पांच तस्वीरों से नौसेना की व्यापक महत्वाकांक्षा की झलक
उत्तर कोरिया ने नाम्फो शिपयार्ड में निर्माणाधीन एक युद्धपोत का कुछ हिस्सा दिखाया है। दक्षिण कोरिया के एक रक्षा शोधकर्ता का अनुमान है कि यह 10,000 टन श्रेणी का हो सकता है, जो देश के हाल में शामिल किए गए विध्वंसक पोतों के घोषित आकार से लगभग दोगुना है। यह खुलासा 2 नवंबर को किम जोंग उन के शिपयार्ड के निरीक्षण के साथ हुआ। उन्होंने अधिक स्वचालन, एक और ड्राई डॉक तथा जहाज डिजाइनरों और निर्माणकर्मियों की भर्ती बढ़ाने का आदेश दिया।
विषय-सूची
- पांच तस्वीरों से नौसेना की व्यापक महत्वाकांक्षा की झलक
- जहाज के ढांचे की तस्वीरों से क्या पता चलता है
- लंबी दूरी के हमलों का संभावित मंच
- किम का आदेश: ऐसा शिपयार्ड जो निर्माण और मरम्मत साथ कर सके
- दो मौजूदा विध्वंसक पोत अगले कदम की पृष्ठभूमि
- दक्षिण कोरिया के जहाजों से आकार की तुलना
- नौसेना विस्तार में परमाणु संदेश
- हथियार परीक्षणों और वॉशिंगटन को चेतावनियों के बाद दौरा
- मुख्य बिंदु
उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) ने 4 नवंबर को इस दौरे की घोषणा की और पांच तस्वीरें जारी कीं। इनमें से एक में अधूरे पोत के निचले ढांचे का हिस्सा दिखा। कोरिया डिफेंस एंड सिक्योरिटी फोरम के महासचिव शिन जोंग-वू ने आकलन किया कि ये तस्वीरें संदिग्ध 10,000 टन के क्रूजर के निर्माण की पहली सार्वजनिक झलक हो सकती हैं।
किम ने कहा कि यह जहाज पिछले साल बनाए गए विध्वंसक पोत से काफी बड़ा है और इसे कई परिचालन अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है। उनके निरीक्षण ने दो महत्वाकांक्षाओं को जोड़ा: बड़े युद्धपोतों को समुद्र में उतारना और उनके निर्माण तथा रखरखाव के लिए जरूरी औद्योगिक सुविधाओं का पुनर्निर्माण करना।
उत्तर कोरियाई अधिकारियों ने पोत के तकनीकी विनिर्देश, पुष्ट विस्थापन, हथियारों की सूची, लॉन्च की तारीख या नौसेना में शामिल किए जाने का कार्यक्रम नहीं बताया। इसे 10,000 टन का क्रूजर बताना तस्वीरों, निर्माण की पहले की योजनाओं और शिपयार्ड की गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पर आधारित बाहरी आकलन है।
जहाज के ढांचे की तस्वीरों से क्या पता चलता है
शिन ने नई तस्वीरों की तुलना पिछले साल मार्च में जारी 5,000 टन के विध्वंसक पोत की तस्वीरों से की। उनका आकलन ढांचे के नीचे लगे सहारों के आकार और बनावट पर केंद्रित था। ये सहारे अधिक मोटे और दोहरी संरचना में व्यवस्थित दिखे।
तस्वीरों में बाईं ओर लाल रंग की एक संरचना भी दिखी, जो सोनार आवरण जैसी लग रही थी। दाईं ओर पीले रंग की तीन संरचनाएं थीं, जो पोत को सहारा देती प्रतीत हुईं। सोनार पानी के भीतर वस्तुओं का पता लगाने के लिए ध्वनि का इस्तेमाल करता है और जहाजों को पनडुब्बियों तथा पानी के नीचे मौजूद दूसरे लक्ष्यों को खोजने में मदद करता है।
शिन ने कहा कि उपग्रह से मिली जानकारी के आधार पर भी यह आकलन किया गया था कि करीब 10,000 टन का एक पोत बनाया जा रहा है। जहाज के ढांचे के सहारों की उनकी तुलना और पहले के उपग्रह आकलनों को मिलाकर निर्माण स्थल को बड़े जहाज बनाने की उत्तर कोरिया की घोषित योजनाओं से जोड़ने का आधार मिला।
किम के अपने वर्णन ने पोत के बड़े आकार के संदेश को और मजबूत किया। केसीएनए के अनुसार, उन्होंने पिछले साल बनाए गए विध्वंसक पोत की तुलना में नए जहाज की प्रभावशाली बनावट पर संतोष जताया। उत्तर कोरिया ने ढांचे का केवल सीमित हिस्सा दिखाया, लेकिन इस दौरे का इस्तेमाल जहाज की नियोजित सैन्य भूमिका को प्रचारित करने के लिए किया।
लंबी दूरी के हमलों का संभावित मंच
शिन ने उत्तर कोरिया के कई परिचालन अभियानों के उल्लेख को इस संकेत के रूप में देखा कि पोत का इस्तेमाल दूर स्थित जमीनी लक्ष्यों पर हमलों के लिए हो सकता है। इसमें क्रूज मिसाइलों और अन्य हथियारों की अधिक क्षमता हो सकती है।
क्रूज मिसाइलें वायुमंडल में इंजन से उड़ान भरते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंचती हैं। युद्धपोत पर अधिक मिसाइलें होने से दोबारा हथियार भरने के लिए लौटने से पहले वह अधिक लक्ष्यों पर हमला कर सकता है। ऐसे अभियान के लिए डिजाइन किया गया जहाज नौसेना की हमलावर भूमिका को आसपास के तटीय जल की रक्षा से आगे बढ़ा सकता है।
क्योंगनाम विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट फॉर फार ईस्टर्न स्टडीज के प्रोफेसर लिम उल-चुल ने कहा कि संभावित हथियारों में ह्वासल रणनीतिक क्रूज मिसाइलें, सामरिक परमाणु हथियार, या दूसरे जहाजों और जमीनी लक्ष्यों पर हमले के लिए मिसाइलें शामिल हो सकती हैं। ये संभावनाएं घोषित महत्वाकांक्षाओं की उनकी व्याख्या थीं।
उत्तर कोरिया पहले भी बड़ी संख्या में वर्टिकल लॉन्च सेल वाले बड़े पोत बनाने की कोशिश कर चुका है। ये ऐसे खांचे होते हैं जिनमें मिसाइलें सीधी रखी जाती हैं और जहाज से लॉन्च की जाती हैं। उनके डिजाइन और लगाए गए हथियारों के आधार पर, ऐसी प्रणालियां विमानों, जहाजों या जमीनी लक्ष्यों पर हमलों में काम आ सकती हैं।
उत्तर कोरिया के नेता किम ने अधूरे पोत को असाधारण क्षमताओं वाली युद्ध प्रणाली बताया। केसीएनए ने उनके हवाले से कहा कि इसमें:
ऐसी परिचालन क्षमताएं हैं जो दुनिया के किसी भी अन्य देश के पास नहीं हैं
शिन और लिम द्वारा बताई गई संभावित हथियार प्रणालियां इस परियोजना की सैन्य अहमियत समझाती हैं: बड़ा ढांचा उत्तर कोरिया को मिसाइलों और उन्हें संचालित करने के लिए जरूरी उपकरणों की अधिक जगह दे सकता है।
किम का आदेश: ऐसा शिपयार्ड जो निर्माण और मरम्मत साथ कर सके
नाम्फो के आधुनिकीकरण की योजना में एक और ड्राई डॉक बनाने का स्पष्ट निर्देश शामिल था, ताकि जहाज निर्माण और मरम्मत एक ही समय पर हो सकें। ड्राई डॉक एक नियंत्रित कार्यक्षेत्र होता है जहां कर्मचारी पोत के ढांचे तक पहुंचकर निर्माण या रखरखाव कर सकते हैं।
किम ने इमारतों की उस व्यवस्था में सुधार का भी आदेश दिया जिसे उन्होंने अव्यावहारिक बताया। जहाज के बड़े हिस्सों, मशीनरी और सामग्री को शिपयार्ड में ले जाने का तरीका कार्यशालाओं, असेंबली क्षेत्रों और डॉक की स्थिति पर निर्भर करता है। उनके निर्देश जहाजों के साथ-साथ उत्पादन व्यवस्था पर भी केंद्रित थे।
केसीएनए के अनुसार, किम चाहते थे कि पूरी निर्माण प्रक्रिया को एकीकृत डिजिटल नियंत्रणों के जरिए समन्वित किया जाए और उत्पादन के हर चरण में उच्च स्तर का स्वचालन हो। उन्होंने शिपयार्ड को गुणवत्ता और उत्पादकता बढ़ाने तथा श्रम की बचत करने का निर्देश दिया।
जहाज डिजाइन और निर्माण से जुड़े कर्मियों की भर्ती भी प्राथमिकता थी। किम ने अधिक प्रतिभाशाली विशेषज्ञों को भर्ती करने और इस क्षेत्र में काम करने वालों की संख्या बढ़ाने का आह्वान किया। स्वचालन और कार्यबल का विस्तार साथ-साथ रखे गए, जो तकनीकी क्षमता और उद्योग की काम संभालने की क्षमता दोनों बढ़ाने की कोशिश दर्शाता है।
सैन्य उद्योग के लिए जिम्मेदार वर्कर्स पार्टी के सचिव जो चुन-रयोंग भी किम के साथ थे। जहाज अनुसंधान संस्थान और शिपयार्ड के अधिकारियों ने प्रतिनिधिमंडल को जानकारी दी। किम ने आधुनिकीकरण की मास्टर योजना, निर्माण की प्रगति और कामकाज की व्यवस्था की समीक्षा की।
दो मौजूदा विध्वंसक पोत अगले कदम की पृष्ठभूमि
उत्तर कोरिया के 5,000 टन के विध्वंसक पोत छोए ह्योन और कांग गॉन बड़े जहाज की तुलना के लिए तत्काल संदर्भ हैं। छोए ह्योन जून में सक्रिय सेवा में आया और उसे पश्चिमी तट पर तैनात किया गया। कांग गॉन को सितंबर में पूर्वी तट के लिए नौसेना में शामिल किया गया, हालांकि उसके कमीशन होने की तारीख जून भी बताई गई है।
23 जून को छोए ह्योन के कमीशन समारोह में किम ने हर साल इसी श्रेणी या इससे बड़े दो सतही युद्धपोत बनाने का आह्वान किया था। इनमें 10,000 टन श्रेणी के पोत भी शामिल थे। निर्माण लक्ष्य को पांच साल में 5,000 टन से अधिक के दो जहाज बनाने के रूप में भी बताया गया है, जिससे उत्पादन की नियोजित गति के बारे में सार्वजनिक बयानों में विरोधाभास है।
इस ताजा खुलासे से पहले की प्रमुख घटनाएं:
- 23 जून: छोए ह्योन के कमीशन समारोह में किम ने बड़े सतही युद्धपोतों का निर्माण जारी रखने का आह्वान किया।
- सितंबर: उत्तर कोरिया ने कांग गॉन को नौसेना में शामिल करने की घोषणा की और उसे परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली का हिस्सा बताया।
- 2 नवंबर: किम ने नाम्फो शिपयार्ड का निरीक्षण किया, आधुनिकीकरण के काम की समीक्षा की और नए पोत को देखा।
- 4 नवंबर: उत्तर कोरिया ने दौरे की घोषणा की और पांच तस्वीरें जारी कीं, जिनमें जहाज के ढांचे का आंशिक दृश्य शामिल था।
किसी पोत को नौसेना में कमीशन करने का अर्थ है उसे औपचारिक रूप से सेवा में शामिल करना। जहाज का ढांचा बनाना इससे पहले का चरण है। निर्माण और नियमित परिचालन के बीच युद्धपोत में मशीनरी, सेंसर और हथियार लगाने तथा उनकी जांच करने के साथ चालक दल को भी तैयार करना होता है।
दक्षिण कोरिया के जहाजों से आकार की तुलना
संदिग्ध 10,000 टन श्रेणी का पोत उत्तर कोरिया के 5,000 टन के विध्वंसक पोतों से काफी बड़ा होगा। घोषित श्रेणी के आंकड़ों के आधार पर विस्थापन के लिहाज से नया पोत उनसे दोगुना होगा। विस्थापन उस पानी के भार को कहते हैं जिसे तैरता हुआ जहाज हटाता है।
तस्वीरों पर आई खबरों में दक्षिण कोरिया के जंगजो द ग्रेट श्रेणी के एजिस विध्वंसक पोतों से तुलना की गई, जिनका विस्थापन 8,200 टन बताया गया है। इस आंकड़े के मुकाबले 10,000 टन का पोत 1,800 टन भारी, यानी करीब 22 प्रतिशत बड़ा होगा।
नौसैनिक विस्थापन के आंकड़े इस बात पर निर्भर करते हैं कि पोत को सामान्य परिस्थितियों में मापा गया है या ईंधन, हथियारों और रसद के पूरे भार के साथ। जहाजों की श्रेणियों की तुलना करते समय ये भार स्थितियां मायने रखती हैं। सेंसर, मिसाइल प्रणालियां, चालक दल का प्रशिक्षण और रखरखाव भी तय करते हैं कि पोत अपने अभियानों को कितनी प्रभावी तरह से अंजाम दे सकता है।
उत्तर कोरिया के प्रस्तावित बड़े ढांचे का सबसे ठोस महत्व उस अतिरिक्त जगह में है जो यह उपकरणों, हथियारों और रसद के लिए दे सकता है। शिन के आकलन के अनुसार, इस अतिरिक्त क्षमता से जमीनी लक्ष्यों पर हमलों के लिए मिसाइलों की संख्या बढ़ सकती है।
नौसेना विस्तार में परमाणु संदेश
किम ने शिपयार्ड कार्यक्रम को क्षेत्रीय विरोधियों और उनके अनुसार परमाणु खतरों के जवाब के रूप में पेश किया। उन्होंने सतही बलों, जो पानी के ऊपर काम करते हैं, और पनडुब्बियों समेत पानी के नीचे काम करने वाले बलों, दोनों का तेजी से विस्तार करने का आह्वान किया।
केसीएनए ने विस्तार की जरूरत बताते हुए किम के हवाले से कहा:
विभिन्न खतरों के बीच समुद्र में राष्ट्रीय संप्रभुता की रक्षा के लिए सतही और पानी के नीचे की युद्ध क्षमता को तेजी से मजबूत करना समय की अहम और जरूरी मांग है।
उत्तर कोरिया ने कांग गॉन को नौसेना में शामिल करते समय उसे परमाणु जवाबी कार्रवाई प्रणाली और समुद्र में परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का हिस्सा बताया था। किम ने नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने का वादा भी किया है। इन बयानों से जहाज निर्माण कार्यक्रम प्योंगयांग के उस व्यापक प्रयास का हिस्सा बनता है, जिसके तहत हमलावर के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की धमकी देने के और तरीके बनाए जा रहे हैं।
उत्तर कोरिया के सबसे बड़े व्यापारिक बंदरगाह और नौसैनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में नाम्फो का वाणिज्यिक और सैन्य, दोनों महत्व है। अन्य शिपयार्डों और नौसैनिक अड्डों पर भी आधुनिकीकरण गतिविधियों की खबरें हैं, जिससे यह प्रयास किसी एक निर्माण स्थल से आगे तक फैला हुआ है।
समुद्री संप्रभुता पर किम के बयानों का पीला सागर में उत्तरी सीमा रेखा के आसपास विशेष महत्व है। यह दोनों कोरियाई देशों के बीच विवादित समुद्री सीमा है। किम की घोषित प्राथमिकताएं नए पोतों, मजबूत अड्डों और औद्योगिक विस्तार को आसपास के समुद्री क्षेत्रों पर उत्तर कोरिया के दावों से जोड़ती हैं।
हथियार परीक्षणों और वॉशिंगटन को चेतावनियों के बाद दौरा
किम ने 2 नवंबर को शिपयार्ड का निरीक्षण किया। इससे एक दिन पहले रणनीतिक क्रूज मिसाइल का परीक्षण हुआ था और सप्ताहांत में क्लस्टर वारहेड से जुड़ा एक अलग परीक्षण किया गया था। इस क्रम में नौसैनिक घोषणा के साथ अन्य हमलावर क्षमताओं का प्रदर्शन भी हुआ।
शिपयार्ड का दौरा उनके 29 अक्टूबर के ड्रोन और एआई अभियान के बाद हुआ। उस दौरान उन्होंने मानवरहित हथियारों के विकास में तेजी लाने और कृत्रिम बुद्धिमत्ता का अधिक इस्तेमाल करने का आह्वान किया था। दोनों अवसरों पर उनके सैन्य निर्देशों में तकनीकी विकास और उत्पादन क्षमता प्रमुख रहे।
नेता की बहन और वरिष्ठ राजनीतिक हस्ती किम यो जोंग ने 4 नवंबर को चेतावनी दी कि प्योंगयांग के प्रति वॉशिंगटन की नीति पर उत्तर कोरिया और कड़ी प्रतिक्रिया देगा। उन्होंने कहा कि शांति के लिए संवाद का विकल्प खुला है, लेकिन यह बातचीत उत्तर कोरिया के हितों के अनुरूप होनी चाहिए।
अपने बयान में किम यो जोंग ने यह रुख इन शब्दों में बताया:
शांति के विकल्प में निश्चित रूप से संवाद भी शामिल है, लेकिन इसका अर्थ यह बिल्कुल नहीं कि वह हमारे राष्ट्रीय हितों के बराबर है।
प्योंगयांग के संदेश में बातचीत के लिए सशर्त रास्ता खुला रखने के साथ सैन्य शक्ति में निवेश जारी रखने की बात भी थी। नाम्फो में व्यावहारिक निर्देश स्पष्ट थे: एक और डॉक, अधिक स्वचालित उत्पादन, शिपयार्ड की बेहतर व्यवस्था और बढ़ते बेड़े के निर्माण तथा रखरखाव के लिए अधिक विशेषज्ञ।
मुख्य बिंदु
- 2 नवंबर को किम जोंग उन के नाम्फो शिपयार्ड के निरीक्षण के बाद उत्तर कोरिया ने पांच तस्वीरें जारी कीं।
- रक्षा शोधकर्ता शिन जोंग-वू ने आकलन किया कि आंशिक रूप से दिखाई दे रहा पोत 10,000 टन का क्रूजर हो सकता है।
- किम ने एक और ड्राई डॉक, अधिक स्वचालन और जहाज निर्माण विशेषज्ञों की भर्ती बढ़ाने का आदेश दिया।
- शोधकर्ताओं ने मिसाइल क्षमता बढ़ाने और दूर स्थित जमीनी लक्ष्यों पर हमले को पोत की संभावित भूमिकाओं में गिना।
- यह परियोजना 5,000 टन के विध्वंसक पोत छोए ह्योन और कांग गॉन को शामिल करने तथा नौसेना विस्तार के व्यापक वादों के बाद आई है।
- उत्तर कोरिया ने नए पोत के विनिर्देश या उसे लॉन्च करने और नौसेना में शामिल करने का कार्यक्रम घोषित नहीं किया है।






