पार्क हैंग-सियो और जॉन बैजियो के खिलाफ कथित नस्लवादी दुर्व्यवहार के बाद थाई एफए ने जांच के आदेश दिए

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Thai FA Orders Review After Alleged Racist Abuse of Park Hang-seo and John Baggio

स्टेडियम में टकराव के बाद कार्रवाई की मांग

थाईलैंड फुटबॉल संघ ने सबूत जुटाने और अनुशासनात्मक समीक्षा के आदेश दिए हैं। कंचनाबुरी पावर के मैनेजर पार्क हैंग-सियो और मेडागास्कर के खिलाड़ी जॉन बैजियो को चोनबुरी के नोंग प्रू स्टेडियम में पटाया यूनाइटेड के साथ 2-2 से ड्रॉ के बाद कथित तौर पर नस्लवादी दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।

विषय-सूची
  1. स्टेडियम में टकराव के बाद कार्रवाई की मांग
  2. कैसे बढ़ा टकराव
  3. बैजियो भी निशाने पर
  4. दुर्व्यवहार से पहले तनावपूर्ण मैच
  5. थाई एफए ने क्या आदेश दिया
  6. कौन-से दंड लागू हो सकते हैं?
  7. पहले के विवादों से मिलता है संदर्भ
  8. अंतिम सीटी से औपचारिक समीक्षा तक
  9. मुख्य बातें

संघ की अध्यक्ष नुअलफान लामसाम, जिन्हें मैडम पांग के नाम से जाना जाता है, ने प्रतियोगिता आयोजकों को समीक्षा प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया। संघ ने 2 नवंबर को बयान जारी किया। जांच से जुड़े विवरणों में टकराव की तारीख 1 नवंबर की शाम बताई गई है। एक अन्य विवरण में इसी मैच की तारीख 1 अक्टूबर बताई गई है। इस मुकाबले को 2026-2027 थाई लीग 2 सीजन का नौवां दौर बताया गया।

सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में एक दर्शक दक्षिण कोरियाई कोच पार्क के चेंजिंग रूम की ओर बढ़ने के दौरान बार-बार उनकी तरफ अश्लील गालियों के साथ "किमची मैन" कहते दिखाई देता है। पार्क ने पहले दर्शक से रुकने को कहते हुए होंठों पर उंगली रखी, फिर स्टैंड की ओर मुड़कर उसे नीचे आने का इशारा किया।

खिलाड़ियों, क्लब कर्मचारियों और मैच अधिकारियों ने बीच-बचाव किया। कंचनाबुरी के अध्यक्ष प्रावत कित्तमाकुन्नित मैदान पर गए और टीम को चेंजिंग रूम में जाने का निर्देश दिया। टकराव बिना किसी शारीरिक झड़प के खत्म हुआ।

इस मामले में दो क्लबों से आगे भी कार्रवाई हुई है। थाईलैंड में दक्षिण कोरियाई दूतावास ने थाई फुटबॉल संघ और पर्यटन प्राधिकरण के समक्ष औपचारिक शिकायत की और पुलिस से मुलाकात की। पार्क की प्रतिनिधि कंपनी डीजे स्पोर्ट्स ने भी जांच और फुटबॉल से जुड़े लोगों की बेहतर सुरक्षा की मांग की।

कैसे बढ़ा टकराव

दर्शक को पटाया यूनाइटेड का समर्थन करने वाला पश्चिमी व्यक्ति बताया गया। पारंपरिक कोरियाई भोजन किमची का बार-बार जिक्र कथित तौर पर पार्क की कोरियाई पहचान का मजाक उड़ाने के लिए किया गया। वियतनाम की राष्ट्रीय टीम के पूर्व मैनेजर पार्क, नारेबाजी जारी रहने के साथ अधिक गुस्से में दिखे।

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फुटेज में पार्क मुक्का मारने जैसा इशारा करते और स्टैंड की ओर बढ़ते दिखाई देते हैं। उनके सहायक रो योंग-सु भी टकराव में शामिल थे। तनाव बढ़ने पर कर्मचारियों और खिलाड़ियों ने कोचिंग दल और दर्शक के बीच आकर स्थिति संभाली।

खबरों के मुताबिक, स्टेडियम क्षेत्र से पहले निकलने के बाद पार्क विरोध जताने लौटे। दर्शक एक अन्य विदेशी खिलाड़ी को उसके कद को लेकर ताने देता रहा। बार-बार किए गए अपमान से यह समझने में मदद मिलती है कि टीम को वहां से हटाने की कोशिशों के बावजूद टकराव तुरंत क्यों खत्म नहीं हुआ।

बताया गया कि स्थानीय पुलिस ने दर्शक की टिप्पणियां नहीं रोकीं, इस बात से पार्क विशेष रूप से नाराज थे। घटना को लेकर उठी चिंताओं में पुलिस की प्रतिक्रिया भी शामिल हो गई। इसके साथ ही दर्शक के आचरण और मैदान से बाहर जाते समय खिलाड़ियों व कर्मचारियों की सुरक्षा के सवाल भी उठे।

बैजियो भी निशाने पर

कंचनाबुरी का पहला गोल करने वाले मेडागास्कर के खिलाड़ी जॉन बैजियो को कथित तौर पर "बंदर" कहा गया और उनके कद को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। क्लब ने इस घटना को अपने सदस्यों के खिलाफ नस्लवादी दुर्व्यवहार और अन्य अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल का मामला माना।

अध्यक्ष प्रावत ने फेसबुक पर कहा कि "बंदर" और "किमची" शब्दों का इस्तेमाल किया गया था। उन्होंने बैजियो को नस्लीय भेदभाव का शिकार बताया और कहा कि उचित कार्रवाई नहीं होने पर क्लब इस मामले को आगे बढ़ाता रहेगा।

कंचनाबुरी पावर ने नस्ल, त्वचा के रंग और जातीयता के आधार पर भेदभाव के साथ-साथ अन्य प्रकार के भेदभाव की निंदा की। मैच के बाद जारी बयान में क्लब ने अपनी प्रतिक्रिया के पीछे का सिद्धांत बताया:

फुटबॉल ऐसा खेल है जो दुनिया भर के लोगों को एक साथ लाता है।

क्लब ने यह भी कहा:

हर व्यक्ति सम्मान का हकदार है, चाहे वह कोई भी हो, कहां से आया हो या उसकी त्वचा का रंग कैसा भी हो।

इसलिए कंचनाबुरी की शिकायत केवल पार्क और एक दर्शक के बीच हुए विवाद तक सीमित नहीं है। इसमें बैजियो के साथ हुआ व्यवहार और तनावपूर्ण मैच के बाद मेहमान खिलाड़ियों व कोचों के स्टेडियम से बाहर जाने की परिस्थितियां भी शामिल हैं।

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दुर्व्यवहार से पहले तनावपूर्ण मैच

स्टैंड के पास टकराव से पहले ही पटाया यूनाइटेड और कंचनाबुरी के बीच विवादित मैच हो चुका था। दोनों टीमों को कुल आठ पीले कार्ड मिले। दूसरे हाफ के 35वें मिनट, यानी मैच के करीब 80वें मिनट में पटाया के बराबरी के गोल से पहले एक फैसले पर विवाद हुआ।

कंचनाबुरी का कहना था कि पेनल्टी दिलाने वाला फाउल पेनल्टी क्षेत्र के बाहर हुआ था। यह जगह मायने रखती है, क्योंकि बचाव करने वाली टीम द्वारा उस क्षेत्र के भीतर फाउल करने पर विरोधी टीम को पेनल्टी किक मिल सकती है, जबकि बाहर हुए ऐसे ही फाउल पर आम तौर पर फ्री किक दी जाती है।

थाई लीग 2 में उस घटना की समीक्षा के लिए वीडियो सहायक रेफरी प्रणाली उपलब्ध नहीं थी। वीएआर के जरिए नामित अधिकारी पेनल्टी सहित कुछ अहम फैसलों के वीडियो की जांच कर सकते हैं। इस समीक्षा व्यवस्था के बिना मैच के दौरान रेफरी का फैसला बरकरार रहा।

अंतिम सीटी के बाद कंचनाबुरी के सदस्यों ने रेफरी के सामने विरोध जताया। इसके बाद दर्शकों से हुआ टकराव, पहले से ही रेफरी के फैसलों पर विवाद से भरी शाम में भेदभाव के आरोप भी ले आया।

ड्रॉ के बाद कंचनाबुरी 14 अंकों के साथ छठे स्थान पर रहा, जबकि शीर्ष पर मौजूद खोन केन यूनाइटेड उससे सात अंक आगे था। इन आंकड़ों के मुताबिक खोन केन के 21 अंक थे और सीजन के उस मुकाम पर यह अंतर कंचनाबुरी के कुल अंकों का आधा था।

थाई एफए ने क्या आदेश दिया

नुअलफान ने प्रतियोगिता आयोजकों को जानकारी जुटाने और घटना को तुरंत संघ की औपचारिक समीक्षा प्रक्रिया में शामिल करने का निर्देश दिया। 2 नवंबर के बयान में मैदान पर, स्टेडियमों के आसपास और सोशल मीडिया पर नस्लवादी व्यवहार का विरोध किया गया।

संघ ने अपने अनुशासन और आचार नियमों का हवाला दिया, जो पहली बार 2016 में जारी हुए थे और 2026 में 13वीं बार संशोधित किए गए। उसने 2017 में जारी और 2022 में संशोधित पेशेवर खेल नैतिकता नियमों का भी उल्लेख किया।

नैतिकता नियमों के मुताबिक, फुटबॉलरों और पेशेवर खेल से जुड़े लोगों को सम्मानजनक ढंग से बोलना चाहिए और मूल स्थान, जातीयता, भाषा, लिंग और उम्र जैसी बातों के आधार पर दूसरों की अनुचित आलोचना से बचना चाहिए। अनुशासन नियमों में अपमानजनक शब्दों, धमकी भरे व्यवहार, इशारों और नस्लीय या जातीय तिरस्कार व्यक्त करने वाले कृत्यों को शामिल किया गया है।

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समीक्षा में यह तय करना होगा कि कौन शामिल था, क्या हुआ और कौन से नियम लागू होते हैं। अंतिम अनुशासनात्मक फैसला, दर्शक के खिलाफ पुलिस कार्रवाई या फैसले की घोषणा की तारीख तय नहीं की गई है।

पटाया यूनाइटेड, थाई लीग के आयोजकों और डीजे स्पोर्ट्स ने भी नस्लीय भेदभाव की निंदा की। डीजे स्पोर्ट्स ने पूरी जांच, उचित कार्रवाई और फुटबॉल में कोचों, खिलाड़ियों तथा अन्य लोगों को भेदभावपूर्ण और अपमानजनक व्यवहार से बचाने के लिए बेहतर व्यवस्था की मांग की।

कौन-से दंड लागू हो सकते हैं?

संघ के जिन नियमों का हवाला दिया गया है, उनमें आचरण और संबंधित लोगों की अलग-अलग श्रेणियों के लिए अलग दंड तय हैं। मैच स्थल पर सार्वजनिक रूप से अपमानजनक या नस्लवादी व्यवहार से जुड़े प्रावधान के तहत किसी व्यक्ति पर 10,000 से 30,000 बाट तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

कई लोगों द्वारा मिलकर ऐसा व्यवहार करने पर 20,000 से 40,000 बाट तक का जुर्माना हो सकता है। ध्वनि-विस्तारक उपकरणों का इस्तेमाल करने या ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित करने पर बताए गए जुर्माने की सीमा बढ़कर 30,000 से 50,000 बाट हो जाती है। नियमों के तहत एक से चार मैचों के लिए उपकरण को आयोजन स्थल पर लाने पर रोक भी लगाई जा सकती है।

अन्य प्रावधान खेल अनुशासन के अधीन लोगों से जुड़े हैं। एक नियम स्पष्ट रूप से अपमानजनक, धमकी भरे या नस्लवादी व्यवहार के लिए एक से तीन मैचों का निलंबन और 10,000 से 60,000 बाट का जुर्माना तय करता है। दूसरे प्रावधान के तहत अधिकारियों को दो मैचों के लिए ड्यूटी से निलंबित किया जा सकता है और 10,000 से 40,000 बाट तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

समर्थकों के बैनर के लिए अलग नियम हैं। प्रतिबंधित संदेशों से जुड़े पहली बार के उल्लंघन पर 50,000 बाट तक का जुर्माना, एक मैच के लिए घरेलू मैदान पर खेलने की पाबंदी या दोनों दंड लगाए जा सकते हैं। दोबारा उल्लंघन पर 50,000 से 100,000 बाट तक का जुर्माना, तीन घरेलू मैचों तक पाबंदी और तीन अंक काटे जा सकते हैं।

खिलाड़ियों और कोचों के लिए निलंबन का मतलब मैचों से बाहर रहना या ड्यूटी से रोका जाना है। क्लब पर घरेलू मैदान की पाबंदी से यह तय होता है कि वह अपने मैच कहां खेल सकता है, जबकि अंक काटने से लीग में उसके कुल अंक सीधे घटते हैं। समीक्षा के जरिए संघ तय करेगा कि कौन-सी श्रेणी लागू होती है।

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पहले के विवादों से मिलता है संदर्भ

कंचनाबुरी के सीजन के दौरान पार्क पहले भी रेफरी के फैसलों को चुनौती दे चुके थे। सितंबर में नखोन पाथोम के खिलाफ मैच के बाद उन्होंने रेफरी के कामकाज की अपनी आलोचना को थाईलैंड के वियतनाम के खिलाफ नतीजों से जोड़ा था। बाद में उन्होंने क्लब के माध्यम से माफी जारी की और कहा कि उनका इरादा थाई राष्ट्रीय टीम को नीचा दिखाने का नहीं था।

अक्टूबर में प्राए यूनाइटेड के खिलाफ मैच में कंचनाबुरी के विरुद्ध दी गई पेनल्टी पर भी अपील की गई थी। इसके बाद थाईलैंड फुटबॉल संघ की रेफरी समिति ने माना कि विरोधी खिलाड़ी बिना फाउल हुए गिरा था। समिति ने पेनल्टी को गलत ठहराया और रेफरी को छह सप्ताह के लिए मैचों में जिम्मेदारी देने से निलंबित कर दिया।

मुआंगलुई यूनाइटेड के खिलाफ एक मैच में अतिरिक्त समय और बराबरी के गोल को संभालने के तरीके पर भी पार्क ने विरोध जताया था। ये घटनाएं पटाया के खिलाफ मैच के दौरान रेफरी के फैसलों को लेकर पहले से मौजूद तनाव का संदर्भ देती हैं।

वियतनाम के मैनेजर रहते हुए पार्क को इसी तरह के निजी अपमान का सामना करना पड़ा था। नवंबर 2019 में नस्लवादी ताने देने के बाद थाई राष्ट्रीय टीम के कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य को बर्खास्त कर दिया गया था। ताजा घटना ने फिर वियतनाम में ध्यान खींचा है, जहां पार्क का पहले उनके नेतृत्व में रही राष्ट्रीय टीम से गहरा जुड़ाव बना हुआ है।

अंतिम सीटी से औपचारिक समीक्षा तक

स्टेडियम के भीतर हुए विवाद से लेकर फुटबॉल अधिकारियों और राजनयिकों की शिकायतों तक घटनाक्रम तेजी से आगे बढ़ा:

  • अंतिम सीटी पर: थाई लीग 2 के नौवें दौर में पटाया यूनाइटेड और कंचनाबुरी पावर का मुकाबला 2-2 से बराबर रहा।
  • मैच के बाद: पार्क और बैजियो को कथित तौर पर भेदभावपूर्ण अपमान का सामना करना पड़ा और दर्शक से पार्क के उलझने पर कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया।
  • टकराव के बाद: अध्यक्ष प्रावत ने कंचनाबुरी की टीम को चेंजिंग रूम में जाने का निर्देश दिया और क्लब ने भेदभाव की निंदा की।
  • 2 नवंबर: थाई एफए ने नस्लवाद के खिलाफ अपना रुख बताया और सबूत जुटाने तथा औपचारिक समीक्षा के निर्देश दिए।
  • घटना के बाद: दक्षिण कोरियाई दूतावास ने थाई संस्थाओं के समक्ष शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से मुलाकात की। डीजे स्पोर्ट्स ने कार्रवाई और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की मांग की।

आयोजकों का तत्काल काम वीडियो, शिकायतों और अन्य सबूतों को अनुशासनात्मक फैसले का आधार बनाना है। क्लबों और उनसे जुड़े लोगों के लिए यह मामला इस बात से भी जुड़ा है कि जब कोई टीम मैदान से बाहर जाने की कोशिश कर रही हो और दुर्व्यवहार जारी रहे, तो स्टेडियम के कर्मचारी और पुलिस कैसी प्रतिक्रिया देते हैं।

मुख्य बातें

  • पटाया यूनाइटेड के खिलाफ कंचनाबुरी पावर के 2-2 से ड्रॉ के बाद पार्क हैंग-सियो और जॉन बैजियो को कथित तौर पर नस्लवादी दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा।
  • दर्शक से पार्क के टकराव के दौरान कर्मचारियों और अधिकारियों ने बीच-बचाव किया और कोई शारीरिक झड़प नहीं हुई।
  • थाई एफए ने 2 नवंबर को अपनी प्रतिक्रिया में सबूत जुटाने और औपचारिक अनुशासनात्मक समीक्षा के आदेश दिए।
  • दक्षिण कोरियाई दूतावास ने थाई अधिकारियों के समक्ष शिकायत की और पुलिस से मुलाकात की।
  • उल्लेखित नियमों में जुर्माने, खेल संबंधी निलंबन और प्रतिबंधित संदेश वाले समर्थक बैनर के लिए अलग दंड शामिल हैं।
  • अभी तक अंतिम फैसला या उसकी घोषणा की तारीख नहीं बताई गई है।
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