विदेश में कामगारों और घर पर उनके परिवारों के लिए नया ढांचा
ताजिकिस्तान की संसद के निचले सदन मजलिसी नमोयांदगोन ने सर्वसम्मति से एक प्रवासन विधेयक को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य 11 दिसंबर 1999 को पारित प्रवासन कानून की जगह लेना है। प्रस्तावित कानून से प्रवासी कामगारों और उनके परिवारों की सुरक्षा मजबूत होगी, विदेश में नौकरियों के लिए लोगों की भर्ती करने वाली निजी एजेंसियों का नियमन होगा और प्रवासन सेवाओं को डिजिटल प्रणालियों से जोड़ा जाएगा।
विषय-सूची
- विदेश में कामगारों और घर पर उनके परिवारों के लिए नया ढांचा
- सांसद 1999 के कानून की जगह नया कानून क्यों चाहते हैं
- भर्ती से लेकर वापसी तक मिलेगी सुरक्षा
- डिजिटल प्रवासन सेवाओं में क्या शामिल होगा
- ताजिकिस्तान लौटने वाले प्रवासी और देश के भीतर स्थानांतरित होने वाले लोग
- रूस के कड़े नियंत्रणों से बदलाव का दबाव बढ़ा
- अब अधिक देशों में रोजगार के अवसर
- सरकार ने प्रवासन को रोजगार और कौशल से जोड़ा
- मुख्य बातें
यह मतदान ऐसे समय हुआ है जब ताजिक कामगारों के मुख्य गंतव्य रूस ने प्रवासन नियंत्रण कड़े कर दिए हैं और ताजिक नागरिक अन्य देशों में रोजगार तलाशने लगे हैं। यह विधेयक विदेश में रोजगार से आगे बढ़कर स्वदेश लौटने वाले लोगों, ताजिकिस्तान के भीतर स्थानांतरण, पर्यावरणीय प्रवासन और कमजोर समूहों की जरूरतों को भी शामिल करता है।
श्रम, प्रवासन और जनसंख्या रोजगार मंत्री सोलिहा खोलमहम्मदज़ोदा ने सांसदों से कहा कि मौजूदा कानून अब आधुनिक जरूरतों पर खरा नहीं उतरता। उन्होंने नए कानून को प्रवासन प्रबंधन बेहतर बनाने, देश और विदेश में कामगारों के कौशल का अधिक प्रभावी उपयोग करने और घरेलू श्रम बाजार की रक्षा करने का उपाय बताया।
कानून बनने के लिए इस विधेयक को संसद के ऊपरी सदन मजलिसी मिली की मंजूरी, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और आधिकारिक प्रकाशन की जरूरत है। मंत्रालय का कहना है कि ये प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मौजूदा कानून लागू नहीं रहेगा।
सांसद 1999 के कानून की जगह नया कानून क्यों चाहते हैं
निचले सदन की सामाजिक मामलों, परिवार और स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष मुजीबाखोन जव्हारी ने प्रस्तावित बदलावों को जनसांख्यिकीय बदलावों, श्रम बाजार की परिस्थितियों और प्रवासन प्रक्रियाओं को डिजिटल प्रणालियों में लाने की जरूरत से जोड़ा। उन्होंने कहा कि प्रवासन नीति एक नए चरण में प्रवेश कर रही है।
जव्हारी ने बताया कि वह कानून की जगह नया कानून लाने का समर्थन क्यों करती हैं:
"आधुनिक दौर की मांगों, जनसांख्यिकीय बदलावों, श्रम बाजार की स्थिति और प्रवासन प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने की जरूरत के चलते कानून का नया संस्करण अपनाना अपरिहार्य हो गया है," जव्हारी ने कहा।
सत्र के दौरान सांसदों ने कोई अतिरिक्त सवाल नहीं पूछा और विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। नए नीतिगत क्षेत्रों के साथ ही प्रस्ताव में प्रवासन से जुड़ी अवधारणाओं और शब्दावली को भी अद्यतन किया गया है। ये परिभाषाएं इसलिए अहम हैं क्योंकि इनके जरिए सरकारी एजेंसियां यह तय करते समय एक समान कानूनी शब्दावली का इस्तेमाल कर सकती हैं कि अलग-अलग समूहों पर कौन-से नियम और सेवाएं लागू होंगी।
भर्ती से लेकर वापसी तक मिलेगी सुरक्षा
प्रस्तावित नियमन के केंद्र में वे निजी रोजगार एजेंसियां हैं जो ताजिक नागरिकों को विदेश में काम दिलाने के लिए भर्ती करती हैं। ये कंपनियां नौकरी तलाश रहे कामगारों और कर्मचारियों की तलाश कर रहे नियोक्ताओं के बीच कड़ी का काम करती हैं, इसलिए भर्ती प्रवासी के सफर का एक अहम चरण है।
विधेयक में इन एजेंसियों के नियमन के साथ प्रवासियों और उनके परिवार के सदस्यों की सुरक्षा मजबूत करने का प्रावधान है। इसलिए इसका दायरा सीमा पार करने वाले कामगार तक सीमित नहीं है। परिवार के सदस्यों को भी स्पष्ट रूप से उन लोगों में शामिल किया गया है, जिनके अधिकारों की रक्षा करना कानून का उद्देश्य है।
खोलमहम्मदज़ोदा ने अनियमित प्रवासन में कमी आने को भी इसका अपेक्षित नतीजा बताया। अनियमित प्रवासन का अर्थ है किसी देश के प्रवासन नियमों के बाहर वहां प्रवेश करना, रहना या काम करना। विदेश में नौकरी तलाशने वाले व्यक्ति के लिए भर्ती प्रक्रिया और सही दस्तावेजों तक पहुंच यह तय कर सकती है कि उसका रोजगार उन नियमों के अनुरूप है या नहीं।
मंत्रालय ने विधेयक का पूरा पाठ जारी नहीं किया है, इसलिए भर्ती से जुड़े सटीक दायित्व, प्रवर्तन उपाय, सुरक्षा प्रावधान और सेवा व्यवस्थाएं स्पष्ट नहीं हैं। ऊपरी सदन की मंजूरी, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर या प्रकाशन की तारीखें भी नहीं बताई गईं।
डिजिटल प्रवासन सेवाओं में क्या शामिल होगा
प्रस्ताव के तहत सरकारी एजेंसियां एकीकृत प्रवासन सूचना प्रणाली के जरिए जानकारी साझा करेंगी। विधेयक में बेहतर सांख्यिकीय रिकॉर्ड रखने और सार्वजनिक सेवाएं देने के लिए डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल की भी बात कही गई है।
एकीकृत प्रणाली का मतलब है कि एजेंसियां पूरी तरह अलग-अलग रिकॉर्ड पर निर्भर रहने के बजाय एक साझा सूचना ढांचे के तहत काम करेंगी। बेहतर आंकड़ों से अधिकारियों को प्रवासन के रुझानों की स्पष्ट तस्वीर मिलेगी, जबकि डिजिटल सेवाओं का उद्देश्य लोगों के प्रवासन संबंधी प्रक्रियाएं पूरी करने के तरीके को बदलना है।
खोलमहम्मदज़ोदा ने कहा कि इन उपायों का मकसद लोक प्रशासन को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाना है। प्रस्तावित बदलाव दो कामों को जोड़ते हैं: लोगों की प्रवासन संबंधी जरूरतों को पूरा करना और ऐसी जानकारी जुटाना जिससे सरकार अपनी नीतियों की योजना बना सके।
कामगारों और परिवारों के लिए इन सेवाओं का व्यावहारिक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि वे कैसे काम करती हैं। घोषित ढांचे में अधिकारों की सुरक्षा और भर्ती के नियमन के साथ डिजिटल प्रशासन को सुधार के केंद्र में रखा गया है।
ताजिकिस्तान लौटने वाले प्रवासी और देश के भीतर स्थानांतरित होने वाले लोग
पुनःएकीकरण से जुड़े प्रावधानों के जरिए लौटने वाले कामगारों को प्रवासन कानून में स्पष्ट स्थान मिलेगा। पुनःएकीकरण का अर्थ है लोगों को कहीं और रहने के बाद आर्थिक और सामाजिक जीवन में दोबारा बसने में मदद देना, जिसमें देश में रोजगार से फिर जुड़ना भी शामिल है।
विधेयक में स्वदेश वापसी और पुनर्वास को भी शामिल किया गया है। स्वदेश वापसी का संबंध लोगों को उनके देश वापस लाने से है, जबकि पुनर्वास का मतलब उनके लिए रहने की जगह तय करना है। इन विषयों को अलग-अलग देखने से प्रवासन नीति किसी व्यक्ति के स्थानांतरण के विभिन्न चरणों पर ध्यान दे सकती है।
देश के भीतर प्रवासन और पर्यावरणीय प्रवासन भी इसमें शामिल हैं। आंतरिक प्रवासन किसी देश की सीमाओं के भीतर होता है। पर्यावरणीय प्रवासन उन पर्यावरणीय परिस्थितियों से जुड़ा है जो इस बात को प्रभावित करती हैं कि लोग कहां रह सकते हैं या आजीविका कमा सकते हैं।
लैंगिक पहलुओं और कमजोर समूहों की जरूरतों को भी प्रस्ताव में शामिल किया गया है। इन प्रावधानों से कानून का दायरा विदेश में काम करने वाले लोगों के प्रबंधन से आगे बढ़कर विभिन्न प्रकार के स्थानांतरण और उनसे जुड़े लोगों की अलग-अलग जरूरतों तक पहुंचता है।
रूस के कड़े नियंत्रणों से बदलाव का दबाव बढ़ा
रूस ताजिक श्रमिक प्रवासियों का प्रमुख गंतव्य बना हुआ है, लेकिन हाल के वर्षों में वहां विदेशी कामगारों के लिए नियम सख्त हुए हैं। 2024 में क्रोकस सिटी हॉल पर हुए आतंकवादी हमले के बाद नियंत्रण और कड़े कर दिए गए।
रूस के उपायों में नियंत्रित व्यक्तियों का एक रजिस्टर शामिल है, जिसमें उन विदेशी नागरिकों को रखा जाता है जो प्रवासन नियमों का उल्लंघन करते हैं या अन्यथा संबंधित कानूनी प्रावधानों के दायरे में आते हैं। अतिरिक्त आवश्यकताओं और प्रतिबंधों के कारण वहां काम करने के लिए प्रवासन प्रक्रियाओं का पालन करना अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
ताजिकिस्तान का प्रस्तावित कानून इस बात पर केंद्रित है कि वहां के अपने अधिकारी प्रवासन, भर्ती और सहायता का प्रबंधन कैसे करें। रूस जाने वाले कामगारों को रूस के प्रवेश, निवास और रोजगार संबंधी नियमों का भी पालन करना होगा। इसलिए उनका अनुभव उस देश के नियमों पर निर्भर करता है जिसे वे छोड़ते हैं और उस देश के नियमों पर भी जहां वे काम करते हैं।
प्रस्तावित सुधार की प्रक्रिया में कई चरण शामिल हैं:
- 11 दिसंबर 1999: ताजिकिस्तान ने मौजूदा प्रवासन कानून पारित किया।
- 2024: क्रोकस सिटी हॉल पर हमले के बाद रूस ने प्रवासन नियंत्रण कड़े किए।
- संसद में ताजा कदम: मजलिसी नमोयांदगोन ने नए कानून के विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
- अगले चरण: मौजूदा कानून के लागू न रहने से पहले ऊपरी सदन की मंजूरी, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और आधिकारिक प्रकाशन जरूरी हैं।
अब अधिक देशों में रोजगार के अवसर
ताजिक नागरिक कजाकिस्तान, बेलारूस, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, दक्षिण कोरिया, जापान और ब्रिटेन में काम तलाशने लगे हैं। श्रमिक प्रवासन के गंतव्यों में विविधता लाना विधेयक का स्पष्ट उद्देश्य है।
यह उद्देश्य कानून के भर्ती, सुरक्षा और प्रशासन संबंधी प्रावधानों को आपस में जोड़ता है। अधिक देशों में प्रवासन का प्रबंधन करने के लिए अलग-अलग रोजगार व्यवस्थाओं और प्रवासन प्रक्रियाओं पर ध्यान देना होगा, जबकि कामगारों को भरोसेमंद भर्ती व्यवस्था और अपने अधिकारों की सुरक्षा की जरूरत बनी रहेगी।
इन गंतव्यों की सूची मध्य एशिया, यूरोप, खाड़ी क्षेत्र और पूर्वी एशिया तक फैली है। रूस अब भी सबसे आगे है, जबकि प्रस्तावित ढांचा रोजगार के अधिक विविध रास्तों को समायोजित करने का प्रयास करता है।
सरकार ने प्रवासन को रोजगार और कौशल से जोड़ा
खोलमहम्मदज़ोदा ने विधेयक को ताजिकिस्तान के कार्यबल का देश और विदेश में अधिक प्रभावी उपयोग करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया। देश के घरेलू श्रम बाजार की रक्षा करना इसके घोषित उद्देश्यों में से एक है, साथ ही काम के लिए देश से बाहर जाने वाले नागरिकों को सहायता देना भी।
मंत्री ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग, निवेश, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और मानव पूंजी विकास को भी इसके अपेक्षित लाभों में शामिल किया। प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का अर्थ ज्ञान या तरीकों को कहीं और इस्तेमाल के लिए लाना है। मानव पूंजी से आशय उन कौशलों, शिक्षा और अनुभव से है जिनका लोग अपने कामकाजी जीवन में उपयोग कर सकते हैं।
पुनःएकीकरण के प्रावधान इन आर्थिक लक्ष्यों को लौटने वाले प्रवासियों से जोड़ते हैं। सरकार चाहती है कि प्रवासन नीति में देश से जाने, विदेश में रोजगार और वापसी के बाद के जीवन को शामिल किया जाए, जबकि डिजिटल रिकॉर्ड और एजेंसियों के बीच सहयोग इस व्यापक दायरे के प्रशासन में मदद करें।
मुख्य बातें
- ताजिकिस्तान के निचले सदन ने 11 दिसंबर 1999 को पारित प्रवासन कानून की जगह लेने वाले विधेयक को सर्वसम्मति से मंजूरी दी।
- प्रस्ताव में प्रवासियों और उनके परिवारों के अधिकार, भर्ती एजेंसियां, डिजिटल सेवाएं, वापसी और पुनर्वास शामिल हैं।
- एकीकृत सूचना प्रणाली सरकारी एजेंसियों के बीच आंकड़े साझा करने और प्रवासन संबंधी बेहतर सांख्यिकी तैयार करने में मदद करेगी।
- रूस ताजिक कामगारों का मुख्य गंतव्य बना हुआ है, जबकि अन्य देशों में रोजगार तलाशने वालों की संख्या बढ़ रही है।
- विधेयक को अब भी ऊपरी सदन की मंजूरी, राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और आधिकारिक प्रकाशन की जरूरत है।
- कानून का पूरा पाठ जारी नहीं किया गया है, इसलिए इसके कार्यान्वयन की जानकारी स्पष्ट नहीं है।






