दो दमदार प्रदर्शनों के दम पर मिली पहली जीत
जापान की माओ शिमादा ने ब्रिटिश कोलंबिया के केलोना में स्केट कनाडा इंटरनेशनल में अपना पहला सीनियर ग्रां प्री खिताब जीता। उन्होंने 235.44 अंक हासिल कर सीज़न का महिलाओं में सर्वोच्च कुल स्कोर बनाया। शुक्रवार को 18 वर्ष की हुईं चार बार की मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन ने प्रतियोगिता के दोनों हिस्सों में बढ़त बनाई और एस्टोनिया की नीना पेट्रोकिना से 14.37 अंक आगे रहीं।
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शनिवार को शॉर्ट प्रोग्राम में अपने सर्वश्रेष्ठ 82.11 अंक हासिल करने के बाद शिमादा ने रविवार को प्रॉस्पेरा प्लेस में फ्री स्केट में 153.33 अंक जुटाए। पेट्रोकिना ने 221.07 अंकों के साथ रजत पदक जीता, जबकि अमेरिका की इसाबेउ लेविटो ने 212.22 अंकों के साथ कांस्य पदक हासिल किया। जापान की साकी मियाके ने अपने पहले ग्रां प्री में 210.09 अंक लेकर चौथा स्थान पाया।
इस नतीजे के साथ शिमादा ग्रां प्री सीरीज़ में पदार्पण पर जीतने वाली चौथी जापानी महिला बनीं। उनसे पहले रिका किहिरा, रिंका वातानाबे और आमी नाकाई यह उपलब्धि हासिल कर चुकी हैं। इस जीत ने उनके अपराजित जूनियर करियर की सफलता को स्थापित सीनियर स्केटरों के खिलाफ मुकाबले तक पहुंचाया।
हालांकि, उनकी विजयी प्रस्तुति में सुधार की गुंजाइश भी रही। जजों ने उनके शुरुआती क्वाड्रपल टो लूप में अधूरा घुमाव और एक कॉम्बिनेशन में ट्रिपल फ्लिप के टेकऑफ एज को अस्पष्ट बताया। शिमादा ने अपने बाकी एलिमेंट पूरे किए, जिनमें स्पिन भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि वह मुस्कान के साथ कार्यक्रम खत्म करके खुश थीं।
शिमादा और उनकी कोच मिए हमादा के सामने अगला लक्ष्य सीनियर स्तर की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, अभिव्यक्ति और स्केटिंग की गुणवत्ता विकसित करना है। इस जीत ने उनके स्कोर करने की क्षमता का तत्काल प्रमाण दिया, जबकि शिमादा ने अपने आकलन में इस बात पर ध्यान दिया कि प्रदर्शन को और कितना बेहतर बनाया जा सकता है।
वीकेंड में मुकाबला कैसे आगे बढ़ा
शिमादा ने शॉर्ट प्रोग्राम में बढ़त बनाई। यह प्रतियोगिता का छोटा शुरुआती हिस्सा होता है, जिसमें स्केटरों को तय एलिमेंट पूरे करने होते हैं। उनके 82.11 अंक व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थे और इससे लंबे फ्री स्केट से पहले वह पहले स्थान पर पहुंच गईं।
रविवार को मिले 153.33 अंक इस सीज़न में उनके फ्री स्केट का सर्वश्रेष्ठ स्कोर थे। दोनों प्रस्तुतियों को जोड़ने पर उनका विजयी कुल स्कोर सीज़न का विश्व सर्वश्रेष्ठ भी रहा। अंतिम स्थान तय करने के लिए शॉर्ट प्रोग्राम और फ्री स्केट के अंकों को जोड़ा जाता है।
- शुक्रवार: प्रतियोगिता के निर्णायक प्रदर्शनों से पहले शिमादा 18 वर्ष की हुईं।
- शनिवार: उन्होंने 82.11 अंकों के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर के साथ शॉर्ट प्रोग्राम में बढ़त बनाई।
- रविवार: उन्होंने 153.33 अंकों के साथ फ्री स्केट जीता और 235.44 के कुल स्कोर से खिताब पक्का किया।
दोनों हिस्सों में जीतना अहम है, क्योंकि कभी-कभी कोई स्केटर दोनों हिस्सों में पहले स्थान पर आए बिना भी मजबूत संयुक्त स्कोर के दम पर खिताब जीत सकता है। शिमादा दोनों में पहले स्थान पर रहीं और इस तरह पूरी प्रतियोगिता में अपना दबदबा कायम किया।
जंप पर दिए गए फैसलों का मतलब
शिमादा ने अपने फ्री स्केट की शुरुआत क्वाड्रपल टो लूप से की, जिसमें हवा में चार चक्कर लगाने होते हैं। जजों ने इसे अधूरे घुमाव वाला माना। इसका मतलब है कि वह जंप के लिए जरूरी घुमाव पूरा होने से पहले ही उतर गईं, इसलिए उन्हें जंप के निर्धारित मूल्य के पूरे अंक नहीं मिले।
कॉम्बिनेशन में उनके ट्रिपल फ्लिप पर भी एज को लेकर चेतावनी दी गई। फ्लिप में स्केटिंग ब्लेड के अंदरूनी किनारे से टेकऑफ होना चाहिए। एज अस्पष्ट होने का मतलब है कि टेकऑफ के समय जरूरी स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं दी।
इन तकनीकी बारीकियों से समझ आता है कि सहज दिखने वाली प्रस्तुति में भी अंक क्यों कट सकते हैं। फिगर स्केटिंग में किसी एलिमेंट की कठिनाई और उसे कितनी अच्छी तरह किया गया, दोनों को महत्व दिया जाता है। मुश्किल जंप से अधिक अंक हासिल करने का मौका मिलता है, लेकिन उसकी लैंडिंग और टेकऑफ की बारीकी से जांच होती है।
इन फैसलों के बाद शिमादा का बाकी प्रदर्शन प्रभावित नहीं हुआ। उन्होंने दूसरे एलिमेंट और स्पिन पूरे किए, जिससे कार्यक्रम में इतनी मजबूती बनी रही कि उन्हें प्रतियोगिता का सर्वोच्च फ्री स्केट स्कोर मिला। उनकी प्रस्तुति में कठिन एलिमेंट के साथ-साथ लगभग पूरे कार्यक्रम में निरंतरता भी रही।
पदकों के बीच अंकों का अंतर
221.07 अंकों के साथ पेट्रोकिना शिमादा के सबसे करीब रहीं, लेकिन दोनों के बीच 14.37 अंकों का अंतर स्वर्ण और रजत के बीच बड़ा फासला दिखाता है। लेविटो 212.22 अंकों के साथ एस्टोनियाई स्केटर से 8.85 अंक पीछे रहीं।
पोडियम के ठीक नीचे मुकाबला कहीं ज्यादा करीबी था। मियाके 210.09 अंकों के साथ लेविटो से सिर्फ 2.13 अंक पीछे रहीं। इस मामूली अंतर के कारण जापानी स्केटर अंतिम परिणाम में पदक के करीब पहुंच गईं, हालांकि दोनों हिस्सों के बाद भी वह चौथे स्थान पर रहीं।
मियाके ने फ्री स्केट में 138.14 अंकों का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ स्कोर हासिल किया। उनके कुल स्कोर में शॉर्ट प्रोग्राम के 71.95 अंक शामिल थे। यह आंकड़ा उनके अंतिम स्कोर में से फ्री स्केट के अंक घटाकर निकाला गया है। लंबे कार्यक्रम में उन्होंने अपना स्कोर बेहतर किया, लेकिन स्थान नहीं बदला।
केलोना से शिमादा और मियाके अपनी पहली ग्रां प्री प्रस्तुतियों में अलग-अलग उपलब्धियां लेकर लौटीं। शिमादा ने खिताब जीता और सीज़न का सर्वोच्च स्कोर बनाया। मियाके पदक से चूक गईं, लेकिन उन्होंने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ फ्री स्केट स्कोर हासिल किया।
जूनियर चैंपियन से सीनियर दावेदार तक
शिमादा लगातार चार विश्व जूनियर खिताब जीतने के बाद केलोना पहुंची थीं। सीनियर ग्रां प्री में पदार्पण से पहले यह उनकी असाधारण सफलता का सिलसिला था। केलोना में उन्हें इस रिकॉर्ड को एक अलग स्तर के मुकाबले में आगे बढ़ाने का तुरंत मौका मिला।
जूनियर और सीनियर प्रतियोगिताएं अलग-अलग श्रेणियां हैं, और पात्रता के नियम तय करते हैं कि कोई स्केटर किसमें हिस्सा ले सकता है। सीनियर प्रतियोगिताओं में आने पर ऐसे खिलाड़ियों से भी मुकाबला होता है, जिनकी स्केटिंग, प्रस्तुति कौशल और निरंतरता कई सीज़न के अनुभव से विकसित हुई है।
शिमादा ने कहा कि सीनियर स्तर के अनुरूप होने के लिए वह अपनी गति और अभिव्यक्ति बेहतर करना चाहती हैं। गति का असर इस बात पर पड़ता है कि स्केटर कार्यक्रम के दौरान कैसे आगे बढ़ता है, जबकि अभिव्यक्ति से आशय संगीत के अनुरूप गतिविधियों और प्रस्तुति से है। जंप और स्पिन के साथ ये दोनों पहलू भी महत्वपूर्ण हैं, हालांकि अक्सर सबसे ज्यादा ध्यान जंप और स्पिन पर जाता है।
हमादा ने उनके प्रदर्शन की तारीफ की और कहा कि अगला चरण सीनियर स्केटर के रूप में उनकी स्केटिंग को विकसित करना है। उनकी राय में सफल पदार्पण के बाद अब बारी सुधार की है: केलोना में जीत दिलाने वाली तकनीकी मजबूती को बरकरार रखते हुए प्रस्तुति को अधिक संपूर्ण बनाना।
ओलंपिक आयु नियम क्यों अहम था
अंतरराष्ट्रीय स्केटिंग संघ (आईएसयू) ने जून 2022 में आयु नियम में बदलाव अपनाया था। इसी नियम के कारण शिमादा फरवरी में होने वाले मिलान-कोर्तिना शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा नहीं ले सकीं। इस तरह उनकी जूनियर उपलब्धियां उस ओलंपिक अवसर के लिए पात्र होने से पहले की थीं।
आयु संबंधी पात्रता स्केटर के नतीजों से अलग होती है। नियम तय करते हैं कि सीनियर प्रतियोगिताओं में प्रवेश के लिए उम्र की क्या शर्तें होंगी, इसलिए जूनियर खिताब जीतने भर से ओलंपिक प्रतियोगिता में जगह नहीं मिलती। शिमादा का करियर दिखाता है कि इन नियमों का समय किसी खिलाड़ी के खेल सफर को कैसे आकार दे सकता है।
केलोना में उनका 18वां जन्मदिन और ग्रां प्री जीत इस सफर को रेखांकित करते हैं। जूनियर वर्ग में वह पहले ही लंबा चैंपियनशिप रिकॉर्ड बना चुकी थीं; अब उन्होंने सीनियर ग्रां प्री सर्किट की अपनी पहली प्रतियोगिता जीत ली। उन्होंने इस स्तर के लिए अपनी स्केटिंग बेहतर बनाने के व्यावहारिक पहलुओं को प्राथमिकता बताया।
कनाडा के नतीजे और आइस डांस पोडियम
ओंटारियो के ओकविल की मेडलीन शिज़ास कनाडा की सर्वश्रेष्ठ महिला स्केटर रहीं। उन्होंने 177.38 अंकों के साथ आठवां स्थान हासिल किया। ओटावा की फी एन लैंड्री 171.18 अंकों के साथ नौवें और मॉन्ट्रियल की सारा-मॉड डुपुई 158.63 अंकों के साथ 11वें स्थान पर रहीं।
शिज़ास ने दोनों कार्यक्रमों में हुई गलतियों का जिक्र किया, लेकिन यह भी बताया कि उन्होंने उन गलतियों के बाद कैसे वापसी की। फ्री स्केट के बाद कनाडाई स्केटर ने अपने दोनों प्रदर्शनों की तुलना करते हुए कहा:
कल एक बड़ी गलती हुई थी," शिज़ास ने कहा। "आज मुझसे दो बड़ी गलतियां हुईं, लेकिन ऐसा होता है। मुझे लगता है कि मैंने वापसी की और आज मानसिक मजबूती और जुझारूपन दिखाया।
उनकी बातों से प्रतियोगिता का एक और पहलू सामने आया: गलती के बाद प्रदर्शन में वापसी करना। स्केटर को बाकी जंप, स्पिन और स्केटिंग के हिस्से पूरे करने होते हैं, जिनमें से हर एक स्कोर में योगदान देता है।
ब्रिटेन की लिलाह फियर और लुईस गिब्सन ने रविवार को बाद में 201.17 अंकों के साथ आइस डांस का खिताब जीता। फ्रांस की एवगेनिया लोपारेवा और जेफ्री ब्रिसॉ 192.95 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, जबकि अमेरिका के कैरोलिन ग्रीन और माइकल पार्सन्स ने 186.02 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। ब्रिटिश जोड़ी ने 8.22 अंकों के अंतर से जीत हासिल की।
मुख्य बातें
- माओ शिमादा ने स्केट कनाडा में अपने सीनियर ग्रां प्री पदार्पण पर 235.44 अंकों के सीज़न के विश्व सर्वश्रेष्ठ कुल स्कोर के साथ खिताब जीता।
- उन्होंने दोनों हिस्सों में बढ़त बनाई: शॉर्ट प्रोग्राम में 82.11 और फ्री स्केट में 153.33 अंक हासिल किए।
- नीना पेट्रोकिना ने 221.07 अंकों के साथ रजत और इसाबेउ लेविटो ने 212.22 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता।
- साकी मियाके 210.09 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं। इसमें फ्री स्केट का उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ 138.14 अंक शामिल है।
- शिमादा ग्रां प्री सीरीज़ में पदार्पण पर जीतने वाली चौथी जापानी महिला बनीं।
- कनाडा की मेडलीन शिज़ास महिलाओं में आठवें स्थान पर रहीं; ब्रिटेन की लिलाह फियर और लुईस गिब्सन ने आइस डांस जीता।






