धुंध से इंडोनेशिया और आसपास की यात्राएं प्रभावित
परिवहन मंत्रालय के अनुसार, इंडोनेशिया में जंगलों और जमीन पर लगी आग से 11 अगस्त से 19 अक्टूबर 2026 के बीच 2,604 घरेलू उड़ानें प्रभावित हुईं, जबकि धुंध के कारण सिंगापुर से जुड़ी 14 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं रद्द करनी पड़ीं। इसका असर सुमात्रा और कालीमंतन से आगे सुलावेसी, मालुकु, उत्तर मालुकु और पापुआ के हवाई अड्डों तक फैल गया है।
विषय-सूची
- धुंध से इंडोनेशिया और आसपास की यात्राएं प्रभावित
- उड़ानों में व्यवधान कैसे बढ़ा
- कम दृश्यता में उड़ान क्यों रुक सकती है
- पूर्वी इलाकों के हवाई अड्डों पर बढ़ता दबाव
- सिंगापुर और मलेशिया के संपर्क भी प्रभावित
- एयरलाइनों का नुकसान टिकट बिक्री से आगे
- हॉटस्पॉट घटे, लेकिन आग फिर भड़क रही है
- धुआं आग बुझाने के प्रयासों को भी सीमित करता है
- स्वास्थ्य का बोझ परिवारों पर
- कानूनी कार्रवाई और क्षेत्रीय बातचीत तेज
- मुख्य बिंदु
नागरिक उड्डयन महानिदेशक लुकमान एफ. लैसा ने बताया कि 1,420 घरेलू उड़ानें रद्द की गईं या उनका समय बदला गया, 1,129 में देरी हुई, 23 को दूसरे हवाई अड्डों पर भेजा गया और छह अपने प्रस्थान हवाई अड्डों पर लौट गईं। 26 अन्य उड़ानों को पहले रवाना होने के लिए पुनर्निर्धारित किया गया। रद्दीकरण, समय में बदलाव और देरी मिलाकर कुल 2,549 उड़ानें प्रभावित हुईं, जो कुल संख्या का लगभग 98 प्रतिशत है।
नवीनतम संख्या 17 अक्टूबर तक दर्ज 2,458 उड़ानों से 146 अधिक थी। यात्रियों को टर्मिनल पर इंतजार करना पड़ सकता है या वे किसी दूसरे शहर में पहुंच सकते हैं। विमानों पर निर्भर दूरदराज के समुदायों में उड़ानें रद्द होने से जरूरी सामान की आपूर्ति और सरकारी सेवाओं तक पहुंच भी बाधित हो सकती है।
सिंगापुर से जुड़ी सेवाएं भी सीधे प्रभावित हुईं: 12 सितंबर से 23 सितंबर के बीच सिंगापुर और पोंटियानक के बीच आने-जाने वाली 12 उड़ानें रद्द हुईं। इसके बाद 15 अक्टूबर को सिंगापुर और पालेमबांग के बीच दो उड़ानें रद्द की गईं। धुंध से सबांग और सिंगापुर के सेलेटर हवाई अड्डे के बीच मलेशिया की फायरफ्लाई सेवा भी बाधित हुई। करीब एक हफ्ते तक सेवा निलंबित रहने के बाद एयरलाइन ने इस मार्ग पर उड़ानें फिर शुरू कर दीं।
उड्डयन सेवाओं में बाधा व्यापक आपात स्थिति का एक हिस्सा है। इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 अक्टूबर तक प्रभावित सात प्रांतों में सांस की तीव्र बीमारी के 283,270 मामले दर्ज किए। वहीं, आग बुझाने वाले दलों को इतना घना धुआं झेलना पड़ा कि कुछ विमान उन आग तक नहीं पहुंच पाए जिनसे धुआं उठ रहा था।
उड़ानों में व्यवधान कैसे बढ़ा
परिवहन मंत्रालय के लगातार जारी आंकड़े बताते हैं कि अक्टूबर के दौरान उड़ानों में व्यवधान किस तरह बढ़ा। इसकी निगरानी में हवाई अड्डा प्राधिकरणों, संचालकों, एयरलाइनों और हवाई यातायात सेवाओं से मिली जानकारी शामिल है।
- 11 अगस्त: मंत्रालय की संचयी निगरानी अवधि शुरू हुई।
- 12 से 23 सितंबर: पोंटियानक के सुपादियो हवाई अड्डे पर धुंध के कारण सिंगापुर से जुड़ी सेवाओं की 12 उड़ानें रद्द हुईं।
- 12 अक्टूबर: प्रभावित घरेलू उड़ानों की संचयी संख्या 1,813 पहुंची।
- 13 अक्टूबर: कुल संख्या 2,021 पहुंची। इसमें 1,067 उड़ानें रद्द हुईं या उनका समय बदला गया और 919 में देरी हुई।
- 15 अक्टूबर: सिंगापुर-पालेमबांग मार्ग की दो उड़ानें रद्द हुईं।
- 17 अक्टूबर: मंत्रालय ने 17 प्रांतों के 29 हवाई अड्डों पर 2,458 घरेलू उड़ानों के प्रभावित होने की सूचना दी।
- 19 अक्टूबर: प्रभावित घरेलू उड़ानों की संचयी संख्या 2,604 पहुंची।
13 अक्टूबर को 2,021 उड़ानों से बढ़कर 19 अक्टूबर को 2,604 होने का अर्थ है कि 583 और उड़ानें प्रभावित हुईं, यानी करीब 29 प्रतिशत की वृद्धि। इन आंकड़ों में समय-सारणी में बदलाव के कई प्रकार शामिल हैं। मंत्रालय ने रद्दीकरण और समय में बदलाव को एक साथ गिना है।
इसी दौरान अन्य खतरों ने भी उड्डयन सेवाओं को प्रभावित किया। 17 अक्टूबर तक अधिकारियों ने ज्वालामुखीय राख, खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण अलग से 20 घरेलू उड़ानें रद्द होने की सूचना दी। इन उड़ानों को धुंध से प्रभावित उड़ानों की संख्या में शामिल नहीं किया गया।
कम दृश्यता में उड़ान क्यों रुक सकती है
पालेमबांग का सुल्तान महमूद बदरुद्दीन द्वितीय हवाई अड्डा सुरक्षा से जुड़ी समस्या का ठोस उदाहरण है। महाप्रबंधक अहमद शौगी साहब ने बताया कि एक सुबह दृश्यता हवाई अड्डे की 600 मीटर की न्यूनतम परिचालन सीमा से नीचे गिरने पर पांच उड़ानों में देरी हुई। इससे पहले 3 अक्टूबर को धुंध ने वहां 18 उड़ानों को प्रभावित किया था।
उड़ान दलों को सुरक्षित ढंग से उड़ान भरने, अप्रोच और लैंडिंग के लिए पर्याप्त दृश्यता चाहिए। परिचालन सीमा हवाई अड्डे, विमान और इस्तेमाल की जा रही प्रक्रियाओं पर निर्भर करती है। इसलिए अलग-अलग हवाई अड्डों पर धुएं से उड़ानें अलग-अलग तरह से प्रभावित हो सकती हैं।
दृश्यता करीब 600 मीटर होने पर पेकानबारू के सुल्तान स्यारिफ कासिम हवाई अड्डे पर कई तरह की स्थितियां बनीं। लायन एयर की एक उड़ान जकार्ता लौट गई, सिटीलिंक की एक उड़ान को बाटम भेजा गया और पेलेटा एयर का एक विमान हालात सुधरने के बाद उतरने से पहले पांच चक्कर लगाता रहा। जांबी के सुल्तान थाहा हवाई अड्डे पर दृश्यता सुबह-सुबह 1,500 मीटर से घटकर दोपहर तक 800 मीटर रह गई, जिसके चलते आठ उड़ानों में देरी हुई या उनका समय बदला गया।
नागरिक उड्डयन के लिए जिम्मेदार मंत्रालय के अधिकारी लुकमान ने सरकार की परिचालन प्राथमिकता बताई:
उड़ान सुरक्षा और संरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। हर परिचालन निर्णय में मौसम की स्थिति, दृश्यता और संबंधित अधिकारियों के सुरक्षा आकलन को ध्यान में रखना जरूरी है।
पूर्वी इलाकों के हवाई अड्डों पर बढ़ता दबाव
13 से 17 अक्टूबर के बीच धुंध ने बड़े भौगोलिक क्षेत्र में उड्डयन सेवाओं को प्रभावित किया। मंत्रालय ने पलू के मुतियारा एसआईएस अल-जुफ्री, तेरनाते के सुल्तान बाबुल्लाह, अंबोन के पट्टिमुरा, तिमिका के मोजेस किलांगिन और सोरोंग के डोमिन एडुआर्ड ओसोक हवाई अड्डों के साथ पोंटियानक, पेकानबारू और पालेमबांग के हवाई अड्डों का भी नाम लिया।
अधिकारियों ने पापुआ, मध्य पापुआ, पापुआ पहाड़ी क्षेत्र और दक्षिण पापुआ के 16 हवाई अड्डों को भी निगरानी में रखा। इनमें सेंतानी, तिमिका, वामेना, ओक्सिबिल, देकाई, मेराउके, तनाह मेराह और एवर के साथ-साथ मंग्गेलुम, यानिरुमा और मिंदिपतानाह जैसे छोटे गंतव्य शामिल थे।
लायन ग्रुप के प्रवक्ता दानांग मंडला प्रियंतो ने बताया कि सोरोंग, मनोक्वारी और जयापुरा जाने वाली कम से कम चार उड़ानों का समय बदला गया। किसी एक हवाई अड्डे पर खराब हालात बाद की सेवाओं को भी प्रभावित कर सकते हैं, क्योंकि आगे की यात्राओं के लिए उसी विमान और चालक दल की जरूरत होती है।
16 अक्टूबर को धुंध के कारण सिंगकेप, कुआला पेम्बुआंग, तनाह मेराह और गोरोंतालो समन्वय क्षेत्रों में 22 अग्रणी उड़ानें भी रद्द हुईं। इनमें दो मालवाहक सेवाएं थीं। अग्रणी उड़ानें उन जगहों को जोड़ती हैं जहां नियमित वाणिज्यिक परिवहन सीमित है। उड्डयन पर्यवेक्षक गातोत रहार्जो ने चेतावनी दी कि इन उड़ानों में बाधा से जरूरी सामान की आपूर्ति घट सकती है और दूरदराज के समुदायों में कीमतें बढ़ सकती हैं।
सिंगापुर और मलेशिया के संपर्क भी प्रभावित
कम दृश्यता के कारण फायरफ्लाई ने 10 अक्टूबर को उड़ानें रद्द करने की घोषणा की। प्रभावित मार्ग कुआलालंपुर के पास सबांग स्थित सुल्तान अब्दुल अजीज शाह हवाई अड्डे को सिंगापुर के सेलेटर हवाई अड्डे से जोड़ता है। सेवा निलंबित रहने के दौरान यात्रियों को उपलब्ध सीटों के आधार पर कुआलालंपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और चांगी हवाई अड्डे के बीच मलेशिया एयरलाइंस की उड़ानों में भेजा जा सकता था।
सेलेटर की मुश्किलें इस मार्ग तक सीमित नहीं रहीं। सिंगापुर के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और चांगी एयरपोर्ट ग्रुप से मिली जानकारी के अनुसार, कम दृश्यता और धुंध के कारण 5 से 11 अक्टूबर के बीच हवाई अड्डे से 16 उड़ानों को दूसरे स्थानों पर भेजा गया।
एयरएशिया के इंडोनेशिया मामलों और रणनीतिक संचार निदेशक एडी क्रिस्मेइदी ने बताया कि पालेमबांग, पोंटियानक और बंजारमासिन से जुड़ी इसकी मलेशियाई उड़ानें भी प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने मलेशियाई ग्राहकों को कालीमंतन ले जाने की अपनी नियोजित यात्रा टाल दी।
इंडोनेशिया के हवाई अड्डा संचालकों को कम दृश्यता के लिए प्रक्रियाएं मजबूत करने और एयरनैव इंडोनेशिया तथा मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी, यानी बीएमकेजी, के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं। उड्डयन सूचनाओं के जरिए चालक दलों को पाबंदियों और बदलते हालात की जानकारी दी जाती है। संचालकों से टर्मिनल में सूचना व्यवस्था बेहतर करने और यात्रियों को मास्क देने के लिए भी कहा गया है।
एयरलाइनों का नुकसान टिकट बिक्री से आगे
इंडोनेशिया के राष्ट्रीय विमानवाहक संघ (इनाका) ने अनुमान लगाया कि सितंबर में करीब 500 उड़ानें रद्द होने से एयरलाइनों को 22 अरब रुपये से अधिक का नुकसान हुआ। इस अनुमान में हवाई अड्डा संचालकों, दुकानों, रेस्तरां, टैक्सी और होटलों को हुए नुकसान को शामिल नहीं किया गया।
10 एयरलाइनों के एक पहले के आकलन में सिटीलिंक की सबसे अधिक 478 उड़ानें प्रभावित हुईं। इसके बाद एनएएम एयर की 300, विंग्स एयर की 227 और सुपर एयर जेट की 161 उड़ानें प्रभावित हुईं। अन्य प्रभावित संचालकों में गरुड़ इंडोनेशिया, बाटिक एयर, ट्रांसनुसा, लायन एयर और श्रीविजया एयर शामिल थे।
इनाका के महासचिव बायु सुतांतो ने कहा कि आपात हालात से प्रभावित यात्रियों को धनवापसी या उड़ान का समय बदलने का विकल्प मिल सकता है। लुकमान ने भी कहा कि लागू नियमों के तहत यात्रियों के अधिकारों को पूरा करना एयरलाइनों की जिम्मेदारी बनी हुई है। यात्रियों को अपनी एयरलाइन की मौजूदा व्यवस्था जांचनी चाहिए, खासकर तब जब वैकल्पिक यात्रा में अलग हवाई अड्डे इस्तेमाल हों।
पर्यटन कारोबार को भी आगंतुकों में कमी का नुकसान हो सकता है। इंडोनेशियाई पर्यटन उद्योग संघ के अध्यक्ष हरियादी सुकमदानी ने चेतावनी दी कि हालात बने रहने पर प्रभावित इलाकों में होटल अधिभोग घटकर 10–20 प्रतिशत रह सकता है। उन्होंने कहा कि कालीमंतन पर खास दबाव है, क्योंकि वहां भूमि मार्ग से यात्रा के विकल्प सुमात्रा के मुख्य सड़क गलियारे की तुलना में सीमित हैं।
सेंटर ऑफ इकोनॉमिक एंड लॉ स्टडीज ने जनवरी से अगस्त के बीच आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी लागत 39.29 लाख करोड़ से 123.1 लाख करोड़ रुपये तक रहने का अनुमान लगाया। उसके आकलन में भौतिक संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ा नुकसान 29.54 लाख करोड़ रुपये था। ये आग की आपात स्थिति से जुड़े व्यापक अनुमान हैं, जबकि इनाका का आंकड़ा सितंबर में एयरलाइन उड़ानें रद्द होने से हुए नुकसान का है।
हॉटस्पॉट घटे, लेकिन आग फिर भड़क रही है
वानिकी मंत्रालय के नवीनतम अपडेट में सोमवार रात 9 बजे देशभर में उच्च विश्वास स्तर के 487 हॉटस्पॉट दर्ज किए गए, जो एक दिन पहले के 1,104 से कम थे। छह प्राथमिकता वाले प्रांतों में इनकी संख्या 748 से घटकर 172 रही।
दक्षिण सुमात्रा में 64, मध्य कालीमंतन में 49, दक्षिण कालीमंतन में 40, पश्चिम कालीमंतन में 12 और जांबी में सात हॉटस्पॉट दर्ज किए गए, जबकि रियाउ में कोई नहीं था। देशभर में संख्या घटने के बावजूद दक्षिण सुमात्रा और दक्षिण कालीमंतन में बढ़ोतरी हुई। इससे पहले की निगरानी में देशभर में हॉटस्पॉट 270 से बढ़कर 1,104 हुए थे, जो हालात में तेजी से बदलाव को दिखाता है।
हॉटस्पॉट ताप का पता लगाने वाले संकेत हैं, जिनसे संभावित आग का स्थान खोजने में मदद मिलती है। जले हुए क्षेत्र का माप अलग से किया जाता है। पर्यावरण संगठन सत्य भूमि के अनुमान के मुताबिक, जनवरी से जुलाई 2026 के बीच 202,000 हेक्टेयर से अधिक जमीन जल गई, जो एक साल पहले की इसी अवधि से 69 प्रतिशत ज्यादा है।
आग बुझाने की चुनौती का बड़ा हिस्सा जमीन के नीचे है। पीट आंशिक रूप से सड़ी-गली वनस्पतियों का मोटा जमाव होता है। सूखने पर इसमें भूमिगत आग लग सकती है और गर्मी बनी रहती है, जहां पानी पहुंचाना मुश्किल होता है।
पलंगका राय में 27 वर्षीय अग्निशमनकर्मी फौजी रहमान ने आग पूरी तरह बुझाने के लिए जरूरी काम का वर्णन किया:
पीट मिट्टी काफी गहरी होती है, इसलिए हमें आग को पूरी गहराई तक पूरी तरह बुझाना पड़ता है।
बंजारबारू के पास अग्निशमन दलों ने पीट में दो मीटर तक पाइप डालकर जमीन के नीचे पानी और आग बुझाने वाला तरल पहुंचाने का परीक्षण किया। पुलिस ने बताया कि एक परीक्षण में जमीन के नीचे का तापमान करीब 120 डिग्री सेल्सियस से घटकर 30 डिग्री हो गया। बची हुई गर्मी जांचने के लिए थर्मल ड्रोन का इस्तेमाल किया गया।
धुआं आग बुझाने के प्रयासों को भी सीमित करता है
इंडोनेशिया की नवीनतम प्रतिक्रिया रिपोर्ट में 61 विमान तैयार रखे जाने का उल्लेख है। इनमें 44 पानी गिराने और 17 गश्त तथा मौसम में बदलाव के लिए थे। अलग परिचालन रिकॉर्ड के मुताबिक, 20 अप्रैल से 16 अक्टूबर के बीच 11 संचालकों के 38 विमानों ने पानी गिराने वाली 5,179 उड़ानें भरीं।
विमानों को सुरक्षित दिशा में उड़ने, निशाना पहचानने और पानी गिराने के लिए पर्याप्त दृश्यता चाहिए। मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने कहा कि घने धुएं के कारण इंडोनेशिया की प्रतिक्रिया में शामिल 34 विमान उड़ान नहीं भर सके। दुर्गम भूभाग और पानी की सीमित उपलब्धता ने भी मुश्किल बढ़ाई।
मलेशिया ने बॉम्बार्डियर सीएल-415एमपी विमान, तीन हेलिकॉप्टर और करीब 50 कर्मियों की पेशकश की। अलग-अलग प्रस्तावों का आकलन करते हुए इंडोनेशिया अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार करने पर सहमत था। 19 अक्टूबर के अपडेट तक मलेशिया के इस विशेष सहायता पैकेज को इंडोनेशिया की मंजूरी नहीं मिली थी। इससे पहले मलेशियाई विमान की पेशकश की खबर आई थी।
अधिकारियों ने 15 और 16 अक्टूबर को दक्षिण सुमात्रा के ऊपर करीब 2.4 टन सूखी बर्फ भी बिखेरी। शुरुआत में इसका ध्यान पालेमबांग हवाई अड्डे पर था। सूखी बर्फ ठोस कार्बन डाइऑक्साइड होती है। इस प्रयोग का उद्देश्य तापमान प्रतिलोमन को बाधित करना है। यह गर्म हवा की ऐसी परत होती है जो ठंडी हवा और धुएं को जमीन के पास रोक लेती है।
सूखी बर्फ के पहले परीक्षण के दौरान आपदा अधिकारियों ने बताया कि दृश्यता करीब 650 मीटर से बढ़कर 2,800 मीटर हो गई, जो उनके कम से कम 5,000 मीटर के लक्ष्य से कम थी। बीएमकेजी अधिकारियों ने इस तरीके को प्रयोगात्मक बताया और कहा कि उष्णकटिबंधीय जंगल की आग से उठने वाली धुंध पर इसकी प्रभावशीलता का आकलन जारी है। यह तरीका धुएं को फैलाने पर केंद्रित है, जबकि जमीन पर दल और विमान आग बुझाते रहते हैं।
स्वास्थ्य का बोझ परिवारों पर
इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 अक्टूबर तक प्रभावित सात प्रांतों में सांस की तीव्र बीमारी के 283,270 मामले दर्ज किए, जबकि 9 सितंबर तक यह संख्या 113,336 थी। 60,000 से अधिक मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों के थे।
पलंगका राय के स्वास्थ्य कार्यालय ने सांस के तीव्र संक्रमणों में 25 प्रतिशत वृद्धि की सूचना दी। लोगों ने बताया कि धुआं घरों में घुस रहा है और स्वयंसेवक अपेक्षाकृत स्वच्छ हवा वाले आश्रय बना रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और सांस लेने में पहले से दिक्कत झेल रहे लोगों वाले परिवारों के लिए सुरक्षित हवा की तलाश खास तौर पर जरूरी हो गई है।
सुमात्रा में बीएमकेजी के माप के दौरान गंभीर स्थितियों में पालेमबांग में पीएम2.5 का स्तर 903.6 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पेकानबारू में 298.7 तक पहुंचा। पीएम2.5 का मतलब 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे कण हैं, जो फेफड़ों में गहराई तक जा सकते हैं।
मलेशिया ने प्रभावित इलाकों में स्कूल बंद किए, जबकि सिंगापुर ने धुंध से जुड़ी बीमारियों के लिए रियायती इलाज फिर शुरू किया। सुरक्षा उपकरणों की मांग भी बढ़ी: मलेशियाई चिकित्सा आपूर्तिकर्ता एए अलाइव ने ऑक्सीजन उपकरणों की बिक्री में 35 प्रतिशत वृद्धि बताई। खुदरा विक्रेता कोर्ट्स के अनुसार, 28 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच एयर प्यूरिफायर की बिक्री एक साल पहले की इसी अवधि के मुकाबले 600 प्रतिशत बढ़ी।
वानिकी मंत्रालय ने यह भी बताया कि जावा के एक राष्ट्रीय उद्यान में चार अग्निशमनकर्मियों की मौत हुई। हजारों कर्मियों वाले इस अभियान में उनकी मौतों ने मानवीय नुकसान को और बढ़ा दिया।
कानूनी कार्रवाई और क्षेत्रीय बातचीत तेज
सिंगापुर की स्थिरता और पर्यावरण मंत्री ग्रेस फू ने कहा कि राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी इंडोनेशिया में रियायतों वाली सात कंपनियों को सीमा-पार धुंध प्रदूषण कानून के तहत नोटिस जारी करेगी। इन नोटिसों में आग रोकने के लिए कदम उठाने और रोकथाम की जानकारी देने की मांग की गई है। 2014 का यह कानून उन कंपनियों पर प्रतिदिन 100,000 सिंगापुर डॉलर तक जुर्माना लगाने की अनुमति देता है, जो सिंगापुर में धुंध फैलाने वाली आग लगाती हैं या उसे होने देती हैं।
फू ने एजेंसी की शुरुआती जांच और आगे की संभावित कार्रवाई का आधार बताया:
अब तक की हमारी जांच से संकेत मिला है कि सिंगापुर में महसूस की गई धुंध का कुछ हिस्सा इंडोनेशिया में सात कंपनियों की जमीन पर लगी आग से आया था।
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने कहा कि सिंगापुर यह जांच कर रहा है कि कौन-सी कंपनियां जिम्मेदार हो सकती हैं और अन्य देशों के साथ संयुक्त कार्रवाई पर विचार कर रहा है। ग्रीनपीस ने भी जलाए गए इलाकों और सिंगापुर तथा मलेशिया में स्थित कारोबारों के बीच संबंध होने का आरोप लगाया है।
इंडोनेशिया ने अपनी प्रवर्तन कार्रवाई का दायरा बढ़ाया है। 32 कंपनियों पर प्रतिबंध के बाद वानिकी मंत्रालय ने बताया कि उपायों में परमिट निलंबन, पुनर्बहाली के आदेश और पांच परमिट रद्द करना शामिल था। 125 व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चल रही थी।
आसियान ने धुंध अलर्ट बढ़ाकर स्तर 3 कर दिया, जो इसका सर्वोच्च स्तर है। मलेशिया क्षेत्रीय व्यवस्थाओं को मजबूत करना चाहता है। मोहम्मद ने कहा कि धुंध का मुद्दा समूह की मौजूदा प्राकृतिक आपदा व्यवस्था के दायरे से बाहर है। नवंबर में मनीला में होने वाले शिखर सम्मेलन से पहले आसियान बैठकों में इस पर चर्चा होनी है। इस बीच यात्रियों और समुदायों को बदलती दृश्यता, बाधित संपर्क और धुएं के लगातार संपर्क का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्य बिंदु
- इंडोनेशिया में 11 अगस्त से 19 अक्टूबर के बीच 2,604 घरेलू उड़ानें प्रभावित हुईं। इनमें 1,420 रद्द हुईं या उनका समय बदला गया।
- सिंगापुर से जुड़ी 14 अंतरराष्ट्रीय सेवाएं पोंटियानक और पालेमबांग मार्गों पर रद्द हुईं।
- 17 अक्टूबर तक 17 प्रांतों के 29 हवाई अड्डे धुंध से प्रभावित हुए और दूरदराज के समुदायों को जोड़ने वाली सेवाएं बाधित हुईं।
- इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 13 अक्टूबर तक सात प्रांतों में सांस की तीव्र बीमारी के 283,270 मामले दर्ज किए।
- आग बुझाने के प्रयासों में जमीन पर काम करने वाले दल, विमान, पीट को ठंडा करना और धुआं फैलाने के प्रयोग शामिल हैं। कम दृश्यता से कुछ अभियान प्रभावित हुए।
- सिंगापुर कंपनियों की जांच कर रहा है, जबकि नवंबर में मनीला शिखर सम्मेलन से पहले आसियान इस संकट पर चर्चा करेगा।






