OpenAI के एशिया विस्तार का लॉन्चपैड बना सिंगापुर
OpenAI अपने वैश्विक बुनियादी ढांचे का विस्तार तेज कर रही है और उसने अपनी एशिया रणनीति के केंद्र में सिंगापुर को रखा है। कंपनी साल के अंत तक अपनी स्थानीय टीम बढ़ाकर करीब 50 से 70 लोगों की करने की योजना बना रही है। कार्यालय खुलने के समय टीम छोटी थी। कंपनी क्षेत्र भर की सरकारों, उद्यमों और डेवलपरों के साथ मिलकर काम कर रही है। यह कदम ऐसे समय उठाया जा रहा है, जब ChatGPT का इस्तेमाल बढ़कर करीब 70 करोड़ साप्ताहिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं तक पहुंच गया है। इस पैमाने पर डेटा सेंटरों की भारी नई क्षमता, विशेष चिपों और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति की जरूरत है।
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OpenAI के मुख्य परिचालन अधिकारी ब्रैड लाइटकैप ने इस फैसले को साफ शब्दों में समझाया है। कंपनी मांग के अनुरूप निवेश जारी रखेगी और उपयोगकर्ताओं की बढ़ती संख्या तथा उद्यमों में बढ़ते इस्तेमाल के साथ कदम मिलाने के लिए सिंगापुर या अन्य जगहों पर और विस्तार करने को तैयार है। एशिया प्रशांत कंपनी के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक है और प्रति व्यक्ति इस्तेमाल के लिहाज से सिंगापुर उसके शीर्ष बाजारों में शामिल है। अनुमान है कि देश का हर चौथा निवासी ChatGPT का इस्तेमाल करता है। 59 लाख की आबादी वाले देश में यह उल्लेखनीय स्तर की भागीदारी है।
यह शहर-राज्य शुरुआती बड़े ग्राहकों का भी ठिकाना है। Singapore Airlines कर्मचारियों और ग्राहकों के संपर्क बिंदुओं के लिए उन्नत प्रॉम्प्ट और असिस्टेंट को अपने कामकाज में शामिल कर रही है। वहीं, राइड-हेलिंग से लेकर ई-कॉमर्स तक की स्थानीय तकनीकी कंपनियां सेवाओं को व्यक्तिगत बनाने, सामग्री तैयार करने की गति बढ़ाने और ग्राहक सहायता बेहतर करने के लिए OpenAI के मॉडल आजमा रही हैं। OpenAI के अधिकारियों का कहना है कि जमीन पर बड़ी टीम स्थानीय भाषाओं और उद्योगों के अनुरूप समाधान तैयार करने, डेवलपरों के साथ संबंध बढ़ाने और प्रायोगिक परियोजनाओं पर सरकारी एजेंसियों के साथ साझेदारी करने में मदद करेगी।
सिंगापुर के लिए अपने अग्रणी मॉडल खुद विकसित करने वाली शोध-आधारित AI कंपनी का आगमन देश के तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र में भरोसे का संकेत है। अधिकारियों ने कंप्यूटिंग संसाधनों में निवेश, प्रतिभाशाली कार्यबल और जिम्मेदार AI को बढ़ावा देने वाले सक्रिय कार्यक्रमों को रेखांकित किया है। OpenAI ने दक्षिण-पूर्व एशियाई भाषाओं के लिए खुले डेटासेट तैयार करने और बड़े भाषा मॉडल में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए AI Singapore के साथ साझेदारी की है।
सिंगापुर ही क्यों और अभी क्यों
OpenAI का यह फैसला व्यावसायिक मांग, डेवलपरों की सक्रियता और सहयोगी नियामक माहौल के मेल को दर्शाता है। सिंगापुर का डिजिटल बुनियादी ढांचा सघन है, अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी उत्कृष्ट है और डेटा सेंटर क्षेत्र परिपक्व है। सरकार ने AI के परीक्षण और उपयोग के लिए स्पष्ट रूपरेखाएं बनाई हैं। स्थानीय एजेंसियां सुरक्षा उपायों, डेटा प्रशासन और कार्यबल के कौशल जैसे व्यावहारिक मुद्दों पर तेजी से बातचीत में शामिल हुई हैं।
अधिकारियों के अनुसार, बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुख्यालयों और क्षेत्रीय डेवलपरों की सघन मौजूदगी देश को आकर्षक बनाती है। OpenAI पहले से ही कई जानी-मानी कंपनियों के साथ काम कर रही है। इनमें राष्ट्रीय विमानन कंपनी Singapore Airlines के साथ परिवहन, पर्यटन और गेमिंग क्षेत्र के तेजी से बढ़ते प्लेटफॉर्म शामिल हैं। कंपनी के नेता ChatGPT के बड़े उपयोगकर्ता आधार और सक्रिय डेवलपर समुदाय का भी जिक्र करते हैं। दुनिया भर में 40 लाख से अधिक डेवलपरों ने OpenAI की तकनीक पर एप्लिकेशन बनाए हैं। उनका कहना है कि स्थानीय केंद्र से प्रतिक्रिया मिलने का समय घट सकता है और एशियाई भाषाओं तथा कामकाज के अनुरूप सुविधाएं विकसित हो सकती हैं।
सिंगापुर के उद्योग साझेदारों का मानना है कि लाभ एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेंगे। सिंगापुर की आर्थिक और डिजिटल एजेंसियों के नेताओं ने कहा है कि OpenAI की मौजूदगी स्थानीय स्टार्टअप के लिए अवसर खोल सकती है और कंप्यूटिंग, सुरक्षा तथा कौशल के क्षेत्र में सहयोग गहरा कर सकती है। राष्ट्रीय शोध एवं नवाचार कार्यक्रम AI Singapore ने इस साझेदारी को दक्षिण-पूर्व एशियाई भाषाओं के संसाधन मजबूत करने और स्थानीय टीमों को उन्नत उपकरणों तक बेहतर पहुंच देने का माध्यम बताया है।
डेटा सेंटरों के बड़े विस्तार की वजह क्या है
जनरेटिव AI को बहुत अधिक कंप्यूटिंग क्षमता चाहिए। बड़े मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए हजारों उन्नत ग्राफिक्स प्रोसेसर, विशाल मेमोरी, तेज नेटवर्क और सैकड़ों मेगावाट या यहां तक कि गीगावाट में मापी जाने वाली स्थिर बिजली की जरूरत होती है। जब लोग पूछते हैं कि चैटबॉट को इतने बड़े बुनियादी ढांचे की जरूरत क्यों है, तो जवाब यह है कि हर उपयोगकर्ता का प्रॉम्प्ट कई चिपों पर जटिल गणनाएं शुरू करता है। इसे हर सप्ताह करोड़ों उपयोगकर्ताओं से गुणा करें, तो जरूरत का पैमाना स्पष्ट हो जाता है।
OpenAI ने कई वर्षों में बुनियादी ढांचे के विस्तार की योजना बताई है। अमेरिका में वह Oracle और SoftBank के साथ टेक्सास, न्यू मैक्सिको और ओहायो में नए केंद्र बना रही है, जिनकी अंतिम क्षमता का लक्ष्य करीब 7 गीगावाट है। विदेशों में कंपनी और उसके साझेदार Stargate पहल के तहत अबू धाबी में एक बड़ा क्लस्टर बना रहे हैं। इसकी शुरुआती क्षमता एक गीगावाट होगी और इसे कई गुना बढ़ाने की योजना है। ये AI के दौर में घोषित सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल हैं और दिखाती हैं कि उद्योग कितनी तेजी से कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने की होड़ में है।
OpenAI के मुख्य कार्यकारी सैम ऑल्टमैन ने इसके लिए जरूरी चीजों पर दो टूक बात की है। बुनियादी ढांचे पर केंद्रित हाल के एक मीडिया कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि कंपनी निर्माण तेजी से करना चाहती है, क्योंकि कंप्यूटिंग क्षमता की उपलब्धता तय करती है कि वह नए उत्पाद और सुविधाएं कितनी जल्दी दे सकती है।
रणनीति बताने के बाद ऑल्टमैन ने साफ-साफ कहा:
हम बुनियादी ढांचे पर पूरी ताकत से काम करेंगे, क्योंकि तकनीक और उत्पाद देने की हमारी क्षमता इसी पर निर्भर करेगी।
OpenAI के साझेदार भी इस सोच से सहमत हैं। Oracle Cloud Infrastructure का नेतृत्व करने वाले कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी क्ले मैगौरिक ने कहा है कि बड़े AI केंद्रों के लिए तकनीकी प्रदाताओं और निवेशकों के गठबंधन की जरूरत होती है। उन्होंने जोर दिया कि अरबों डॉलर के इन परिसरों का पूरा बोझ कोई एक कंपनी अकेले नहीं उठा सकती।
संयुक्त परियोजनाओं में Oracle की भूमिका बताते हुए मैगौरिक ने जरूरी पैमाने और सहयोग पर जोर दिया:
यह काम कोई एक कंपनी अकेले नहीं कर सकती। इसके लिए कंप्यूटिंग, नेटवर्क, बिजली और वित्त के क्षेत्रों में करीबी तालमेल जरूरी है।
एशिया प्रशांत की योजना
OpenAI के मुख्य रणनीति अधिकारी जेसन क्वॉन भविष्य के डेटा सेंटरों के लिए स्थलों और साझेदारियों पर चर्चा करने के वास्ते एशिया प्रशांत के नेताओं से मिल रहे हैं। उनके दौरे में जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, भारत और सिंगापुर शामिल हैं। ये बैठकें OpenAI for Countries नाम की पहल का हिस्सा हैं। इसके तहत सरकारों को संप्रभु AI क्षमता में सह-निवेश करने, स्थानीय प्रतिभा विकसित करने और राष्ट्रीय भाषाओं तथा जरूरतों के अनुरूप सेवाएं तैयार करने का आमंत्रण दिया जाता है।
कंपनी ने इस पहल के तहत दुनिया भर में अधिकतम दस बड़े नए डेटा सेंटर प्रोजेक्टों में रुचि दिखाई है। 30 से अधिक देशों ने भी रुचि जताई है। पहली अंतरराष्ट्रीय परियोजना संयुक्त अरब अमीरात में है, जिसे स्थानीय डेवलपर G42 और वैश्विक तकनीकी साझेदारों का एक समूह समर्थन दे रहा है। एशिया में चर्चा के दो प्रमुख लक्ष्य हैं: कंप्यूटिंग क्षमता को उपयोगकर्ताओं के करीब लाना और नियामकों तथा उद्यमों की डेटा संप्रभुता संबंधी अपेक्षाओं को पूरा करना।
भारत दौरे के दौरान क्वॉन ने बुनियादी ढांचे और प्रतिभा विकास को साथ जोड़ने की वजह बताई:
भारत में बिताए थोड़े समय में यह स्पष्ट हो गया है कि देश का नेतृत्व समझता है कि AI के लाभ अधिकतम करने के लिए दो क्षेत्रों में बड़े निवेश जरूरी हैं: मुख्य बुनियादी ढांचा और AI प्रतिभा का विकास। इन क्षेत्रों में आगे रहकर और लोगों को अग्रणी AI का लाभ उठाने में सक्षम बनाकर भारत आर्थिक विकास तेज कर सकता है।
भारत OpenAI के सबसे बड़े उपयोगकर्ता बाजारों में से एक है। उद्योग जगत में एक गीगावाट क्षमता वाले केंद्र की संभावना की चर्चा भी हुई है। जापान और दक्षिण कोरिया में चिप तथा डेटा सेंटर का मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र है, जबकि ऑस्ट्रेलिया में जमीन और नवीकरणीय ऊर्जा के ऐसे संसाधन हैं जो बड़े पैमाने के केंद्रों को सहारा दे सकते हैं। स्थापित डेटा सेंटर समूह और हरित विकास पर नीतिगत जोर के साथ सिंगापुर भी क्षेत्रीय क्षमता बढ़ाने की संभावित जगहों की सूची में है। विस्तार देश के भीतर या तेज फाइबर नेटवर्क से जुड़े आसपास के देशों में सीमा-पार परिसरों के जरिये हो सकता है।
सिंगापुर को क्या लाभ हो सकते हैं
सिंगापुर में निकट भविष्य का असर सबसे पहले लोगों के स्तर पर दिखेगा। OpenAI की बड़ी टीम का मतलब साझेदारी, डेवलपर संबंध, नीति, शोध और ग्राहक इंजीनियरिंग में नए पद होंगे। इस तरह के कौशल वाला कार्यबल स्थानीय कंपनियों को प्रायोगिक परियोजनाएं तेज करने और उन्हें उत्पादन में लाने में मदद करता है। इससे सिंगापुर के इंजीनियरों के ऐसी सुविधाएं और संदर्भ समाधान मिलकर तैयार करने की संभावना भी बढ़ती है, जिन्हें बाद में दुनिया भर में जारी किया जा सकता है।
इसका व्यापक असर पूरे पारिस्थितिकी तंत्र पर भी होगा। दूरसंचार कंपनियां ग्राहक संपर्क माध्यमों और नेटवर्क संचालन में संवादात्मक असिस्टेंट शामिल करने के लिए OpenAI के साथ काम कर रही हैं। यात्रा और आतिथ्य समूह यात्रा कार्यक्रम बनाने, सेवा संबंधी समस्याएं सुलझाने और विपणन सामग्री तैयार करने में AI का परीक्षण कर रहे हैं। बैंक और बीमा कंपनियां कर्मचारियों को दस्तावेजों का सार बनाने और जोखिम पहचानने में मदद देने के लिए कोपायलट बना रही हैं। हर सफल तैनाती से भरोसा बढ़ता है और ऐसे पेशेवरों की संख्या बढ़ती है जो प्रॉम्प्ट तैयार करना, मॉडल को फाइन-ट्यून करना और नतीजों की जिम्मेदारी से पुष्टि करना जानते हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के साथ सहयोग भी एक अहम स्तंभ है। OpenAI ने उद्योग विकास, शोध वित्तपोषण और डिजिटल भरोसे की निगरानी करने वाली एजेंसियों के साथ बातचीत की है। अधिकारियों ने कंप्यूटिंग तक पहुंच को सुरक्षा मूल्यांकन और कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की बात कही है, ताकि AI को जिम्मेदारी और समावेशिता के साथ अपनाया जाए। सिंगापुर के राष्ट्रीय कार्यक्रम AI Singapore ने दक्षिण-पूर्व एशियाई भाषाओं के खुले डेटासेट और बहुभाषी समाजों की जरूरतों के अनुरूप उपकरणों पर काम का स्वागत किया है।
Microsoft की भूमिका और एशिया में बिक्री का तरीका
OpenAI और Microsoft की लंबे समय से चली आ रही साझेदारी अब भी दुनिया भर के उद्यमों तक उसके मॉडल पहुंचाने में अहम है। Microsoft, Azure के जरिये क्लाउड बुनियादी ढांचा, सुरक्षा और उद्यमों तक बिक्री की पहुंच देता है, जबकि OpenAI मॉडल शोध और उत्पाद अनुभवों पर ध्यान देती है। सिंगापुर और पूरे एशिया में OpenAI ग्राहकों से सीधे भी जुड़ रही है, खासकर वहां जहां ग्राहक उसके शोधकर्ताओं के साथ करीबी सहयोग या सामान्य पैकेज से आगे की उन्नत सुविधाओं को आजमाना चाहते हैं।
कई बड़े स्तर की तैनातियों में साझेदारों का मिला-जुला सहयोग होगा। Oracle Stargate परियोजनाओं के लिए क्लाउड क्षमता दे रही है और Nvidia जैसे चिप निर्माता आपूर्ति श्रृंखला में अहम भूमिका निभाते हैं। व्यवहार में ग्राहकों को अक्सर इस बात से कम फर्क पड़ता है कि मॉडल किस क्लाउड पर चलता है। उनके लिए भरोसेमंद सेवा, लागत, विलंब और डेटा नियमों का पालन ज्यादा मायने रखता है। यही एक वजह है कि OpenAI सीधे संबंधों और साझेदार माध्यमों, दोनों पर काम करती है।
बिजली, स्थिरता और नीतियां
डेटा सेंटर बहुत अधिक बिजली खपत करते हैं और जनरेटिव AI इस चुनौती को बढ़ाता है। हाल के वर्षों में सिंगापुर ने विकास और स्थिरता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है। दशक के शुरुआती वर्षों में नए डेटा सेंटरों के परमिट पर थोड़े समय की रोक के बाद सरकार ने ऐसी रूपरेखा पेश की जो ऊर्जा-कुशल डिजाइन, जिला-स्तरीय कूलिंग और कम कार्बन वाली बिजली का अधिक इस्तेमाल करने वाले संचालन को प्राथमिकता देती है। कई संचालक अब उन्नत लिक्विड कूलिंग और उच्च घनत्व वाले रैक का परीक्षण कर रहे हैं। इससे कम जगह में ज्यादा कंप्यूटिंग क्षमता लगाई जा सकती है और ऊर्जा की बर्बादी घटती है।
AI के किसी भी बड़े विस्तार में बिजली का सवाल सीधे तौर पर सुलझाना होगा। इसमें दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौते, ऊर्जा भंडारण में निवेश और दक्षिण-पूर्व एशिया के पड़ोसी देशों से नवीकरणीय बिजली लाने वाले हरित आयात गलियारों में भागीदारी शामिल है। संचालकों को पानी बचाने, गर्मी के पुनः उपयोग और सर्वर के पुर्जों के पुनर्चक्रण की योजना भी बनानी होगी। सिंगापुर के नियामकों ने पारदर्शी रिपोर्टिंग को प्रोत्साहित किया है, ताकि खरीदार अलग-अलग केंद्रों के पर्यावरणीय प्रदर्शन की तुलना कर सकें।
नीतिगत मोर्चे पर सिंगापुर ने AI प्रशासन के लिए व्यावहारिक टूलकिट तैयार किए हैं और वह दुनिया के पहले राष्ट्रीय AI सुरक्षा संस्थानों में से एक का ठिकाना है। संवेदनशील क्षेत्रों में चैटबॉट तैनात करने वाली कंपनियों से पक्षपात, निजता संबंधी मुद्दों और सुरक्षा कमजोरियों की जांच की अपेक्षा की जाती है। OpenAI इन विषयों पर बातचीत में शामिल रही है और अपने उपभोक्ता तथा उद्यम उत्पादों में सुरक्षा उपाय भी बना रही है।
जोखिम और अनिश्चितताएं
सिंगापुर और पूरे एशिया में तेजी के बावजूद कुछ अनसुलझे सवाल निवेश की रफ्तार तय कर सकते हैं। उन्नत चिपों तक पहुंच अब भी बाधा है और बिजली वितरण उपकरणों की आपूर्ति में लंबा समय लग सकता है। हाइपरस्केल केंद्रों के निर्माण में अक्सर स्थानीय भूमि उपयोग या परमिट संबंधी अड़चनें आती हैं। भू-राजनीति एक और परत जोड़ती है। कुछ सरकारें संवेदनशील डेटा का प्रसंस्करण देश के भीतर चाहती हैं, जबकि अन्य अग्रणी मॉडल के प्रशिक्षण और मूल्यांकन के नियमों पर विचार कर रही हैं।
नई क्षमता कहां बनाई जाए, इस पर भी बहस है। वैश्विक कंपनियों के लिए सिंगापुर में नेटवर्क, प्रतिभा और स्पष्ट नीतियों की खूबियां हैं। जमीन और बिजली सीमित हैं, इसलिए कुछ क्षमता पड़ोसी बाजारों में हो सकती है, जो सिंगापुर के डिजिटल केंद्र से जुड़े हों। मलेशिया और इंडोनेशिया में क्षेत्रीय परियोजनाओं में यह केंद्र-और-शाखा मॉडल पहले से दिखता है। ये परियोजनाएं तेज कनेक्शन के जरिये सिंगापुर के उपयोगकर्ताओं और उद्यमों को सेवाएं देती हैं।
फिर भी, आगे की दिशा स्पष्ट है। OpenAI अपने उपयोगकर्ताओं के करीब अधिक कंप्यूटिंग क्षमता चाहती है और एशिया उसके उत्पादों के विकास का एक प्रमुख इंजन है। संचालन और साझेदारियों के केंद्र के रूप में सिंगापुर की भूमिका, क्षेत्रीय डेटा सेंटर परियोजनाओं की संभावनाओं के साथ मिलकर, देश को AI विस्तार की अगली लहर से लाभ उठाने की स्थिति में रखती है। साथ ही, उसे इससे जुड़े पर्यावरण और सुरक्षा के सवालों का प्रबंधन भी करना होगा।
एक नजर में
- OpenAI एशिया प्रशांत के क्षेत्रीय केंद्र के तौर पर सिंगापुर कार्यालय का विस्तार कर उसे करीब 50 से 70 कर्मचारियों तक ले जा रही है।
- ChatGPT के साप्ताहिक उपयोगकर्ता करीब 70 करोड़ हैं, जिससे बड़े नए डेटा सेंटरों की क्षमता जोड़ने की जरूरत बढ़ रही है।
- अमेरिका में OpenAI और उसके साझेदार टेक्सास, न्यू मैक्सिको और ओहायो में कई गीगावाट क्षमता वाले केंद्र बनाने की योजना बना रहे हैं।
- पहली अंतरराष्ट्रीय Stargate परियोजना अबू धाबी में शुरू हो चुकी है। इसकी शुरुआती क्षमता 1 गीगावाट है और इसे कई गुना बढ़ाने की योजना है।
- OpenAI के नेता एशिया में डेटा सेंटर स्थलों और संप्रभु AI साझेदारियों की संभावनाएं तलाशने के लिए जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, भारत और सिंगापुर जा रहे हैं।
- सिंगापुर की खूबियों में प्रति व्यक्ति अधिक इस्तेमाल, उद्यमों की मांग, कुशल कार्यबल और AI प्रशासन तथा सुरक्षा के सक्रिय कार्यक्रम शामिल हैं।
- स्थानीय ग्राहकों में Singapore Airlines और क्षेत्रीय तकनीकी प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यात्रा, दूरसंचार, वित्त और सार्वजनिक सेवाओं में प्रायोगिक परियोजनाएं चल रही हैं।
- बिजली और स्थिरता अहम मुद्दे हैं। सिंगापुर ऊर्जा-कुशल डिजाइन और समय के साथ कम कार्बन वाली बिजली के इस्तेमाल को प्राथमिकता देता है।
- OpenAI Microsoft के साथ करीबी काम जारी रखते हुए बड़े AI केंद्रों के लिए क्लाउड क्षमता के वास्ते Oracle और अन्य कंपनियों से भी साझेदारी कर रही है।
- चिपों की आपूर्ति, बिजली की उपलब्धता और बदलते नियम नए प्रोजेक्टों की गति तथा उनके स्थान को सीमित करने वाली मुख्य अड़चनें हैं।






