दो रिएक्टरों के लिए नए निर्माण साझेदार की जरूरत
दक्षिण कोरिया की कोरिया हाइड्रो एंड न्यूक्लियर पावर ने 29 अक्टूबर 2026 को डेयवू इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन और डूसान एनर्जीबिलिटी के साथ निर्माण अनुबंध पर बातचीत खत्म कर दी। इससे चेक गणराज्य में डुकोवनी परमाणु संयंत्र के विस्तार के लिए नया निर्माता तलाशना पड़ रहा है। KHNP की योजना जनवरी 2028 में प्रस्तावित स्थल तैयारियों से पहले, जुलाई 2027 तक नए साझेदार के साथ समझौता करने की है।
विषय-सूची
- दो रिएक्टरों के लिए नए निर्माण साझेदार की जरूरत
- डिजाइन बदलने पर भुगतान कौन करेगा?
- निर्माताओं ने अक्टूबर की समयसीमा को चुनौती दी
- KHNP का कहना है कि बातचीत खत्म करना क्यों जरूरी था
- मुख्य अनुबंध से पहले शुरू हुआ कीमत का विवाद
- कौन से अनुबंध जारी रहेंगे?
- नए निर्माता का चयन कैसे होगा
- परियोजना की समयसीमा के अहम पड़ाव
- आठ साल की साझेदारी का मुश्किल अंत
- मुख्य बातें
इस परियोजना में डुकोवनी की इकाइयां 5 और 6 शामिल हैं। ये कोरिया के दो APR1000 रिएक्टर हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 1,000 मेगावाट है। चेक परियोजना कंपनी इलेक्ट्रार्ना डुकोवनी II (EDU II) के साथ मुख्य अनुबंध का मूल्य करीब 407 अरब चेक कोरुना है। निर्माण विवाद पर अपनी सफाई में KHNP ने इसका मूल्य लगभग 27 ट्रिलियन वॉन बताया।
करीब 15 महीने चली बातचीत और 78 कार्य बैठकों के बाद यह गतिरोध पैदा हुआ। इस दौरान विवाद समन्वय समिति की बैठकें और वरिष्ठ प्रबंधकों के बीच चर्चा भी हुई। मुख्य मतभेद निर्माण की कीमत और इस बात पर था कि रिएक्टरों के विस्तृत डिजाइन में अधिक काम की जरूरत पड़ने पर भुगतान कौन करेगा।
KHNP निर्माण संघ के साथ अपना सहयोग समझौता समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रही है और प्रतिस्पर्धी निविदा की तैयारी कर रही है। EDU II के साथ मुख्य समझौता और संयंत्र डिजाइन तथा प्रमुख उपकरणों के अनुबंध बरकरार हैं। इसलिए निर्माण की भूमिका खत्म होने के बावजूद डूसान उपकरण आपूर्तिकर्ता के रूप में परियोजना से जुड़ी रहेगी।
चेक ग्राहक के लिए तत्काल चुनौती यह है कि निर्माता बदलते समय तैयारियों को आगे कैसे बढ़ाया जाए। KHNP को ऐसा नया साझेदार चाहिए जो व्यवहार्य कीमत और जिम्मेदारियों के बंटवारे पर सहमत हो, और EDU II से की गई प्रतिबद्धताओं पर असर न पड़े। मूल समयसारिणी में 2029 में निर्माण परमिट और 2036 के अंत में पहली इकाई के कमीशनिंग का लक्ष्य है।
डिजाइन बदलने पर भुगतान कौन करेगा?
KHNP निश्चित कुल कीमत वाला अनुबंध चाहती थी, जैसा संयुक्त अरब अमीरात की बराकाह परमाणु परियोजना में किया गया था। ऐसी व्यवस्था में आम तौर पर निर्माण कंपनी पर यह जिम्मेदारी होती है कि वह तय रकम के भीतर सहमत काम पूरा करे।
डेयवू और डूसान विस्तृत डिजाइन पूरा होने के बाद निर्माण की अतिरिक्त मात्रा सामने आने पर भुगतान में बदलाव चाहती थीं। उदाहरण के लिए, बाद के डिजाइन में अधिक कंक्रीट, स्टील या स्थापना कार्य की जरूरत होने पर निर्माता अतिरिक्त खर्च की गणना और वसूली का तरीका चाहते थे।
निर्माण संघ का तर्क है कि रिएक्टर डिजाइन उसके नियंत्रण में नहीं है, इसलिए डिजाइन में बदलाव के कारण होने वाले अतिरिक्त काम का भुगतान समायोजित किया जाना चाहिए। उसका कहना है कि डुकोवनी में APR1000 मॉडल का यह पहला व्यावसायिक इस्तेमाल है, इसलिए निर्माण की मात्रा, जिम्मेदारियों और समयसीमा पर सावधानीपूर्वक सहमति खास तौर पर जरूरी है।
वित्तीय जोखिम के मामले में KHNP का रुख इसके उलट है। उसका कहना है कि उसकी डिजाइन साझेदार और प्रमुख उपकरण आपूर्तिकर्ता पहले ही निश्चित कुल कीमतें स्वीकार कर चुके हैं। अगर केवल निर्माण अनुबंध में अतिरिक्त लागत का निपटारा बाद में होने दिया जाए, तो चेक ग्राहक के प्रति अपनी प्रतिबद्धताएं बरकरार रहने के बावजूद बढ़ती लागत का जोखिम KHNP पर आ जाएगा।
परियोजना की शुरुआती योजना में एक रिएक्टर था, जिसे बाद में बढ़ाकर दो इकाइयां कर दिया गया। इससे निर्माण का दायरा बढ़ा और अतिरिक्त भुगतान पर सहमति अधिक महत्वपूर्ण हो गई। नई निविदा में भी यह तय करना होगा कि आगे होने वाले बदलावों की कीमत कैसे तय होगी और उनका भुगतान कौन करेगा।
निर्माताओं ने अक्टूबर की समयसीमा को चुनौती दी
डेयवू और डूसान के निर्माण संघ का कहना है कि KHNP ने 7 अक्टूबर को प्रस्तावित उप-अनुबंध की शर्तें बदल दीं और बातचीत खत्म होने से पहले संशोधित शर्तों की समीक्षा के लिए केवल करीब तीन सप्ताह दिए। संघ ने 31 दिसंबर तक समय बढ़ाने की मांग की, जिसे KHNP ने ठुकरा दिया।
संघ का कहना है कि उसने जनवरी 2024 में KHNP को दिए गए निर्माण की प्रति-इकाई मूल्य स्वीकार कर लिए थे। उसका यह भी कहना है कि उसने 29 अक्टूबर तक ऐसा कम कीमत वाला प्रस्ताव दिया था, जिसमें उसे खुद नुकसान उठाना पड़ता, लेकिन इसके बावजूद आगे की बातचीत का मौका नहीं मिला।
अपने बयान में निर्माण संघ ने KHNP के फैसले का विरोध किया और बातचीत फिर शुरू करने की मांग की:
बातचीत की अवधि बढ़ाए बिना वार्ता विफल होने की एकतरफा घोषणा पर हमें खेद है और हम इसे स्वीकार नहीं कर सकते।
निर्माताओं ने यह भी आरोप लगाया कि संशोधित शर्तें स्वीकार किए बिना आगे बातचीत से इनकार करके KHNP ने सद्भावना के सिद्धांत का उल्लंघन किया। उनकी आपत्ति मसौदा अनुबंध में वित्तीय जोखिम और उसकी समीक्षा के लिए दिए गए समय, दोनों से जुड़ी है।
KHNP का कहना है कि बातचीत खत्म करना क्यों जरूरी था
EDU II ने परियोजना की समयसारिणी बचाने के लिए मूल रूप से सितंबर के अंत तक निर्माण अनुबंध करने का अनुरोध किया था। KHNP का कहना है कि उसने अक्टूबर में तीसरी द्विपक्षीय डिलिवरी स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में कोरियाई और चेक सरकारों को सूचित किया था कि अगर उस महीने के अंत तक समझौता नहीं हुआ तो वह बातचीत खत्म कर देगी।
KHNP ने अपने फैसले को समझौते के लिए कई रास्ते विफल होने के बाद उठाया गया सामान्य व्यावसायिक कदम बताया। वार्ता विफल होने पर कंपनी ने अपनी सफाई में कहा:
KHNP और ठेकेदार ने कार्य-स्तर की बातचीत, विवाद समन्वय समिति और प्रबंधन-स्तर की वार्ताओं के जरिए सौहार्दपूर्ण समझौते पर पहुंचने की कोशिश की, लेकिन अंतिम समझौता नहीं हो सका।
KHNP ने यह आरोप भी लगाया कि निर्माताओं ने रिएक्टर के आंतरिक पुर्जों और टर्बाइन जनरेटरों की स्थापना का काम करने से इनकार किया, जबकि उसके मुताबिक ये निर्माण की बुनियादी जिम्मेदारियां हैं। इस मतभेद के कारण काम का दायरा भी उन मुद्दों में शामिल हो गया है जिन्हें नए अनुबंध में कीमत और जोखिम के बंटवारे के साथ सुलझाना होगा।
उद्योग मंत्री किम जंग-क्वान ने कहा कि वह KHNP के फैसले का सम्मान करते हैं और चेक गणराज्य में सफल निर्माण के लिए सरकार के समर्थन का वादा किया। KHNP का कहना है कि वह मूल समयसारिणी बनाए रखने के लिए कोरियाई सरकार, EDU II और साझेदार कंपनियों के साथ समन्वय करेगी।
मुख्य अनुबंध से पहले शुरू हुआ कीमत का विवाद
अप्रैल 2024 में KHNP ने अपनी अंतिम बोली दी, तब तक निर्माण की कीमत तय नहीं हुई थी। उस समय KHNP ने निर्माताओं के साथ अनुबंध की रकम और शर्तों पर सहमति किए बिना आंतरिक गणना के आधार पर कीमत तय की थी। इसलिए यह विवाद 4 जून 2025 को EDU II के साथ हुए मुख्य समझौते से पहले का है।
बाद की बातचीत में KHNP ने कथित तौर पर निर्माण शुल्क में 1 ट्रिलियन वॉन से अधिक की कमी करने की मांग की, जो मूल बोली से 10% से अधिक कम थी। संघ का कहना है कि उसने पहले ही ऐसी कटौती की पेशकश की थी जिससे उसे नुकसान होता। KHNP ने इस आरोप को खारिज किया कि जरूरत से ज्यादा सस्ता मुख्य अनुबंध उसे निर्माताओं पर दबाव डालने के लिए मजबूर कर रहा था।
अपने रुख के समर्थन में KHNP ने डुकोवनी की इकाइयों 5 और 6 के लगभग 27 ट्रिलियन वॉन के मूल्य की तुलना पिछली परियोजनाओं से की। उसने कहा कि यह बराकाह की दो इकाइयों के मूल्य का 2.62 गुना है, या महंगाई के हिसाब से समायोजन के बाद 1.68 गुना, और दक्षिण कोरिया की शिन हनुल इकाइयों 3 और 4 के मूल्य का 2.4 गुना है।
ये आंकड़े परियोजना अनुबंधों के मूल्यों की KHNP की ओर से दी गई तुलना हैं। बातचीत की तात्कालिक चुनौती यह है कि डुकोवनी के बजट में से कितना निर्माण पर खर्च किया जा सकता है और भविष्य में होने वाले बदलावों का वित्तपोषण कैसे होगा।
KHNP ने वेस्टिंगहाउस के साथ अपनी बौद्धिक संपदा संबंधी समझौते से जुड़े भुगतान पर भी सफाई दी। कंपनी ने कहा कि मौजूदा परियोजना बजट के भीतर धन का पुनर्वितरण करके इन भुगतानों को पूरा किया जाएगा। उसने इस सुझाव को खारिज किया कि निर्माण शुल्क घटाने का दबाव इन्हीं भुगतानों के कारण है।
कौन से अनुबंध जारी रहेंगे?
चेक बिजली कंपनी CEZ की सहायक कंपनी EDU II, मुख्य अनुबंध के तहत KHNP की ग्राहक बनी रहेगी। KHNP कई विशेषज्ञ कंपनियों के जरिए परियोजना पूरी करने की जिम्मेदारी निभा रही है। संयंत्र के हर हिस्से का डिजाइन, निर्माण, स्थापना और संचालन की तैयारी एक ही कंपनी नहीं कर रही।
KEPCO इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन ने व्यापक डिजाइन सेवाओं का समझौता किया है। डूसान एनर्जीबिलिटी ने रिएक्टर और टर्बाइन जनरेटर उपकरणों की आपूर्ति के अनुबंध किए हैं। डेयवू और डूसान के निर्माण संघ के साथ बातचीत खत्म होने के बावजूद उपकरण आपूर्ति के ये समझौते जारी रहेंगे।
KHNP ईंधन आपूर्ति के लिए KEPCO न्यूक्लियर फ्यूल और कमीशनिंग तथा रखरखाव सेवाओं के लिए KEPCO KPS के साथ भी बातचीत कर रही है। इन समझौतों पर 2027 में हस्ताक्षर करने का लक्ष्य है। कमीशनिंग में संयंत्र और उसकी प्रणालियों का सामान्य संचालन से पहले निरीक्षण और परीक्षण किया जाता है।
जिम्मेदारियों का यह बंटवारा बताता है कि निर्माण संघ को बदलने से परियोजना का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित होगा, जबकि बाकी काम जारी रहेगा। इससे समन्वय की जरूरत भी बढ़ेगी: नए निर्माता को उन डिजाइन और उपकरणों के साथ काम करना होगा जिनकी आपूर्ति पहले से मौजूद समझौतों के तहत की जा रही है।
नए निर्माता का चयन कैसे होगा
KHNP दक्षिण कोरिया के राष्ट्रीय अनुबंध कानून के तहत खुली प्रतिस्पर्धी निविदा तैयार कर रही है। लक्ष्य जुलाई 2027 तक नए निर्माण समझौते पर हस्ताक्षर करना है। संभावित उम्मीदवारों में दक्षिण कोरिया की अन्य बड़ी निर्माण कंपनियां और यूरोपीय कंपनियां शामिल हो सकती हैं। अभी किसी नए निर्माता का चयन नहीं हुआ है।
नई निविदा में उन्हीं कठिन मुद्दों का समाधान करना होगा जिनकी वजह से पिछली बातचीत खत्म हुई: निर्माण की कीमत, डिजाइन में बदलाव की जिम्मेदारी, अतिरिक्त मात्रा के लिए भुगतान और स्थापना कार्य का सटीक दायरा। KHNP को ये व्यवस्थाएं EDU II के प्रति अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों के भीतर तय करनी होंगी।
इस बीच, KHNP जरूरी शुरुआती काम खुद करने या अलग से ठेके पर देने की योजना बना रही है। इसमें परमिट से जुड़ा काम, सहायक सुविधाओं के डिजाइन और भारी उपकरणों को स्थल तक पहुंचाने के रास्ते शामिल हैं।
इन कामों को जारी रखना इसलिए जरूरी है क्योंकि परमाणु संयंत्र के लिए सिर्फ रिएक्टर भवन पर्याप्त नहीं होता। बड़े पुर्जों को स्थल तक पहुंचाना होता है, सहायक सुविधाओं के डिजाइन बनाने होते हैं और परमिट के आवेदनों के लिए तकनीकी तैयारी करनी पड़ती है। KHNP की योजना मुख्य निर्माता की निविदा जारी रहने के दौरान इस तरह के काम आगे बढ़ाने की है।
परियोजना की समयसीमा के अहम पड़ाव
डुकोवनी के अनुबंधों का इतिहास मौजूदा विवाद से कई साल पहले शुरू हुआ था। डेयवू और डूसान का कहना है कि वे 2018 में निर्माण साझेदार के तौर पर टीम कोरिया में शामिल हुए थे। कोरियाई टीम ने 2022 में चेक निविदा में हिस्सा लिया और जुलाई 2024 में चेक सरकार ने KHNP को अपना पसंदीदा बोलीदाता घोषित किया।
अगले चरणों के लिए नए साझेदार की नियुक्ति और स्थल तैयारियों की शुरुआत के बीच सीमित समय है। प्रमुख पड़ाव इस प्रकार हैं:
- 4 जून 2025: KHNP ने EDU II के साथ मुख्य अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।
- 7 अक्टूबर 2026: निर्माताओं के अनुसार KHNP ने उप-अनुबंध की संशोधित शर्तें पेश कीं।
- 29 अक्टूबर 2026: KHNP ने निर्माण अनुबंध पर बातचीत खत्म करने की घोषणा की।
- जुलाई 2027: KHNP का लक्ष्य नए निर्माता के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करना है।
- जनवरी 2028: स्थल की तैयारियां शुरू करने की योजना है।
- 2029: मूल समयसारिणी में निर्माण परमिट का लक्ष्य है और नवंबर में निर्माण शुरू करने की योजना है।
- 2036 के अंत में: पहली नई इकाई की कमीशनिंग तय है।
जुलाई 2027 में समझौता होने पर स्थल की प्रस्तावित तैयारियां शुरू होने से पहले लगभग छह महीने मिलेंगे। शुरुआती काम जारी रहने के दौरान नए निर्माता को अपनी टीम गठित करनी होगी, जिम्मेदारियों की समीक्षा करनी होगी और डिजाइन तथा उपकरण आपूर्तिकर्ताओं के साथ समन्वय करना होगा।
KHNP ने मूल समयसारिणी बचाए रखने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, नए निर्माता का चयन करने के लिए निविदा प्रक्रिया और निर्माण की जिम्मेदारियां हस्तांतरित करना होगा, जबकि परियोजना अगले चरणों की तैयारी पहले ही कर रही है।
आठ साल की साझेदारी का मुश्किल अंत
डेयवू और डूसान की 2018 से परियोजना में भागीदारी का मतलब है कि बदलाव केवल अनुबंध में एक नाम बदलने तक सीमित नहीं है। संघ का कहना है कि उसने स्थानीय संपर्क विकसित करने, चेक गणराज्य में प्रचार प्रयासों और मुख्य समझौता हासिल करने में योगदान दिया। बताया जाता है कि प्रस्तावित निर्माण कार्य में डेयवू की हिस्सेदारी 55% और डूसान की 45% थी।
सहयोग समझौता खत्म करने पर पहले से किए गए खर्च का निपटारा करना पड़ सकता है। इस प्रक्रिया के दौरान संभावित निषेधाज्ञा आवेदन और अन्य कानूनी विवादों को जोखिम के तौर पर उठाया गया है। विवादपूर्ण अलगाव के कारण KHNP को नए निर्माता की निविदा तैयार करते समय अतिरिक्त काम करना पड़ सकता है।
बराकाह समझौते के बाद 2009 से यह दक्षिण कोरिया का पहला बड़ा परमाणु संयंत्र निर्यात है। इसलिए डुकोवनी का महत्व दो रिएक्टरों से कहीं आगे है: यह कोरियाई कंपनियों के लिए यूरोप में परमाणु परियोजना पूरी करने का बड़ा अवसर है।
EDU II के लिए व्यावहारिक प्राथमिकता ऐसी निर्माण टीम है जो सहमत बजट के भीतर काम कर सके, जरूरी मंजूरियां हासिल करे और समयसारिणी पूरी करे। KHNP और नए संभावित निर्माताओं के लिए मुख्य काम ऐसा अनुबंध करना है जिसमें डिजाइन, मात्रा या लागत बदलने पर हर पक्ष की जिम्मेदारी स्पष्ट हो। बातचीत विफल होने से पता चलता है कि निर्माण पैकेज तैयार होने से पहले अभी कई मुद्दे सुलझाने बाकी हैं।
मुख्य बातें
- KHNP ने कीमत, काम के दायरे और भविष्य में लागत बढ़ने को लेकर मतभेदों के बाद 29 अक्टूबर 2026 को डेयवू E&C और डूसान एनर्जीबिलिटी के साथ निर्माण वार्ता खत्म की।
- डुकोवनी परियोजना में दो APR1000 रिएक्टर हैं, जिनमें से प्रत्येक की क्षमता 1,000 मेगावाट है। मुख्य अनुबंध का मूल्य करीब 407 अरब चेक कोरुना है।
- निर्माताओं का कहना है कि संशोधित शर्तें 7 अक्टूबर को आईं और 31 दिसंबर तक बातचीत जारी रखने का उनका अनुरोध ठुकरा दिया गया।
- KHNP का लक्ष्य जुलाई 2027 तक नए निर्माण समझौते पर हस्ताक्षर करना है। इस बीच जरूरी शुरुआती काम आगे बढ़ाने की योजना है।
- डूसान की उपकरण आपूर्ति की भूमिका समेत डिजाइन और उपकरणों के अनुबंध बरकरार हैं। ईंधन और सेवा संबंधी समझौतों पर 2027 में हस्ताक्षर का लक्ष्य है।
- स्थल की तैयारियां जनवरी 2028 में शुरू करने की योजना है और पहली नई इकाई की कमीशनिंग 2036 के अंत में तय है।






