आग के पीछे के धन का पता लगाने की कोशिश में जांचकर्ता
इंडोनेशिया और सिंगापुर ने उन कंपनियों की जांच के लिए संयुक्त कार्यबल बनाने पर सहमति जताई है जिन पर धुंध फैलाने में योगदान देने का संदेह है। इसके तहत आग लगने वाली जगहों से मिले साक्ष्यों को दोनों देशों की सीमाओं के पार कंपनियों के संबंधों और वित्तीय गतिविधियों की जानकारी के साथ जोड़ा जाएगा।
विषय-सूची
- आग के पीछे के धन का पता लगाने की कोशिश में जांचकर्ता
- समझौते के लिए अब भी कर्मचारियों और संचालन की व्यवस्था जरूरी
- सिंगापुर जांच के अधिकार मजबूत करने की तैयारी में
- समुदायों के धुएं में सांस लेते समय इंडोनेशिया ने 71,000 कर्मियों को तैनात किया
- जली हुई जमीन के आंकड़े बढ़ते संकट का लेखा रखते हैं
- जांबी के मामले दिखाते हैं कि जिम्मेदारी की जांच कैसे हो रही है
- दो दिन की वार्ता में अगले कदम तय हुए
- हॉटलाइन से मतभेद सुलझाने में मदद मिलेगी
- ऊर्जा विवादों के बीच धुंध पर सहयोग
- मुख्य बातें
27 अक्टूबर, 2026 को जकार्ता में हुई वार्ता के बाद घोषित यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब सिंगापुर की राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी ने इंडोनेशिया की 10 कंपनियों को एहतियाती उपायों के नोटिस जारी किए हैं और सिंगापुर में स्थित 10 कंपनियों से जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं। इंडोनेशियाई अधिकारियों ने जंगल और भूमि में आग लगाने के मामलों में सैकड़ों लोगों और 50 से अधिक कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।
इंडोनेशिया के विदेश मंत्री अरमानाथा नासिर और सिंगापुर के विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन चाहते हैं कि यह कार्यबल उन जांचों को जोड़े जो अन्यथा अलग-अलग की जातीं। इसके प्रस्तावित काम में जानकारी साझा करना, वित्तीय खुफिया जानकारी जुटाना, सीमाओं के पार साक्ष्य इकट्ठा करना और संभावित रूप से संपत्ति वापस हासिल करना शामिल है।
अरमानाथा ने कहा कि सिंगापुर ने आग से जुड़ी कंपनियों के बारे में आंकड़े साझा करने की पेशकश की है। उन्होंने बताया कि प्रतिक्रिया में वित्तीय जांच क्यों शामिल होगी:
धुआं सीमाएं पार कर सकता है, तो पैसा भी। इसीलिए हमें इन कंपनियों के छोड़े धन के निशान का पीछा करना होगा।
जांचकर्ताओं के लिए इस निशान का पीछा करने का मतलब है यह जांचना कि आग लगाने के संदेह से जुड़े कारोबारों और लोगों के बीच पैसा कैसे आता-जाता है। वित्तीय खुफिया जानकारी वह सूचना है जिसका उपयोग इन लेन-देन को समझने के लिए किया जाता है। संपत्ति की वसूली का मतलब है गलत काम से जुड़ी संपत्ति या धन को वापस पाने या जब्त करने के लिए कानूनी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल करना।
व्यावहारिक उद्देश्य यह पता लगाना है कि आग लगने वाली गतिविधियों का निर्देश किसने दिया, उन्हें धन किसने मुहैया कराया या उनसे किसे लाभ हुआ। साथ ही, जमीन पर वास्तव में क्या हुआ, यह भी निर्धारित किया जाएगा। दोनों देश एक-दूसरे से मिली जानकारी के सहारे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में कार्रवाई करेंगे।
समझौते के लिए अब भी कर्मचारियों और संचालन की व्यवस्था जरूरी
बालाकृष्णन ने 28 अक्टूबर को कहा कि कार्यबल की संरचना और उसमें कर्मचारियों की नियुक्ति अभी तय नहीं हुई है। किसी भी सरकार ने काम शुरू होने की तारीख नहीं बताई, हालांकि दोनों ने शीघ्र आगे बढ़ने का वादा किया।
सिंगापुर के विदेश मंत्री ने कहा कि शीर्ष राजनीतिक स्तर का समर्थन इस समझौते को एक कार्यशील तंत्र बनाने में मदद करेगा:
दोनों देशों के वरिष्ठ स्तरों पर प्रतिबद्धता को देखते हुए, हम यह काम जल्दी, तुरंत और प्रभावी ढंग से पूरा करेंगे।
इस कार्यबल का मकसद उन कमियों को दूर करने में मदद करना है जो तब पैदा होती हैं जब कोई कंपनी, उसके कारोबारी साझेदार, उसका वित्त और जांच के दायरे वाली जमीन अलग-अलग देशों में हों। साक्ष्य साझा करने से अधिकारी मामले के इन हिस्सों को जोड़ सकते हैं और साथ ही अपने-अपने कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं।
सिंगापुर ने कंपनियों के आपसी संबंधों और आपूर्ति शृंखलाओं की जांच के लिए एक विशेषज्ञ समिति भी गठित की है। आपूर्ति शृंखला उन कारोबारों का नेटवर्क है जो किसी उत्पाद के उत्पादन और बिक्री में शामिल होते हैं। इसकी जांच से यह समझने में मदद मिल सकती है कि जमीन, कच्चे माल और तैयार माल से जुड़े कारोबार आपस में कैसे जुड़े हैं।
सिंगापुर जांच के अधिकार मजबूत करने की तैयारी में
सिंगापुर ने 28 अक्टूबर को अपनी सीमा-पार धुंध प्रदूषण रोकथाम अधिनियम में संशोधन की योजना घोषित की, ताकि कार्रवाई मजबूत हो और कंपनियों की संदिग्ध संलिप्तता की जांच आसान बने। सिंगापुर में स्थित कंपनियों से जानकारी और दस्तावेज मांगने के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी पहले से ही इसी कानून का इस्तेमाल कर रही है।
एजेंसी की कार्रवाई में दो समूह शामिल हैं: इंडोनेशिया की 10 कंपनियां, जिन पर सिंगापुर की धुंध में योगदान देने वाली आग में शामिल होने का संदेह है, और सिंगापुर में स्थित 10 कंपनियां, जिनसे उनकी गतिविधियों और कारोबारी संबंधों के बारे में जानकारी देने को कहा गया है। इन अनुरोधों के तहत कारोबारी रिकॉर्ड को आग लगने की जगहों से जुड़े साक्ष्यों के साथ देखा जा रहा है।
बालाकृष्णन ने कहा कि सिंगापुर जिम्मेदार कारोबारों के खिलाफ कानूनी, नियामकीय और व्यापक आर्थिक उपाय करने को तैयार है, जिनमें देश में स्थित कारोबार भी शामिल हैं। उन्होंने सरकार की प्रस्तावित प्रतिक्रिया को इस तरह बताया:
हर एक कानूनी और नियामकीय अधिकार का इस्तेमाल
प्रस्तावित कानूनी संशोधन, विशेषज्ञ समिति और द्विपक्षीय कार्यबल एक ही जांच के अलग-अलग पहलुओं से जुड़े हैं: रिकॉर्ड हासिल करना, कारोबारी संबंधों को समझना और सीमाओं के पार साक्ष्य साझा करना। नोटिस और दस्तावेजों के अनुरोध जांच के दायरे में आई कंपनियों से जुड़े हैं; जिम्मेदारी का निर्धारण संबंधित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत होगा।
समुदायों के धुएं में सांस लेते समय इंडोनेशिया ने 71,000 कर्मियों को तैनात किया
इंडोनेशिया ने प्रमुख प्रांतों में, खास तौर पर सुमात्रा और कालीमंतन में, जमीन पर काम करने वाले करीब 71,000 कर्मियों और 51 हवाई इकाइयों को तैनात किया है। अरमानाथा ने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने जंगल और भूमि की आग पर काबू पाने को राष्ट्रीय प्राथमिकता बनाया है।
आग बुझाने के अभियानों में पानी गिराने वाले विमान और मौसम में बदलाव की तकनीक शामिल हैं। पानी गिराने वाले विमान आग पर पानी डालते हैं। मौसम में बदलाव की तकनीक का उद्देश्य अनुकूल वायुमंडलीय स्थितियां होने पर बारिश को प्रोत्साहित करना है।
एल नीनो से जुड़ी अधिक गर्म और शुष्क परिस्थितियों ने प्रतिक्रिया को जटिल बना दिया है। एल नीनो एक प्राकृतिक जलवायु पैटर्न है जो बड़े क्षेत्रों में बारिश और तापमान को बदल सकता है। पश्चिमी इंडोनेशिया के जंगलों और पीटलैंड में आग अक्सर खेती के लिए जमीन साफ करने के उद्देश्य से लगाई जाती है; इससे उठा धुआं पड़ोसी देशों तक पहुंच सकता है।
बालाकृष्णन ने संयुक्त बयान में मौसम की स्थितियों और आग लगाने वाली गतिविधियों के बीच अंतर स्पष्ट किया:
एल नीनो एक प्राकृतिक घटना है, लेकिन जंगल और भूमि को जलाना मानवीय गतिविधियों का नतीजा है।
आग के सबसे करीब रहने वाले इंडोनेशियाई समुदायों को प्रदूषण का सबसे अधिक सामना करना पड़ता है। घनी धुंध ने इंडोनेशियाई बोर्नियो के कुछ हिस्सों में आसमान को नारंगी कर दिया है, जबकि सिंगापुर, मलेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के अन्य हिस्सों तक फैले धुएं ने रोजमर्रा की जिंदगी बाधित की है और स्कूल बंद करने पड़े हैं।
अरमानाथा ने प्रभावित इंडोनेशियाई क्षेत्रों के समुदायों को हो रहे तत्काल नुकसान का वर्णन किया:
हमारे किसान, हमारे बच्चे और सुमात्रा व कालीमंतन में हमारे परिवार ही हैं जिन्हें सबसे पहले धुएं में सांस लेनी पड़ती है।
जली हुई जमीन के आंकड़े बढ़ते संकट का लेखा रखते हैं
इंडोनेशिया के वानिकी मंत्रालय ने जनवरी से जुलाई के बीच 2,020 वर्ग किलोमीटर से अधिक जमीन जलने का रिकॉर्ड दर्ज किया। नुसंतारा एटलस परियोजना ने अगस्त के अंत तक करीब 8,960 वर्ग किलोमीटर और सितंबर तक के नौ महीनों में 19 लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन जलने का अनुमान लगाया।
सितंबर का अनुमान 19,000 वर्ग किलोमीटर से अधिक के बराबर है, क्योंकि एक वर्ग किलोमीटर में 100 हेक्टेयर होते हैं। ये आंकड़े अलग-अलग अवधि के हैं और अलग-अलग निगरानी संस्थाओं से आए हैं, इसलिए बताए गए पैमाने को समझने के लिए पाठकों को हर आंकड़े की तारीख और उसे जारी करने वाले संगठन, दोनों पर ध्यान देना चाहिए।
बालाकृष्णन ने कहा कि सिंगापुर में हाल की धुंध से निवासियों में चिंता, बेचैनी और गुस्सा पैदा हुआ। उन्होंने सरकारी एजेंसियों और समुदाय के स्वयंसेवकों के काम का भी जिक्र किया, जो मास्क बांट रहे हैं और संवेदनशील लोगों की मदद कर रहे हैं।
मंत्रियों ने कहा कि कार्रवाई सीमा के दोनों ओर जनस्वास्थ्य की रक्षा का हिस्सा है। दमकलकर्मी तत्काल संकट से निपट रहे हैं, जबकि जांचकर्ता आग में योगदान देने के संदेह वाले लोगों और कारोबारों की पड़ताल कर रहे हैं।
जांबी के मामले दिखाते हैं कि जिम्मेदारी की जांच कैसे हो रही है
सुमात्रा के जांबी प्रांत में प्रशासनिक दंड लगाए जाने के बावजूद पुलिस दो कंपनियों से जुड़े आपराधिक मामलों की कार्यवाही जारी रखे हुए है। प्रांतीय पुलिस प्रमुख, महानिरीक्षक विडोडो ने कहा कि जांचकर्ता कंपनी अधिकारियों की भूमिका और स्थानीय निवासियों तथा अन्य पक्षों के साथ संभावित संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं।
जांबी पुलिस का विशेष अपराध निदेशालय समहुतानी और पीटी रेस्टोरासी एकोसिस्टम इंडोनेशिया की जांच कर रहा है, जिसे रेकी (REKI) के नाम से जाना जाता है। विडोडो ने कहा कि जांचकर्ता कंपनियों के भीतर अलग-अलग व्यक्तियों की जिम्मेदारी तय करेंगे:
कंपनी के सभी अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी और हम तय करेंगे कि अंततः जिम्मेदार कौन है। प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका तय की जाएगी और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी।
प्रशासनिक दंड वे उपाय हैं जिन्हें सरकारी नियामक लागू करते हैं। आपराधिक कार्यवाही एक अलग कानूनी प्रक्रिया है, जिसके तहत यह तय किया जाता है कि अपराध हुआ या नहीं और किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। विडोडो के बयान का मतलब है कि प्रशासनिक कार्रवाई से पुलिस जांच खत्म नहीं हुई है।
वानिकी मंत्रालय पूर्व पीटी लोंतियानाकुद कोला, जिसे एलकेयू (LKU) के नाम से जाना जाता है, और पीटी मुगित्रिमान इंटरनेशनल की अलग से जांच कर रहा है। मंत्रालय की प्रवक्ता योला मेलिसा ने कहा कि जांचकर्ता दोनों कंपनियों के स्थलों का दौरा कर चुके हैं।
जांबी की वनाग्नि कार्यबल ने 71 प्रारंभिक पूछताछ की सूचना दी। इनमें से 20 औपचारिक जांच के चरण तक पहुंचीं और 19 लोगों को संदिग्ध घोषित किया गया। यानी औपचारिक जांच की संख्या प्रारंभिक पूछताछ की कुल संख्या का करीब 28 प्रतिशत है। वानिकी मंत्री राजा जूली अंतोनी ने भी 27 अक्टूबर को सुल्तान थाहा हवाई अड्डे पर आग से निपटने और केंद्र सरकार की सहायता पर हुई बैठक की अध्यक्षता की।
दो दिन की वार्ता में अगले कदम तय हुए
कार्यबल समझौते के बाद सर्वोच्च राजनीतिक स्तर पर समर्थन का वादा किया गया। बालाकृष्णन ने 28 अक्टूबर को कहा कि सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग और राष्ट्रपति प्रबोवो ने बातचीत की और धुंध सहित द्विपक्षीय चुनौतियों से निपटने की साझा प्रतिबद्धता जताई।
मुख्य घटनाक्रम:
- 27 अक्टूबर: बालाकृष्णन और अरमानाथा ने जकार्ता में मुलाकात की और संयुक्त धुंध कार्यबल तथा समर्पित संचार माध्यम स्थापित करने पर सहमति जताई।
- 27 अक्टूबर: वानिकी मंत्री राजा जूली अंतोनी ने जांबी में आग बुझाने और केंद्र सरकार की सहायता पर बैठक की अध्यक्षता की।
- 28 अक्टूबर: बालाकृष्णन ने कार्यबल पर तुरंत काम शुरू करने का वादा किया और कहा कि कर्मचारियों तथा उसकी संरचना को अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
- 28 अक्टूबर: सिंगापुर ने सीमा-पार धुंध प्रदूषण रोकथाम अधिनियम को मजबूत करने की योजना घोषित की।
- 2027: इंडोनेशिया और सिंगापुर राजनयिक संबंधों के 60 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाएंगे और सिंगापुर आसियान की अध्यक्षता करेगा।
अगले व्यावहारिक कदमों में कार्यबल के सदस्यों को नियुक्त करना, जानकारी साझा करने की कार्यप्रणाली बनाना और सिंगापुर के प्रस्तावित कानूनी बदलावों को आगे बढ़ाना शामिल है। इन्हीं कदमों से तय होगा कि राजनीतिक समझौता किस तरह समन्वित जांच में बदलेगा।
हॉटलाइन से मतभेद सुलझाने में मदद मिलेगी
इंडोनेशिया और सिंगापुर ने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए एक समर्पित हॉटलाइन बनाने पर भी सहमति जताई। इस माध्यम का उद्देश्य उन्हें मतभेदों पर सीधे चर्चा करने में मदद देना है, खासकर ऐसे मामलों में जिनका असर दोनों देशों के लोगों और कारोबारों पर पड़ता हो।
बालाकृष्णन ने कहा कि चिंताएं बताने और समाधान खोजने के लिए सीधी बातचीत जरूरी है। उन्होंने धुंध को ऐसी समस्या बताया जिसने दक्षिण-पूर्व एशिया को करीब तीन दशकों से प्रभावित किया है और कहा कि यह अवधि बहुत लंबी हो चुकी है।
हॉटलाइन और कार्यबल के काम अलग-अलग हैं। हॉटलाइन वरिष्ठ अधिकारियों को मतभेदों और तत्काल चिंताओं से निपटने का सीधा माध्यम देती है। कार्यबल का उद्देश्य कंपनियों, साक्ष्यों और वित्तीय गतिविधियों पर विस्तृत सहयोग को बढ़ावा देना है।
बालाकृष्णन ने स्वीकार किया कि पड़ोसी देशों की प्राथमिकताएं और तरीके अलग हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इंडोनेशियाई नेताओं के साथ उनकी चर्चाओं से रचनात्मक रास्ते निकले हैं, जिनमें से कुछ पर अमल भी शुरू हो गया है। धुंध पर हुआ समझौता इस कूटनीतिक संवाद के साथ एक साझा जांच तंत्र भी स्थापित करता है।
ऊर्जा विवादों के बीच धुंध पर सहयोग
जकार्ता में हुई वार्ता ऊर्जा आपूर्ति पर मतभेदों के बीच भी हुई। इंडोनेशिया ने 24 अक्टूबर से सिंगापुर को प्राकृतिक गैस का निर्यात प्रतिदिन 31 मिलियन मानक घन फुट कम करना शुरू किया। यह पाइपलाइन से होने वाले उसके गैस निर्यात का करीब 8 प्रतिशत है। इसका मकसद बाटम, बिंतान और सुमात्रा की घरेलू बिजली जरूरतों को प्राथमिकता देना है।
सिंगापुर के ऊर्जा बाजार प्राधिकरण ने कहा कि 18 दिनों में यह कटौती प्रतिदिन 17 अरब ब्रिटिश थर्मल यूनिट थी, जो सिंगापुर की दैनिक गैस मांग के 2 प्रतिशत से कम है। प्राधिकरण ने कहा कि आपूर्ति पर्याप्त थी और जरूरत पड़ने पर उसका गैस आयातक अधिक तरलीकृत प्राकृतिक गैस हासिल करने को तैयार था।
वोंग ने 25 अक्टूबर को कहा कि पक्षों को अपनी व्यावसायिक प्रतिबद्धताओं का सम्मान करना चाहिए। इंडोनेशियाई मंत्री बाहलिल लाहादालिया ने कहा कि कटौती अनुबंध की सीमाओं के भीतर थी। इसके बाद बालाकृष्णन ने कहा कि दोनों देश अनुबंधों का सम्मान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इंडोनेशिया से गैस आयात के मौजूदा अनुबंध 2028 के अंत में समाप्त हो रहे हैं।
इंडोनेशिया बिजली निर्यात की योजनाओं की भी समीक्षा कर रहा है और कीमतों पर बातचीत का समाधान नहीं निकला है। सिंगापुर ने कुल 3 गीगावॉट क्षमता वाली इंडोनेशिया की बिजली आयात परियोजनाओं को सशर्त लाइसेंस दिए हैं।
आर्थिक संबंधों के चलते दोनों सरकारों के पास कामकाजी सहयोग बनाए रखने के मजबूत कारण हैं। 2014 से सिंगापुर इंडोनेशिया में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का सबसे बड़ा स्रोत रहा है; 2025 में उसने 17.4 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश किया। जुलाई में नेताओं की बैठक में वोंग और प्रबोवो ने ऊर्जा, रक्षा, डिजिटल गतिविधियों और पर्यावरण समेत कई क्षेत्रों में 26 समझौतों पर हस्ताक्षर होते देखे।
इसलिए धुंध पर बना कार्यबल व्यापार और निवेश संबंध बनाए रखते हुए विवादों को संभालने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। धुएं में सांस ले रहे लोगों के लिए इसका सीधा उद्देश्य अधिक सीमित है: अधिकारियों को आग के जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में मदद देना।
मुख्य बातें
- इंडोनेशिया और सिंगापुर ने 27 अक्टूबर, 2026 को धुंध में कंपनियों की संलिप्तता की जांच के लिए संयुक्त कार्यबल बनाने पर सहमति जताई।
- प्रस्तावित काम में वित्तीय खुफिया जानकारी, सीमाओं के पार साक्ष्य साझा करना और संभावित रूप से संपत्ति वापस हासिल करना शामिल है।
- सिंगापुर ने इंडोनेशिया की 10 कंपनियों को नोटिस जारी किए हैं और सिंगापुर में स्थित 10 कंपनियों से दस्तावेज मांगे हैं।
- इंडोनेशिया ने जमीन पर काम करने वाले करीब 71,000 कर्मियों और 51 हवाई इकाइयों को तैनात किया है; सुमात्रा और कालीमंतन में बड़े अभियान चल रहे हैं।
- जांबी पुलिस वानिकी मंत्रालय के अलग-अलग मामलों के साथ-साथ कंपनियों की जांच जारी रखे हुए है।
- कार्यबल में कर्मचारियों की नियुक्ति और उसकी संरचना अभी तय हो रही है, जबकि दोनों सरकारों ने इसे जल्द लागू करने का वादा किया है।
- मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की हॉटलाइन से धुंध और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर पड़ोसियों के बीच सीधा संवाद कायम रहेगा।






