पुलिस डेटाबेस का दायरा भविष्य बताने वालों से आगे तक
ताजिकिस्तान का आंतरिक मामलों का मंत्रालय एक एकीकृत पुलिस डेटाबेस बना रहा है। इसमें भविष्य बताने वालों, जादू-टोना और अन्य तांत्रिक सेवाएं देने वालों, यौनकर्मियों, नशीले पदार्थों पर निर्भर लोगों और इनमें से कुछ लोगों के ग्राहकों तथा रिश्तेदारों की जानकारी शामिल होगी। 21 अक्टूबर 2026 को सार्वजनिक की गई घोषणा के अनुसार, रजिस्टर में दर्ज लोगों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और अनुरोध पर उनकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी जाएगी।
विषय-सूची
- पुलिस डेटाबेस का दायरा भविष्य बताने वालों से आगे तक
- किसे रजिस्टर में दर्ज किया जा सकता है?
- निवासियों के लिए लगातार निगरानी का क्या अर्थ है
- कार्रवाई के आंकड़े क्या बताते हैं
- अभियान कैसे आगे बढ़ा
- जुर्माने, आपराधिक दंड और प्रस्तावित श्रम की अनिवार्यता
- धार्मिक गतिविधियां और लोक-चिकित्सा भी दायरे में
- रूसी सांसद ने पहल का स्वागत किया
- मुख्य बातें
मंत्रालय का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य अंधविश्वास, भविष्यवाणी, जादू-टोना और धोखाधड़ी के अन्य तरीकों को रोकना है। इसका दायरा कथित तौर पर फर्जी सेवाएं बेचने वालों तक सीमित नहीं है: ग्राहक, करीबी रिश्तेदार और उनसे जुड़े लोग भी इसके दायरे में आ सकते हैं।
यह घोषणा सेवा देने वालों और ग्राहकों, दोनों के खिलाफ पहले की गई कार्रवाइयों के बाद आई है। 2024 में मंत्रालय ने भविष्य बताने वालों और जादू-टोना करने वालों के ग्राहकों के नाम और तस्वीरें दर्ज करने की योजना घोषित की थी। इसके बाद जुलाई 2025 में ऐसे लोगों के पास जाने पर जुर्माने लगाए गए। नया डेटाबेस इन प्रयासों को कई अन्य समूहों की निगरानी के साथ जोड़ता है।
पुलिस के आंकड़े पहले से जारी कार्रवाई का पैमाना दिखाते हैं। आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने 2026 की पहली छमाही में पूरे ताजिकिस्तान में भविष्यवाणी और जादू-टोने से जुड़े 604 मामले दर्ज किए। राजधानी दुशांबे में मंत्रालय के विभाग ने इसी अवधि में भविष्यवाणी के 93 मामलों की पहचान की और पांच लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए।
इसलिए, निवासियों के लिए तत्काल बदलाव सिर्फ भविष्यवाणी खरीदने या कथित मंत्र के लिए पैसे देने को लेकर चेतावनी से कहीं व्यापक है। मंत्रालय यह भी चेतावनी दे रहा है कि सूची में शामिल लोगों से संपर्क किसी को पुलिस रिकॉर्ड में ला सकता है। इससे यह कदम ग्राहकों और उनके परिवारों के रोजमर्रा के जीवन तक पहुंचता है।
किसे रजिस्टर में दर्ज किया जा सकता है?
मंत्रालय की सूची में पुरुष और महिला भविष्यवक्ता, जादू-टोना करने वाले, घुमंतू लोग जिन्हें वह छद्म-मुल्ला कहता है, यौनकर्मी, उनके ग्राहक और करीबी रिश्तेदार, नशीले पदार्थों पर निर्भर लोग तथा ऐसी ही गतिविधियों से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। मूल विवरण में ऐसे लोक-चिकित्सक भी शामिल हैं जिनकी प्रतिष्ठा को अधिकारी संदिग्ध मानते हैं, दलाली या नशीले पदार्थों के वितरण में शामिल लोग और करीबी सहयोगी भी।
मुल्ला मुस्लिम धार्मिक व्यक्ति को कहा जाता है। छद्म-मुल्ला शब्द का इस्तेमाल करके अधिकारी उन लोगों की बात कर रहे हैं जिन पर धार्मिक प्राधिकारी होने का झूठा दावा करने का आरोप है। इस पहल के अन्य विवरणों में ऐसे धार्मिक व्यक्ति भी शामिल हैं जिनके पास संबंधित औपचारिक शिक्षा नहीं है।
मंत्रालय की प्रेस सेवा ने घोषणा में श्रेणियों और निगरानी के उद्देश्य का ब्योरा दिया:
भविष्यवाणी, जादू-टोना और धोखाधड़ी की अन्य गतिविधियों को रोकने के लिए, भविष्य बताने वालों, जादू-टोना करने वालों, घुमंतू छद्म-मुल्लाओं, वेश्याओं, उनके ग्राहकों और करीबी रिश्तेदारों, नशीले पदार्थों पर निर्भर लोगों तथा ऐसी ही गतिविधियों में शामिल अन्य व्यक्तियों के उपनाम और नाम आंतरिक मामलों के मंत्रालय के एक विशेष डेटाबेस में दर्ज किए जाते हैं। इन लोगों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी।
ग्राहकों और करीबी रिश्तेदारों का उल्लेख खास तौर पर महत्वपूर्ण है। इससे सेवाएं लेने वाले और पारिवारिक रिश्तों के जरिए जुड़े लोग भी उस रजिस्टर के दायरे में आ जाते हैं जिसमें सेवाएं देने के आरोपी लोग दर्ज होंगे। अंतिम श्रेणी, यानी ऐसी ही गतिविधियों में शामिल अन्य लोग, स्पष्ट रूप से नामित समूहों से आगे सूची का दायरा खुला छोड़ती है।
निवासियों के लिए लगातार निगरानी का क्या अर्थ है
आंतरिक मामलों के मंत्रालय का कहना है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां डेटाबेस में शामिल लोगों पर लगातार निगरानी रखेंगी। संबंधित सरकारी निकायों के अनुरोध पर उन्हें जानकारी दी जाएगी। इस तरह यह रजिस्टर पुलिस रिकॉर्ड के साथ-साथ अन्य अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत जानकारी का स्रोत भी बनेगा।
मंत्रालय ने अपनी सार्वजनिक अपील में बचकर रहने की सलाह भी शामिल की है। उसकी प्रेस सेवा ने निवासियों से सूचीबद्ध समूहों से दूर रहने को कहा और पुलिस रजिस्टर में दर्ज होने के जोखिम को परिवार में व्यक्ति की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने से जोड़ा:
आंतरिक मामलों का मंत्रालय नागरिकों से आग्रह करता है कि वे सूचीबद्ध श्रेणियों के लोगों से दूर रहें, ताकि विशेष निगरानी सूचियों में उनका नाम न आए और अपने ही बच्चों की नजरों में उनकी प्रतिष्ठा धूमिल न हो।
ग्राहक के लिए इस चेतावनी का अर्थ है कि किसी सेवा देने वाले को पैसे देने के नतीजे सेवा पर पैसा गंवाने से आगे तक जा सकते हैं। रिश्तेदारों और सहयोगियों के लिए इसका अर्थ है कि सूची में शामिल किसी व्यक्ति से संबंध होने पर भी अधिकारियों का ध्यान उन पर जा सकता है। इस घोषणा में पुलिस कार्रवाई को प्रतिष्ठा और पारिवारिक सम्मान की अपील के साथ जोड़ा गया है।
कार्रवाई के आंकड़े क्या बताते हैं
आंतरिक मामलों के मंत्रालय का देशव्यापी 604 मामलों का आंकड़ा जनवरी से जून 2026 के बीच सामने आए भविष्यवाणी और जादू-टोने के मामलों को शामिल करता है। दुशांबे का 93 मामलों का आंकड़ा उन छह महीनों में राजधानी के अधिकारियों द्वारा पहचाने गए भविष्यवाणी के मामलों से जुड़ा है।
प्रकाशित कुल आंकड़ों के आधार पर, दुशांबे के 93 मामले देशभर के 604 मामलों का लगभग 15.4 प्रतिशत हैं। राष्ट्रीय आंकड़े में भविष्यवाणी और जादू-टोना, दोनों शामिल हैं, जबकि राजधानी का आंकड़ा विशेष रूप से भविष्यवाणी के मामलों का है। दोनों आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर की घोषणा से पहले ही कार्रवाई अभियान जारी था।
दुशांबे के अधिकारियों ने यह भी कहा कि पांच लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए। आपराधिक मामला जांच और अभियोजन की प्रक्रिया है, जिसमें अधिकारी कथित अपराध की जांच करते हैं और मामला अदालत में ले जा सकते हैं। प्रशासनिक कार्यवाही में आम तौर पर अलग कानूनी प्रक्रिया के तहत जुर्माने जैसे दंड दिए जाते हैं।
यह अंतर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि कार्रवाई के आंकड़े अलग-अलग चीजें गिनते हैं: कथित गतिविधि के 93 मामले और आपराधिक मामलों का सामना कर रहे पांच लोग। निवासियों को सरकारी कार्रवाई के कई चरणों का सामना करना पड़ सकता है, जिनमें डेटाबेस में नाम दर्ज होने से लेकर प्रशासनिक दंड या आपराधिक जांच तक शामिल हैं।
अभियान कैसे आगे बढ़ा
अक्टूबर की घोषणा सेवा देने वालों, ग्राहकों और धार्मिक प्राधिकारी होने का दावा करने वाले लोगों को निशाना बनाने वाले कदमों के सिलसिले के बाद आई है। घटनाक्रम से पता चलता है कि अभियान ग्राहकों का रिकॉर्ड रखने से बढ़कर कई श्रेणियों को शामिल करने वाले एकीकृत रजिस्टर तक पहुंच गया है।
- 2024: आंतरिक मामलों के मंत्रालय ने घोषणा की कि भविष्य बताने वालों और जादू-टोना करने वालों के ग्राहकों की तस्वीरों सहित पुलिस फाइल बनाई जाएगी।
- जुलाई 2025: भविष्य बताने वालों के पास जाने पर जुर्माने लगाए जाने लगे।
- जनवरी से जून 2026: अधिकारियों ने देशभर में भविष्यवाणी और जादू-टोने से जुड़े 604 मामले दर्ज किए। दुशांबे में भविष्यवाणी के 93 मामले और पांच लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए।
- 21 अक्टूबर 2026: एकीकृत डेटाबेस की घोषणा सार्वजनिक की गई। इसमें सेवा देने वालों, ग्राहकों, रिश्तेदारों और अन्य सूचीबद्ध समूहों की निगरानी का ब्योरा दिया गया।
ग्राहकों का पंजीकरण करने की पहले की नीति से समझ आता है कि नई घोषणा में ग्राहकों का प्रमुखता से उल्लेख क्यों है। ताजिकिस्तान का तरीका इन सेवाओं की मांग और उन्हें देने वाले लोगों, दोनों को निशाना बनाता है। रिश्तेदारों और सहयोगियों को शामिल करने से इसका दायरा और बढ़ता है तथा व्यक्तिगत संबंध भी पुलिस निगरानी के दायरे में आ जाते हैं।
जुर्माने, आपराधिक दंड और प्रस्तावित श्रम की अनिवार्यता
अभियान के तहत निशाना बनाई गई गतिविधियों के लिए बताए गए प्रशासनिक जुर्माने करीब 270 से 340 डॉलर तक हैं। एक साल के भीतर दोबारा उल्लंघन करने पर लगभग 680 डॉलर तक का जुर्माना लग सकता है। भविष्य बताने वालों और जादू-टोना करने वालों के ग्राहकों पर भी जवाबदेही तय हो सकती है, इसलिए सेवा खरीदने का फैसला लेन-देन के दोनों पक्षों के लिए कानूनी नतीजे ला सकता है।
बताया गया अधिकतम जुर्माना, पहली बार के उल्लंघन के लिए निर्धारित 340 डॉलर की ऊपरी सीमा से दोगुना है। डॉलर में ये रकम दंड का विवरण देने के लिए किए गए रूपांतरण हैं, न कि ताजिकिस्तान की मुद्रा में बताए गए दंड की शब्दावली।
प्रवर्तन व्यवस्था के विवरण में प्रशासनिक हिरासत और एक साल के भीतर दोबारा अपराध करने पर संभावित आपराधिक मुकदमा भी शामिल है, जिसमें दो साल तक की कैद हो सकती है। प्रशासनिक अपराध संहिता में प्रस्तावित बदलावों के तहत जादू-टोने, भविष्यवाणी, लोक-चिकित्सा और अवैध धार्मिक शिक्षा के लिए छह महीने तक अनिवार्य श्रम की अनुमति दी जा सकती है। अनिवार्य श्रम का अर्थ है कानूनी दंड के रूप में थोपा गया काम।
कार्यान्वयन और कानून से जुड़े कई ब्योरे अब भी स्पष्ट नहीं हैं: घोषणा में पहले से पंजीकृत लोगों की कुल संख्या, नाम हटाने या किसी प्रविष्टि को चुनौती देने के नियम और लगातार निगरानी की सटीक परिभाषा नहीं दी गई है। छह महीने के अनिवार्य श्रम के विवरण में भी प्रस्तावित संशोधन और उपलब्ध दंड के बीच अंतर है; इसे अपनाने की तारीख या अगली विधायी समयसीमा नहीं बताई गई है।
धार्मिक गतिविधियां और लोक-चिकित्सा भी दायरे में
ताजिक अधिकारी संबंधित शिक्षा के बिना धार्मिक व्यक्तियों और कट्टरपंथी धर्मशास्त्रियों के अधीन विदेश में पढ़ाई करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई कर रहे हैं। रजिस्टर की घोषणा में घुमंतू छद्म-मुल्लाओं का स्पष्ट उल्लेख है। इससे धार्मिक प्राधिकारी होने के दावों को भविष्यवाणी और मंत्रालय द्वारा भ्रामक बताई गई अन्य प्रथाओं के साथ रखा गया है।
अधिकारियों ने इस अभियान को पूरे ताजिकिस्तान में, दुशांबे समेत, प्रचलित गतिविधियों के जवाब के रूप में पेश किया है। राजधानी के कार्रवाई संबंधी आंकड़े दिखाते हैं कि पुलिस का ध्यान खींचने वाली गतिविधियां देश के मुख्य शहरी केंद्र तक फैली हैं।
रजिस्टर और प्रस्तावित श्रम-दंड, दोनों के विवरण में लोक-चिकित्सा का उल्लेख है। मूल विवरण में ऐसे चिकित्सकों की बात है जिनकी प्रतिष्ठा संदिग्ध मानी जाती है, जबकि प्रस्तावित प्रशासनिक बदलावों में लोक-चिकित्सा को जादू-टोने, भविष्यवाणी और अवैध धार्मिक शिक्षा के साथ रखा गया है।
यह संयुक्त दायरा मदद तलाश रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। भविष्यवाणी, कथित अलौकिक इलाज या धार्मिक मार्गदर्शन देने वाले व्यक्ति के पास जाने पर ऐसी श्रेणियां लागू हो सकती हैं जिन्हें अधिकारी इसी अभियान के तहत देख रहे हैं। सेवा देने वालों के लिए, इस नीति के तहत इलाज या धार्मिक प्राधिकार के दावे पुलिस पंजीकरण और संभावित दंड के दायरे में आ जाते हैं।
रूसी सांसद ने पहल का स्वागत किया
रूस की स्टेट ड्यूमा के सदस्य विटाली मिलोनोव ने ताजिकिस्तान की पहल का स्वागत किया और कहा कि रूस भी ऐसा ही तरीका अपना सकता है। उनकी प्रतिक्रिया से इस घोषणा को ताजिकिस्तान से बाहर भी राजनीतिक समर्थन मिला है।
मिलोनोव ने रजिस्टर की तारीफ करते हुए कहा:
बहुत अच्छी परियोजना।
रूसी सांसद पहले भी गूढ़ सेवाओं पर प्रतिबंधों की वकालत कर चुके हैं। 2023 में उन्होंने राशिफल प्रकाशित करने और टैरो कार्ड बेचने पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव दिया था। 2025 के वसंत में उन्होंने कहा कि अभियोजकों को भविष्य बताने वालों और खुद को जादूगर बताने वालों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
उनका समर्थन ताजिकिस्तान के डेटाबेस को रूस में कड़े प्रतिबंधों की उनकी मौजूदा मुहिम से जोड़ता है। ताजिकिस्तान में ठोस घटनाक्रम यह है कि आंतरिक मामलों का मंत्रालय नाम दर्ज करने, सूचीबद्ध लोगों की निगरानी करने और संबंधित अधिकारियों के साथ जानकारी साझा करने की योजना बना रहा है। इससे सेवा देने वालों और ग्राहकों के खिलाफ जारी अभियान का दायरा बढ़कर उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों तक पहुंचता है।
मुख्य बातें
- ताजिकिस्तान का आंतरिक मामलों का मंत्रालय भविष्य बताने वालों, जादू-टोना करने वालों, यौनकर्मियों, नशीले पदार्थों पर निर्भर लोगों और अन्य नामित समूहों को शामिल करने वाला एकीकृत रजिस्टर बना रहा है।
- ग्राहक, करीबी रिश्तेदार और सहयोगी भी निगरानी के दायरे में आ सकते हैं।
- मंत्रालय का कहना है कि सूचीबद्ध लोगों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और अनुरोध पर उनकी जानकारी संबंधित अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी।
- अधिकारियों ने 2026 की पहली छमाही में देशभर में भविष्यवाणी और जादू-टोने से जुड़े 604 मामले दर्ज किए। दुशांबे में भविष्यवाणी के 93 मामले और पांच लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हुए।
- ग्राहकों पर भी दंड लग सकते हैं, जबकि प्रस्तावित प्रशासनिक बदलावों में छह महीने तक अनिवार्य श्रम शामिल है।
- घोषणा में पंजीकरण की प्रक्रिया, नाम हटाने के नियम और लगातार निगरानी के व्यावहारिक अर्थ स्पष्ट नहीं किए गए हैं।






