सरकारी अनुमान के मुताबिक विदेशों में कटौती लक्ष्य से काफी कम
सरकार के एक आंतरिक आकलन के अनुसार, दक्षिण कोरिया 2035 तक विदेशों में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में केवल 6.58 मिलियन टन की कटौती हासिल कर सकता है। इससे दो प्रस्तावित राष्ट्रीय जलवायु योजनाओं में परिकल्पित अंतरराष्ट्रीय कटौती का लगभग पांचवां हिस्सा ही पूरा होगा।
विषय-सूची
राष्ट्रीय जलवायु संकट प्रतिक्रिया समिति की अंतरराष्ट्रीय कटौती विशेषज्ञ समिति ने अगस्त में ‘अंतरराष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस कटौती: नतीजे और अनुमान’ शीर्षक से यह रिपोर्ट तैयार की। इसके अनुमान के मुताबिक, 2018 के स्तर से राष्ट्रीय उत्सर्जन में 53% कटौती के प्रस्ताव में शामिल 29.8 मिलियन टन में से केवल 22.1% कटौती ही विदेशों में हासिल हो पाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर 61% कटौती के अधिक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव के तहत, अनुमानित आपूर्ति 34 मिलियन टन के नियोजित लक्ष्य का केवल 19.4% पूरा कर सकेगी।
योजनाओं का असर विदेशों में की जाने वाली कटौती तक सीमित नहीं है। आकलन के अनुसार, दक्षिण कोरिया अपनी नियोजित घरेलू कटौतियां पूरी कर भी ले, तब भी यदि अंतरराष्ट्रीय कटौती अनुमानित स्तर पर ही रहती है, तो पहली योजना के तहत राष्ट्रीय उत्सर्जन में कुल कटौती केवल 49.9% और दूसरी के तहत 57.3% होगी।
रीबिल्डिंग कोरिया पार्टी के सांसद सियो वांग-जिन ने अपने कार्यालय के जरिए यह रिपोर्ट हासिल की। वह नेशनल असेंबली की जलवायु, ऊर्जा, पर्यावरण और श्रम समिति के सदस्य हैं। उन्होंने सरकार से बिजली, उद्योग, परिवहन और भवन क्षेत्रों के घरेलू लक्ष्य नए सिरे से तय करने का आग्रह किया, ताकि दक्षिण कोरिया के भीतर उत्सर्जन में अधिक कटौती हो सके।
दक्षिण कोरिया विदेशों में किस कटौती को गिनता है
अंतरराष्ट्रीय कटौती का मतलब किसी दूसरे देश में ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में की गई वह कमी है, जिसे दक्षिण कोरिया हासिल करके अपने राष्ट्रीय जलवायु लक्ष्य में शामिल करता है। योजना का घरेलू हिस्सा दक्षिण कोरिया के भीतर कटौती से जुड़ा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय हिस्सा विदेशों में की गई कटौती पर निर्भर करता है।
राष्ट्रीय जलवायु प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदान, यानी एनडीसी, कहा जाता है। इस मामले में प्रस्तावित प्रतिशत बताते हैं कि दक्षिण कोरिया 2018 के स्तर की तुलना में 2035 तक उत्सर्जन में कितनी कटौती का लक्ष्य रखता है। बड़ा प्रतिशत, अधिक गहरी कटौती को दर्शाता है।
दोनों प्रस्तावों में लक्ष्य का कुछ हिस्सा अंतरराष्ट्रीय कटौती से पूरा करने की बात है। असल सवाल यह है कि दक्षिण कोरिया वास्तव में कितनी कटौती हासिल कर सकता है, न कि योजना दस्तावेजों में विदेशों में गतिविधियों के लिए कितना हिस्सा तय किया गया है।
समिति के अनुमान के मुताबिक, हासिल की जा सकने वाली कटौती 6.58 मिलियन टन है। दोनों प्रस्ताव इससे काफी अधिक कटौती पर निर्भर हैं, इसलिए अनुमानित आपूर्ति के आधार पर महत्वाकांक्षा के किसी भी स्तर पर कमी बनी रहेगी।
कमी कितनी बड़ी है?
राष्ट्रीय उत्सर्जन में 53% कटौती के प्रस्ताव में 29.8 मिलियन टन अंतरराष्ट्रीय कटौती शामिल है। अनुमानित 6.58 मिलियन टन घटाने पर 23.22 मिलियन टन की कटौती अभी भी हासिल करनी होगी, जो अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य का 77.9% है।
राष्ट्रीय उत्सर्जन में 61% कटौती के प्रस्ताव में विदेशों से 34 मिलियन टन कटौती शामिल है। उसी अनुमान के आधार पर इसमें 27.42 मिलियन टन की कमी है, जो अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य का 80.6% है।
- 53% का प्रस्ताव: विदेशों में 29.8 मिलियन टन कटौती की योजना, अनुमानित 6.58 मिलियन टन और 23.22 मिलियन टन की कमी।
- 61% का प्रस्ताव: विदेशों में 34 मिलियन टन कटौती की योजना, अनुमानित 6.58 मिलियन टन और 27.42 मिलियन टन की कमी।
इसलिए अधिक महत्वाकांक्षी प्रस्ताव में कम कटौती वाले प्रस्ताव की तुलना में 4.2 मिलियन टन अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय कटौती की जरूरत है। हालांकि, दोनों में से किसी भी लक्ष्य को पूरा करने के लिए उपलब्ध कटौती का अनुमान समान है। विदेशों में कटौती का हिस्सा बढ़ाने से हासिल की जाने वाली मात्रा भी बढ़ जाती है।
सीधे शब्दों में कहें तो, दक्षिण कोरिया अंतरराष्ट्रीय कटौती के लिए तय हर पांच टन में से करीब एक टन हासिल करने की उम्मीद करता है। दोनों प्रस्तावों में यह अनुपात थोड़ा अलग है, लेकिन दोनों ही जलवायु प्रयास का बड़ा हिस्सा उस मात्रा से अधिक रखते हैं, जिसका फिलहाल अनुमान है।
घरेलू लक्ष्य पूरे होने पर भी कमी क्यों रहेगी
दक्षिण कोरिया का राष्ट्रीय लक्ष्य घरेलू कटौतियों और विदेशों में हासिल कटौतियों को मिलाकर तय किया गया है। इसलिए घरेलू हिस्से को पूरा करने के बाद भी पूरा लक्ष्य हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय कटौतियां पूरी करनी होंगी।
समिति का आकलन यह गणना करता है कि यदि घरेलू योजनाएं तय मंशा के मुताबिक पूरी हों, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कटौती 6.58 मिलियन टन पर ही रहे, तो क्या होगा। 53% वाले प्रस्ताव के तहत, 2018 के आधार स्तर से राष्ट्रीय उत्सर्जन में 49.9% कटौती होगी, यानी लक्ष्य से 3.1 प्रतिशत अंक कम। 61% वाले प्रस्ताव के तहत कटौती 57.3% होगी, यानी लक्ष्य से 3.7 प्रतिशत अंक कम।
प्रतिशत अंक दो प्रतिशतों के बीच के अंतर को बताते हैं। यहां पहली गणना का मतलब है कि 53% कटौती का नियोजित लक्ष्य, विदेशों में होने वाली कमी को शामिल करने के बाद अनुमानित 49.9% तक रह जाता है।
इस स्थिति में घरेलू उपाय अपनी नियोजित कटौती का योगदान फिर भी देंगे। बाकी काम अतिरिक्त अंतरराष्ट्रीय कटौती हासिल करना या कटौती के प्रयासों का अधिक हिस्सा दक्षिण कोरिया के भीतर की गतिविधियों को सौंपना होगा।
जलवायु समिति के भीतर से उठी चेतावनियां
अगस्त के आकलन के मुताबिक, समिति सचिवालय ने यथार्थवादी अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य और वार्षिक कार्यान्वयन योजनाएं तय करने की मांग बार-बार की है। उसकी चिंता यह सुनिश्चित करने को लेकर है कि लक्ष्य ऐसी विश्वसनीय कटौती प्रक्रिया से मेल खाए, जिसे समय के साथ हासिल किया जा सके।
वार्षिक कार्यान्वयन योजना में लक्ष्य को हर साल के हिसाब से बांटा जाएगा। इससे 2035 के लक्ष्य के लिए जरूरी मात्रा की तुलना प्रत्येक वर्ष की अनुमानित कटौती से की जा सकेगी, और पूरी अवधि के अंत में तय कुल आंकड़े पर ही निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कटौती लक्ष्य दूसरे क्षेत्रों को सौंपने की जरूरत पड़ सकती है। यदि ऐसा करना मुश्किल हो, तो इसमें व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की गई है। 2031 से आगे की वार्षिक योजनाओं में वे मात्राएं शामिल होनी चाहिए, जिन्हें वास्तव में हासिल किया जा सकता है।
आकलन में यह नहीं बताया गया है कि विदेशों की किन परियोजनाओं के कारण अनुमानित कमी है, अतिरिक्त कटौती की लागत कितनी होगी या संशोधित आवंटन पर फैसला लेने की समयसीमा क्या है। विदेशों से अधिक कटौती हासिल करने और घरेलू योगदान बढ़ाने के बीच चुनाव के लिए ये जानकारियां अहम हैं।
सियो ने घरेलू स्तर पर अधिक कटौती की मांग की
आकलन हासिल करने वाले सांसद सियो वांग-जिन ने कहा कि सरकार को अपनी जलवायु योजना के घरेलू हिस्सों में संशोधन करके जवाब देना चाहिए। कोरियाई से अनूदित उनकी टिप्पणी:
सरकार के घरेलू दस्तावेज पुष्टि करते हैं कि अंतरराष्ट्रीय कटौती के मौजूदा अनुमान के तहत 2035 का उसका अपना राष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस कटौती लक्ष्य हासिल करना भी मुश्किल होगा।
सियो ने बिजली, उद्योग, परिवहन और भवनों को ऐसे क्षेत्र बताया जिनके लक्ष्य नए सिरे से तय किए जाने चाहिए। उनके प्रस्ताव के तहत, पूरी कमी को अतिरिक्त विदेशी परियोजनाओं से पूरा करने की कोशिश के बजाय दक्षिण कोरिया के भीतर उत्सर्जन घटाने की जिम्मेदारी बढ़ाई जाएगी।
बिजली आपूर्तिकर्ताओं, विनिर्माताओं, परिवहन संचालकों और भवन मालिकों के लिए ऐसे संशोधन का मतलब होगा कि उनके क्षेत्रों से जितने उत्सर्जन में कटौती की अपेक्षा है, वह बदल जाएगी। रिपोर्ट इन क्षेत्रों के लिए नए आंकड़े तय नहीं करती, इसलिए घरेलू स्तर पर किसी भी अतिरिक्त प्रयास का बंटवारा अभी तय नहीं है।
फैसले की दिशा तय करने वाली तारीखें
यह आकलन तत्काल योजना संबंधी समस्या को भविष्य के दो पड़ावों से जोड़ता है: 2031 से शुरू होने वाली वार्षिक योजनाएं और 2035 का राष्ट्रीय लक्ष्य वर्ष।
- अगस्त 2026: अंतरराष्ट्रीय कटौती विशेषज्ञ समिति ने ‘अंतरराष्ट्रीय ग्रीनहाउस गैस कटौती: नतीजे और अनुमान’ तैयार की।
- 2031 से आगे: रिपोर्ट वास्तविक रूप से हासिल की जा सकने वाली मात्रा के आधार पर वार्षिक अंतरराष्ट्रीय कटौती योजनाएं बनाने की मांग करती है।
- 2035: 2018 की तुलना में राष्ट्रीय उत्सर्जन में 53% या 61% कटौती के प्रस्तावों का लक्ष्य वर्ष।
मुख्य सवाल यह है कि प्रस्तावों में शामिल अंतरराष्ट्रीय कटौती और उसके कहीं कम अनुमान के बीच की कमी कैसे पूरी की जाए। समिति सचिवालय की सिफारिशें और सियो की मांग, दोनों जिम्मेदारी के बंटवारे पर फिर से विचार करने की ओर इशारा करती हैं, जिसमें घरेलू क्षेत्रों को अधिक जिम्मेदारी दी जा सकती है।
मुख्य बातें
- अनुमान है कि दक्षिण कोरिया 2035 तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में 6.58 मिलियन टन कटौती हासिल करेगा।
- यह 53% वाले प्रस्ताव के तहत विदेशों में कटौती के लक्ष्य का 22.1% और 61% वाले प्रस्ताव के तहत 19.4% पूरा करेगा।
- अंतरराष्ट्रीय कटौती में क्रमशः 23.22 मिलियन टन और 27.42 मिलियन टन की कमी रहेगी।
- नियोजित घरेलू कटौतियां पूरी होने पर भी, आकलन में 2018 के स्तर की तुलना में राष्ट्रीय कटौती 49.9% या 57.3% रहने का अनुमान है।
- जलवायु समिति सचिवालय ने यथार्थवादी लक्ष्य और वार्षिक योजनाओं की मांग की है, जबकि सियो वांग-जिन घरेलू क्षेत्रों को अधिक कटौती का जिम्मा देने के पक्ष में हैं।






