जापान में परीक्षण छोटे बेड़े से शुरू होंगे
टोयोटा और वेमो की योजना 2027 में जापान में बिना ड्राइवर वाली टोयोटा bZ4X इलेक्ट्रिक टैक्सियों का परीक्षण और सत्यापन शुरू करने की है। इन वाहनों का निर्माण और स्वचालित ड्राइविंग उपकरणों से लैस करने का काम आइची प्रांत के टोयोटा शहर स्थित टोयोटा के ताकाओका प्लांट में होगा। कंपनियों के वाणिज्यिक सेवाओं की दिशा में काम करने के साथ आने वाले वर्षों में ब्रिटेन में भी इसकी शुरुआत होने की उम्मीद है।
विषय-सूची
- जापान में परीक्षण छोटे बेड़े से शुरू होंगे
- टैक्सी यात्रियों के लिए लेवल 4 का क्या अर्थ है
- ताकाओका में कारें बनेंगी और उनमें तकनीक लगाई जाएगी
- यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार केबिन
- पहले जापान और ब्रिटेन
- टोयोटा के साथ-साथ वेमो के जगुआर परीक्षण भी जारी
- यह साझेदारी इस चरण तक कैसे पहुंची
- काम टैक्सियों से आगे भी बढ़ सकता है
- मुख्य बातें
30 अक्टूबर, 2026 की यह घोषणा अप्रैल 2025 की शुरुआती साझेदारी को अधिक ठोस चरण में ले जाती है: इसमें एक तय वाहन, निर्माण स्थल और शुरुआती परिचालन का वर्ष बताया गया है। टोयोटा कारें उपलब्ध कराने और हार्डवेयर एकीकृत करने का काम करेगी, जबकि गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट के स्वामित्व वाला स्वचालित ड्राइविंग कारोबार वेमो, ड्राइविंग तकनीक देगा।
2027 का bZ4X कार्यक्रम सार्वजनिक वाणिज्यिक सेवा शुरू होने की पुष्टि के बजाय परीक्षणों से शुरू होगा। टोयोटा के कार्यकारी उपाध्यक्ष नाकाजिमा ने कहा कि शुरुआती परिचालन में कम संख्या में वाहन शामिल होंगे। कंपनियों का इरादा परीक्षण और सत्यापन के बाद सेवा का व्यावसायीकरण करने का है।
टोयोटा और वेमो इस परियोजना को देश में निर्मित बड़े पैमाने पर उत्पादित वाहनों का इस्तेमाल करने वाली जापान की पहली पूरी तरह स्वायत्त टैक्सी सेवा की दिशा में एक कदम बताते हैं। यात्रियों के लिए अंतिम लक्ष्य ऐसी टैक्सी यात्रा है जिसमें वाहन कोई व्यक्ति न चला रहा हो।
टैक्सी यात्रियों के लिए लेवल 4 का क्या अर्थ है
bZ4X टैक्सियों में लेवल 4 स्वचालित ड्राइविंग तकनीक का इस्तेमाल होगा। इस स्तर पर वाहन तय परिचालन परिस्थितियों, जैसे निर्धारित सेवा क्षेत्र, के भीतर बिना मानव चालक के ड्राइविंग का काम कर सकता है। परिचालन की सीमाएं तय करती हैं कि वाहन कहां और कब सवारी दे सकता है।
व्यापक तैनाती से पहले परीक्षण और सत्यापन में यह जांचा जाएगा कि वाहन और उसकी स्वचालित ड्राइविंग प्रणाली साथ मिलकर कैसे काम करते हैं। वाणिज्यिक सेवा के लिए उपयुक्त कार और ऐसा ड्राइविंग सिस्टम, दोनों जरूरी हैं जो अपने अनुमत परिचालन क्षेत्र की सड़कों और परिस्थितियों को संभाल सके।
टोयोटा और वेमो का कहना है कि उनकी साझेदारी में टोयोटा का वाहन विकास और निर्माण का अनुभव, वेमो की पूरी तरह स्वायत्त तकनीक के साथ जुड़ता है। उनका घोषित लक्ष्य उन लेवल 4 वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाना है जिनकी सुरक्षा का सत्यापन हो चुका है।
ताकाओका में कारें बनेंगी और उनमें तकनीक लगाई जाएगी
टोयोटा का ताकाओका प्लांट आधारभूत वाहन को असेंबल करने से लेकर वेमो के स्वचालित ड्राइविंग हार्डवेयर को लगाने तक की प्रक्रिया संभालेगा। दोनों काम एक ही कारखाने में होने से टोयोटा स्वायत्त बेड़े के लिए तैयार वाहन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी लेगी, न कि केवल बुनियादी कार की आपूर्ति करेगी।
bZ4X एक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन है, जिसे सुबारू के साथ विकसित टोयोटा के e-TNGA प्लेटफॉर्म पर बनाया गया है। वाहन प्लेटफॉर्म वह मूल इंजीनियरिंग आधार होता है जिसे कोई मॉडल या मॉडलों का समूह साझा करता है। यहां टोयोटा और वेमो एक खास टैक्सी बनाने के आधार के रूप में मौजूदा इलेक्ट्रिक वाहन का इस्तेमाल कर रहे हैं।
कारखाने में एकीकरण इस समझौते का अहम हिस्सा है, क्योंकि कार और उसके स्वायत्त उपकरणों को साथ मिलकर काम करना होगा। टोयोटा विनिर्माण प्रक्रिया और वाहन इंजीनियरिंग में योगदान देगी, जबकि वेमो ड्राइविंग करने वाली प्रणाली उपलब्ध कराएगी।
वेमो के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिमित्री डोलगोव ने कहा कि सुरक्षा तकनीक, विश्वसनीयता और वाहन गुणवत्ता के कारण टोयोटा को चुना गया। ये प्राथमिकताएं साझेदारी के दो मुख्य कामों से जुड़ती हैं: भरोसेमंद वाहन बनाना और स्वचालित ड्राइविंग प्रणाली को वाणिज्यिक परिचालन के लिए तैयार करना।
यात्रियों को ध्यान में रखकर तैयार केबिन
योजनाबद्ध bZ4X टैक्सियों में अपने आप खुलने और बंद होने वाले दरवाजे, बिजली से चलने वाला पिछला हैच, पिछली सीटों पर पैरों के लिए जगह और अप्रत्यक्ष केबिन लाइटिंग होगी। टोयोटा ने इस विन्यास को आराम बढ़ाने और वाहन में चढ़ने-उतरने को आसान बनाने का तरीका बताया है।
अपने आप खुलने वाले दरवाजे और बिजली से खुलने वाला सामान रखने का हिस्सा ऐसी सेवा के लिए खास तौर पर उपयोगी हैं जिसे बिना चालक के चलाने के लिए बनाया गया है। ये रोजमर्रा की टैक्सी से जुड़ी कुछ सुविधाओं को वाहन के भीतर उपलब्ध कराते हैं, जबकि यात्रा के दौरान पिछला केबिन ग्राहकों के इस्तेमाल की मुख्य जगह बन जाता है।
यात्रियों के लिए ये सुविधाएं यह भी दिखाती हैं कि परियोजना मानक कार में स्वायत्त उपकरण जोड़ने तक सीमित नहीं है। टोयोटा टैक्सी उपयोग के लिए bZ4X का एक संस्करण तैयार कर रही है, जिसमें वाहन चलने से पहले और बाद की यात्रा के हिस्सों पर भी ध्यान दिया गया है।
पहले जापान और ब्रिटेन
टोयोटा के वाहनों के परीक्षण का पहला केंद्र जापान होगा। इसके बाद ब्रिटेन और संभवतः अन्य बाजारों में इन्हें उतारने की योजना है। जापान और ब्रिटेन, दोनों में वाहन सड़क के बाईं ओर चलते हैं और आम तौर पर कारों का स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर होता है। इससे शुरुआती कार्यक्रम में वाहनों का विन्यास समान रहेगा।
वेमो के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी डोलगोव ने घोषणा के दौरान शुरुआती बाजारों के बारे में कहा:
हम जापान और ब्रिटेन के उन बाजारों से शुरुआत करेंगे जहां स्टीयरिंग व्हील दाईं ओर होता है।
टोयोटा बाईं ओर स्टीयरिंग व्हील वाले वाहन भी बनाती है, जिनमें bZ4X के संस्करण शामिल हैं। नाकाजिमा ने कहा कि कंपनी व्यापक अवसरों की ओर बढ़ने से पहले जापान में अनुभव हासिल करना चाहती है। इस क्रम में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार से पहले जापान में शुरुआती अनुभव हासिल किया जाएगा।
कंपनियों ने जापान में परिचालन के स्थान, बेड़े में वाहनों की सटीक संख्या, यात्रियों के लिए bZ4X वाणिज्यिक सेवा की तारीख, वित्तीय शर्तें या उत्पादन लक्ष्य नहीं बताए हैं। ब्रिटेन में सेवा आने वाले वर्षों के लिए योजनाबद्ध है और इसकी शुरुआत आवश्यक परमिट पर निर्भर करेगी; अन्य देशों या तैनाती की पक्की तारीखों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।
टोयोटा के साथ-साथ वेमो के जगुआर परीक्षण भी जारी
वेमो ने 2025 में जापान में जगुआर I-PACE वाहनों का परीक्षण शुरू किया था। टोक्यो की टैक्सी कंपनी निहोन कोत्सु के चालकों ने इन वाहनों को राजधानी में चलाया, ताकि वेमो को स्थानीय सड़कों और ड्राइविंग परिस्थितियों की समझ विकसित करने में मदद मिले।
डोलगोव ने कहा कि वेमो की 2027 में जगुआर वाहनों का इस्तेमाल करते हुए जापान में पायलट सेवा शुरू करने की योजना अब भी है। उसी साल टोक्यो में पूरी तरह स्वायत्त सेवा शुरू करने की भी योजना है। इसलिए टोयोटा का परीक्षण कार्यक्रम एक अन्य वाहन मॉडल से जुड़े काम के साथ-साथ चलेगा, जबकि bZ4X को वाणिज्यिक सेवा में लाने से पहले उसकी अपनी परीक्षण और सत्यापन प्रक्रिया होगी।
रोबोटैक्सी सेवा की तैयारी के लिए वेमो लंदन में भी जगुआर I-PACE वाहनों का परीक्षण कर रहा है। टोयोटा के साथ समझौते से उसके अंतरराष्ट्रीय परिचालन में एक और वाहन मॉडल जुड़ेगा, जबकि जगुआर के मौजूदा कार्यक्रम जारी रहेंगे।
शुरुआत की तारीखों पर नजर रखने वाले पाठकों के लिए व्यावहारिक बात यह है कि 2027 में एक से अधिक गतिविधियां शामिल हैं: जापान में bZ4X के परीक्षण और जगुआर वाहनों से जुड़ी वेमो की नियोजित पायलट सेवा। टोयोटा की घोषणा में उसके वाहनों के परीक्षण का वर्ष तय किया गया है, जबकि व्यावसायीकरण बाद का लक्ष्य है।
यह साझेदारी इस चरण तक कैसे पहुंची
टोयोटा और वेमो ने पहली बार अप्रैल 2025 में एक नए स्वायत्त वाहन प्लेटफॉर्म को विकसित करने और तैनात करने की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई थी। अक्टूबर 2026 की घोषणा में बताया गया है कि ताकाओका में यह सहयोग जमीन पर किस रूप में शुरू होगा।
इस क्रम में स्वचालित ड्राइविंग पर टोयोटा का व्यापक काम भी शामिल है:
- अप्रैल 2025: टोयोटा और वेमो ने स्वायत्त वाहन प्लेटफॉर्म की संभावनाएं तलाशने के लिए शुरुआती समझौते की घोषणा की।
- 2025: वेमो ने निहोन कोत्सु के चालकों की मदद से जापान में जगुआर I-PACE वाहनों का परीक्षण शुरू किया।
- अगस्त 2026: टोयोटा ने वेमो तकनीक का इस्तेमाल करके लेवल 4 रोबोटैक्सी कारोबार में प्रवेश करने पर चर्चा की और 2028 के लिए वाहन तकनीक का एक अलग लक्ष्य तय किया।
- 30 अक्टूबर, 2026: टोयोटा और वेमो ने bZ4X कार्यक्रम और ताकाओका में उत्पादन की जानकारी दी।
- 2027: स्वायत्त bZ4X वाहनों का परीक्षण और सत्यापन जापान में शुरू होना तय है।
- आने वाले वर्ष: कंपनियां टोयोटा के वाहनों को ब्रिटेन और संभवतः अन्य बाजारों में पेश करने की योजना बना रही हैं।
टोयोटा का 2028 का अलग लक्ष्य ऐसी तकनीक से जुड़ा है जिसमें चालक को बहुत कम नियंत्रण करना पड़े। bZ4X टैक्सी परियोजना का परिचालन मॉडल अलग है: लेवल 4 स्वचालन, जिसे तय परिस्थितियों के भीतर बिना मानव चालक के वाहन चलाने के लिए बनाया गया है।
काम टैक्सियों से आगे भी बढ़ सकता है
टोयोटा और वेमो निजी स्वामित्व वाली टोयोटा कारों के लिए स्वायत्त तकनीक की संभावनाएं तलाशना जारी रखेंगे। इससे उनका सहयोग टैक्सी बेड़ों तक सीमित नहीं रहेगा, जहां वाहनों का संचालन प्रबंधित टैक्सी सेवा के हिस्से के रूप में होता है, बल्कि व्यक्तिगत मालिकों की कारों तक भी पहुंचेगा।
टोयोटा के कार्यकारी उपाध्यक्ष नाकाजिमा ने ऑनलाइन प्रेस वार्ता में कहा कि इस साझेदारी में:
टैक्सियों से आगे, वाणिज्यिक वाहनों समेत विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार की संभावना है
कंपनियां यह भी विचार करेंगी कि वेमो के वास्तविक दुनिया के परिचालन से मिली जानकारी सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने में कैसे मदद कर सकती है। डोलगोव ने कहा कि वे शून्य यातायात मौतों के टोयोटा के लक्ष्य को साझा करते हैं और जापान तथा अन्य प्रमुख बाजारों में अधिक लोगों तक स्वायत्त ड्राइविंग की सुरक्षा और सुविधा पहुंचाना चाहते हैं।
नाकाजिमा ने इस काम को परिवहन बुनियादी ढांचे से जोड़ा, जिसमें यह भी शामिल है कि वाहन अपने आसपास की सड़कों के साथ कैसे तालमेल बिठाते हैं। सहयोग का वर्णन करते हुए एक बयान में उन्होंने कहा:
यह सहयोग इस तकनीक का विस्तार करने और वेमो की राइड-हेलिंग सेवा के माध्यम से इसे जापान और अन्य जगहों के ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करेगा। साथ ही, टोयोटा यह तलाशना जारी रखेगी कि वाहनों को यातायात बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत करने से उन सड़कों को और सुरक्षित कैसे बनाया जा सकता है।
फिलहाल की ठोस प्रतिबद्धता bZ4X परीक्षण कार्यक्रम ही है। निजी कारें, वाणिज्यिक वाहन और बुनियादी ढांचे से जुड़ा सहयोग वे अतिरिक्त क्षेत्र हैं जिन्हें कंपनियां टैक्सी बेड़े के साथ अनुभव हासिल करते हुए तलाशने का इरादा रखती हैं।
मुख्य बातें
- टोयोटा और वेमो की 2027 में जापान में बिना ड्राइवर वाली bZ4X कारों का परीक्षण और सत्यापन शुरू करने की योजना है।
- टोयोटा का ताकाओका प्लांट वाहन असेंबल करेगा और उनमें वेमो का स्वचालित ड्राइविंग हार्डवेयर लगाएगा।
- शुरुआती परिचालन छोटे बेड़े से होगा और परीक्षण के बाद सेवा का व्यावसायीकरण करने का इरादा है।
- टैक्सियों में लेवल 4 तकनीक होगी, जो निर्धारित परिस्थितियों में बिना चालक के परिचालन को संभव बनाती है।
- ब्रिटेन बाद के बाजार के रूप में नियोजित है, जबकि वेमो के जगुआर परीक्षण कार्यक्रम अलग से जारी हैं।
- यह साझेदारी निजी कारों, वाणिज्यिक वाहनों और सड़क सुरक्षा परियोजनाओं तक भी बढ़ सकती है।






