व्यापक चेतावनी नेटवर्क, सुरक्षित जगह लेने के लिए कुछ सेकंड
Google अपने Android भूकंप अलर्ट सिस्टम का विस्तार 98 देशों और क्षेत्रों से बढ़ाकर 200 से अधिक तक कर रहा है। इनमें पनामा और ग्वाटेमाला भी शामिल हैं। 2021 से अब तक एक अरब से अधिक अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस विस्तार से सिस्टम की भौगोलिक पहुंच दोगुने से अधिक हो जाएगी। साथ ही, आसपास दर्ज किए गए झटकों की अधिक स्पष्ट जानकारी देने की योजना है।
विषय-सूची
- व्यापक चेतावनी नेटवर्क, सुरक्षित जगह लेने के लिए कुछ सेकंड
- नए इलाकों में अलर्ट कब मिलेंगे?
- झटकों के अलग-अलग स्तरों के लिए तीन तरह के अलर्ट
- नया नक्शा क्या दिखाएगा
- आम फोन सेंसर कैसे बनता है
- यह सिस्टम यहां तक कैसे पहुंचा
- चेतावनी मिलने के समय पर परीक्षण में क्या पता चला
- एशिया के भूकंप नतीजों की विविधता दिखाते हैं
- उपयोगकर्ताओं को क्या चाहिए और उनकी प्रतिक्रिया
- मुख्य बातें
2026 में प्रकाशित अपनी 15 अक्टूबर की घोषणा में Google ने कहा कि बेहतर ‘बी रेडी’ अलर्ट में उस इलाके का नक्शा दिखेगा जहां झटके दर्ज किए गए हों, भूकंप की अनुमानित तीव्रता और सुरक्षा के सुझाए गए उपाय भी बताए जाएंगे। ये सुविधाएं आने वाले महीनों में शुरू होंगी; भौगोलिक विस्तार के साथ हर जगह तुरंत उपलब्ध नहीं होंगी।
यह सेवा Android फोन से मिले मापों का इस्तेमाल करके शुरू हो चुके भूकंप का पता लगाती है और फिर उन लोगों को चेतावनी भेजती है जिन्हें झटके महसूस हो सकते हैं। इसका व्यावहारिक मकसद सरल है: किसी खतरनाक वस्तु से दूर जाने या तेज झटके पहुंचने से पहले सुरक्षित जगह लेने के लिए लोगों को पर्याप्त समय देना।
Google के मुताबिक, मोबाइल फोन पर आधारित यह दुनिया का सबसे बड़ा भूकंप पहचान नेटवर्क है। उसके शोध से यह भी पता चलता है कि चेतावनी का समय अलग-अलग क्यों होता है: कुछ लोगों को झटके महसूस होने से पहले अलर्ट मिलता है, जबकि कुछ को झटकों के दौरान या बाद में।
नए इलाकों में अलर्ट कब मिलेंगे?
नए समर्थित क्षेत्रों में सेवा का विस्तार 15 अक्टूबर से शुरू हुआ और अगले सप्ताह के भीतर पूरा होने की उम्मीद थी। Google ने पनामा और ग्वाटेमाला को नए क्षेत्रों में शामिल बताया, लेकिन घोषणा में सभी नए देशों और क्षेत्रों की सूची नहीं दी।
पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने अपने देश के शामिल होने की घोषणा की और Google के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने खतरनाक झटके आने से पहले थोड़ा-सा समय मिलने की अहमियत बताई:
एक ऐसा उपकरण जो भूकंप की स्थिति में हमें समय दिला सके, जहां जीवन बचाने के लिए हर सेकंड मायने रखता है,
मुलिनो की घोषणा के ब्यौरे में पनामा में सेवा शुरू होने की सटीक तारीख नहीं बताई गई। व्यापक विस्तार कार्यक्रम के अनुसार, 15 अक्टूबर के बाद वाले सप्ताह के भीतर नए क्षेत्र जुड़ने थे, जबकि बेहतर ‘बी रेडी’ डिस्प्ले के लिए अलग समयसीमा है, जो आने वाले महीनों तक जारी रहेगी।
झटकों के अलग-अलग स्तरों के लिए तीन तरह के अलर्ट
समर्थित क्षेत्रों में Android उपयोगकर्ताओं को तीन में से एक चेतावनी मिल सकती है। Google उपयोगकर्ता की जगह पर अपेक्षित झटकों के आधार पर अलर्ट चुनता है। इसलिए एक ही भूकंप से अलग-अलग दूरी पर मौजूद लोगों को अलग निर्देश मिल सकते हैं।
- ‘बी अवेयर’ उपयोगकर्ताओं को बताता है कि पास में भूकंप दर्ज किया गया है और हल्के झटके आने की आशंका है।
- ‘बी रेडी’ तब अधिक विस्तृत चेतावनी देता है जब तेज झटकों की आशंका हो और उपयोगकर्ताओं को कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहता है।
- ‘टेक एक्शन’ स्क्रीन भरकर तत्काल सुरक्षा निर्देश देता है, जब मध्यम से तेज झटकों की आशंका हो।
Google की भूकंप अलर्ट गाइड के अनुसार, 4.5 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंपों के लिए चेतावनी भेजी जाती है। अलर्ट का स्तर स्थानीय झटकों की तीव्रता पर भी निर्भर करता है, जिसे संशोधित मर्काली तीव्रता पैमाने (MMI) से मापा जाता है। मैग्नीट्यूड भूकंप के आकार को बताता है, जबकि तीव्रता किसी खास जगह पर उसके झटकों की ताकत बताती है।
गाइड में MMI 3 या 4 पर जागरूकता अलर्ट, बड़े भूकंपों के दौरान MMI 4 पर तैयारी के अलर्ट और MMI 5 या उससे अधिक पर सबसे तात्कालिक अलर्ट का उल्लेख है। स्तरों में यह मेल अलग-अलग चेतावनी स्थितियों को दर्शाता है, न कि झटकों के तीन पूरी तरह अलग-अलग दायरों को।
चेतावनी की तात्कालिकता के अनुसार फोन का व्यवहार बदलता है। जागरूकता अलर्ट डिवाइस की सामान्य सेटिंग के अनुसार आते हैं। तैयारी के अलर्ट साइलेंट मोड को निष्क्रिय कर सकते हैं। सबसे तात्कालिक चेतावनी साइलेंट मोड को निष्क्रिय करती है, स्क्रीन चालू करती है और तेज आवाज करती है।
नया नक्शा क्या दिखाएगा
अपडेट किया गया ‘बी रेडी’ अलर्ट कई जानकारियां एक साथ देगा: झटके दर्ज किए गए क्षेत्र की त्रिज्या दिखाने वाला नक्शा, अनुमानित तीव्रता, उपयोगकर्ता के लिए सुझाए गए कदम और जानकारी आने पर आगे का विवरण पाने के लिए एक बटन।
Google की मौजूदा गाइड में पहले से सुरक्षा जानकारी और अलर्ट पर टैप करने के बाद उपलब्ध भूकंप के शुरुआती स्थान तथा मैग्नीट्यूड का नक्शा बताया गया है। घोषित अपडेट ‘बी रेडी’ अनुभव में ही अधिक उपयोगी जानकारी जोड़ेगा, जहां उपयोगकर्ताओं के पास यह तय करने के लिए कुछ ही सेकंड हो सकते हैं कि क्या करना है।
दर्ज किए गए झटकों का नक्शा और भूकंप का अधिकेंद्र अलग-अलग मकसद पूरा करते हैं। अधिकेंद्र पृथ्वी की सतह पर उस जगह के ठीक ऊपर स्थित बिंदु है जहां से भूकंप शुरू होता है। झटकों का नक्शा प्रभावित व्यापक क्षेत्र की जानकारी देता है। स्थानीय परिस्थितियां और दूरी इस बात को प्रभावित करती हैं कि लोगों को क्या महसूस होगा। इसलिए केवल मैग्नीट्यूड से यह नहीं बताया जा सकता कि किसी खास जगह पर झटके कितने तेज होंगे।
Google के उदाहरण वाले ग्राफिक में करीब 16 मील दूर आए 6.1 मैग्नीट्यूड के अनुमानित भूकंप को दिखाया गया है। यह आंकड़ा नियोजित डिस्प्ले का उदाहरण है; वास्तविक मैग्नीट्यूड, दूरी और सुझाई गई कार्रवाई दर्ज किए गए भूकंप पर निर्भर करेगी।
आम फोन सेंसर कैसे बनता है
Android फोन में एक्सेलेरोमीटर होते हैं, जो गति मापने वाले छोटे सेंसर हैं। यही सेंसर फोन को यह पहचानने में मदद करता है कि उसे तिरछा घुमाया गया है या नहीं। फोन स्थिर होने पर यह जमीन की हलचल भी दर्ज कर सकता है।
Android के प्रमुख सॉफ्टवेयर इंजीनियर मार्क स्टोगेटिस की लिखी Google की जुलाई 2025 की शोध व्याख्या बताती है कि फोन भूकंप की पहली, तेज गति से चलने वाली भूकंपीय तरंगों का पता लगा सकता है। इन्हें P तरंगें कहा जाता है। इसके बाद फोन Google के भूकंप पहचान सर्वर को एक सिग्नल और अनुमानित स्थान भेजता है।
सर्वर कई फोन से मिले मापों को मिलाकर तय करते हैं कि भूकंप आया है या नहीं, और उसके स्थान तथा मैग्नीट्यूड का अनुमान लगाते हैं। फिर वे धीमी S तरंगों के दूसरे उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने से पहले चेतावनी भेजने की कोशिश करते हैं। ये तरंगें अधिक तेज झटके पैदा कर सकती हैं। चेतावनी संचार नेटवर्क के जरिये उन भूकंपीय तरंगों से तेज पहुंचती है जो जमीन के भीतर से गुजरती हैं।
Google के मुताबिक, दो अरब से अधिक Android फोन संभावित पहचान नेटवर्क का हिस्सा हैं। फोन विशेष भूकंपीय उपकरणों जितने संवेदनशील नहीं होते, लेकिन उनकी बड़ी संख्या उन जगहों पर भी माप जुटाने में मदद करती है जहां विशेषज्ञ निगरानी नेटवर्क सीमित हैं या मौजूद नहीं हैं।
कैलिफोर्निया, वॉशिंगटन और ओरेगन में पहचान की अलग व्यवस्था है। वहां Android, ShakeAlert के डेटा का इस्तेमाल करके चेतावनियां भेजता है। Google की गाइड के मुताबिक, ShakeAlert नेटवर्क में 1,675 भूकंपीय सेंसर हैं। इस तरह Android कहीं विशेष नेटवर्क से मिली चेतावनी पहुंचाने का माध्यम है, तो दूसरी जगह फोन पर आधारित पहचान प्रणाली का हिस्सा।
यह सिस्टम यहां तक कैसे पहुंचा
Google का विस्तार कई वर्षों के संचालन और मूल्यांकन के बाद हुआ है। उसके शोध के अनुसार, Android से मिली पहचान के आधार पर अलर्ट अप्रैल 2021 में न्यूजीलैंड और ग्रीस से शुरू हुए। 2023 के अंत तक यह सेवा 98 देशों में सक्रिय थी।
- 2019: Google के अनुमान के मुताबिक, दुनिया भर में करीब 25 करोड़ लोगों को भूकंप की शुरुआती चेतावनी प्रणालियों तक पहुंच थी।
- अप्रैल 2021: Google ने न्यूजीलैंड और ग्रीस में Android फोन से मिली पहचान के आधार पर अलर्ट भेजना शुरू किया।
- 2023 के अंत तक: Android सिस्टम 98 देशों में सक्रिय था।
- 17 जुलाई, 2025: साइंस जर्नल में प्रकाशित शोध ने तीन साल के संचालन का आकलन किया। इसी दौरान Google ने सिस्टम पर एक व्यापक अपडेट भी जारी किया।
- 15 अक्टूबर, 2026: Google ने एक अरब से अधिक कुल अलर्ट भेजे जाने के साथ कवरेज को 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों तक बढ़ाने की घोषणा की।
जुलाई 2025 के अपडेट में बताया गया कि 18,000 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए और 2,000 से अधिक भूकंपों के लिए चेतावनियां भेजी गईं, जिनसे कुल 79 करोड़ व्यक्तिगत अलर्ट जारी हुए। ये आंकड़े अलग-अलग चीजें मापते हैं: भूकंप की पहचान होने पर जरूरी नहीं कि जनता के लिए चेतावनी भी जारी की जाए, जबकि एक ही भूकंप पर फोन को लाखों सूचनाएं भेजी जा सकती हैं।
Google का अनुमान था कि भूकंप की शुरुआती चेतावनी तक पहुंच 2019 में करीब 25 करोड़ लोगों से बढ़कर 2.5 अरब लोगों तक पहुंच गई थी। यह बढ़ोतरी मुख्य रूप से Android सिस्टम के कारण हुई। ये आंकड़े दस गुना वृद्धि दर्शाते हैं। ताजा भौगोलिक विस्तार से नेटवर्क की पहुंच और बढ़ेगी, हालांकि घोषणा में आबादी का नया आंकड़ा नहीं दिया गया है।
चेतावनी मिलने के समय पर परीक्षण में क्या पता चला
17 जुलाई, 2025 को प्रकाशित साइंस शोधपत्र में तीन वर्षों के दौरान सिस्टम का अध्ययन किया गया। इसमें उस अवधि में भूकंप चेतावनी की 1,200 से अधिक घटनाओं और 98 देशों में हर महीने औसतन करीब 60 घटनाओं तथा 1.8 करोड़ व्यक्तिगत अलर्ट जारी होने की जानकारी दी गई।
तुर्किये में सिस्टम ने हर महीने औसतन 312 भूकंप दर्ज किए, जिनकी तीव्रता 1.9 से 7.8 तक थी। इसमें छोटे झटके भी शामिल थे, जबकि जनता के लिए 4.5 या उससे अधिक मैग्नीट्यूड वाले भूकंपों पर अलर्ट भेजे गए।
अध्ययन में उपयोगकर्ताओं से मिली प्रतिक्रिया के अनुसार, 85% लोगों ने झटके महसूस किए। इसमें यह भी दर्ज किया गया कि 36% लोगों को झटके आने से पहले, 28% को झटकों के दौरान और 23% को बाद में अलर्ट मिला। ये आंकड़े कुछ सेकंड पहले चेतावनी मिलने के वादे के पीछे का वास्तविक अनुभव दिखाते हैं: अलर्ट कब पहुंचेगा, यह व्यक्ति के स्थान और पहचान तथा सूचना पहुंचने की गति पर निर्भर करता है।
Google के सामने समय को लेकर लगातार चुनौती रहती है। अधिक माप का इंतजार करने से अनुमान बेहतर हो सकता है, लेकिन लोगों को चेतावनी देने के लिए समय कम बचता है। कंपनी ने बताया कि शुरुआती मैग्नीट्यूड अनुमान की औसत निरपेक्ष त्रुटि तीन वर्षों में 0.50 से घटकर 0.25 हो गई। सरल शब्दों में, अनुमान की इन त्रुटियों का मध्य मान आधा रह गया।
एशिया के भूकंप नतीजों की विविधता दिखाते हैं
नवंबर 2023 में फिलीपींस में आए 6.7 मैग्नीट्यूड के भूकंप के दौरान सिस्टम ने भूकंप शुरू होने के 18.3 सेकंड बाद पहला अलर्ट भेजा। Google के मुताबिक, अधिकेंद्र के सबसे करीब और सबसे तेज झटके महसूस करने वाले लोगों को 15 सेकंड तक पहले चेतावनी मिली। ज्यादा दूर मौजूद और मध्यम झटके महसूस करने वाले लोगों को एक मिनट तक पहले अलर्ट मिला। करीब 25 लाख लोगों को चेतावनी भेजी गई।
उसी महीने नेपाल में आए 5.7 मैग्नीट्यूड के भूकंप के दौरान पहला अलर्ट भूकंप शुरू होने के 15.6 सेकंड बाद भेजा गया। मध्यम से तेज झटके महसूस करने वाले लोगों को 10 से 60 सेकंड पहले चेतावनी मिली और एक करोड़ से अधिक अलर्ट भेजे गए।
अप्रैल 2025 में तुर्किये में आए 6.2 मैग्नीट्यूड के भूकंप के दौरान पहला अलर्ट आठ सेकंड बाद भेजा गया। Google के मुताबिक, मध्यम से तेज झटके महसूस करने वाले लोगों को कुछ सेकंड से लेकर 20 सेकंड तक पहले चेतावनी मिली और 1.1 करोड़ से अधिक अलर्ट भेजे गए।
Google के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई ने विस्तार पर बात करते हुए वेनेजुएला के भूकंपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अधिकेंद्र से बाहर के लाखों लोगों को अलर्ट मिले और वे झटके शुरू होने से पहले सुरक्षित जगह ले सके। एशिया के उदाहरणों में समय के अधिक विस्तृत आंकड़े हैं, जो दिखाते हैं कि चेतावनी का समय हर घटना और स्थान के साथ कैसे बदलता है।
उपयोगकर्ताओं को क्या चाहिए और उनकी प्रतिक्रिया
अलर्ट पाने के लिए Android उपयोगकर्ताओं के फोन में वाई-फाई या मोबाइल डेटा कनेक्शन होना चाहिए, लोकेशन सेटिंग चालू होनी चाहिए और Android भूकंप अलर्ट सक्रिय होने चाहिए। Google के मुताबिक, अलर्ट भेजने के लिए डिवाइस की अनुमानित लोकेशन का इस्तेमाल किया जाता है। उपयोगकर्ता डिवाइस की सेटिंग में जाकर यह सेवा बंद कर सकते हैं।
Google के जुलाई 2025 के शोध अपडेट में बताए गए सर्वेक्षण में 15 लाख से अधिक लोगों ने जवाब दिया। उनमें से 85% ने अलर्ट को बहुत उपयोगी बताया। जिन लोगों को अलर्ट मिला लेकिन झटके महसूस नहीं हुए, उनमें भी 79% ने इसे बहुत उपयोगी माना।
‘टेक एक्शन’ चेतावनी पाने वालों ने ‘बी अवेयर’ अलर्ट पाने वालों की तुलना में तेज झटके महसूस किए जाने की सूचना अधिक दी। Google ने यह भी बताया कि ‘टेक एक्शन’ अलर्ट पाने वालों की सबसे आम प्रतिक्रिया थी: झुकें, किसी मजबूत चीज के नीचे पनाह लें और पकड़े रहें। इस उपाय का मकसद झटकों के दौरान गिरती वस्तुओं के संपर्क में आने का जोखिम कम करना है।
विस्तारित नेटवर्क से अधिक समुदायों को इस चेतावनी प्रक्रिया तक पहुंच मिलेगी। इसकी उपयोगिता कई चरणों के तेजी से पूरा होने पर निर्भर करती है: फोन में हलचल दर्ज होना, सर्वर पर भूकंप का अनुमान लगना, कनेक्टेड डिवाइस पर अलर्ट पहुंचना और व्यक्ति का निर्देशों के अनुसार कदम उठाना। नए ‘बी रेडी’ डिस्प्ले का मकसद अनुमानित मैग्नीट्यूड, प्रभावित क्षेत्र और सुझाई गई कार्रवाई एक साथ दिखाकर इस आखिरी कदम को आसान बनाना है।
मुख्य बातें
- Google ने 15 अक्टूबर, 2026 को 98 देशों और क्षेत्रों से बढ़ाकर 200 से अधिक तक विस्तार की घोषणा की। इसमें पनामा और ग्वाटेमाला शामिल हैं।
- 2021 से अब तक सिस्टम एक अरब से अधिक व्यक्तिगत अलर्ट भेज चुका है।
- 15 अक्टूबर के बाद वाले सप्ताह के भीतर नए क्षेत्रों में सेवा शुरू होने की उम्मीद थी।
- झटकों का नक्शा, अनुमानित मैग्नीट्यूड और सुरक्षा उपायों वाला अधिक विस्तृत ‘बी रेडी’ अलर्ट आने वाले महीनों में शुरू करने की योजना है।
- अलर्ट पाने के लिए कनेक्टिविटी, चालू लोकेशन सेटिंग और सक्रिय Android भूकंप अलर्ट जरूरी हैं।
- शोध में दर्ज हुआ कि अलर्ट झटकों से पहले, उनके दौरान और बाद में पहुंचे। चेतावनी का समय भूकंप और स्थान के अनुसार अलग-अलग रहा।






