आवास समीक्षा से 200,000 से अधिक आवेदकों की स्थिति खतरे में
ओतबासी बैंक के प्रथम आवास उपलब्ध कराने के लिए जिम्मेदार विभाग के निदेशक आज़ात आशिमोव के अनुसार, संपत्ति के स्वामित्व और नागरिकता की जांच के बाद कजाकिस्तान में 200,000 से अधिक लोगों का सरकारी आवास कतार में स्थान निलंबित या रद्द किया जा सकता है। बैंक ने 21 अक्टूबर 2026 तक 1,089,634 लोगों को आवास की जरूरतमंदों के रूप में पंजीकृत किया था।
विषय-सूची
- आवास समीक्षा से 200,000 से अधिक आवेदकों की स्थिति खतरे में
- किसका स्थान जा सकता है?
- निलंबन और सूची से हटाए जाने के नतीजे अलग हैं
- एक घर में हिस्सेदारी क्यों मायने रखती है
- 400 अपार्टमेंट में हिस्सेदारी रखने वाला आवेदक
- पुरानी सूचियों के कारण कुछ लाभार्थी कतार में बने रहे
- सहायता की मांग कितनी बड़ी है?
- घर, ऋण और बचत कार्यक्रम के अलग-अलग पहलू दिखाते हैं
- अब आगे क्या होगा और कब?
- मुख्य बातें
आशिमोव ने कहा कि यह शुरुआती अनुमान है और बैंक अभी रिकॉर्ड का विश्लेषण कर रहा है। समीक्षा के दायरे में आए लोगों को कतार से हटाने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। संभावित कार्रवाई से पंजीकृत लोगों में लगभग हर पांचवां व्यक्ति प्रभावित हो सकता है, इसलिए बड़ी संख्या में परिवारों के लिए सरकारी रिकॉर्ड की सटीकता अहम है।
समीक्षा में स्थानीय प्रशासन की पुरानी सूचियों से लेकर एक ऐसे आवेदक तक की समस्याएं सामने आई हैं, जिसके पास 400 अपार्टमेंट में स्वामित्व हिस्सेदारी थी। बैंक अधिकारियों का कहना है कि कड़ी जांच और आंशिक स्वामित्व के नियमों में संशोधन का उद्देश्य सहायता उन लोगों तक पहुंचाना है जो आवास जरूरत के मानदंडों पर खरे उतरते हैं।
21 अक्टूबर तक 64,000 लोगों को पहले ही सूची से हटाया जा चुका था, पंजीकरण के 227,000 आवेदन खारिज किए गए थे और 239,000 आवेदकों की स्थिति निलंबित थी। ये आंकड़े अलग-अलग प्रशासनिक परिणाम दर्शाते हैं और इन्हें उन लोगों के शुरुआती अनुमान से अलग समझना चाहिए जिन पर आगे कार्रवाई हो सकती है।
किसका स्थान जा सकता है?
आशिमोव ने कहा कि आवास का मालिक होना या कजाकिस्तान की नागरिकता खो देना सूची से हटाए जाने का कारण बन सकता है। आवास जरूरतमंदों की सूची से किसी आवेदक को हटाने का फैसला उसकी आय के आधार पर नहीं होता।
कार्यक्रम की मुख्य स्वामित्व शर्त यह है कि आवेदकों के पास पिछले पांच वर्षों के दौरान आवास का स्वामित्व नहीं होना चाहिए। हालांकि, एक संपत्ति में सीमित हिस्सेदारी रखने वाले कुछ लोगों के लिए विशेष छूट है। कई घरों में हिस्सेदारी रखने वाले आवेदक मिलने के बाद अधिकारियों ने इस छूट के नियम कड़े किए हैं।
आशिमोव ने कहा कि लोगों को सूची से हटाने से 10 दिन पहले इसकी सूचना देनी होगी। यदि सरकारी डेटाबेस में गलत जानकारी है, तो संबंधित व्यक्ति जिम्मेदार सरकारी निकाय से उसे ठीक करने का अनुरोध कर सकता है। इसलिए आवेदकों के लिए तत्काल मुद्दा पात्रता के साथ-साथ यह भी है कि सरकारी रिकॉर्ड उनकी परिस्थितियों को सही तरह दर्ज करते हैं या नहीं।
निलंबन और सूची से हटाए जाने के नतीजे अलग हैं
2 मार्च 2026 से ओतबासी बैंक ने केवल उन आवेदकों को आवास आवंटित किया है जिन्होंने जानकारी का सत्यापन पूरा कर लिया है। यह सरकारी जानकारी की जांच है, जिससे पुष्टि होती है कि व्यक्ति अब भी सहायता के लिए पात्र है।
जिस आवेदक ने यह जांच पूरी नहीं की है, वह सूची में बना रह सकता है, लेकिन आवास आवंटन में हिस्सा नहीं ले सकता, भले ही उसने कई वर्षों तक इंतजार किया हो। इसलिए कतार में नाम बने रहना और आवास का प्रस्ताव पाने के योग्य होना प्रक्रिया के दो अलग चरण हैं।
21 अक्टूबर तक जिन 239,000 लोगों की स्थिति निलंबित थी, उनके लिए यह अंतर अहम है। निलंबन से आवंटन में भागीदारी रुक जाती है, जबकि सूची से हटाए जाने पर पंजीकरण समाप्त हो जाता है। मौजूदा समीक्षा के बाद कितने लोगों को हटाया जाएगा, इसकी अंतिम संख्या बैंक ने घोषित नहीं की है।
खारिज किए गए आवेदन एक अलग श्रेणी हैं: 227,000 अस्वीकृतियां उन लोगों से जुड़ी हैं जिन्हें सूची में शामिल नहीं किया गया। ये उन आवेदकों से अलग हैं जो कतार में शामिल हुए और बाद में अपना स्थान खो बैठे।
एक घर में हिस्सेदारी क्यों मायने रखती है
आंशिक स्वामित्व एक जटिल मुद्दा बन गया, क्योंकि कजाकिस्तान के कई निवासियों को 1990 और 2000 के दशकों में निजीकरण के दौरान पारिवारिक अपार्टमेंट में हिस्सेदारी मिली थी। माता-पिता ने स्वामित्व दस्तावेजों में अपने बच्चों को शामिल किया, जिससे वयस्क होने के बाद भी उन बच्चों के पास कानूनी हिस्सेदारी रही।
किसी अपार्टमेंट में हिस्सेदारी एक तिहाई, पांचवां या सातवां हिस्सा हो सकती है। इससे व्यक्ति को संपत्ति में कानूनी अधिकार मिलता है, जबकि घर माता-पिता या अन्य रिश्तेदारों के साथ साझा हो सकता है।
शुरू में अधिकारियों ने उन लोगों को पंजीकरण की अनुमति दी जिनकी हिस्सेदारी 50% से अधिक नहीं थी। आशिमोव ने कहा कि इस तरीके से तीन अपार्टमेंट में से प्रत्येक में एक तिहाई हिस्सेदारी रखने वाले लोग भी कतार में शामिल हो सके।
आशिमोव के अनुसार, ओतबासी बैंक और उद्योग मंत्रालय ने बाद में कानून में ऐसे संशोधन पर काम किया जिसके तहत छूट एक ही आवास में अधिकतम 50% हिस्सेदारी तक सीमित है। अब हिस्सेदारी के आकार के साथ संपत्तियों की संख्या भी मायने रखती है: यह छूट एक घर पर लागू होती है, कई घरों में छोटी-छोटी हिस्सेदारियों के संग्रह पर नहीं।
400 अपार्टमेंट में हिस्सेदारी रखने वाला आवेदक
किफायती आवास पर एक सम्मेलन में आशिमोव ने समीक्षा में सामने आए सबसे चौंकाने वाले मामले का जिक्र किया। आवास सूची में शामिल एक व्यक्ति के पास 400 अपार्टमेंट में स्वामित्व हिस्सेदारी थी और उसने पहले जानकारी की जांच के लिए सहमति नहीं दी थी।
आशिमोव ने बताया कि उस सहमति के बिना रिकॉर्ड जांचने का अधिकार मिलने के बाद बैंक को क्या पता चला:
जैसे ही हमें सहमति के बिना जानकारी की जांच करने का अधिकार मिला, हमने एक नागरिक को पाया जिसके पास 400 अपार्टमेंट में हिस्सेदारी थी और जिसने पहले जांच के लिए सहमति नहीं दी थी।
14 सितंबर 2026 से ओतबासी बैंक को व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए आवेदकों की सहमति के बिना उनकी जानकारी सत्यापित करने का अधिकार मिला। इससे पहले, कुछ आवेदकों ने सहमति देने से इनकार किया था, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पाती थी।
यह मामला बताता है कि संशोधित स्वामित्व नियम एक ही संपत्ति पर क्यों केंद्रित है। पहले के तरीके में हर अपार्टमेंट पर अलग-अलग प्रतिशत सीमा लागू होती थी, जिससे कई संपत्तियों में हिस्सेदारी रखने वाले आवेदक भी पात्र बने रह सकते थे। नए प्रतिबंध से आवास सहायता पाने का यह रास्ता सीमित होता है।
पुरानी सूचियों के कारण कुछ लाभार्थी कतार में बने रहे
संपत्ति के स्वामित्व की जांच में ऐसे लोग भी मिले जिन्हें पहले ही सहायता मिल चुकी थी, लेकिन वे अब भी प्रतीक्षा सूची में थे। आशिमोव ने कहा कि अधिकारियों ने पाया कि स्थानीय प्रशासन ने लगभग 30,000 लोगों को आवास दिया था, लेकिन सूचियों को अपडेट नहीं किया था; इसके बाद उन्हें सूची से हटाया गया।
इसके अलावा, लगभग 20,000 लोगों को सूची में बने रहने के दौरान ही बंधक ऋण मिल चुका था। ये आंकड़े दिखाते हैं कि प्रशासनिक देरी के कारण कतार में ऐसे परिवार बने रह सकते हैं जिनकी आवास संबंधी स्थिति बदल चुकी है।
इसलिए समीक्षा केवल नए आवेदनों तक सीमित नहीं है। यह भी जांचा जा रहा है कि मौजूदा प्रविष्टियां अब भी व्यक्ति की वर्तमान स्थिति को दर्शाती हैं या नहीं। स्थानीय प्रशासन, जिन्हें अकीमत कहा जाता है, और बैंक को पहले दी गई सहायता की सटीक जानकारी चाहिए ताकि रिकॉर्ड अद्यतन रहें।
गलत प्रविष्टि के कारण सूची से हटाए जाने की आशंका वाले व्यक्ति के लिए आशिमोव ने संबंधित सरकारी निकाय से सुधार मांगने की बात कही। सूची से हटाए जाने से 10 दिन पहले सूचना देने की शर्त, पंजीकरण समाप्त होने से पहले स्पष्ट चेतावनी अवधि देती है।
सहायता की मांग कितनी बड़ी है?
ओतबासी बैंक के 21 अक्टूबर के आंकड़ों के अनुसार, 484,900 पंजीकृत आवेदक सामाजिक रूप से कमजोर समूहों में थे और लगभग 604,000 अन्य श्रेणियों में थे। कुल कतार में सामाजिक रूप से कमजोर आवेदकों की हिस्सेदारी करीब 45% थी।
अन्य 325,800 लोगों को आवास में प्राथमिकता का अधिकार था, जो सभी पंजीकृत आवेदकों का लगभग 30% है। प्राथमिकता का दर्जा यह बताता है कि सहायता किस क्रम में आवंटित होगी; सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग का वर्गीकरण आवेदक की श्रेणी दर्शाता है। इन दोनों आंकड़ों को जोड़ने के बजाय सूची की अलग-अलग विशेषताओं के रूप में समझना चाहिए।
पात्रता की जांच के बावजूद सहायता की मांग काफी बड़ी बनी हुई है। दस लाख से अधिक लोग पंजीकृत थे, जबकि घोषित अवधियों में आवास उपलब्ध कराने और ऋण देने के आंकड़े दसियों हजार में थे।
कुछ आवेदक उन्हें दिए गए घरों के प्रस्ताव भी ठुकरा देते हैं। आशिमोव ने कहा कि अल्माटी के कुछ लोगों को 11 तक प्रस्ताव मिले, लेकिन वे केवल एक खास जिले में अपार्टमेंट स्वीकार करने को तैयार थे। उनका अनुभव दिखाता है कि उपलब्ध अपार्टमेंट हमेशा उस स्थान पर नहीं होता जिसे आवेदक स्वीकार करने को तैयार हो।
घर, ऋण और बचत कार्यक्रम के अलग-अलग पहलू दिखाते हैं
अक्टूबर 2025 से 20 अक्टूबर 2026 के बीच स्थानीय प्रशासन ने कतार में शामिल लोगों के लिए 41,900 अपार्टमेंट सौंपे। इनमें से 35,000 आवंटित किए जा चुके थे और अन्य 6,800 की प्रक्रिया जारी थी।
2026 के पहले दस महीनों में कार्यक्रम के तहत 15,400 ऋण जारी किए गए, जिनका कुल मूल्य 320.6 अरब तेंगे था। 2019 से 2025 के दौरान कुल 1.4 ट्रिलियन तेंगे के 105,400 ऋण दिए गए। पहले के आंकड़े सात वर्षों के हैं, जबकि हाल के ऋण आंकड़े दस महीनों के हैं।
आवेदक बचत भी जमा कर रहे थे। 21 अक्टूबर तक 344,300 लोगों ने ओतबासी बैंक के बचत खातों में 184 अरब तेंगे जमा किए थे। प्रति बचतकर्ता यह औसतन करीब 535,000 तेंगे है, हालांकि हर व्यक्ति की जमा राशि में काफी अंतर हो सकता है।
ये आंकड़े आवास पाने के कई रास्ते दिखाते हैं: स्थानीय प्रशासन से आवंटित अपार्टमेंट, खरीद के लिए वित्तपोषण देने वाला ऋण और बैंक में जमा की गई बचत। हर आंकड़ा सहायता के अलग रूप या चरण को मापता है।
अब आगे क्या होगा और कब?
बैंक की अगले पांच वर्षों में कतार में शामिल लोगों को लगभग 300,000 आवास ऋण देने की योजना है। एक व्यापक लक्ष्य के तहत 2033 तक 292,000 परिवारों की आवास स्थिति सुधारने में मदद की जाएगी, जिसमें ऋण और किराये के आवास शामिल हैं।
दोनों लक्ष्यों में अलग-अलग चीजें मापी गई हैं। एक में पांच वर्षों के दौरान दिए जाने वाले ऋण गिने गए हैं; दूसरे में 2033 तक कई माध्यमों से आवास सहायता पाने वाले परिवारों की संख्या है। ये लक्ष्य पात्रता की मौजूदा समीक्षा के साथ-साथ प्रस्तावित गतिविधियों का पैमाना बताते हैं।
आवेदकों पर असर डालने वाली मुख्य तारीखें:
- 2 मार्च 2026: आवास आवंटन उन आवेदकों तक सीमित हुआ जिन्होंने जानकारी की जांच पूरी कर ली थी।
- 14 सितंबर 2026: ओतबासी बैंक को व्यक्तिगत डेटा के प्रसंस्करण के लिए आवेदकों की सहमति के बिना उनकी जानकारी जांचने का अधिकार मिला।
- 21 अक्टूबर 2026: सूची में 1,089,634 लोग थे; समीक्षा के बाद 200,000 से अधिक लोगों की स्थिति निलंबित या रद्द हो सकती है।
- 31 अक्टूबर 2026: प्रारंभिक और अंतरिम ऋणों पर अधिकतम व्यवस्था शुल्क की गणना का तरीका बदलना है, जिससे बड़े ऋणों पर शुल्क बढ़ेगा।
- 2033 तक: अधिकारियों की 292,000 परिवारों की आवास स्थिति सुधारने में मदद करने की योजना है।
बैंक का तात्कालिक काम पात्रता रिकॉर्ड का विश्लेषण पूरा करना है। आवेदकों के लिए व्यावहारिक नतीजे उनकी स्थिति पर निर्भर करते हैं: आवंटन में भाग लेने के लिए सत्यापन पूरा करना जरूरी है, जबकि सरकारी जानकारी गलत होने पर संबंधित एजेंसी के जरिए उसे ठीक कराना होगा।
मुख्य बातें
- 200,000 से अधिक आवेदकों की स्थिति निलंबित या रद्द हो सकती है, लेकिन बैंक का कहना है कि उसका आकलन शुरुआती है।
- 21 अक्टूबर 2026 को कजाकिस्तान की आवास जरूरतमंदों की सूची में 1,089,634 लोग थे।
- आवास का स्वामित्व और नागरिकता खोना सूची से हटाए जाने का कारण बन सकता है; सूची से हटाने का फैसला आय के आधार पर नहीं होता।
- आंशिक स्वामित्व की छूट एक ही घर में अधिकतम 50% हिस्सेदारी तक सीमित है।
- आवास आवंटन में भाग लेने के लिए आवेदकों को जानकारी का सत्यापन पूरा करना होगा।
- सूची से हटाए जाने से 10 दिन पहले लोगों को सूचना मिलनी चाहिए और वे सरकारी रिकॉर्ड में गलत जानकारी को ठीक कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
- अधिकारियों की 2033 तक 292,000 परिवारों को आवास सहायता देने की योजना है।






