ताइपेई के सर्वेक्षण में शेन पुमा, च्यांग वान-आन से 17 अंक आगे; मतदान के अनुमानों में कांटे की टक्कर

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Taipei Poll Puts Shen Puma 17 Points Ahead of Chiang Wan-an, but Turnout Models Show Close Race

मतदान सर्वेक्षण में बड़ी बढ़त, लेकिन अनुमान कहीं करीबी मुकाबले के

डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी के उम्मीदवार शेन पुमा ने 20 अक्टूबर, 2026 को जारी सर्वेक्षण में ताइपेई के मेयर च्यांग वान-आन पर 17 प्रतिशत अंकों की बढ़त हासिल की है। हालांकि, इसी सर्वेक्षण के आधार पर चुनावी मुकाबला कहीं अधिक करीबी रहने का अनुमान है। मतदान के कुछ परिदृश्यों में मौजूदा मेयर को मामूली जीत मिल सकती है।

विषय-सूची
  1. मतदान सर्वेक्षण में बड़ी बढ़त, लेकिन अनुमान कहीं करीबी मुकाबले के
  2. सितंबर और अक्टूबर के बीच क्या बदला?
  3. डीपीपी से बाहर भी शेन को मिला समर्थन
  4. जिलों के नतीजे ताइपेई में च्यांग पर दबाव दिखाते हैं
  5. युवा मतदाताओं में बड़ा बदलाव, कुछ समूहों में च्यांग आगे
  6. चुनावी अनुमानों में उत्साह क्यों मायने रखता है
  7. नमूने को कितना महत्व दिया जाए, इस पर विवाद
  8. उपयुक्तता, पार्टी बदलने की पसंद और चुनावी अभियानों की प्रतिक्रिया
  9. राजधानी से बाहर भी फैल रहा उत्साह
  10. मुख्य बातें

ताइपेई शिनमिन क्रॉस-स्ट्रेट रिसर्च एसोसिएशन के लिए कराए गए सर्वेक्षण में शेन को 50.3% और कुओमिन्तांग के च्यांग को 33.3% समर्थन मिला। एक महीने पहले च्यांग 41.7% के मुकाबले 40.5% से आगे थे। इस तरह एसोसिएशन के सितंबर और अक्टूबर के सर्वेक्षणों के बीच दोनों उम्मीदवारों का अंतर 18.2 प्रतिशत अंक शेन के पक्ष में चला गया।

सर्वेक्षण के डिजाइनर और विश्लेषक ताई ली-आन ने मतदान केंद्रों पर संभावित नतीजों की अधिक सतर्क तस्वीर पेश की। मतदान का इरादा, समर्थन की दृढ़ता और पिछले चुनावों के नतीजों को ध्यान में रखते हुए उनके अनुमान में शेन को 49.2% से 52.9% और च्यांग को 46.9% से 49.9% वोट मिल सकते हैं।

एसोसिएशन की विस्तृत प्रस्तुति में च्यांग की 0.7 प्रतिशत अंक से जीत से लेकर शेन की करीब छह अंकों से जीत तक के नतीजे बताए गए हैं। एसोसिएशन के संस्थापक अध्यक्ष हुआंग चिंग-लुंग ने इस संभावित दायरे को व्यापक रूप में बताते हुए कहा कि शेन करीब सात अंकों से आगे या करीब एक अंक से पीछे रह सकते हैं। दोनों ही विवरणों के मुताबिक, समर्थन के मुख्य आंकड़ों की तुलना में चुनावी मुकाबला कहीं अधिक करीबी है।

मुख्य सवाल यह है कि सर्वेक्षण में कौन जवाब देता है, खुलकर अपनी पसंद कौन बताता है और 28 नवंबर को वास्तव में वोट कौन डालता है। इन समूहों के लोग एक-दूसरे से मेल खा सकते हैं, लेकिन वे पूरी तरह एक जैसे नहीं होते। यही वजह है कि किसी उम्मीदवार को सर्वेक्षण में बड़ी बढ़त मिलने के बावजूद चुनावी मुकाबला कड़ा हो सकता है।

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सितंबर और अक्टूबर के बीच क्या बदला?

शेन का समर्थन सितंबर के 40.5% से 9.8 प्रतिशत अंक बढ़ा, जबकि च्यांग का समर्थन 41.7% से 8.4 अंक गिरा। हुआंग ने कहा कि मई में चुनावी दौड़ में शामिल होने के बाद अक्टूबर में शेन पहली बार सर्वेक्षणों में स्पष्ट रूप से आगे आए।

बाकी जवाबों से पता चलता है कि काफी संख्या में लोग अब भी दोनों मुख्य खेमों से बाहर थे। अन्य 12.2% लोगों ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया, जबकि 3.0% ने कहा कि वे मतदान से दूर रहेंगे या अमान्य मत डालेंगे। चार अन्य उम्मीदवारों में से प्रत्येक को 1% से कम समर्थन मिला: निर्दलीय लिन चिह-चेंग को 0.7%, कुओ शी को 0.4%, और तांग शिन-मिन तथा श्याओ वेन-च्येन को 0.1%-0.1%।

हालिया चुनावी घटनाक्रम इस प्रकार है:

  • 16 से 18 सितंबर: एसोसिएशन ने 1,076 लोगों से बातचीत कर अपना पहला सर्वेक्षण किया।
  • 22 सितंबर: नतीजों में च्यांग को 41.7% और शेन को 40.5% समर्थन मिला।
  • 14 से 16 अक्टूबर: सर्वेक्षणकर्ताओं ने दूसरा सर्वेक्षण किया और 1,075 लोगों से बातचीत पूरी की।
  • 20 अक्टूबर: एसोसिएशन ने नए नतीजे जारी किए। इनमें शेन को 50.3% और च्यांग को 33.3% समर्थन मिला।
  • 28 नवंबर: ताइवान के स्थानीय चुनावों में मतदाता वोट डालेंगे।

20 अक्टूबर को शेन ने कहा कि मतदान से पहले बचे 39 दिनों में जनमत तेजी से बदल सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी टीम समर्थन या लोकप्रियता के आंकड़ों के बजाय इस बात को लेकर अधिक चिंतित है कि निवासी उसकी नीतियों से जुड़ाव महसूस करते हैं या नहीं।

डीपीपी से बाहर भी शेन को मिला समर्थन

हुआंग के मुताबिक, ताइवान पीपुल्स पार्टी के समर्थकों और किसी एक पार्टी के प्रति पक्की पसंद न रखने वाले मतदाताओं ने शेन के समर्थन में बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई। दोनों सर्वेक्षणों के बीच ये समूह शेन की ओर झुके, हालांकि ताइवान पीपुल्स पार्टी के समर्थकों में च्यांग अब भी आगे रहे।

ताइवान पीपुल्स पार्टी से अपनी पहचान बताने वाले उत्तरदाताओं में शेन का समर्थन सितंबर के 1.6% से बढ़कर अक्टूबर में 19.0% हो गया, यानी 17.4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी। इस समूह में च्यांग का समर्थन 88.5% से घटकर 63.8% रह गया, यानी 24.7 अंकों की गिरावट।

खुद को तटस्थ बताने वाले या यह कहने वाले कि वे पार्टी के बजाय उम्मीदवार चुनते हैं, ऐसे उत्तरदाताओं में शेन का समर्थन 8.3 अंक बढ़कर 34.2% हो गया। च्यांग का समर्थन 8.8 अंक गिरकर 22.9% रहा। इस तरह इस समूह में शेन 11.3 अंकों से आगे थे।

हुआंग ने कहा कि शेन को मिले समर्थन में अधिकांश बढ़ोतरी तटस्थ मतदाताओं और कुओमिन्तांग खेमे से कमजोर जुड़ाव रखने वाले कुछ लोगों की वजह से हुई। ताई ने भी कहा कि च्यांग का सबसे मजबूत पार्टी-समर्थक आधार लगभग जस का तस रहा, जबकि उस खेमे की ओर झुकाव रखने वाले अधिक उदार मतदाताओं का समर्थन घटा।

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जिलों के नतीजे ताइपेई में च्यांग पर दबाव दिखाते हैं

ताइपेई नगर परिषद चुनावों के लिए इस्तेमाल किए गए सभी छह क्षेत्रीय समूहों में शेन आगे रहे। उनकी सबसे बड़ी बढ़त झोंगशान और दातोंग में थी, जहां उन्हें 56.2% और च्यांग को 23.6% समर्थन मिला। अंतर 32.6 प्रतिशत अंक का था।

सोंगशान और शिनयी, जिसे पारंपरिक रूप से कुओमिन्तांग का गढ़ बताया जाता है, वहां भी बड़ा बदलाव दिखा। च्यांग का समर्थन 48.7% से घटकर 34.9% रह गया, जबकि शेन का समर्थन 24.4 अंक बढ़कर 52.7% हो गया। झोंगशान और दातोंग में च्यांग को 15.7 अंकों का नुकसान हुआ और शेन को 15.1 अंकों का फायदा।

छह क्षेत्रीय समूहों में अक्टूबर के नतीजे इस प्रकार थे:

  • झोंगशान और दातोंग: शेन 56.2%, च्यांग 23.6%।
  • झोंगझेंग और वानहुआ: शेन 51.7%, च्यांग 33.1%।
  • सोंगशान और शिनयी: शेन 52.7%, च्यांग 34.9%।
  • नेइहू और नांगांग: शेन 49.6%, च्यांग 32.3%।
  • बेइतोउ और शिलिन: शेन 46.6%, च्यांग 33.3%।
  • दाआन और वेनशान: शेन 47.6%, च्यांग 39.2%।

दाआन और वेनशान में सबसे कम, 8.4 अंकों का अंतर था। शहर के अलग-अलग इलाकों में समर्थन का यह अंतर दोनों चुनावी अभियानों को प्रयास केंद्रित करने की खास जगहें देता है: च्यांग को कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ है, जबकि शेन को सर्वेक्षण में शहरभर से मिले समर्थन को वास्तविक वोटों में बदलना होगा।

युवा मतदाताओं में बड़ा बदलाव, कुछ समूहों में च्यांग आगे

20 से 29 वर्ष के उत्तरदाताओं में सबसे बड़ा बदलाव दर्ज किया गया। इस आयु वर्ग में शेन का समर्थन सितंबर के 42.8% से बढ़कर अक्टूबर में 71.6% हो गया, जबकि च्यांग का समर्थन 37.3% से घटकर 10.5% रह गया। शेन को 28.8 प्रतिशत अंकों का फायदा हुआ और च्यांग को 26.8 अंकों का नुकसान।

40 से 49 वर्ष के लोगों में भी शेन 60.2% समर्थन के साथ च्यांग के 32.5% से आगे थे। 30 से 39 वर्ष के लोगों में दोनों को क्रमशः 46.5% और 36.9% समर्थन मिला। 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के उत्तरदाताओं में शेन का समर्थन 10 अंकों से अधिक बढ़कर 46.6% हो गया।

50 से 59 वर्ष के उत्तरदाताओं में च्यांग को बढ़त बरकरार रही। उन्हें 42.4% और शेन को 37.9% समर्थन मिला। वरिष्ठ माध्यमिक या व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त लोगों में भी च्यांग 46.4% के मुकाबले 40.8% से आगे थे।

महिलाओं में शेन को 50.0% और च्यांग को 31.8% समर्थन मिला। सितंबर की तुलना में महिलाओं के बीच शेन का समर्थन 11.9 अंक बढ़ा, जबकि च्यांग का 10.5 अंक घटा। ये आंकड़े सर्वेक्षण के छोटे समूहों के हैं, इसलिए इनके अनुमानों में पूरे नमूने की तुलना में अधिक नमूना-अनिश्चितता है।

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चुनावी अनुमानों में उत्साह क्यों मायने रखता है

करीब पांच में से चार उत्तरदाताओं, यानी 79.7% ने कहा कि वे निश्चित रूप से वोट देंगे और अन्य 12.9% ने कहा कि वे संभवतः मतदान करेंगे। कुल मिलाकर, 92.6% ने मतदान में किसी न किसी रूप में हिस्सा लेने का इरादा जताया। हुआंग ने अनुमान लगाया कि वास्तविक मतदान 70% से अधिक हो सकता है।

निश्चित रूप से मतदान करने की बात कहने वाले उत्तरदाताओं में शेन को 56.7% और च्यांग को 35.2% समर्थन मिला। अंतर 21.5 प्रतिशत अंक का था। एसोसिएशन का चुनावी अनुमान इससे कहीं करीबी होने के कारण खास तौर पर उल्लेखनीय है।

ताई ने बताया कि राजनीतिक सर्वेक्षणों में जवाब देने को तैयार लोग अक्सर उन लोगों से अधिक राजनीतिक रुचि रखते हैं और अपनी राय व्यक्त करने के लिए अधिक उत्सुक होते हैं, जिनसे बातचीत नहीं हो पाती। इसलिए उनके अनुमान में उत्तरदाताओं की बताई पसंद के साथ-साथ मतदान में भागीदारी और सर्वेक्षण में जवाब न देने वाले लोग भी शामिल हैं।

हुआंग और ताई ने खुलकर अपनी पसंद बताने की इच्छा में बदलाव का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि राजनीतिक माहौल ने डीपीपी खेमे के समर्थकों को अपनी पहचान बताने के लिए अधिक उत्सुक किया है, जबकि कुछ कुओमिन्तांग समर्थक खामोश हो गए हैं।

उन्होंने इसे मौन का चक्र कहा। इसका मतलब है कि जिन लोगों को लगता है कि उनके राजनीतिक पक्ष पर दबाव है, वे अपनी पसंद बताने से कतराने लग सकते हैं। फिर भी सर्वेक्षण में पांच में से चार से अधिक उत्तरदाताओं ने अपनी पसंद बताई। कितने मतदाता कम बोल रहे हैं और वे किसे वोट देंगे, यह अब भी अनिश्चित है।

नमूने को कितना महत्व दिया जाए, इस पर विवाद

कुओमिन्तांग के नेताओं ने सर्वेक्षण में शामिल लोगों की संरचना पर सवाल उठाए। न्यू ताइपेई नगर परिषद के उम्मीदवार तेंग काई-शुन ने कहा कि डीपीपी खेमे से जुड़े उत्तरदाताओं की संख्या कुओमिन्तांग खेमे से जुड़े लोगों से 15.6 प्रतिशत अंक अधिक थी। उन्होंने लिंग, चुनावी क्षेत्र, उम्र और शिक्षा के आधार पर आंकड़ों में समायोजन करने, लेकिन पार्टी-पसंद के लिए ऐसा समायोजन न करने की आलोचना की।

वेटिंग का अर्थ है अंतिम गणना में अलग-अलग जवाबों का प्रभाव बदलना। उदाहरण के लिए, सर्वेक्षण किसी आयु वर्ग के जवाबों का योगदान इस तरह समायोजित कर सकता है कि वह जनसंख्या में उस वर्ग की हिस्सेदारी से बेहतर मेल खाए। यहां विवाद इस बात पर है कि क्या पार्टी-पसंद को भी किसी चुने हुए मानक के अनुरूप समायोजित किया जाना चाहिए।

उसी साल हुए दो टीवीबीएस सर्वेक्षणों में पार्टी-पसंद के अनुपात का इस्तेमाल करके की गई गणना में मुख्य नतीजा पलट गया और च्यांग सात अंकों से आगे आ गए। यह उस गणना से अलग है, जिसमें मतदान के अनुमानों के आधार पर करीबी मुकाबले की बात कही गई थी।

ताई ने तर्क दिया कि पार्टी-पसंद के आधार पर वेटिंग करने से जनमत की तस्वीर बिगड़ सकती है और चुनावी मुकाबले की गलत व्याख्या हो सकती है। चुनाव अभियान के दौरान लोगों की पार्टी-पहचान भी बदल सकती है, इसलिए किसी तय मानक का चुनाव महत्वपूर्ण है।

एसोसिएशन ने प्रश्नावली तैयार करने और नतीजों का विश्लेषण करने के लिए ताई को नियुक्त किया था, जबकि बीकन मार्केट रिसर्च ने साक्षात्कार किए। अक्टूबर के सर्वेक्षण में ताइपेई के 20 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ऐसे निवासी शामिल थे, जिनका घरेलू पंजीकरण शहर में था। कुल 1,075 साक्षात्कारों में 753 आवासीय टेलीफोन और 322 मोबाइल फोन के जरिए हुए, यानी क्रमशः करीब 70% और 30%। सर्वेक्षण में अधिकतम नमूना त्रुटि प्लस-माइनस तीन प्रतिशत अंक बताई गई।

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उपयुक्तता, पार्टी बदलने की पसंद और चुनावी अभियानों की प्रतिक्रिया

जब उत्तरदाताओं से पूछा गया कि कौन-सा उम्मीदवार मेयर पद के लिए उपयुक्त है, तब भी शेन आगे रहे। कुल 56.6% ने उन्हें उपयुक्त और 27.5% ने अनुपयुक्त बताया। च्यांग को 41.2% ने उपयुक्त और 46.8% ने अनुपयुक्त माना।

सितंबर की तुलना में शेन की उपयुक्तता रेटिंग 10.4 प्रतिशत अंक बढ़ी, जबकि च्यांग की 8.8 अंक घटी। हुआंग ने कहा कि उम्मीदवार की उपयुक्तता और मतदान की पसंद आपस में जुड़ी हैं, लेकिन दोनों अलग-अलग चुनावों को मापती हैं।

ताइपेई में किस पार्टी को शासन करना चाहिए, इस सवाल पर 48.7% ने डीपीपी को मौका देने के पक्ष में और 31.7% ने कुओमिन्तांग का शासन जारी रखने के पक्ष में राय दी। सितंबर में ये आंकड़े क्रमशः 42.0% और 38.0% थे। अक्टूबर में निश्चित रूप से मतदान करने वालों में डीपीपी शासन का समर्थन 54.7% और कुओमिन्तांग शासन का 32.6% था।

कुओमिन्तांग के प्रतिनिधियों ने जवाब में शेन और डीपीपी की न्यू ताइपेई मेयर पद की उम्मीदवार सु च्याओ-हुई से अपनी प्रतिबद्धता दिखाने के लिए विधायी सीटों से इस्तीफा देने की मांग की। एसोसिएशन के पहले के एक सर्वेक्षण में सु 13 अंकों से आगे थीं। न्यू ताइपेई परिषद के उम्मीदवार हो युआन-काई ने एसोसिएशन पर डीपीपी का आत्मविश्वास बढ़ाने, कुओमिन्तांग समर्थकों को हतोत्साहित करने और तटस्थ मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सर्वेक्षणों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

च्यांग ने कहा कि वह अपने चुनावी अभियान की योजनाओं और गति को बरकरार रखेंगे। उनके चुनावी मुख्यालय की अध्यक्ष ताइचुंग की मेयर लू शिउ-येन से कमजोर सर्वेक्षण नतीजों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्होंने यह जानकारी नहीं देखी है और कुछ कहने के लिए और जानकारी मिलने का इंतजार करेंगी।

राजधानी से बाहर भी फैल रहा उत्साह

डीपीपी के चुनावी आकलन के मुताबिक, शेन के इर्द-गिर्द उत्साह से कई अन्य चुनावों में भी बढ़ावा मिला है। उनके चीनी नाम के एक पात्र के संदर्भ में इसे यांग लहर कहा गया है। आंतरिक अनुमानों के मुताबिक, कई स्थानीय चुनावों में इसका सकारात्मक असर कम से कम छह प्रतिशत अंक का है।

इन आकलनों में सु के न्यू ताइपेई अभियान को स्थिर बढ़त की ओर बढ़ता बताया गया है, जबकि कीलुंग और ताइचुंग के मुकाबले लगभग बराबरी पर पहुंच रहे हैं। ताइतुंग, ताओयुआन और शिनचु शहर में भी हालात बेहतर बताए गए हैं, जबकि काऊशुंग में डीपीपी के उम्मीदवार लाई रुई-लुंग की बढ़त बढ़ रही है। छह अंकों का यह अनुमान आंतरिक चुनावी आकलनों पर आधारित है, ताइपेई के टेलीफोन सर्वेक्षण पर नहीं।

डीपीपी की योजना है कि दूसरे क्षेत्रों के उम्मीदवार ताइपेई में शेन के साथ प्रचार करें, ताकि उन्हें लगातार यात्रा करने के बजाय राजधानी पर ध्यान केंद्रित करने का मौका मिले। राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने 14 अक्टूबर की बैठक में पार्टी अधिकारियों को याद दिलाया कि सर्वेक्षण के आंकड़े और अंतिम मत अलग होते हैं। वहीं, पार्टी महासचिव श्यू कुओ-युंग ने सतर्क और विनम्र रहने की सलाह दी।

11 से 16 अक्टूबर के बीच हुए एक स्वैच्छिक ऑनलाइन मतदान में भी शेन के प्रति उत्साह दिखा। उन्हें 2,833 वोट यानी 56.1% मिले, जबकि च्यांग को 2,092 वोट यानी 41.5% मिले। इसमें हिस्सा लेना लोगों की अपनी पसंद पर निर्भर था और मतदान ताइपेई के बाहर के लोगों के लिए भी खुला था, इसलिए इसके प्रतिशत सिर्फ इसमें हिस्सा लेने वालों की पसंद दर्शाते हैं। इसके विपरीत, एसोसिएशन के टेलीफोन सर्वेक्षण में ताइपेई में पंजीकृत निवासियों का नमूना जुटाया गया था।

अगली निर्णायक तारीख 28 नवंबर है। शेन को उन तटस्थ और विपक्षी झुकाव वाले उत्तरदाताओं का समर्थन बनाए रखना होगा, जो उनकी ओर आए हैं। च्यांग को अपना समर्थन वापस हासिल करना होगा और कम मुखर समर्थकों को मतदान केंद्र तक लाना होगा। एसोसिएशन के अपने मॉडल के मुताबिक, दोनों अभियानों के बीच मुकाबला कड़ा रहेगा।

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मुख्य बातें

  • अक्टूबर के टेलीफोन सर्वेक्षण में शेन को 50.3% और च्यांग को 33.3% समर्थन मिला। सितंबर में च्यांग की मामूली बढ़त अब पलट गई है।
  • मतदान के अनुमानों में मुकाबला कहीं करीबी रहा। इनमें च्यांग की 0.7 प्रतिशत अंक से संभावित जीत भी शामिल है।
  • तटस्थ मतदाताओं, ताइवान पीपुल्स पार्टी के समर्थकों, महिलाओं और युवा उत्तरदाताओं में शेन का समर्थन बढ़ा।
  • 50 से 59 वर्ष के उत्तरदाताओं और ताइवान पीपुल्स पार्टी के समर्थकों में च्यांग को बढ़त बरकरार रही।
  • पार्टी-पसंद के आधार पर वेटिंग को लेकर विवाद के चलते समर्थन के आंकड़ों की गणना में बड़ा अंतर आया।
  • सर्वेक्षण में 14 से 16 अक्टूबर के बीच ताइपेई के 1,075 निवासियों से बातचीत की गई। अधिकतम नमूना त्रुटि तीन प्रतिशत अंक बताई गई।
  • मतदान 28 नवंबर, 2026 को होना है।
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