विमान देने की पेशकश पर दृश्यता का संकट
मलेशिया इंडोनेशिया में जंगलों और पीटलैंड की आग से निपटने के लिए संभावित सहायता की तैयारी कर रहा है। इसमें हेलीकॉप्टर और पानी गिराने वाले विमान शामिल हैं। हालांकि, धुएँ के कारण प्रस्तावित बचाव उड़ानों में से कुछ का संचालन बेहद जोखिम भरा हो गया है। विदेश मंत्री दातुक सेरी मोहम्मद हसन ने कहा कि प्रभावित इलाकों में दृश्यता कथित तौर पर 50 मीटर से भी कम रह गई थी, जबकि कालीमंतन के कुछ हिस्सों में प्रदूषण का स्तर 1,000 तक पहुंच गया था।
विषय-सूची
- विमान देने की पेशकश पर दृश्यता का संकट
- अधिक विमानों को भी इंतजार क्यों करना पड़ सकता है
- मुख्य जिम्मेदारी जमीनी दलों पर
- कितनी जमीन जल चुकी है?
- कृत्रिम बारिश बादलों पर निर्भर
- स्कूलों और अस्पतालों पर दबाव
- धुएँ से उड़ानें बाधित, संरक्षण क्षेत्र पर खतरा
- विदेशी सहायता पर आगे क्या होगा?
- क्षेत्रीय सहयोग और रोकथाम के प्रस्ताव
- मुख्य बातें
यह पेशकश ऐसे समय आई है जब इंडोनेशिया ने जमीन पर 60,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया है और मलेशिया में स्कूल बंद किए जा रहे हैं तथा हवा की गुणवत्ता बिगड़ रही है। उप प्रधानमंत्री दातुक सेरी डॉ. अहमद जाहिद हमीदी ने पहले मलेशिया की ओर से एक अग्निशमन विमान, तीन हेलीकॉप्टर और 52 अधिकारियों एवं कर्मियों की तैनाती का प्रस्ताव बताया था।
मोहम्मद ने कहा कि मलेशिया के विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के वरिष्ठ अधिकारी अपने इंडोनेशियाई समकक्षों के साथ उपयुक्त सहायता पर चर्चा कर रहे हैं। उनकी सिफारिशें मंजूरी के लिए मलेशियाई मंत्रिमंडल को भेजी जाएंगी। तैनाती की कोई तारीख घोषित नहीं की गई।
इंडोनेशिया ने अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार करने पर सहमति जताई है, साथ ही अलग-अलग प्रस्तावों का आकलन अपनी संचालन संबंधी जरूरतों के आधार पर किया जा रहा है। मुख्य समस्या व्यावहारिक है: अंदरूनी इलाकों में लगी आग तक सड़क से पहुंचना कठिन है, लेकिन उनसे उठता धुआँ विमानों को वहां पहुंचने से भी रोक सकता है।
18 अक्टूबर को मलक्का में बोलते हुए मोहम्मद ने कहा कि मलेशिया पायलटों और चालक दल की सुरक्षा को प्राथमिकता देगा। उन्होंने किसी भी अभियान पर सरकार की ओर से लगाई जाने वाली सीमाओं का जिक्र किया:
हमें सावधानी बरतनी होगी। हम पायलटों को खतरनाक हालात में उड़ान भरने के लिए मजबूर नहीं कर सकते। हम ऐसा नहीं करेंगे।
अधिक विमानों को भी इंतजार क्यों करना पड़ सकता है
मध्य कालीमंतन में हवाई अग्निशमन अभियान पहले ही लंबे समय तक बाधित रहे हैं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की अध्यक्षता में 12 अक्टूबर को हुई बैठक में आपदा अधिकारियों ने बताया कि प्रांत में पानी गिराने वाले हेलीकॉप्टर करीब एक सप्ताह से उड़ान नहीं भर पाए थे। पलंगका राया और बंजारमासिन से चलने वाले अभियान प्रभावित हुए।
क्षेत्रीय सैन्य कमांडर मेजर जनरल ज़ैनुल आरिफिन ने तंजुंग पुटिंग राष्ट्रीय उद्यान के आसपास लगभग 500 मीटर दृश्यता होने की बात कही। बाद में मोहम्मद ने प्रभावित इलाकों में दृश्यता 50 मीटर से कम बताई, हालांकि उन्होंने उसी स्थान का जिक्र नहीं किया। दोनों विवरण ऐसे घने धुएँ की ओर इशारा करते हैं जो अग्निशमन उड़ानों में बाधा डालने के लिए पर्याप्त है।
इंडोनेशिया की राष्ट्रीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी, जिसे BNPB के नाम से जाना जाता है, ने कुछ सप्ताह पहले भी इसी कठिनाई का दस्तावेजीकरण किया था। उसके मध्य कालीमंतन के आकलन में 21 सितंबर को दृश्यता लगभग 500 मीटर दर्ज की गई थी और कहा गया था कि असुरक्षित उड़ान परिस्थितियों के चलते हेलीकॉप्टरों को तैयार रहना पड़ा।
वॉटर बॉम्बिंग का मतलब है विमान से आग पर पानी गिराना। चालक दल को रास्ता देखने, लक्ष्य तक पहुंचने और सुरक्षित रूप से पानी छोड़ने के लिए पर्याप्त दृश्यता चाहिए। अतिरिक्त विमान तभी मददगार होंगे जब वे जलते इलाकों तक पहुंच सकें और पानी के उपयोग योग्य स्रोत ढूंढ सकें।
मोहम्मद ने कहा कि जापान की एक टीम पहले भी अपना सहायता अभियान जारी रखने में असमर्थ रहने के बाद स्वदेश लौट गई थी। उनकी बात से स्पष्ट हुआ कि मलेशिया की चर्चा केवल उपलब्ध विमानों की संख्या पर नहीं, बल्कि जरूरी सहायता के प्रकार पर केंद्रित है।
मुख्य जिम्मेदारी जमीनी दलों पर
BNPB के सितंबर आकलन के मुताबिक, मध्य कालीमंतन में करीब 10,700 कर्मियों को तैनात किया गया था। इनमें सेना, पुलिस, आपदा एजेंसियों, वन अग्निशमन दलों, स्वयंसेवकों और स्थानीय प्रशासन के लोग शामिल थे। इसमें प्रांतीय वानिकी सेवा के 946 कर्मियों का भी जिक्र था, जो 19 केंद्रों के जरिए काम कर रहे थे, और सेना के करीब 1,220 कर्मी भी तैनात थे।
मैदानी दलों के लिए तीन थर्मल ड्रोन और करीब 300 पोर्टेबल पंप तैयार रखे गए थे। थर्मल ड्रोन गर्मी का पता लगाकर उन जलते इलाकों की पहचान में मदद करते हैं जिन्हें धुएँ में देखना मुश्किल हो सकता है। पंप अग्निशमनकर्मियों को उन जगहों तक पाइप के जरिए पानी पहुंचाने देते हैं जहां वाहन नहीं जा सकते।
12 अक्टूबर की राष्ट्रीय बैठक तक मंत्रिमंडल सचिव टेडी इंद्रा विजया ने बताया कि जमीनी अभियानों में 60,000 से अधिक कर्मी जुटे थे। राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के समन्वय मंत्री दुडुंग अब्दुरचमन ने कहा कि संयुक्त दल रोजाना 692 हेक्टेयर तक क्षेत्र में काम कर सकते हैं और थकान कम करने के लिए कर्मियों की अदला-बदली की जा रही है।
तंजुंग पुटिंग में बिखरी हुई आग, दलदली भूभाग और सीमित उपकरणों की मुश्किलें एक साथ मौजूद हैं। ज़ैनुल ने कहा कि कुछ पंप उन इलाकों को ठंडा करने के लिए भी जरूरी थे जहां आग की लपटें बुझ चुकी थीं, जबकि कभी-कभी प्रतिस्थापन उपकरण जावा से मंगाने पड़ते थे।
जब ज़ैनुल ने 50 अतिरिक्त पंप मांगे, तो प्रबोवो ने 200 देने का वादा किया। राष्ट्रपति ने पानी के लिए 200 बोरिंग केंद्रों पर दो अरब रुपिया देने का भी आश्वासन दिया। प्रति केंद्र 10 मिलियन रुपिया की बताई गई लागत के हिसाब से यह रकम प्रस्तावित कुओं की संख्या से मेल खाती है। ज़ैनुल ने कहा कि लगभग 10 से 15 मीटर की गहराई पर भूजल मिल सकता है और स्थानीय निवासी खुदाई में मदद कर सकते हैं।
कितनी जमीन जल चुकी है?
इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय ने जनवरी से जून तक आग से प्रभावित 107,465 हेक्टेयर क्षेत्र दर्ज किया, जो 2023 की इसी अवधि से 110% अधिक था। यानी जला हुआ क्षेत्र पिछले आंकड़े से थोड़ा अधिक दोगुना था। 12 अक्टूबर की ब्रीफिंग तक BNPB प्रमुख सुहार्यान्तो ने कुल जले हुए क्षेत्र को लगभग 130,000 हेक्टेयर बताया था। छह प्राथमिकता वाले प्रांतों में 639.23 हेक्टेयर क्षेत्र अब भी जल रहा था।
BNPB के अधिक विस्तृत प्रांतीय आकलन में 1 जनवरी से 19 सितंबर, 2026 के बीच मध्य कालीमंतन में 142,000 से अधिक हॉटस्पॉट और आग की लगभग 3,800 घटनाएं दर्ज की गईं। वानिकी मंत्रालय के उपग्रह विश्लेषण में वहां 7,634 हेक्टेयर जला हुआ क्षेत्र मापा गया, जबकि प्रतिक्रिया दलों के दायरे में आया क्षेत्र लगभग 13,000 हेक्टेयर तक पहुंच गया।
ये माप आपात स्थिति के अलग-अलग पहलुओं को दर्शाते हैं। हॉटस्पॉट असामान्य गर्मी का उपग्रह से मिला संकेत होता है; जारी आग के आसपास बार-बार ऐसे संकेत मिल सकते हैं। प्रतिक्रिया दलों के दायरे का आंकड़ा उनके अभियानों की पहुंच बताता है, जबकि उपग्रह विश्लेषण उस जमीन को मापता है जिसे जला हुआ पहचाना गया है।
इंडोनेशिया ने सुमात्रा द्वीप पर रियाउ, जाम्बी और दक्षिण सुमात्रा तथा बोर्नियो पर पश्चिम कालीमंतन, मध्य कालीमंतन और दक्षिण कालीमंतन को छह प्राथमिकता वाले प्रांतों के रूप में चुना। 12 अक्टूबर तक अधिकारियों ने रियाउ, जाम्बी, पश्चिम कालीमंतन और दक्षिण कालीमंतन में स्थिति सुधरने की सूचना दी थी। अभियान मध्य कालीमंतन और दक्षिण सुमात्रा पर केंद्रित थे।
दूसरे क्षेत्रों में भी आग से नुकसान हुआ है। पूर्वी जावा के माउंट ब्रोमो में स्थानीय आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रमुख गातोत सुब्रोतों ने कहा कि कम से कम 899 हेक्टेयर क्षेत्र को नुकसान पहुंचा था और आग ज्यादातर बुझा दी गई थी।
कृत्रिम बारिश बादलों पर निर्भर
इंडोनेशिया ने जमीनी अभियानों के साथ विमानों और बारिश कराने के प्रयासों को भी जोड़ा है। मुख्य सुरक्षा मंत्री जामारी चानियागो ने कहा कि 43 हेलीकॉप्टर और स्थिर पंखों वाले 15 विमान तैनात किए गए थे। उन्होंने बारिश वाले बादल कम होने पर क्लाउड सीडिंग की कठिनाई का भी जिक्र किया।
क्लाउड सीडिंग में बारिश को बढ़ावा देने के लिए उपयुक्त बादलों में नमक जैसे पदार्थ डाले जाते हैं, ताकि पानी की बूंदें बड़ी होकर बरसें। इसके लिए पहले से ऐसे बादलों का होना जरूरी है जिनसे बारिश हो सकती हो। इसलिए आसमान साफ और शुष्क होने पर अभियान सीमित हो जाता है, ठीक उस समय जब अग्निशमनकर्मियों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।
BNPB के सितंबर आकलन में 20 से 29 सितंबर तक मौसम संशोधन अभियान तय किए गए थे। इंडोनेशिया की मौसम एजेंसी ने 21 से 28 सितंबर के बीच संभावित बारिश वाले बादलों की पहचान की थी। इसके बाद मौसम संशोधन विमानों को पलंगका राया से बंजारमासिन और पंगकलान बुन ले जाने की योजना बनाई गई, ताकि दल मध्य कालीमंतन के लिए अभियान चला सकें।
अक्टूबर की बाद की ब्रीफिंग में मौसम संशोधन उड़ानों और वॉटर बॉम्बिंग, दोनों में व्यवधान का जिक्र किया गया। पर्यावरण मंत्री जुंहुर हिदायत ने भी पानी की सीमित उपलब्धता को अग्निशमन में लगातार बनी बाधा बताया।
इंडोनेशियाई पर्यावरण समूह WALHI के दाना प्राइमा तारिगन ने आग का मुख्य कारण बागानों, खनन और अन्य इस्तेमाल के लिए जमीन साफ करना बताया, जिसे अल नीनो ने और गंभीर बना दिया। अल नीनो प्रशांत महासागर की एक जलवायु स्थिति है, जो इंडोनेशिया में बारिश घटा सकती है और वनस्पति तथा जमीन को लंबे समय तक अधिक सूखा छोड़ सकती है।
स्कूलों और अस्पतालों पर दबाव
मलेशिया के प्रधानमंत्री दातुक सेरी अनवर इब्राहिम ने 18 अक्टूबर, 2026 को कहा कि आग से जनस्वास्थ्य और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। कई राज्यों और इलाकों में स्कूल बंद किए गए हैं। जोहोर में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को 23 अक्टूबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया।
पश्चिम कालीमंतन की राजधानी पोंतियानक में हवा की गुणवत्ता बिगड़ने पर सभी विद्यार्थियों की कक्षाएं ऑनलाइन कर दी गईं। मलेशिया के सारावाक राज्य के 11 इलाकों में हवा की गुणवत्ता अस्वस्थ स्तर पर दर्ज की गई। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को निर्देश दिया कि वायु गुणवत्ता सूचकांक 100 से ऊपर जाने या तापमान बहुत अधिक होने पर बाहरी गतिविधियां रोक दी जाएं।
इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्रालय ने 18 अगस्त से 21 सितंबर के बीच जंगल और जमीन की आग से प्रभावित इलाकों में श्वसन संक्रमण के करीब 175,000 मामले दर्ज किए। इनमें 40,000 से अधिक मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों के थे। मंत्रालय ने कहा कि आग के दौरान स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों की मदद के लिए स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों को मजबूत किया जा रहा है।
तीव्र श्वसन संक्रमण सांस लेने की प्रणाली को प्रभावित करते हैं और अपेक्षाकृत कम समय में विकसित होते हैं। धुएँ में छोटे कण भी होते हैं, जो फेफड़ों में प्रवेश कर श्वसन मार्ग में जलन पैदा कर सकते हैं। इससे पहले से सांस की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए प्रदूषित हवा और कठिन हो जाती है।
कुआलालंपुर के बाहर स्थित चिकित्सा उपकरण कंपनी AA Alive ने ऑक्सीजन सिलेंडर की बिक्री में 35% वृद्धि दर्ज की। बिक्री दल की सदस्य रफिनिया फरदेत ने इस बढ़ोतरी की वजह धुंध को बताया। आपूर्तिकर्ताओं ने भी बताया कि 28 सितंबर से 12 अक्टूबर के बीच एयर प्यूरीफायर की बिक्री पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 600% बढ़ी, यानी बिक्री पहले के स्तर से सात गुना हो गई।
AA Alive के एक तकनीशियन ने कहा कि ऑक्सीजन उपकरणों के फिल्टर, जो आम तौर पर लगभग 1,000 घंटे चलते थे, प्रदूषण के दौरान करीब आधे समय तक ही चल रहे थे। ऐसे उपकरण पहले से इस्तेमाल कर रहे घरों के लिए धुंध से बाहर की हवा को लेकर चिंता के साथ-साथ रखरखाव की जरूरत भी बढ़ गई थी।
धुएँ से उड़ानें बाधित, संरक्षण क्षेत्र पर खतरा
इंडोनेशिया के परिवहन मंत्रालय ने 11 अगस्त से 9 अक्टूबर के बीच जंगल की आग से प्रभावित 1,673 निर्धारित घरेलू उड़ानें दर्ज कीं। नागरिक उड्डयन महानिदेशक लुकमान एफ. लाइसा ने कहा कि इनमें 745 उड़ानों में देरी हुई, 907 रद्द की गईं या स्थगित हुईं, 15 का मार्ग बदला गया और छह अपने शुरुआती हवाई अड्डे पर लौट आईं।
प्रभावित उड़ानों में करीब 54% रद्द या स्थगित की गईं। लुकमान ने कहा कि दृश्यता संचालन मानकों से नीचे जाने पर यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा के लिए प्रतिबंध लगाए गए थे। आपातकालीन उड़ानों को सीमित करने वाला वही धुआँ आम यात्राओं को भी बाधित कर रहा था।
12 अक्टूबर की बैठक के आसपास पेश किए गए विवरण के अनुसार, तंजुंग पुटिंग राष्ट्रीय उद्यान और पश्चिम कोतावारिंगिन तथा सेरुयान जिलों के आसपास के इलाकों में 500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र जल रहा था। प्रबोवो ने अधिकारियों को इस क्षेत्र में अग्निशमन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। यह ओरंगुटान संरक्षण और पुनर्वास का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध केंद्र है।
ज़ैनुल ने कहा कि 12 अक्टूबर को 247 विदेशी पर्यटकों ने उद्यान का दौरा किया, जिससे 2026 में आने वाले पर्यटकों की कुल संख्या 66,000 हो गई। प्रभावित भूभाग में प्रवेश करने वाले अग्निशमनकर्मियों को कठिन पहुंच और वन्यजीवों से जुड़े खतरों के कारण स्थानीय आपदा अधिकारियों, पुलिस और क्षेत्रीय प्रशासन के साथ तालमेल करना पड़ा।
जंगल और पीटलैंड की आग से दलों के सामने अलग-अलग चुनौतियां आती हैं। पीट आंशिक रूप से सड़े हुए वनस्पति पदार्थ की परत होती है, जो जमीन के नीचे सुलग सकती है। इसलिए दिखाई देने वाली लपटें बुझाने के बाद भी लंबे समय तक जगह को ठंडा और नम रखना पड़ सकता है। इससे पंपों और पास में पानी की उपलब्धता की लगातार जरूरत समझ में आती है।
विदेशी सहायता पर आगे क्या होगा?
मलेशिया की पेशकश पर अंतरराष्ट्रीय सहायता स्वीकार करने, इंडोनेशिया की संचालन संबंधी जरूरतों और मलेशियाई मंत्रिमंडल की मंजूरी के संदर्भ में चर्चा चल रही है। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने कहा कि प्रबोवो की 12 अक्टूबर की बैठक में मलेशिया और सिंगापुर के प्रस्तावों पर चर्चा नहीं हुई थी। बैठक घरेलू प्रतिक्रिया पर केंद्रित थी।
जुंहुर ने 13 अक्टूबर को कहा कि इंडोनेशिया विदेशी सहायता का आकलन इस आधार पर करेगा कि वह अग्निशमन में तेजी लाने के लिए कितनी प्रभावी है। उन्होंने कहा कि इंडोनेशिया के हजारों कर्मियों के साथ तुलना में छोटे दलों की तैनाती का असर सीमित हो सकता है। विमानों को भी जमीन पर मौजूद परिस्थितियों के अनुरूप होना होगा।
मुख्य घटनाक्रम कई सप्ताह में सामने आए:
- 31 अगस्त से 29 सितंबर: BNPB के रिकॉर्ड के अनुसार मध्य कालीमंतन में घोषित आग आपातकालीन प्रतिक्रिया अवधि।
- 21 सितंबर: BNPB ने लगभग 500 मीटर दृश्यता दर्ज की और जमीनी अभियान मजबूत करने की अपील की।
- 12 अक्टूबर: प्रबोवो ने प्रतिक्रिया बैठक की अध्यक्षता की और अतिरिक्त पंपों तथा पानी की बोरिंग के लिए धन देने का वादा किया।
- 13 अक्टूबर: जुंहुर ने कहा कि विदेशी प्रस्तावों का प्रभावशीलता के आधार पर आकलन होगा और उम्मीद जताई कि एक महीने से कम समय में आग बुझाई जा सकती है।
- 18 अक्टूबर: अनवर ने मदद के लिए मलेशिया की तत्परता दोहराई, जबकि मोहम्मद ने उपयुक्त सहायता और चालक दल की सुरक्षा पर जारी चर्चा का जिक्र किया।
- 23 अक्टूबर: जोहोर में स्कूल बंद रखने के आदेश की घोषित अंतिम तारीख।
जुंहुर का लक्ष्य आग की घटती तीव्रता और BNPB के साथ हुई चर्चाओं पर आधारित अनुमान था। पानी की कमी, पहुंच और उड़ान की स्थितियां अब भी तय करेंगी कि दल काम कितनी जल्दी पूरा कर पाते हैं।
क्षेत्रीय सहयोग और रोकथाम के प्रस्ताव
अनवर ने सीमाओं के पार फैलने वाले धुएँ से निपटने की तैयारियों और संयुक्त कार्रवाई को मजबूत करने के लिए दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन, यानी ASEAN, के जरिए सहयोग का प्रस्ताव दिया है। 18 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने इस प्रस्ताव का जिक्र किया:
हमने सीमापार धुंध से निपटने में समन्वय, तैयारी और सामूहिक कार्रवाई को मजबूत करने के लिए ASEAN स्तर पर सहयोग तंत्र का प्रस्ताव दिया है।
मोहम्मद ने कहा कि मलेशिया नवंबर में मनीला में होने वाली ASEAN विदेश मंत्रियों की अगली बैठक में सीमापार धुंध का मुद्दा उठाएगा। क्षेत्रीय समन्वय ऐसी समस्या से निपटने में मदद करेगा जिसके असर आग शुरू होने वाले देश से बाहर तक फैलते हैं: स्कूलों का बाधित होना, सांस लेने में कठिनाई और विमानन पर लगे प्रतिबंध पहले ही सीमाओं के पार महसूस किए जा रहे हैं।
इंडोनेशिया आग की रोकथाम के नियमों में बदलाव पर भी विचार कर रहा है। जुंहुर ने कहा कि सरकार पारंपरिक प्रथाओं के तहत प्रति परिवार दो हेक्टेयर तक के भूखंडों पर आग लगाने की छूट खत्म करने की योजना बना रही है। वह इस बात पर भी विचार कर रही है कि व्यावसायिक खेती से पहले जल चुकी रियायती भूमि पर ताड़ के तेल समेत बागानी फसलों को दोबारा लगाने पर रोक लगाई जाए।
ये उपाय अभी प्रस्ताव ही हैं। जुंहुर ने रियायती इलाकों में जानबूझकर आग लगाने पर कड़े प्रतिबंधों की चेतावनी भी दी। प्रबोवो ने गांव स्तर से रोकथाम का काम शुरू करने का आह्वान किया और 70,000 वन पुलिस अधिकारियों की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सेना और पुलिस प्रशिक्षण में मदद कर सकती हैं।
मलेशिया के सामने तत्काल फैसला ऐसी सहायता चुनने का है जिसे सुरक्षित और उपयोगी ढंग से तैनात किया जा सके। इंडोनेशिया की प्रतिक्रिया साथ ही दूरदराज की आग तक पहुंचने, पानी जुटाने और नई आग रोकने पर केंद्रित है, जबकि समुदाय स्वच्छ हवा और स्कूलों के फिर खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
मुख्य बातें
- मलेशिया ने एक अग्निशमन विमान, तीन हेलीकॉप्टर और 52 अधिकारियों एवं कर्मियों की पेशकश की है। उपयुक्त सहायता पर चर्चा जारी है और इसके लिए मंत्रिमंडल की मंजूरी जरूरी है।
- घने धुएँ के कारण मध्य कालीमंतन में अग्निशमन विमान उड़ान नहीं भर पा रहे हैं। ऐसे में जमीनी दल, पंप और पानी तक पहुंच प्रतिक्रिया के केंद्र में हैं।
- इंडोनेशिया ने 12 अक्टूबर तक कुल लगभग 130,000 हेक्टेयर क्षेत्र जलने की सूचना दी और जमीनी अभियानों के लिए 60,000 से अधिक कर्मियों को तैनात किया।
- जोहोर में स्कूलों को 23 अक्टूबर तक बंद रखने का आदेश दिया गया, जबकि पोंतियानक में कक्षाएं ऑनलाइन कर दी गईं।
- इंडोनेशिया ने 18 अगस्त से 21 सितंबर के बीच प्रभावित इलाकों में तीव्र श्वसन संक्रमण के करीब 175,000 मामले दर्ज किए।
- मलेशिया ने ASEAN सहयोग मजबूत करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि इंडोनेशिया आग लगाने की छूट और बागानी खेती के नियमों में बदलाव पर विचार कर रहा है।






