अमेरिकी परमाणु बाजार में प्रवेश की कोरियाई कोशिश
एसके ग्रुप, सैमसंग सी&टी, ह्युंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन और डूसान एनर्जीबिलिटी ऐसे कंसोर्टियम पर विचार कर रहे हैं जो अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी कंपनी वेस्टिंगहाउस इलेक्ट्रिक कंपनी में 5% से 10% हिस्सेदारी के लिए 4 ट्रिलियन वॉन तक निवेश कर सकता है। प्रस्तावित निवेश दक्षिण कोरिया की कुछ सबसे बड़ी औद्योगिक कंपनियों को अमेरिका में परमाणु ऊर्जा संयंत्र बनाने की व्यापक सरकारी पहल से जोड़ेगा।
विषय-सूची
- अमेरिकी परमाणु बाजार में प्रवेश की कोरियाई कोशिश
- एसके आधा निवेश कैसे कर सकता है
- प्रस्तावित हिस्सेदारी की संभावित कीमत
- आठ रिएक्टर और बौद्धिक संपदा समझौता
- हर कंपनी क्या हासिल करना चाहती है
- एसके की परमाणु रणनीति टेरापावर से आगे
- अमेरिका की परमाणु महत्वाकांक्षा का पैमाना
- निजी पूंजी हर परियोजना में सीधे क्यों नहीं जा सकती
- वित्तपोषण की उम्मीदें और प्राकृतिक गैस का संबंध
- मुख्य बातें
14 अक्टूबर, 2026 को प्रकाशित रिपोर्टों में वर्णित योजनाओं के तहत एसके मुख्य निवेशक की भूमिका में होगा। यानी कंपनी बड़ी शुरुआती निवेश प्रतिबद्धता देगी, जिसके आधार पर अन्य निवेशक भी जुड़ सकते हैं। एसके कई ट्रिलियन वॉन के निवेश की संभावना तलाश रहा है, जबकि अन्य प्रतिभागी कई सौ अरब वॉन के योगदान पर विचार कर रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, दक्षिण कोरिया का व्यापार, उद्योग और ऊर्जा मंत्रालय इच्छुक कंपनियों से आशय-पत्र जुटा रहा है। ऐसे पत्र बातचीत जारी रहने के दौरान निवेश की दिशा में आगे बढ़ने की इच्छा दर्ज करते हैं। प्रस्ताव का ब्योरा देने वाली खबरों में किसी अंतिम खरीद समझौते, कंपनियों के पक्के निवेश आवंटन या सौदा पूरा होने की तारीख की घोषणा नहीं की गई है।
संभावित शेयर खरीद के साथ दोनों सरकारों के सहयोग से अमेरिका में आठ परमाणु रिएक्टर बनाने की 120 अरब डॉलर की कथित योजना भी जुड़ी है। कोरियाई कंपनियां इस काम में निर्माण अनुबंधों और उपकरणों के ऑर्डर से लेकर उस बाजार में हिस्सेदारी तक के अवसर चाहती हैं, जहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य जरूरतों के लिए अधिक बिजली की मांग है।
दोनों रकमों के बीच अंतर महत्वपूर्ण है। कंसोर्टियम का प्रस्तावित निवेश 4 अरब डॉलर नहीं, बल्कि 4 ट्रिलियन वॉन तक है और इससे वेस्टिंगहाउस के शेयर खरीदे जाएंगे। 120 अरब डॉलर का आंकड़ा प्रस्तावित रिएक्टर निर्माण कार्यक्रम से जुड़ा है, जो कहीं बड़ा उपक्रम है और जिसकी वित्तीय जरूरतें अलग हैं।
एसके आधा निवेश कैसे कर सकता है
एसके ऐसी मिलान व्यवस्था पर विचार कर रहा है जिसके तहत वह अन्य भाग लेने वाली कंपनियों के कुल योगदान के बराबर रकम लगाएगा। खबरों के मुताबिक, सरकार ने डूसान एनर्जीबिलिटी, सैमसंग सी&टी, ह्युंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन और जीएस इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन समेत सात या आठ कंपनियों से संपर्क किया है।
निवेश चर्चाओं में दिए गए एक उदाहरण के मुताबिक, एसके के अलावा बाकी कंपनियां 1.5 ट्रिलियन वॉन देंगी और एसके इतनी ही रकम मिलाकर कुल 3 ट्रिलियन वॉन का निवेश कोष बनाएगा। यह व्यवस्था कैसे काम कर सकती है, इसका एक उदाहरण है; भागीदार कंपनियां अभी अपने-अपने निवेश की रकम पर विचार कर रही हैं।
खबरों के मुताबिक, एसके के चेयरमैन चेई ताए-वोन खुद समूह की निवेश रुचि की निगरानी कर रहे हैं। यह रणनीति परमाणु ऊर्जा से आगे अमेरिकी प्राकृतिक गैस बाजार तक फैली है और ऊर्जा निवेश को एसके के मौजूदा सेमीकंडक्टर तथा एआई डेटा सेंटर कारोबार से जोड़ती है।
एसके यह निवेश एआई कंपनी के जरिये कर सकता है, जो एसके हाइनिक्स की अमेरिका स्थित गैर-सूचीबद्ध सहायक कंपनी है। यह निवेश इकाई सॉलिडाइम से विकसित हुई, जिसे एसके हाइनिक्स ने 2021 में इंटेल का नैंड मेमोरी कारोबार खरीदकर समूह में शामिल किया था। पुनर्गठन के बाद, परिचालन मेमोरी कारोबार ने सॉलिडाइम नाम बरकरार रखा, जबकि पूर्व इकाई एआई निवेश के लिए माध्यम बन गई।
प्रस्तावित हिस्सेदारी की संभावित कीमत
निवेश बैंकिंग के अनुमानों के मुताबिक, वेस्टिंगहाउस के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने पर उसका संभावित मूल्य 30 अरब डॉलर तक हो सकता है। प्रस्तावित कोरिया-अमेरिका परमाणु ढांचे पर आई खबरों के अनुसार, कोरियाई पक्ष को सार्वजनिक निर्गम मूल्य से 10% कम कीमत पर शेयर खरीदने का अधिकार मिला है।
इस मूल्यांकन के आधार पर 10% हिस्सेदारी की कीमत छूट से पहले 3 अरब डॉलर और छूट के बाद 2.7 अरब डॉलर होगी। बाद की रकम करीब 3.7 ट्रिलियन वॉन आंकी गई है, जो कंसोर्टियम की 4 ट्रिलियन वॉन तक की प्रस्तावित धन जुटाने की सीमा के करीब है। इन्हीं अनुमानों के अनुसार, 5% हिस्सेदारी की कीमत छूट के बाद 1.35 अरब डॉलर होगी।
यह गणना बताती है कि अल्पांश हिस्सेदारी खरीदने के लिए भी कई ट्रिलियन वॉन की जरूरत क्यों पड़ सकती है। अंतिम हिस्सेदारी शेयरों से जुड़े अधिकारों और उचित जांच-पड़ताल के नतीजों पर निर्भर होने की संभावना है। निवेश से पहले कंपनी के वित्त, अनुबंधों और जोखिमों की जांच को उचित जांच-पड़ताल कहा जाता है। खबरों के मुताबिक, लक्षित हिस्सेदारी में मतदान अधिकार भी शामिल हैं, जिससे खरीदार शेयरधारकों के फैसलों में अपनी बात रख सकेंगे।
आठ रिएक्टर और बौद्धिक संपदा समझौता
कोरिया इलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन, जिसे केप्को कहा जाता है, और कोरिया हाइड्रो एंड न्यूक्लियर पावर, जिसे केएचएनपी कहा जाता है, प्रस्तावित निवेश के पीछे सरकारी सहयोग में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं। अधिकारियों ने वेस्टिंगहाउस की खरीद का वित्तीय बोझ सार्वजनिक कंपनियों पर कम करने के लिए निजी कंपनियों की भागीदारी की संभावनाएं भी तलाश की हैं।
खबरों के मुताबिक, रिएक्टर योजना में अधिकतम दो कोरियाई एपीआर1400 इकाइयां और छह वेस्टिंगहाउस एपी1000 इकाइयां शामिल हैं। ये अलग-अलग डिजाइन वाले रिएक्टर हैं, जिनकी प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग जरूरतें और वाणिज्यिक व्यवस्थाएं भी अलग हैं।
केप्को, केएचएनपी और वेस्टिंगहाउस के बीच 2025 में हुए समझौते ने बौद्धिक संपदा विवाद का समाधान किया था। बौद्धिक संपदा का अर्थ प्रौद्योगिकी और डिजाइन पर कानूनी अधिकार है। निवेश चर्चाओं पर आई खबरों के मुताबिक, इस समझौते ने पहले कोरियाई रिएक्टर प्रौद्योगिकी के अमेरिकी बाजार में प्रवेश को सीमित किया था।
खबरों के मुताबिक, नई सहयोग योजना में ऐसा अपवाद है जो कोरियाई और वेस्टिंगहाउस रिएक्टरों के प्रस्तावित मिश्रण की अनुमति देता है। इससे समझौते की शर्तें व्यावसायिक रूप से महत्वपूर्ण हो जाती हैं: कोरियाई कंपनियां शेयरों के जरिये वेस्टिंगहाउस तक पहुंच और अमेरिकी निर्माण कार्यक्रम में अपने रिएक्टर डिजाइन के लिए जगह, दोनों चाहती हैं।
प्रस्तावित 120 अरब डॉलर के रिएक्टर कार्यक्रम पर कोरिया-अमेरिका की 200 अरब डॉलर की व्यापक रणनीतिक निवेश प्रतिबद्धता के साथ चर्चा हो रही है। ये आंकड़े निवेश योजना के अलग-अलग स्तर बताते हैं। निवेशकों को अभी तय करना है कि अलग-अलग परियोजनाओं में धन, स्वामित्व और राजस्व का बंटवारा कैसे होगा।
हर कंपनी क्या हासिल करना चाहती है
सैमसंग सी&टी और ह्युंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण अनुबंध चाहती हैं, जिन्हें आम तौर पर ईपीसी कहा जाता है। सरल शब्दों में, इसका मतलब परियोजना का डिजाइन बनाना, उसके उपकरण और सामग्री जुटाना तथा निर्माण करना है।
डूसान एनर्जीबिलिटी रिएक्टरों और स्टीम जनरेटर समेत प्रमुख उपकरणों की आपूर्ति बढ़ाना चाहती है। स्टीम जनरेटर रिएक्टर की शीतलन प्रणाली से गर्मी लेकर उसे दूसरे सर्किट के पानी तक पहुंचाता है। इससे भाप बनती है जो बिजली बनाने के लिए टरबाइन चलाती है।
एसके के हित ऊर्जा को कंप्यूटिंग की बिजली जरूरतों से जोड़ते हैं। उसके सेमीकंडक्टर और एआई कारोबार विश्वसनीय बिजली पर निर्भर हैं, जबकि रिएक्टर प्रौद्योगिकी में निवेश उसे यह बिजली उपलब्ध कराने में भाग लेने का रास्ता देता है। पूरे कंसोर्टियम में शेयर खरीद को रणनीतिक निवेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे शेयरों के स्वामित्व से मिलने वाले लाभ के साथ कारोबारी काम मिलने की भी संभावना है।
एसके की परमाणु रणनीति टेरापावर से आगे
बिल गेट्स की अध्यक्षता वाले बोर्ड की कंपनी टेरापावर के जरिये एसके पहले से ही अमेरिकी परमाणु प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मौजूद है। एसके इंक. और एसके इनोवेशन ने 2022 में मिलकर कंपनी में 250 मिलियन डॉलर का निवेश किया और बड़े शेयरधारक बने।
एसके इनोवेशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए अगस्त में टेरापावर के साथ प्रमुख शर्तों पर एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। छोटे मॉड्यूलर रिएक्टर, या एसएमआर, पारंपरिक बड़े रिएक्टरों की तुलना में प्रति इकाई कम बिजली उत्पादन के लिए डिजाइन किए जाते हैं। इनके विकासकर्ता कारखानों में अधिक घटकों का निर्माण और परियोजना स्थलों पर उनकी असेंबली करने का लक्ष्य रखते हैं।
खबरों के मुताबिक, केएचएनपी ने भी जनवरी में टेरापावर में निवेश किया, जिससे कोरियाई सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी और एसके के मौजूदा निवेश के बीच एक और संबंध बना। वेस्टिंगहाउस के जुड़ने से बड़े रिएक्टरों के डिजाइन, परमाणु ईंधन आपूर्ति और रखरखाव वाले कारोबार में एसके की पहुंच बढ़ेगी, साथ ही नई रिएक्टर प्रौद्योगिकी में उसकी रुचि भी बनी रहेगी।
निवेश चर्चाएं कंपनियों की परमाणु गतिविधियों और अमेरिका में विस्तार की योजना से जुड़े कई कदमों के बाद हो रही हैं:
- 2022: एसके इंक. और एसके इनोवेशन ने टेरापावर में 250 मिलियन डॉलर का निवेश किया।
- 2025: केप्को, केएचएनपी और वेस्टिंगहाउस ने बौद्धिक संपदा विवाद सुलझाने का समझौता किया।
- मई 2025: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2050 तक अमेरिकी परमाणु क्षमता बढ़ाकर 400 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा।
- अगस्त 2026: एसके इनोवेशन ने वैश्विक एसएमआर परियोजनाओं के लिए टेरापावर के साथ प्रमुख शर्तों पर समझौता किया।
- 14 अक्टूबर, 2026: खबरों में प्रस्तावित कोरियाई कंसोर्टियम और 4 ट्रिलियन वॉन तक के निवेश का ब्योरा दिया गया।
अमेरिका की परमाणु महत्वाकांक्षा का पैमाना
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मई 2025 के कार्यकारी आदेश में 2050 तक अमेरिकी परमाणु बिजली उत्पादन क्षमता करीब 100 गीगावाट से बढ़ाकर 400 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा गया। क्षमता से आशय किसी भी समय संयंत्रों की बिजली उत्पादन की मात्रा से है, न कि साल भर में पैदा होने वाली कुल ऊर्जा से।
इस लक्ष्य से क्षमता चार गुना हो जाएगी और 300 गीगावाट की बढ़ोतरी होगी। प्रति रिएक्टर 1.4 गीगावाट की अनुमानित क्षमता मानकर इस बढ़ोतरी को बांटने पर करीब 214 रिएक्टरों की जरूरत होगी। निवेश चर्चाओं में इसे आम तौर पर करीब 210 बताया गया है। यह गणना विस्तार की महत्वाकांक्षा का पैमाना दिखाती है; वास्तविक क्षमता वृद्धि चुने गए रिएक्टरों के डिजाइन और आकार पर निर्भर करेगी।
एआई डेटा सेंटर कोरियाई कंपनियों की दिलचस्पी का एक प्रमुख व्यावसायिक कारण हैं। इन केंद्रों में बड़ी संख्या में कंप्यूटर चलते हैं और इन्हें भरोसेमंद बिजली चाहिए। एसके की योजना उसके कंप्यूटिंग कारोबार को ऊर्जा ढांचे से जोड़ती है, जबकि निर्माण और उपकरण कंपनियां नए बिजली संयंत्रों की आपूर्ति में अवसर देखती हैं।
निजी पूंजी हर परियोजना में सीधे क्यों नहीं जा सकती
मौजूदा सरकारी निवेश संरचना निजी भागीदारी के सामने व्यावहारिक बाधा है। बातचीत में वर्णित व्यवस्था के तहत, आई-एसपीवी नाम की एक मुख्य निवेश कंपनी हर परियोजना कंपनी, जिसे पी-एसपीवी कहा गया है, की 100% मालिक होगी।
एसपीवी यानी विशेष प्रयोजन कंपनी, किसी खास निवेश या परियोजना के लिए बनाई गई कंपनी होती है। यहां मुख्य कंपनी परियोजना कंपनियों के ऊपर होगी और निवेश से होने वाला राजस्व दक्षिण कोरिया तथा अमेरिका के बीच तय सिद्धांतों के अनुसार बांटा जाएगा।
सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस संरचना के चलते निजी रणनीतिक या वित्तीय निवेशकों की सीधी भागीदारी मुश्किल है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका फिलहाल अलग-अलग परियोजनाओं में निजी पूंजी की भागीदारी नहीं चाहता। इसकी अनुमति देने के लिए स्वामित्व और राजस्व वितरण, दोनों में बदलाव जरूरी होगा।
यह मुद्दा दो तरह के संभावित निवेशकों को प्रभावित करता है। निर्माण और उपकरण बनाने वाली कंपनियों जैसे रणनीतिक निवेशक निवेश आय के साथ कारोबारी अवसर भी चाहते हैं। निजी इक्विटी फंड और वित्तीय संस्थानों समेत वित्तीय निवेशक मुख्य रूप से अपनी लगाई रकम पर प्रतिफल चाहते हैं। वेस्टिंगहाउस के शेयर खरीदना और किसी खास रिएक्टर परियोजना को वित्त देना, दोनों की स्वामित्व व्यवस्थाएं अलग हैं; इसलिए बातचीत में इन पर अलग-अलग विचार करना होगा।
वित्तपोषण की उम्मीदें और प्राकृतिक गैस का संबंध
खबरों के मुताबिक, कुछ कोरियाई निजी इक्विटी कंपनियां अमेरिकी परमाणु निवेश पर प्रमुख कंपनियों से संपर्क कर रही हैं। निवेश बैंकिंग क्षेत्र के अनुमानों के अनुसार, वाणिज्यिक ऋण वाली व्यवस्थाओं में सालाना करीब 6% प्रतिफल संभव हो सकता है। यह प्रतिफल वित्तपोषण की शर्तों और परियोजना की अंतिम संरचना पर निर्भर करेगा।
सरकारी धन, कॉरपोरेट निवेश और निजी वित्त को मिलाने से औद्योगिक कंपनियों को अलग-अलग संयंत्रों में कम रकम लगानी पड़ सकती है। निर्माण कंपनियां निर्माण पर अधिक संसाधन लगा सकेंगी, जबकि उपकरण निर्माता उत्पादन पर ध्यान दे सकेंगे। वित्तीय निवेशकों को ऐसी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निवेश का अवसर मिलेगा जिनसे कई वर्षों तक आय मिलने का लक्ष्य है।
अलास्का की तरलीकृत प्राकृतिक गैस परियोजना पर भी सरकारी निवेश संरचना पर फिर से विचार करने के संभावित कारण के रूप में चर्चा हो रही है। एलएनजी यानी प्राकृतिक गैस को परिवहन के लिए तरल रूप में ठंडा किया जाता है। अलास्का परियोजना के विकास के लिए बड़े पैमाने पर पाइपलाइन और गैस द्रवीकरण सुविधाएं चाहिए होंगी, जिनके लिए काफी वित्तपोषण जरूरी होगा।
निवेश बैंकिंग क्षेत्र के प्रतिभागियों का कहना है कि परियोजनाओं के बजट और खर्च की योजनाएं स्पष्ट होने के साथ वाणिज्यिक ऋण जरूरी हो सकता है। यह परमाणु ऊर्जा और प्राकृतिक गैस, दोनों में एसके की दिलचस्पी से जुड़ता है: उसकी अमेरिकी ऊर्जा रणनीति में बिजली और ईंधन की आपूर्ति के एक से अधिक तरीके शामिल हैं। वेस्टिंगहाउस कंसोर्टियम के सामने फिलहाल चुनौती यह है कि रुचि जताने वालों को खरीद की व्यावहारिक व्यवस्था में बदला जाए, जबकि सरकारें बड़ी परियोजनाओं में भागीदारी के मुद्दे सुलझाएं।
मुख्य बातें
- एसके, सैमसंग सी&टी, ह्युंडई इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन और डूसान एनर्जीबिलिटी वेस्टिंगहाउस में 5% से 10% हिस्सेदारी के लिए 4 ट्रिलियन वॉन तक निवेश पर विचार कर रहे हैं।
- एसके अन्य प्रतिभागियों के कुल योगदान के बराबर रकम लगा सकता है और अपनी अमेरिकी एआई निवेश इकाई के जरिये निवेश कर सकता है।
- 30 अरब डॉलर के कथित मूल्यांकन और 10% छूट पर 10% हिस्सेदारी की कीमत 2.7 अरब डॉलर, यानी करीब 3.7 ट्रिलियन वॉन होगी।
- इससे जुड़ी अमेरिकी निर्माण योजना में 120 अरब डॉलर और आठ रिएक्टर शामिल हैं: अधिकतम दो एपीआर1400 और छह एपी1000 इकाइयां।
- निर्माण अनुबंध, उपकरणों की आपूर्ति और एआई कारोबार के लिए बिजली, प्रमुख व्यावसायिक हित हैं।
- निजी निवेशकों को अलग-अलग परियोजनाओं में सीधे भाग लेने देने के लिए सरकारी निवेश संरचना में बदलाव करना होगा।
- कंपनियां अभी अपनी निवेश प्रतिबद्धताओं पर विचार कर रही हैं; अंतिम खरीद समझौते और सौदा पूरा होने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है।






