पाकिस्तान की जीत के बीच बाबर आजम ने 16,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए, लेकिन शॉर्ट बॉल की चिंता बरकरार

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Babar Azam passes 16,000 international runs as Pakistan win, but short ball concerns persist

ऐतिहासिक पारी, लेकिन काम अधूरा

18 अक्टूबर को रावलपिंडी में श्रीलंका पर 37 रन की जीत के दौरान बाबर आजम 16,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले पांचवें पाकिस्तानी बल्लेबाज बने। उन्होंने यह मुकाम अपनी 399वीं पारी में हासिल किया, जो जावेद मियांदाद से सिर्फ एक पारी अधिक थी। हालांकि, शॉर्ट बॉल पर एक और बार आउट होने के बाद उनकी पारी समाप्त हो गई।

विषय-सूची
  1. ऐतिहासिक पारी, लेकिन काम अधूरा
  2. बाबर ने कैसे हासिल किया यह मुकाम
  3. पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाजों में तीसरे सबसे तेज
  4. उनके 16,038 रन किन प्रारूपों से आए?
  5. कई पड़ावों से बना करियर
  6. आगा और गेंदबाजों ने पाकिस्तान की वापसी पूरी की
  7. शॉर्ट बॉल अब भी चिंता क्यों है
  8. हालिया आंकड़े चयन पर बहस समझाते हैं
  9. विश्व कप और अगले मैच
  10. मुख्य बातें

पाकिस्तान की वनडे त्रिकोणीय सीरीज के पहले मैच से पहले बाबर को सात रन की जरूरत थी। पारी में छह गेंदें खेलने के बाद असिथा फर्नांडो की गेंद पर तीन रन लेकर उन्होंने यह उपलब्धि हासिल की। वह 57 गेंदों पर 45 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें छह चौके शामिल थे। पवन रत्नायके ने ईशान मलिंगा की गेंद पर उनका कैच पकड़ा।

पाकिस्तान ने 305 रन पर पूरी टीम गंवाई और श्रीलंका को 268 रन पर समेट दिया। सलमान अली आगा ने 90 गेंदों पर 107 रन बनाकर निर्णायक बल्लेबाजी योगदान दिया, जबकि शाहीन शाह अफरीदी ने तीन विकेट लेकर जीत सुनिश्चित करने में मदद की।

इस उपलब्धि के साथ बाबर पाकिस्तान के सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में इंजमाम-उल-हक, यूनिस खान, मोहम्मद यूसुफ और मियांदाद के साथ शामिल हो गए। 2015 में पदार्पण के बाद से 355 मैचों में उनके कुल रन 16,038 हो गए हैं।

यह उपलब्धि उनकी हालिया बल्लेबाजी पर हो रही चर्चा के बीच आई है। पिच से तेजी से उछलकर आने वाली गेंदों को खेलने में उनकी मुश्किल चिंता का विषय बनी हुई है, क्योंकि पाकिस्तान दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में होने वाले 2027 विश्व कप की तैयारी कर रहा है। रावलपिंडी में उनके संचित सफलताओं की याद भी मिली और उस समस्या का ठोस उदाहरण भी सामने आया, जिस पर उन्हें काम करना है।

बाबर ने कैसे हासिल किया यह मुकाम

श्रीलंका के कप्तान कुसल मेंडिस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी। तीसरे ओवर में दिलशान मदुशंका की गेंद पर साइम अयूब मिड-ऑफ पर कैच आउट हुए, जिसके बाद बाबर तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए आए। इसके बाद पाकिस्तान ने दूसरे सलामी बल्लेबाज फखर जमान को भी खो दिया और स्कोर दो विकेट पर 32 रन हो गया।

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बाबर ने फर्नांडो के खिलाफ अपना खाता खोला और ऑफ साइड में ड्राइव लगाकर 16,000 रन का आंकड़ा पार किया। यह उपलब्धि पाकिस्तान की पारी के चौथे ओवर में आई, यानी उनके पास बड़ी पारी खेलने के लिए काफी समय बचा था।

वनडे पदार्पण कर रहे साद बैग के साथ बाबर ने तीसरे विकेट के लिए 74 रन जोड़े। इस साझेदारी ने पाकिस्तान को दो विकेट पर 32 रन से 106 तक पहुंचाया और शुरुआती झटकों के बाद पारी को कुछ स्थिरता दी।

बाबर के छह चौकों से उनके 45 रनों में से 24 रन आए। उनकी रन गति लगभग 79 रन प्रति 100 गेंद थी, जिसे क्रिकेट में स्ट्राइक रेट कहा जाता है। उनकी पारी ने पाकिस्तान की स्थिति संभालने में मदद की, लेकिन अर्धशतक से पांच रन पहले उनके आउट होने के बाद मध्यक्रम पर काफी काम बाकी था।

पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाजों में तीसरे सबसे तेज

मोहम्मद यूसुफ 388 पारियों में 16,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले सबसे तेज पाकिस्तानी हैं। मियांदाद को 398, बाबर को 399, इंजमाम को 432 और यूनिस को 449 पारियां लगीं। इस तरह बाबर ने यूसुफ के 11 पारियों बाद, लेकिन इंजमाम से 33 और यूनिस से 50 पारियां पहले यह मुकाम हासिल किया।

सबसे कम पारियों में 16,000 रन तक पहुंचने का अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड विराट कोहली के नाम है, जिन्होंने 350 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की। बाबर को 49 पारियां अधिक लगीं। मैच और पारियां अलग-अलग चीजें हैं: टेस्ट मैच में कोई खिलाड़ी दो बार बल्लेबाजी कर सकता है, जबकि वनडे या टी20 अंतरराष्ट्रीय में हर टीम को बल्लेबाजी की एक पारी मिलती है।

इंजमाम 495 मैचों में 20,541 रन के साथ पाकिस्तान के करियर रनों की सूची में शीर्ष पर हैं। यूनिस 408 मैचों में 17,790 रन के साथ दूसरे, यूसुफ 374 मैचों में 17,134 के साथ तीसरे और मियांदाद 357 मैचों में 16,213 रन के साथ चौथे स्थान पर हैं।

रावलपिंडी मैच के अंत में बाबर मियांदाद से 175 रन पीछे थे। इसलिए पाकिस्तान की सूची में चौथा स्थान उनका सबसे नजदीकी सांख्यिकीय लक्ष्य है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे बड़ा लक्ष्य सचिन तेंदुलकर के 34,357 करियर रन हैं।

उनके 16,038 रन किन प्रारूपों से आए?

बाबर के अंतरराष्ट्रीय रन क्रिकेट के तीन प्रारूपों से मिलकर बने हैं: टेस्ट, जो पांच दिन तक चल सकता है; वनडे, जिसमें आम तौर पर हर टीम को 50 ओवर तक खेलने का मौका मिलता है; और टी20 अंतरराष्ट्रीय, जिसमें हर टीम को 20 ओवर मिलते हैं। एक ओवर में छह वैध गेंदें होती हैं।

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उनके सबसे ज्यादा रन वनडे में हैं: 144 मैचों में 6,671। उन्होंने 66 टेस्ट में 4,771 और 145 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 4,596 रन भी बनाए हैं। इन आंकड़ों का कुल योग 16,038 है, जिसमें वनडे का योगदान लगभग 42 प्रतिशत है।

उनके करियर में 32 अंतरराष्ट्रीय शतक और 111 अर्धशतक शामिल हैं। शतक का मतलब एक पारी में कम से कम 100 रन बनाना है, जबकि अर्धशतक के लिए 50 रन पूरे करने होते हैं। उनका सर्वोच्च अंतरराष्ट्रीय स्कोर 196 है।

पाकिस्तान की टीम में उनकी जगह को लेकर चल रही मौजूदा बहस में बाबर का वनडे रिकॉर्ड खास तौर पर प्रासंगिक है। इस प्रारूप में उनके 20 शतक और 53.36 का औसत है। बल्लेबाजी औसत निकालने के लिए रनों को आउट होने की संख्या से भाग दिया जाता है। इससे नाबाद समाप्त होने वाली पारियों की गिनती पूरी हुई पारियों से अलग होती है।

कई पड़ावों से बना करियर

बाबर का इस मुकाम तक का सफर जूनियर क्रिकेट से शुरू हुआ। लाहौर में जन्मे बाबर का क्रिकेटर अकमल परिवार से रिश्ता है। पाकिस्तान की आयु-वर्ग टीमों से आगे बढ़ते हुए वह नियमित अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज बने।

उनके करियर में तेजी से आगे बढ़ने के कई अलग-अलग दौर रहे हैं:

  • 2008: बाबर 15 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए पाकिस्तान के क्रिकेट ढांचे का हिस्सा थे।
  • 2010 और 2012: दोनों टूर्नामेंटों में अंडर-19 विश्व कप में वह पाकिस्तान के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे।
  • 2015: उन्होंने घरेलू मैदान पर जिम्बाब्वे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और अर्धशतक बनाया।
  • 2016: 21 साल की उम्र में उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ लगातार तीन वनडे शतक लगाए।
  • 2018 तक: वह 2,000 वनडे रन पूरे करने वाले संयुक्त रूप से दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज बन चुके थे।
  • 2022: उन्होंने चार शतकों सहित 1,184 टेस्ट रन बनाए।
  • 18 अक्टूबर, 2026: रावलपिंडी में श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 16,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे किए।

ये उपलब्धियां बताती हैं कि पाकिस्तान ने सभी प्रारूपों में उन पर इतना भरोसा क्यों किया है। उनका ताजा मुकाम एक दशक से अधिक की अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाजी पर आधारित है, जिसमें टेस्ट क्रिकेट की लंबी चुनौतियों और सीमित ओवरों के छोटे प्रारूपों, दोनों में सफलता शामिल है।

आगा और गेंदबाजों ने पाकिस्तान की वापसी पूरी की

बाबर और 39 रन बनाने वाले बैग के आउट होने के बाद पाकिस्तान का स्कोर चार विकेट पर 118 रन था। इसके बाद आगा और हसन नवाज ने पांचवें विकेट के लिए 97 रन जोड़े। नवाज 49 गेंदों पर 37 रन बनाकर आउट हुए और टीम का स्कोर 215 रन था।

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आगा ने अराफात मिन्हास के साथ पारी आगे बढ़ाई। मिन्हास ने 15 गेंदों पर 18 रन बनाए और दोनों ने 64 रन की एक और साझेदारी की। आगा के चौथे वनडे शतक में 10 चौके और एक छक्का शामिल था। पाकिस्तान की पूरी टीम 49.5 ओवर में आउट हुई, यानी 49 पूरे ओवर और उसके बाद पांच वैध गेंदें।

मलिंगा ने 46 रन देकर चार विकेट लिए, जबकि फर्नांडो ने 59 रन देकर तीन और मदुशंका ने दो विकेट चटकाए। श्रीलंका को जीत के लिए 306 रन चाहिए थे, लेकिन उसे शुरुआती दबाव का सामना करना पड़ा और स्कोर चार विकेट पर 91 रन हो गया।

बाबर का कैच लेने वाले रत्नायके ने 74 गेंदों पर 79 रन बनाकर श्रीलंका की ओर से संघर्ष का नेतृत्व किया। जनित लियानगे ने 74 गेंदों पर 60 रन बनाए, लेकिन श्रीलंका 48.1 ओवर में 268 रन पर ऑलआउट हो गया। अफरीदी ने तीन विकेट लिए, जबकि नसीम शाह, हारिस रऊफ और फहीम अशरफ ने दो-दो विकेट चटकाए।

इस जीत से पाकिस्तान को टूर्नामेंट में दो अंक मिले। मुकाबले में कई खिलाड़ियों का योगदान भी देखने को मिला: बाबर और बैग ने शुरुआती नुकसान संभाला, आगा ने स्कोर 300 के पार पहुंचाया और गेंदबाजों ने उसका बचाव किया।

शॉर्ट बॉल अब भी चिंता क्यों है

मलिंगा की गेंद पर बाबर के आउट होने से उनकी बार-बार सामने आने वाली कमजोरी पर फिर ध्यान गया। शॉर्ट बॉल बल्लेबाज से ज्यादा दूर गिरती है और उसके पास पहुंचने से पहले उछलने के लिए उसे अधिक जगह मिलती है। पिच की प्रकृति और गेंदबाज की गति के आधार पर यह छाती या सिर तक उठ सकती है।

बल्लेबाज को तुरंत तय करना पड़ता है कि वह झुके, गेंद की लाइन से हटे, बचाव करे या हमला। हमलावर शॉट पर नियंत्रण न हो तो गेंद हवा में जा सकती है और फील्डर को कैच का मौका मिल सकता है।

फर्नांडो के खिलाफ बाबर के ड्राइव ने दिखाया कि आगे पिच की गई गेंदों पर वह रन बना सकते हैं। शॉर्ट गेंद ने अलग चुनौती पेश की, जिसमें उछाल की ऊंचाई और दिशा के मुताबिक तेजी से तालमेल बैठाना जरूरी था।

विरोधी टीमें उन्हें गेंदबाजी की योजना बनाते समय उनके आउट होने के वीडियो का अध्ययन कर सकती हैं। किसी खास तरह की गेंद पर बार-बार परेशानी गेंदबाजों को आजमाने के लिए एक स्पष्ट रणनीति देती है, जिसमें पारी की शुरुआत का समय भी शामिल है, जब बल्लेबाज अभी जम रहा होता है।

हालिया आंकड़े चयन पर बहस समझाते हैं

2026 के बाबर के आंकड़े बताते हैं कि उनकी फॉर्म चर्चा का विषय क्यों बनी हुई है। सभी प्रारूपों में उन्होंने 18 मैचों और 21 पारियों में 742 रन बनाए थे। उनका औसत 41.22 रहा, जिसमें छह अर्धशतक और 88 का सर्वोच्च स्कोर शामिल है।

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उस साल वनडे में उन्होंने चार पारियों में 42.50 के औसत से 170 रन बनाए थे और एक अर्धशतक लगाया था। उनका स्ट्राइक रेट 67.72 था, यानी प्रति 100 गेंद पर लगभग 68 रन। उनके करियर का 53.36 का वनडे औसत हालिया प्रदर्शन से ऊंचा मानक है।

पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर ने कहा है कि अगर बाबर की फॉर्म में सुधार नहीं हुआ तो वनडे टीम में उनकी जगह पर सवाल उठ सकते हैं। उनकी चेतावनी चयन को लेकर है, जबकि बाबर का रिकॉर्ड बताता है कि पाकिस्तान क्यों चाहेगा कि वह अपनी सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजी दोबारा हासिल करें।

पीटीवी स्पोर्ट्स के कार्यक्रम आउटसाइड एज में अख्तर ने कहा: "मुझे लगता है कि यह बड़ा सवालिया निशान है। मैं आपको अंदर की बात बता रहा हूं: वे इस बारे में सोच रहे हैं, इसी दिशा में।" उन्होंने कहा कि पाकिस्तान का टीम प्रबंधन बाबर को वनडे टीम से बाहर करने पर विचार कर रहा था, हालांकि उनका मानना था कि बल्लेबाज को खुद को साबित करने का मौका मिलना चाहिए।

तत्काल चुनौती बताना आसान है, भले ही उसे हासिल करना कठिन हो: अच्छी शुरुआत को लंबी पारियों में बदलना और उछलती गेंदों के खिलाफ अधिक भरोसेमंद जवाब ढूंढना। रावलपिंडी में बाबर ने करियर का बड़ा मुकाम हासिल किया, लेकिन फिर 50 रन तक पहुंचने से पहले आउट हो गए।

विश्व कप और अगले मैच

2027 वनडे विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया करेंगे। इस क्षेत्र की पिचों पर मिलने वाली गति और उछाल को देखते हुए शॉर्ट गेंदों के खिलाफ बाबर का प्रदर्शन पाकिस्तान की तैयारी के लिए खास तौर पर अहम है।

पाकिस्तान की मौजूदा त्रिकोणीय सीरीज में श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ अपनी बल्लेबाजी परखने के और मौके मिलेंगे। हर टीम बाकी दोनों टीमों से दो-दो बार खेलेगी। इस तरह छह लीग मैच होंगे और फिर शीर्ष दो टीमें फाइनल में भिड़ेंगी।

बाकी कार्यक्रम इस प्रकार है:

  • 20 अक्टूबर: रावलपिंडी में पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड।
  • 22 अक्टूबर: रावलपिंडी में इंग्लैंड बनाम श्रीलंका।
  • 25 अक्टूबर: लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में पाकिस्तान बनाम इंग्लैंड।
  • 27 अक्टूबर: लाहौर में पाकिस्तान बनाम श्रीलंका।
  • 29 अक्टूबर: लाहौर में इंग्लैंड बनाम श्रीलंका।
  • 31 अक्टूबर: गद्दाफी स्टेडियम में फाइनल।

पाकिस्तान को खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी फैसले लेने हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने बयान में कहा कि लेग स्पिनर शादाब खान और सुफियान मुकीम बीमारी के कारण 18 अक्टूबर के पहले मैच में नहीं खेल पाए और पाकिस्तान की मेडिकल टीम से जरूरी उपचार ले रहे थे। बोर्ड ने कहा कि अगर वे समय रहते पूरी तरह ठीक हो गए तो बाकी त्रिकोणीय सीरीज के मैचों के लिए चयन पर विचार किया जाएगा।

इन मुकाबलों में उतरते समय बाबर मियांदाद के करियर रनों से 175 रन दूर हैं। पाकिस्तान की तात्कालिक जरूरत यह है कि उनकी अगली पारी पहले मैच की जीत को आगे बढ़ाने में मदद करे, जिसमें बेहतर रन गति हो और विरोधी टीमों को शॉर्ट बॉल का फायदा उठाने के कम मौके मिलें।

मुख्य बातें

  • बाबर आजम 16,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाले पांचवें पाकिस्तानी बने। उन्होंने यह मुकाम अपनी 399वीं पारी में हासिल किया।
  • उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ 57 गेंदों पर 45 रन बनाए और उनके करियर के कुल रन 16,038 हो गए।
  • पाकिस्तान के लिए सिर्फ मोहम्मद यूसुफ और जावेद मियांदाद ने उनसे कम पारियों में यह मुकाम हासिल किया।
  • सलमान अली आगा के 107 रन और श्रीलंका को 268 पर समेटने के बाद पाकिस्तान ने 37 रन से जीत दर्ज की।
  • शॉर्ट बॉल पर बाबर का ताजा आउट होना 2027 विश्व कप से पहले उछाल को खेलने की उनकी क्षमता पर ध्यान बनाए रखता है।
  • त्रिकोणीय सीरीज का फाइनल 31 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में होना तय है।
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