छोटे पहले चरण से जापान में अधिक उन्नत चिपों का उत्पादन
जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय ने 16 अक्टूबर, 2026 को TSMC की संशोधित कुमामोटो फैक्टरी योजना को मंज़ूरी दे दी। इससे देश में 3 नैनोमीटर पीढ़ी के सेमीकंडक्टरों के पहले उत्पादन का रास्ता साफ हो गया है। किकुयो में निर्माणाधीन दूसरी फैक्टरी की शुरुआती क्षमता 6,000 वेफर प्रति माह होगी और बड़े पैमाने पर उत्पादन दिसंबर 2028 में शुरू करने की योजना है।
विषय-सूची
इस फैसले से परियोजना की तकनीक और उसका पैमाना, दोनों बदल गए हैं। दुनिया की सबसे बड़ी कॉन्ट्रैक्ट चिप निर्माता Taiwan Semiconductor Manufacturing Company ने पहले 6 से 12 नैनोमीटर प्रक्रियाओं के जरिए हर महीने 48,000 वेफर बनाने की योजना बनाई थी। इसके साथ 40 नैनोमीटर चिपों का नियोजित उत्पादन भी शामिल था। मंज़ूर किए गए पहले चरण में अब अधिक उन्नत तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया गया है, क्योंकि कृत्रिम बुद्धिमत्ता की कंप्यूटिंग की मांग बढ़ रही है।
शुरुआती चरण से आगे उत्पादन कितना बढ़ेगा, यह तय करने में सरकारी वित्तपोषण की अहम भूमिका होगी। मंत्रालय ने मौजूदा योजना से जुड़ी सब्सिडी पहले प्रस्तावित 732 अरब येन से घटाकर 645.15 अरब येन कर दी है। साथ ही, अधिक उन्नत विनिर्माण परियोजना के लिए सहायता बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
TSMC को बगल में स्थित अपनी चालू पहली फैक्टरी की योजना बदलने की मंज़ूरी भी मिली है। यह इकाई 22 और 28 नैनोमीटर चिपों पर ध्यान केंद्रित करेगी और 12 तथा 16 नैनोमीटर तकनीक से उत्पादन की योजना छोड़ देगी। इन बदलावों से दोनों फैक्टरियों की विनिर्माण भूमिकाएं अधिक स्पष्ट रूप से अलग हो गई हैं।
जापान के लिए यह मंज़ूरी बड़े औद्योगिक निवेश को देश में उन्नत चिपों के उत्पादन के और करीब ले जाती है। कुमामोटो के लिए यह पहले से जारी बदलाव को आगे बढ़ाती है, जिसके साथ आबादी बढ़ रही है, यातायात जाम हो रहा है और कर्मचारियों के लिए प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। संशोधित योजना में फैक्टरी स्थल का क्षेत्रफल और कर्मचारियों की संख्या पहले जैसी ही रखी गई है, जबकि तकनीक और शुरुआती उत्पादन क्षमता बदली है।
3 नैनोमीटर उत्पादन का मतलब
TSMC ने फरवरी 2026 में 3 नैनोमीटर तकनीक अपनाने की घोषणा की थी। कंपनी को वैश्विक स्तर पर AI की बढ़ती मांग का अनुमान था। अक्टूबर के फैसले से इस बदलाव को सरकारी मंज़ूरी मिली और संशोधित परियोजना को सब्सिडी के योग्य माना गया।
एक नैनोमीटर मीटर का एक अरबवां हिस्सा होता है। चिप निर्माण में 3 नैनोमीटर जैसे नाम उत्पादन तकनीक की एक पीढ़ी की पहचान करते हैं। आधुनिक प्रक्रिया के नाम किसी चिप की हर विशेषता पर लागू एक ही माप के बजाय विनिर्माण क्षमताओं के समूह को दर्शाते हैं।
अधिक उन्नत प्रक्रियाओं से निर्माता एक तय क्षेत्र में अधिक कंप्यूटिंग क्षमता समाहित कर सकते हैं और प्रदर्शन तथा बिजली की खपत के बीच बेहतर संतुलन बना सकते हैं। ये खूबियां AI कंप्यूटिंग जैसे चुनौतीपूर्ण इस्तेमाल के लिए अहम हैं, जहां बड़ी संख्या में गणनाएं तेजी से करनी होती हैं।
वेफर सेमीकंडक्टर सामग्री की पतली, गोल परत होती है, जिस पर एक साथ कई चिपें बनाई जाती हैं। फैक्टरियां क्षमता को वेफर के हिसाब से मापती हैं, क्योंकि बनने वाली अलग-अलग चिपों की संख्या उनके आकार और निर्माण के बाद सही ढंग से काम करने वाली चिपों की संख्या पर निर्भर करती है।
मंत्रालय के अनुसार, नियोजित वेफर उत्पादन में कमी की वजह उच्च प्रदर्शन वाले उत्पादों की ओर बदलाव है। हर महीने 6,000 वेफर की क्षमता, 6 से 12 नैनोमीटर प्रक्रियाओं के लिए पहले प्रस्तावित 48,000 वेफर का आठवां हिस्सा है। इस बदलाव में अधिक उन्नत उत्पाद के साथ शुरुआत में कम विनिर्माण प्रतिबद्धता भी शामिल है।
फरवरी की घोषणा से दिसंबर 2028 तक
TSMC ने फरवरी 2026 में उन्नयन की घोषणा कंपनी के मुख्य कार्यकारी CC Wei और जापान की प्रधानमंत्री Sanae Takaichi के बीच बैठक के दौरान की थी। उस समय कंपनी ने तकनीकी बदलाव की पुष्टि की थी, लेकिन निवेश के बारे में बताई गई अनुमानित राशि की पुष्टि नहीं की थी।
अब प्रमुख तारीखें कंपनी के फैसले को सरकारी मंज़ूरी और विनिर्माण शुरू होने की योजना से जोड़ती हैं:
- 2024 के अंत में: TSMC की पहली कुमामोटो फैक्टरी में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू हुआ।
- फरवरी 2026: TSMC ने घोषणा की कि दूसरी फैक्टरी 3 नैनोमीटर तकनीक अपनाएगी।
- 16 अक्टूबर, 2026: अर्थव्यवस्था मंत्रालय ने कुमामोटो की दोनों फैक्टरियों की संशोधित उत्पादन योजनाओं को मंज़ूरी दी।
- वित्त वर्ष 2027: मंत्रालय के बजट अनुरोध में संशोधित परियोजना से जुड़ी सहायता का प्रावधान शामिल है।
- दिसंबर 2028: दूसरी फैक्टरी में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने की योजना है और उसी महीने तक पहली खेप भेजने का लक्ष्य है।
किकुयो में चालू पहली इकाई के बगल में दूसरी फैक्टरी का निर्माण जारी है। मंत्रालय की मंज़ूरी दूसरी फैक्टरी के पहले चरण पर लागू होती है; आगे विस्तार सरकारी सहायता और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।
सब्सिडी की रकम क्यों बदली
732 अरब येन दूसरी फैक्टरी के लिए सरकार की पहले प्रस्तावित सब्सिडी थी। संशोधित शुरुआती योजना के तहत यह रकम घटाकर 645.15 अरब येन कर दी गई है। यह 86.85 अरब येन, यानी करीब 11.9% की कमी है।
शुरुआती उत्पादन प्रतिबद्धता घटने के साथ, इस चरण में शामिल निवेश की रकम भी कम हुई है। वहीं, 3 नैनोमीटर तकनीक का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने से दूसरी फैक्टरी में निवेश 15.7 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है, जो करीब 2.48 ट्रिलियन येन है। मंत्रालय इसके जवाब में ज्यादा सहायता देने पर विचार कर रहा है।
TSMC ने 16 अक्टूबर को बताया कि बाजार की मांग के अनुसार उत्पादन चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा और उसकी योजना जापान सरकार की सहायता को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इस तरह कंपनी विस्तार की गति को वाणिज्यिक ऑर्डरों और सार्वजनिक वित्तपोषण, दोनों से जोड़ रही है।
मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2027 के बजट अनुरोध में संबंधित वित्तपोषण शामिल किया है। बजट अनुरोध सरकारी खर्च का प्रस्ताव होता है; जापान की बजट प्रक्रिया तय करती है कि आखिरकार कितनी राशि उपलब्ध होगी। आगे विस्तार के लिए सब्सिडी की अंतिम रकम या क्षमता के आंकड़े की घोषणा नहीं की गई है।
निवेश का नया अनुमान उन्नयन की घोषणा के समय चर्चा में आए बड़े आंकड़े के बाद आया है। फरवरी की खबरों में दूसरी फैक्टरी की संभावित लागत करीब 17 अरब डॉलर बताई गई थी, लेकिन उस समय TSMC ने इसकी पुष्टि नहीं की थी। अब निवेश 15.7 अरब डॉलर से अधिक होने का अनुमान है, जबकि पहली और दूसरी फैक्टरी में कुल निवेश 23 अरब डॉलर, यानी 3.5 ट्रिलियन येन से अधिक रहने की उम्मीद है।
पहली फैक्टरी की भूमिका सीमित
संशोधित मंज़ूरी के तहत TSMC की पहली कुमामोटो फैक्टरी 22 और 28 नैनोमीटर उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करेगी। पहले की योजना में इन तकनीकों के साथ 12 और 16 नैनोमीटर प्रक्रियाएं भी शामिल थीं और मासिक क्षमता 55,000 वेफर रखी गई थी।
नई योजना में 12 और 16 नैनोमीटर उत्पादन हटा दिया गया है और क्षमता 45,000 वेफर प्रति माह तय की गई है। यह पहले की नियोजित कुल क्षमता से 10,000 वेफर, यानी करीब 18.2% कम है।
पहली फैक्टरी की स्थापित उत्पादन तकनीकों का इस्तेमाल वाहन और औद्योगिक उपकरण जैसे क्षेत्रों में होता है। इन उत्पादों की जरूरतें दूसरी फैक्टरी के उन्नयन से जुड़े चुनौतीपूर्ण कंप्यूटिंग अनुप्रयोगों से अलग हैं। चिप बनाने का तरीका चुनते समय ग्राहक के लिए कम नैनोमीटर संख्या ही एकमात्र कसौटी नहीं होती; उत्पाद का काम, लागत और विश्वसनीयता की जरूरतें भी मायने रखती हैं।
दोनों फैक्टरियों की संशोधित योजनाएं स्थापित तकनीक के अधिक मात्रा वाले उत्पादन को उन्नत उत्पादन के छोटे शुरुआती चरण से अलग करती हैं। पहली फैक्टरी हर महीने 45,000 वेफर बनाएगी, जबकि दूसरी फैक्टरी के शुरुआती चरण में यह संख्या 6,000 होगी।
कुमामोटो को लाभ, लेकिन रोजमर्रा की जिंदगी पर दबाव
कुमामोटो के गवर्नर Takashi Kimura ने इस मंज़ूरी का स्वागत करते हुए इसे प्रांत के लिए उत्साहजनक घटनाक्रम बताया। फैसले के बाद दिए गए बयान में उन्होंने क्षेत्र के पुनरुद्धार में योजना की भूमिका का जिक्र किया:
यह उत्साहजनक है कि इससे रचनात्मक पुनरुद्धार की एक नई लहर को बल मिलेगा।
फैक्टरी उन्नयन के बावजूद नियोजित स्थल का क्षेत्रफल और कर्मचारियों की संख्या में बदलाव नहीं होगा। फिर भी, किकुयो के आसपास सेमीकंडक्टर विनिर्माण और उससे जुड़े कारोबार के कहीं व्यापक विस्तार के बीच स्थानीय लोगों को इसका असर महसूस होगा।
इस बदलाव का पैमाना नवीनतम मंज़ूरी से पहले ही क्षेत्र में आबादी और यातायात का दबाव बढ़ने से स्पष्ट था। 2020 की जनगणना की तुलना में किकुयो, कोशी और ओजु में कुल 5,465 लोगों की आबादी बढ़ी। इन नगरपालिकाओं में 2025 में यातायात जाम वाले 38 प्रमुख स्थान भी दर्ज किए गए, जो 2021 से करीब 40% अधिक थे। 2021 में ही TSMC ने कुमामोटो में आने की घोषणा की थी।
मार्च 2026 के अंत तक कुमामोटो प्रांत ने सेमीकंडक्टर से जुड़ी कंपनियों के साथ निवेश संबंधी 71 समझौते किए थे। ये समझौते चिप निर्माण परियोजना के आसपास कंपनियों की व्यापक दिलचस्पी दिखाते हैं। किकुयो और आसपास की नगरपालिकाओं में पांच नए औद्योगिक क्षेत्र वित्त वर्ष 2031 तक भूखंड उपलब्ध कराने लगेंगे।
स्थानीय कारोबारियों के सामने मिली-जुली स्थिति है। अधिक आबादी और निवेश से भोजन, आवास और सेवाओं की मांग बढ़ती है, जबकि किराये में बढ़ोतरी, यातायात में देरी और कर्मचारियों के लिए प्रतिस्पर्धा लागत बढ़ाती है। अधिक उन्नत चिप बनाने का फैसला क्षेत्र की औद्योगिक स्थिति को मजबूत करता है, लेकिन वहां पहले से रह रहे और काम कर रहे लोगों के लिए सड़कें, आवास और कर्मचारियों की भर्ती व्यावहारिक चिंताएं बनी हुई हैं।
रैपिडस के साथ कुमामोटो की भूमिका
जापान एक से अधिक परियोजनाओं के जरिए उन्नत चिप उत्पादन बढ़ा रहा है। TSMC के कुमामोटो विस्तार के साथ-साथ रैपिडस होक्काइडो में 2 नैनोमीटर विनिर्माण विकसित कर रही है और वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखती है।
2022 में स्थापित रैपिडस को जापान सरकार से करीब 15 अरब डॉलर की सहायता देने की प्रतिबद्धता मिली है। कंपनी ने एक पायलट उत्पादन लाइन शुरू की और जुलाई 2025 में तकनीकी उपलब्धि हासिल की, जब उसके 2 नैनोमीटर ट्रांजिस्टर के प्रोटोटाइप ने अपेक्षित विद्युत प्रदर्शन दिखाया।
टोक्यो विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी में विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति के प्रोफेसर तथा इंस्टीट्यूट ऑफ जियोइकॉनॉमिक्स के निदेशक Kazuto Suzuki के अनुसार, ये परियोजनाएं अलग-अलग उद्देश्यों की पूर्ति करती हैं। उनका मानना है कि जापान में TSMC की फैक्टरियां देश की घरेलू मांग पूरी करने की क्षमता बढ़ाती हैं, जबकि रैपिडस जापान को दुनिया के लिए उन्नत चिपों का आवश्यक आपूर्तिकर्ता बनाना चाहती है।
इस अंतर से ग्राहकों से जुड़ी चुनौती तय होती है। Sony, Denso और Toyota जैसे जापानी खरीदारों को स्थापित चिप तकनीकों की काफी जरूरत है। रैपिडस को अपने नियोजित उन्नत उत्पादों के लिए विदेशी ग्राहकों पर काफी हद तक निर्भर रहने की उम्मीद है।
अगली कसौटी भरोसेमंद वाणिज्यिक उत्पादन
रैपिडस का उदाहरण दिखाता है कि तकनीकी प्रदर्शन से लाभकारी फैक्टरी तक पहुंचने के लिए केवल छोटी प्रक्रिया पीढ़ी हासिल करना काफी नहीं है। निर्माताओं को बड़ी संख्या में काम करने वाली चिपें लगातार ऐसे खर्च पर बनानी होती हैं, जिसे ग्राहक वहन कर सकें।
Suzuki के अनुसार, उत्पादन यील्ड यानी बनी हुई चिपों में से सही ढंग से काम करने वाली चिपों का प्रतिशत, सफलता का एक अहम पैमाना है। जापान के सेमीकंडक्टर प्रयासों का आकलन कैसे करेंगे, इस पर उन्होंने कहा:
अगर आप अच्छी चिप बनाते हैं, तो वह सफलता है। अगर आप यील्ड बढ़ाते हैं, तो वह सफलता है।
रैपिडस ने अपनी उत्पादन यील्ड का खुलासा नहीं किया है। मुख्य कार्यकारी Atsuyoshi Koike ने कहा है कि कंपनी 60 से अधिक संभावित ग्राहकों से बातचीत कर रही है। ग्राहकों को चिप डिजाइन करने में मदद के लिए कंपनी ने 5 अक्टूबर को 17 फर्मों के साथ साझेदारी की घोषणा की। उसका नियोजित बड़े पैमाने का उत्पादन यह परखेगा कि तकनीकी प्रगति नियमित वाणिज्यिक आपूर्ति को सहारा दे सकती है या नहीं।
TSMC कुमामोटो में कॉन्ट्रैक्ट विनिर्माण का व्यापक अनुभव लेकर आई है, लेकिन उसका विस्तार भी ग्राहकों की मांग के अनुरूप किया जा रहा है। मंज़ूर किए गए 6,000 वेफर वाले चरण से उन्नत उत्पादन का शुरुआती पैमाना तय होता है; आगे की बढ़ोतरी ऑर्डरों और जापानी सहायता पर निर्भर है।
जापान के तात्कालिक पड़ाव वित्त वर्ष 2027 की वित्तपोषण प्रक्रिया और दिसंबर 2028 में दूसरी फैक्टरी का नियोजित उत्पादन शुरू होना हैं। अक्टूबर की मंज़ूरी से तकनीक और पहला चरण तय हो गया है। अगले कदम यह निर्धारित करेंगे कि शुरुआती प्रतिबद्धता से आगे कितनी उत्पादन क्षमता बनाई जाएगी।
मुख्य बातें
- जापान ने 16 अक्टूबर, 2026 को TSMC की संशोधित कुमामोटो योजनाओं को मंज़ूरी दी। इनमें देश में पहली बार 3 नैनोमीटर चिप उत्पादन की योजना भी शामिल है।
- दूसरी फैक्टरी के मंज़ूर पहले चरण की क्षमता 6,000 वेफर प्रति माह होगी और बड़े पैमाने पर उत्पादन दिसंबर 2028 में शुरू होना है।
- संशोधित शुरुआती योजना से जुड़ी सब्सिडी 645.15 अरब येन है, जो पहले की 732 अरब येन की योजना से कम है। अतिरिक्त सहायता पर विचार किया जा रहा है।
- पहली फैक्टरी 22 और 28 नैनोमीटर चिपों पर ध्यान केंद्रित करेगी और उसकी नियोजित मासिक क्षमता 45,000 वेफर होगी।
- आगे का विस्तार मांग और सरकारी सहायता पर निर्भर करेगा। इस बीच कुमामोटो निवेश से जुड़े यातायात, आवास और श्रमिकों की उपलब्धता के दबाव से निपट रहा है।






