्थान पर पहुंचा
भारत में ओपनएआई का विस्तार उपभोक्ताओं के बढ़ते इस्तेमाल और स्थानीय कारोबार में कंपनी की बढ़ती मौजूदगी, दोनों से जुड़ा है। ऑल्टमैन ने 2025 की यात्रा के दौरान भारत को कंपनी का सबसे तेज़ी से बढ़ता बाजार और उपयोगकर्ताओं की संख्या के लिहाज़ से दूसरा सबसे बड़ा बाजार बताया था। फरवरी 2026 तक उन्होंने इस मांग का सार्वजनिक आंकड़ा भी पेश कर दिया था।
मुख्य पड़ाव बताते हैं कि कंपनी की महत्वाकांक्षाएं कितनी तेज़ी से बढ़ी हैं:
- अगस्त 2025: ओपनएआई ने दिल्ली-एनसीआर में भारत का अपना पहला कार्यालय खोलने की घोषणा की और स्थानीय स्तर पर भर्ती शुरू की।
- 15 फरवरी, 2026: ऑल्टमैन ने कहा कि भारत में ChatGPT के 10 करोड़ साप्ताहिक उपयोगकर्ता हैं, जो अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है।
- फरवरी 2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में ओपनएआई ने मुंबई और बेंगलुरु में कार्यालय खोलने की योजनाओं की घोषणा की और OpenAI for India की शुरुआत की।
- 3 नवंबर, 2026: भारत के साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं के लिहाज़ से सबसे बड़ा बाजार बनने और जनवरी से उसके दर्शक वर्ग के दोगुना होने के बारे में सिंह का बयान प्रकाशित हुआ।
OpenAI for India में पहुंच बढ़ाने, बुनियादी ढांचा बनाने और कारोबारों में इस्तेमाल बढ़ाने की योजनाएं शामिल हैं। ये प्राथमिकताएं मांग के दो अलग-अलग रूपों को जोड़ती हैं: चैटबॉट खोलने वाले लोग और कंप्यूटिंग क्षमता, सुरक्षा व्यवस्था तथा अपने कामकाज के अनुकूल उपकरणों की ज़रूरत वाले संगठन।
ऑल्टमैन ने फरवरी में यह भी कहा था कि दुनिया में ChatGPT इस्तेमाल करने वाले छात्रों की सबसे बड़ी संख्या भारत में है। इसलिए शिक्षा भी देश के दर्शक वर्ग का अहम हिस्सा है, साथ ही वे कार्यस्थल संबंधी उपयोग भी हैं जिनका ज़िक्र सिंह ने किया।
वॉइस और भारतीय भाषाओं से विस्तार को रफ्तार
बड़े शहरों से बाहर के लोगों तक पहुंचने की कोशिश में ओपनएआई वॉइस, हिंदी और दूसरी भारतीय भाषाओं को केंद्र में रख रहा है। सिंह ने बताया कि उपयोगकर्ता सीधे ChatGPT के डिक्टेशन बटन पर जाते हैं और टाइप करने के बजाय बोलना चुनते हैं।
ओपनएआई के भारत प्रबंध निदेशक सिंह ने भाषा संबंधी प्राथमिकता समझाते हुए कहा:
भारत के ज़्यादातर लोग अंग्रेज़ी का इस्तेमाल प्राथमिक भाषा के रूप में नहीं करते। इसलिए हिंदी और स्थानीय भाषाओं पर हमारा खास ज़ोर है,
सिंह ने कहा कि इस साल भारतीय भाषाओं की क्षमताओं पर किए गए काम के नतीजे दिखने लगे हैं। हिंदी या किसी अन्य भारतीय भाषा में बोलने में अधिक सहज व्यक्ति के लिए व्यावहारिक सवाल यह है कि क्या वह अपना काम स्वाभाविक ढंग से बता सकता है और खुद अनुवाद किए बिना जवाब समझ सकता है।
ओपनएआई Android फोन को भी प्राथमिकता दे रहा है और कम मेमोरी वाले उपकरणों पर मॉडल का पूरा अनुभव उपलब्ध कराने के लिए काम कर रहा है। भाषा समर्थन और डिवाइस का प्रदर्शन अलग-अलग बाधाओं को दूर करते हैं: कोई सेवा व्यक्ति की बात समझ सकती है, लेकिन अगर उसका फोन ऐप चलाने में जूझता है तो उसका इस्तेमाल फिर भी मुश्किल हो सकता है।
सस्ती पहुंच, छात्र और भुगतान का सवाल
ChatGPT Go पहुंच बढ़ाने के ओपनएआई के प्रयास का एक और हिस्सा है। यह सदस्यता स्तर 5 डॉलर से कम कीमत पर शुरू किया गया था और बाद में भारतीय उपयोगकर्ताओं के लिए एक साल तक मुफ्त कर दिया गया। सिंह ने इसे किफायत को ध्यान में रखकर किए गए उपाय के रूप में बताया।
इस प्रतिस्पर्धा में छात्र बेहद अहम दर्शक वर्ग हैं। दुनिया में ChatGPT इस्तेमाल करने वाले छात्रों की सबसे बड़ी संख्या भारत में होने के ऑल्टमैन के बयान के साथ ही प्रतिस्पर्धी उत्पादों की भी शिक्षा के क्षेत्र में मजबूत मांग है। Google के उपाध्यक्ष और शिक्षा कारोबार के महाप्रबंधक क्रिस फिलिप्स ने कहा कि सीखने के लिए Gemini के वैश्विक इस्तेमाल में भारत सबसे आगे था।
Google ने भी सितंबर 2025 में भारतीय छात्रों को एक साल के लिए अपने AI Pro प्लान की मुफ्त सदस्यता दी थी। दोनों कंपनियों ने लोगों को उन सेवाओं से जोड़ने के लिए अस्थायी मुफ्त पहुंच का इस्तेमाल किया है जिनमें सशुल्क स्तर भी हैं।
आने वाले हफ्तों में ओपनएआई की ओर से UPI और भुगतान से जुड़ी घोषणाएं किए जाने की उम्मीद है। UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस, भारत की ऐसी प्रणाली है जिसके ज़रिये भाग लेने वाले ऐप्स से बैंक खातों के बीच पैसे भेजे जा सकते हैं। प्रस्तावित घोषणाओं का ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है।
पहुंच पर सिंह के ज़ोर के चलते ओपनएआई के सामने कारोबारी चुनौती भी है और उत्पाद संबंधी चुनौती भी: सदस्यताओं, कारोबारों और विज्ञापन से आय बढ़ाते हुए बहुत बड़े दर्शक वर्ग को सेवा देना।
छोटी दुकानें और डेवलपर काम के उपयोग खोज रहे हैं
रोज़मर्रा में अपनाए जाने के सिंह के उदाहरण प्रोग्रामर और दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों से आगे तक जाते हैं। उन्होंने बताया कि व्यापारी ग्राहकों के लिए त्योहारों के अनुरूप खास संदेश बना रहे हैं और अकेले व्यक्ति द्वारा चलाई जा रही दुकानें मार्केटिंग तथा माल-सूची प्रबंधन के तरीके खोज रही हैं।
ये काम दिखाते हैं कि कारोबारी रणनीति के लिए भाषा और वॉइस क्यों अहम हैं। दुकानदार बोलकर किसी प्रचार की जानकारी दे सकता है, अलग-अलग भाषाओं में उसके रूप मांग सकता है या स्टॉक की जानकारी व्यवस्थित करने में मदद ले सकता है। बड़े कारोबारों में ऐसे कामों के लिए कर्मचारी नियुक्त हो सकते हैं; अकेले दुकान चलाने वाला व्यक्ति अक्सर बिक्री और खरीद के साथ-साथ ये ज़िम्मेदारियां भी निभाता है।
सिंह ने यह आंकड़ा नहीं दिया कि कितने छोटे कारोबार इन उपकरणों का इस्तेमाल करते हैं या उनसे कितनी बचत हुई है। उनके उदाहरण बताते हैं कि किस तरह के कामों में रुचि बढ़ रही है, लेकिन इस इस्तेमाल का पैमाना अभी आंकड़ों में नहीं बताया गया है।
डेवलपर एक और अहम समूह हैं। सिंह ने कहा कि Codex, ओपनएआई के कोडिंग टूल, के लिए भारत सबसे बड़े और तेज़ी से बढ़ते बाजारों में शामिल है। इसका काफी इस्तेमाल छोटे शहरों में हो रहा है, जिन्हें आम तौर पर टियर-2 शहर कहा जाता है।
डेवलपर की यह गतिविधि ओपनएआई को उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने का दूसरा रास्ता देती है। लोग सीधे ChatGPT से बातचीत कर सकते हैं, जबकि सॉफ्टवेयर बनाने वाले इसके मॉडल उन ऐप्स में शामिल कर सकते हैं जिनका ग्राहक किसी खास काम के लिए इस्तेमाल करते हैं।
कारोबार परीक्षण से रोज़मर्रा के संचालन की ओर
सिंह ने कहा कि भारतीय कंपनियां, स्टार्टअप और वैश्विक क्षमता केंद्र परीक्षण परियोजनाओं से आगे बढ़कर उत्पादन स्तर पर इनकी तैनाती कर रहे हैं। उन्होंने JioHotstar और Cars24 का उदाहरण दिया। परीक्षण सीमित दायरे में की गई जांच होती है। उत्पादन स्तर पर तैनाती का मतलब है कि कोई उपकरण वास्तविक कामकाज में शामिल हो, जहां कर्मचारी या ग्राहक उस पर निर्भर हों।
वैश्विक क्षमता केंद्र, जिन्हें अक्सर GCC कहा जाता है, वे इकाइयां हैं जिन्हें बहुराष्ट्रीय कंपनियां तकनीक विकास और कारोबारी सहायता जैसे कामों के लिए स्थापित करती हैं। उनकी ज़रूरतें किसी एक चैटबॉट उपयोगकर्ता से अलग हो सकती हैं, क्योंकि वे कंपनी की जानकारी संभालते हैं और उन्हें आंतरिक सुरक्षा नियमों का पालन करना होता है।
सिंह ने निजता और निवेश पर प्रतिफल को इस्तेमाल से जुड़े अहम पहलू बताया। किसी कारोबार को यह जानना ज़रूरी है कि उसकी जानकारी कैसे संभाली जाती है और क्या किसी उपकरण का मूल्य उसकी लागत को उचित ठहराता है। नियमित कामकाज में शामिल होने पर ये सवाल खरीद और प्रबंधन संबंधी फैसलों का हिस्सा बन जाते हैं।
स्थानीय कारोबारों की सहायता में इसी रुचि ने ओपनएआई के क्षेत्रीय विस्तार को भी दिशा दी है। इससे पहले सिंगापुर केंद्र के विस्तार की योजनाओं में बड़ी टीम बनाने के साथ कंपनियों, डेवलपरों और सरकारों के साथ काम करना शामिल था। इसके साथ ही एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कंप्यूटिंग क्षमता तलाशने की योजना भी थी।
कंप्यूटिंग क्षमता से डेटा प्रोसेसिंग नज़दीक
TCS के HyperVault डेटा सेंटर कारोबार के साथ ओपनएआई की साझेदारी 100 मेगावाट क्षमता से शुरू होती है और इसे बढ़ाकर 1 गीगावाट तक किया जा सकता है। एक गीगावाट 1,000 मेगावाट के बराबर होता है, यानी आगे चलकर संभावित क्षमता शुरुआती क्षमता से दस गुना हो सकती है।
मेगावाट बिजली क्षमता मापने की इकाई है। डेटा सेंटर का वर्णन करने में यह उपयोगी है, क्योंकि एआई मॉडल चलाने वाले कंप्यूटरों को बड़ी मात्रा में बिजली चाहिए। ये आंकड़े बुनियादी ढांचे के लिए नियोजित पैमाने को बताते हैं। सिंह ने कहा कि अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होने पर ओपनएआई उस पर विचार करेगा।
इस क्षमता का मकसद डेटा को देश में रखने और सुरक्षा संबंधी कारोबारी ज़रूरतों को पूरा करना है। डेटा रेजिडेंसी का संबंध इस बात से है कि जानकारी कहां संग्रहीत या प्रोसेस की जाती है। अनुबंधों, आंतरिक नीतियों या नियामकीय दायित्वों के तहत कारोबारों को इस पर नियंत्रण रखना पड़ सकता है।
ओपनएआई के मॉडल Amazon Web Services की Amazon Bedrock सेवा के ज़रिये भारत में स्थानीय इन्फरेंस के लिए भी उपलब्ध हैं। इन्फरेंस वह चरण है जब कोई मॉडल अनुरोध को प्रोसेस करके जवाब तैयार करता है। स्थानीय इन्फरेंस से यह अनुरोध प्रोसेसिंग देश के भीतर हो सकती है।
लाइव कामकाज में एआई इस्तेमाल करने पर विचार कर रही कंपनियों के लिए प्रोसेसिंग की जगह, कीमत, विश्वसनीयता और संवेदनशील जानकारी के प्रबंधन के साथ-साथ अहम है। उपभोक्ताओं का इस्तेमाल बढ़ने के बीच ओपनएआई की बुनियादी ढांचे संबंधी योजनाएं कारोबारी दर्शक वर्ग की ज़रूरतें पूरी करने पर केंद्रित हैं।
विज्ञापन से किफायती पहुंच का एक और रास्ता
ओपनएआई भारत में ChatGPT पर विज्ञापन का विस्तार कर रहा है। सिंह ने कहा कि विज्ञापनों से मुफ्त पहुंच और कम कीमत वाली सदस्यताओं को समर्थन मिल सकता है। उनके मुताबिक विज्ञापनदाताओं को उपयोगकर्ताओं की निजी जानकारी नहीं दी जाएगी और विज्ञापनों का ChatGPT के जवाबों पर असर नहीं होगा।
इस सेवा के ज़रिये भारतीय ब्रांडों को विज्ञापन देने में मदद के लिए कंपनी ने Razorpay के साथ साझेदारी की है। Razorpay का ग्रोथ मार्केटिंग प्लेटफॉर्म Engage कारोबारों को उत्पाद कैटलॉग तैयार करने, अभियान शुरू और प्रबंधित करने तथा उनके प्रदर्शन का आकलन करने में मदद करता है।
शुरुआती भाग लेने वाले ब्रांडों में Tanishq, Fastrack, Traya, Tata Neu, Rivaah by Tanishq, Shaadi.com, Axis Max Life, Palmonas और Narsee Monjee Institute of Management Studies यानी NMIMS शामिल हैं। इस सूची में आभूषण, फैशन, स्वास्थ्य, बीमा, रिश्ते तय कराने और शिक्षा के क्षेत्र शामिल हैं।
भारत में यह पहल ओपनएआई द्वारा 21 अक्टूबर को घोषित 89 बाजारों तक विज्ञापन विस्तार के बाद आई है। इस विस्तार के तहत Free और Go प्लान पर विज्ञापन दिखाए गए, जबकि Plus, Pro और Enterprise सदस्यताओं को विज्ञापन-मुक्त रखा गया।
साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं के मामले में भारत की बढ़त उसे विज्ञापन के लिए बड़ा संभावित दर्शक वर्ग बनाती है। सदस्यता की मांग एक अलग पैमाना है: जून 2025 में अमेरिका के बाद दक्षिण कोरिया दूसरा सबसे बड़ा सशुल्क बाजार था। भारत में सिंह की रणनीति दोनों भुगतान मॉडलों पर आधारित है: कुछ उपयोगकर्ताओं से सदस्यता लेने को कहा जाएगा, जबकि दूसरों की पहुंच का खर्च उठाने में विज्ञापन मदद करेंगे।
इस्तेमाल बढ़ने के साथ सुरक्षा पर बातचीत
ओपनएआई भारतीय सरकारी एजेंसियों, बैंकों और वित्तीय संस्थानों के साथ साइबर सुरक्षा और एआई एजेंटों के दुरुपयोग से महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर बातचीत कर रहा है। एआई एजेंट सॉफ्टवेयर टूल का इस्तेमाल करके कई कामों की शृंखला पूरी कर सकता है, इसलिए उसकी अनुमतियों और कार्रवाइयों पर नियंत्रण अहम है।
सिंह ने कहा कि कंपनी सरकार के साथ डेटा सुरक्षा और मॉडल की सुरक्षा पर भी बातचीत कर रही है। उन्होंने बताया कि कंपनी अलग-अलग स्तरों पर संवाद के लिए मॉडल उपलब्ध करा रही है, लेकिन यह नहीं बताया कि कौन-से मॉडल, किन लोगों को या किन व्यवस्थाओं के तहत उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
सिंह ने कहा कि स्पष्ट एआई नियम उपभोक्ताओं, कारोबारों और डेवलपरों का भरोसा बढ़ा सकते हैं। उनकी टिप्पणियां व्यापक इस्तेमाल की कंपनी की महत्वाकांक्षा को उन सुरक्षा उपायों से जोड़ती हैं जिनकी संगठनों को संवेदनशील काम में एआई को अनुमति देने से पहले ज़रूरत होती है।
भारत की नई रैंकिंग इन फैसलों को और अहम बना देती है। ओपनएआई भाषाओं, वॉइस और किफायती पहुंच के ज़रिये अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है, जबकि स्थानीय प्रोसेसिंग और बुनियादी ढांचे के ज़रिये कारोबारी ग्राहकों को जोड़ना चाहता है। कारोबारी नतीजे इस बात पर निर्भर करेंगे कि नियमित इस्तेमाल से इन उपयोगकर्ताओं और संगठनों को कितना मूल्य मिलता है।
मुख्य बातें
- ओपनएआई इंडिया के प्रबंध निदेशक प्रभजीत सिंह के अनुसार, साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं के लिहाज़ से भारत ChatGPT का सबसे बड़ा बाजार है।
- सिंह ने कहा कि जनवरी 2026 से भारत का दर्शक वर्ग दोगुना हो गया है; ऑल्टमैन ने फरवरी में साप्ताहिक उपयोगकर्ताओं की संख्या 10 करोड़ बताई थी।
- पहुंच बढ़ाने के लिए ओपनएआई वॉइस, भारतीय भाषाओं, Android फोन और किफायती सेवा को प्राथमिकता दे रहा है।
- TCS के HyperVault के साथ साझेदारी 100 मेगावाट क्षमता से शुरू होती है और इसे बढ़ाकर 1 गीगावाट किया जा सकता है।
- Razorpay Engage भारतीय ब्रांडों को ChatGPT पर विज्ञापन अभियान शुरू और प्रबंधित करने में मदद कर रहा है।
- ओपनएआई भारतीय संस्थानों के साथ साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और मॉडल की सुरक्षा पर बातचीत कर रहा है।






