हनोई में हस्ताक्षर से व्यापार और हिरासत विवाद एक साथ
वियतनाम और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ के चार देश रविवार, 18 अक्टूबर 2026 को हनोई में एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए बातचीत 2012 में शुरू हुई थी। यह समझौता 2025 में 4.8 अरब यूरो के व्यापारिक संबंध को और मजबूत करेगा। वहीं, नॉर्वे इस यात्रा के दौरान अपने एक नागरिक की हिरासत का मामला उठाएगा।
विषय-सूची
- हनोई में हस्ताक्षर से व्यापार और हिरासत विवाद एक साथ
- समझौते में क्या-क्या शामिल होगा
- लंबे ठहराव के बाद बातचीत कैसे पूरी हुई
- वियतनाम पहले से ही आयात से कहीं अधिक निर्यात करता है
- शुल्क में कटौती की समय-सीमा अलग-अलग होगी
- दोनों पक्ष निर्यात के साथ निवेश भी चाहते हैं
- वियतनाम कंपनियों को समझौते का लाभ उठाने के लिए तैयार कर रहा है
- तीन लोगों की हिरासत से हनोई में नॉर्वे की चिंताएं
- नॉर्वे पहुंच और जल्द समाधान चाहता है
- मुख्य बातें
स्विट्जरलैंड के अर्थव्यवस्था मंत्री और देश की चक्रीय अध्यक्षता संभाल रहे गाय पार्मेलिन के समारोह में शामिल होने की उम्मीद है। उनके मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बुधवार को यह जानकारी दी। नॉर्वे के विदेश मंत्रालय और हनोई में दो अधिकारियों ने भी हस्ताक्षर की योजना की पुष्टि की। ईएफटीए में स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टाइन शामिल हैं।
नॉर्वे की राज्य सचिव एस्ट्रिड बर्गमॉल समारोह में शामिल होंगी और गुयेन डुक थुआन के मामले पर चर्चा करेंगी। थुआन को ऑस्ट्रेलियाई नागरिक हो फाम हिएप हुई और वियतनामी नागरिक थाई कॉन्ग ट्रुओंग सोन के साथ हिरासत में लिया गया है। वियतनाम का कहना है कि इन लोगों को कंबोडिया से अवैध रूप से सीमा पार करते समय गिरफ्तार किया गया। लोकतंत्र की पैरवी करने वाले समूह वियत तान का कहना है कि उन्हें कंबोडिया में अगवा किया गया। वियतनामी अधिकारी कहते हैं कि ये लोग इसी समूह के सदस्य हैं।
नॉर्वे द्वारा थुआन तक कांसुलर पहुंच की मांग के बीच हस्ताक्षर का कार्यक्रम तय समय पर है। इस तरह यात्रा की कूटनीतिक बैठकों में दो तात्कालिक प्राथमिकताएं एक साथ आएंगी: एक दशक से अधिक समय से बातचीत के अधीन वाणिज्यिक समझौते को पूरा करना और हिरासत के उस मामले को उठाना, जिसे लेकर नॉर्वे के विदेश मंत्रालय का कहना है कि वहां जनता में चिंता है।
समझौते में क्या-क्या शामिल होगा
ईएफटीए की जुलाई में वार्ता पूरी होने की घोषणा के अनुसार, इस समझौते में वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार, निवेश, बौद्धिक संपदा, सरकारी खरीद, सतत विकास और छोटे व्यवसाय शामिल हैं। इसमें सहयोग और क्षमता निर्माण भी शामिल है, यानी संस्थानों और कंपनियों को समझौते को लागू करने में मदद देना।
सीमा शुल्क वे कर हैं जो सामान के सीमा पार करने पर लगाए जाते हैं। इन्हें घटाने से उत्पादों के आयात की लागत कम हो सकती है, हालांकि अंतिम कीमत परिवहन, कारोबारी लागत और विक्रेताओं के फैसलों पर भी निर्भर करती है। समझौते का लक्ष्य इन शुल्कों को समाप्त करना या घटाना और व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाना है।
उद्गम के नियम तय करते हैं कि कौन-से उत्पाद समझौते के लाभों के पात्र होंगे। उदाहरण के लिए, कई देशों से आए पुर्जों का इस्तेमाल कर वियतनाम में जोड़ा गया उत्पाद, तरजीही सीमा शुल्क पाने के लिए वियतनामी माना जाए, इसके लिए उसे सहमत शर्तें पूरी करनी होंगी। आयातित सामग्री पर निर्भर विनिर्माताओं के लिए इन शर्तों का सटीक होना अहम है।
समझौते में खाद्य, पशु और पादप स्वास्थ्य से जुड़े नियम, जिन्हें स्वच्छता एवं पादप-स्वास्थ्य उपाय कहा जाता है, और उत्पाद मानकों तथा परीक्षण संबंधी शर्तों जैसी तकनीकी बाधाएं भी शामिल हैं। सरकारी खरीद से आशय सार्वजनिक निकायों की खरीद से है। बौद्धिक संपदा के प्रावधान आविष्कारों, ब्रांड और रचनात्मक काम से जुड़े अधिकारों पर लागू होते हैं, जबकि व्यापार उपचार के नियम कुछ हानिकारक व्यापार तरीकों या आयात में तेज बढ़ोतरी के जवाब में उठाए जाने वाले कदमों से संबंधित हैं।
लंबे ठहराव के बाद बातचीत कैसे पूरी हुई
ईएफटीए के मई 2024 के अपडेट से पता चलता है कि हस्ताक्षर की योजना से दो साल पहले भी कई अहम मुद्दे बाकी थे। तब तक वार्ताकार 16 दौर की बातचीत कर चुके थे। वस्तुओं का व्यापार, बौद्धिक संपदा और सतत विकास उन विषयों में शामिल थे जिन पर सहमति बाकी थी।
2 मई को हुई वीडियो कॉन्फ्रेंस में ईएफटीए की ओर से नॉर्वे के व्यापार, उद्योग और मत्स्य मंत्रालय के निदेशक स्वेइनुंग रोरेन और वियतनाम की ओर से उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय के महानिदेशक लुओंग होआंग थाई ने नेतृत्व किया। दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने समाधान की दिशा में काम जारी रखने पर सहमति जताई।
2018 में बातचीत रुक गई थी और 8 सितंबर 2025 को जिनेवा में इसे औपचारिक रूप से फिर शुरू किया गया। यह शुरुआत अमेरिकी शुल्कों को लेकर वैश्विक तनाव के बीच हुई। ईएफटीए के रिकॉर्ड के अनुसार, बातचीत फिर शुरू होने के बाद पांच दौर हुए, जबकि वियतनाम का उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय पूरी प्रक्रिया में औपचारिक वार्ता के कुल 21 सत्र बताता है।
- 2012: वियतनाम और ईएफटीए ने बातचीत शुरू की।
- 2 मई 2024: 16 दौर के बाद प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों ने लंबित मुद्दों की समीक्षा की।
- 8 सितंबर 2025: जिनेवा में बातचीत फिर शुरू हुई।
- 22 जून 2026: शेष मुद्दों पर मंत्रिस्तरीय चर्चा हुई।
- 2 जुलाई 2026: दोनों पक्षों ने बातचीत पूरी होने की घोषणा की।
- 18 अक्टूबर 2026: अधिकारी हनोई में समझौते पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं।
ईएफटीए के अनुसार, 22 जून की मंत्रिस्तरीय बैठक आइसलैंड के रेक्याविक में हुई थी; वियतनाम का मंत्रालय इसे लिकटेंस्टाइन में हुई बैठक बताता है। दोनों संस्थाएं 2 जुलाई को बातचीत पूरी होने की घोषणा की तारीख बताती हैं।
वियतनाम पहले से ही आयात से कहीं अधिक निर्यात करता है
ईएफटीए और वियतनाम का उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 4.8 अरब यूरो और वियतनाम का व्यापार अधिशेष 2.5 अरब यूरो बताते हैं। व्यापार अधिशेष का अर्थ है कि वियतनाम ने इस समूह से जितना सामान खरीदा, उससे अधिक बेचा। इन आंकड़ों में सोने का स्विस व्यापार शामिल नहीं है।
इन गोल किए गए कुल आंकड़ों के आधार पर, ईएफटीए को वियतनाम का निर्यात लगभग 3.65 अरब यूरो और वहां से आयात करीब 1.15 अरब यूरो था। यह गणना कुल व्यापार और निर्यात-आयात के अंतर को मिलाकर की गई है। यानी दोनों पक्षों के बीच व्यापार किए गए सामान के मूल्य का लगभग तीन-चौथाई हिस्सा वियतनाम से आया।
इसी आधार पर एक दशक पहले वियतनाम का अधिशेष 0.5 अरब यूरो था। इसके बढ़कर 2.5 अरब यूरो होने का मतलब है कि यह पांच गुना हुआ, यानी 2 अरब यूरो की वृद्धि। यह समझौता ऐसे मौजूदा वाणिज्यिक संबंध को आगे बढ़ाएगा, जिसमें वियतनाम का निर्यात पहले ही काफी बढ़ चुका है।
2025 में ईएफटीए को वियतनाम के प्रमुख निर्यातों में विद्युत मशीनरी, जूते, परिधान और यांत्रिक मशीनरी शामिल थे। वियतनाम को ईएफटीए के प्रमुख निर्यातों में विद्युत मशीनरी, मछली, दवाइयां और यांत्रिक मशीनरी शामिल थीं। ईएफटीए का कहना है कि वियतनाम से उसके आयात की प्रमुख श्रेणियों में पिछले दशक के दौरान औसतन सालाना 10% से अधिक वृद्धि दर्ज की गई। वियतनाम को विद्युत मशीनरी और मछली का निर्यात भी इसी तरह तेजी से बढ़ा।
शुल्क में कटौती की समय-सीमा अलग-अलग होगी
वियतनाम ने 86% से अधिक शुल्क श्रेणियों पर शुल्क समाप्त करने की पेशकश की है। वियतनाम सरकार के समाचार पोर्टल के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इससे ईएफटीए से होने वाले आयात के 99.9% हिस्से को लाभ मिलेगा। कुछ कटौतियां समझौता लागू होते ही होंगी, जबकि अन्य को तीन से 15 साल के दौरान चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
शुल्क श्रेणी सीमा शुल्क सूची में किसी उत्पाद का वर्ग है। श्रेणियों के 86% और आयात मूल्य के 99.9% के बीच का अंतर यह बताता है कि शामिल श्रेणियों में उन वस्तुओं के लगभग पूरे मूल्य का हिस्सा है, जिन्हें वियतनाम फिलहाल ईएफटीए से खरीदता है। अलग-अलग श्रेणियों में व्यापार का मूल्य बहुत अलग हो सकता है।
कंपनियों को अपने उत्पाद के लिए शुल्क सूची जांचनी होगी और उद्गम से जुड़ी लागू शर्तें पूरी करनी होंगी। हस्ताक्षर अगला तय कदम है; समझौते के लागू होने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए शुल्क घटने का इंतजार कर रही कंपनियों को यह गणना करने से पहले लागू होने की समय-सारणी की जरूरत होगी कि किसी खास उत्पाद पर बचत कब शुरू होगी।
दोनों पक्ष निर्यात के साथ निवेश भी चाहते हैं
बातचीत में ईएफटीए के प्रवक्ता के रूप में नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ आइदे ने समझौते को अंतरराष्ट्रीय व्यापार की अनिश्चित परिस्थितियों के जवाब के तौर पर पेश किया। मंत्रिस्तरीय बैठक में उन्होंने कहा:
वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में भरोसेमंद व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध मजबूत करना पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।
आइदे ने कहा कि समझौते से वस्तुओं और सेवाओं के लिए बाजार तक पहुंच बेहतर होगी, कारोबार के लिए अधिक पूर्वानुमेय स्थितियां बनेंगी और वाणिज्यिक अवसर खुलेंगे। ये लक्ष्य सीमा शुल्क से आगे बढ़कर उन नियमों तक जाते हैं, जिनका सामना कंपनियों को सेवाएं बेचने, निवेश करने या बौद्धिक संपदा की रक्षा करने में करना पड़ता है।
वियतनाम के उप उद्योग एवं व्यापार मंत्री गुयेन सिन्ह न्हाट तान ने इस साझेदारी को अलग-अलग ताकत वाली अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने वाला बताया। मंत्रालय के समझौते पर दिए साक्षात्कार में उन्होंने विनिर्माण और क्षेत्रीय व्यापार में वियतनाम की बढ़ती भूमिका के साथ ईएफटीए की तकनीक, वित्त, स्वच्छ ऊर्जा और नवाचार की ताकतों का जिक्र किया।
तान ने कहा कि वियतनाम उन्नत तकनीक, प्रसंस्करण उद्योगों, स्वच्छ ऊर्जा और कार्यबल विकास में निवेश चाहता है। उन्होंने 10 करोड़ से अधिक की वियतनाम की आबादी और लागू 17 मुक्त व्यापार समझौतों के उसके नेटवर्क को उन ईएफटीए कंपनियों के लिए आकर्षण बताया, जो दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना विस्तार करना चाहती हैं।
वियतनाम कंपनियों को समझौते का लाभ उठाने के लिए तैयार कर रहा है
वियतनाम का उद्योग एवं व्यापार मंत्रालय कंपनियों को समझौते की प्रतिबद्धताओं की जानकारी देने और उद्गम के नियमों, तकनीकी विनियमों, उत्पाद गुणवत्ता, पर्यावरणीय शर्तों तथा सतत विकास पर प्रशिक्षण देने की योजना बना रहा है। तान ने कहा कि सफलता का व्यावहारिक पैमाना यह होगा कि कंपनियां समझौते का इस्तेमाल करें और इससे अर्थव्यवस्था तथा जनता को लाभ मिले।
मंत्रालय आसानी से उपलब्ध मार्गदर्शन, व्यापार प्रोत्साहन और कंपनियों के बीच बैठकों की भी योजना बना रहा है। ये तैयारियां एक व्यावहारिक समस्या का समाधान करती हैं: सीमा शुल्क में रियायत तभी उपयोगी है, जब कंपनी शर्तों को समझे और जरूरी दस्तावेज दे सके।
तान ने 26 जून 2026 को जारी डिक्री संख्या 240/एनडी-सीपी का जिक्र किया, जो मुक्त व्यापार समझौतों के इस्तेमाल में सहायता और निर्यात प्रोत्साहन कोष से संबंधित है। मंत्रालय इस ढांचे को सरकार के उस प्रयास का हिस्सा बताता है, जिसके तहत कंपनियों को बातचीत में तय प्रतिबद्धताओं को वास्तविक बिक्री और निवेश में बदलने में मदद दी जाएगी।
तीन लोगों की हिरासत से हनोई में नॉर्वे की चिंताएं
वियतनाम के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्रालय ने कहा कि गुयेन डुक थुआन, हो फाम हिएप हुई और थाई कॉन्ग ट्रुओंग सोन को 18 सितंबर को कंबोडिया से वियतनाम में अवैध रूप से प्रवेश करने की कोशिश के दौरान गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने सितंबर के अंत में आतंकवाद के आरोपों की घोषणा की।
मंत्रालय ने कहा कि ये लोग वियत तान के सदस्य हैं। यह अमेरिका स्थित लोकतंत्र समर्थक समूह है, जिसे वियतनाम की कम्युनिस्ट सरकार आतंकवादी संगठन घोषित करती है। वियत तान का कहना है कि तीनों को कंबोडिया में अगवा किया गया।
कंबोडिया के गृह मंत्रालय ने कहा कि उसके अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार नहीं किया था और उनके देश छोड़ने का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इस बयान से उन्हें वियतनामी हिरासत में सौंपे जाने की परिस्थितियां अनसुलझी रह गई हैं। सीमा पर गिरफ्तारी को लेकर वियतनाम का दावा और अपहरण का वियत तान का आरोप एक-दूसरे से अलग हैं।
ह्यूमन राइट्स वॉच ने बुधवार को तीनों लोगों की तत्काल रिहाई की मांग की। संगठन ने कहा कि वे कंबोडिया में लापता हो गए थे। अक्टूबर की शुरुआत में दर्जनों अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने कंबोडिया में उनके कथित अपहरण और वियतनाम में हिरासत की निंदा की थी।
नॉर्वे पहुंच और जल्द समाधान चाहता है
नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने वियतनाम से थुआन तक कांसुलर पहुंच देने का अनुरोध किया है। इससे हिरासत में लिए गए किसी विदेशी नागरिक को उसके देश का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिकारियों से सहायता मिल सकती है। मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि वियतनाम ने अनुरोध स्वीकार किया है या नहीं।
मंत्रालय ने कहा कि 15 से 19 अक्टूबर तक तय यात्रा के दौरान बर्गमॉल यह मामला वियतनामी अधिकारियों के सामने उठाएंगी। हिरासत को उच्च प्राथमिकता बताते हुए मंत्रालय ने कहा:
इस मामले को लेकर नॉर्वे में जनता चिंतित है। हमें उम्मीद है कि मामले का समाधान बिना अनावश्यक देरी के हो सकेगा।
नॉर्वे के विदेश मंत्रालय ने इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि थुआन की हिरासत समझौते को प्रभावित कर सकती है या नहीं। वियतनाम के विदेश मंत्रालय ने टिप्पणी के अनुरोध का तत्काल जवाब नहीं दिया। फिर भी अधिकारियों ने रविवार को हस्ताक्षर की पुष्टि जारी रखी, जिससे वाणिज्यिक समारोह और नॉर्वे की कांसुलर चर्चाएं एक ही यात्रा का हिस्सा होंगी।
कंपनियों के लिए निकटतम अहम पड़ाव हस्ताक्षर है, जिसके बाद समझौते को लागू करने की समय-सारणी आएगी। हिरासत में लिए गए लोगों और उनके परिवारों के लिए तत्काल मुद्दे कांसुलर सहायता तक पहुंच और उनकी रिहाई की मांगों पर प्रतिक्रिया हैं।
मुख्य बातें
- वियतनाम और ईएफटीए 18 अक्टूबर 2026 को हनोई में मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की योजना बना रहे हैं।
- बातचीत 2012 में शुरू हुई, सितंबर 2025 में औपचारिक रूप से फिर शुरू हुई और जुलाई 2026 में पूरी हुई।
- 2025 में द्विपक्षीय व्यापार 4.8 अरब यूरो तक पहुंचा। स्विस सोने के व्यापार को छोड़कर वियतनाम का अधिशेष 2.5 अरब यूरो था।
- समझौते में वस्तुएं, सेवाएं, निवेश, बौद्धिक संपदा, सार्वजनिक खरीद और सतत विकास शामिल हैं।
- नॉर्वे ने हिरासत में लिए गए अपने नागरिक गुयेन डुक थुआन तक कांसुलर पहुंच मांगी है और यात्रा के दौरान उसका मामला उठाएगा।
- वियतनाम का कहना है कि तीन कार्यकर्ताओं को कंबोडिया से सीमा पार करते समय गिरफ्तार किया गया; वियत तान का कहना है कि उन्हें वहां अगवा किया गया।
- समझौते के लागू होने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है।






