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थाई किराना दुकान में हाथी ने मचाई हलचल
थाईलैंड के खाओ याई राष्ट्रीय उद्यान के पास एक किराना दुकान में घुसकर नाश्ते की दावत उड़ाने वाले प्लाई बिआंग लेक नामक जंगली हाथी की खबर सुर्खियों में आ गई। इस घटना से स्थानीय लोग हैरान भी हुए और चिंतित भी। नाखोन रत्चासिमा प्रांत में हुई यह घटना सीसीटीवी में कैद हो गई और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इससे क्षेत्र में इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते मेल-जोल को लेकर चर्चा छिड़ गई।हाथी दुकान में कैसे घुसा?
27 से 30 वर्ष की उम्र का नर हाथी प्लाई बिआंग लेक, भोजन की तलाश में अक्सर इंसानी बस्तियों में पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों के बीच जाना जाता है। 2 जून को वह खाओ याई राष्ट्रीय उद्यान के प्रवेश द्वार से करीब एक किलोमीटर दूर पाक चोंग की एक छोटी किराना दुकान तक पहुंच गया। दुकान की मालिक कामप्लोय काकाएव के मुताबिक, उस दोपहर दुकान में ग्राहक कम थे। तभी हाथी शांति से प्रवेश द्वार तक आया, नीचे की छत के नीचे से निकलकर दुकान में घुस गया। दुकान के भीतर प्लाई बिआंग लेक ने अपनी सूंड से फ्रीजर को धीरे से हटाया और नाश्ते के काउंटर तक पहुंच गया। उसने चावल के मीठे पटाखों के नौ पैकेट, एक सैंडविच और कई केले खा लिए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 800 बाट (लगभग 25 डॉलर) थी, जिसका भुगतान नहीं हुआ। दुकानदार और राष्ट्रीय उद्यान के कर्मचारियों ने उसे भगाने की कोशिश की, लेकिन हाथी पर कोई असर नहीं पड़ा। वह करीब 10 मिनट तक आराम से अपना भोजन खाता रहा, फिर उसे सुरक्षित बाहर ले जाया गया।विज्ञापन
जनता की प्रतिक्रिया और सोशल मीडिया पर चर्चा
यह घटना तेजी से ऑनलाइन सनसनी बन गई। हाथी के नाश्ते पर धावा बोलने के वीडियो इंस्टाग्राम और टिकटॉक जैसे मंचों पर खूब प्रसारित हुए। कई लोगों ने हाथी की कथित चतुराई और शांत स्वभाव पर हैरानी जताई। कुछ ने मजाक में इसे "खाना खाकर बिना पैसे दिए निकल जाना" कहा, तो कुछ इस बात पर अचंभित थे कि उसे नाश्ता रखने की जगह याद थी। दुकान की मालिक कामप्लोय काकाएव ने इस घटना को हैरान करने वाला और मजेदार बताया। उन्होंने कहा कि हाथी अक्सर इस इलाके से गुजरते हैं, लेकिन पहली बार कोई उनकी दुकान में घुसा था। घटना के बाद एक स्थानीय वन्यजीव समूह ने हाथी के नाश्ते के बिल का खर्च उठाने की पेशकश की और दुकानदार को सामान के नुकसान की भरपाई की। सौभाग्य से किसी को चोट नहीं आई। पीछे सिर्फ कीचड़ भरे पैरों के कुछ निशान और अस्त-व्यस्त अलमारियां रह गईं।विज्ञापन
हाथी इंसानी इलाकों में क्यों घुस रहे हैं?
प्लाई बिआंग लेक का किराना दुकान जाना कोई अकेली घटना नहीं है। हाल के वर्षों में थाईलैंड के जंगली हाथी भोजन की तलाश में तेजी से गांवों और कस्बों में पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञ इस चलन की वजह कृषि विस्तार, पेड़ों की कटाई और शहरी विकास के कारण घटते प्राकृतिक आवास को मानते हैं। इंसानी गतिविधियां जंगलों तक फैलने से हाथियों को सिकुड़ते आवास छोड़कर भोजन की तलाश में दूसरी जगह जाना पड़ता है। इससे लोगों के साथ नजदीकी और कभी-कभी खतरनाक मुठभेड़ें होती हैं। राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव और वनस्पति संरक्षण विभाग के अनुसार, थाईलैंड में जंगली हाथियों की आबादी 1900 के शुरुआती वर्षों में एक लाख से अधिक थी, जो घटकर अब सिर्फ 3,000–4,000 रह गई है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल खाओ याई राष्ट्रीय उद्यान में करीब 140–200 जंगली हाथी रहते हैं। संरक्षणकर्मी और स्थानीय स्वयंसेवक संरक्षित क्षेत्रों में भोजन और पानी के स्रोत बढ़ाकर तथा समुदायों को इन जानवरों के साथ सुरक्षित रूप से रहने के तरीके बताकर इंसानों और हाथियों के बीच टकराव कम करने की कोशिश कर रहे हैं।विज्ञापन
इंसान-हाथी संघर्ष के व्यापक प्रभाव
प्लाई बिआंग लेक का नाश्ते पर धावा बिना किसी नुकसान के खत्म हुआ, लेकिन इंसानों और हाथियों के बीच हर मुठभेड़ इतनी शांतिपूर्ण नहीं होती। भोजन की तलाश में हाथियों के संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, फसलों पर धावा बोलने और दुर्लभ मामलों में लोगों को घायल करने या उनकी जान लेने की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसी घटनाओं का बढ़ना बताता है कि वन्यजीवों और स्थानीय समुदायों, दोनों की रक्षा करने वाले टिकाऊ उपायों की तत्काल जरूरत है। इस समस्या से निपटने के प्रयासों में प्राकृतिक आवास की बहाली, वन्यजीव गलियारों का निर्माण और हाथियों के धावे से प्रभावित किसानों के लिए मुआवजा योजनाएं शामिल हैं। थाई सरकार और संरक्षण समूह लोगों और हाथियों की जरूरतों के बीच संतुलन बनाने के उपाय खोज रहे हैं। वे राष्ट्रीय प्रतीक के रूप में हाथी के सांस्कृतिक महत्व और पारिस्थितिकी तंत्र में उसकी अहम भूमिका को भी ध्यान में रखते हैं।विज्ञापन
संक्षेप में
- प्लाई बिआंग लेक नाम का एक जंगली हाथी थाईलैंड की किराना दुकान में घुसा और करीब 25 डॉलर के नाश्ते खा गया।
- यह घटना वीडियो में कैद हुई और वायरल होकर दुनिया भर में चर्चा तथा मनोरंजन का विषय बनी।
- विशेषज्ञ ऐसी मुठभेड़ों का संबंध हाथियों के घटते प्राकृतिक आवास और भोजन के स्रोतों से जोड़ते हैं।
- पिछली एक सदी में थाईलैंड में जंगली हाथियों की आबादी में भारी गिरावट आई है।
- इंसानों और हाथियों के बीच टकराव घटाने तथा समुदायों और वन्यजीवों की रक्षा के लिए संरक्षण के प्रयास जारी हैं।






