कोपेनहेगन समझौते ने हरित ऊर्जा से आगे सहयोग का दायरा बढ़ाया
वियतनाम और डेनमार्क ने 20 अक्टूबर, 2026 को कोपेनहेगन में व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की। इसके तहत अपतटीय पवन ऊर्जा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से लेकर समुद्री सुरक्षा, मधुमेह देखभाल और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक सहयोग तय किया गया। फ्रांस के बाद डेनमार्क यूरोपीय संघ का दूसरा सदस्य और वियतनाम के साथ इस स्तर की साझेदारी स्थापित करने वाला पहला नॉर्डिक देश बन गया है।
विषय-सूची
- कोपेनहेगन समझौते ने हरित ऊर्जा से आगे सहयोग का दायरा बढ़ाया
- राजनयिक संबंधों से व्यापक साझेदारी तक
- व्यापार योजनाओं में बाजार तक पहुंच और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं पर जोर
- डेनिश कंपनियां आगे के निवेश का आधार तैयार करती हैं
- ऊर्जा एजेंडे के केंद्र में अपतटीय पवन ऊर्जा और वित्त
- बंदरगाह, नौवहन और संभावित सीधी उड़ानें
- समुद्री सुरक्षा व्यापक संबंधों का हिस्सा बनी
- अनुसंधान, स्वास्थ्य देखभाल और प्रशिक्षण को मिली स्पष्ट प्राथमिकताएं
- समुदायों के संबंध और आगे की यात्राएं कार्यान्वयन में मददगार
- मुख्य बातें
वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम तथा डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन ने लाम की 19 से 21 अक्टूबर की राजकीय यात्रा के दौरान इस दर्जे पर सहमति जताई। यह यात्रा राजा फ्रेडरिक दसवें के निमंत्रण पर हुई। दोनों देशों का संयुक्त बयान अपनाए जाने के साथ ही प्रभावी हो गया। यह वर्ष राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे होने का भी है।
आर्थिक महत्वाकांक्षाएं राजनयिक भाषा से आगे जाती हैं। डेनमार्क के विदेश मंत्री लार्स लोके रासमुसेन ने कहा कि डेनमार्क का लक्ष्य वियतनाम में यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा निवेशक बनना है। लाम ने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स तथा अधिक मूल्य वाली वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करने वाले उद्योगों सहित कई क्षेत्रों में सहयोग के 10 से अधिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
यह साझेदारी कई व्यावहारिक लक्ष्यों को एक साथ जोड़ती है: वियतनामी आपूर्तिकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय उत्पादन नेटवर्क से जुड़ने में मदद करना, डेनमार्क से अधिक निवेश आकर्षित करना, परिवहन संपर्क बेहतर बनाना और स्वच्छ ऊर्जा की ओर वियतनाम के बदलाव में सहयोग करना। यह सरकारी एजेंसियों, विश्वविद्यालयों, व्यवसायों और स्थानीय प्राधिकरणों के बीच सहयोग के लिए व्यापक राजनीतिक ढांचा भी तैयार करती है।
निवासियों और कंपनियों के लिए सबसे स्पष्ट बदलाव अलग-अलग परियोजनाओं और समझौतों के जरिए आएंगे: नवीकरणीय बिजली, अधिक कुशल बंदरगाह, प्रशिक्षण के अवसर, बेहतर स्वास्थ्य सहयोग और दक्षिण-पूर्व एशिया तथा यूरोप के बीच आसान वाणिज्यिक संपर्क। नेताओं ने अपने मंत्रालयों और एजेंसियों को प्रतिबद्धताओं को ठोस काम में बदलने का निर्देश दिया।
राजनयिक संबंधों से व्यापक साझेदारी तक
वियतनाम और डेनमार्क ने 25 नवंबर, 1971 को राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। वियतनाम के विदेश मंत्री ले होआई चुंग ने याद किया कि जब वियतनाम में युद्ध जारी था, तब डेनमार्क उन पहले पश्चिमी देशों में शामिल था जिसने उसके साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए।
इसके बाद यह संबंध पारंपरिक विकास सहयोग से आगे बढ़कर निवेश, प्रौद्योगिकी और साझा आर्थिक हितों पर केंद्रित साझेदारी में बदल गया। नया समझौता सहयोग की शुरुआत नए सिरे से करने के बजाय पहले के दो ढांचों पर आधारित है।
- 25 नवंबर, 1971: वियतनाम और डेनमार्क ने राजनयिक संबंध स्थापित किए।
- 2013: दोनों देशों ने व्यापक साझेदारी स्थापित की।
- 2023: उन्होंने हरित रणनीतिक साझेदारी स्थापित की।
- 19 से 21 अक्टूबर, 2026: लाम ने डेनमार्क की राजकीय यात्रा की।
- 20 अक्टूबर, 2026: लाम और फ्रेडरिक्सन ने कोपेनहेगन में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को अपनाया।
2023 के ढांचे में सहयोग का ध्यान हरित बदलाव पर था। 2026 का समझौता ऊर्जा और जलवायु कार्रवाई को केंद्र में रखते हुए संबंधों का विस्तार सुरक्षा, विज्ञान, स्वास्थ्य, शिक्षा और सरकारी सहयोग तक करता है।
राजनीतिक संपर्क भी बढ़ेंगे। बयान में उच्चस्तरीय यात्राएं बढ़ाने, विदेश मंत्रालयों के बीच परामर्श जारी रखने और संसदीय आदान-प्रदान मजबूत करने का आह्वान किया गया है। सांसदों से कानूनों पर अनुभव साझा करने, द्विपक्षीय समझौतों की निगरानी करने और समितियों तथा संसदीय मैत्री समूहों के जरिए संपर्क बनाए रखने की अपेक्षा है।
व्यापार योजनाओं में बाजार तक पहुंच और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं पर जोर
वियतनाम और डेनमार्क ने व्यापार और निवेश को साझेदारी का मुख्य स्तंभ बताया। उन्होंने बाधाएं दूर करने, दोनों दिशाओं में वाणिज्यिक गतिविधियां बढ़ाने और विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखकर खुली अंतरराष्ट्रीय व्यापार व्यवस्था का समर्थन करने का संकल्प लिया।
ईयू-वियतनाम मुक्त व्यापार समझौता, जिसे ईवीएफटीए के नाम से जाना जाता है, मुख्य व्यापार ढांचा बना हुआ है। दोनों सरकारों ने इसके कार्यान्वयन का स्वागत किया और शेष ईयू सदस्य देशों से ईयू-वियतनाम निवेश संरक्षण समझौते की पुष्टि करने का आग्रह किया। यह समझौता निवेश के संरक्षण से जुड़ा है, जबकि ईवीएफटीए व्यापार संबंधों को नियंत्रित करता है।
वियतनामी आपूर्तिकर्ता नेटवर्क एक खास प्राथमिकता है। आपूर्तिकर्ता नेटवर्क उन कंपनियों को जोड़ता है जो किसी उत्पाद के निर्माण और आपूर्ति के लिए जरूरी सामग्री, पुर्जे और सेवाएं उपलब्ध कराती हैं। स्थानीय कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय निर्माताओं की जरूरतें पूरी करने में मदद मिलने से विदेशी निवेश से जुड़ा अधिक काम और आय वियतनाम में रह सकती है।
दोनों देश चाहते हैं कि व्यवसायों को ईयू और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन के बाजारों तक बेहतर पहुंच मिले, जिसमें हरित प्रौद्योगिकियां और पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद भी शामिल हैं। उनकी योजनाएं अनुसंधान, कार्यबल प्रशिक्षण और आपूर्ति श्रृंखलाओं को जोड़ती हैं, न कि निवेश को केवल नए कारखाने बनाने तक सीमित रखती हैं।
डेनिश कंपनियां आगे के निवेश का आधार तैयार करती हैं
वियतनाम में पहले से काम कर रही डेनिश कंपनियों में लेगो, मेर्स्क, पैंडोरा, कार्ल्सबर्ग और वेस्टास का नाम लिया गया। इनकी मौजूदगी विनिर्माण, नौवहन, उपभोक्ता उत्पादों और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्रों में निवेश के एजेंडे को आधार देती है।
फ्रेडरिक्सन ने उन्नत प्रौद्योगिकी, पर्यावरण-अनुकूल तरीकों और अधिक आर्थिक मूल्य पैदा करने वाली गतिविधियों से जुड़ी परियोजनाओं के जरिए डेनिश व्यवसायों के विस्तार का समर्थन किया। लाम ने साझेदारी को परियोजनाओं में बदलने के लिए नीतिगत संवाद और निवेश प्रोत्साहन मजबूत करने का आह्वान किया।
डेनमार्क के वियतनाम में यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा निवेशक बनने की रासमुसेन की महत्वाकांक्षा इस एजेंडे को एक मापनीय दिशा देती है। इस घोषणा में इस लक्ष्य को हासिल करने की कोई समय-सीमा या निवेश राशि नहीं बताई गई। द्विपक्षीय व्यापार के लिए कोई संख्यात्मक लक्ष्य और नए परिवहन मार्गों के शुरू होने की तारीखें भी तय नहीं की गईं।
प्रस्तावित तरीके में विदेशी निवेश के साथ वियतनामी व्यवसायों को मजबूत करना शामिल है। अनुसंधान साझेदारियां, कौशल प्रशिक्षण और आपूर्तिकर्ताओं का विकास आने वाली परियोजनाओं को व्यापक अर्थव्यवस्था से जोड़ने में मदद करेंगे। निवेश पर विचार कर रही कंपनियों के लिए मंत्रालयों और स्थानीय प्राधिकरणों के बीच सहयोग इन योजनाओं को अमल में लाने का हिस्सा होगा।
ऊर्जा एजेंडे के केंद्र में अपतटीय पवन ऊर्जा और वित्त
डेनमार्क ने वियतनाम को नवीकरणीय ऊर्जा विकसित करने, ऊर्जा का अधिक कुशलता से उपयोग करने और 2050 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के लक्ष्य को हासिल करने में मदद के लिए अपना अनुभव और प्रौद्योगिकी साझा करने का संकल्प लिया। शुद्ध शून्य का अर्थ है वातावरण में छोड़ी गई ग्रीनहाउस गैसों और हटाई गई गैसों की मात्रा के बीच संतुलन।
लाम ने वियतनाम के नीतिगत ढांचे को बेहतर बनाने, हरित वित्त जुटाने और बड़े नवीकरणीय ऊर्जा प्रोजेक्ट विकसित करने, विशेष रूप से अपतटीय पवन ऊर्जा के लिए डेनमार्क से समर्थन मांगा। हरित वित्त का अर्थ स्वच्छ बिजली, कम उत्सर्जन और जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन जैसी गतिविधियों के लिए दिए जाने वाले वित्तपोषण से है।
इस चर्चा में प्रौद्योगिकी के साथ उसे इस्तेमाल करने के लिए जरूरी परिस्थितियों को भी जोड़ा गया है। अपतटीय पवन ऊर्जा के लिए उपकरण, उपयुक्त नियमों और समुद्र में परियोजनाओं के वित्तपोषण की जरूरत होती है। बंदरगाहों, नौवहन और कार्यबल के कौशल पर सहयोग सीधे इस लक्ष्य से जुड़ता है, क्योंकि पवन ऊर्जा परियोजनाओं को परिवहन, स्थापना और रखरखाव सेवाओं की जरूरत होती है।
वियतनाम ने अपनी न्यायसंगत ऊर्जा बदलाव साझेदारी, यानी जेईटीपी, को लागू करने में भी समर्थन मांगा। न्यायसंगत बदलाव का लक्ष्य स्वच्छ ऊर्जा की ओर परिवर्तन को उन लोगों और समुदायों के लिए व्यावहारिक बनाना है जो ऊर्जा उत्पादन और रोजगार में बदलाव से प्रभावित होते हैं।
व्यापक सहयोग ढांचे में डेनमार्क-वियतनाम ऊर्जा साझेदारी कार्यक्रम और पी4जी को ऊर्जा तथा हरित विकास के काम में सहयोग देने वाले माध्यमों में शामिल किया गया है। दोनों सरकारों ने जलवायु अनुकूलन और चक्रीय अर्थव्यवस्था के लिए भी प्रतिबद्धता जताई, जिसका लक्ष्य पुनः उपयोग, मरम्मत और पुनर्चक्रण के जरिए सामग्रियों को इस्तेमाल में बनाए रखना है।
बंदरगाह, नौवहन और संभावित सीधी उड़ानें
वियतनाम के बंदरगाह और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क समझौते का एक और प्रमुख हिस्सा हैं। नेताओं ने समुद्री बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स केंद्रों, परिवहन बुनियादी ढांचे, पर्यावरण-अनुकूल नौवहन और उत्पादन स्थलों को बाजारों से जोड़ने वाले गलियारों पर सहयोग का समर्थन किया।
लॉजिस्टिक्स का अर्थ वस्तुओं की आवाजाही और भंडारण को व्यवस्थित करना है। किसी निर्माता के लिए इसमें पुर्जे कारखाने तक पहुंचाना, भंडार बनाए रखना और तैयार उत्पाद ग्राहक तक पहुंचाना शामिल है। बेहतर संपर्क व्यापार एजेंडे के तहत लक्षित अंतरराष्ट्रीय उत्पादन नेटवर्क में वियतनामी आपूर्तिकर्ताओं की भागीदारी को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।
दोनों देशों ने समुद्री, हवाई, सड़क और रेल परिवहन में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई। वे विमानन कंपनियों को वियतनाम और डेनमार्क के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित करेंगे, साथ ही उत्तरी यूरोप के अन्य गंतव्यों के लिए सुविधाजनक संपर्क उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।
ये परिवहन योजनाएं अलग-अलग समूहों के काम आएंगी। माल ढुलाई के संपर्क निर्यातकों और निर्माताओं के लिए अहम हैं, जबकि हवाई संपर्क से कारोबारी यात्रियों, पर्यटकों और परिवारों को लाभ होगा। पर्यावरण-अनुकूल नौवहन वाणिज्यिक परिवहन एजेंडे को दोनों देशों की जलवायु प्रतिबद्धताओं से जोड़ता है।
समुद्री सुरक्षा व्यापक संबंधों का हिस्सा बनी
संयुक्त बयान में द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा संवाद का आह्वान किया गया है और क्षेत्रीय सहयोग के मंच के रूप में आसियान तटरक्षक मंच को मान्यता दी गई है। यह खोज और बचाव, मानवीय सहायता तथा आपदा प्रतिक्रिया पर आदान-प्रदान का भी समर्थन करता है।
वियतनाम और डेनमार्क ने नौवहन और उड़ान की स्वतंत्रता, समुद्री सुरक्षा और संरक्षा तथा निर्बाध व्यापार के प्रति समर्थन दोहराया, जिसमें दक्षिण चीन सागर भी शामिल है। उन्होंने समुद्र में गतिविधियों को नियंत्रित करने वाले कानूनी ढांचे के रूप में 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन, जिसे यूएनसीएलओएस के नाम से जाना जाता है, का उल्लेख किया।
दोनों सरकारों ने धमकी या बल प्रयोग के बिना विवादों के शांतिपूर्ण समाधान का समर्थन किया। उन्होंने दक्षिण चीन सागर में पक्षों के आचरण संबंधी 2002 की घोषणा को पूरी तरह लागू करने और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप प्रभावी आचार संहिता की दिशा में प्रगति का भी समर्थन किया।
डेनमार्क ने जहां संभव हो, समुद्री संपर्क और सुरक्षा पर आसियान के प्रयासों का समर्थन करने की तत्परता जताई। वहीं वियतनाम ने डेनमार्क-आसियान के करीबी सहयोग के लिए सेतु की भूमिका निभाने की पेशकश की। बयान में इन प्रतिबद्धताओं के साथ संयुक्त राष्ट्र में बेहतर समन्वय, मानवाधिकार संधियों के सम्मान और वार्षिक वियतनाम-ईयू मानवाधिकार संवाद के समर्थन का भी उल्लेख है।
अनुसंधान, स्वास्थ्य देखभाल और प्रशिक्षण को मिली स्पष्ट प्राथमिकताएं
कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी, जैव चिकित्सा और डिजिटल प्रौद्योगिकियों को संयुक्त अनुसंधान, व्यावहारिक इस्तेमाल और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया। दोनों देश चाहते हैं कि विश्वविद्यालय, अनुसंधान संस्थान, नवाचार केंद्र और व्यवसाय करीबी संपर्क विकसित करें।
प्रौद्योगिकी हस्तांतरण का अर्थ ज्ञान और तरीकों को साझा करना है, ताकि कोई दूसरा संगठन उन्हें व्यवहार में इस्तेमाल कर सके। प्रशिक्षण पर जोर इस लक्ष्य को उन लोगों से जोड़ता है जिनकी नए उपकरण चलाने, अनुसंधान करने और उत्पाद विकसित करने के लिए जरूरत होगी।
स्वास्थ्य सहयोग में मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी गैर-संचारी बीमारियां शामिल हैं। इन स्थितियों में अक्सर एक बार के उपचार के बजाय लगातार देखभाल की जरूरत होती है। इसलिए समझौते में स्वास्थ्य एजेंडे के लिए कुछ खास विषय तय किए गए हैं, जिनके इर्द-गिर्द संस्थान सहयोग संगठित कर सकते हैं।
रोगाणुरोधी प्रतिरोध एक और प्राथमिकता है। यह तब होता है जब रोगाणुओं का दवाओं से इलाज करना कठिन हो जाता है, जिससे संक्रमण पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है। सहयोग के प्रासंगिक माध्यमों में रोगाणुरोधी प्रतिरोध समाधान के लिए अंतरराष्ट्रीय केंद्र, यानी आईसीएआरएस, को शामिल किया गया है।
शिक्षा संबंधी प्रतिबद्धताओं में तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण के साथ उच्च कौशल वाले कर्मियों का विकास शामिल है। डैनिडा फेलोशिप सेंटर के अनुदान भी सहयोग ढांचे का हिस्सा हैं। कृषि, सांख्यिकी, स्मार्ट शहरी विकास और स्थानीय सरकारों के बीच आदान-प्रदान इस एजेंडे को विदेश मंत्रालयों से आगे बढ़ाकर सार्वजनिक संस्थानों के काम तक ले जाते हैं।
समुदायों के संबंध और आगे की यात्राएं कार्यान्वयन में मददगार
डेनमार्क में 18,000 से अधिक वियतनामी लोग रहते हैं। फ्रेडरिक्सन ने डेनिश समाज और दोनों देशों के संबंधों में इस समुदाय के एकीकरण और योगदान की सराहना की। यात्रा के दौरान लाम ने डेनमार्क-वियतनाम मैत्री संघ, दूतावास के कर्मचारियों और डेनमार्क, आइसलैंड तथा दक्षिणी स्वीडन के वियतनामी समुदायों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की।
बयान में यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं का भी उल्लेख है। दोनों देश बायोमेट्रिक डेटा वाले राजनयिक पासपोर्ट धारकों को वीजा से छूट देने वाले समझौते की संभावनाएं तलाशेंगे। उन्होंने हो ची मिन्ह सिटी में डेनमार्क के महावाणिज्य दूतावास का स्वागत किया, जो उनके बढ़ते द्विपक्षीय राजनयिक संबंधों का एक और हिस्सा है।
20 अक्टूबर की शाम कोपेनहेगन में आयोजित मैत्री संगीत समारोह ने वर्षगांठ को चिह्नित किया। इसमें राजा फ्रेडरिक दसवें और रानी मैरी सहित अन्य लोग शामिल हुए। लाम और उनके प्रतिनिधिमंडल ने न्य कार्ल्सबर्ग ग्लिप्टोटेक का भी दौरा किया, जहां 10,000 से अधिक कलाकृतियां और ऐतिहासिक वस्तुएं रखी हैं।
फ्रेडरिक्सन ने लाम का वियतनाम आने का निमंत्रण स्वीकार किया। अब समझौते को लागू करने का जिम्मा संबंधित मंत्रालयों, एजेंसियों, व्यवसायों और अन्य संस्थानों पर है। ऊर्जा परियोजनाओं, आपूर्तिकर्ताओं के विकास, अनुसंधान संपर्कों और सार्वजनिक सेवाओं का मेल उन्हें राजनयिक संबंधों के नए दर्जे को ठोस नतीजों में बदलने के कई अवसर देता है।
मुख्य बातें
- वियतनाम और डेनमार्क ने 20 अक्टूबर, 2026 को कोपेनहेगन में व्यापक रणनीतिक साझेदारी अपनाई।
- फ्रांस के बाद डेनमार्क इस स्तर पर वियतनाम का दूसरा ईयू साझेदार और नॉर्डिक क्षेत्र में उसका पहला साझेदार बना है।
- व्यापार की प्राथमिकताओं में ईवीएफटीए लागू करना, वियतनामी आपूर्तिकर्ताओं को मजबूत करना और उन्नत प्रौद्योगिकी तथा हरित उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करना शामिल है।
- ऊर्जा सहयोग में नवीकरणीय बिजली, अपतटीय पवन ऊर्जा, हरित वित्त और 2050 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जन के वियतनाम के लक्ष्य पर ध्यान है।
- समझौते का दायरा बंदरगाहों, समुद्री सुरक्षा, अनुसंधान, स्वास्थ्य देखभाल और व्यावसायिक प्रशिक्षण तक फैला है।
- लाम ने कहा कि सहयोग के 10 से अधिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जबकि डेनमार्क ने वियतनाम में यूरोप का दूसरा सबसे बड़ा निवेशक बनने की महत्वाकांक्षा जताई।






