EDSA रेलवे के लिए नया ऑपरेटर
फिलीपींस की योजना 2027 के मध्य के आसपास मेट्रो रेल ट्रांजिट लाइन 3 के लिए P103.6 अरब की रियायत देने की है। इसके तहत प्रतिदिन 388,000 से अधिक यात्रियों को ले जाने वाली रेलवे का संचालन, रखरखाव और उन्नयन निजी हाथों में होगा, जबकि किराया तय करने का अधिकार सरकार के पास रहेगा।
विषय-सूची
परिवहन विभाग (DOTr) का कहना है कि भविष्य के ऑपरेटर को मिलने वाला भुगतान उसकी दी गई सेवा पर निर्भर होगा। ट्रेन की उपलब्धता, विश्वसनीयता, समयपालन, साफ-सफाई और रखरखाव से यह तय करने में मदद मिलेगी कि कंपनी अपनी जिम्मेदारियां पूरी करती है या नहीं।
परिवहन सचिव जियोवानी लोपेज ने परियोजना की संरचना से जुड़ा एक अहम सवाल भी स्पष्ट कर दिया है: MRT-3 को अलग से पेश किया जाएगा। इसके अनुबंध को लाइट रेल ट्रांजिट लाइन 2 के अनुबंध के साथ जोड़ने का प्रस्ताव छोड़ दिया गया है।
प्रस्तावित रियायत जुलाई 2025 में सरकार और मेट्रो रेल ट्रांजिट कॉर्प. के बीच बिल्ड-लीज़-ट्रांसफर समझौता समाप्त होने के बाद लाई जा रही है। निजी संघ ने MRT-3 का निर्माण किया था। DOTr के अनुसार, समझौता खत्म होने के बाद संचालन फिर सरकार के पास आ गया।
यात्रियों के लिए व्यावहारिक लक्ष्य हैं सेवा के लिए अधिक ट्रेनें उपलब्ध होना, प्रतीक्षा समय कम होना और EDSA पर यात्रा अधिक भरोसेमंद बनना। परियोजना में ट्रेनें बदलना और सिग्नलिंग प्रणाली का उन्नयन शामिल है। यह प्रणाली ट्रेनों की आवाजाही नियंत्रित करती है और उनके बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद करती है।
समय-सारिणी को अभी सावधानी से समझने की जरूरत है। विभाग का मुख्य लक्ष्य 2027 के मध्य के आसपास रियायत देना है, जबकि अधिक विस्तृत खरीद कार्यक्रम में संचालन का हस्तांतरण अक्टूबर 2027 में रखा गया है। विजेता कंपनी चुनना और उसे रोजमर्रा की सेवा की जिम्मेदारी सौंपना दो अलग-अलग चरण हैं।
राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने विभाग को MRT-3 के आधुनिकीकरण को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। इस प्रयास में निजी निवेश और रेलवे संचालन का अनुभव लाने के लिए रियायत दी जा रही है, जबकि सेवा और किराये के नियम तय करना सरकार के हाथ में रहेगा।
निजी कंपनी क्या करेगी
विजेता रियायतधारी सरकार के साथ हुए समझौते के तहत MRT-3 का संचालन, रखरखाव और उन्नयन करेगा। रियायत के तहत किसी कंपनी को सहमत अवधि तक सार्वजनिक सेवा देने का अधिकार और जिम्मेदारी मिलती है, जो अनुबंध में तय शर्तों के अधीन होती है।
प्रस्तावित दायरा मौजूदा समय-सारिणी के अनुसार ट्रेनें चलाने से कहीं आगे तक जाता है। इसमें क्षमता विस्तार, ट्रेनें बदलना और सिग्नलिंग में सुधार शामिल हैं। क्षमता का अर्थ है कि रेलवे कितने यात्रियों को ले जा सकती है। यह इस बात पर निर्भर करती है कि कितनी ट्रेनें इस्तेमाल के लिए उपलब्ध हैं और वे कितनी बार चल सकती हैं।
प्रस्तावित अनुबंध में किराया वसूली और स्टेशनों के भीतर व्यावसायिक अधिकार भी शामिल हैं। इनके तहत सरकार के साथ राजस्व साझा करने की व्यवस्था होगी। व्यावसायिक अधिकारों का संबंध आय अर्जित करने के लिए स्टेशन की जगह के उपयोग से है। इस आय का अंतिम बंटवारा अभी तय नहीं किया गया है।
किराया वसूलना और किराया तय करना अलग-अलग जिम्मेदारियां हैं। रेलवे चलाने के हिस्से के रूप में कंपनी यात्रियों से भुगतान वसूल सकती है, जबकि किराया तय करने का अधिकार DOTr के पास रहेगा।
परिवहन सचिव लोपेज ने योजना की घोषणा करते हुए एक बयान में इस साझेदारी का उद्देश्य बताया:
सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए हम इस लाइन के लिए जरूरी विशेषज्ञता और निवेश ला रहे हैं।
विभाग का कहना है कि लगभग 100 स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने रुचि जताई है। खरीद प्रक्रिया के तहत इस रुचि को औपचारिक बोलियों में बदलना होगा, जिनका परियोजना की वित्तीय, तकनीकी और सेवा संबंधी आवश्यकताओं के आधार पर आकलन किया जा सके।
भुगतान सेवा मानकों के अनुरूप होगा
DOTr की योजना भुगतान को प्रदर्शन से जोड़ने की है, जिससे रोजाना के संचालन की गुणवत्ता वित्तीय व्यवस्था का हिस्सा बनेगी। मानकों में ट्रेन की उपलब्धता और विश्वसनीयता, समय पर सेवा, तथा ट्रेनों और सुविधाओं की साफ-सफाई और रखरखाव शामिल हैं।
ट्रेन की उपलब्धता का मतलब है कि यात्रियों को ले जाने के लिए पर्याप्त ट्रेनें तैयार हैं या नहीं। विश्वसनीयता से आशय है कि वे ट्रेनें और पूरी रेलवे लगातार काम कर पाती हैं या नहीं। मरम्मत के लिए खड़ी ट्रेन भीड़भरे प्लेटफॉर्म को खाली कराने में मदद नहीं कर सकती, भले ही कागजों पर वह बेड़े का हिस्सा हो।
समयपालन एक और कसौटी है: क्या सेवाएं तय समय पर चलती हैं। साफ-सफाई और रखरखाव के मानक जवाबदेही को यात्रा की स्थिति तक बढ़ाते हैं, जिसमें यात्रियों के इस्तेमाल वाली ट्रेनें और सुविधाएं शामिल हैं।
विभाग ऑपरेटर से प्रतीक्षा समय घटाने की भी अपेक्षा करता है। यह लक्ष्य तकनीकी मानकों को यात्रियों के सीधे अनुभव से जोड़ता है। अधिक उपयोगी ट्रेनें और भरोसेमंद प्रस्थान यात्रियों के लिए ट्रेन में चढ़ना और यात्रा की योजना बनाना आसान कर सकते हैं।
अंतिम अनुबंध में भुगतान का फॉर्मूला, प्रदर्शन की न्यूनतम सीमाएं और मानक पूरे न होने पर कटौती की जानकारी अभी घोषित नहीं की गई है। इन विवरणों से तय होगा कि सेवा में कमी आने पर ऑपरेटर पर कितना वित्तीय दबाव पड़ेगा।
2027 के लक्ष्य से जुड़ी तारीखें
खरीद प्रक्रिया की समय-सारिणी 2026 में तैयारियों से लेकर अक्टूबर 2027 में संभावित संचालन हस्तांतरण तक फैली हुई है। अधिक विस्तृत कार्यक्रम में ये पड़ाव दिए गए हैं:
- जुलाई 2025: मेट्रो रेल ट्रांजिट कॉर्प. के साथ समझौता समाप्त हुआ और MRT-3 का नियंत्रण सरकार के पास लौट आया।
- अक्टूबर 2026: आमंत्रित बोली प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। सरकार प्रस्तावित रियायत के लिए कंपनियों को प्रतिस्पर्धा में भाग लेने का आमंत्रण देगी।
- मार्च 2027: बोलियां जमा करने का लक्ष्य रखा गया है।
- जून से जुलाई 2027: अनुबंध दिए जाने की उम्मीद है, जो विभाग के 2027 के मध्य के लक्ष्य के मोटे तौर पर अनुरूप है।
- अक्टूबर 2027: विजेता बोलीदाता से संचालन संभालने की उम्मीद है।
लोपेज ने जून या जुलाई को बोली प्रक्रिया के संभावित समय के रूप में भी बताया है, जिसके बाद अक्टूबर में हस्तांतरण हो सकता है। वहीं, विभाग की मुख्य घोषणा में 2027 की दूसरी तिमाही तक रियायत देने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए खरीद प्रक्रिया के सटीक पड़ावों की अभी पुष्टि होनी बाकी है।
यात्रियों को खास तौर पर अक्टूबर में हस्तांतरण के लक्ष्य पर ध्यान देना चाहिए। अनुबंध दिए जाने से ऑपरेटर का चयन होता है; हस्तांतरण से सेवा चलाने की जिम्मेदारी किसके पास है, यह बदलता है। इन दोनों घटनाओं के बीच के महीनों में बदलाव की तैयारी होगी, जिसके बाद कंपनी संचालन संभालेगी।
MRT-3 को अलग से क्यों पेश किया जाएगा
DOTr ने पहले MRT-3 और LRT-2 के संचालन और रखरखाव अनुबंधों को एक साथ करने पर विचार किया था। समीक्षा के दौरान विभाग ने कहा कि दोनों रेलवे अलग-अलग बाजारों को सेवा देती हैं और यह भी परखा कि क्या संयुक्त अनुबंध से दक्षता बढ़ेगी।
लोपेज का कहना है कि अब MRT-3 एक अलग परियोजना होगी। इसलिए इसके लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली कंपनियां इसी रेलवे की जिम्मेदारियों के लिए बोली देंगी, न कि ऐसे पैकेज के लिए जिसमें LRT-2 भी शामिल हो।
MRT-3 क्वेज़ोन सिटी और पासे सिटी के बीच 16.9 किलोमीटर तक चलती है और EDSA पर 13 स्टेशनों को सेवा देती है। इसके प्रतिदिन 388,000 से अधिक यात्री होने के कारण सेवा की स्थिति और आवृत्ति बड़ी संख्या में यात्राओं को प्रभावित करती है।
यह लाइन अरनेटा सेंटर-क्यूबाओ में LRT-2 से भी जुड़ती है। इसके दक्षिणी छोर पर यात्री ताफ्ट एवेन्यू और EDSA स्टेशनों को जोड़ने वाले ढके हुए पैदल मार्ग से LRT-1 तक पहुंच सकते हैं।
इन कनेक्शनों के कारण MRT-3 का प्रदर्शन उन यात्राओं को भी प्रभावित करता है जो पूरी तरह इसकी पटरियों पर नहीं होतीं। देरी से दूसरी रेलवे पर आगे जाने वाले यात्री प्रभावित हो सकते हैं, जबकि समय पर पहुंचने वाली ट्रेन से बदलना आसान हो सकता है। अलग-अलग रियायतों से ये भौतिक संपर्क बने रहेंगे।
2024 के बाद योजना में क्या बदलाव आया
पहले के प्रस्ताव में संचालन की भूमिका अपेक्षाकृत सीमित थी। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप सेंटर की वेबसाइट पर प्रकाशित मार्च 2024 की एक रिपोर्ट में 10 से 15 साल की संभावित रियायत का जिक्र था, जिसमें पुनर्वास का खर्च सरकार उठाती।
उस समय DOTr को जापानी वित्तपोषण से रेलवे में P29.6 अरब के सुधार की उम्मीद थी। इसमें 2023 में हस्ताक्षरित लगभग 130 मिलियन डॉलर का पूरक ऋण भी शामिल था। एशियाई विकास बैंक लेनदेन सलाहकार के रूप में काम कर रहा था और परियोजना की तैयारी कर रहा था।
परिवहन उपसचिव टिमोथी जॉन बाटान ने बताया था कि प्रस्तावित अवधि उस अनुबंध को ध्यान में रखकर तय की गई थी जिसका मुख्य जोर संचालन और रखरखाव पर था। यह अवधि बैंक के अध्ययन के अधीन थी। उस समय की योजना के अनुसार, बोली प्रक्रिया 2025 में पूरी हो सकती थी और रियायत 2040 तक चल सकती थी।
मौजूदा प्रस्ताव में रेलवे का संचालन, रखरखाव और उन्नयन शामिल है। ट्रेनें बदलना और सिग्नलिंग में सुधार इसके बताए गए घटकों में हैं। पहले प्रस्तावित 10 से 15 साल की अवधि अब ऐतिहासिक प्रस्ताव है; हालिया घोषणा में P103.6 अरब की रियायत की अंतिम अवधि नहीं बताई गई है।
P29.6 अरब के पुनर्वास अनुमान और P103.6 अरब की रियायत राशि का संबंध अलग-अलग कार्यक्षेत्रों और वित्तपोषण से है। परियोजना के विकास को समझने के लिए दोनों आंकड़े जरूरी हैं: पहले की योजना में पुनर्वास का खर्च सरकार के जिम्मे था, जबकि मौजूदा पैकेज में निजी ऑपरेटर की व्यापक जिम्मेदारियां शामिल हैं।
कौन प्रतिस्पर्धा कर सकता है और मंजूरी की प्रक्रिया
मौजूदा समय-सारिणी से काफी पहले ही कारोबारी समूह MRT-3 पर विचार कर रहे थे। 2024 में मैनुएल वी. पांगिलिनन और रेमन आंग संभावित संयुक्त बोली का अध्ययन कर रहे थे। DOTr ने उनके बिना मांगे प्रस्तावों को अस्वीकार कर सरकार द्वारा शुरू की गई प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया को चुना था।
पांगिलिनन की अध्यक्षता वाली मेट्रो पैसिफिक इन्वेस्टमेंट्स कॉर्प. भी LRT-1 ऑपरेटर में अयाला समूह की 35 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने पर विचार कर रही थी, ताकि MRT-3 की बोली के लिए अपनी स्थिति मजबूत कर सके। ये चर्चाएं उस समय रेलवे में कारोबारी दिलचस्पी दिखाती हैं; मौजूदा बोली प्रक्रिया तय करेगी कि वास्तव में कौन-सी कंपनियां प्रतिस्पर्धा करेंगी।
सरकार द्वारा आमंत्रित प्रतिस्पर्धी प्रक्रिया में पहले सरकार परियोजना को परिभाषित करती है और फिर बोलियां आमंत्रित करती है। इसके उलट, बिना मांगे दिए गए प्रस्ताव में निजी कंपनी अपनी परियोजना पेशकश सरकार के सामने रखती है। DOTr का चुना हुआ रास्ता उसे समान आवश्यकताओं के आधार पर प्रतिस्पर्धी प्रस्ताव मांगने की सुविधा देता है।
2024 की रिपोर्ट में PPP कोड के तहत मंजूरी की प्रक्रियाओं में बदलावों का भी जिक्र था। PPP सेंटर के उप कार्यकारी निदेशक जेफ्री मनालो ने मंजूरी 120 दिनों में पूरी करने की आवश्यकता बताई थी, जबकि पहले औसतन 150 दिन लगते थे। यानी पहले के औसत से 30 दिन, या एक-पांचवां समय कम।
उस समय बताए गए ढांचे के तहत, P15 अरब से कम की परियोजनाएं परिवहन सचिव के जरिए बोली के लिए आगे बढ़ सकती थीं, जबकि इससे बड़ी परियोजनाओं के लिए निवेश समन्वय समिति की सिफारिश के साथ राष्ट्रीय आर्थिक और विकास प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी जरूरी थी। मौजूदा P103.6 अरब का प्रस्ताव इस सीमा से अधिक है। मंजूरी की समय-सारिणी खरीद प्रक्रिया का एक हिस्सा है; इसमें बोली तैयार करना, मूल्यांकन, अनुबंध देना और संचालन का हस्तांतरण भी शामिल हैं।
एक और बड़ा रेलवे अनुबंध भी प्रस्तावित
DOTr इसी तरह की समय-सारिणी में एक और बड़ी रेलवे रियायत पर काम कर रहा है। उसका लक्ष्य 2027 के मध्य तक P229 अरब की नॉर्थ-साउथ कम्यूटर रेलवे रियायत के लिए बोली प्रक्रिया पूरी करना है।
NSCR परियोजना की अनुमानित लागत P873.6 अरब है और इसे जापान के साथ मिलकर वित्तपोषित किया जा रहा है। यह पंपांगा के क्लार्क अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से लगुना के कालाम्बा तक 147 किलोमीटर लंबी होगी।
इसकी P229 अरब की रियायत, MRT-3 के लिए प्रस्तावित P103.6 अरब की राशि से लगभग 2.2 गुना है। NSCR परियोजना का P873.6 अरब का अनुमान अलग आंकड़ा है, जो सिर्फ रियायत नहीं बल्कि पूरी रेलवे परियोजना की लागत को दर्शाता है।
MRT-3 के सामने तत्काल काम अलग है: ऐसी चालू रेलवे की जिम्मेदारी सौंपना जो पहले से हर दिन सैकड़ों हजार यात्रियों को ले जाती है। असली कसौटी यह होगी कि नई व्यवस्था वादे के मुताबिक सुधार लाती है या नहीं और बदलाव के दौरान रोजमर्रा की यात्राओं को भरोसेमंद बनाए रखती है या नहीं।
मुख्य बिंदु
- DOTr P103.6 अरब की परियोजना के तहत 2027 के मध्य के आसपास MRT-3 की रियायत देने का लक्ष्य रखता है।
- विस्तृत समय-सारिणी में संचालन हस्तांतरण अक्टूबर 2027 में रखा गया है, हालांकि खरीद प्रक्रिया की तारीखों की पुष्टि अभी बाकी है।
- निजी ऑपरेटर रेलवे चलाएगा, उसका रखरखाव करेगा और उन्नयन करेगा, जबकि किराया तय करने का अधिकार DOTr के पास रहेगा।
- भुगतान ट्रेन की उपलब्धता, विश्वसनीयता, समयपालन, साफ-सफाई और रखरखाव के मानकों पर निर्भर होगा।
- MRT-3 को LRT-2 से अलग पेश किया जाएगा। यह 13 स्टेशनों के जरिए प्रतिदिन 388,000 से अधिक यात्रियों को सेवा देती है।
- सरकार 2027 के मध्य तक P229 अरब की NSCR रियायत के लिए बोली प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य भी रखती है।






