लाहौर में प्रदूषण तेजी से बढ़ा
पंजाब पर्यावरण संरक्षण एजेंसी के अनुसार, 22 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:00 बजे लाहौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 355 पर पहुंच गया। एक दिन पहले इसी समय यह 290 था। मुल्तान रोड, शाहदरा और पंजाब विश्वविद्यालय स्थित तीन निगरानी केंद्रों ने 500 की रीडिंग दर्ज की, जिसे एजेंसी ने खतरनाक श्रेणी में रखा।
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एजेंसी के लाहौर वायु गुणवत्ता डैशबोर्ड ने शहर की 355 की रीडिंग को बेहद खराब बताया। सूचकांक में 65 अंकों यानी करीब 22% की बढ़ोतरी एक दिन में तेज गिरावट का संकेत थी। कुछ इलाकों के निवासियों को शहर के औसत आंकड़े से कहीं अधिक खराब हवा का सामना करना पड़ा।
अन्य रीडिंग में 22 अक्टूबर को लाहौर का AQI 265 दर्ज किया गया, जबकि बिना तारीख वाले एक अपडेट में यह 294 था। उसमें काहना नौ की रीडिंग 352 और इकबाल टाउन की 342 थी। 22 अक्टूबर की सुबह के लिए एजेंसी का समय दर्ज आंकड़ा 355 सबसे स्पष्ट संदर्भ देता है। अलग-अलग अपडेट में मापन के समय और निगरानी के तरीकों की पर्याप्त मिलती-जुलती जानकारी नहीं है, इसलिए सभी आंकड़ों का मेल बैठाना संभव नहीं है।
सप्ताह के दौरान अंतरराष्ट्रीय प्रदूषण रैंकिंग में लाहौर पहले और दूसरे स्थान के बीच आता-जाता रहा। बाहर व्यायाम करने या प्रदूषण से बचाव घटाने-बढ़ाने का फैसला करने वाले निवासियों के लिए स्थानीय निगरानी केंद्र की रीडिंग, बदलती वैश्विक सूची में शहर की स्थिति से अधिक व्यावहारिक जानकारी देती है।
तीन स्थानों पर रीडिंग 500
22 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे मुल्तान रोड, शाहदरा और पंजाब विश्वविद्यालय, तीनों जगह AQI 500 दर्ज किया गया। काहना नौ की रीडिंग 370, जीटी रोड की 363 और एगर्टन रोड की 355 रही। एजेंसी ने इन आखिरी तीन रीडिंग को बेहद खराब श्रेणी में रखा।
अन्य इलाकों में स्थिति कम गंभीर थी, लेकिन फिर भी खराब श्रेणी में रही: डीएचए फेज 6 में 278, सफारी पार्क में 277, बर्की रोड में 242 और वाघा बॉर्डर में 216। इन दस केंद्रों में सबसे कम रीडिंग भी ऐसी श्रेणी में थी जिसमें प्रदूषण के संपर्क पर ध्यान देना जरूरी है।
वाघा बॉर्डर की 216 और सबसे खराब स्थिति वाले तीन स्थानों की 500 रीडिंग के बीच का अंतर दिखाता है कि एक ही समय में लाहौर के अलग-अलग इलाकों की हवा में कितना फर्क था। शहर का एकल आंकड़ा इन स्थानीय अंतरों को समेटकर एक संख्या में बदल देता है।
22 अक्टूबर के एक अन्य स्नैपशॉट में चमन पार्क की रीडिंग 318, बर्की रोड की 299, मॉडल टाउन की 260, डीएचए की 257, बेदियां रोड की 253, इकबाल टाउन की 250 और अस्करी टेन की 178 दर्ज की गई। यह अंतर बताता है कि यह मान लेने के बजाय कि हर इलाके की हवा एक जैसी है, पास के निगरानी केंद्र की रीडिंग देखना उपयोगी है।
सूचकांक से निवासियों को क्या पता चलता है
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI, प्रदूषण के माप को ऐसे पैमाने में बदलता है जिससे स्वास्थ्य जोखिम समझा जा सके। अधिक रीडिंग का अर्थ है अधिक खराब हवा। सूचकांक के अंकों में 22% की बढ़ोतरी सूचकांक में बदलाव बताती है; हर प्रदूषक की मात्रा अलग से मापी जाती है।
पंजाब का डैशबोर्ड PM2.5 और PM10 के साथ कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन जैसी गैसों के आंकड़े भी देता है। PM2.5 का मतलब 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे महीन कण हैं। उनका छोटा आकार उन्हें फेफड़ों में गहराई तक पहुंचने देता है। PM10 में कुछ तरह की धूल जैसे बड़े कण शामिल होते हैं।
डैशबोर्ड की श्रेणियां 22 अक्टूबर के आंकड़ों को एक समान तरीके से समझने में मदद करती हैं: 355 को बेहद खराब और 500 को खतरनाक बताया गया। इसमें 216 से 278 के बीच की रीडिंग को भी खराब श्रेणी में रखा गया, जबकि दोपहर के पूर्वानुमान में 184 से 197 के बीच के मान संवेदनशील समूहों के लिए खराब श्रेणी में थे।
प्रदूषण के दौर में बच्चों, बुजुर्गों और सांस या हृदय संबंधी समस्याओं वाले लोगों को विशेष जोखिम रहता है। दोपहर में रीडिंग कम होने से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन तब भी हवा ऐसी रह सकती है जिसमें एहतियात जरूरी हो।
बदलती रीडिंग वाला एक सप्ताह
लाहौर में प्रदूषण की समस्या कई दिनों तक बनी रही और तारीखों के बीच तथा एक ही दिन के भीतर आंकड़े बदलते रहे। एजेंसी की साप्ताहिक रिपोर्ट के अनुसार, न्यूनतम रीडिंग 16 अक्टूबर को शाम 6:00 बजे 101 थी और अधिकतम 22 अक्टूबर को 355 रही।
- 18 अक्टूबर: डैशबोर्ड के एक स्नैपशॉट में सुबह 11:00 बजे लाहौर की रीडिंग 185 थी, जबकि शाहदरा में यह 500 पहुंच गई थी।
- 19 अक्टूबर: सुबह-सुबह लाहौर की रीडिंग 240 से ऊपर थी, फिर दोपहर के आसपास गिरकर 189 हो गई। अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में मुंबई 197 के साथ पहले स्थान पर पहुंच गया।
- 20 अक्टूबर: लाहौर की रीडिंग 200 दर्ज की गई और प्रमुख शहरों में वह दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर रहा; कराची तीसरे स्थान पर था।
- 21 अक्टूबर: पंजाब डैशबोर्ड का तुलनात्मक आंकड़ा सुबह 9:00 बजे 290 था।
- 22 अक्टूबर: एजेंसी ने सुबह 9:00 बजे लाहौर की रीडिंग 355 दर्ज की; तीन केंद्रों पर यह 500 थी।
18 अक्टूबर के आंकड़े 19 अक्टूबर को प्रकाशित एक अपडेट में दिए गए थे, जिसमें रविवार की स्थिति बताई गई थी। उस अपडेट में काहना नौ की रीडिंग 200, बर्की रोड की 197, मुल्तान रोड की 188, डीएचए फेज 6 की 168 और सफारी पार्क की 152 थी।
पहले के इस स्नैपशॉट में शाहदरा की 500 की रीडिंग दिखाती है कि जब लाहौर का शहर-स्तरीय आंकड़ा काफी कम था, तब भी वहां प्रदूषण गंभीर था। 22 अक्टूबर तक मुल्तान रोड और पंजाब विश्वविद्यालय में भी रीडिंग 500 तक पहुंच गई।
शहर से बाहर भी प्रदूषण
इस दौरान पंजाब के अन्य शहरों में भी प्रदूषण का स्तर ऊंचा रहा। रविवार के डैशबोर्ड स्नैपशॉट में लाहौर का AQI 185 था, जो ओकारा के 168, फैसलाबाद के 167, पाकपत्तन के 166 और मुल्तान के 163 से अधिक था।
20 अक्टूबर को पाकिस्तान के सबसे प्रदूषित शहर के रूप में मुल्तान की रीडिंग 244 दर्ज की गई, जिसके बाद मुजफ्फरगढ़ 224 पर था। पेशावर में 219, गुजरांवाला में 211 और रहीम यार खान में 188 की रीडिंग रही, जबकि लाहौर 200 पर था।
उस दिन लाहौर के अलग-अलग इलाकों में बर्की रोड की रीडिंग 271, इकबाल टाउन की 215, मॉडल टाउन की 203, बेदियां रोड की 193 और डिफेंस की 189 थी। इन आंकड़ों से फिर जाहिर हुआ कि कुछ इलाकों में प्रदूषण शहर के आंकड़े से अधिक था।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सूचियों में अलग-अलग शहर शामिल होते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय सूची में प्रमुख शहरों में लाहौर दूसरे स्थान पर हो सकता है, जबकि पाकिस्तान की तुलना में मुल्तान की रीडिंग उससे अधिक हो।
शुष्क मौसम से राहत सीमित
मौसम विभाग ने 19 अक्टूबर के अपडेट में शुष्क मौसम रहने और बारिश न होने का पूर्वानुमान दिया था। उस समय लाहौर का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस था। 22 अक्टूबर की सुबह के एक अपडेट में तापमान 25 डिग्री सेल्सियस और आर्द्रता 65% दर्ज की गई।
बारिश हवा से कुछ कणों को हटा सकती है। शुष्क मौसम में निवासियों को राहत का यह संभावित स्रोत नहीं मिलता, जबकि पतझड़ और सर्दियों का मौसम जमीन के पास प्रदूषकों के जमा होने के अनुकूल हो सकता है।
पंजाब EPA के अनुसार, अक्टूबर से फरवरी तक लाहौर में मौसमी स्मॉग का मुख्य दौर रहता है। इसके डैशबोर्ड में वाहन का धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन, ईंट भट्ठों का धुआं, निर्माण की धूल और फसल के अवशेष जलाने को प्रदूषण के स्रोतों में गिनाया गया है।
पर्यावरणविद् साइमा ज़िया ने कहा कि सरकार प्रदूषण घटाने की कोशिश कर रही है, जबकि छोटी फैक्ट्रियां लाहौर की वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर रही हैं। अक्टूबर की रीडिंग में हर स्रोत का योगदान कितना था, इसका कोई विभाजन नहीं दिया गया। इसलिए ये आंकड़े कई स्रोतों को लेकर चिंता का आधार देते हैं, लेकिन उनके योगदान की संख्यात्मक तुलना नहीं करते।
दोपहर में सुधार का पूर्वानुमान
22 अक्टूबर के लिए एजेंसी के प्रति घंटे के पूर्वानुमान में सुबह 10:00 बजे AQI 288, सुबह 11:00 बजे 257 और दोपहर 12:00 बजे 213 रहने का अनुमान था। इसके बाद दोपहर 1:00 बजे 193, 2:00 बजे 197, 3:00 बजे 189, 4:00 बजे 184 और शाम 5:00 बजे 188 रहने का पूर्वानुमान दिया गया।
सुबह की रीडिंग से अनुमानित गिरावट के बाद भी कई घंटों तक हवा खराब रहने की आशंका थी। उसके बाद स्थिति संवेदनशील समूहों के लिए खराब श्रेणी में रहने का अनुमान था। बाहर की गतिविधियों की योजना बनाने वाले निवासियों को दिन बढ़ने के साथ वास्तविक रीडिंग देखनी होगी, क्योंकि पूर्वानुमान संभावित स्थिति बताते हैं।
मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी कि शुष्क मौसम जारी रहने से आने वाले दिनों में लाहौर का AQI बढ़ सकता है। एक दोपहर में सुधार और कई दिनों के लिए बिगड़ते पूर्वानुमान, दोनों एक साथ सही हो सकते हैं: वे अलग-अलग समयावधियों की बात करते हैं।
एहतियात और सार्वजनिक निगरानी
प्रदूषण के दौरान जारी स्वास्थ्य सलाह में बाहर जाते समय फेस मास्क पहनना और कठिन बाहरी गतिविधियां सीमित करना शामिल था। व्यायाम के दौरान लोग अधिक गहरी और तेज सांस लेते हैं, जिससे वे प्रदूषित हवा की अधिक मात्रा अंदर लेते हैं। सांस लेने में दिक्कत या जलन महसूस होना, प्रदूषण के संपर्क को कम करने का संकेत है।
बच्चों, बुजुर्गों और पहले से फेफड़ों या दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए आसपास की रीडिंग पर ध्यान देना विशेष रूप से जरूरी है। 22 अक्टूबर के निगरानी केंद्रों के आंकड़े बताते हैं कि शाहदरा या मुल्तान रोड के पास रहने वाले परिवारों की स्थिति वाघा बॉर्डर के पास रहने वालों से अलग हो सकती है।
पंजाब का पर्यावरण संरक्षण विभाग वायु गुणवत्ता रिपोर्ट संग्रह भी रखता है, जिसमें 3 दिसंबर से 23 दिसंबर 2025 तक की तारीखवार रिपोर्टें सूचीबद्ध हैं। यह संग्रह पहले की निगरानी का रिकॉर्ड देता है, जबकि लाइव डैशबोर्ड मौजूदा फैसलों के लिए समय दर्ज स्थानीय रीडिंग उपलब्ध कराता है।
लाइव पेज पर आंकड़े दिखाने में एक असंगति है: मुख्य सारांश और साप्ताहिक पैनल में 355 दिखाया गया है, जबकि एक अन्य मौजूदा रीडिंग वाले क्षेत्र में बेहद खराब श्रेणी के साथ 15 लिखा है। पेज पर दस और ग्यारह, दोनों निगरानी केंद्रों का भी उल्लेख है, हालांकि सूची में दस केंद्रों की पंक्तियां हैं। एजेंसी को इन विवरणों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए।
मुख्य बिंदु
- पंजाब EPA ने 22 अक्टूबर को सुबह 9:00 बजे लाहौर का AQI 355 दर्ज किया, जो एक दिन पहले 290 था।
- मुल्तान रोड, शाहदरा और पंजाब विश्वविद्यालय, तीनों जगह खतरनाक श्रेणी की 500 रीडिंग दर्ज हुई।
- अलग-अलग इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी भिन्न था, इसलिए रोजमर्रा के फैसलों में नजदीकी निगरानी केंद्र की रीडिंग उपयोगी है।
- शुष्क मौसम का पूर्वानुमान था, जबकि एजेंसी ने दोपहर के दौरान कुछ सुधार का अनुमान जताया।
- प्रदूषण अधिक रहने के दौरान निवासियों को बाहर मास्क पहनने और कठिन बाहरी गतिविधियां सीमित करने की सलाह दी गई।






