मालिकों और बाजार सहभागियों पर 2.1 ट्रिलियन रुपिया का जुर्माना
इंडोनेशिया के वित्तीय सेवा प्राधिकरण, जिसे ओजेके (OJK) के नाम से जाना जाता है, ने 16 अक्टूबर 2026 को दियान स्वास्तातिका सेंतोसा, बारितो रिन्यूएबल्स एनर्जी और पेट्रिंदो जया क्रेआसी के शेयरों से जुड़े कथित उल्लंघनों के मामले में 2.1 ट्रिलियन रुपिया (करीब 11.7 करोड़ डॉलर) का प्रशासनिक जुर्माना लगाने की घोषणा की। नियामक ने स्पष्ट किया कि जुर्माना लाभकारी स्वामियों और शेयरों के कारोबार तथा आवंटन में शामिल अन्य सहभागियों पर लगाया गया है, न कि इन तीन सूचीबद्ध कंपनियों पर।
विषय-सूची
- मालिकों और बाजार सहभागियों पर 2.1 ट्रिलियन रुपिया का जुर्माना
- ओजेके ने कथित डीएसएसए कारोबार योजना का पता कैसे लगाया
- बीआरईएन और कुआन के निर्गमों में क्या हुआ?
- निवेशकों के लिए केंद्रित स्वामित्व क्यों अहम है
- जांच तीन शेयरों से आगे तक पहुंची
- एमएससीआई के दबाव से इंडोनेशिया के लिए दांव बढ़े
- सुधारों का लक्ष्य स्वामित्व का खुलासा और कारोबार योग्य शेयर
- बीआरईएन और कुआन ने कहा, कारोबार सामान्य रूप से जारी
- महत्वपूर्ण तारीखें और आगे की कार्रवाई
- मुख्य बातें
सबसे बड़ा जुर्माना, 1.5 ट्रिलियन रुपिया (करीब 8.33 करोड़ डॉलर), दियान स्वास्तातिका सेंतोसा के शेयरों के लेनदेन से जुड़ा था, जो डीएसएसए (DSSA) टिकर के तहत कारोबार करते हैं। बारितो रिन्यूएबल्स एनर्जी के शेयरों यानी बीआरईएन (BREN) के आवंटन से जुड़े मामले में 500 अरब रुपिया (करीब 2.78 करोड़ डॉलर), जबकि पेट्रिंदो जया क्रेआसी यानी कुआन (CUAN) के मामले में 100 अरब रुपिया (करीब 56 लाख डॉलर) का जुर्माना लगाया गया।
ओजेके ने अपने स्पष्टीकरण में शुरुआती विवरण को सुधारा, जिसमें कंपनियों पर 6.12 करोड़ डॉलर का जुर्माना बताए जाने के साथ डीएसएसए की राशि 2.78 करोड़ डॉलर बताई गई थी। रुपिया में दिए गए विस्तृत ब्योरे के अनुसार डीएसएसए का जुर्माना उस राशि से तीन गुना है और कुल जुर्माने की बड़ी रकम का हिसाब भी स्पष्ट होता है।
पूंजी बाजार, डेरिवेटिव और कार्बन एक्सचेंज निगरानी के लिए ओजेके के कार्यकारी प्रमुख हसन फावजी ने जकार्ता स्थित इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज में जांच के निष्कर्ष पेश किए। जिन श्रेणियों के लोगों पर कार्रवाई हुई, उनमें कारोबारी, अंडरराइटर, निश्चित शेयर आवंटन संभालने वाले पक्ष और अंतिम लाभकारी स्वामी शामिल थे। अंतिम लाभकारी स्वामी वह व्यक्ति होता है जो किसी निवेश का वास्तविक मालिक या नियंत्रक हो, भले ही स्वामित्व की कड़ी में दूसरे लोग या कानूनी संस्थाएं दिखाई दें।
घोषणा में कथित गड़बड़ी के दो अलग-अलग प्रकार सामने आए: डीएसएसए के शेयर की कीमत बढ़ाने के लिए समन्वित कारोबार, और बीआरईएन तथा कुआन के सार्वजनिक निर्गमों में बड़े आवंटन हासिल करने के लिए पहचान छिपाना। दोनों मामलों में ध्यान इस बात पर केंद्रित रहा कि शेयरों पर नियंत्रण किसका था और वे बाजार तक कैसे पहुंचे।
ओजेके ने कथित डीएसएसए कारोबार योजना का पता कैसे लगाया
ओजेके ने कहा कि व्यक्तिगत और संस्थागत ग्राहकों ने कई ब्रोकरेज फर्मों के जरिए योजनाबद्ध और व्यवस्थित तरीके से डीएसएसए शेयरों का कारोबार किया, जिससे शेयर का भाव बढ़ा। नियामक ने बताया कि कारोबार की जांच 2023 से 2026 तक की गई, हालांकि जांच के विवरण में 2024 से 2026 की संकरी अवधि का भी उल्लेख हुआ।
जांचकर्ताओं ने ब्रोकरेज फर्मों से दस्तावेज मांगे और लेनदेन से जुड़े पक्षों के बीच धन के प्रवाह का पता लगाया। इस काम के तहत ओजेके ने कम से कम 12 प्रतिभूति कंपनी निदेशकों, 15 व्यक्तियों और 11 विदेशी कानूनी संस्थाओं को तलब किया।
जांच इंडोनेशिया के पूंजी बाजार कानून की धारा 91 और 92 के कथित उल्लंघनों से संबंधित थी। इन धाराओं में वित्तीय क्षेत्र विकास और सुदृढ़ीकरण कानून, जिसे पी2एसके (P2SK) कानून कहा जाता है, के तहत संशोधन किए गए हैं। ये प्रावधान बाजार में हेरफेर और ऐसी ट्रेडिंग पर लागू होते हैं जो बाजार की गतिविधि या कीमतों की भ्रामक तस्वीर पेश करे।
आम निवेशक यह परखने के लिए कीमतों और कारोबार की गतिविधि देखते हैं कि क्या दूसरे खरीदार सचमुच किसी शेयर में रुचि रखते हैं। समन्वित लेनदेन मांग को वास्तविकता से अधिक दिखाकर इन संकेतों को विकृत कर सकते हैं। ओजेके ने कहा कि डीएसएसए के लेनदेन से कीमत में भारी बढ़ोतरी हुई और गैरकानूनी लाभ अर्जित किया गया।
ओजेके ने यह भी कहा कि उसे प्रतिभूति कंपनियों के निदेशकों द्वारा उल्लंघन के सबूत मिले और उसने कुछ व्यक्तियों के पेशेवर लाइसेंस निलंबित किए। लाइसेंस निलंबित होने पर संबंधित व्यक्ति का विनियमित प्रतिभूति कारोबार करने का अधिकार सीमित हो जाता है। 1.5 ट्रिलियन रुपिया के जुर्माने के आधार पर डीएसएसए मामला कुल 2.1 ट्रिलियन रुपिया का करीब 71% है।
बीआरईएन और कुआन के निर्गमों में क्या हुआ?
बीआरईएन और कुआन को लेकर ओजेके की जांच आरंभिक सार्वजनिक निर्गमों (आईपीओ) पर केंद्रित थी, जिनके जरिए कंपनियां पहली बार सार्वजनिक निवेशकों को शेयर बेचती हैं। नियामक ने कहा कि शुरुआत से ही नियंत्रक शेयरधारकों से जुड़े समूहों के लिए शेयर आरक्षित रखे गए थे।
आरोप है कि नियंत्रकों से संबद्ध पक्षों ने बहुत बड़े आवंटन हासिल करते समय अपनी पहचान छिपाई। ओजेके ने कहा कि इसके परिणामस्वरूप कुछ खास समूहों के पास स्वामित्व केंद्रित हो गया और बाजार में कारोबार के लिए कम शेयर उपलब्ध रहे।
जांच निश्चित आवंटन पर केंद्रित थी। इस प्रक्रिया में तय निवेशकों को पहले से सहमत मात्रा में शेयर दिए जाते हैं। ऐसे आवंटन में आम तौर पर संस्थाएं या बड़े निवेशक किसी अंडरराइटर के साथ काम करते हैं। अंडरराइटर वह प्रतिभूति फर्म होती है जो निर्गम को व्यवस्थित करने और वितरित करने में मदद करती है। ओजेके के निष्कर्षों में छिपी हुई पहचान और संबद्ध पक्षों को दिए गए आवंटन पर ध्यान दिया गया।
ओजेके ने अंडरराइटर के रूप में काम करने वाली चार प्रतिभूति फर्मों और तीन कस्टोडियन बैंकों से जानकारी मांगी। कस्टोडियन बैंक ग्राहकों की प्रतिभूतियों को अपने पास रखते और उनका प्रबंधन करते हैं। जांचकर्ताओं ने संबंधित धन के प्रवाह का पता लगाया और कम से कम पांच प्रतिभूति कंपनी निदेशकों, तीन कस्टोडियन बैंकों के प्रतिनिधियों और निश्चित आवंटन में शामिल सात पक्षों को तलब किया।
बीआरईएन और कुआन की जांच में पूंजी बाजार कानून की धारा 107 और पी2एसके कानून के तहत किए गए संशोधनों के कथित उल्लंघनों का उल्लेख किया गया। ओजेके ने कहा कि उसे शेयर ऑर्डरों में भ्रामक आचरण और आवंटनों से जुड़े गैरकानूनी लाभ के सबूत मिले। हसन ने यह भी कहा कि आवंटन नियमों का उल्लंघन करने वाले पाए गए निवेशकों की जांच की गई।
निवेशकों के लिए केंद्रित स्वामित्व क्यों अहम है
बीआरईएन और कुआन 2023 में स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुए, लेकिन जनता को पेश किए गए शेयरों का अनुपात अलग-अलग था। बीआरईएन 9 अक्टूबर को सूचीबद्ध हुआ और उसने 780 रुपिया प्रति शेयर की कीमत पर अपने 3% शेयर पेश किए। कुआन 8 मार्च को सूचीबद्ध हुआ और उसने 220 रुपिया प्रति शेयर की कीमत पर 15.03% शेयर पेश किए।
इन आंकड़ों के आधार पर कुआन के आईपीओ में जनता को पेश किए गए शेयरों का अनुपात बीआरईएन से करीब पांच गुना था। बाद की जांच में वितरण से जुड़ा अधिक विस्तृत सवाल उठता है: कितने शेयर नियंत्रकों से जुड़े निवेशकों को मिले और क्या उन आवंटनों के पीछे की पहचान सही ढंग से बताई गई थी।
31 मार्च 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, बीआरईएन के शेयरधारकों के एक निर्दिष्ट समूह के पास सामूहिक रूप से 97.31% शेयर थे। साधारण घटाव के अनुसार उस समूह से बाहर 2.69% शेयर बचते हैं। ओजेके ने कहा कि जिन आवंटन प्रक्रियाओं की जांच की गई, उनसे बाजार में बीआरईएन और कुआन के शेयरों की उपलब्धता सीमित हुई।
जनता के लिए कारोबार योग्य शेयरों को निवेशक फ्री फ्लोट कहते हैं। जब इन शेयरों की आपूर्ति कम होती है, तो कीमत को प्रभावित किए बिना बड़ी खरीद या बिक्री करना कठिन हो सकता है। स्वामित्व की सटीक जानकारी से निवेशकों को समझने में मदद मिलती है कि वास्तव में कितने शेयर उपलब्ध हैं और क्या अलग-अलग दिखने वाले शेयरधारक आपस में जुड़े हैं।
जांच तीन शेयरों से आगे तक पहुंची
ओजेके ने तीनों शेयरों को उच्च शेयरधारिता संकेंद्रण सूची में शामिल किया, जिसे एचएससी (HSC) कहा जाता है। यह सूची उन शेयरों की पहचान करती है जिनका स्वामित्व कुछ खास शेयरधारकों के बीच केंद्रित है। इस सूची की जांच डीएसएसए, बीआरईएन और कुआन से कहीं आगे तक फैली हुई है।
पूंजी बाजार की निगरानी के लिए जिम्मेदार ओजेके के कार्यकारी हसन फावजी ने जकार्ता में आयोजित समाचार सम्मेलन में निष्कर्षों का ब्योरा दिया:
"एचएससी सूची में शामिल 61 शेयरों में से 31 की जांच की गई है और उनमें पूंजी बाजार से जुड़े संभावित आपराधिक उल्लंघनों के संकेत मिले हैं," हसन ने कहा।
31 शेयर सूची के कुल 61 शेयरों का करीब 51% हैं। ओजेके के बयान से पता चलता है कि एक बड़े समूह के मामलों में आगे कार्रवाई की जरूरत है। इसमें कारोबार के व्यवहार, स्वामित्व के संबंधों और धन के प्रवाह की जांच शामिल है।
ओजेके ने कहा कि जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच 835 पक्षों के खिलाफ प्रतिबंध और प्रवर्तन कार्रवाई की गई। ओजेके की आयुक्त मंडल की अध्यक्ष फ्रिडेरिका विड्यासारी देवी ने कहा कि पूंजी बाजार में सुधार जनवरी से जारी है और प्रवर्तन कार्रवाई इस प्रयास का हिस्सा है।
एमएससीआई के दबाव से इंडोनेशिया के लिए दांव बढ़े
जुर्माने की घोषणा ऐसे समय हुई जब वैश्विक सूचकांक प्रदाता एमएससीआई ने इंडोनेशिया के बाजार मानकों को लेकर चेतावनी दी थी। इंडोनेशियाई शेयर कारोबार के अंत में 12% नीचे रहे। 1998 के बाद बाजार की यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट थी।
एमएससीआई ने अपारदर्शी स्वामित्व, कथित समन्वित कारोबार और बाजार तक निवेशकों की पहुंच को प्रभावित करने वाली समस्याओं पर चिंता जताई। इंडोनेशिया को उभरता बाजार वर्गीकृत किया गया था, लेकिन एमएससीआई ने अक्टूबर में कहा कि यदि नवंबर की समीक्षा तक ठोस प्रगति नहीं दिखती, तो वह इंडोनेशिया को अलग श्रेणी में रखने पर विचार के लिए परामर्श शुरू कर सकता है।
एमएससीआई सूचकांक निवेश के लिए संदर्भ सूची की तरह काम करते हैं। कुछ फंड इनकी संरचना की नकल करते हैं, जबकि अन्य प्रदर्शन की तुलना के लिए इनका इस्तेमाल करते हैं। व्यापक रूप से अपनाए जाने वाले सूचकांकों से बाहर होने पर उनका अनुसरण करने वाले फंड संबंधित शेयर बेच सकते हैं। इसलिए अंतरराष्ट्रीय निवेश आकर्षित करने वाली कंपनियों के लिए वर्गीकरण व्यावहारिक रूप से अहम है।
अलग श्रेणी में रखे जाने का अर्थ होगा कि इंडोनेशिया एमएससीआई के विकसित, उभरते और सीमांत बाजार समूहों से बाहर होगा। एमएससीआई ने संकेत दिया था कि सीमांत बाजार का दर्जा निवेशकों द्वारा जताई गई चिंताओं की गंभीरता को पर्याप्त रूप से नहीं दर्शाएगा।
मई में एमएससीआई इंडोनेशिया इंडेक्स से हटाई गई छह कंपनियों में डीएसएसए, बीआरईएन और कुआन भी शामिल थे। इसलिए अक्टूबर में जुर्माने की घोषणा इन शेयरों के सूचकांक से बाहर होने के बाद आई, जबकि पूरे देश के बाजार वर्गीकरण की फिर से समीक्षा हो रही थी।
सुधारों का लक्ष्य स्वामित्व का खुलासा और कारोबार योग्य शेयर
इंडोनेशिया के जवाबी उपायों में 1% से अधिक हिस्सेदारी रखने वाले शेयरधारकों के लिए खुलासे की शर्तें और कम से कम 15% फ्री फ्लोट की अनिवार्यता शामिल है। ये उपाय निवेशकों की दो व्यावहारिक जरूरतें पूरी करते हैं: बड़े मालिकों की पहचान और कारोबार के लिए पर्याप्त शेयरों की उपलब्धता।
फ्रिडेरिका ने निवेशकों को वर्गीकृत करने की अधिक विस्तृत प्रणाली का भी ब्योरा दिया। इसमें श्रेणियों की संख्या नौ से बढ़ाकर 39 की जा रही है। अधिक सटीक श्रेणियों से अधिकारियों को निवेशकों के अलग-अलग प्रकार पहचानने और स्वामित्व तथा कारोबार के रुझानों की जांच करने में मदद मिल सकती है।
वर्गीकरण तय करते समय एमएससीआई बाजार के आकार, तरलता और पहुंच का आकलन करता है। तरलता का अर्थ है कि निवेशक कीमत में बड़ी हलचल किए बिना कितनी आसानी से खरीद या बिक्री कर सकते हैं। पहुंच में यह शामिल है कि क्या अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को भरोसेमंद जानकारी मिल सकती है, क्या वे कारोबार और निपटान कर सकते हैं तथा सीमाओं के पार धन भेज सकते हैं।
ओजेके ने कहा कि तीनों मामले पहले शुरू की गई जांचों से जुड़े हैं। फ्रिडेरिका ने इस सुझाव को खारिज किया कि कार्रवाई की घोषणा उसी सुबह एमएससीआई की घोषणा से प्रेरित थी। उन्होंने कहा कि जांच के लिए लंबी और व्यापक प्रक्रिया की जरूरत थी। इन लेनदेन को लेकर आरोपों पर करीब तीन साल से चर्चा हो रही थी।
प्रवर्तन मामलों और सुधारों के बीच सीधा संबंध है: खुलासे के नियम छिपे हुए स्वामित्व को संबोधित करते हैं, जबकि फ्री फ्लोट के नियम निवेशकों के लिए उपलब्ध शेयरों की आपूर्ति पर ध्यान देते हैं। ओजेके के निष्कर्ष बीआरईएन और कुआन के आवंटन मामलों में दोनों मुद्दों को केंद्र में रखते हैं।
बीआरईएन और कुआन ने कहा, कारोबार सामान्य रूप से जारी
बीआरईएन प्रबंधन ने 16 अक्टूबर को कहा कि वह फैसले का सम्मान करता है, सहयोग करेगा और पूंजी बाजार के नियमों का पालन करेगा। कंपनी ने कहा कि उसके और उसकी सहायक कंपनियों के कामकाज सामान्य रूप से जारी हैं।
बीआरईएन ने ओजेके के तहत इंडोनेशिया के पूंजी बाजार सुधार कार्यक्रम के प्रति भी समर्थन जताया। कंपनी के बयान में कहा गया कि प्रबंधन कारोबारी गतिविधियां बिना रुकावट जारी रखने पर ध्यान दे रहा है।
कुआन ने कहा कि वह ओजेके और इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज के फैसलों का सम्मान करता है तथा उन्हें लागू करने के लिए जरूरी जानकारी देने और सहयोग करने को तैयार है। कंपनी ने कहा कि मूल कंपनी और उसकी सहायक कंपनियों का कामकाज सामान्य रूप से जारी है, साथ ही उसके कारोबारी, वित्तीय और अन्य दायित्व भी पूरे किए जा रहे हैं।
ओजेके के स्पष्टीकरण के अनुसार वित्तीय जुर्माने संबंधित मालिकों और बाजार सहभागियों पर लगाए गए हैं। कंपनियों के बयानों से कर्मचारियों, ग्राहकों और निवेशकों की एक अलग चिंता का जवाब मिलता है: क्या प्रवर्तन फैसलों को लागू किए जाने के दौरान सामान्य कारोबारी गतिविधियां जारी रहेंगी।
महत्वपूर्ण तारीखें और आगे की कार्रवाई
ये मामले कंपनियों की सूचीबद्धता, कई वर्षों की कारोबारी जांच और नजदीक आती एमएससीआई समीक्षा तक फैले हैं। मुख्य तारीखें इस प्रकार हैं:
- 8 मार्च 2023: कुआन इंडोनेशिया स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हुआ और अपने 15.03% शेयर पेश किए।
- 9 अक्टूबर 2023: बीआरईएन सूचीबद्ध हुआ और अपने 3% शेयर पेश किए।
- 2023 से 2026: ओजेके की डीएसएसए कारोबार जांच की आम तौर पर बताई गई अवधि; 2024 से 2026 का भी उल्लेख हुआ।
- जनवरी से अक्टूबर 2026: ओजेके ने कहा कि 835 पक्षों के खिलाफ प्रतिबंध और प्रवर्तन कार्रवाई की गई।
- मई 2026: डीएसएसए, बीआरईएन और कुआन उन छह शेयरों में शामिल थे जिन्हें एमएससीआई इंडोनेशिया इंडेक्स से हटाया गया।
- 16 अक्टूबर 2026: ओजेके ने 2.1 ट्रिलियन रुपिया के जुर्माने की घोषणा की और जकार्ता में निष्कर्षों का विवरण दिया।
- नवंबर 2026: एमएससीआई की अगली बाजार वर्गीकरण समीक्षा निर्धारित थी।
राष्ट्रीय पुलिस प्रमुख सियुदी आरियो सेतो ने कहा कि आपराधिक जांच एजेंसी, जिसे बारेस्क्रिम (Bareskrim) कहा जाता है, पूंजी बाजार के कथित अपराधों से जुड़ी जानकारी और शिकायतों पर आगे कार्रवाई करेगी। कानूनी कदम उठाने से पहले पुलिस सबूत जुटाएगी।
समाचार सम्मेलन में पुलिस की कार्रवाई पर बात करते हुए सियुदी ने कहा:
"हमारे द्वारा जुटाए गए सबूतों के आधार पर इन पूंजी बाजार से जुड़े मुद्दों पर कानूनी निश्चितता देने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी," उन्होंने कहा।
यहां वर्णित घोषणा में ओजेके ने जुर्माना पाने वाले प्रत्येक पक्ष और उस पर लगाई गई राशि की पूरी सूची प्रकाशित नहीं की। आगे की कार्रवाई में प्रशासनिक प्रतिबंध लागू करना, जांच जारी रखना और कथित आपराधिक कृत्यों पर कदम उठाना शामिल है। नवंबर में होने वाली एमएससीआई समीक्षा इंडोनेशिया के व्यापक सुधार प्रयास के लिए अगला घोषित पड़ाव है।
मुख्य बातें
- ओजेके ने डीएसएसए, बीआरईएन और कुआन के शेयरों से जुड़े मामलों में 2.1 ट्रिलियन रुपिया (करीब 11.7 करोड़ डॉलर) के जुर्माने की घोषणा की।
- नियामक ने स्पष्ट किया कि जुर्माना लाभकारी स्वामियों और बाजार के अन्य सहभागियों पर लगा है, तीनों सूचीबद्ध कंपनियों पर नहीं।
- डीएसएसए कारोबार उल्लंघन के मामले में 1.5 ट्रिलियन रुपिया, जबकि बीआरईएन और कुआन के आवंटन मामलों में क्रमशः 500 अरब और 100 अरब रुपिया का जुर्माना लगा।
- ओजेके ने डीएसएसए में समन्वित कारोबार और बीआरईएन तथा कुआन के बड़े शेयर आवंटन हासिल करने के लिए पहचान छिपाने का आरोप लगाया।
- नियामक ने केंद्रित स्वामित्व वाली सूची के 61 शेयरों में से 31 में संभावित आपराधिक उल्लंघनों की पहचान की।
- बीआरईएन और कुआन ने कहा कि उनका कामकाज सामान्य रूप से जारी है और उन्होंने सहयोग का भरोसा दिया।
- पुलिस ने सबूत जुटाने की योजना बताई, जबकि एमएससीआई की अगली वर्गीकरण समीक्षा नवंबर 2026 में निर्धारित थी।






