महंगी कीमत वाले वियरेबल की छोटी-सी लॉन्च खेप
दीपिंदर गोयल के Temple वियरेबल के लिए प्रीऑर्डर 1 नवंबर, 2026 से शुरू होने हैं। शुरुआती पहुंच के आमंत्रणों में इसकी कीमत 85,000 रुपये बताई गई है, जिसमें आजीवन सब्सक्रिप्शन शामिल है। खरीदारों को इस छोटे डिवाइस की डिलीवरी के लिए तीन महीने तक इंतजार करना पड़ सकता है। इसे कनपटी के पास लगाया जाता है और यह मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े संकेतों को ट्रैक करता है।
विषय-सूची
- महंगी कीमत वाले वियरेबल की छोटी-सी लॉन्च खेप
- 85,000 रुपये के आमंत्रण में क्या शामिल है?
- डिलीवरी 2027 तक क्यों खिंच सकती है
- लॉन्च की योजना कैसे बनी
- BrainFlow किन चीजों को मापने के लिए बनाया गया है
- Entropy स्कोर को कैसे समझें
- शुरुआती अध्ययनों में क्या जांचा गया
- चिकित्सकीय देखभाल की भूमिका
- Temple को रोज पहनने में क्या शामिल है
- तैराकी, रंग और पहली सार्वजनिक झलक
- मुख्य बातें
Zomato के सह-संस्थापक का उद्यम Temple Batch 01 नाम से सीमित रिलीज़ की तैयारी कर रहा है। खरीदारी कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए होगी। कंपनी ने अंतिम खुदरा कीमत या सब्सक्रिप्शन की शर्तों की औपचारिक पुष्टि नहीं की है। शुरुआती खेप में 30 डिवाइस होने का आंकड़ा सामने आया है, जबकि बाद की रिपोर्टों में कहा गया है कि कंपनी ने संख्या का खुलासा नहीं किया है।
Temple का मकसद कदम गिनने या कसरत दर्ज करने से अलग है। इसका BrainFlow सिस्टम तनाव, व्यायाम, आराम और रिकवरी के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों पर नजर रखने में उपयोगकर्ताओं की मदद के लिए बनाया गया है। Entropy नाम का अलग स्कोर इन मापों को 1 से 250 के बीच के अंक में बदलता है।
इसे खरीदने में सिर्फ रंग चुनना शामिल नहीं है। ग्राहक ऑर्डर के बाद बनाया जाने वाला डिवाइस खरीदेंगे, उसे एक बार इस्तेमाल होने वाले चिपकने वाले अटैचमेंट के साथ पहनेंगे और स्वास्थ्य से जुड़े एक नए तरह के माप को समझेंगे। शुरुआती अध्ययन इसके प्रदर्शन के बारे में कुछ जानकारी देते हैं, लेकिन स्वतंत्र पुष्टि और चिकित्सकीय देखभाल में इसकी उपयोगिता अब भी स्पष्ट नहीं है।
Temple को स्वास्थ्य और शोध के लिए बनाया गया है। संभावित खरीदारों के लिए मुख्य सवाल हैं कि खरीद में क्या शामिल है, डिलीवरी में कितना समय लगेगा और रोजमर्रा की गतिविधियों के बारे में रीडिंग से उन्हें क्या समझने में मदद मिल सकती है।
85,000 रुपये के आमंत्रण में क्या शामिल है?
X यूज़र थारुन एम ने 23 अक्टूबर को शुरुआती पहुंच का एक आमंत्रण साझा किया, जिसमें Temple की कीमत 85,000 रुपये और आजीवन सब्सक्रिप्शन बताई गई है। गोयल इससे पहले इसकी कीमत करीब 1,000 अमेरिकी डॉलर होने का संकेत दे चुके थे। कंपनी की अंतिम घोषणा से पहले यह आमंत्रण संभावित ग्राहकों को खरीदारी की अधिक स्पष्ट कीमत बताता है।
गोयल ने यह भी कहा है कि कीमत में Grips की असीमित आपूर्ति शामिल है। ये चिपकने वाले अटैचमेंट Temple को त्वचा से लगाए रखते हैं। इन्हें इस्तेमाल के बाद फेंकना होता है: डिवाइस हटाने के बाद दोबारा लगाने से पहले नया Grip लगाना पड़ता है।
सॉफ्टवेयर की पहुंच और बदले जाने वाले चिपकने वाले अटैचमेंट, दोनों का साथ होना अहम है, क्योंकि Temple को बार-बार और लंबे समय तक इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया है। बताए गए तरीके से इसका इस्तेमाल जारी रखने के लिए ग्राहकों को दोनों की जरूरत होगी। खरीदारी की अंतिम शर्तों से इन प्रतिबद्धताओं का सटीक दायरा तय होगा।
आमंत्रित खरीदारों से Temple ऐप के जरिए ऑर्डर करने और उसी ईमेल पते से साइन इन करने की अपेक्षा है जिस पर आमंत्रण मिला है। शुरुआती पहुंच के लिए पहले आवेदन Temple की वेबसाइट के जरिए लिए गए थे और वेटलिस्ट में पहले से शामिल लोगों को प्राथमिकता दी गई थी।
डिलीवरी 2027 तक क्यों खिंच सकती है
गोयल ने 25 अक्टूबर को कहा कि Temple ऑर्डर मिलने पर बनाया जाएगा और खरीद के तीन महीने के भीतर डिलीवर होगा। इसलिए 1 नवंबर को ऑर्डर करने वाले किसी व्यक्ति को करीब 1 फरवरी, 2027 तक इंतजार करना पड़ सकता है, अगर ऑर्डर पूरा करने में पूरी अवधि लगती है।
Temple के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी गोयल ने उत्पादन की व्यवस्था इस तरह बताई:
हर Temple ऑर्डर मिलने पर हाथ से बनाया जाता है और खरीदारी के तीन महीने के भीतर आपको डिलीवर किया जाता है।
कंपनी की योजना तत्काल भेजने के लिए बड़ा स्टॉक तैयार रखने के बजाय ग्राहकों के ऑर्डर के मुताबिक डिवाइस बनाने की है। गोयल ने गुणवत्ता नियंत्रण और हर ग्राहक को अच्छी सेवा देने को इस क्रमिक तरीके की वजह बताया है, जिसे वे "धीरे बढ़ने" की रणनीति कहते हैं।
डिलीवरी की अवधि में कुछ ऑर्डर दूसरों से पहले पहुंच सकते हैं। डिस्पैच का सटीक कैलेंडर या बाद की खेपों का शेड्यूल घोषित नहीं किया गया है। इसलिए शुरुआती आवंटन में जगह न पाने वाले ग्राहकों को व्यापक रिलीज़ की कोई पक्की तारीख नहीं मिली है।
लॉन्च की योजना कैसे बनी
Temple के नवंबर में प्रीऑर्डर से पहले परीक्षण डिवाइस, छोटे हार्डवेयर और लॉन्च के समय को लेकर कई घोषणाएं हुई थीं। घटनाक्रम से यह समझने में मदद मिलती है कि ऑर्डर की तारीख और डिलीवरी की तारीख अलग-अलग पड़ाव क्यों हैं।
- मई 2026: गोयल ने कहा कि चुने हुए शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए पहले 100 डिवाइस तैयार हैं। इनमें खिलाड़ी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, संस्थापक और क्रिएटर शामिल थे।
- अगस्त 2026: उन्होंने छोटा हार्डवेयर दिखाया और कहा कि सीमित लॉन्च संस्करण साल के अंत से पहले भेज दिया जाएगा।
- 1 अक्टूबर, 2026: गोयल ने कहा कि बाकी विवरण अंतिम रूप दिए जाने पर अगले सप्ताह प्रीऑर्डर शुरू हो सकते हैं। शुरुआती पहुंच की वेटलिस्ट में शामिल लोगों को प्राथमिकता मिलनी थी।
- 23 अक्टूबर, 2026: थारुन एम ने शुरुआती पहुंच का एक आमंत्रण साझा किया, जिसमें कीमत 85,000 रुपये बताई गई थी।
- 25 अक्टूबर, 2026: गोयल ने खरीदारी के तीन महीने के भीतर डिलीवरी की बात कही।
- 1 नवंबर, 2026: Batch 01 के प्रीऑर्डर शुरू होने हैं।
डिलीवरी की ताजा अवधि अगस्त में बताई गई साल 2026 के अंत से पहले शिपमेंट के लक्ष्य से आगे जाती है। मई में बताए गए 100 डिवाइस चुने हुए शुरुआती उपयोगकर्ताओं के लिए थे; Batch 01 उस रिलीज़ का नाम है जिसे अब आमंत्रित खरीदारों को पेश किया जा रहा है।
BrainFlow किन चीजों को मापने के लिए बनाया गया है
Temple माथे और कान के बीच लगाया जाता है। गोयल के मुताबिक, इसका BrainFlow सिस्टम फोटोप्लेथिस्मोग्राफी यानी PPG का इस्तेमाल करता है। इस तकनीक में ऊतक पर प्रकाश डाला जाता है और सेंसर तक लौटने वाले प्रकाश में बदलाव दर्ज किए जाते हैं।
आसपास के ऊतकों की तुलना में रक्त प्रकाश को अलग तरह से सोखता है। इसलिए पकड़े गए प्रकाश में बदलाव से रक्त संचार के बारे में जानकारी मिल सकती है। स्मार्टवॉच भी PPG का इस्तेमाल करती हैं, आम तौर पर नाड़ी मापने के लिए। वहीं Temple का लक्ष्य मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े संकेत निकालना है।
शारदाकेयर हेल्थसिटी में आंतरिक चिकित्सा के निदेशक डॉ. पल्लव मिश्रा ने बताया कि BrainFlow कनपटी के आसपास के ऊतकों और रक्त वाहिकाओं से प्रकाश के जरिए संकेत जुटाता है। Temple के उत्पाद विवरण में ऑक्सीजनेशन से जुड़े संकेतों और संज्ञानात्मक भार यानी किसी काम में लगने वाले मानसिक प्रयास का भी जिक्र है।
कंपनी के मुताबिक, रोजमर्रा में इसका इस्तेमाल व्यायाम, आराम, मुद्रा बदलने या तनाव महसूस करने के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों पर नजर रखने के लिए किया जा सकता है। इन संकेतों से उपयोगी जानकारी मिलना इस बात पर निर्भर करेगा कि सेंसर उन्हें कितनी सटीकता से पकड़ता है और सॉफ्टवेयर नतीजों को कैसे समझाता है।
Entropy स्कोर को कैसे समझें
Temple का Entropy स्कोर 1 से 250 के बीच होता है और बताया गया है कि यह हर सेकंड अपडेट होता है। गोयल इसे शारीरिक दबाव का माप बताते हैं, जिस पर नींद, शारीरिक गतिविधि, तनाव, कैफीन और ध्यान का असर पड़ता है।
गोयल के मुताबिक, पैमाने का निचला सिरा सिस्टम में दर्ज सबसे गहरे आराम को दिखाता है, जबकि ऊपरी सिरा शारीरिक सक्रियता और प्रवाह के सबसे ऊंचे स्तर को दर्शाता है। उन्होंने सबसे कम दर्ज रीडिंग को बहुत फिट, अनुभवी ध्यान करने वालों से और सबसे ऊंची रीडिंग को चरम प्रदर्शन करने वाले विशिष्ट खिलाड़ियों से जोड़ा है।
तीव्र व्यायाम के दौरान ऊंची रीडिंग का मतलब, आराम करते समय मिली रीडिंग से अलग होगा। स्कोर में बदलाव देखते समय उपयोगकर्ताओं को अपनी गतिविधि, नींद और कैफीन के सेवन पर भी ध्यान देना होगा।
Entropy, Temple का अपना माप है। इसका प्रस्तावित लाभ यह है कि शरीर में होने वाले कई बदलावों को एक ऐसे अंक में समेटा जाए जिस पर उपयोगकर्ता समय के साथ नजर रख सकें। इस अंक की व्यावहारिक उपयोगिता आगे की जांच पर और इस बात पर निर्भर करेगी कि ऐप रोजमर्रा के इस्तेमाल में इसका अर्थ कितनी आसानी से समझाता है।
शुरुआती अध्ययनों में क्या जांचा गया
गोयल ने BrainFlow की तुलना स्थापित मापन तकनीकों से करने वाला शुरुआती शोध साझा किया है। 23 स्वस्थ वयस्कों पर हुए एक अध्ययन में कथित तौर पर Temple की रीडिंग की तुलना ट्रांसक्रैनियल डॉप्लर से की गई। यह अल्ट्रासाउंड के जरिए मस्तिष्क की एक प्रमुख धमनी में रक्त के बहने की गति मापता है।
60 प्रतिभागियों वाले दूसरे अध्ययन में कथित तौर पर Temple की तुलना टाइम-डोमेन नियर-इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोस्कोपी से की गई। यह तकनीक ऊतक में रक्त और ऑक्सीजनेशन के बदलावों का अध्ययन करने के लिए प्रकाश का इस्तेमाल करती है। कंपनी ने तीन शारीरिक परीक्षणों में 0.84 से 0.91 तक का सहसंबंध बताया।
सहसंबंध बताता है कि माप के दो समूह एक-दूसरे के साथ कितनी निकटता से बदलते हैं। जिस पैमाने पर 1 पूर्ण सकारात्मक संबंध दर्शाता है, उस पर 0.84 से 0.91 के मान का मतलब है कि उन परीक्षणों में दोनों रीडिंग एक-दूसरे के साथ काफी निकटता से चलीं। किसी खास माप की सटीकता में यह भी देखना होता है कि दोनों तरीकों के नतीजों में कितना अंतर था।
निष्कर्षों को एक प्रीप्रिंट में पेश किया गया था, जिसे सहकर्मी समीक्षा के लिए भेजा गया है। प्रीप्रिंट में शोध को स्वतंत्र विशेषज्ञों की जर्नल समीक्षा पूरी होने से पहले सार्वजनिक किया जाता है। गोयल द्वारा साझा किए गए अध्ययनों की यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी।
रोजमर्रा के इस्तेमाल में प्रदर्शन का स्वतंत्र आकलन आगे करना होगा, क्योंकि हलचल और त्वचा के पास रक्त संचार प्रकाशीय संकेतों को प्रभावित कर सकते हैं। बताए गए अध्ययन शुरुआती तुलनात्मक आंकड़े देते हैं; उत्पाद के स्वास्थ्य संबंधी दावों की अगली व्यावहारिक जांच अलग-अलग लोगों और गतिविधियों में लंबे समय तक इस्तेमाल होगी।
चिकित्सकीय देखभाल की भूमिका
Temple का घोषित उद्देश्य स्वास्थ्य और शोध है, जबकि तंत्रिका संबंधी निदान में डॉक्टर लक्षणों की जांच कर उपयुक्त परीक्षण चुनते हैं। मिश्रा ने बताया कि उपभोक्ताओं को वियरेबल की रीडिंग को किस तरह देखना चाहिए।
"उपभोक्ताओं को वियरेबल से मिले अंकों को चिकित्सकीय निदान नहीं मानना चाहिए," डॉ. मिश्रा ने कहा।
मिश्रा ने कहा कि लगातार बने रहने वाले तंत्रिका संबंधी लक्षणों की जांच योग्य डॉक्टर से करानी चाहिए। समस्या के आधार पर, स्थापित जांचों में MRI, CT, इन तकनीकों से रक्त वाहिकाओं की स्कैनिंग और डॉप्लर विधियां शामिल हो सकती हैं।
Temple उपयोगकर्ता के लिए इसका मकसद रोजमर्रा की जिंदगी में शारीरिक बदलावों के पैटर्न पर नजर रखना है। लगातार लक्षण महसूस करने वाले व्यक्ति को सिर्फ ऐप स्कोर के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।
Temple को रोज पहनने में क्या शामिल है
Temple को एक बार इस्तेमाल होने वाले Grips से सिर के किनारे पर लगाया जाता है। गोयल के मुताबिक, एक अटैचमेंट करीब सात दिन चल सकता है, जो डिवाइस की बताई गई सात दिन तक की बैटरी अवधि के लगभग बराबर है। कंपनी स्वच्छता के लिए हर दो से तीन दिन में Grip बदलने की सलाह देती है।
इस सलाह का मतलब है कि Temple लगातार पहनने वाला व्यक्ति आम तौर पर सप्ताह में कई बार चिपकने वाला अटैचमेंट बदलेगा, भले ही बैटरी पूरे सप्ताह चल जाए। Grip हटाने के बाद उसे दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
गोयल ने कहा है कि इन अटैचमेंट को विकसित करना डिवाइस बनाने जितना ही मुश्किल था। उनके मुताबिक, टीम ने लक्षित उपयोगकर्ताओं में से 99 प्रतिशत के लिए उपयुक्त फिट तैयार किया है और Temple पहनने की आदत डालने में करीब पांच मिनट लगते हैं।
कंपनी ने चश्मे के साथ इसकी अनुकूलता पर भी बात की है। गोयल के मुताबिक, Temple के चिकने किनारों से कपड़े उस पर अटकते नहीं हैं और उपयोगकर्ता इसे हटाए बिना चेहरा धो सकते हैं, त्वचा की देखभाल के उत्पाद लगा सकते हैं और मेकअप कर सकते हैं।
त्वचा पर लंबे समय तक चिपके रहने के कारण आराम का ध्यान रखना जरूरी है। संवेदनशील त्वचा वाले या पहले चिपकने वाले पदार्थों से प्रतिक्रिया झेल चुके लोगों को लालिमा, खुजली, सूजन या जलन पर नजर रखनी चाहिए। लगातार बने रहने वाली या गंभीर प्रतिक्रिया पर चिकित्सकीय सलाह लें।
तैराकी, रंग और पहली सार्वजनिक झलक
गोयल के मुताबिक, दौड़ते, कूदते, तैरते, नहाते और सॉना में रहते समय भी Temple लगा रह सकता है। उन्होंने स्कूबा डाइविंग को अपवाद बताया है और इसे चिपकने वाले अटैचमेंट के बजाय डिवाइस की सीमा कहा है।
गतिविधियों से जुड़े ये दावे गोयल और कंपनी की ओर से किए गए हैं। डिवाइस उपलब्ध होने पर खरीदारों को पानी, गर्मी और रोजमर्रा की देखभाल के लिए निर्माता के अंतिम निर्देशों का पालन करना चाहिए।
Temple के छह रंगों की घोषणा हुई है: ट्रू गोल्ड, रोज गोल्ड, ब्लैक मिरर, रियल जेड, डीप ब्लू और पर्पल फंक। आखिरी तीन को सीमित संस्करण बताया गया है, हालांकि शुरुआती आवंटन में उनकी उपलब्धता स्पष्ट नहीं है।
गोयल ने राज शमानी के YouTube पॉडकास्ट में Temple पहना था और बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को लाइव मैचों के दौरान इसे पहने देखा गया है। इन झलकियों से संभावित खरीदारों को यह देखने का मौका मिला कि उत्पाद की तस्वीरों से इतर, पहनने पर छोटा सेंसर कैसा दिखता है।
पहले ग्राहकों के लिए अनुभव में चेहरे के पास दिखने वाला डिवाइस, नियमित रूप से चिपकने वाले अटैचमेंट बदलना और 2027 की शुरुआत तक खिंच सकने वाला डिलीवरी इंतजार शामिल होगा। खरीदारी का फैसला इस बात पर निर्भर करेगा कि यह दिनचर्या, बताई गई कीमत और शारीरिक संकेतों से मिलने वाली जानकारी उनकी जरूरतों के अनुरूप हैं या नहीं।
मुख्य बातें
- Temple Batch 01 के प्रीऑर्डर 1 नवंबर, 2026 से Temple ऐप के जरिए शुरू होने हैं।
- शुरुआती पहुंच के आमंत्रणों में आजीवन सब्सक्रिप्शन समेत 85,000 रुपये की कीमत दी गई है; कंपनी की अंतिम कीमत और शर्तों की पुष्टि नहीं हुई है।
- गोयल के मुताबिक, हर डिवाइस ऑर्डर मिलने पर बनाया जाएगा और खरीदारी के तीन महीने के भीतर डिलीवर होगा।
- BrainFlow मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़े संकेतों को ट्रैक करने के लिए प्रकाशीय सेंसर का इस्तेमाल करता है। Entropy 1 से 250 के बीच का स्कोर देता है।
- शुरुआती अध्ययनों में 23 और 60 प्रतिभागी शामिल थे; साझा किए गए निष्कर्षों की सहकर्मी समीक्षा पूरी नहीं हुई थी।
- डिवाइस को त्वचा से लगाने के लिए एक बार इस्तेमाल होने वाले Grips का उपयोग होता है। इन्हें हर दो से तीन दिन में बदलने की सलाह दी जाती है।
- Temple स्वास्थ्य और शोध के लिए बनाया गया है। चिकित्सकीय लक्षणों की जांच योग्य डॉक्टर से करानी चाहिए।






