अस्पताल का कहना है, कक्ष प्रभारी के निर्देश पर लगाया गया था कैमरा
बांदा आचेह के डॉ. ज़ैनोएल आबिदिन क्षेत्रीय सामान्य अस्पताल के कर्मचारियों के चेंजिंग रूम में सफेद एयर फ्रेशनर के खोल के भीतर छिपा कैमरा सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को अस्पताल प्रबंधन को शिकायत मिलने के बाद हटा दिया गया। अस्पताल की सेवा उप निदेशक डॉ. नोविता ने कहा कि उपकरण कक्ष प्रभारी के निर्देश पर लगाया गया था।
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नोविता ने कहा कि कैमरा हटाए जाने के समय चालू नहीं था, हालांकि उसमें बिजली आ रही थी। उन्होंने कैमरा लगाने की वजह कमरे में सामान बार-बार गायब होने की घटनाओं को बताया और कहा कि परिस्थितियों की जांच अब भी जारी है।
इसका पता चलने के बाद एक वीडियो सामने आया, जिसमें खोल को खोला जाता है और भीतर बिजली के तार से जुड़ा कैमरा दिखाई देता है। वीडियो में सुनाई देने वाली एक महिला ने कहा कि वह पहले उस कमरे में कपड़े बदल चुकी थी। दीवार पर लगी वस्तु के भीतर क्या था, यह जानकर उसने हैरानी जताई।
अस्पताल, जिसे आम तौर पर RSUDZA के नाम से जाना जाता है, ने कैमरे की मौजूदगी और उसे हटाए जाने की पुष्टि की। उसके बयान से अस्पताल के भीतर लिए गए एक फैसले पर सवाल उठते हैं: कैमरा लगाने का निर्देश किसने दिया, कर्मचारियों के चेंजिंग रूम को क्यों चुना गया और उपकरण का इस्तेमाल कैसे हुआ।
इस कमरे का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों के लिए सबसे तात्कालिक चिंता निजी है। जिस जगह वे कपड़े उतारते और बदलते थे, वहां एक कैमरा छिपा हुआ था। सामान गायब होने की बात कैमरा लगाने का बताया गया कारण है; जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसके वहां रहने के दौरान क्या हुआ।
खोज का वीडियो क्या दिखाता है
यह वीडियो इंस्टाग्राम अकाउंट @cutbul_asli के जरिए प्रसारित हुआ और मंगलवार, 27 अक्टूबर को व्यापक चर्चा में आया। इसमें चेंजिंग रूम की दीवार पर लगा सफेद ऑटोमैटिक एयर फ्रेशनर का खोल दिखता है। उसका अगला हिस्सा खोलने पर भीतर कैमरा और बिजली का कनेक्शन दिखाई देता है।
खोल अहम है, क्योंकि उससे उपकरण कमरे में लगी किसी सामान्य वस्तु जैसा दिखता था। कपड़े बदलने के लिए आने वाला व्यक्ति एयर फ्रेशनर तो देख सकता था, लेकिन यह नहीं जान पाता कि उसके भीतर कैमरा है। रिकॉर्डिंग में महिला की प्रतिक्रिया इसी चिंता को दर्शाती है: उसने कहा कि वह पहले वहां कपड़े बदल चुकी थी।
खोज की रिकॉर्डिंग कर रहे एक व्यक्ति ने यह भी कहा कि मामले की सूचना मुख्य नर्स को दी जाएगी। इसके बाद अस्पताल ने कहा कि उसे शिकायत मिली थी और उसने कैमरा हटा दिया। अस्पताल के बयान में महिला या वीडियो रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति की पहचान नहीं बताई गई है, इसलिए उनकी टिप्पणियों को रिकॉर्डिंग में सुनाई देने वाले कथनों के रूप में ही समझना चाहिए।
पूरे मामले में जिस जगह का जिक्र है, वह कर्मचारियों का चेंजिंग रूम है। अस्पताल प्रबंधन ने इसे प्रसूति वार्ड में दाइयों का कमरा बताया। इस खोज से स्वास्थ्य संस्थान में निजता को लेकर व्यापक चिंता पैदा हुई, लेकिन इस खास कमरे का इस्तेमाल करने वाले लोगों की पहचान अस्पताल के कर्मचारियों के रूप में की गई।
नोविता ने बताया, इंस्टॉलेशन का निर्देश किसने दिया
सेवा उप निदेशक की भूमिका में बोलते हुए नोविता ने कैमरा लगाने के लिए कक्ष प्रभारी के निर्देशों को जिम्मेदार बताया। इंडोनेशियाई से अनूदित उनका बयान था:
इसे कक्ष प्रभारी के निर्देश पर लगाया गया था।
उनके बयान से जांच के लिए प्रबंधन के एक खास फैसले की पहचान होती है। प्रभारी का निर्देश और कैमरे को भौतिक रूप से लगाना, इस प्रक्रिया के अलग-अलग हिस्से हैं: किसी को कमरे में कैमरा लगाने के लिए कहना एक कार्रवाई है, जबकि उपकरण लगाना और उसे बिजली से जोड़ना दूसरी कार्रवाइयां हैं।
नोविता ने कैमरा लगाने की बताई गई वजह भी बताई। इंडोनेशियाई से अनूदित अपने दूसरे बयान में उन्होंने कहा:
वजह यह थी कि उस कमरे में सामान बार-बार गायब हो रहा था और इसकी जांच अब भी जारी है।
सामान बार-बार गायब होने से उस चेंजिंग एरिया में निजी वस्तुएं रखने वाले कर्मचारी प्रभावित होते। अस्पताल की जांच अब सामान की इस बताई गई सुरक्षा-संबंधी समस्या और उस जगह छिपा कैमरा लगाने के फैसले, जहां कर्मचारी कपड़े बदलते थे, दोनों पर केंद्रित है। नोविता ने सामान गायब होने की घटनाओं को जांच के दायरे में आने वाली वजह बताया और कहा कि जांच अभी जारी है।
RSUDZA के निदेशक डॉ. मुहाज़र हारुन ने कहा कि CCTV लगाने का फैसला अस्पताल नेतृत्व की नीति नहीं था। उन्होंने कहा कि अस्पताल में निगरानी उपकरण लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय और उनकी मंजूरी जरूरी है। इस प्रक्रिया में मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा, गोपनीयता और निजता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
प्रबंधन ने कहा कि CCTV लगाने और वीडियो प्रसारित करने में शामिल लोगों पर उसने प्रतिबंध लगाए हैं। यह मानक संचालन प्रक्रियाओं और समन्वय संबंधी आवश्यकताओं के पालन की आंतरिक समीक्षा का हिस्सा है। मुहाज़र ने कहा कि घटना की पुनरावृत्ति रोकने, निजता की रक्षा करने और पेशेवर देखभाल जारी रखने के लिए आंतरिक समीक्षा और सुधार का काम जारी है।
बिजली का कनेक्शन और रिकॉर्डिंग अलग-अलग सवाल क्यों हैं
नोविता ने कहा कि कैमरा हटाए जाने के समय वह चालू नहीं था, लेकिन उसमें बिजली आ रही थी। ये दोनों स्थितियां एक साथ हो सकती हैं: किसी उपकरण में बिजली हो सकती है, जबकि उसकी रिकॉर्डिंग सुविधा बंद हो या किसी अन्य कारण से काम न कर रही हो।
कैमरे का बिजली कनेक्शन उसे काम करने के लिए ऊर्जा देता है। रिकॉर्डिंग एक अलग प्रक्रिया है, जो तस्वीरें कैद करके सहेजती है। उपकरण के प्रकार के आधार पर तस्वीरें कैमरे में ही सहेजी जा सकती हैं या किसी अन्य सिस्टम में भेजी जा सकती हैं। अस्पताल ने हटाते समय कैमरे की स्थिति बताई है, जबकि उससे पहले उसका संचालन जांच के दायरे में है।
अस्पताल ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया कि कैमरा कब लगाया गया, वह कितने समय तक वहां रहा, क्या उसने कभी रिकॉर्डिंग की या तस्वीरें भेजीं, क्या कोई फुटेज मौजूद है या उस तक किसकी पहुंच थी। उसने कक्ष प्रभारी का नाम, इंस्टॉलेशन करने वाले व्यक्ति की पहचान या जांच के नतीजे आने की तारीख भी नहीं बताई है।
कर्मचारियों के लिए ये जानकारियां यह स्पष्ट करेंगी कि उपकरण कितने समय तक वहां मौजूद था और क्या कपड़े बदलते लोगों की तस्वीरें कैद हुई थीं। तकनीकी जांच में उपकरण की कार्यक्षमता और उससे जुड़े किसी स्टोरेज की पड़ताल करनी होगी। इसके साथ ही अस्पताल को कैमरा लगाने के फैसले की भी समीक्षा करनी होगी।
घटनाक्रम
अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताई गई तारीखों और वीडियो के प्रसार से पता चलता है कि ऑनलाइन व्यापक चर्चा शुरू होने से पहले कैमरा हटा दिया गया था। इसके बाद लोगों का ध्यान अस्पताल की ओर से दी गई सफाई पर गया।
- 26 अक्टूबर 2026 से पहले: कर्मचारियों के चेंजिंग रूम में एयर फ्रेशनर के खोल के भीतर कैमरा लगाया गया। नोविता ने कहा कि इसे कक्ष प्रभारी के निर्देश पर लगाया गया था।
- सोमवार, 26 अक्टूबर: नोविता के अनुसार, अस्पताल प्रबंधन को शिकायत मिली और उसने कैमरा हटा दिया।
- मंगलवार, 27 अक्टूबर: खोज का वीडियो व्यापक रूप से प्रसारित हुआ। कक्ष प्रभारी के निर्देश और सामान गायब होने की घटनाओं के बारे में नोविता की सफाई सार्वजनिक हुई।
- बुधवार, 28 अक्टूबर: आगे आई खबरों में अस्पताल का बयान दोहराया गया कि उपकरण हटा दिया गया है और परिस्थितियों की जांच जारी है।
यह घटनाक्रम कर्मचारियों के लिए अहम दो बातों को अलग करता है: उपकरण को कमरे से हटाना और यह पता लगाना कि हटाए जाने से पहले क्या हुआ। प्रबंधन ने पहली कार्रवाई की पुष्टि की है। जांच में कैमरा लगाने से पहले लिए गए फैसलों और उसके इस्तेमाल की पड़ताल होगी।
जांच का केंद्र कर्मचारियों की निजता
चेंजिंग रूम का इस्तेमाल करने वाले कर्मचारियों के पास निजता की अपेक्षा करने का व्यावहारिक कारण था: वे वहां कपड़े बदलने आते थे। रोजमर्रा की वस्तु के भीतर कैमरा छिपाए जाने से कमरे का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति के लिए उसे पहचानना मुश्किल हो गया। इससे यह सवाल और अहम हो जाता है कि इंस्टॉलेशन को मंजूरी और निगरानी कैसे दी गई।
सोशल मीडिया पर आई टिप्पणियों में भी यही चिंता दिखी। कुछ लोगों ने जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने और तकनीकी कर्मचारियों से पूछताछ की मांग की। अन्य लोगों ने दूसरी जगहों पर भी ऐसे उपकरणों की जांच करने को कहा। ये टिप्पणियां व्यापक कार्रवाई की मांग थीं, अस्पताल की जांच के निष्कर्ष नहीं।
सामान गायब होने की बताई गई समस्या के बारे में भी ठोस जानकारी देना जरूरी है। यह पता लगाने से कि कौन-सा सामान गायब हुआ था, इसकी शिकायत किसने की और जवाब के तौर पर कैमरा लगाने का फैसला कैसे लिया गया, नोविता द्वारा बताए गए निर्णय को समझने में मदद मिलेगी। उपकरण की जांच से उसके संचालन और उससे कैद हुई तस्वीरों से जुड़े अलग सवालों के जवाब मिलेंगे।
अस्पताल प्रबंधन ने कहा है कि वह मामले की जांच कर रहा है। संबंधित कर्मचारियों के लिए उपयोगी नतीजा यह होगा कि साफ तौर पर बताया जाए कि उपकरण को मंजूरी किसने दी, उसका इस्तेमाल कैसे हुआ और किसी भी तस्वीर का क्या हुआ। कैमरा हटाने से चेंजिंग रूम में उसकी मौजूदगी खत्म हुई; जांच में उस पूरी अवधि का हिसाब देना होगा, जब वह वहां छिपा हुआ था।
मुख्य बातें
- बांदा आचेह के RSUDZA ने 26 अक्टूबर 2026 को कर्मचारियों के चेंजिंग रूम से छिपा कैमरा हटाया।
- यह उपकरण दीवार पर लगे सफेद एयर फ्रेशनर के खोल के भीतर छिपा था।
- सेवा उप निदेशक डॉ. नोविता ने कहा कि कक्ष प्रभारी ने कैमरा लगाने का निर्देश दिया था।
- निदेशक डॉ. मुहाज़र हारुन ने कहा कि कैमरा लगाना अस्पताल नेतृत्व की नीति नहीं थी और निगरानी उपकरण लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय तथा उनकी मंजूरी आवश्यक है।
- प्रबंधन ने कहा कि CCTV लगाने और वीडियो प्रसारित करने में शामिल लोगों पर उसने प्रतिबंध लगाए हैं।
- नोविता ने सामान बार-बार गायब होने को कैमरा लगाने की बताई गई वजह बताया। परिस्थितियों की जांच अब भी जारी है।
- उन्होंने कहा कि कैमरा हटाते समय चालू नहीं था, लेकिन बिजली से जुड़ा हुआ था।
- अस्पताल ने अभी तक उपकरण के पहले के संचालन, किसी भी रिकॉर्डिंग या उस तक पहुंच रखने वाले लोगों के बारे में जानकारी नहीं दी है।






