ईंधन लागत से मुनाफे पर दबाव के बीच हांगकांग के बस ऑपरेटरों ने किराए में 8.1% से 17.7% तक बढ़ोतरी मांगी

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Hong Kong Bus Operators Seek Fare Rises of 8.1% to 17.7% as Fuel Costs Squeeze Profits

वित्तीय दबाव बढ़ने के बीच चार ऑपरेटरों ने किराया बढ़ाने की मांग की

हांगकांग की चार फ्रेंचाइज़ी बस कंपनियों ने किराए में 8.1% से 17.7% तक बढ़ोतरी मांगी है। सिटीबस ने सबसे बड़ी बढ़ोतरी का अनुरोध किया है। ईंधन लागत में तेज उछाल से मुनाफे पर दबाव पड़ रहा है, हालांकि यात्रियों की संख्या में मामूली सुधार हुआ है। सरकार इन आवेदनों पर विचार कर रही है और उसने कहा है कि वह मांगी गई बढ़ोतरी घटा सकती है या आवेदन खारिज कर सकती है।

विषय-सूची
  1. वित्तीय दबाव बढ़ने के बीच चार ऑपरेटरों ने किराया बढ़ाने की मांग की
  2. मांगी गई बढ़ोतरी का क्या मतलब होगा
  3. ईंधन की कीमतें यात्रियों की मांग से तेज बढ़ीं
  4. मुनाफे के अनुमान तेज गिरावट का संकेत देते हैं
  5. यात्रियों की संख्या में सुधार, लेकिन अब भी पहले के स्तर से कम
  6. पिछली बढ़ोतरी और घटनाक्रम का क्रम
  7. सुरंग टोल राहत से किराया वृद्धि रोकने की गुंजाइश अलग-अलग
  8. सरकार किराया वहन करने की क्षमता, सेवा और अन्य आय के विकल्प तौलेगी
  9. प्रमुख बिंदु

कौलून मोटर बस (केएमबी) ने 16%, सिटीबस ने 17.7%, लॉन्ग विन बस ने 8.1% और न्यू लांताओ बस ने 9.8% बढ़ोतरी मांगी है। विधान परिषद में पेश परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स ब्यूरो के दस्तावेज़ में इस उद्योग के सामने मुश्किलों का मेल बताया गया है: यात्रियों की संख्या अब भी महामारी से पहले के स्तर से कम है, परिचालन और वेतन लागत बढ़ रही है और ऑपरेटरों को बसों तथा सहायक सुविधाओं में निवेश जारी रखना है।

मध्य पूर्व के संघर्ष से जुड़ी डीजल कीमतों में उछाल के चलते वित्तीय दबाव और बढ़ गया है। चारों ऑपरेटरों में मार्च 2026 में ईंधन खरीद की कीमतें जनवरी के मुकाबले लगभग 75% से 134% अधिक थीं, जबकि मासिक ईंधन खर्च करीब 85% से 132% बढ़ गया।

परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स सचिव मेबल चैन ने कहा कि सरकार सेवा की विश्वसनीयता और ऑपरेटरों की वित्तीय स्थिरता के साथ-साथ इस बात पर भी विचार करेगी कि निवासी किराया वहन कर सकते हैं या नहीं। विधान परिषद की परिवहन समिति शुक्रवार को इन आवेदनों पर चर्चा करेगी, हालांकि रिपोर्टों में कैलेंडर की तारीख नहीं बताई गई है।

तत्काल फैसला यह है कि यात्रियों को अधिक भुगतान करना चाहिए या नहीं, और करना चाहिए तो कितना। इससे जुड़ा एक सवाल यह भी है कि किराया वृद्धि और मौजूदा राहत कोष उन ऑपरेटरों को किस हद तक सहारा दे सकते हैं, जिनके यात्रियों की संख्या सुधरी तो है, लेकिन पहले के स्तर पर नहीं लौटी।

मांगी गई बढ़ोतरी का क्या मतलब होगा

आवेदनों में काफी अंतर है। सिटीबस की प्रस्तावित 17.7% बढ़ोतरी, लॉन्ग विन की 8.1% मांग से 9.6 प्रतिशत अंक अधिक है। केएमबी की 16% की मांग भी 2024 में उसे मंजूर हुई 4.3% बढ़ोतरी से काफी ज्यादा है।

  • केएमबी: 16% बढ़ोतरी की मांग।
  • सिटीबस: 17.7% बढ़ोतरी की मांग।
  • लॉन्ग विन बस: 8.1% बढ़ोतरी की मांग।
  • न्यू लांताओ बस: 9.8% बढ़ोतरी की मांग।

उदाहरण के लिए, HK$10 के किराए पर ये प्रतिशत सीधे लागू करने से केएमबी के लिए HK$1.60, सिटीबस के लिए HK$1.77, लॉन्ग विन के लिए HK$0.81 और न्यू लांताओ बस के लिए HK$0.98 की बढ़ोतरी होगी। ये आंकड़े मांग के पैमाने को समझाने के लिए की गई गणनाएं हैं, घोषित मार्ग-किराए नहीं। अंतिम किराया सूची या लागू होने की तारीखों का खुलासा नहीं हुआ है।

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शुरुआती आवेदनों को लेकर रिपोर्टों में अंतर है। पहले की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि तीन ऑपरेटरों ने 10% से अधिक बढ़ोतरी मांगी है, जबकि विस्तृत आंकड़ों में चार ऑपरेटरों की मांगें हैं और लॉन्ग विन तथा न्यू लांताओ बस, दोनों की मांग इस सीमा से नीचे है। कुछ रिपोर्टें तीन कंपनियों का उल्लेख करती हैं, लेकिन चार ऑपरेटरों की सूची देती हैं। नाम के साथ दिए गए आवेदन और उनकी अलग-अलग प्रतिशत दरें अधिक सटीक तस्वीर पेश करती हैं।

ईंधन की कीमतें यात्रियों की मांग से तेज बढ़ीं

ब्यूरो के दस्तावेज़ में मोटर वाहन डीजल की कीमतों में उछाल को वित्तीय दबाव का एक बड़ा कारण बताया गया है। ऑपरेटर अब भी मुख्य रूप से डीजल बसों पर निर्भर हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति में बाधा और खरीद कीमतों में बढ़ोतरी का असर उनकी परिचालन लागत पर पड़ता है।

मार्च के आंकड़े दो अलग-अलग माप दिखाते हैं। ईंधन खरीद की कीमतें जनवरी के मुकाबले लगभग 75% से 134% बढ़ीं, यानी भुगतान की गई कीमत जनवरी के स्तर से करीब 1.75 से 2.34 गुना थी। कुल ईंधन खर्च लगभग 85% से 132% बढ़ा, यानी जनवरी के खर्च से करीब 1.85 से 2.32 गुना।

ईंधन की कीमत बताती है कि ऑपरेटर ईंधन के लिए कितना भुगतान करता है; खर्च उसके कुल ईंधन बिल को दर्शाता है। खरीदी या खपत की मात्रा बदलने से कुल खर्च में भी बदलाव हो सकता है। इसलिए इन आंकड़ों को एक-दूसरे के समान नहीं मानना चाहिए। रिपोर्ट में दी गई अलग-अलग सीमाएं यह नहीं बतातीं कि किस ऑपरेटर में कितनी बढ़ोतरी दर्ज हुई।

विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त 2026 में तेल की कीमतें जनवरी के स्तर से लगभग दोगुनी थीं। ब्यूरो का अनुमान है कि मध्य पूर्व के संघर्ष का आगे का घटनाक्रम अनिश्चित रहने तक कीमतें ऊंची बनी रह सकती हैं। उसने कहा है कि मौजूदा आवेदनों के आकलन में ईंधन लागत को शामिल किया जाएगा और तेल की कीमतों में आगे होने वाले बदलावों पर भविष्य के किराया आवेदनों के दौरान विचार होगा।

मुनाफे के अनुमान तेज गिरावट का संकेत देते हैं

जून तक के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, पिछले संबंधित अवधि की तुलना में कर-पश्चात मुनाफे में काफी गिरावट आई। अनुमान है कि केएमबी का मुनाफा लगभग 55%, सिटीबस का 52%, लॉन्ग विन का 31% और न्यू लांताओ बस का 129% गिरा।

अधिक विस्तृत ब्योरे में बताया गया है कि सिटीबस का आंकड़ा उसके शहरी और न्यू टेरिटरीज़ फ्रेंचाइज़ी से संबंधित है। सिटीबस एयरपोर्ट और नॉर्थ लांताओ फ्रेंचाइज़ी भी चलाती है, इसलिए इस आंकड़े को सिटीबस के सभी परिचालनों का नतीजा नहीं मानना चाहिए।

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100% से अधिक की गिरावट, जैसे न्यू लांताओ बस के लिए अनुमानित 129%, सकारात्मक तुलना अवधि के मुनाफे से घाटे में जाने का संकेत हो सकती है। हालांकि, रिपोर्टों में मूल राशि नहीं दी गई है, इसलिए केवल इस प्रतिशत के आधार पर कंपनी के घाटे का आकार नहीं निकाला जा सकता।

ब्यूरो के आकलन में यह भी कहा गया है कि 2026 के पहले तीन महीनों में फ्रेंचाइज़ियों का कर-पश्चात मुनाफा आम तौर पर 2025 की इसी अवधि की तुलना में 20% से 30% गिरा। जून तक के अनुमानों में इससे बड़ी गिरावट संकेत देती है कि साल आगे बढ़ने के साथ वित्तीय स्थिति और बिगड़ी, हालांकि ऑपरेटरों के बीच अंतर काफी बना हुआ है।

कुछ रिपोर्टों में इन आंकड़ों का वर्णन करते समय राजस्व या आय शब्द का इस्तेमाल किया गया है। विस्तृत वित्तीय माप कर-पश्चात मुनाफा है, यानी लागत और कर चुकाने के बाद बची रकम; यह किराए और अन्य गतिविधियों से जुटाई गई राशि नहीं है। मुनाफे में 55% गिरावट का अर्थ यह नहीं है कि किराया राजस्व 55% घटा।

यात्रियों की संख्या में सुधार, लेकिन अब भी पहले के स्तर से कम

फ्रेंचाइज़ी बसों में 2024 और 2025, दोनों वर्षों में प्रतिदिन औसतन 3.7 मिलियन से अधिक यात्री यात्राएं दर्ज हुईं। 2023 में यह संख्या करीब 3.67 मिलियन थी। इस सुधार के बावजूद उद्योग 2010 से 2019 के बीच दर्ज प्रतिदिन औसतन करीब 3.92 मिलियन यात्राओं के स्तर पर नहीं लौटा है।

ऐतिहासिक औसत, 2023 के आंकड़े से प्रतिदिन करीब 250,000 यात्राएं अधिक है। इसका मतलब है कि 2023 में यात्रियों की संख्या 2010 से 2019 के औसत से लगभग 6.4% कम थी। बाद के आंकड़े सिर्फ 3.7 मिलियन से अधिक के रूप में दिए गए हैं, इसलिए 2024 और 2025 में बचा हुआ सटीक अंतर नहीं निकाला जा सकता।

ये आंकड़े यात्री यात्राओं की गिनती करते हैं, अलग-अलग लोगों की नहीं। बस से काम पर जाने और फिर घर लौटने वाला व्यक्ति दो यात्राएं जोड़ता है। मांग पर नजर रखने के लिए यह माप उपयोगी है, लेकिन इससे यह पता नहीं चलता कि किराया बढ़ने से कितने अलग-अलग निवासियों पर असर पड़ेगा।

ब्यूरो के मुताबिक, सुधार अधूरा रहने की एक वजह सार्वजनिक परिवहन के अन्य साधनों से प्रतिस्पर्धा और यात्रा की आदतों में आए स्थायी बदलाव हैं। फिर भी लॉन्ग विन को सीमा पार गतिविधियों में वृद्धि और तुंग चुंग के विस्तार से जुड़ी आबादी बढ़ने का लाभ मिला है। 18 जून 2023 को किराया बढ़ने के बाद उसका वित्तीय प्रदर्शन सुधरना शुरू हुआ।

पिछली बढ़ोतरी और घटनाक्रम का क्रम

मौजूदा आवेदन पिछली किराया बढ़ोतरी के बाद आए हैं, जिनसे ऑपरेटरों की वित्तीय स्थिति बेहतर हुई थी। 2024 में केएमबी ने 6.5% बढ़ोतरी मांगी और उसे 4.3% मंजूर हुई; सिटीबस ने 9.5% मांगी और उसे 7.5% मिली; न्यू लांताओ बस ने 6.5% मांगी और उसे मंजूर भी हुई। ये फैसले दिखाते हैं कि मंजूर की गई बढ़ोतरी जरूरी नहीं कि मांगी गई दर के बराबर हो।

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तीनों ऑपरेटरों की मौजूदा मांगें पिछली मंजूर बढ़ोतरी से अधिक हैं। केएमबी की मांग 2024 में मंजूर बढ़ोतरी से 11.7 प्रतिशत अंक अधिक है, सिटीबस की 10.2 अंक और न्यू लांताओ बस की 3.3 अंक अधिक है। ये तुलनाएं अलग-अलग बढ़ोतरी को दर्शाती हैं, किसी यात्री के किराए में कुल संचयी बदलाव की गणना नहीं।

  • 18 जून 2023: लॉन्ग विन की पिछली किराया बढ़ोतरी लागू हुई, जिसके बाद उसका वित्तीय प्रदर्शन सुधरना शुरू हुआ।
  • 2024: केएमबी, सिटीबस और न्यू लांताओ बस को क्रमशः 4.3%, 7.5% और 6.5% बढ़ोतरी की मंजूरी मिली।
  • जनवरी से मार्च 2026: चारों ऑपरेटरों में ईंधन खरीद की कीमतें और खर्च तेजी से बढ़े।
  • अप्रैल 2026: रिपोर्टों के मुताबिक, नवीनतम किराया आवेदन इसी महीने जमा किए गए।
  • जून 2026: मुनाफे के शुरुआती अनुमानों में काफी गिरावट दिखी और सुरंग टोल छूट कोषों की शेष राशि दर्ज की गई।
  • अगस्त 2026: बताया गया कि तेल की कीमतें जनवरी के स्तर से करीब दोगुनी बनी हुई थीं।
  • शुक्रवार: विधान परिषद की परिवहन समिति आवेदनों पर चर्चा करेगी। रिपोर्टों में कैलेंडर की तारीख नहीं बताई गई है।

रिपोर्टों के मुताबिक, मध्य पूर्व की स्थिति और ईंधन कीमतों पर नजर रखने के दौरान सरकार ने अप्रैल के आवेदनों पर तुरंत कार्रवाई नहीं की। अंतिम मंजूरी की तारीख या नए किराए लागू होने की तारीख की घोषणा नहीं हुई है।

सुरंग टोल राहत से किराया वृद्धि रोकने की गुंजाइश अलग-अलग

यात्रियों पर किराया बढ़ोतरी का असर कम करने के लिए पिछली किराया प्रक्रिया में फ्रेंचाइज़ी बसों के सुरंग टोल छूट कोषों का इस्तेमाल किया गया है। इन कोषों में बची रकम में बड़ा अंतर है, जिससे नवीनतम मांगों का असर सभी ऑपरेटरों के लिए समान रूप से कम करना मुश्किल हो सकता है।

जून 2026 तक केएमबी के कोष में HK$174 मिलियन थे और अनुमान था कि यह 2028 की पहली तिमाही में खत्म हो जाएगा। लॉन्ग विन के पास करीब HK$4.29 मिलियन थे, जबकि न्यू लांताओ बस के पास केवल HK$18,300 थे।

सिटीबस की शहरी और न्यू टेरिटरीज़ फ्रेंचाइज़ी का कोष पिछली किराया समायोजन प्रक्रियाओं में पूरी तरह इस्तेमाल हो चुका था। उसकी एयरपोर्ट और नॉर्थ लांताओ फ्रेंचाइज़ी के कोष में अब भी करीब HK$23.56 मिलियन थे। इस फ्रेंचाइज़ी में अधिक रकम बचने की वजह यह बताई गई कि उसने किराया बढ़ोतरी का आवेदन नहीं दिया था।

HK$174 मिलियन और HK$4.29 मिलियन की तुलना में केएमबी के कोष में लॉन्ग विन से करीब 40.6 गुना रकम थी। केवल कोष की शेष राशि से यह तय नहीं होता कि हर यात्री को कितनी राहत मिलेगी, क्योंकि फ्रेंचाइज़ियों का आकार, यात्रियों की मांग और वित्तीय स्थिति अलग-अलग हैं। केएमबी के कोष के खत्म होने की अनुमानित तारीख भी स्पष्ट करती है कि यह सहायता सीमित अवधि के लिए है।

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सरकार किराया वहन करने की क्षमता, सेवा और अन्य आय के विकल्प तौलेगी

चैन ने कहा कि अधिकारी ऑपरेटरों की परिचालन स्थिति, लागत और राजस्व के अनुमान, दीर्घकालिक वित्तीय विकास और सार्वजनिक सेवाओं पर पड़ने वाले असर की बारीकी से जांच करेंगे। ब्यूरो का कहना है कि फ्रेंचाइज़ी बस किराया समायोजन व्यवस्था के तहत उसका आकलन वित्तीय स्थिरता के साथ किराया वहन करने की क्षमता और यात्रियों पर असर के बीच संतुलन साधेगा।

मुख्य कार्यकारी को परिषद में इन आवेदनों पर विचार करना होगा। विधान परिषद की समिति की चर्चा से सांसदों को इनकी जांच करने का अवसर मिलेगा, लेकिन यह खुद नए किरायों की मंजूरी नहीं है। सरकार का कहना है कि अत्यधिक लगने वाली मांगें घटाई या खारिज की जा सकती हैं।

परिवहन समिति के अध्यक्ष बेन चैन ने कार्यकारी परिषद से ऑपरेटरों की निरंतर व्यवहार्यता और निवासियों की भुगतान क्षमता के बीच संतुलन बनाने का आग्रह किया। उन्होंने किराए से इतर आय के स्रोत विकसित करने का सुझाव भी दिया, जिसमें बस डिपो और सार्वजनिक परिवहन केंद्रों की जगह का व्यावसायिक उपयोग शामिल है।

इस सुझाव से आय का एक संभावित वैकल्पिक स्रोत मिल सकता है, लेकिन अनुमानित आय, मंजूर विकास योजना या समयसीमा का खुलासा नहीं हुआ है। इसलिए इसे अभी किराया वृद्धि के बदले मिलने वाली मापी गई आय नहीं माना जा सकता।

ऑपरेटरों को डीजल के तत्काल बिलों के अलावा वेतन, बसों के प्रतिस्थापन और नई ऊर्जा तकनीक वाली बसों तथा उनसे जुड़ी सुविधाओं में निवेश पर भी खर्च करना पड़ता है। सरकार को इन जरूरतों के साथ यात्रियों पर पड़ रहे दबाव का आकलन करना है। मांगी गई प्रतिशत दरें, मुनाफे के शुरुआती अनुमान और राहत कोषों में बची रकम अब सार्वजनिक हैं, लेकिन अंतिम मंजूर बढ़ोतरी, मार्गों के किराए और लागू होने की तारीखों पर फैसला होना बाकी है।

प्रमुख बिंदु

  • केएमबी ने 16%, सिटीबस ने 17.7%, लॉन्ग विन ने 8.1% और न्यू लांताओ बस ने 9.8% बढ़ोतरी मांगी है।
  • मार्च 2026 में ईंधन खरीद की कीमतें जनवरी के स्तर से करीब 75% से 134% अधिक थीं।
  • जून तक के मुनाफे के शुरुआती अनुमानों में लगभग 31% से 129% तक गिरावट दिखाई गई।
  • 2024 और 2025 में रोजाना यात्री यात्राएं 3.7 मिलियन से अधिक रहीं, लेकिन 2010 से 2019 के करीब 3.92 मिलियन के औसत से कम थीं।
  • सुरंग टोल छूट कोषों की शेष रकम में बड़ा अंतर है और सिटीबस की शहरी तथा न्यू टेरिटरीज़ फ्रेंचाइज़ी का कोष खत्म हो चुका है।
  • सरकार आवेदनों को घटा या खारिज कर सकती है। अंतिम किराया सूची या लागू होने की तारीखों की घोषणा नहीं हुई है।
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