छह मुख्य मार्गों पर मुश्किल बदलाव की शुरुआत
ढाका ने 1 नवंबर, 2026 को छह मुख्य मार्गों पर बस संचालन की नई व्यवस्था शुरू की। इसके तहत पहले लगभग 18 कंपनी बैनरों के तहत चलने वाली सेवाओं को छह निर्धारित कंपनियों के अंतर्गत लाया गया। बदलाव की शुरुआत मौजूदा बसों से हुई, जबकि वाहनों की फिटनेस, मार्गों का आवंटन और यात्रियों को सेवाओं की पहचान कराने के लिए प्रस्तावित रंगों का काम अधूरा रहा।
विषय-सूची
- छह मुख्य मार्गों पर मुश्किल बदलाव की शुरुआत
- फ्रेंचाइज़ी व्यवस्था में क्या बदलेगा?
- छह मुख्य सेवाएं किन मार्गों पर चलेंगी
- सर्कुलर सेवा भी शुरू
- पुरानी बसों के बीच नियम लागू कराना अहम
- कर्मचारियों को ठेके की जगह वेतन मिल सकता है
- मालिकों ने बेड़ा बदलने के लिए मदद मांगी
- स्थायी व्यवस्था पर अधिकारियों के अलग-अलग संकेत
- पुरानी कोशिशों से दांव पर लगी बात समझ आती है
- मुख्य बातें
उद्घाटन सुबह करीब 11 बजे शेर-ए-बांग्ला नगर के मानिक मिया एवेन्यू पर हुआ। मीरपुर-1 और अंसार कैंप के बीच वातानुकूलित सर्कुलर सेवा का भी उद्घाटन किया गया। इसे शामिल करने पर शुरू की गई सेवाओं की संख्या सात हो गई।
ढाका परिवहन समन्वय प्राधिकरण (DTCA) राजधानी के मौजूदा 98 बस मार्गों को घटाकर 32 करने की योजना के तहत यह पुनर्गठन कर रहा है। यानी मार्गों की संख्या 66 घटकर करीब 67 प्रतिशत कम हो जाएगी। इसका उद्देश्य एक-दूसरे से टकराती सेवाओं की जगह हर मार्ग के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय करना और यात्रियों को बैठाने के लिए बसों के बीच होड़ कम करना है।
बसों की संख्या के आंकड़ों में स्पष्टीकरण की जरूरत है। DTCA की योजना में 780 बसें शामिल बताई गईं, जबकि उद्घाटन के एक अन्य आंकड़े में कुल संख्या 816 बताई गई, जिनमें 796 गैर-वातानुकूलित और 20 वातानुकूलित बसें थीं। छह मुख्य मार्गों के लिए घोषित अलग-अलग आवंटन का कुल योग भी 816 है। उद्घाटन के समय वास्तव में कितनी बसें यात्रियों को ले जा रही थीं, यह नहीं बताया गया।
इसलिए यात्रियों के लिए तत्काल बदलाव मुख्य रूप से इस बात का है कि किसी मार्ग की जिम्मेदारी किस कंपनी के पास है, न कि बसों का नया बेड़ा। असली कसौटी यह होगी कि बसें निर्धारित स्टॉप पर रुकती हैं या नहीं, प्रतिस्पर्धी ऑपरेटर आवंटन का पालन करते हैं या नहीं और यात्री सही सेवा की पहचान कर पाते हैं या नहीं।
फ्रेंचाइज़ी व्यवस्था में क्या बदलेगा?
फ्रेंचाइज़ी व्यवस्था में किसी मार्ग की जिम्मेदारी एक निर्धारित कंपनी को दी जाती है। आसान शब्दों में, यात्रियों को किसी तय कॉरिडोर पर व्यवस्थित सेवा दिखनी चाहिए, न कि कई प्रतिस्पर्धी कंपनियां सड़क किनारे एक ही भीड़ से किराया लेने की कोशिश करती दिखें।
ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस आयुक्त मोसलेह उद्दीन अहमद ने कहा कि पहले इन छह कॉरिडोरों पर करीब 18 कंपनी बैनरों के तहत बसें चलती थीं। उन्होंने यात्रियों को बैठाने की होड़ को जाम और दुर्घटनाओं से जोड़ा। इन सेवाओं को छह कंपनियों के अंतर्गत लाने का उद्देश्य इस दबाव को कम करना है।
प्रस्तावित पहचान व्यवस्था में बसों के अलग-अलग रंग, मार्ग संख्या और आगे लगे डिजिटल डिस्प्ले शामिल हैं। रंग यात्रियों को तुरंत दृश्य संकेत देंगे, जबकि नंबर और गंतव्य दिखाने वाले डिस्प्ले मार्ग की अधिक सटीक पहचान कराएंगे।
उद्घाटन के समय ये बदलाव अधूरे थे। मौजूदा बसों को दोबारा रंगना कार्यक्रम का हिस्सा है, लेकिन प्रस्तावित रंग परिवर्तन पूरा होने से पहले ही सेवा शुरू कर दी गई। पुराना बेड़ा नई व्यवस्था में शामिल हुआ तो वाहनों की फिटनेस का मुद्दा भी अनसुलझा रहा।
छह मुख्य सेवाएं किन मार्गों पर चलेंगी
ये कॉरिडोर गाजीपुर, टोंगी, मीरपुर, केरानीगंज, डेमरा और ढाका के पूर्वी प्रवेश मार्गों को जोड़ते हैं। कई सेवाएं घाटारचर में मिलती हैं, जबकि दो उत्तरी उपनगरों को आजिमपुर के ढाकेश्वरी मंदिर क्षेत्र से जोड़ती हैं।
घोषित कंपनी आवंटन और मार्गों का अधिक विस्तृत विवरण इस प्रकार है:
- गाजीपुर के शिवबाड़ी चौरास्ता से आजिमपुर के ढाकेश्वरी मंदिर तक, अब्दुल्लापुर होकर: वीआईपी परिवहन को 253 गैर-वातानुकूलित बसें आवंटित की गई हैं। DTCA के मार्ग विवरण के अनुसार इसकी लंबाई 26.47 किलोमीटर है।
- मीरपुर चिड़ियाघर से केरानीगंज के चुलकुटिया तक, साइंस लैब होकर: चिड़ियाखाना सिटी बस कंपनी को 133 बसें आवंटित की गई हैं।
- घाटारचर से डेमरा स्टाफ क्वार्टर तक, शाहबाग और मत्स्य भवन होकर: रमज़ान अली एंटरप्राइज को 70 बसें आवंटित की गई हैं।
- घाटारचर या बसिला से चिटगांव रोड और कांचपुर ब्रिज कॉरिडोर तक, साइंस लैब और जिगातोला होकर: फोर स्टार बस लाइन को 150 बसें आवंटित की गई हैं।
- घाटारचर से अब्दुल्लापुर क्षेत्र के धौर ब्रिज तक, मीरपुर-10 होकर: पीएनपी सिटी सर्विस को 190 बसें आवंटित की गई हैं। इस कॉरिडोर का व्यापक विवरण घाटारचर से उत्तरा तक भी दिया गया।
- टोंगी कॉलेज गेट से आजिमपुर के ढाकेश्वरी मंदिर तक, अब्दुल्लापुर होकर: 20 वातानुकूलित बसें चलाने की योजना है।
चार मुख्य मार्गों पर केवल गैर-वातानुकूलित बसें चलाने की योजना है, जबकि दो पर दोनों तरह की बसें चलेंगी। विस्तृत विवरण में टोंगी के लिए 20 वातानुकूलित बसों का आवंटन बताया गया है, लेकिन दूसरे मिश्रित मार्ग पर वातानुकूलित बसों की संख्या स्पष्ट नहीं है।
सर्कुलर सेवा भी शुरू
मीरपुर-1 से अंसार कैंप तक का मार्ग छह मुख्य कॉरिडोरों के साथ शुरू किया गया अतिरिक्त सर्कुलर मार्ग है। इसका रास्ता कचुक्षेत, सैनिक क्लब, जहांगीर गेट और आगारगांव से होकर जाता है। इस सेवा में वातानुकूलित बसें चलती हैं।
पुलिस आयुक्त मोसलेह उद्दीन अहमद ने कहा कि अधिकारियों ने शहर में 25 सर्कुलर मार्गों की पहचान की है और पहले चरण के लिए पांच को मंजूरी दी है। मीरपुर सेवा उन पांच में शुरू होने वाली पहली है।
बाकी चार मार्गों पर 27 सीटों वाली मिनीबसें चलाने की योजना है। उद्घाटन के करीब डेढ़ से दो महीने के भीतर उनके पहुंचने और सेवा शुरू होने की उम्मीद थी, यानी अगला चरण दिसंबर 2026 के मध्य से अंत तक शुरू हो सकता है। कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई।
छह मुख्य कॉरिडोरों और सर्कुलर सेवा के बीच का अंतर बताता है कि उद्घाटन को कभी छह और कभी सात मार्गों की शुरुआत क्यों कहा गया। मुख्य नेटवर्क का पुनर्गठन और छोटा सर्कुलर नेटवर्क इसी प्रयास के जुड़े हुए हिस्से हैं, लेकिन दोनों के लिए वाहनों की योजनाएं अलग हैं।
पुरानी बसों के बीच नियम लागू कराना अहम
वीआईपी परिवहन पहले से शिवबाड़ी से ढाकेश्वरी वाले कॉरिडोर पर चलती है। चिड़ियाखाना सिटी बस कंपनी और रमज़ान अली एंटरप्राइज की बसें भी ढाका की सड़कों पर हैं। उन्हें मार्ग सौंपने से मौजूदा सेवाओं का संगठन बदलता है, जबकि यात्रियों के इस्तेमाल में आने वाले वाहन फिलहाल नहीं बदलते।
इन कॉरिडोरों पर पहले से सेवा दे रहे अन्य ऑपरेटरों में बिकाश, दिशारी, तंज़िल, मेट्रोलिंक, राजनिगंधा, मालंचा, समय, मिडलाइन, परिस्थान और प्रजापति शामिल हैं। कुछ कंपनियों ने मार्ग आवंटन पर आपत्ति जताई है, इसलिए उनकी भागीदारी अनिश्चित बनी हुई है।
निर्धारित कंपनियों को अपने मार्गों पर नियंत्रण देने के लिए अधिकारियों को एक-दूसरे से टकराती सेवाओं के खिलाफ नई व्यवस्था लागू करानी होगी। ऐसा न होने पर चालक यात्रियों को बैठाने के लिए उसी होड़ में फंसे रह सकते हैं जिसे सुधार के जरिए कम करना है।
DTCA के कार्यकारी निदेशक मोहम्मद मशिउर रहमान ने यातायात पुलिस और कार्यकारी मजिस्ट्रेटों से बसों को सड़कों पर खड़ा करके पहल में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अपील की। उनकी टिप्पणी से पता चलता है कि बदलाव लागू करने वालों के लिए परिवहन क्षेत्र के भीतर विरोध पहले से चिंता का विषय है।
शिवबाड़ी कॉरिडोर का हालिया अनुभव भी चेतावनी देता है। व्यवस्था सुधारने की पिछली कोशिश में अंतरिम सरकार के दौरान वहां गुलाबी बसें शुरू की गई थीं, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। मौजूदा कार्यक्रम में प्रस्तावित रंग परिवर्तन के साथ कंपनी की जिम्मेदारी और मार्ग आवंटन भी जोड़ा गया है।
कर्मचारियों को ठेके की जगह वेतन मिल सकता है
मोसलेह उद्दीन अहमद ने कहा कि बस मालिकों और कर्मचारियों के संघों के सामने ठेका व्यवस्था की जगह वेतन पर रोजगार देने का प्रस्ताव रखा गया है। इससे यह बदल सकता है कि कर्मचारियों को भुगतान कैसे होता है, साथ ही यह भी कि हर मार्ग पर कौन-सी कंपनी सेवा चलाती है।
यह प्रस्ताव इसलिए अहम है क्योंकि सुधार का लक्ष्य सड़क पर प्रतिस्पर्धा कम करना है। नियमित वेतन से कर्मचारियों की आय अधिक अनुमानित हो सकती है, जबकि कंपनियां सेवाओं के आयोजन की जिम्मेदारी लेंगी। आयुक्त ने इसे संघों के सामने रखा गया प्रस्ताव बताया; इसे स्वीकार करने और लागू करने पर फैसला होना बाकी है।
बांग्लादेश सड़क परिवहन मालिक संघ के महासचिव सैफुल आलम ने यात्रियों से निर्धारित स्टॉप पर बस में चढ़ने और उतरने की अपील की। उन्होंने परिवहन कर्मचारियों से नए नियमों का पालन करने को भी कहा।
यात्रियों के लिए स्टॉप तय होने का अर्थ होगा कि उन्हें बस जहां दिखे वहां हाथ देने के बजाय मालूम होगा कि इंतजार कहां करना है। चालकों के लिए नियमों का पालन करने का मतलब निर्धारित स्थानों के बीच रुकने के अनुरोध को ठुकराना होगा। स्टॉप के नियमों को कामयाब बनाने के लिए दोनों पक्षों को अपनी जानी-पहचानी आदतें बदलनी होंगी।
मालिकों ने बेड़ा बदलने के लिए मदद मांगी
सैफुल आलम ने कहा कि मालिक सब्सिडी के बजाय नई बसें खरीदने के लिए सरकार से नीतिगत सहयोग चाहते हैं। उनके बताए प्रस्ताव के अनुसार, मालिक अग्रिम भुगतान करेंगे और मालिक संघ गारंटी देगा।
अग्रिम भुगतान खरीद की शुरुआत में दी जाने वाली रकम होती है, जबकि बाकी लागत सहमति के अनुसार बाद में चुकाई जाती है। संघ की गारंटी से भाग लेने वाले मालिकों को वाहन हासिल करने में समर्थन मिलेगा।
आलम ने कहा कि नई बसें उपलब्ध होने पर मालिक पुरानी बसों को धीरे-धीरे खुद हटाएंगे। इसलिए बदलाव की शुरुआत मौजूदा वाहनों से होगी और बेड़े को नया करने का काम एक साथ होने के बजाय बाद में आगे बढ़ेगा।
वित्तपोषण की शर्तें, नई बसों की संख्या और पुराने वाहनों को पूरी तरह हटाने की समय-सारिणी घोषित नहीं की गई। इन्हीं बातों से तय होगा कि नई कंपनी के नाम और मार्ग आवंटन से आगे बढ़कर यात्री बसों की हालत और आराम में बदलाव कितनी जल्दी महसूस करेंगे।
स्थायी व्यवस्था पर अधिकारियों के अलग-अलग संकेत
मोसलेह उद्दीन अहमद ने कहा कि छह मार्गों पर शुरुआती सेवा परीक्षण के तौर पर चल रही है। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करने वाले DTCA के कार्यकारी निदेशक मोहम्मद मशिउर रहमान ने कार्यक्रम की स्थिति का अधिक दृढ़ता से वर्णन किया।
कार्यक्रम में रहमान ने कहा, बंगाली से अनूदित:
यह कार्यक्रम कोई पायलट परियोजना नहीं है; यह अंतिम कार्यान्वयन है और यहां से पीछे लौटने का कोई मौका नहीं है।
यह अंतर ऑपरेटरों और यात्रियों के लिए मायने रखता है, क्योंकि इससे तय होता है कि शुरुआत एक प्रयोग है या ऐसी व्यवस्था का कार्यान्वयन जिसे अधिकारी बनाए रखना चाहते हैं। दोनों अधिकारियों ने 32 मार्गों के नियोजित नेटवर्क में अधिक स्पष्ट मार्ग पहचान व्यवस्था लागू करने का समर्थन किया।
पाबना-5 के सांसद और परिवहन मालिक-कर्मचारी एकता परिषद के मुख्य समन्वयक एडवोकेट शम्सुर रहमान शिमुल बिस्वास ने मुख्य अतिथि के तौर पर सेवाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने मालिकों, कर्मचारियों, पुलिस और मीडिया से सहयोग करने की अपील की और कहा कि जाम से रोजमर्रा की जिंदगी तथा आर्थिक गतिविधियां बाधित होती हैं।
सेवा जारी रहने को लेकर चिंताओं पर बिस्वास ने कहा, बंगाली से अनूदित:
ऐसा नहीं होगा कि आज हम सिर्फ फोटो सेशन करें और बाद में इसे बंद कर दिया जाए।
बांग्लादेश सड़क परिवहन प्राधिकरण के अध्यक्ष मोहम्मद हबीबुर रहमान और ढाका सड़क परिवहन मालिक संघ के अध्यक्ष एम. ए. बाटेन ने भी समारोह में बात की। कार्यक्रम का आयोजन DTCA और ढाका मालिक संघ ने संयुक्त रूप से किया।
पुरानी कोशिशों से दांव पर लगी बात समझ आती है
ढाका में मार्गों के पुनर्गठन के कई तरीके आजमाए जा चुके हैं और इनमें मार्गों तथा कंपनियों की संख्या के अलग-अलग लक्ष्य रखे गए। मौजूदा प्रस्ताव के तहत 98 मार्गों को घटाकर 32 करने से पहले की एक योजना के मुकाबले कहीं बड़े नेटवर्क से शुरुआत होती है।
- 2015: तत्कालीन मेयर अनीसुल हक ने बस संचालन को आठ मार्गों में व्यवस्थित करने की पहल शुरू की थी, जिनमें हर मार्ग के लिए अलग रंग तय होना था।
- 2017: हक की मृत्यु के बाद यह पहल ठहर गई।
- तत्कालीन मेयर शेख फजले नूर तापस की एक बाद की योजना में 246 बस कंपनियों को छह फ्रेंचाइज़ी कंपनियों में मिलाने और 278 मार्गों को पुनर्गठित कर 22 करने का लक्ष्य था।
- दिसंबर 2021: घाटारचर और साइनबोर्ड के बीच ढाका नगर परिवहन की प्रायोगिक सेवा शुरू हुई। अन्य कंपनियों को व्यवस्था में शामिल नहीं किया गया और बाद में यह पहल बंद हो गई।
- अंतरिम सरकार के दौरान: फ्रेंचाइज़ी व्यवस्था शुरू करने की एक और कोशिश को बस मालिकों का पर्याप्त समर्थन नहीं मिला।
- 1 नवंबर, 2026: नवीनतम व्यवस्था के तहत छह मुख्य कॉरिडोरों और मीरपुर सर्कुलर सेवा का उद्घाटन किया गया।
ढाका नगर परिवहन में प्रतिस्पर्धी कंपनियों को शामिल न कर पाने की पिछली नाकामी से मौजूदा योजना में भागीदारी और नियम लागू कराने का महत्व और बढ़ जाता है। इस बार भी शुरुआत उन सड़कों से हुई है जहां कई ऑपरेटर पहले से यात्रियों को ले जाते हैं।
अगला ठोस पड़ाव करीब दो महीने में चार और सर्कुलर मार्गों पर मिनीबस शुरू होने की उम्मीद है। इस विस्तार के साथ यात्री मार्गों के डिस्प्ले पूरे होने, स्टॉप का लगातार पालन होने और पुरानी बसों को धीरे-धीरे बदलने के वादे पर नजर रखेंगे।
मुख्य बातें
- ढाका में 1 नवंबर, 2026 को छह मुख्य मार्गों पर फ्रेंचाइज़ी सेवा का उद्घाटन हुआ। इसके साथ वातानुकूलित मीरपुर सर्कुलर सेवा भी शुरू की गई।
- कार्यक्रम की शुरुआत मौजूदा बसों से हुई, जबकि फिटनेस, रंग और कुछ मार्ग आवंटन के मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं।
- बेड़े की बताई गई योजनाओं में 780 से 816 तक बसें शामिल हैं; विस्तृत आवंटनों का कुल योग 816 है।
- अधिकारियों की योजना मुख्य मार्गों की संख्या 98 से घटाकर 32 करने और अलग-अलग रंग, नंबर तथा डिजिटल डिस्प्ले शुरू करने की है।
- कर्मचारियों को वेतन पर रखने का प्रस्ताव है, जबकि मालिक नई बसें खरीदने के लिए सहायता और संघ की गारंटी चाहते हैं।
- उद्घाटन के करीब दो महीने के भीतर चार और सर्कुलर मार्गों पर 27 सीटों वाली मिनीबसें शुरू होने की उम्मीद है।






