सिंगापुर की रियोना कृष्णन दिघे ने जीता मिस टीन यूनिवर्स एशिया 2026 और पब्लिक वोट अवॉर्ड

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Singapore's Riona Krishnan Dighe Wins Miss Teen Universe Asia 2026 and Public Vote Award

नोम पेन्ह में सिंगापुर को मिले दो पुरस्कार

सिंगापुर की 18 वर्षीय रियोना कृष्णन दिघे ने 25 अक्टूबर को कंबोडिया के नोम पेन्ह में हुए वैश्विक फाइनल में मिस टीन यूनिवर्स एशिया 2026 का खिताब जीता। वह यह खिताब पाने वाली सिंगापुर की पहली प्रतिनिधि बनीं। 30 से अधिक प्रतिभागियों वाली इस प्रतियोगिता में उन्होंने ऑनलाइन जनमत के जरिए चुना गया मिस पॉपुलर चॉइस पुरस्कार भी जीता।

विषय-सूची
  1. नोम पेन्ह में सिंगापुर को मिले दो पुरस्कार
  2. अपनी जड़ों से जुड़ा ताज
  3. फाइनल की तैयारी
  4. 11 साल की उम्र में शुरू हुआ शिक्षा का काम
  5. भूटान की खुशहाली मापने की पहल में दिलचस्पी
  6. शोध को स्कूलों तक पहुंचाना
  7. एक खास दान वाली गुलाबी ड्रिंक
  8. स्तन कैंसर के लिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल
  9. फैशन, विश्वविद्यालय और 18 साल की जिंदगी
  10. मुख्य बातें

एशिया का ताज जीतने से पहले रियोना टॉप 20 और टॉप 14 में पहुंचीं। उनकी प्रस्तुति में पारंपरिक पेरानाकन नृत्य और बच्चों की शिक्षा तथा उस तक पहुंच पर केंद्रित पहल शामिल थी। इस पहल के लिए उन्होंने 11 साल की उम्र से परोपकारी काम शुरू किया था।

इस नतीजे से उस किशोरी की ओर व्यापक ध्यान गया है, जिसकी गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय फैशन शो से लेकर भूटान के सकल राष्ट्रीय खुशहाली ढांचे पर शोध तक फैली हैं। उन्होंने बच्चों की उपशामक देखभाल और ग्रामीण शिक्षा परियोजनाओं के लिए S$57,000 से अधिक जुटाए हैं। ब्रिटेन में ए-लेवल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के ग्लोबल बिजनेस स्कूल ऑफ हेल्थ में बिजनेस की पढ़ाई शुरू की।

रियोना ने इन दोनों पुरस्कारों को अपनी निजी उपलब्धि का अहम पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि जनमत उनके लिए मायने रखता था, क्योंकि समर्थकों ने उन्हें वोट देने के लिए समय निकाला।

ईमानदारी से कहूं तो यह मेरी जिंदगी के सबसे यादगार पलों में से एक है," रियोना ने कहा। "मिस टीन यूनिवर्स एशिया चुना जाना एक सपना सच होने जैसा है। मिस पॉपुलर चॉइस जीतने से यह और खास हो गया, क्योंकि यह जानना मेरे लिए बहुत मायने रखता है कि लोगों ने मुझे वोट देने और मेरा हौसला बढ़ाने के लिए समय निकाला।

इससे पहले जुलाई में उन्हें मिस टीन यूनिवर्स सिंगापुर 2026 चुना गया था। एशिया का खिताब वैश्विक प्रतियोगिता में दिया गया, जबकि मिस पॉपुलर चॉइस पुरस्कार ऑनलाइन मतदान के जरिए मिले समर्थन के लिए था।

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अपनी जड़ों से जुड़ा ताज

नतीजे पर अपनी प्रतिक्रिया में रियोना ने सिंगापुर को केंद्र में रखा। फाइनल के बाद इंस्टाग्राम पर उन्होंने इस अनुभव को एक छोटे देश का प्रतिनिधित्व करने से लेकर पूरे महाद्वीप से जुड़े खिताब को पाने तक के सफर के रूप में बताया।

नव-ताजधारी मिस टीन यूनिवर्स एशिया रियोना ने लिखा:

मैं एशिया के सबसे छोटे देशों में से एक की लड़की बनकर कंबोडिया आई थी और अब पूरे महाद्वीप का प्रतिनिधित्व करने का सम्मान लेकर लौट रही हूं। अरबों लोगों, अनगिनत संस्कृतियों और असाधारण महिलाओं का महाद्वीप।

उन्होंने अपनी मां, मैनेजर, टीम के सदस्यों और साथी प्रतियोगियों के साथ-साथ सिंगापुर से उनका समर्थन करने वालों का आभार जताया। उनकी बातों में व्यक्तिगत उपलब्धि के साथ उन लोगों का योगदान भी जुड़ा था, जिन्होंने उन्हें तैयारी में मदद की और प्रतियोगिता के दौरान उनका हौसला बढ़ाया।

रियोना की प्रतिभा प्रस्तुति में भी सिंगापुर की झलक थी। उन्होंने पारंपरिक पेरानाकन नृत्य चुना, क्योंकि वह चाहती थीं कि अंतरराष्ट्रीय दर्शक देश की विरासत के एक हिस्से से परिचित हों। पेरानाकन संस्कृति इस क्षेत्र में पीढ़ियों से हुए सांस्कृतिक मेलजोल को दर्शाती है और भोजन, पहनावे तथा प्रदर्शन जैसी परंपराओं में दिखाई देती है।

फाइनल की तैयारी

रियोना की तैयारी में फिटनेस, भाषण और मीडिया प्रशिक्षण के साथ रोजाना तीन से चार घंटे कैटवॉक की कक्षाएं शामिल थीं। उन्होंने पेरानाकन नृत्य भी सीखा, जिसे बाद में कंबोडिया में पेश किया।

प्रतियोगिता से पहले रियोना ने बताया था कि उन्होंने यह प्रस्तुति क्यों चुनी:

मैं सिंगापुर का इतिहास दिखाने को लेकर बहुत उत्साहित हूं, क्योंकि दुनिया भर में हर कोई इसके बारे में नहीं जानता।

प्रतियोगिताओं में उनकी दिलचस्पी तब शुरू हुई, जब वह अपनी मां और नानी के साथ टीवी पर मिस यूनिवर्स देखती थीं। मॉडलिंग से उन्हें पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच का अनुभव मिला। इसके बाद उन्होंने ऐसी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया, जहां उन्हें शिक्षा और परोपकारी काम पर बात करने का अवसर भी मिला।

हाल के वर्षों के उनके अहम पड़ाव इस सफर को दिखाते हैं:

  • जून 2024: उनकी टीम के अनुसार, ऐलिस + ओलिविया के साथ साझेदारी से टुगेदर फॉर शॉर्ट लाइव्स के लिए £12,000 जुटाए गए।
  • 2024: उन्होंने मिस टीन लंदन का खिताब अपने नाम किया।
  • जुलाई 2026: उन्हें मिस टीन यूनिवर्स सिंगापुर 2026 का ताज पहनाया गया।
  • 13 से 31 अक्टूबर, 2026: उनका प्रोजेक्ट पिंक ड्रिंक अभियान सिंगापुर के ओरिजिन टी हाउस में आयोजित होना था।
  • 25 अक्टूबर, 2026: उन्होंने नोम पेन्ह में मिस टीन यूनिवर्स एशिया और मिस पॉपुलर चॉइस पुरस्कार जीते।
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11 साल की उम्र में शुरू हुआ शिक्षा का काम

रियोना की प्रतियोगिता संबंधी पहल उस काम से आगे बढ़ी, जो उनके अंतरराष्ट्रीय मॉडलिंग करियर से कई साल पहले शुरू हुआ था। 11 साल की उम्र में उन्होंने ग्रामीण भारत के प्राथमिक विद्यालयों के शुरुआती वर्षों के बच्चों के लिए साक्षरता और गणित के कार्यक्रमों का नेतृत्व किया। इन कार्यक्रमों में बुनियादी पढ़ने और गणित के कौशल पर ध्यान दिया गया, जो बच्चों को स्कूल में आगे बढ़ने के लिए जरूरी हैं।

बाद में वह चेल्टनहैम लेडीज़ कॉलेज के रॉडरिक हाउस में चैरिटी प्रमुख बनीं। उनके धन जुटाने के प्रयासों से ग्रामीण शिक्षा और बच्चों की उपशामक देखभाल, दोनों को मदद मिली है। उपशामक देखभाल गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चों और उनके परिवारों को लक्षणों, आराम और रोजमर्रा की जरूरतों से निपटने में मदद करती है।

उनकी टीम के मुताबिक, जून 2024 में फैशन लेबल ऐलिस + ओलिविया के साथ हुए सहयोग से टुगेदर फॉर शॉर्ट लाइव्स के लिए £12,000 जुटाए गए। यह संस्था उन बच्चों की मदद करती है, जिनकी स्वास्थ्य समस्याओं से उनकी जीवन अवधि कम हो जाती है। उनके सभी परोपकारी प्रयासों से बच्चों की देखभाल और शिक्षा परियोजनाओं के लिए S$57,000 से अधिक जुटाए गए हैं।

पाउंड और सिंगापुर डॉलर की रकम उनके धन जुटाने के रिकॉर्ड के अलग-अलग हिस्से दर्शाती हैं। कुल राशि का परियोजना के हिसाब से विवरण नहीं दिया गया है, इसलिए ऐलिस + ओलिविया से मिली रकम को अलग योगदान मानकर उसमें सीधे जोड़ना ठीक नहीं होगा।

भूटान की खुशहाली मापने की पहल में दिलचस्पी

भूटान में चैरिटी के लिए की गई यात्राओं के दौरान रियोना को सकल राष्ट्रीय खुशहाली से परिचय हुआ, जिसे आम तौर पर जीएनएच कहा जाता है। यह ढांचा किसी देश की प्रगति को केवल आर्थिक उत्पादन से आंकने के बजाय जीवन के कई क्षेत्रों में लोगों की खुशहाली देखता है।

इस विषय में उनकी दिलचस्पी दो साल की शोध परियोजना में बदल गई। कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र बताए गए एक मार्गदर्शक के निर्देशन में उन्होंने भूटान के जीएनएच ढांचे में प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण लागू करने की संभावनाएं तलाशीं। बाद में उनका शोध इंटरनेशनल जर्नल ऑफ हाई स्कूल रिसर्च में प्रकाशित हुआ।

प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण कृत्रिम बुद्धिमत्ता की एक शाखा है, जो कंप्यूटरों को मानवीय भाषा के साथ काम करने में मदद करती है। मसलन, यह लिखित जवाबों को विषयों के आधार पर छांट सकती है या बड़ी मात्रा में पाठ में मौजूद पैटर्न पहचान सकती है। रियोना ने यह जानने में दिलचस्पी ली कि क्या ऐसे साधन लोगों की खुशहाली से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगने वाले समय और खर्च को कम कर सकते हैं।

रियोना ने अपने शोध की प्रेरणा देने वाली बातचीत का जिक्र किया:

जब मैं भूटान के एक अधिकारी से बात कर रही थी, तो उन्होंने बताया कि यह काम सर्वेक्षणों के जरिए किया जाता है। मुझे लगा कि सर्वेक्षणों में बहुत समय लगता है और यह खर्च के लिहाज से ज्यादा प्रभावी नहीं है। तब मैंने सोचा, हम एआई का इस्तेमाल क्यों न करें?

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शोध को स्कूलों तक पहुंचाना

रियोना अपने शोध के बारे में स्कूलों को बताने और बच्चों के साथ उसके संभावित उपयोग पर चर्चा करने भूटान लौटीं। उन्होंने अपने निष्कर्ष भूटान के सकल राष्ट्रीय खुशहाली केंद्र, राजधानी थिम्पू के स्कूलों और भूटान के राजा के सामने भी पेश किए।

इन प्रस्तुतियों ने उनके शोध को उस जगह से जोड़ा, जहां से इसकी प्रेरणा मिली थी। विद्यार्थियों के लिए इस विषय ने दो ऐसे विचारों को एक साथ रखा, जो अलग-अलग लग सकते हैं: कोई देश खुशहाली को कैसे समझता है और लोगों के जीवन की जानकारी व्यवस्थित करने में कंप्यूटर के साधन कैसे मदद कर सकते हैं।

उनके व्याख्यानों में मरीना बे सैंड्स में सिंगापुर विज्ञान सम्मेलन और नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में रोबोटिक्स, ऑटोमेशन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी शामिल थे। इन आयोजनों ने मॉडलिंग और सौंदर्य प्रतियोगिताओं के अलावा उन्हें एक और सार्वजनिक भूमिका दी।

रियोना ने एआई के इस्तेमाल में स्वतंत्र सोच को अहम बनाए रखने पर भी बात की है। अपनी पीढ़ी के लिए इस तकनीक के लाभ के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने इसे समय बचाने वाला साधन बताया, साथ ही युवाओं से खुद सोचना जारी रखने का आग्रह किया।

रियोना ने अपनी बात सरल शब्दों में रखी:

हम सभी को एक काम करना चाहिए: अपने दिमाग का इस्तेमाल जारी रखना। मुझे लगता है कि एआई पर बहुत ज्यादा निर्भर होना खतरनाक है। हमें इसका इस्तेमाल सिर्फ मदद के लिए करना चाहिए। लेकिन हर चीज की तरह, इसका भी संतुलित इस्तेमाल होना चाहिए।

एक खास दान वाली गुलाबी ड्रिंक

अक्टूबर में रियोना की चैरिटी गतिविधि उन्हें एक अलग जगह ले गई: ऑर्चर्ड रोड के टैंग प्लाजा में एक चाय काउंटर पर। प्रोजेक्ट पिंक के तहत उन्होंने स्थानीय ब्रांड ओरिजिन टी हाउस के साथ मिलकर रिरीज़ पिंक क्राउन तैयार की, जिसकी बिक्री से स्तन कैंसर जागरूकता माह को समर्थन मिला।

इस ड्रिंक की कीमत S$12.90 थी और बिक्री का 10% ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन को जाना था। इस कीमत पर हर ड्रिंक से तय हिस्सा S$1.29 बनता है। अभियान से कुल कितनी राशि दान हुई, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।

इसकी रेसिपी में गुलाब, लीची और स्ट्रॉबेरी के साथ मिल्क फोम, बेलुगा स्टर्जन कैवियार और खाने योग्य गुलाब की पंखुड़ियां शामिल थीं। अभियान में टॉपिंग को 15 साल के बेलुगा स्टर्जन से प्राप्त कैवियार बताया गया। रियोना ने अपने पसंदीदा रंगों और स्वादों को ध्यान में रखकर यह ड्रिंक तैयार की।

यह ड्रिंक 13 से 31 अक्टूबर, 2026 तक ओरिजिन टी हाउस, बी1-20 टैंग प्लाजा, 310 ऑर्चर्ड रोड पर बिक्री के लिए तय थी। रोजाना का समय सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक था। इससे जुड़ी प्रोजेक्ट पिंक फूलों की गाड़ी 13 से 15 अक्टूबर तक टैंग्स के लेवल 1 एट्रियम में लगी थी।

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स्तन कैंसर के लिए जुटाई गई रकम का इस्तेमाल

1997 में स्थापित ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन शुरुआती पहचान को बढ़ावा देता है और व्यावहारिक तथा भावनात्मक सहायता देता है। इसकी सेवाओं में सहायता समूह, हीलिंग थ्रू द आर्ट्स सत्र और मुफ्त विग उधार कार्यक्रम शामिल हैं।

यह संस्था कम आय वाली महिलाओं को कृत्रिम अंग और ब्रा खरीदने में सब्सिडी भी देती है। इसके ब्रेस्ट कैंसर सहायता केंद्र खू टेक पुआट अस्पताल, वुडलैंड्स हेल्थ और टैन टॉक सेंग अस्पताल में हैं। यह पंजीकृत चैरिटी और सार्वजनिक हित की संस्था है तथा अपने काम के लिए लोगों के दान पर निर्भर करती है।

ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन के मुख्य कार्यकारी जैकब सू ने कहा कि यह साझेदारी रोजमर्रा के मेलजोल के दौरान युवा महिलाओं को शुरुआती पहचान के बारे में सोचने के लिए प्रेरित कर सकती है।

"स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाने की शुरुआत हमेशा किसी बड़ी बातचीत से नहीं होती। कभी-कभी यह रोजमर्रा के छोटे-छोटे पलों से शुरू होती है, जो लोगों में जिज्ञासा जगाते हैं और उन्हें बात करने के लिए प्रेरित करते हैं," उन्होंने कहा।

रियोना ने इस अभियान को महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तीकरण से जोड़ा। लॉन्च के बयान में उन्होंने कहा:

ओरिजिन टी हाउस के साथ इस साझेदारी को लेकर मेरी उम्मीद है कि हर घूंट एक बातचीत शुरू करे, जागरूकता फैलाए और हमें याद दिलाए कि दयालुता के छोटे-से-छोटे काम भी कुछ असाधारण कर सकते हैं।

फैशन, विश्वविद्यालय और 18 साल की जिंदगी

रियोना न्यूयॉर्क, लंदन, मिलान और पेरिस फैशन वीक में रैंप पर चल चुकी हैं। उनके फैशन कार्य में हार्पर्स बाज़ार, वोग, एले, ग्राज़िया और ल'ऑफिसियल में छपना शामिल है। ग्राज़िया स्लोवेनिया के कवर पर आना भी उन्होंने अपने करियर का यादगार पड़ाव बताया।

उनकी सौंदर्य प्रतियोगिता की उपलब्धियों में मिस टीन लंदन 2024 और मिस टीन यूनिवर्स यूके में उपविजेता रहना शामिल है। कुछ परिचयात्मक लेख यूके के नतीजे को 2025 का बताते हैं, जबकि एशिया की जीत के साथ दी गई जीवनी में 2024 लिखा है।

अंतिम स्कूल वर्ष में यात्राओं के कारण व्यावहारिक मुश्किलें आईं। रियोना ने बताया कि फैशन वीक में शामिल होने के कारण वह उस साल का काफी समय स्कूल से दूर रहीं और उन्होंने ट्यूटर्स के साथ पढ़ाई की। चेल्टनहैम लेडीज़ कॉलेज से ए-लेवल पूरा करने के बाद उन्होंने यूसीएल के ग्लोबल बिजनेस स्कूल ऑफ हेल्थ में बिजनेस की पढ़ाई शुरू की।

उन्होंने 11 साल की उम्र में बोर्डिंग स्कूल जाना शुरू किया था। उन्हें याद है कि वह अपने माता-पिता से अनानास टार्ट और कुएह लैपिस जैसे सिंगापुरी नाश्ते लाने को कहती थीं, जबकि उनकी नानी परिचित खाना बनाने के लिए ब्रिटेन आती थीं। उन्होंने कहा कि इस अनुभव ने उन्हें अनुशासन सिखाया, हालांकि वह घर लौटने के दिन गिना करती थीं।

रियोना ने यह भी माना है कि अपनी व्यस्तताओं के बीच दोस्ती और किशोरावस्था के सामान्य अनुभवों के लिए समय निकालना दबाव भरा हो सकता है। उनके 18वें जन्मदिन पर दोस्त जापान और ब्रिटेन से आए थे। उन्होंने दोस्तों के साथ मिठाइयों, टेलर स्विफ्ट और वक्त बिताने की खुशी के बारे में भी बात की है। ताज के पीछे एक ऐसी छात्रा है, जो वयस्क जीवन की शुरुआत करते हुए यात्राओं, पढ़ाई और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना रही है।

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मुख्य बातें

  • 18 वर्षीय रियोना कृष्णन दिघे मिस टीन यूनिवर्स एशिया जीतने वाली पहली सिंगापुरी बनीं। उन्होंने 25 अक्टूबर को नोम पेन्ह में 2026 का खिताब जीता।
  • 30 से अधिक प्रतिभागियों वाली प्रतियोगिता में उन्होंने ऑनलाइन जनमत के जरिए मिस पॉपुलर चॉइस पुरस्कार भी जीता।
  • उनकी पहल बच्चों की शिक्षा और उस तक पहुंच पर केंद्रित थी, जबकि प्रतिभा प्रस्तुति में पारंपरिक पेरानाकन नृत्य शामिल था।
  • उनका चैरिटी कार्य 11 साल की उम्र में शुरू हुआ। उन्होंने बच्चों की उपशामक देखभाल और ग्रामीण शिक्षा के लिए S$57,000 से अधिक जुटाए हैं।
  • उन्होंने भूटान के सकल राष्ट्रीय खुशहाली ढांचे में प्राकृतिक भाषा प्रसंस्करण के इस्तेमाल पर दो साल शोध किया और अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए।
  • उनकी S$12.90 की प्रोजेक्ट पिंक ड्रिंक की बिक्री का 10%, यानी हर ड्रिंक से S$1.29, ब्रेस्ट कैंसर फाउंडेशन को दिया जाना तय था।
  • वह यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के ग्लोबल बिजनेस स्कूल ऑफ हेल्थ में बिजनेस की पढ़ाई कर रही हैं और चारों प्रमुख अंतरराष्ट्रीय फैशन वीक में रैंप पर चल चुकी हैं।
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