चीन की एक फैक्टरी में अमेरिकी निवेश की कुंजी
अमेरिका चीन के डालियान स्थित एसके हाइनिक्स की फैक्टरी के लिए चिप निर्माण उपकरणों की मंजूरी रोक रहा है। इससे उसकी अमेरिकी सहायक कंपनी सॉलिडाइग्म की न्यूयॉर्क राज्य में नैंड मेमोरी की दो फैक्टरियों में लगभग 45 अरब डॉलर निवेश करने की योजना जटिल हो गई है। 3 नवंबर को सामने आई बातचीत में चीन में सेमीकंडक्टर उत्पादन पर वॉशिंगटन की पाबंदियां और अमेरिका में चिप निर्माण बढ़ाने की उसकी कोशिश आपस में जुड़ती हैं।
विषय-सूची
- चीन की एक फैक्टरी में अमेरिकी निवेश की कुंजी
- सॉलिडाइग्म क्या बनाना और बेचना चाहती है
- करीब 10 बैठकें, फिर भी मंजूरी नहीं
- खाली क्लीनरूम विवाद के केंद्र में क्यों है
- प्रतिस्पर्धा से आधुनिकीकरण का दबाव
- अमेरिकी नियंत्रण कोरियाई कंपनी तक कैसे पहुंचता है
- वित्त मंत्रालय और वित्तपोषण का एक और फैसला
- बातचीत की तारीखें
- मुख्य बिंदु
अगस्त के आखिर से सॉलिडाइग्म के अधिकारियों की वाणिज्य विभाग के अधिकारियों के साथ करीब 10 बैठकें हो चुकी हैं। कंपनी ऐसे उपकरण चाहती है जिनसे डालियान में अधिक मेमोरी और अधिक उन्नत उत्पाद बनाए जा सकें। इससे होने वाली कमाई अमेरिका में निर्माण को वित्तपोषित करने में मदद करेगी। वाणिज्य विभाग ने अभी तक इन खेपों को मंजूरी नहीं दी है, हालांकि उसने आवेदनों को औपचारिक रूप से खारिज भी नहीं किया है।
अमेरिका में प्रस्तावित निवेश आगे चलकर करीब 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। यह शुरुआती 45 अरब डॉलर के प्रस्ताव का लगभग 2.2 गुना होगा और दिखाता है कि समय के साथ परियोजना कितनी बड़ी हो सकती है। दोनों आंकड़े संभावित निवेश के हैं, मंजूर निर्माण बजट के नहीं।
न्यूयॉर्क अभी संभावित स्थान है, तय गंतव्य नहीं। सार्वजनिक विवरणों में जगह को लेकर भी स्पष्टता नहीं है: प्रस्ताव के मुख्य विवरण में मैसेना का नाम है, जबकि एक अन्य विवरण में मार्सी का। सॉलिडाइग्म का कहना है कि वह दुनिया भर में कई जगहों पर विचार कर रही है और उसने कोई खास योजना तय नहीं की है। निर्माण की समय-सारणी या लाइसेंस के फैसले की तारीख घोषित नहीं की गई है।
ट्रंप प्रशासन के सामने तत्काल सवाल यह है कि चीन में कौन-सी मशीनें भेजी जाएं। सॉलिडाइग्म के लिए यही फैसला इस बात को प्रभावित करता है कि वह अमेरिका में फैक्टरियां बनाने के लिए जरूरी धन कैसे जुटा सकती है। इस जुड़ाव ने उपकरण लाइसेंस की बातचीत को अमेरिका की दो परस्पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक प्राथमिकताओं की कसौटी बना दिया है।
सॉलिडाइग्म क्या बनाना और बेचना चाहती है
दक्षिण कोरिया की एसके हाइनिक्स के नियंत्रण वाली अमेरिकी कंपनी सॉलिडाइग्म नैंड फ्लैश मेमोरी बनाने वाली दो फैक्टरियां स्थापित करने पर विचार कर रही है। बिजली बंद होने पर भी नैंड में जानकारी सुरक्षित रहती है। यह उपकरणों और डेटा सेंटरों में बड़ी मात्रा में डेटा रखने वाली ड्राइव के लिए स्टोरेज उपलब्ध कराती है।
कंपनी का तर्क उसके चीन में मौजूदा परिचालन को अमेरिका में संभावित विस्तार से जोड़ता है। डालियान की अधिक उत्पादक फैक्टरियां अगर अधिक प्रतिस्पर्धी मेमोरी उत्पाद बनाएंगी, तो न्यूयॉर्क निवेश के लिए जरूरी कमाई जुटाने में मदद मिलेगी। इसलिए वॉशिंगटन की उपकरण मंजूर करने में हिचक एक चालू फैक्टरी और प्रस्तावित निर्माण परियोजना, दोनों को प्रभावित करती है।
चिप निर्माण के लिए सिर्फ एक इमारत काफी नहीं होती। फैक्टरी को सेमीकंडक्टर वेफर पर बेहद छोटी संरचनाएं बनाने, संसाधित करने और जांचने के लिए खास मशीनों की जरूरत होती है। वेफर पतली डिस्क होती है जिस पर चिप बनाई जाती है। तैयार फैक्टरी की जगह भी व्यावसायिक रूप से सीमित रह सकती है, अगर मालिक वहां अपने निर्धारित उत्पाद बनाने के लिए जरूरी उपकरण न लगा सके।
करीब 10 बैठकें, फिर भी मंजूरी नहीं
सॉलिडाइग्म के सह-मुख्य कार्यकारी रिचर्ड चिन उन अधिकारियों में थे जिन्होंने अगस्त के आखिर में वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक और उद्योग एवं सुरक्षा मामलों के अवर मंत्री जेफ्री केसलर से मुलाकात की। बातचीत से परिचित लोगों के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों ने घरेलू निवेश प्रस्ताव में गहरी दिलचस्पी दिखाई और समाधान तलाशने की इच्छा जताई।
इसके बाद हुई बैठकों से मांगे गए उपकरणों की अनुमति नहीं मिली। 3 नवंबर के विवरण से एक सप्ताह पहले हुई बैठक में केसलर ने कहा कि तकनीक में सुधार या उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए अतिरिक्त अमेरिकी उपकरण चीन नहीं भेजे जाने चाहिए। बातचीत से परिचित लोगों ने यह जानकारी दी।
वाणिज्य विभाग का रुख पिछले साल के उस बयान के अनुरूप है जिसमें उसने कहा था कि वह चीनी सेमीकंडक्टर फैक्टरियों में तकनीक उन्नत करने या क्षमता बढ़ाने के लिए उपकरण निर्यात लाइसेंस देने का इरादा नहीं रखता। कंपनी इसी प्रतिबंधात्मक नीति के तहत वॉशिंगटन से खेपों की मंजूरी मांग रही है।
दो तरह की बातचीत अलग-अलग चल रही है। एक डालियान के विकास के लिए मांगे गए उपकरणों को लेकर है। दूसरी 2027 में मौजूदा फैक्टरी का संचालन जारी रखने के लिए जरूरी उपकरणों से संबंधित है। फैक्टरी चालू रखना और उसे अधिक उन्नत चिप बनाने के लिए उपकरण देना अमेरिकी लाइसेंस अधिकारियों के लिए अलग-अलग सवाल हैं, भले ही दोनों का संबंध एक ही जगह से हो।
खाली क्लीनरूम विवाद के केंद्र में क्यों है
एसके हाइनिक्स का कहना है कि मशीनें लगाने के लिए डालियान का क्लीनरूम 2023 में ही बन चुका था। कंपनी का तर्क है कि इस जगह में उपकरण भरने को उत्पादन क्षमता का विस्तार नहीं माना जाना चाहिए।
क्लीनरूम एक ऐसा नियंत्रित विनिर्माण क्षेत्र है जहां धूल और अन्य दूषित कणों को बेहद कम रखा जाता है। छोटे कण चिप पर बनाई जा रही सूक्ष्म संरचनाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसी जगह बनाना जरूरी कदम है, लेकिन मशीनें लगाने से ही वहां सेमीकंडक्टर का उत्पादन संभव होता है।
वाणिज्य विभाग की चिंता यह है कि अतिरिक्त उपकरणों से तकनीक बेहतर होगी या चीनी फैक्टरी का उत्पादन बढ़ेगा। इसलिए असहमति एक व्यावहारिक सवाल पर केंद्रित है: पहले से बनी इमारत में नई उत्पादन मशीनें लगाने को वॉशिंगटन किस श्रेणी में रखे?
डालियान में प्रस्तावित तकनीकी बदलाव इस सवाल को और अहम बनाते हैं। एसके हाइनिक्स 192 परतों वाली नैंड से कम से कम 240 परतों वाली नैंड की ओर बढ़ने की योजना पहले से बना रही थी। इसका विवरण 21 अक्टूबर की चीन में नैंड अपग्रेड की योजनाएं रिपोर्ट में दिया गया था। इससे परतों की संख्या कम से कम 25 प्रतिशत बढ़ेगी।
निर्माता मेमोरी सेल को खड़ी दिशा में परतों में जमाते हैं, ताकि हर चिप में अधिक स्टोरेज समा सके। अधिक परतों से वेफर उत्पादन की समान मात्रा में ज्यादा डेटा रखा जा सकता है। एसके हाइनिक्स के लिए बेहतर उत्पाद प्रतिस्पर्धा बनाए रखने में मददगार हैं, भले ही फैक्टरी का भौतिक आकार न बदले। अमेरिकी अधिकारी उन उपकरणों की जांच कर रहे हैं जिनसे ये सुधार संभव होंगे।
प्रतिस्पर्धा से आधुनिकीकरण का दबाव
एसके हाइनिक्स की लाइसेंस संबंधी बातचीत ऐसे समय हो रही है जब उसकी चीनी प्रतिद्वंद्वी यांग्त्ज़े मेमोरी टेक्नोलॉजीज, यानी वाईएमटीसी, आगे बढ़ रही है। अक्टूबर की रिपोर्ट में उद्धृत ओमडिया के आंकड़ों के मुताबिक, 2026 की दूसरी तिमाही में चीन के नैंड बाजार में वाईएमटीसी की हिस्सेदारी 38.5 प्रतिशत थी। सैमसंग की 33.5 प्रतिशत और एसके हाइनिक्स की 17 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।
इन आंकड़ों के अनुसार, उस बाजार में वाईएमटीसी एसके हाइनिक्स से 21.5 प्रतिशत अंक आगे थी। इससे समझ आता है कि प्रतिस्पर्धियों के उत्पाद विकसित करने के बीच कोरियाई कंपनी डालियान को उन्नत क्यों करना चाहती है।
सैमसंग भी चीन में अपने एक महत्वपूर्ण विनिर्माण केंद्र को आधुनिक बनाने की कोशिश कर रही है। उसके शियान स्थित कारखाने से वैश्विक नैंड उत्पादन का करीब 40 प्रतिशत आता है। उसकी रिपोर्टेड रूपांतरण योजना 286 परतों वाली मेमोरी बनाने पर केंद्रित है। पहले की रिपोर्ट में बताया गया था कि दोनों कोरियाई कंपनियां वॉशिंगटन के साथ सलाह-मशविरा कर रही हैं, क्योंकि छूट की व्यवस्था की जगह हर साल उपकरण लाइसेंस दिए जाने लगे हैं।
व्यावसायिक और नियामकीय दबाव एक ही बिंदु पर मिलते हैं: मशीनों तक पहुंच। एसके हाइनिक्स चाहती है कि डालियान इतना प्रतिस्पर्धी बना रहे कि उसका कारोबार सहारा पाए और भविष्य के निवेश में योगदान दे। वॉशिंगटन चाहता है कि चीन में मौजूदा फैक्टरियां ऐसी सीमाओं के भीतर काम करें जो तकनीकी प्रगति और विस्तार को रोकें।
अमेरिकी नियंत्रण कोरियाई कंपनी तक कैसे पहुंचता है
सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज ने अपनी निर्यात नियंत्रणों की पड़ताल में व्यापक नीतिगत ढांचे का वर्णन किया है। इस शोध संस्थान के मुताबिक, अक्टूबर 2022 में लागू और अक्टूबर 2023 में अद्यतन किए गए उपायों का उद्देश्य उन्नत कंप्यूटिंग चिप और उन्हें बनाने के लिए जरूरी उपकरणों तक चीन की पहुंच सीमित करना था।
2 दिसंबर 2024 को घोषित एक और पैकेज ने सेमीकंडक्टर निर्माण उपकरणों पर पाबंदियां बढ़ाईं और उन्नत हाई बैंडविड्थ मेमोरी, यानी एचबीएम, पर व्यापक नियंत्रण लागू किए। एचबीएम कृत्रिम बुद्धिमत्ता में इस्तेमाल होने वाले प्रोसेसरों तक तेजी से डेटा पहुंचाती है। नैंड, डालियान और न्यूयॉर्क की योजनाओं के केंद्र में स्टोरेज की भूमिका निभाती है।
2024 के पैकेज ने विदेशी प्रत्यक्ष उत्पाद नियम का दायरा भी बढ़ाया। इस नियम के तहत कुछ ऐसे उत्पादों पर अमेरिकी निर्यात पाबंदियां लागू हो सकती हैं जो अमेरिका के बाहर बने हों, लेकिन जिनका उत्पादन तय अमेरिकी तकनीक या उपकरणों पर निर्भर हो। सीएसआईएस के मुताबिक, एसके हाइनिक्स और सैमसंग के एचबीएम निर्यात इस ढांचे के दायरे में आते हैं, क्योंकि ये चिप अमेरिकी सेमीकंडक्टर उपकरणों से बनाई जाती हैं।
विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि समान दक्षिण कोरियाई नियंत्रण न होने के कारण कोरियाई उपकरणों पर विस्तारित अमेरिकी नियम लागू रहे। दिसंबर के पैकेज में चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर की 140 इकाइयों को उद्योग एवं सुरक्षा ब्यूरो की एंटिटी लिस्ट में जोड़ा गया। इस सूची में शामिल संगठनों पर लाइसेंस संबंधी पाबंदियां लगती हैं।
तत्कालीन अमेरिकी वाणिज्य मंत्री जीना रैमोंडो ने 7 दिसंबर 2024 को रीगन नेशनल डिफेंस फोरम में दिए भाषण में वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं को लेकर चिंता बताई थी। सीएसआईएस के विश्लेषण में उद्धृत उनकी टिप्पणियों में बताया गया कि वॉशिंगटन ने उपकरण बनाने वाले अन्य देशों से सहयोग क्यों मांगा:
जब मैं नियम बनाती हूं, तो मुझे पक्का करना होता है कि चीन यह सामान जापान, कोरिया या यूरोप से सीधे न खरीद सके। इसीलिए हमें उनके साथ काम करना होगा।
यह रुख समझाता है कि सीमा पार से उपकरण मंगाने के लिए भी अमेरिकी अनुमति की जरूरत क्यों पड़ सकती है। नीति फैक्टरी मालिक की राष्ट्रीयता पर रुकने के बजाय तकनीक और विनिर्माण की पूरी श्रृंखला का अनुसरण करती है।
वित्त मंत्रालय और वित्तपोषण का एक और फैसला
सॉलिडाइग्म के अधिकारियों ने चीनी फैक्टरी से जुड़े उपकरणों की खरीद पर विदेश में निवेश संबंधी पाबंदियों से छूट के लिए वित्त मंत्रालय से भी संपर्क किया है। बातचीत से परिचित लोगों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने पहले वाणिज्य विभाग के फैसले का इंतजार करने को कहा।
दोनों विभाग लेन-देन के अलग-अलग पहलुओं पर काम करते हैं। वाणिज्य विभाग उपकरण निर्यात के सवाल को देखता है। प्रस्तावित खरीद पर लागू निवेश पाबंदियों के संबंध में वित्त मंत्रालय से समाधान मांगा गया है। दोनों विभागों के साथ कंपनी की बातचीत दिखाती है कि उपकरण हासिल करने के लिए एक से अधिक प्रशासनिक मंजूरी जरूरी है।
इस बीच एसके हाइनिक्स ने पूंजी जुटाने का एक अन्य संभावित रास्ता रोक दिया है। 23 अक्टूबर को कंपनी ने हालिया पूंजी बाजार की परिस्थितियों और शेयर कीमतों में उतार-चढ़ाव का हवाला देते हुए बताया कि उसने सॉलिडाइग्म की शेयर बाजार में लिस्टिंग और शुरुआती सार्वजनिक निर्गम से पहले निवेश पर विचार रोक दिया है।
शुरुआती सार्वजनिक निर्गम, यानी आईपीओ, वह प्रक्रिया है जिसमें कोई कंपनी पहली बार सार्वजनिक निवेशकों को अपने शेयर बेचती है। लिस्टिंग से पहले किया गया निवेश पहले ही पूंजी उपलब्ध करा सकता है। इन विकल्पों पर विचार रोक दिए जाने के बाद, कंपनी की घोषित योजना में अमेरिका की फैक्टरियों के वित्तपोषण के लिए मौजूदा कारोबार से होने वाली कमाई का महत्व बढ़ गया है।
बातचीत की तारीखें
डालियान का विवाद कई साल पहले पूरी हुई फैक्टरी की जगह, हालिया निवेश चर्चाओं और अगले साल के लिए उपकरणों की मांग को जोड़ता है। प्रमुख घटनाक्रम ये हैं:
- 2023: एसके हाइनिक्स के अनुसार, क्षमता विवाद के केंद्र में मौजूद डालियान का क्लीनरूम पूरा हुआ।
- 2 दिसंबर 2024: वॉशिंगटन ने अतिरिक्त उपकरणों और उन्नत एचबीएम को शामिल करने वाला व्यापक सेमीकंडक्टर निर्यात नियंत्रण पैकेज घोषित किया।
- अगस्त 2026 का आखिर: अमेरिकी निवेश और चीन में उपकरणों की मांग पर बातचीत के बीच सॉलिडाइग्म के अधिकारियों ने लटनिक और केसलर से मुलाकात की।
- 21 अक्टूबर 2026: डालियान में एसके हाइनिक्स के नियोजित तकनीकी उन्नयन और शियान में सैमसंग की रूपांतरण परियोजना का विवरण सामने आया।
- 23 अक्टूबर 2026: एसके हाइनिक्स ने घोषणा की कि उसने लिस्टिंग और आईपीओ से पहले सॉलिडाइग्म में निवेश पर विचार रोक दिया है।
- 3 नवंबर 2026: उपकरण लाइसेंस पर रोक और प्रस्तावित न्यूयॉर्क फैक्टरियों से उसका जुड़ाव सार्वजनिक हुआ।
- 2027: डालियान के मौजूदा परिचालन को जारी रखने के लिए उपकरणों की अनुमति पर अलग से बातचीत चल रही है।
वॉशिंगटन के घोषित उद्देश्यों में नई फैक्टरियों को आकर्षित करना और चीन में उन्नत उत्पादन सीमित करना, दोनों शामिल हैं। सॉलिडाइग्म का वित्तपोषण प्रस्ताव इन दोनों को सीधे जोड़ता है: कंपनी अमेरिका में विनिर्माण की लागत चुकाने में मदद के लिए चीन में अधिक उत्पादक परिचालन चाहती है। इस मांग पर फैसला करने के लिए वॉशिंगटन को तय करना होगा कि वह डालियान में कितना विकास होने देने को तैयार है।
मुख्य बिंदु
- वाणिज्य विभाग ने एसके हाइनिक्स की डालियान फैक्टरी के उपकरण आवेदनों को औपचारिक रूप से खारिज किए बिना मंजूरी रोक रखी है।
- सॉलिडाइग्म न्यूयॉर्क में नैंड की दो फैक्टरियों पर विचार कर रही है, जिनकी लागत करीब 45 अरब डॉलर होगी। लंबी अवधि में निवेश 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
- कंपनी अमेरिका में निर्माण के लिए कमाई जुटाने के उद्देश्य से चीन में उत्पादन बेहतर करना चाहती है।
- विवाद में यह सवाल भी शामिल है कि 2023 में बने क्लीनरूम में उपकरण लगाना क्षमता विस्तार माना जाएगा या नहीं।
- 2027 में डालियान का मौजूदा परिचालन बनाए रखने के लिए उपकरण लाइसेंस पर अलग से बातचीत चल रही है।
- सॉलिडाइग्म ने फैक्टरी का स्थान या निर्माण योजना तय नहीं की है और एसके हाइनिक्स ने सॉलिडाइग्म के आईपीओ पर विचार रोक दिया है।






