दो अपतटीय क्षेत्रों का साझा विकास
पेट्रोनास और उसके साझेदारों ने ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनके तहत सारावाक के अपतटीय क्षेत्र में स्थित दो बड़े गैस क्षेत्रों के विकास की जिम्मेदारी टोटलएनर्जीज़ को सौंपी जाएगी। इन दोनों क्षेत्रों में कुल संसाधन 6.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक अनुमानित हैं। लैंग लेबाह और बी14 के नियोजित विकास से मौजूदा मलेशिया एलएनजी द्रवीकरण संयंत्र को गैस की आपूर्ति होगी। उत्पादन स्थिर स्तर पर पहुंचने के बाद सालाना लगभग 10 अरब घन मीटर गैस उत्पादन का लक्ष्य है।
विषय-सूची
समझौतों पर 1 नवंबर 2026 को संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में अबू धाबी अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम प्रदर्शनी और सम्मेलन के दौरान हस्ताक्षर किए गए, जिसे एडीआईपीईसी के नाम से जाना जाता है। मलेशिया की राष्ट्रीय ऊर्जा कंपनी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेट्रोनास कारिगाली एसडीएन. बीएचडी. ने टोटलएनर्जीज़, थाईलैंड की पीटीटीईपी और कुवैत फॉरेन पेट्रोलियम एक्सप्लोरेशन कंपनी यानी केयूएफपीईसी के साथ समझौते किए।
लेनदेन पूरा होने के बाद टोटलएनर्जीज़ की 30% हिस्सेदारी होगी और वह दोनों क्षेत्रों का परिचालक बन जाएगा। पीटीटीईपी और केयूएफपीईसी की हिस्सेदारी 25%-25% होगी, जबकि पेट्रोनास कारिगाली के पास 20% हिस्सेदारी रहेगी। लेनदेन पूरा करने के लिए नियामकीय मंजूरियां जरूरी हैं।
पेट्रोनास चाहता है कि दोनों क्षेत्रों का विकास साथ-साथ हो, ताकि साझेदार दो उत्पादन-साझाकरण अनुबंधों के तहत बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और गैस बिक्री का समन्वय कर सकें। सारावाक के लिए यह प्रस्ताव बड़े अपतटीय संसाधन आधार को गैस प्रसंस्करण और एशिया के ग्राहकों तक आपूर्ति करने वाले मौजूदा ठिकाने से जोड़ता है।
लैंग लेबाह और बी14 कहां हैं?
लैंग लेबाह उत्तरी सारावाक में मिरी से करीब 90 किलोमीटर दूर, उथले पानी वाले ब्लॉक एसके410बी में स्थित है। मलेशिया की सबसे बड़ी अपतटीय गैस खोजों में से एक बताए जाने वाले इस क्षेत्र में लगभग 5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट गैस है।
बी14 पास ही ब्लॉक एसके310 में, बिंटुलु से लगभग 100 किलोमीटर दूर स्थित है और इसमें 1.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट तक गैस है। समझौतों में एसके410बी और बी14 उत्पादन-साझाकरण अनुबंधों के तहत विकास शामिल है।
अनुमानों के अनुसार लैंग लेबाह, बी14 से तीन गुना से भी बड़ा है। इसलिए लैंग लेबाह संसाधनों का बड़ा आधार उपलब्ध कराता है, जबकि बी14 भी काफी मात्रा में गैस जोड़ता है। साझेदारों की योजना दोनों का विकास एक ही समन्वित परियोजना के जरिए करने की है।
टोटलएनर्जीज़ का अनुमान है कि दोनों क्षेत्रों के संयुक्त विकास से 6.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस उपलब्ध हो सकती है। इसकी ऊर्जा मात्रा 1 अरब बैरल से अधिक तेल के बराबर है। बैरल तेल समतुल्य माप की एक प्रचलित इकाई है, जिससे कंपनियां अलग-अलग ईंधनों की ऊर्जा मात्रा की तुलना कर सकती हैं।
समझौतों से क्या बदलेगा?
टोटलएनर्जीज़ दोनों क्षेत्रों के परिचालन की जिम्मेदारी लेगा और प्रत्येक अनुबंध में उसकी हिस्सेदारी सबसे बड़ी होगी। परिचालक परियोजना के व्यावहारिक काम का नेतृत्व करता है, जिसमें विकास योजनाओं का समन्वय और साझेदारों की ओर से परिचालन का प्रबंधन शामिल है।
दोनों अनुबंधों के लिए प्रस्तावित हिस्सेदारी संरचना एक जैसी है:
- टोटलएनर्जीज़: 30%, परिचालन की जिम्मेदारी के साथ।
- पीटीटीईपी: 25%।
- केयूएफपीईसी: 25%।
- पेट्रोनास कारिगाली: 20%।
टोटलएनर्जीज़ बहुमत हिस्सेदारी के बिना परिचालन का नेतृत्व करेगा। अन्य तीन साझेदारों के पास कुल 70% हिस्सेदारी होगी। उनके अधिकार और जिम्मेदारियां परियोजना समझौतों के तहत तय होंगी।
फार्म-आउट समझौते के तहत तय शर्तों के अनुसार तेल या गैस परियोजना में हिस्सेदारी दूसरी कंपनी को हस्तांतरित की जाती है। उत्पादन-साझाकरण अनुबंध वह ढांचा तय करता है जिसके तहत कंपनियां पेट्रोलियम संसाधनों की खोज और उत्पादन करती हैं तथा उत्पादन या उससे होने वाली आय साझा करती हैं। इस मामले में साझेदार संसाधनों का संयुक्त विकास करते हुए दोनों अनुबंधों में हिस्सेदारी और परिचालन की जिम्मेदारी को एकसमान रखने का इरादा रखते हैं।
दोनों क्षेत्रों का विकास साथ क्यों?
पेट्रोनास का कहना है कि एकीकृत तरीके का मकसद बुनियादी ढांचे की योजना, सुविधाओं के विकास और गैस की व्यावसायिक बिक्री के समन्वय को बेहतर बनाना है। प्रत्येक क्षेत्र की अलग-अलग योजना बनाने के बजाय साझेदार उन्हें एक ही विकास परियोजना के हिस्सों के रूप में व्यवस्थित करेंगे।
साझा बुनियादी ढांचे से अलग-अलग क्षेत्रों के उत्पादन को एक ही सुविधा का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है। इन कनेक्शनों की एक साथ योजना बनाने से परिचालक अपतटीय उपकरणों की क्षमता का तालमेल क्षेत्रों से अपेक्षित गैस मात्रा और गैस प्राप्त करने वाले संयंत्र की जरूरतों के साथ बैठा सकता है।
दोनों अनुबंधों में हिस्सेदारी का समान अनुपात हर साझेदार को एक जैसा प्रतिशत हित देता है। इससे संयुक्त विकास से जुड़े फैसलों के लिए एक साझा व्यावसायिक ढांचा बनता है। इसके साथ ही, टोटलएनर्जीज़ दोनों क्षेत्रों का परिचालक बनने का प्रस्ताव रखता है।
पेट्रोनास को उम्मीद है कि इस व्यवस्था से परियोजना का क्रियान्वयन बेहतर होगा और सारावाक तथा मलेशिया के लिए दीर्घकालिक मूल्य पैदा होगा। व्यावहारिक लक्ष्य गैस के विकास और आपूर्ति का समन्वय करना है, न कि अलग-अलग परिचालन व्यवस्थाओं वाली दो स्वतंत्र परियोजनाएं बनाना।
मलेशिया एलएनजी तक कितनी गैस पहुंच सकती है?
टोटलएनर्जीज़ ने संयुक्त विकास के लिए सालाना लगभग 10 अरब घन मीटर के स्थिर उत्पादन का अनुमान लगाया है। स्थिर उत्पादन वह अवधि होती है जब किसी क्षेत्र या परियोजना का उत्पादन योजनाबद्ध परिचालन स्तर की ओर बढ़ने के बाद लगभग समान बना रहता है।
सालाना इस लक्ष्य का मतलब है प्रतिदिन लगभग 2.7 करोड़ घन मीटर गैस, एक साल में 365 दिन मानकर। यह आंकड़ा नियोजित आपूर्ति दर का अंदाजा देता है, जबकि संसाधन का अनुमान उस कहीं बड़ी गैस मात्रा को दर्शाता है जिसे विकास के दौरान हासिल करने का लक्ष्य है।
गैस के लिए मलेशिया एलएनजी की मौजूदा द्रवीकरण सुविधाएं प्रस्तावित गंतव्य हैं। द्रवीकरण में प्राकृतिक गैस को ठंडा करके तरल बनाया जाता है, जिससे उसे जहाज के जरिए उन खरीदारों तक पहुंचाना आसान होता है जहां पाइपलाइन से गैस नहीं भेजी जा सकती।
इस तरह यह परियोजना अपतटीय उत्पादन को एक स्थापित प्रसंस्करण सुविधा से जोड़ती है। मलेशिया एलएनजी के लिए अतिरिक्त गैस संयंत्र की भविष्य की आपूर्ति को सहारा देगी। एशिया के अन्य हिस्सों के ग्राहकों के लिए इससे बिजली उत्पादन और औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध एलएनजी की मात्रा बढ़ेगी।
टोटलएनर्जीज़ एशिया में एलएनजी की बढ़ती मांग को इस विकास की एक वजह बताता है। घोषणाओं में लेनदेन का मूल्य, निर्माण बजट, पहला उत्पादन शुरू होने की तारीख, स्थिर उत्पादन तक पहुंचने का कार्यक्रम या भविष्य में गैस बिक्री का ब्योरा नहीं दिया गया है।
मलेशिया में टोटलएनर्जीज़ की बड़ी भूमिका
टोटलएनर्जीज़ 1985 से मलेशिया में परिचालन कर रहा है। 2024 में सपुरा ओएमवी अपस्ट्रीम के अधिग्रहण के बाद यह देश का तीसरा सबसे बड़ा गैस उत्पादक बन गया। इससे सारावाक और सबाह के आसपास अपतटीय ब्लॉकों में उसकी हिस्सेदारी भी बढ़ी।
कंपनी ने 2025 में मलेशिया के अपतटीय क्षेत्र के कई ब्लॉकों और इंडोनेशिया के एक अपतटीय ब्लॉक में पेट्रोनास के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया। लैंग लेबाह और बी14 के समझौते उस विस्तार को आगे बढ़ाते हैं और टोटलएनर्जीज़ को मलेशिया की एक और बड़ी गैस परियोजना में प्रस्तावित परिचालन भूमिका देते हैं।
टोटलएनर्जीज़ के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पैट्रिक पॉयाने ने नए समझौतों को कंपनी के पहले के निवेशों से जोड़ा:
ये समझौते मलेशिया में अपनी एकीकृत गैस स्थिति मजबूत करने की हमारी रणनीति में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे पहले हमने 2024 में सपुरा ओएमवी का अधिग्रहण किया और 2025 में पेट्रोनास के साथ अपनी दीर्घकालिक साझेदारी का विस्तार किया था।
पॉयाने ने यह भी कहा कि लैंग लेबाह और बी14 में साझा बुनियादी ढांचे से मलेशिया का एक और बड़ा गैस केंद्र बनाया जा सकेगा, जो मलेशिया एलएनजी को आपूर्ति करेगा और एशिया की बढ़ती मांग पूरी करेगा।
साझेदारी यहां तक कैसे पहुंची?
टोटलएनर्जीज़ को परिचालन की प्रस्तावित जिम्मेदारी पेट्रोनास के साथ कई वर्षों के निवेश और सहयोग के बाद मिली है। इस विस्तार के प्रमुख चरण हैं:
- 1985: टोटलएनर्जीज़ ने मलेशिया में अपना परिचालन शुरू किया।
- 2024: टोटलएनर्जीज़ ने सपुरा ओएमवी अपस्ट्रीम का अधिग्रहण किया और मलेशिया का तीसरा सबसे बड़ा गैस उत्पादक बना।
- 2025: टोटलएनर्जीज़ ने मलेशिया और इंडोनेशिया के अपतटीय क्षेत्रों में पेट्रोनास के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया।
- 1 नवंबर 2026: पेट्रोनास कारिगाली, टोटलएनर्जीज़, पीटीटीईपी और केयूएफपीईसी ने अबू धाबी में लैंग लेबाह और बी14 के समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- 2 नवंबर 2026: टोटलएनर्जीज़ ने दोनों क्षेत्रों में परिचालन की जिम्मेदारी वाली 30% हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण की घोषणा की।
इस घटनाक्रम से पता चलता है कि नया समझौता टोटलएनर्जीज़ के मौजूदा मलेशियाई कारोबार का हिस्सा है। कंपनी की उन परियोजनाओं में भी हिस्सेदारी है जिनका परिचालन वह खुद करती है और उन परियोजनाओं में भी जिनका परिचालन दूसरी कंपनियां करती हैं।
पेट्रोनास अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली खोज और उत्पादन सहायक कंपनी पेट्रोनास कारिगाली के जरिए परियोजना में शामिल रहेगा। पीटीटीईपी और केयूएफपीईसी दोनों अनुबंधों में एक-एक चौथाई हिस्सेदारी रखेंगे। इससे थाई और कुवैती साझेदार फ्रांसीसी परिचालक और मलेशियाई भागीदार के साथ उसी हिस्सेदारी व्यवस्था में शामिल होंगे।
सारावाक के लिए परियोजना का क्या मतलब है?
इस प्रस्ताव में सारावाक की अहम भूमिका है, क्योंकि दोनों क्षेत्र राज्य के अपतटीय इलाके में हैं और गैस का नियोजित गंतव्य मलेशिया एलएनजी है। यह विकास मिरी और बिंटुलु के पास के संसाधनों को मलेशिया के मौजूदा एलएनजी कारोबार से जोड़ेगा। इसके लिए नए घोषित द्रवीकरण संयंत्र पर निर्भर नहीं रहना होगा।
पेट्रोनास का कहना है कि यह साझेदारी मलेशिया के गैस संसाधनों का जिम्मेदारी से विकास करने, ऊर्जा सुरक्षा को सहारा देने और देश के ऊर्जा उद्योग के लिए मूल्य सृजित करने की उसकी प्रतिबद्धता दर्शाती है। व्यावहारिक तौर पर इस परियोजना का मकसद गैस का एक बड़ा स्रोत उपलब्ध कराना है, जो मौजूदा प्रसंस्करण बुनियादी ढांचे के निरंतर इस्तेमाल में मदद कर सके।
प्रस्तावित पैमाना उन कंपनियों के लिए भी मायने रखता है जो गैस की भरोसेमंद आपूर्ति पर निर्भर हैं। प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल ईंधन के रूप में और उर्वरक तथा रसायन उत्पादन जैसे उद्योगों में कच्चे माल के तौर पर होता है। इन उपभोक्ताओं को मिलने वाले लाभ इस बात पर निर्भर करेंगे कि परियोजना की गैस का आवंटन और बिक्री किस तरह होती है।
तत्काल बदलाव इन क्षेत्रों के नियोजित स्वामित्व और प्रबंधन में हो रहा है। सहमत व्यवस्था के तहत लेनदेन पूरा करने और परिचालन की जिम्मेदारी संभालने से पहले टोटलएनर्जीज़ को नियामकीय मंजूरी लेनी होगी।
मुख्य बातें
- पेट्रोनास और उसके साझेदारों ने 1 नवंबर 2026 को अबू धाबी में लैंग लेबाह और बी14 के फार्म-आउट समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
- लेनदेन पूरा होने के बाद, नियामकीय मंजूरी के अधीन, टोटलएनर्जीज़ की 30% हिस्सेदारी होगी और वह दोनों क्षेत्रों का परिचालन करेगा।
- पीटीटीईपी और केयूएफपीईसी की प्रत्येक अनुबंध में 25%-25% हिस्सेदारी होगी, जबकि पेट्रोनास कारिगाली की 20% हिस्सेदारी होगी।
- एकीकृत विकास का लक्ष्य सारावाक के अपतटीय क्षेत्र में 6.5 ट्रिलियन क्यूबिक फीट से अधिक गैस संसाधनों को विकसित करना है।
- स्थिर उत्पादन का लक्ष्य सालाना लगभग 10 अरब घन मीटर है, जिसकी आपूर्ति मलेशिया एलएनजी की मौजूदा सुविधाओं को की जाएगी।
- साझेदार दोनों क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, सुविधाओं और गैस के व्यावसायीकरण का समन्वय करना चाहते हैं।






