2027 में PM2.5 से निपटने के लिए थाईलैंड ने तय किए पांच उपाय, बैंकॉक का लक्ष्य प्रदूषण वाले दिन 20 से अधिक न हों

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Thailand Sets Five Measures for 2027 PM2.5 Fight as Bangkok Targets No More Than 20 Pollution Days

राष्ट्रीय योजना में आगजनी, यातायात और खतरनाक वायु पर अंकुश का लक्ष्य

थाईलैंड के प्राकृतिक संसाधन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 2027 में PM2.5 प्रदूषण से निपटने के लिए पांच उपायों को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इनके तहत 2026 की तुलना में जले हुए वन क्षेत्रों में कम से कम 10%, जले हुए कृषि क्षेत्रों में 10–15% और सूक्ष्म कणों की औसत सांद्रता में 5–10% की कमी का लक्ष्य रखा गया है।

विषय-सूची
  1. राष्ट्रीय योजना में आगजनी, यातायात और खतरनाक वायु पर अंकुश का लक्ष्य
  2. 2027 के उपाय किस तरह आकार ले रहे हैं
  3. किसानों को आगजनी के विकल्प देना
  4. वनों में आग की रोकथाम 14 क्षेत्रों पर केंद्रित
  5. वाहनों, कारखानों और निर्माण स्थलों पर सख्त जांच
  6. बैंकॉक के 20 दिन के लक्ष्य के लिए क्या जरूरी है
  7. बेहतर माप और तेज चेतावनी
  8. उत्सर्जन घटाते हुए लोगों की सुरक्षा
  9. उपायों की सफलता कैसे मापी जाएगी
  10. मुख्य बातें

मसौदे में मानक से अधिक प्रदूषण वाले दिनों की संख्या 5–15% घटाने का लक्ष्य भी है। इसमें कृषि अवशेष जलाने, जंगलों की आग और शहरी उत्सर्जन पर कार्रवाई के साथ पड़ोसी देशों के सहयोग और जनस्वास्थ्य सुरक्षा के उपाय शामिल हैं।

बैंकॉक एक अधिक विशिष्ट स्थानीय लक्ष्य की तैयारी कर रहा है: 2027 में PM2.5 का स्तर मानक से ऊपर रहने वाले दिनों की संख्या 20 से अधिक न हो। उप-गवर्नर पोर्नफ्रोम विकित्सरेथ ने कहा कि शहर द्वारा समीक्षा की गई अवधियों में ऐसे दिनों की संख्या 40 से घटकर 28 रह गई थी। इसे 20 तक लाने के लिए आठ दिन और कम करने होंगे, यानी 28 से करीब 29% की कमी।

राष्ट्रीय पैकेज अभी मसौदा है और इस पर राष्ट्रीय पर्यावरण बोर्ड तथा मंत्रिमंडल की समीक्षा होनी बाकी है। इन फैसलों की तारीखों, अंतिम बजट राशि या प्रस्तावित वाहन योजनाओं के विस्तृत नियमों की घोषणा नहीं हुई है।

2027 के उपाय किस तरह आकार ले रहे हैं

प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने 18 सितंबर 2026 को जंगल की आग, धुंध और कण प्रदूषण से जुड़े 2027 के मसौदा उपायों पर विचार-विमर्श किया। उप महानिदेशक तीरापोंग विमोनचितरानोन की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्रालयों, एजेंसियों और अन्य क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों पर अपनी राय दी।

पर्यावरण एवं प्रदूषण नियंत्रण कार्यालय 1 की आधिकारिक परामर्श सूचना के अनुसार, इसके निदेशक अवीरा फाकमत ने कर्मचारियों को ऑनलाइन भाग लेने का निर्देश दिया था। उनकी टिप्पणियों और सुझावों का उद्देश्य उपायों को प्रकाशित करने और व्यावहारिक रूप से लागू करने की तैयारी में मदद करना था।

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राष्ट्रीय परामर्श और बैंकॉक की योजना से अगले प्रदूषण मौसम से पहले और उसके दौरान कई पड़ाव तय होते हैं:

  • 18 सितंबर 2026: प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने 2027 के राष्ट्रीय मसौदे पर परामर्श बैठक की।
  • 2026 के अंत से 2027 की शुरुआत तक: बैंकॉक की तैयारियां अगले मौसमी प्रदूषण काल पर केंद्रित हैं।
  • नवंबर 2026: बैंकॉक को उम्मीद है कि उसका उन्नत वायु निगरानी सुपरस्टेशन पूरी तरह काम करने लगेगा।
  • 2027: राष्ट्रीय स्तर पर प्रदूषण घटाने के लक्ष्य और मानक से ऊपर रहने वाले दिनों की बैंकॉक की 20 दिन की सीमा लागू करने का इरादा है।

निवासियों के लिए योजना और क्रियान्वयन के बीच का अंतर महत्वपूर्ण है। सैद्धांतिक मंजूरी से मंत्रालय की इच्छित दिशा तय होती है; सरकार के अगले फैसलों को उस दिशा को वित्तपोषित काम, संचालन संबंधी निर्देशों और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारियों में बदलना होगा।

किसानों को आगजनी के विकल्प देना

कृषि अवशेष जलाना राष्ट्रीय योजना के मुख्य लक्ष्यों में से एक है। मंत्रालय बिना जलाए खेती को बढ़ावा देने, फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध कराने, निजी व्यवसायों से सहायता के लिए एक मंच बनाने और प्रांतीय ईंधन प्रबंधन योजनाएं तैयार करने का प्रस्ताव रखता है।

फसल अवशेष से आशय कटाई के बाद बचे डंठलों, पत्तियों और अन्य पौध सामग्री से है। इन्हें जलाने से तेजी से सफाई हो जाती है, लेकिन धुआं और सूक्ष्म कण निकलते हैं। मशीनें किसानों को खेतों में आग लगाए बिना बचे हुए अवशेषों का प्रबंधन करने में मदद कर सकती हैं। इस तरह प्रस्ताव प्रदूषण के साथ-साथ कटाई के बाद किसानों के सामने आने वाले व्यावहारिक काम पर भी ध्यान देता है।

प्रांतीय ईंधन प्रबंधन योजनाओं में ऐसी वनस्पति पर ध्यान दिया जाएगा जो आग पकड़ सकती है। यहां ईंधन का अर्थ पौध सामग्री है, पेट्रोल या डीजल नहीं। प्रांतीय स्तर पर योजना बनाने से स्थानीय अधिकारियों को अपने क्षेत्रों की फसलों, भूभाग और आग के जोखिम के अनुसार काम व्यवस्थित करने का तरीका मिलता है।

लक्ष्य 2026 की तुलना में जले हुए कृषि क्षेत्रों में 10–15% की कमी लाना है। निजी सहायता मंच और मशीनें उपलब्ध कराना इस उपाय के अहम हिस्से हैं, क्योंकि इनका उद्देश्य किसानों को अगली फसल के लिए जमीन तैयार करते समय व्यावहारिक विकल्प देना है।

वनों में आग की रोकथाम 14 क्षेत्रों पर केंद्रित

मंत्रालय वनाग्नि की रोकथाम उन 14 क्षेत्रों में केंद्रित करने की योजना बना रहा है जिन्हें उच्च जोखिम वाला माना गया है। प्रस्तावित कार्रवाई में कर्मचारी, ड्रोन और गर्मी का पता लगाने वाले कैमरे शामिल हैं।

हर साधन की भूमिका अलग है। कर्मचारी जमीन पर रोकथाम और कार्रवाई का काम करते हैं, जबकि ड्रोन और गर्मी का पता लगाने वाले कैमरे टीमों को संभावित आग का स्थान पहचानने और पहुंचने में कठिन जगहों का आकलन करने में मदद कर सकते हैं। राष्ट्रीय लक्ष्य 2026 की तुलना में जले हुए वन क्षेत्रों में कम से कम 10% की कमी लाना है।

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वित्तपोषण की तैयारियों में वनाग्नि की रोकथाम के साथ मौसम में बदलाव लाने के अभियान भी शामिल हैं। पैकेज में प्रदूषण बढ़ने पर कार्रवाई के उपायों के साथ रोकथाम को भी जगह दी गई है, जिससे जली हुई भूमि का क्षेत्रफल प्रगति के मुख्य मानकों में से एक बन जाता है।

जंगलों की आग और कृषि अवशेष जलाने के लिए अलग-अलग लक्ष्य हैं, क्योंकि इनके लिए अलग तरह के काम की जरूरत होती है। किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के तरीके चाहिए, जबकि वन टीमों को बड़े और कभी-कभी दूरदराज के क्षेत्रों में ज्वलनशील वनस्पति के प्रबंधन के लिए कर्मचारी, निगरानी और योजनाएं चाहिए।

वाहनों, कारखानों और निर्माण स्थलों पर सख्त जांच

शहरी उपायों के तहत अधिक धुआं छोड़ने वाले वाहनों, बस डिपो, निर्माण स्थलों और कारखानों की जांच मजबूत की जाएगी। राष्ट्रीय पैकेज में कम उत्सर्जन क्षेत्र बढ़ाने और ग्रीनलिस्ट प्लस नामक योजना को बढ़ावा देने का प्रस्ताव भी है।

कम उत्सर्जन क्षेत्र ऐसा इलाका होता है जहां अधिकारी वाहनों से होने वाला प्रदूषण घटाने के लिए नियंत्रण लागू करते हैं। इसका व्यावहारिक असर इस बात पर निर्भर करता है कि किन वाहनों पर नियम लागू होंगे, प्रवेश की शर्तें क्या होंगी और उन्हें कैसे लागू किया जाएगा।

बैंकॉक अपने कम उत्सर्जन क्षेत्र 2.0 पर विचार कर रहा है और अपनी ग्रीन लिस्ट में चार पहिया वाहनों तथा पुराने डीजल वाहनों को शामिल करने की योजना बना रहा है। शहर के ये प्रस्ताव राष्ट्रीय उपायों के साथ-साथ चलेंगे और दोनों का ध्यान उत्सर्जन के स्रोत पर नियंत्रण करने पर है।

राजधानी की प्रस्तावित कार्रवाई में काला धुआं छोड़ने वाले वाहनों की जांच, निर्माण स्थलों पर नियंत्रण, प्रदूषण स्रोतों का निरीक्षण, अधिक गर्मी वाले क्षेत्रों की निगरानी और प्रदूषण नियंत्रण नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई शामिल है। निगरानी में असामान्य गर्मी वाले स्थानों को हॉटस्पॉट कहा जाता है। वहां आगजनी की आशंका हो सकती है और जांच की जरूरत पड़ सकती है।

पोर्नफ्रोम के अनुसार, गवर्नर चाडचार्ट सिट्टीपुंट की रणनीति वाहनों, उद्योग और जैव पदार्थ जलाने पर केंद्रित है। जैव पदार्थ का अर्थ पौधों और अन्य जैविक स्रोतों से प्राप्त सामग्री है; फसल अवशेष जलाना इसका एक उदाहरण है। इससे बैंकॉक के शहरी उपाय आग से निकलने वाले धुएं को घटाने के व्यापक राष्ट्रीय प्रयास से जुड़ते हैं।

बैंकॉक के 20 दिन के लक्ष्य के लिए क्या जरूरी है

मानक से ऊपर रहने वाले दिनों की गणना में बैंकॉक PM2.5 की सीमा 37.5 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रखता है। एक माइक्रोग्राम एक ग्राम का दस लाखवां हिस्सा होता है; यह माप हवा की एक निश्चित मात्रा में कणों का द्रव्यमान बताता है।

पोर्नफ्रोम ने कहा कि इस सीमा से अधिक रहने वाले दिनों की संख्या 40 से घटकर 28 रह गई, यानी 12 दिन या 30% की कमी। प्रस्तावित 20 दिन की सीमा से यह संख्या पहले के 40 दिनों की आधी हो जाएगी।

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शहर और राष्ट्रीय स्तर के लक्ष्य प्रगति को अलग-अलग तरीके से मापते हैं। बैंकॉक अधिकतम दिनों की संख्या तय कर रहा है, जबकि मंत्रालय 2026 की तुलना में प्रतिशत कमी का प्रस्ताव रखता है। दोनों पैमानों पर नजर रखने से निवासी अपने शहर और पूरे थाईलैंड में हुई प्रगति को समझ सकेंगे।

बैंकॉक की प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था नवंबर से मार्च तक की अवधि पर केंद्रित है, जब राजधानी में PM2.5 का स्तर मानक से ऊपर रहता है। शहर ने वित्त वर्ष 2028 के लिए पर्यावरण गुणवत्ता प्रबंधन कार्ययोजना और 2027–2032 के लिए प्रदूषण घटाने तथा खत्म करने की योजना तैयार की है। राष्ट्रीय पर्यावरण बोर्ड की समीक्षा से पहले ये योजनाएं संबंधित एजेंसियों को भेज दी गई हैं।

बेहतर माप और तेज चेतावनी

बैंकॉक को उम्मीद है कि उसका उन्नत निगरानी सुपरस्टेशन नवंबर 2026 तक पूरी तरह काम करने लगेगा। इसके उपकरण हवा में मौजूद कणों की संरचना की जांच के लिए बनाए गए हैं, जिससे अधिकारियों को केवल सांद्रता के एक आंकड़े से अधिक जानकारी मिलेगी।

उपकरणों में तत्वों का विश्लेषण, जैविक और मौलिक कार्बन का मापन तथा ब्लैक कार्बन और ब्राउन कार्बन के लिए यंत्र शामिल हैं। ये माप प्रदूषण की रासायनिक संरचना बताने में मदद करते हैं। स्टेशन LiDAR का भी इस्तेमाल करेगा, जो वायुमंडल में कणों का अध्ययन करने के लिए लेजर प्रकाश भेजने वाली तकनीक है।

अधिक विस्तृत माप से यह तय करने में मदद मिल सकती है कि किन स्रोतों पर ध्यान देने की जरूरत है। हवा में PM2.5 की मात्रा का आंकड़ा अधिकारियों को प्रदूषण के स्तर की जानकारी देता है; इसकी संरचना की जानकारी से उन प्रक्रियाओं के बारे में संकेत मिलते हैं जिनसे यह प्रदूषण पैदा हो रहा है।

बैंकॉक की तैयारियों में सेल ब्रॉडकास्ट के जरिए प्रदूषण संबंधी चेतावनियां देना भी शामिल है। यह तकनीक किसी चुने हुए क्षेत्र में संगत मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजती है, जिससे अधिकारी समस्या बढ़ने के दौरान आसपास के लोगों तक पहुंच सकते हैं। शहर 2027 के प्रदूषण के अनुमान का आकलन करते समय मौसम की स्थितियों और अल नीनो के संभावित प्रभाव पर भी नजर रख रहा है।

उत्सर्जन घटाते हुए लोगों की सुरक्षा

मंत्रालय के पांचवें उपाय में समय पर प्रदूषण चेतावनियां देना और खास तौर पर संवेदनशील समूहों की जनस्वास्थ्य सुरक्षा शामिल है। वित्तपोषण की तैयारियों में स्वच्छ वायु कक्ष और लोगों के लिए सुरक्षात्मक उपकरण भी शामिल हैं।

PM2.5 से आशय हवा में मौजूद 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे कणों से है। इनका छोटा आकार इन्हें फेफड़ों में गहराई तक पहुंचने देता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से हृदय या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे लोगों को प्रदूषण के दौर में अधिक सुरक्षा की जरूरत हो सकती है।

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स्वच्छ वायु कक्ष ऐसे इनडोर स्थान हैं जहां आमतौर पर फिल्टर और प्रदूषित बाहरी हवा के प्रवेश को सीमित करने वाले उपायों से कणों का स्तर घटाया जा सकता है। चेतावनियों और सुरक्षात्मक उपकरणों के साथ ये कक्ष लोगों के तात्कालिक जोखिम को कम करते हैं, जबकि उत्सर्जन घटाने का दीर्घकालिक काम जारी रहता है।

राष्ट्रीय योजना में सीमापार धुंध के मुद्दे पर पड़ोसी देशों के साथ सहयोग का आह्वान भी किया गया है। सीमापार धुंध से आशय हवा के साथ सीमाओं के पार पहुंचने वाले धुएं और कणों से है। इससे थाई खेतों, जंगलों और शहरों में होने वाले काम के साथ पैकेज का अंतरराष्ट्रीय पहलू भी जुड़ता है।

उपायों की सफलता कैसे मापी जाएगी

मंत्रालय ने चार मापने योग्य परिणाम चुने हैं: जले हुए वन क्षेत्रों का रकबा, जले हुए कृषि क्षेत्रों का रकबा, PM2.5 की औसत सांद्रता और प्रदूषण मानक से ऊपर रहने वाले दिनों की संख्या। इनमें से हर पैमाना समस्या के अलग पहलू को दर्शाता है, जलने के क्षेत्रफल से लेकर लोगों की सांस में जाने वाली हवा तक।

बैंकॉक ने 20 दिन की प्रस्तावित सीमा के जरिए एक ठोस स्थानीय मानक भी तय किया है। हाल में 40 से 28 दिनों तक आई कमी से निवासियों को अगले मौसम का आकलन करने के लिए शुरुआती आधार मिलता है, जबकि सुपरस्टेशन से राजधानी में पहुंचने वाले प्रदूषण की अधिक विस्तृत तस्वीर मिलने की उम्मीद है।

अब व्यावहारिक काम का ध्यान मौसमी प्रदूषण अवधि से पहले मंजूरी हासिल करने, संसाधन तैयार करने और एजेंसियों के बीच समन्वय पर है। किसानों के लिए इसका मतलब है जलाने के विकल्प उपलब्ध कराना। वन टीमों के लिए इसका अर्थ है रोकथाम की क्षमता बढ़ाना। शहरी निवासियों के लिए इसका मतलब है उत्सर्जन पर सख्त नियंत्रण और वायु गुणवत्ता बिगड़ने पर तेजी से सुरक्षा देना।

मुख्य बातें

  • थाईलैंड के मंत्रालय ने 2027 में PM2.5 से निपटने के लिए पांच मसौदा उपायों को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
  • राष्ट्रीय लक्ष्यों में 2026 की तुलना में जले हुए वन क्षेत्र में कम से कम 10% और जले हुए कृषि क्षेत्र में 10–15% की कमी शामिल है।
  • मंत्रालय का लक्ष्य PM2.5 की औसत सांद्रता में 5–10% और मानक से ऊपर रहने वाले दिनों में 5–15% की कमी लाना है।
  • बैंकॉक का प्रस्ताव है कि मानक से ऊपर रहने वाले दिनों की संख्या 20 से अधिक न हो; इससे पहले यह संख्या 40 से घटकर 28 हुई थी।
  • राष्ट्रीय पैकेज पर राष्ट्रीय पर्यावरण बोर्ड और मंत्रिमंडल की समीक्षा अभी बाकी है।
  • बैंकॉक को उम्मीद है कि उसका उन्नत वायु निगरानी सुपरस्टेशन नवंबर 2026 तक पूरी तरह काम करने लगेगा।
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