ओयू तोलगोई से अपेक्षित 3 ट्रिलियन तुगरिक के लाभांश के इस्तेमाल पर मंगोलिया ने मांगी जनता की राय

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Mongolia Seeks Public Input on Spending 3 Trillion Tugrik in Expected Oyu Tolgoi Dividends

खनन से मिलने वाली रकम ने बचत और सार्वजनिक निवेश को आमने-सामने ला दिया

मंगोलिया नागरिकों से पूछ रहा है कि 2027 में ओयू तोलगोई के लाभांश से मिलने वाली अनुमानित 3 ट्रिलियन तुगरिक की राशि का इस्तेमाल कैसे किया जाए। प्रधानमंत्री उचरल न्याम-ओसोर ने इसका एक-तिहाई बचाने और बाकी बिजली, स्कूलों, सीमा चौकियों तथा उत्पादन पर खर्च करने का प्रस्ताव रखा है। यह परामर्श 14 अक्टूबर 2026 को 09:00 बजे से 28 अक्टूबर को 22:00 बजे तक e-Mongolia और E-Zasag डिजिटल मंचों पर चलेगा।

विषय-सूची
  1. खनन से मिलने वाली रकम ने बचत और सार्वजनिक निवेश को आमने-सामने ला दिया
  2. खदान की संशोधित शर्तों से लाभांश का भुगतान पहले कैसे हो सकता है
  3. जन परामर्श तक की तारीखें
  4. एक-तिहाई बचाना या पूरी राशि नागरिकों के खातों में डालना
  5. बिजली और हीटिंग को निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा
  6. क्षेत्रीय स्कूल, छात्रावास और स्वच्छ हीटिंग
  7. उत्पादन और सीमा चौकियां सूची के बड़े हिस्से को पूरा करती हैं
  8. बड़ा बजट लाभांश पर दबाव बढ़ाता है
  9. ऊर्जा की अन्य योजनाएं मांगों का पैमाना दिखाती हैं
  10. मुख्य बिंदु

सरकार ने 2027 के अपने बजट मसौदे में अनुमानित आय और निवेश प्रस्ताव शामिल किए हैं। नागरिकों की प्रतिक्रियाएं राज्य ग्रेट खुराल की कार्यसमिति को भेजी जाएंगी। राज्य ग्रेट खुराल मंगोलिया की संसद है। इस तरह यह परामर्श बजट प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसमें सांसदों को खर्च के प्रस्तावों और सामाजिक तथा बुनियादी ढांचे की जरूरतों से जुड़े विधेयक, दोनों पर विचार करना होगा।

उचरल ने राष्ट्रीय संपदा कोष कानून के तहत संचय कोष में 1 ट्रिलियन तुगरिक डालने का प्रस्ताव दिया है। बाकी 2 ट्रिलियन सार्वजनिक निवेश के लिए होंगे। उनका तर्क है कि मंगोलिया को अपनी खनिज संपदा का सावधानी से इस्तेमाल करना चाहिए, कीमतें बढ़ाने वाले खर्च से बचना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों के लिए कर्ज के बजाय विरासत छोड़नी चाहिए।

विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का संसदीय समूह अलग तरीका चाहता है। उसके सदस्यों का कहना है कि कानून के मुताबिक सरकारी स्वामित्व वाली कंपनियों के लाभांश नागरिकों के नाम पर खोले गए बचत खातों में जाने चाहिए। उनकी गणना के अनुसार, प्रति नागरिक पूरे लाभांश का हिस्सा करीब 835,000 तुगरिक होगा।

यह फैसला निर्माण परियोजनाओं की सूची से कहीं आगे जाता है। मंगोलिया तय कर रहा है कि खनन से होने वाली अनुमानित आय का कितना हिस्सा व्यक्तिगत बचत बने और कितना साझा सेवाओं पर खर्च हो। यह फैसला ऐसे समय लिया जा रहा है जब महंगाई दर 12.5 प्रतिशत बताई गई है और सरकार सार्वजनिक खर्च में उल्लेखनीय बढ़ोतरी चाहती है।

लाभांश वह भुगतान है जो कोई कंपनी अपने मुनाफे में से शेयरधारकों को देती है। मंगोलिया के बजट प्रस्ताव में ओयू तोलगोई में राज्य की हिस्सेदारी से जुड़ी आय मिलने की उम्मीद शामिल है। यह उम्मीद परियोजना की वित्तपोषण और प्रबंधन लागत घटाने तथा लाभांश का भुगतान पहले शुरू करने के लिए हुई बातचीत के बाद रखी गई है।

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खदान की संशोधित शर्तों से लाभांश का भुगतान पहले कैसे हो सकता है

करीब दो साल की बातचीत के बाद मंगोलिया और रियो टिंटो ने 11 सितंबर को ओयू तोलगोई शेयरधारक समझौते में संशोधन पर सहमति जताई। संशोधित वित्तीय शर्तों का उद्देश्य लाभांश का भुगतान पहले शुरू करना है। 2027 के मंगोलियाई बजट में कम से कम 3 ट्रिलियन तुगरिक की अनुमानित आय शामिल की गई है।

शेयरधारक ऋण की ब्याज दर SOFR से 6.5 प्रतिशत अंक अधिक के स्तर से घटाकर SOFR से 4 प्रतिशत अंक अधिक की जाएगी। SOFR एक संदर्भ ब्याज दर है। इसमें अतिरिक्त मार्जिन जोड़कर तय होता है कि उधार लेने वाला कितना भुगतान करेगा। इस बदलाव से यह मार्जिन 2.5 प्रतिशत अंक घटेगा।

प्रबंधन शुल्क भी आधा किया जाएगा। मंगोलिया का अनुमान है कि इससे कुल लागत करीब 30 ट्रिलियन तुगरिक घटेगी। इसमें शेयरधारक ऋण का ब्याज करीब 22 ट्रिलियन और प्रबंधन तथा दोहराई जाने वाली लागतें 8 ट्रिलियन तुगरिक हैं। शुल्क कम होने से अन्य वित्तीय प्रतिबद्धताओं और शेयरधारकों को भुगतान के लिए परियोजना में अधिक धन बच सकेगा।

11 सितंबर के समझौते को मंगोलिया के लिए 13 ट्रिलियन तुगरिक का लाभ देने वाला भी बताया गया था। बजट में इससे छोटी और विशिष्ट राशि पर ध्यान है: 2027 में अनुमानित 3 ट्रिलियन तुगरिक का लाभांश। खर्च योजनाओं पर चर्चा के समय लाभांश को लेकर कार्यसमिति की बातचीत जारी थी। अंतिम भुगतान कार्यक्रम और लाभ के बड़े अनुमान का विस्तृत हिसाब अभी घोषित नहीं किया गया है।

जन परामर्श तक की तारीखें

लाभांश का प्रस्ताव मंगोलिया की संपदा कोष नीति और ओयू तोलगोई के साथ उसके वित्तीय संबंधों में हुए कई बदलावों के बाद आया है। मुख्य तारीखें इस प्रकार हैं:

  • 2024: संसद ने मंगोलिया की संप्रभु संपदा कोष व्यवस्था स्थापित करने वाला कानून पारित किया।
  • फरवरी 2026: सरकार ने कंपनियों के साथ प्रारंभिक समझौता किया कि रणनीतिक खनिज भंडारों से मिलने वाले लाभ का 60 प्रतिशत संपदा कोष में जाएगा।
  • 10 सितंबर 2026: मंगोलिया ने राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों के शेयर बेचने की संभावनाएं तलाशने के लिए BlackRock Financial Markets Advisory के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।
  • 11 सितंबर 2026: मंगोलिया और रियो टिंटो ओयू तोलगोई की वित्तीय शर्तों में संशोधन पर सहमत हुए।
  • 15 सितंबर 2026: संसद का शरदकालीन सत्र शुरू हुआ। बजट उसके प्रमुख कामों में शामिल था।
  • 14 अक्टूबर 2026, 09:00 बजे: लाभांश खर्च पर जन परामर्श शुरू हुआ।
  • 28 अक्टूबर 2026, 22:00 बजे: परामर्श समाप्त होगा और नतीजे संसदीय कार्यसमिति को भेजे जाएंगे।

कैबिनेट बैठक में प्रस्तावित निवेश पेश किए जाने के बाद सरकार ने जनता की राय लेने का फैसला किया। परियोजनाएं पहले से ही बजट मसौदे में शामिल हैं, इसलिए यह परामर्श संसद के विचाराधीन प्रस्तावों को प्रभावित करने का अवसर है।

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एक-तिहाई बचाना या पूरी राशि नागरिकों के खातों में डालना

संचय कोष में 1 ट्रिलियन तुगरिक डालने का उचरल का प्रस्ताव अनुमानित लाभांश का करीब 33.3 प्रतिशत बचाएगा। शेष 66.7 प्रतिशत सामाजिक सेवाओं और बुनियादी ढांचे पर खर्च होगा। संप्रभु संपदा कोष एक सार्वजनिक कोष होता है, जो राष्ट्रीय संपदा को रखता और उसका प्रबंधन करता है। इसमें अक्सर प्राकृतिक संसाधनों से होने वाली आय जमा की जाती है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों का तर्क है कि राष्ट्रीय संपदा कोष कानून के अनुसार लाभांश सीधे व्यक्तिगत बचत खातों में जाना चाहिए। प्रति व्यक्ति करीब 835,000 तुगरिक का उनका अनुमान उस बंटवारे को दर्शाता है जिसका वे समर्थन करते हैं, न कि वितरण के लिए मंजूर भुगतान को।

रणनीतिक भंडारों से मिलने वाले लाभ का 60 प्रतिशत संपदा कोष में डालने का फरवरी का प्रारंभिक समझौता इस बहस में एक और नीतिगत प्रतिबद्धता जोड़ता है। यह व्यवस्था खनिजों से मिलने वाले लाभ की व्यापक श्रेणी पर लागू होती है, जबकि मौजूदा परामर्श 2027 में अनुमानित ओयू तोलगोई लाभांश और उसके प्रस्तावित इस्तेमाल से जुड़ा है।

BlackRock Financial Markets Advisory के साथ सितंबर का समझौता ज्ञापन संपदा कोष पर चर्चा को राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों में व्यापक सुधार की कोशिश से जोड़ता है। इसके तहत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शेयर बेचने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। इसलिए खनिज आय बचाने के सवालों पर उसी समय विचार हो रहा है, जब यह भी तय किया जा रहा है कि सार्वजनिक कंपनियों को वित्त कैसे मिले और उनका प्रबंधन कैसे हो।

परिवारों के लिए, दोनों प्रस्ताव अलग-अलग तरह के फायदे देते हैं। व्यक्तिगत बचत खातों में दर्ज रकम नागरिकों को खनिज आय में सीधा हिस्सा देती है। बिजली, हीटिंग और शिक्षा में निवेश से आय का कुछ हिस्सा उन सेवाओं पर खर्च होगा जिनका इस्तेमाल समुदाय करते हैं।

बिजली और हीटिंग को निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा

सरकार के साथ रखे गए बुनियादी ढांचा विधेयक में प्रस्तावित 2 ट्रिलियन तुगरिक निवेश पैकेज का करीब 40 प्रतिशत ऊर्जा क्षेत्र के लिए रखा गया है। खर्च प्रस्ताव में 300 मेगावाट क्षमता वाले नए थर्मल पावर प्लांट VI और मौजूदा संयंत्रों की मरम्मत तथा उन्नयन के लिए 789.7 अरब तुगरिक निर्धारित किए गए हैं।

नया संयंत्र थर्मल पावर प्लांट III के पास बनाने का प्रस्ताव है। उसके उपकरणों को भी बदलने की योजना है। मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता की इकाई है। 300 मेगावाट का आंकड़ा नए संयंत्र की प्रस्तावित उत्पादन क्षमता बताता है, जबकि 789.7 अरब तुगरिक का आवंटन सिर्फ उस संयंत्र के लिए नहीं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र के कई कामों के लिए है।

सरकार यह भी पूछ रही है कि 10 प्रांतीय केंद्रों में रुकी हुई हीटिंग स्टेशन परियोजनाएं जारी रहनी चाहिए या नहीं। पहले के विवरण में नौ प्रांतीय स्टेशन बताए गए थे और उनके निर्माण की शेष लागत का 30 प्रतिशत लाभांश से देने का प्रस्ताव था। इसलिए सांसदों द्वारा आवंटन तय करते समय परामर्श के तहत आने वाली परियोजनाओं की सटीक सूची जरूरी होगी।

मंगोलिया की ऊर्जा संबंधी चुनौतियां बिजली तक सीमित नहीं हैं। देश अपने परिष्कृत पेट्रोलियम उत्पादों का 95 प्रतिशत से अधिक रूस से आयात करता है। 2026 की गर्मियों और शरद ऋतु में ईंधन की कमी के बाद चीन नेशनल पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के साथ बातचीत हुई। सितंबर की चर्चा में 10,000 टन परिष्कृत पेट्रोलियम, 4,000 टन जेट ईंधन और 3,000 टन डीजल के आयात पर बात हुई।

ईंधन आपूर्ति और बिजली उत्पादन के लिए अलग-अलग निवेश की जरूरत है। प्रस्तावित थर्मल स्टेशन बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाएगा, जबकि चीन से खरीद परिवहन और विमानन ईंधन की आपूर्ति के स्रोतों में विविधता लाएगी।

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क्षेत्रीय स्कूल, छात्रावास और स्वच्छ हीटिंग

2 ट्रिलियन तुगरिक के निवेश पैकेज का करीब 29 प्रतिशत शिक्षा पर खर्च होगा। विस्तृत प्रस्तावों में कैम्ब्रिज पाठ्यक्रम वाले स्कूलों, विशेष माध्यमिक विद्यालयों और छह ग्रामीण क्षेत्रों में 300 बिस्तरों वाले छात्रावासों के लिए 257 अरब तुगरिक शामिल हैं।

पहले की योजना में हर क्षेत्र में कैम्ब्रिज पाठ्यक्रम वाले दो स्कूल और एक विशेष माध्यमिक विद्यालय का जिक्र था। साथ रखे गए बजट प्रस्ताव में क्षेत्रीय स्कूलों और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम देने वाले स्कूलों के लिए 15 नए छात्रावास भी शामिल हैं। छात्रावास उन विद्यार्थियों को रहने की जगह देते हैं जो रोज स्कूल आने-जाने के लिए बहुत दूर रहते हैं।

कम ऊर्जा इस्तेमाल करने, आधुनिक तकनीक अपनाने और अपने बॉयलर हाउस के बिना चलने वाले 100 स्कूलों के लिए 315.7 अरब तुगरिक का प्रस्ताव है। परामर्श में स्कूलों को इस मॉडल में बदलने की बात है, जबकि साथ रखे बजट विवरण में 100 हरित, स्मार्ट स्कूल बनाने का उल्लेख है।

शिक्षा के इन दो मदों के लिए कुल 572.7 अरब तुगरिक प्रस्तावित हैं। यह 2 ट्रिलियन तुगरिक के निवेश पैकेज का करीब 28.6 प्रतिशत है, जो शिक्षा के लिए बताए गए 29 प्रतिशत हिस्से के लगभग बराबर है। आंकड़ों से पता चलता है कि बिजली ढांचे के बाद स्कूल भवन, आवास और ऊर्जा सुधार लाभांश के सबसे बड़े प्रस्तावित खर्चों में हैं।

लाभ के बंटवारे के लिहाज से क्षेत्रीय पहलू महत्वपूर्ण है। प्रस्ताव राजधानी से बाहर शिक्षा में निवेश करता है और कक्षाओं की व्यवस्था को आवास के साथ जोड़ता है। इससे खर्च पर बहस में यह सवाल भी शामिल होता है कि स्कूल कहां हैं और विद्यार्थी उन तक कैसे पहुंच सकते हैं।

उत्पादन और सीमा चौकियां सूची के बड़े हिस्से को पूरा करती हैं

कृषि उत्पादन और आयात की जगह लेने वाले विनिर्माण के लिए 82.2 अरब तुगरिक रखे गए हैं। प्रस्तावित गतिविधियों में पशु चिकित्सा दवाएं और टीके बनाने वाले कारखाने तथा चमड़ा प्रसंस्करण शामिल हैं। आयात की जगह घरेलू उत्पादन का मतलब है कि मंगोलिया विदेश से जो वस्तुएं खरीदता है, उन्हें देश में ही बनाया जाए।

सरकार आर्ट्स सूरी, खाविरगा और खांगी सीमा चौकियों पर क्षमता और निर्यात पहुंच बढ़ाने के लिए 170.8 अरब तुगरिक देने का भी प्रस्ताव कर रही है। पहले की रूपरेखा में दो चौकियों के उन्नयन का जिक्र था, जबकि परामर्श प्रस्ताव में तीन के नाम हैं। इन सुविधाओं से होकर सामान सीमा शुल्क प्रक्रिया से गुजरता और राष्ट्रीय सीमा पार करता है।

ऊर्जा, शिक्षा के दो कार्यक्रमों, उत्पादन और सीमा चौकियों के लिए बताए गए पांच निवेश आवंटनों का कुल योग 1.6154 ट्रिलियन तुगरिक है। बचत के लिए रखे गए 1 ट्रिलियन को जोड़ने पर इन मदों की कुल राशि 2.6154 ट्रिलियन होती है। इस तरह अनुमानित लाभांश में से 384.6 अरब तुगरिक इन पांच मदों में बताए गए निवेश से अलग रह जाते हैं।

बजट के व्यापक विवरण में स्वास्थ्य और पर्यावरण पर खर्च भी बाकी श्रेणियों में शामिल है। मदवार आंकड़े नागरिकों को कार्यक्रम की काफी जानकारी देते हैं, लेकिन प्रस्तावित 2 ट्रिलियन तुगरिक निवेश का पूरा बंटवारा अंतिम बजट में स्पष्ट करना होगा।

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बड़ा बजट लाभांश पर दबाव बढ़ाता है

सरकार के बजट प्रस्ताव में 2027 का खर्च 43.6 ट्रिलियन तुगरिक रखा गया है, जबकि प्रस्ताव के एक अन्य विवरण में कुल खर्च 41.3 ट्रिलियन और घाटा 2.3 ट्रिलियन बताया गया है। खर्च संबंधी प्रस्ताव को 2026 के लिए मंजूर रकम से 10 ट्रिलियन तुगरिक अधिक बताया गया है।

खर्च के इन आंकड़ों के आधार पर 2026 में मंजूर रकम 33.6 ट्रिलियन तुगरिक थी, जिससे प्रस्तावित बढ़ोतरी करीब 29.8 प्रतिशत बैठती है। ओयू तोलगोई से मिलने वाला अनुमानित 3 ट्रिलियन तुगरिक लाभांश 43.6 ट्रिलियन के प्रस्तावित खर्च का करीब 6.9 प्रतिशत होगा। यह बहुत बड़े बजट में आय का एक अहम नया स्रोत है।

12.5 प्रतिशत महंगाई दर के बीच खर्च और कीमतों पर उचरल की चेतावनी तत्काल प्रासंगिक है। महंगाई का मतलब है कि परिवारों के लिए वस्तुओं की कीमतें बढ़ रही हैं। निर्माण और अन्य सार्वजनिक खर्चों के लिए भी श्रमिकों, उपकरणों और सामग्री की जरूरत होगी। इसलिए परियोजनाओं के चुनाव के साथ-साथ कार्यक्रम का आकार और समय भी मायने रखता है।

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने बजट विस्तार को 2027 के चुनाव की तैयारी से जुड़ा बताया है। सत्तारूढ़ मंगोलियन पीपुल्स पार्टी के भीतर मतभेदों के बीच भी संसद काम कर रही है। पार्टी के 68 सांसदों को 30 और 38 सदस्यों वाले दो गुटों में बंटा बताया गया है। हाल में जरूरी गणपूर्ति तक नहीं पहुंचना इस बजट प्रक्रिया के सामने मौजूद राजनीतिक कठिनाई दिखाता है। गणपूर्ति का मतलब संसदीय कामकाज चलाने के लिए जरूरी न्यूनतम उपस्थिति है।

ऊर्जा की अन्य योजनाएं मांगों का पैमाना दिखाती हैं

एर्देनबुरेन जलविद्युत परियोजना मंगोलिया के बुनियादी ढांचे के विस्तार का एक और उदाहरण है। राष्ट्रपति कार्यालय ने सितंबर में दौरे के बाद बताया कि निर्माण 40 प्रतिशत पूरा हो चुका है। करीब 288 मिलियन डॉलर के चीनी ऋण से समर्थित इस परियोजना का उद्देश्य खोव्द, बयान-उल्गी, उव्स, जावखान और गोवी-अल्ताई प्रांतों को बिजली देना है।

उप प्रधानमंत्री दोरझखांद तोगमिद ने भी अगस्त में डेटा केंद्रों में रुचि की घोषणा की और उन्हें नवीकरणीय बिजली उत्पादन के विस्तार से जोड़ा। डेटा केंद्रों में डिजिटल जानकारी संग्रहीत और संसाधित करने वाले कंप्यूटर रखे जाते हैं। उन्हें भरोसेमंद बिजली और ठंडा रखने के लिए पानी की जरूरत होती है।

इस पहल पर चर्चा में उद्धृत ब्रुकिंग्स के अनुमानों के अनुसार, एक सामान्य डेटा केंद्र प्रतिदिन 300,000 गैलन पानी इस्तेमाल करता है, जबकि बड़ी सुविधा में यह मात्रा 5 मिलियन गैलन तक हो सकती है। 2025 में ओईसीडी के एक अध्ययन ने मंगोलिया में पानी की कमी और जल संसाधनों के असमान वितरण को रेखांकित किया। ऐसी योजनाओं से बुनियादी ढांचे पर अतिरिक्त दबाव पड़ेगा, जबकि लाभांश से प्रस्तावित संयंत्रों, स्कूलों और कारखानों की जरूरतें भी हैं।

फिलहाल फैसला 2027 के आवंटन पर होना है। नागरिक 28 अक्टूबर को 22:00 बजे तक e-Mongolia या E-Zasag के जरिए अपनी राय दे सकते हैं। इसके बाद संसदीय कार्यसमिति को नतीजे भेजे जाएंगे। सांसदों को फिर तय करना होगा कि बचत प्रस्ताव, निवेश विधेयक और व्यापक बजट को एक साथ कैसे रखा जाए।

मुख्य बिंदु

  • वित्तपोषण और प्रबंधन की संशोधित शर्तों के बाद मंगोलिया को 2027 में ओयू तोलगोई से 3 ट्रिलियन तुगरिक लाभांश मिलने की उम्मीद है।
  • सरकार 1 ट्रिलियन तुगरिक बचाने और 2 ट्रिलियन सार्वजनिक सेवाओं तथा बुनियादी ढांचे में निवेश करने का प्रस्ताव दे रही है।
  • निवेश पैकेज का करीब 40 प्रतिशत ऊर्जा और लगभग 29 प्रतिशत शिक्षा को मिलेगा।
  • डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों का तर्क है कि पूरा लाभांश नागरिकों के नाम पर खोले गए बचत खातों में जाना चाहिए।
  • जन परामर्श 14 से 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसके नतीजे संसदीय कार्यसमिति को भेजे जाएंगे।
  • लाभांश के आवंटन पर बहस बढ़ते खर्च, महंगाई और राजनीतिक मतभेदों से जुड़ी व्यापक बजट चर्चा का हिस्सा है।
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