आपातकालीन कॉल से सामने आई बचाव अभियान की तस्वीर
20 अक्टूबर को सुबह करीब 11:55 बजे, सियोल के योक्सम-दोंग में आग लगने की सूचना देने वाला एक व्यक्ति एक साथ दो काम कर रहा था: आपातकालीन सेवाओं से अंदर फंसे लोगों को बचाने की गुहार लगा रहा था और आसपास मौजूद लोगों को बाहर निकलने तथा सावधान रहने के लिए चिल्ला रहा था। करीब एक मिनट पहले, एक अन्य कॉलर ने आपातकालीन ऑपरेटर को बताया था कि किसी ने आग लगाई है और बाहर निकलना संभव नहीं है।
विषय-सूची
- आपातकालीन कॉल से सामने आई बचाव अभियान की तस्वीर
- रेस्तरां मालिक ने खिड़की पर दो लोगों को देखा
- डिलीवरी राइडर और पिज्जा कर्मचारी ने रास्ता खुलवाया
- आपातकालीन कॉल में क्या दर्ज हुआ
- दो इमारतें और 19 घायल
- अदालत ने हिरासत का आदेश क्यों दिया
- संदिग्ध के दावों के पीछे पेटेंट विवाद
- पुलिस जांच रही है कि क्या किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाया गया
- मुख्य बातें
गंगनम जिले की दो इमारतों में हुए हमलों में 19 लोग घायल हुए, जिनमें पांच गंभीर और 14 मामूली रूप से घायल थे। एक व्यक्ति को दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में अस्पताल ले जाया गया, यानी उसका दिल प्रभावी ढंग से रक्त पंप करना बंद कर चुका था।
दक्षिण कोरिया के अग्निशमन और बचाव आपातकालीन नंबर 119 पर आई कॉल के प्रतिलेख 24 अक्टूबर को डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद ली सांग-सिक के कार्यालय ने जारी किए। उनके कार्यालय ने ये रिकॉर्ड राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी से हासिल किए थे। आपातकालीन कॉल के साथ-साथ, आसपास के कारोबारियों के बयानों से पता चलता है कि आम लोगों ने दमकलकर्मियों को फंसे लोगों का पता लगाने और घटनास्थल तक पहुंचने में मदद की।
69 वर्षीय सोंग इन-हुई ने 30 लोगों के लिए खाना तैयार करना रोक दिया, रसोई की गैस बंद की और मदद की पुकार सुनकर बाहर चली गईं। उनके बेटे ने दमकलकर्मियों को सीढ़ी लगाने में मदद की। सड़क पर, एक पिज्जा दुकान के कर्मचारी और डिलीवरी करने वाली एक महिला ने आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता बनाने के वास्ते यातायात को दिशा दी।
आग लगाने के आरोप में 70 वर्ष के एक व्यक्ति को 22 अक्टूबर को जारी अदालत के वारंट के तहत हिरासत में लिया गया। पुलिस इस बात की जांच करते हुए हत्या के प्रयास का अतिरिक्त आरोप लगाने पर विचार कर रही है कि क्या उसने हमलों से पहले किसी खास कर्मचारी को तलाशा था।
रेस्तरां मालिक ने खिड़की पर दो लोगों को देखा
सोंग 2012 से शिनम्योंग बिल्डिंग के पास जॉकबल रेस्तरां चला रही हैं, जहां कोरियाई व्यंजन में सूअर के पके हुए खुर परोसे जाते हैं। दोपहर के बड़े ऑर्डर की तैयारी के दौरान बाहर से दमकल की गाड़ियां गुजरीं। पहले तो उन्होंने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, क्योंकि इलाके में आपातकालीन वाहनों का दिखना आम बात थी।
मदद की एक पुकार ने उनका ध्यान खींचा। गैस बंद करके रेस्तरां से बाहर निकलने के बाद, सोंग ने पड़ोसी इमारत की खिड़की से दो लोगों को बचाव के लिए पुकारते देखा। वह मुख्य सड़क पर गईं और दमकलकर्मियों को बताया कि पीछे की ओर लोग फंसे हैं।
सोंग ने बाद में बताया कि जब उन्होंने उन लोगों को देखा, तब आसपास कोई और नहीं था। उन्होंने उनके परिवारों के बारे में सोचा और उन्हें लगा कि बचावकर्मियों को उनका ठिकाना बताना उनकी जिम्मेदारी है।
रेस्तरां में उनके साथ काम करने वाले उनके बेटे ने दमकलकर्मियों को बचाव की सीढ़ी लगाने में मदद की। इसके बाद दमकलकर्मी इमारत में दाखिल हुए और दोनों लोगों को बाहर निकाला। सोंग की भूमिका उनकी जगह की पहचान कर बचाव अभियान चला रहे दलों का ध्यान वहां दिलाने की थी।
डिलीवरी राइडर और पिज्जा कर्मचारी ने रास्ता खुलवाया
आग लगने वाली जगह के आसपास यातायात भी तत्काल समस्या बन गया था। पास में सूप की दुकान चलाने वाली 39 वर्षीय किम नू-री ने बताया कि व्यस्त सड़क पर आपातकालीन वाहनों को आगे बढ़ने में मुश्किल हो रही थी।
पास की पिज्जा फ्रेंचाइजी के एक पुरुष कर्मचारी ने पुलिस के पहुंचने से पहले बाहर आकर वाहनों को दिशा देना शुरू कर दिया। डिलीवरी के लिए मोटरसाइकिल चला रही एक महिला भी रुकी और यातायात संभालने में मदद के लिए हाथ के इशारे करने लगी।
किम को याद है कि उन्होंने अफरातफरी के बीच डिलीवरी राइडर को काम करते देखा और बाद में उसे कॉफी देने का मन हुआ। पुलिस के पहुंचकर घटनास्थल का प्रबंधन संभालने के बाद वह राइडर वहां से चली गई।
एक ही आपात स्थिति में इन दोनों प्रयासों ने अलग-अलग जरूरतें पूरी कीं: सोंग ने दमकलकर्मियों को इमारत के पीछे फंसे लोगों का पता लगाने में मदद की, जबकि पिज्जा कर्मचारी और डिलीवरी राइडर ने सड़क से पहुंच का रास्ता खुलवाने में मदद की। उनके प्रयासों ने बचाव की प्रतीक्षा कर रहे लोगों को उन दलों और उपकरणों से जोड़ा, जो उन तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे।
आपातकालीन कॉल में क्या दर्ज हुआ
सुबह करीब 11:55 बजे आई कॉल में बार-बार तत्काल बचाव की गुहार लगाई गई और आसपास मौजूद लोगों को चेतावनी दी गई। कॉलर ने ऑपरेटर को बताया कि अंदर लोग फंसे हुए हैं और साथ ही घटनास्थल पर मौजूद लोगों से बाहर निकलने तथा सावधान रहने को कहा।
करीब एक मिनट पहले, एक अन्य कॉलर ने कहा था कि एक आदमी आया और आग लगा दी। जब आपातकालीन ऑपरेटर ने पूछा कि क्या कॉलर बाहर निकल सकता है, तो जवाब था कि वह ऐसा नहीं कर सकता और उसे जल्द मदद चाहिए।
कॉल के प्रतिलेख उन लोगों को बचाव अभियान के केंद्र में रखते हैं, जो बाहर नहीं निकल पा रहे थे। आग और धुएं के कारण लोगों को बाहर से मदद की जरूरत थी, जबकि आसपास के अन्य लोग बाहर निकलने में मार्गदर्शन करने और अंदर फंसे लोगों की ओर ध्यान दिलाने की कोशिश कर रहे थे।
रिकॉर्ड की गई कॉल और रेस्तरां मालिक का बयान बचाव अभियान के अलग-अलग पहलुओं का वर्णन करते हैं। कॉल करने वालों ने सीधे आपातकालीन नियंत्रण कक्ष से संपर्क किया; सोंग मुख्य सड़क पर जाकर दमकलकर्मियों को पीछे की खिड़की पर मौजूद दो लोगों के बारे में बताने गईं।
दो इमारतें और 19 घायल
आरोप है कि संदिग्ध ने 20 अक्टूबर की सुबह शिनम्योंग बिल्डिंग की तीसरी मंजिल और हानयांग बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर स्थित पेटेंट कानून कार्यालयों में आग लगाई। दोनों इमारतें सियोल के गंगनम जिले के योक्सम-दोंग इलाके में हैं।
घटनास्थल के बयानों में बताया गया कि लोग खिड़कियों से बाहर निकले और बचाव के इंतजार में इमारतों की बाहरी दीवारों के पास खड़े रहे। भीषण गर्मी से इमारतों के बाहरी ढांचे के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हुए।
19 घायलों में से पांच को गंभीर चोटें आईं, जो कुल संख्या के एक चौथाई से थोड़ा अधिक है। बाकी 14 को मामूली चोटें आईं। दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में अस्पताल ले जाए गए व्यक्ति की ताजा हालत नहीं बताई गई।
घटनाओं का सिलसिला आग लगने से पहले कथित तौर पर की गई खरीदारी से लेकर आपातकालीन कॉल के प्रतिलेख जारी होने तक फैला है:
- 16 अक्टूबर: बताया जाता है कि संदिग्ध ने अपने घर के पास एक प्लास्टिक कंटेनर, लाइटर और ज्वलनशील सामग्री खरीदी।
- 20 अक्टूबर: दोनों इमारतों में आग लगी। आपातकालीन कॉल में सुबह करीब 11:54 बजे और 11:55 बजे मदद की गुहार लगाई गई।
- 21 अक्टूबर: संदिग्ध से पूछताछ और घटनास्थलों की जांच के बाद पुलिस ने हिरासत वारंट मांगा।
- 22 अक्टूबर: सियोल केंद्रीय जिला अदालत ने वारंट जारी किया।
- 24 अक्टूबर: ली सांग-सिक के कार्यालय ने राष्ट्रीय अग्निशमन एजेंसी से हासिल आपातकालीन कॉल के प्रतिलेखों का ब्योरा जारी किया।
अदालत ने हिरासत का आदेश क्यों दिया
सियोल केंद्रीय जिला अदालत ने 22 अक्टूबर को यह कहते हुए गिरफ्तारी वारंट जारी किया कि संदिग्ध के फरार होने की आशंका है। वारंट की समीक्षा न्यायाधीश बू डोंग-सिक ने की। आरोपों में आबाद इमारत में आग लगाना और लोगों को घायल करना शामिल था।
हिरासत वारंट जांचकर्ताओं को आपराधिक मामला आगे बढ़ने के दौरान संदिग्ध को हिरासत में रखने की अनुमति देता है। इस चरण में अदालत का फैसला हिरासत से संबंधित होता है; दोष और सजा का निर्धारण मुकदमे में होता है।
हिरासत की मांग करते हुए पुलिस ने हमलों के आसपास के समय में संदिग्ध द्वारा अपने आवास का किरायानामा समाप्त करने की सूचना देने और हाल ही में जेल से रिहा होने का हवाला दिया। पुलिस ने यह भी कहा कि संकेत मिले हैं कि उसने हमलों में इस्तेमाल औजार फेंक दिए थे, जिससे सबूत नष्ट किए जाने की आशंका बढ़ी।
पुलिस ने कहा कि शुरुआती पूछताछ में संदिग्ध ने अधिकांश कृत्यों को स्वीकार किया। जांचकर्ताओं ने आग लगने के स्थलों की जांच की और तैयारियों तथा मंशा के बारे में उससे पूछताछ जारी रखी।
संदिग्ध के दावों के पीछे पेटेंट विवाद
संदिग्ध बार-बार दावा करता रहा है कि पेटेंट कानून फर्मों ने पेटेंट पंजीकरण दस्तावेजों को लेकर उसके साथ धोखाधड़ी की। जांचकर्ताओं ने विवाद का पता उस मांग तक लगाया, जिसमें पेटेंट आवेदन सौंपने के बाद उसने कागजी पंजीकरण प्रमाणपत्र मांगे थे।
बताया जाता है कि संबंधित नीति के तहत प्रमाणपत्र केवल ऑनलाइन जारी किए जाने की बात कहे जाने पर वह नाराज हो गया। पुलिस की एक पिछली जांच में निष्कर्ष निकला था कि वह धोखाधड़ी का शिकार नहीं हुआ था, फिर भी वह आरोप लगाता रहा।
22 अक्टूबर को अदालत के बाहर संदिग्ध ने पेटेंट वकील को मारने की मंशा से इनकार किया। उसने अपनी मंशा इन शब्दों में बताई:
मैं उसे मारने की कोशिश नहीं कर रहा था; मेरा इरादा उसे डराने का था।
उसने कुछ कागजात भी दिखाए, जिनके बारे में उसका दावा था कि वे उसके आरोपों का समर्थन करते हैं। उसने ब्रिटेन, यूरोप और रूस के पेटेंट का जिक्र किया। घायलों के बारे में पूछे जाने पर उसने अफसोस जताया, लेकिन फिर दस्तावेजों से जुड़े अपने दावों पर लौट आया।
बताया जाता है कि चार साल पहले भी संदिग्ध को उन्हीं पेटेंट कानून फर्मों में आग लगाने की तैयारी के मामले में गिरफ्तार कर हिरासत में रखा गया था। जांचकर्ताओं ने हालिया हमलों से चार दिन पहले, 16 अक्टूबर को की गई कथित खरीदारी का भी पता लगाया।
पुलिस जांच रही है कि क्या किसी खास व्यक्ति को निशाना बनाया गया
पुलिस यह देख रही है कि हत्या के प्रयास का आरोप जोड़ा जाए या नहीं, क्योंकि बयान आए हैं कि संदिग्ध ने आग लगाने से पहले एक खास कर्मचारी को तलाशा था। जब उससे पूछा गया कि क्या वह उसके मामले को संभाल रहे पेटेंट एजेंट से मिलने गया था, तो उसने इसकी पुष्टि की।
संदिग्ध ने किसी को मारने की मंशा से इनकार किया। अदालत के बाहर एक सवाल में लगाए गए इस आरोप से भी उसने इनकार किया कि उसने भागने का रास्ता रोकने के लिए लिफ्ट के पास आग लगाई थी।
जांचकर्ताओं के लिए अहम सवाल यह है कि आग लगाते समय उसकी मंशा क्या थी। हत्या के प्रयास का आरोप किसी को मारने की कथित कोशिश से जुड़ा है, जबकि आगजनी का आरोप आबाद इमारत में आग लगाकर लोगों को घायल करने से संबंधित है। पुलिस ने अतिरिक्त आरोप पर कोई फैसला घोषित नहीं किया था।
पुलिस ने यह जांचने के लिए चिकित्सा रिकॉर्ड भी मांगे कि क्या उसे पहले कोई मनोरोग संबंधी बीमारी रही है। पुलिस ने पंजीकरण प्रमाणपत्रों को लेकर उसके गहरे जुनून के संकेतों का हवाला दिया। कोई चिकित्सकीय निष्कर्ष घोषित नहीं किया गया।
मुख्य बातें
- 20 अक्टूबर को योक्सम-दोंग की दो इमारतों में लगी आग में 19 लोग घायल हुए, जिनमें पांच गंभीर रूप से घायल थे।
- आपातकालीन कॉल के प्रतिलेखों में बाहर न निकल पाने वाले लोगों और तत्काल बचाव की गुहार लगाने वाले कॉलरों का जिक्र था।
- रेस्तरां मालिक सोंग इन-हुई ने दमकलकर्मियों को दो लोगों के फंसे होने की सूचना दी और उनके बेटे ने सीढ़ी लगाने में मदद की।
- पुलिस के पहुंचने से पहले पिज्जा दुकान के एक कर्मचारी और डिलीवरी राइडर ने यातायात को दिशा दी।
- संदिग्ध के फरार होने की आशंका के चलते अदालत ने 22 अक्टूबर को उसे हिरासत में रखने का आदेश दिया।
- पुलिस जांच कर रही है कि क्या संदिग्ध ने किसी खास कर्मचारी को तलाशा था और हत्या के प्रयास का आरोप लगाने पर विचार कर रही है।






