उड़ान बाधित होने से फंसे कामगारों को राहत
प्रवासी कल्याण और विदेश रोजगार मंत्री आरिफुल हक चौधरी ने 26 अक्टूबर 2026 को कहा कि जिन बांग्लादेशी कामगारों के सऊदी अरब के निवास परमिट की अवधि उड़ान बाधित होने और उनके लौटने में देरी के दौरान समाप्त हो गई है, उन्हें सऊदी अरब में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
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यह आश्वासन 10 से 25 अक्टूबर के बीच 146 सीधी और ट्रांजिट उड़ानों के बाधित होने के बाद आया। इससे 22,231 यात्री प्रभावित हुए। छुट्टी के बाद लौट रहे कामगारों के सामने खास तौर पर तात्कालिक समस्या थी: बांग्लादेश में उड़ान का इंतजार करते समय सऊदी अरब में रहने की उनकी अनुमति की अवधि समाप्त हो सकती थी।
आरिफुल हक ने कहा कि प्रभावित कामगारों के यात्रा करने की स्थिति में उनके नाम सऊदी अरब की इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली में अपने आप दर्ज हो जाएंगे और उन्हें प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी। उन्होंने ढाका के न्यू एस्काटन स्थित बिम फाउंडेशन ऑडिटोरियम में आयोजित चर्चा के दौरान यह बात कही। इसमें सऊदी राजदूत अब्दुल्ला इब्न धाफेर इब्न उबैया शामिल हुए।
इकामा विदेशी कामगारों को जारी किया जाने वाला सऊदी निवास परमिट है। इसकी अवधि समाप्त होने से उस व्यक्ति के लिए आव्रजन संबंधी समस्या पैदा हो सकती है, जो उस देश लौटना चाहता है जहां वह रहता और काम करता है। मंत्री का आश्वासन उड़ान बाधित होने से प्रभावित कामगारों के लिए है।
बैठक में विदेश में नौकरी पाने की लागत, वीजा जांच में तेजी, भर्ती एजेंसियों के खिलाफ शिकायतों और कौशल परीक्षा को सरल बनाने के अनुरोधों पर भी चर्चा हुई। राज्य मंत्री मोहम्मद नुरुल हक ने अलग से सऊदी अरब से अनुरोध किया कि वह आगामी रमजान के दौरान जेल में बंद बांग्लादेशियों के लिए विशेष क्षमादान पर विचार करे।
प्रवेश संबंधी आश्वासन में क्या शामिल है
आरिफुल हक ने ऐसी इलेक्ट्रॉनिक प्रक्रिया का जिक्र किया, जिससे प्रभावित कामगारों को यात्रा की स्थिति बनने पर प्रवेश मिल सकेगा। उनका बयान सऊदी अधिकारियों के साथ बातचीत के जरिए आव्रजन संबंधी राहत पाने के लिए बांग्लादेश सरकार के पहले के प्रयासों के बाद आया।
घोषणा में सऊदी अरब की ओर से इसे लागू करने का विस्तृत नोटिस, शुरुआत की तारीख या जरूरी दस्तावेजों की सूची नहीं दी गई। इसलिए कामगारों को अब भी अपनी उड़ान और आव्रजन संबंधी व्यवस्थाओं की पुष्टि एयरलाइन और संबंधित सऊदी अधिकारियों से करनी होगी।
बांग्लादेश नागरिक उड्डयन प्राधिकरण, यानी सीएएबी, पहले ही एयरलाइनों को निर्देश दे चुका था कि वीजा अवधि बढ़ाने या आव्रजन संबंधी अन्य सहायता की जरूरत वाले यात्रियों को सऊदी अधिकारियों, ढाका स्थित सऊदी दूतावास और अन्य संबंधित एजेंसियों से संपर्क करने को कहें।
वीजा और इकामा के उद्देश्य अलग-अलग हैं। वीजा तय शर्तों के तहत यात्रा या प्रवेश की अनुमति देता है, जबकि इकामा सऊदी अरब में रहने की अनुमति दर्ज करता है। कामगारों के फंसे रहने के दौरान दोनों ही तात्कालिक चिंता बन गए थे। इसी वजह से सरकार की पहले की बातचीत वीजा की अवधि बढ़ाने पर केंद्रित थी, जबकि हालिया आश्वासन खास तौर पर उन निवास परमिटों के बारे में था जिनकी अवधि समाप्त हो गई थी।
उड़ान बाधा कैसे बढ़ी
सऊदी हवाई अड्डों, जिनमें रियाद और दम्माम भी शामिल हैं, को प्रभावित करने वाले हूती हमलों के बाद उड़ानें रद्द हुईं और सेवाएं निलंबित की गईं। इससे बांग्लादेश से चलने वाली सीधी उड़ानें और किसी अन्य हवाई अड्डे से ट्रांजिट वाली यात्राएं, दोनों प्रभावित हुईं।
मुख्य आंकड़े में प्रभावित उड़ानों की संख्या 146 बताई गई, जबकि एक अन्य गणना में 144 उड़ानों का जिक्र था। प्रभावित लोगों की संख्या 22,231 थी। इनमें छुट्टी के बाद लौटने की कोशिश कर रहे कामगार भी शामिल थे।
घोषणाओं के क्रम से पता चलता है कि जवाबी कार्रवाई पहले हवाई अड्डों पर तत्काल सहायता से शुरू हुई, फिर आव्रजन संबंधी बातचीत तक पहुंची और उसके बाद मंत्री ने प्रवेश का आश्वासन दिया:
- 10 अक्टूबर: बाधित उड़ानों की गणना में शामिल अवधि शुरू हुई।
- 12 अक्टूबर: सीएएबी ने यात्रियों को सूचना देने, दोबारा बुकिंग, रिफंड, हवाई अड्डे पर सहायता और आव्रजन सहयोग के लिए संबंधित एजेंसियों से संपर्क कराने के निर्देश जारी किए।
- 13 अक्टूबर: राज्य मंत्री नुरुल हक ने कहा कि बांग्लादेश फंसे कामगारों के वीजा की अवधि बढ़ाने के लिए सऊदी अरब से बातचीत कर रहा है।
- 25 अक्टूबर: 146 उड़ानों की गणना में शामिल अवधि समाप्त हुई।
- 26 अक्टूबर: आरिफुल हक ने कहा कि उड़ान बाधा से प्रभावित कामगार इकामा की अवधि समाप्त हो जाने पर भी सऊदी अरब में प्रवेश कर सकेंगे।
नुरुल हक ने 13 अक्टूबर को कहा था कि रियाद में सुरक्षा घटना के बाद बातचीत मुश्किल हो गई है, हालांकि उन्होंने समाधान की उम्मीद जताई। कामगारों के लिए देरी का मतलब था यात्रा को लेकर अनिश्चितता और तय समय पर अपने कार्यस्थलों पर न लौट पाने का जोखिम।
एयरलाइनों को क्या व्यवस्था करने को कहा गया
सीएएबी के 12 अक्टूबर के निर्देश में एयरलाइनों को उड़ान रद्द होने, देरी और समय-सारणी में बदलाव की सूचना यात्रियों को तुरंत देने को कहा गया था। एयरलाइनों को संदेश, फोन कॉल, ईमेल, वेबसाइट, सोशल मीडिया और अन्य उपलब्ध माध्यमों का इस्तेमाल करने को कहा गया, ताकि यात्री रवाना होने से पहले जानकारी पा सकें।
हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के कार्यकारी निदेशक ग्रुप कैप्टन एसएम रागिब सामाद के हस्ताक्षर वाले निर्देश में यह भी बताया गया कि यात्रियों को यात्रा के विकल्पों के बारे में क्या जानकारी देनी चाहिए। सीएएबी ने कहा:
एयरलाइनों को संशोधित प्रस्थान समय, दोबारा बुकिंग की प्रक्रिया, रिफंड और अन्य लागू व्यवस्थाओं के बारे में भी स्पष्ट जानकारी देनी होगी,
यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी गई। एयरलाइनों से उन लोगों की सहायता करने को भी कहा गया जो पहले ही हवाई अड्डे पहुंच चुके थे या टर्मिनल में आ गए थे, लेकिन उन्हें अपनी यात्रा बाधित होने की जानकारी नहीं थी।
जरूरत पड़ने पर सहायता में बैठने की जगह, पीने का पानी, जलपान, भोजन और अन्य जरूरी चीजें शामिल होनी थीं। सीएएबी ने उन यात्रियों पर खास ध्यान देने को कहा जिन्हें हवाई अड्डे पर लंबा इंतजार करना विशेष रूप से कठिन लग सकता है:
बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों, दिव्यांगजनों और अन्य जरूरतमंद यात्रियों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए,
हर एयरलाइन को पर्याप्त कर्मचारियों के सहयोग से एक जिम्मेदार संपर्क अधिकारी नियुक्त करना था, जो हवाई अड्डा अधिकारियों के साथ सूचना और सहायता का समन्वय करे। उनके संपर्क विवरण तुरंत हवाई अड्डे के फ्लाइट मैनेजमेंट विभाग को देने थे और उन्हें उड़ान बाधित रहने की पूरी अवधि में उपलब्ध रहना था।
भर्ती शुल्क पर उठे सवाल
ढाका की बैठक में आरिफुल हक ने भर्ती शुल्क पर सवाल उठाए। विदेश में पहली तनख्वाह मिलने से पहले ही यह शुल्क कामगारों पर भारी कर्ज का बोझ डाल सकता है। उन्होंने कहा कि जहां 300,000 टका में विदेश जाने की व्यवस्था हो सकती है, वहां 700,000 से 800,000 टका वसूलना अनुचित है।
यह अंतर काफी बड़ा है: 700,000 टका, 300,000 टका का लगभग 2.3 गुना है, जबकि 800,000 टका करीब 2.7 गुना। अधिक शुल्क देने वाले कामगार को यात्रा शुरू करने के लिए 400,000 से 500,000 टका अतिरिक्त जुटाने पड़ेंगे।
मंत्री ने चेतावनी दी कि विदेश जाने की अत्यधिक लागत के कारण कामगारों को वर्षों तक कर्ज चुकाना पड़ सकता है। भर्ती खर्च चुकाने के लिए कर्ज लेने वाले कामगार को अपनी भविष्य की कमाई का एक हिस्सा उस कर्ज की अदायगी में लगाना होगा, जिससे घर की जरूरतों के लिए उपलब्ध रकम कम हो जाएगी।
मंत्री ने ये आंकड़े अत्यधिक शुल्क लेने पर सवाल उठाने के लिए दिए थे, न कि शुल्कों की घोषित दर के रूप में। उन्होंने भर्ती एजेंसियों से लागत घटाने और कामगारों से जरूरत से ज्यादा रकम न लेने का आग्रह किया।
नुरुल हक ने भी विदेश जाने की लागत कम करने की मांग की। दोनों मंत्रियों ने भर्ती एजेंसियों को चर्चा के केंद्र में रखा। आरिफुल हक ने कहा कि विदेश में रोजगार के लक्ष्य पूरे करने के लिए सरकार और एजेंसियों के बीच सहयोग जरूरी है।
तेज वीजा जांच और शिकायत दर्ज कराने का माध्यम
आरिफुल हक ने कहा कि काम के लिए विदेश जाने की प्रक्रिया सरल बनाने और वीजा की वैधता की तेजी से जांच करने के लिए जनशक्ति, रोजगार और प्रशिक्षण ब्यूरो, यानी बीएमईटी, आधुनिक तकनीक लागू करने की तैयारी कर रहा है।
वीजा की वैधता की जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि यात्रा दस्तावेज अपनी बताई गई शर्तों के तहत अब भी मान्य है या नहीं। तेजी से जांच होने पर कामगार और उनके आवेदन संभालने वाली एजेंसियां प्रस्थान की प्रक्रिया में समस्याओं का पहले पता लगा सकेंगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि शिकायतों के समाधान में मदद के लिए एक खुली ईमेल सेवा शुरू की जा रही है और उसका प्रचार किया जा रहा है। बीएमईटी में तैयार किए जा रहे प्रशासनिक बदलावों के साथ यह पहल कामगारों को समस्याएं उठाने का एक माध्यम देगी।
आरिफुल हक ने कामगारों से गंतव्य देश के कानूनों और नियमों का पालन करने का आग्रह किया तथा भर्ती एजेंसियों से उन आवश्यकताओं को समझाने में मदद करने को कहा। बैठक का घोषित उद्देश्य सऊदी नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए कुशल कामगारों का विदेश में रोजगार बढ़ाना था।
इस तरह प्रशासनिक एजेंडे में प्रवासन के कई चरण शामिल थे: प्रस्थान से पहले दस्तावेजों की जांच, शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया आसान बनाना और पहुंचने के बाद लागू होने वाली कानूनी आवश्यकताओं के लिए कामगारों को तैयार करना।
एजेंसियों ने कौशल परीक्षा में बदलाव मांगे
भर्ती एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने तकामुल कौशल प्रमाणन प्रक्रिया को सरल बनाने और परीक्षा शुल्क घटाने का अनुरोध किया। कौशल प्रमाणन के जरिए यह जांचा जाता है कि कोई कामगार किसी खास पेशे के लिए जरूरी काम कर सकता है या नहीं।
प्रतिनिधियों ने बीएमईटी में जनशक्ति प्रशासन से जुड़ी समस्याओं के समाधान और भर्ती एजेंसियों की क्षमता तथा प्रभावशीलता बढ़ाने के उपाय भी मांगे। उनके अनुरोधों से रोजगार की व्यवस्था करने में आने वाली परीक्षा लागत और प्रक्रियागत दिक्कतें, मंत्रियों की शुल्क घटाने की मांग के साथ चर्चा में आईं।
दोनों पक्षों की चिंताएं कामगार के कुल खर्च से जुड़ती हैं। मंत्रियों ने एजेंसियों द्वारा कामगारों से वसूली जाने वाली रकम पर ध्यान दिया, जबकि एजेंसी प्रतिनिधियों ने रोजगार की व्यवस्था में शामिल शुल्क और प्रक्रियाओं में बदलाव मांगे।
मंत्रालय के सचिव मोहम्मद मुख्तार अहमद ने चर्चा की अध्यक्षता की। प्रतिभागियों में बीएमईटी के महानिदेशक जमील अहमद, वेज अर्नर्स वेलफेयर बोर्ड के महानिदेशक मोहम्मद असदुज्जमान और बोइसल के प्रबंध निदेशक मोहम्मद राशेदुल हक शामिल थे। इस तरह विदेश में रोजगार से जुड़ी कई संस्थाएं बैठक में मौजूद थीं।
कैदियों की क्षमादान के लिए अलग अपील
नुरुल हक ने सऊदी सरकार से अनुरोध किया कि आगामी रमजान के दौरान विशेष क्षमादान में जेल में बंद बांग्लादेशी नागरिकों को शामिल करने पर विचार करे। उन्होंने यह अनुरोध द्विपक्षीय समस्याओं को संयुक्त चर्चा के जरिए सुलझाने की अपनी अपील के साथ रखा।
यह सऊदी अरब से विचार करने की अपील थी। किसी भी रिहाई का फैसला और क्षमादान के लिए पात्रता की शर्तें सऊदी अरब तय करेगा।
राजदूत अब्दुल्ला इब्न धाफेर इब्न उबैया ने बांग्लादेशियों को सऊदी अरब का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय बताया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के मैत्रीपूर्ण संबंध श्रम क्षेत्र में अधिक सहयोग को बढ़ावा देंगे।
यह रिश्ता तत्काल यात्रा समस्या को एक व्यापक मानवीय संदर्भ देता है। चर्चा में मौजूदा नौकरियों पर लौटने की कोशिश कर रहे कामगार, विदेश जाने की तैयारी कर रहे लोग, भर्ती की व्यवस्था करने वाली एजेंसियां और जेल में बंद अपने परिजनों के लिए क्षमादान की उम्मीद कर रहे परिवार, सभी शामिल थे।
मुख्य बातें
- मंत्री आरिफुल हक चौधरी ने कहा कि उड़ान बाधित होने से फंसे कामगार इकामा की अवधि समाप्त हो जाने पर भी सऊदी अरब में प्रवेश कर सकेंगे।
- मुख्य आंकड़े के अनुसार 10 से 25 अक्टूबर के बीच 146 उड़ानें और 22,231 यात्री प्रभावित हुए; एक अन्य गणना में उड़ानों की संख्या 144 बताई गई।
- सीएएबी ने एयरलाइनों को यात्रियों को जानकारी देने, दोबारा बुकिंग या रिफंड का विकल्प बताने, हवाई अड्डे पर सहायता देने और आव्रजन संबंधी मदद के लिए संबंधित एजेंसियों से संपर्क कराने का निर्देश दिया।
- मंत्री ने 700,000 से 800,000 टका शुल्क पर सवाल उठाया, जबकि विदेश जाने की व्यवस्था 300,000 टका में हो सकती है।
- बीएमईटी वीजा की तेजी से जांच की तैयारी कर रहा है, जबकि शिकायतों के लिए ईमेल सेवा शुरू की जा रही है।
- भर्ती एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने कौशल प्रमाणन को सरल बनाने, परीक्षा शुल्क घटाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में सुधार का अनुरोध किया।
- राज्य मंत्री नुरुल हक ने जेल में बंद बांग्लादेशियों के लिए रमजान के दौरान विशेष क्षमादान का अनुरोध किया।






