फुटबॉल स्टार की माफ़ी से लीग पर संकट
रियल मैड्रिड के फॉरवर्ड किलियन म्बाप्पे ने मंगलवार को माफ़ी मांगी। इससे पहले डोंगपेंग बेवरेज, डेयरी उत्पादक मेंगनियू और चीज़ निर्माता मिल्कग्राउंड ने माओ ज़ेडोंग का कथित रूप से ज़िक्र करने वाले एक वीडियो को लेकर उनके साथ साझेदारी खत्म कर दी थी। चाइना मीडिया ग्रुप ने कहा कि उसने सोमवार को ला लीगा मैचों का प्रसारण निलंबित करने का फैसला किया है। इससे एक खिलाड़ी के व्यावसायिक अनुबंधों से जुड़े नतीजे स्पेनिश लीग तक पहुंच गए।
विषय-सूची
- फुटबॉल स्टार की माफ़ी से लीग पर संकट
- वायरल वीडियो में क्या दिखता है
- विवाद कैसे फैला
- प्रायोजकों ने इतनी जल्दी कदम क्यों उठाया
- माओ आज भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्यों हैं
- प्रशंसकों में गुस्सा और जानकारी को लेकर सवाल
- ला लीगा व्यापक रिश्ते बचाने की कोशिश में
- पिछले विवादों में एक खिलाड़ी से आगे तक पहुंचा असर
- मुख्य बातें
चीनी सरकारी टेलीविजन नेटवर्क सीसीटीवी की निगरानी करने वाले प्रसारक ने रियल मैड्रिड से भी माफ़ी मांगने की मांग की। उसने ला लीगा, रियल मैड्रिड और म्बाप्पे की सार्वजनिक माफ़ी को आगे की चर्चा के लिए "बुनियादी शर्त" बताया। इससे क्लब पर ऐसी मांग का दबाव आ गया जिसे म्बाप्पे और ला लीगा के बयानों ने पूरा नहीं किया था।
अपने शुरुआती ऐलान में चाइना मीडिया ग्रुप ने चीन के बारे में म्बाप्पे की टिप्पणी को "गंभीर रूप से गलत" बताया और कहा कि निलंबन में ला लीगा के मैच, म्बाप्पे की भागीदारी वाले सभी मैच और उनका समर्थन करने वाले विज्ञापन शामिल हैं। प्रसारक के प्रमुख ने ला लीगा अध्यक्ष जेवियर तेबास को पत्र लिखकर रियल मैड्रिड और म्बाप्पे से जल्द और सच्ची सार्वजनिक माफ़ी जारी करने, घटना के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने और चाइना मीडिया ग्रुप को लिखित माफ़ी देने की अपील भी की।
फ्रांस की राष्ट्रीय टीम के कप्तान म्बाप्पे ने फ्रेंच, चीनी और अंग्रेज़ी में माफ़ी जारी की। उन्होंने माना कि अपनी एक तस्वीर पर उनकी प्रतिक्रिया से चीन और अन्य जगहों के चीनी समुदायों के लोग आहत हुए।
म्बाप्पे ने अपने बयान में कहा:
मेरी टिप्पणी गलत सोच के साथ की गई थी। अब मैं समझता हूं कि इससे चीन और दुनिया भर के चीनी समुदायों के कई लोगों को ठेस पहुंची। मेरे शब्दों से जिन लोगों को तकलीफ़ हुई, उन सभी से मैं माफ़ी मांगता हूं।
व्यावसायिक प्रतिक्रिया विज्ञापन सौदों तक सीमित नहीं रही। शियाओहोंगशु ने कहा कि म्बाप्पे के साथ उसका अनुबंध खत्म हो गया है, जबकि चीनी सोशल प्लेटफॉर्म पर उनके खाते, जिसे दस लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं, पर सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन का हवाला देते हुए निलंबन का नोटिस दिखा।
चीनी फुटबॉल प्रशंसकों के लिए सबसे तात्कालिक असर 20 क्लबों वाली लीग के टेलीविजन प्रसारण में रुकावट है। रियल मैड्रिड भी उन्हीं क्लबों में से एक है। ऐसे में उसके फॉरवर्ड से जुड़ा विवाद उन टीमों के मैच देखने की सुविधा को भी प्रभावित करता है, जिनके खिलाड़ियों का उस टिप्पणी से कोई लेना-देना नहीं था।
वायरल वीडियो में क्या दिखता है
क्लिप में म्बाप्पे इंटरनेट मीम, तस्वीरों या वीडियो के बारे में बात करते दिखते हैं, जिन्हें लोग नकल करके और बदलकर मज़ाक बनाते हैं। अपने पसंदीदा मीम के बारे में पूछे जाने पर वह बताते हैं कि उनकी शक्ल किसी दूसरे व्यक्ति की तस्वीर पर लगा दी जाती है और उस व्यक्ति को चीनी तानाशाह कहते हैं।
इसके बाद म्बाप्पे के चेहरे के साथ माओ की कथित तस्वीर दिखाई देती है। वायरल क्लिप में म्बाप्पे माओ का नाम नहीं लेते। वह यह भी कहते हैं कि वह और उनके दोस्त इस मीम का इस्तेमाल करते हैं।
बताया गया है कि यह बातचीत द ब्रिज नाम के फ्रेंच ऑनलाइन टॉक शो की है, जिसे रियल मैड्रिड के उनके साथी खिलाड़ी ऑरेलियान तचुआमेनी होस्ट करते हैं। कार्यक्रम के यूट्यूब चैनल पर इसका मूल वीडियो नहीं मिला और वायरल वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से तत्काल पुष्टि नहीं हो सकी। इसका पहली बार प्रसारण कब हुआ, यह भी स्पष्ट नहीं है: इसे पिछले वसंत का इंटरव्यू बताया गया है, जबकि म्बाप्पे की माफ़ी में इसे हालिया कहा गया है।
यह मज़ाक मीमों की उस व्यापक कड़ी का हिस्सा है जिसमें फुटबॉल में अपने प्रभाव के कारण म्बाप्पे को सत्तावादी शासक के रूप में दिखाया जाता है। इन तुलनाओं में केवल माओ ही नहीं, बल्कि कई ऐतिहासिक हस्तियां शामिल रही हैं।
सितंबर में एक इंटरव्यू में म्बाप्पे ने ऐसी ही तस्वीरों पर बात की थी। उन्होंने माना कि उनका मकसद हास्य पैदा करना था, लेकिन दुख और पीड़ा के लिए जिम्मेदार लोगों से अपनी तुलना पर असहजता भी जताई। उनकी पिछली टिप्पणियों से पता चलता है कि मौजूदा आलोचना से पहले ही वे इन चुटकुलों के ऐतिहासिक मायने पर सार्वजनिक रूप से विचार कर चुके थे।
विवाद कैसे फैला
सोमवार को क्लिप वायरल हुई और चाइना मीडिया ग्रुप ने ला लीगा के प्रसारण निलंबित करने का फैसला किया। मंगलवार तक प्रतिक्रिया में कंपनियों का साझेदारी खत्म करना, माफ़ियां और चीन के विदेश मंत्रालय का बयान शामिल हो गया।
मुख्य घटनाक्रम इस क्रम में सामने आए:
- सितंबर में म्बाप्पे ने तानाशाहों से उनकी तुलना करने वाले पुराने मीमों पर बात की और कहा कि उनके ऐतिहासिक संदर्भों के कारण कुछ मीम कम मज़ेदार लगते हैं।
- सोमवार को वीडियो चीनी सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से फैला। चाइना मीडिया ग्रुप ने कहा कि उसने उसी दिन ला लीगा के प्रसारण निलंबित करने का फैसला किया।
- मंगलवार को डोंगपेंग, मेंगनियू और मिल्कग्राउंड ने म्बाप्पे के साथ अपने संबंध खत्म करने की घोषणा की।
- ला लीगा ने खेद जताया और म्बाप्पे ने तीन भाषाओं में माफ़ी प्रकाशित की।
- चाइना मीडिया ग्रुप ने आगे की चर्चा से पहले रियल मैड्रिड से माफ़ी की मांग की।
विवाद के अगले चरण के लिए समय का यह क्रम अहम है। प्रसारक ने माफ़ियों से पहले निलंबन का फैसला लिया और बाद में भी क्लब से जवाब मांगने का दबाव बनाए रखा। प्रसारण फिर कब शुरू होगा, इसकी कोई तारीख नहीं दी गई।
प्रायोजकों ने इतनी जल्दी कदम क्यों उठाया
डोंगपेंग, मेंगनियू और मिल्कग्राउंड ऐसे बाज़ार में उपभोक्ता उत्पाद बेचते हैं जहां किसी मशहूर हस्ती की छवि दुकानों, विज्ञापनों और ऑनलाइन प्रचार में बार-बार दिख सकती है। उनकी घोषणाओं ने म्बाप्पे की सार्वजनिक आलोचना को इस बारे में तत्काल फैसलों में बदल दिया कि उनके ब्रांडों का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।
डोंगपेंग ने कहा कि वह फ्रांस के कप्तान के साथ सभी सहयोग खत्म कर रही है। पेय कंपनी ने एक बयान में अपना रुख स्पष्ट किया:
हमारी कंपनी राष्ट्रीय भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी व्यवहार का दृढ़ता से विरोध करती है और इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती।
मेंगनियू ने भी कहा कि वह चीनी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों और कृत्यों का विरोध करती है। कंपनियों की घोषणाओं में विवादित टिप्पणी का स्पष्ट उल्लेख नहीं था, लेकिन उनके फैसले उसके तेज़ी से फैलने के बाद आए।
विश्व कप के विज्ञापनों में डोंगपेंग ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से बनाई गई ऐसी तस्वीरों का इस्तेमाल किया था जिनमें म्बाप्पे उसका पेय पीते दिखते हैं। चीनी सोशल मीडिया पर लोगों ने कंपनी से बोतलों पर उनकी तस्वीर हटाने की मांग भी की। इससे पता चलता है कि विवाद उन उत्पादों तक पहुंच गया जिनसे ग्राहक फुटबॉल से इतर भी रूबरू होते हैं।
शियाओहोंगशु की प्रतिक्रिया में दो अलग घटनाक्रम शामिल थे: प्लेटफॉर्म ने कहा कि म्बाप्पे के साथ उसका अनुबंध खत्म हो गया है और सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर उनका खाता निलंबित कर दिया गया है। 2024 में प्लेटफॉर्म के एक व्यापक रूप से प्रसारित विज्ञापन में वे दिखाई दिए थे।
कंपनियों ने खत्म की गई साझेदारियों का मूल्य नहीं बताया। फिर भी उनके फैसलों से चीन में म्बाप्पे की व्यावसायिक मौजूदगी के कई रास्ते बंद हो गए हैं, जिनमें डेयरी और पेय पदार्थों के विज्ञापन से लेकर दस लाख से अधिक फॉलोअर वाला सोशल मीडिया खाता शामिल है।
माओ आज भी राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्यों हैं
माओ ने 1949 में चीन जनवादी गणराज्य की स्थापना की और 1976 में अपनी मृत्यु तक देश के सबसे प्रभावशाली नेता बने रहे। चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी देश के इतिहास में उन्हें केंद्रीय स्थान देती है और 100 युआन के नोट पर उनका चित्र है।
उनके शासन में ऐसी नीतियां भी रहीं जिनसे भारी मानवीय पीड़ा हुई। कृषि और उद्योग में तेज़ी से बदलाव लाने के मकसद से शुरू किए गए अभियान ग्रेट लीप फॉरवर्ड ने अकाल को बढ़ावा दिया। इतिहासकारों का अनुमान है कि इस अकाल में करोड़ों लोगों की जान गई। सांस्कृतिक क्रांति के दौरान राजनीतिक उत्पीड़न, हिंसा और सामाजिक उथल-पुथल हुई।
कम्युनिस्ट पार्टी ने माओ के शासनकाल की गलतियों को स्वीकार किया है, लेकिन साथ ही कहा है कि उनकी उपलब्धियां उन गलतियों से बढ़कर थीं। यह आधिकारिक रुख समझाता है कि उनकी छवि पर किया गया मज़ाक राष्ट्रीय पहचान से जुड़े राजनीतिक विवाद में कैसे बदल सकता है, बजाय इसके कि वह सिर्फ एक फुटबॉलर के हास्यबोध की चर्चा बना रहे।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसे विवाद की जानकारी है और चेतावनी दी कि चीनी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों और कृत्यों का समाज भर में विरोध होगा। अलग-अलग खबरों में मंत्रालय के प्रवक्ता का नाम अलग बताया गया: कुछ में गुओ जियाकुन और एक अन्य में लिन जियान। हालांकि मंत्रालय की आपत्ति एक जैसी थी।
प्रशंसकों में गुस्सा और जानकारी को लेकर सवाल
म्बाप्पे के साथ साझेदारी खत्म करने के डोंगपेंग के फैसले से जुड़ा वीबो का प्रमुख विषय 43 करोड़ बार देखा गया। 27 तारीख की दोपहर के एक रिपोर्टेड आंकड़े में प्लेटफॉर्म की दस प्रमुख खोजों में से पांच खिलाड़ी से जुड़ी थीं। इससे पता चलता है कि चर्चा पर विवाद का कितना व्यापक असर रहा।
किसी विषय को देखे जाने की संख्या में बार-बार की गई विज़िट भी शामिल होती हैं; यह अलग-अलग लोगों की संख्या नहीं बताती। आंकड़े विवाद के फैलाव का पैमाना दिखाते हैं, जबकि टिप्पणियों में गुस्सा, बहिष्कार की मांग और म्बाप्पे ने असल में क्या कहा, इस पर सवालों का मिश्रण दिखता है।
कुछ पोस्टों में मीम छिपा दिया गया या चीनी तानाशाह का ज़िक्र करने वाला वाक्य ढक दिया गया, क्योंकि उपयोगकर्ताओं ने उन हिस्सों को आपत्तिजनक माना। अन्य लोगों ने आलोचना के बीच सटीक शब्द जानने चाहे। कुछ ने म्बाप्पे का बचाव भी किया, हालांकि प्रमुख प्रतिक्रियाओं में उनकी टिप्पणियों को अपमानजनक बताया गया।
बीजिंग के एक शॉपिंग मॉल में काम करने वाले 30 वर्षीय झांग जिंगची ने बताया कि इस विवाद ने खिलाड़ी के प्रति उनकी राय कैसे बदल दी:
मुझे पिच पर म्बाप्पे को खेलते देखना बहुत पसंद था।
झांग ने कहा कि खबर सामने आने के बाद उनकी प्रशंसा कम हो गई। उनकी प्रतिक्रिया विवाद के व्यक्तिगत पहलू को दिखाती है: अपने खेल के लिए सराहे जाने वाले फुटबॉलर को कुछ समर्थकों की नजर में अपमान से जोड़ दिया गया।
खेल उद्योग के लेखक मार्क ड्रेयर ने व्यापक व्यावसायिक दबाव का ज़िक्र किया, जिसमें सार्वजनिक आक्रोश ब्रांडों को अपने हितों की रक्षा के लिए कदम उठाने को प्रेरित करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी घटनाओं से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और मशहूर हस्तियां चीन के साथ जुड़ने को लेकर अधिक सतर्क हो सकते हैं।
ला लीगा व्यापक रिश्ते बचाने की कोशिश में
ला लीगा ने चीनी प्रशंसकों को पहुंची ठेस पर माफ़ी मांगी, लेकिन खिलाड़ी की टिप्पणियों और लीग के रुख को अलग रखा। उसके बयान में कहा गया:
ये टिप्पणियां व्यक्तिगत हैसियत से की गई थीं और ला लीगा का प्रतिनिधित्व नहीं करतीं।
लीग अध्यक्ष जेवियर तेबास ने कहा कि ला लीगा स्थिति से उबरने के लिए चीनी साझेदारों के साथ काम कर रही है। उनकी प्रतिक्रिया ने दिखाया कि जब कोई प्रसारक एक खिलाड़ी की वजह से पूरी प्रतियोगिता का प्रसारण रोकता है, तो उसका असर कितना व्यापक हो सकता है।
चाइना मीडिया ग्रुप ने कहा कि तेबास ने मंगलवार दोपहर उसके पत्र का जवाब दिया। उन्होंने म्बाप्पे के व्यवहार की निंदा की और पहुंची ठेस पर माफ़ी मांगी। उन्होंने कहा कि ला लीगा उचित कदम उठाएगी, स्थिति को पूरी गंभीरता से संभालेगी और प्रसारक को जानकारी देती रहेगी। जवाब में चाइना मीडिया ग्रुप ने कहा कि ला लीगा, रियल मैड्रिड और खास तौर पर म्बाप्पे को जल्द से जल्द सार्वजनिक रूप से माफ़ी मांगनी चाहिए। उसने साफ किया कि इन माफ़ियों से पहले कोई बातचीत नहीं हो सकती।
चाइना मीडिया ग्रुप की घोषणा ने निलंबन को सीधे तौर पर संस्थागत आधार दिया। इससे पहले सीसीटीवी के कर्मचारियों के हवाले से जानकारी सामने आई थी, जबकि आने वाले सप्ताहांत के ला लीगा मैच प्रसारक की ऑनलाइन सूची में अब भी दिख रहे थे। इस तरह प्रकाशित सूची घोषित फैसले से मेल नहीं खा रही थी।
प्रसारक के कर्मचारियों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सीसीटीवी से म्बाप्पे से जुड़े विज्ञापन भी हटा दिए गए। उनकी व्यावसायिक मौजूदगी और लीग के प्रसारण की उपलब्धता, दोनों एक ही समय प्रभावित हो रहे थे।
अब रियल मैड्रिड विवाद के केंद्र में है, क्योंकि चाइना मीडिया ग्रुप ने स्पष्ट रूप से क्लब से माफ़ी मांगी है। म्बाप्पे अपने शब्दों पर सफाई दे सकते हैं और ला लीगा प्रतियोगिता की ओर से बोल सकती है, लेकिन प्रसारक ने उनके नियोक्ता से भी जवाब मांगा है।
पिछले विवादों में एक खिलाड़ी से आगे तक पहुंचा असर
अक्टूबर 2019 में ह्यूस्टन रॉकेट्स के अधिकारी डैरिल मोरे ने हांगकांग के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में "आजादी के लिए लड़ो, हांगकांग के साथ खड़े रहो" संदेश पोस्ट किया था। चीन ने एनबीए से जुड़ी प्रायोजन व्यवस्थाएं निलंबित कर दीं और सीसीटीवी ने एक साल तक उसके मैच दिखाना बंद कर दिया।
यह घटना मौजूदा विवाद से तुलना का ठोस उदाहरण है। एक टीम से जुड़े व्यक्ति ने बयान दिया, लेकिन उसके व्यावसायिक और प्रसारण संबंधी नतीजे कहीं बड़े खेल संगठन तक पहुंचे। म्बाप्पे के मामले में भी प्रसारण निलंबन पूरे ला लीगा पर लागू है।
एनबीए के पूर्व खिलाड़ी ड्वाइट हॉवर्ड की 2023 में आलोचना हुई थी, जब उन्होंने लाई चिंग-ते के साथ एक वीडियो में ताइवान को देश कहा था। लाई उस समय द्वीप के उपराष्ट्रपति थे और अब राष्ट्रपति हैं। बीजिंग ताइवान को अपना क्षेत्र बताता है। इस विवाद ने दिखाया कि किसी खिलाड़ी की टिप्पणी उन राजनीतिक रुखों से कैसे टकरा सकती है जिन्हें चीनी अधिकारी बुनियादी महत्व का मानते हैं।
म्बाप्पे के मामले का तात्कालिक विषय अलग है: माओ से जुड़ा कथित मीम। लेकिन व्यावहारिक दबाव जाने-पहचाने हैं: प्रायोजक साझेदारियों पर फिर से विचार करते हैं, ऑनलाइन आलोचना फैलती है और खेल संगठन चीनी दर्शकों तथा कारोबारी साझेदारों से रिश्ते बनाए रखने की कोशिश करते हैं।
अब अगला ठोस सवाल यह है कि क्या रियल मैड्रिड प्रसारक की मांग का जवाब देगा और क्या इससे प्रसारण बहाल करने पर चर्चा शुरू होगी। फिलहाल म्बाप्पे माफ़ी मांग चुके हैं, तीन बड़े उपभोक्ता ब्रांडों ने उनसे नाता तोड़ लिया है और चीनी दर्शकों को टेलीविजन प्रसारण के ऐसे निलंबन का सामना करना पड़ रहा है जिसका असर एक खिलाड़ी के मैचों से कहीं आगे तक है।
मुख्य बातें
- माओ ज़ेडोंग का कथित रूप से ज़िक्र करने वाले वीडियो को लेकर म्बाप्पे ने फ्रेंच, चीनी और अंग्रेज़ी में माफ़ी मांगी।
- डोंगपेंग बेवरेज, मेंगनियू और मिल्कग्राउंड ने उनके साथ साझेदारी खत्म कर दी।
- चाइना मीडिया ग्रुप ने कहा कि उसने माफ़ियों से पहले सोमवार को ला लीगा के प्रसारण, म्बाप्पे की भागीदारी वाले सभी मैच और उनका समर्थन करने वाले विज्ञापन निलंबित करने का फैसला किया।
- प्रसारक ने बातचीत के लिए "बुनियादी शर्त" के तौर पर ला लीगा, रियल मैड्रिड और म्बाप्पे से जल्द सार्वजनिक माफ़ी मांगी। उसने क्लब और खिलाड़ी से घटना के नकारात्मक प्रभाव को दूर करने और लिखित माफ़ी देने को भी कहा।
- म्बाप्पे का शियाओहोंगशु खाता, जिसे दस लाख से अधिक लोग फॉलो करते हैं, सामुदायिक दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर निलंबित कर दिया गया।
- मूल इंटरव्यू के प्रसारण की तारीख अब भी स्पष्ट नहीं है और ला लीगा का प्रसारण दोबारा शुरू होने की तारीख घोषित नहीं की गई।






