पूर्वी नगरपालिकाओं पर धुएँ की नई लहर का खतरा
इंडोनेशिया के पश्चिम पापुआ क्षेत्र में लगी आग से उठा धुएँ का नया गुबार शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को तड़के या सुबह जल्दी तिमोर-लेस्ते पहुंचने की आशंका है। यह लाउतेम, बाकाउ और विकेके से दाखिल होगा। राष्ट्रीय मौसम विज्ञान और भूभौतिकी निदेशालय (DNMG) ने 14 अक्टूबर को चेतावनी दी कि इसके बाद हवाएं प्रदूषण को भीतरी इलाकों तक ले जा सकती हैं, जिससे हाल के दिनों में रही स्थिति से आगे पूरे देश में हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
विषय-सूची
- पूर्वी नगरपालिकाओं पर धुएँ की नई लहर का खतरा
- प्रदूषण कब बढ़ने की आशंका है
- स्कूलों में तीन दिन कक्षाएं स्थगित
- घर से पढ़ाई जारी
- दिली की वायु गुणवत्ता रीडिंग से क्या पता चलता है
- छोटे कण स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा क्यों हैं
- सिंगापुर में प्रदूषण तेजी से बढ़ा
- इंडोनेशिया में बीमारी, विस्थापन और जिद्दी आग
- सूखे हालात के बीच अग्निशमन अभियान का विस्तार
- पड़ोसी देश सहयोग और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं
- मुख्य बातें
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब सरकार ने 15 से 17 अक्टूबर तक कक्षाओं की गतिविधियां स्थगित कर दी हैं। दिली के निगरानी केंद्रों ने 6 से 12 अक्टूबर के बीच लगातार सात दिन खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की। वहीं, DNMG की हाल की वायु गुणवत्ता सूचकांक रीडिंग 165 से 174 के बीच रही, जो अस्वास्थ्यकर श्रेणी में आती है।
सार्वजनिक पूर्वानुमानों की जिम्मेदारी संभालने वाली DNMG अधिकारी एंजेलिना फ्रीतास ने कहा कि शुक्रवार दोपहर और शाम के शुरुआती घंटों में स्थिति सबसे तेजी से बिगड़ सकती है। शनिवार, 17 अक्टूबर को पूरे दिन घना धुआँ बने रहने की आशंका है। दृश्यता में सुधार रविवार दोपहर या शाम के शुरुआती घंटों में ही शुरू हो सकता है।
DNMG ने शुक्रवार की संभावित स्थिति की तीव्रता 70% से 80% बताई। एजेंसी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस प्रतिशत के पीछे कौन-सा मापन पैमाना है। उसकी व्यावहारिक चेतावनी अधिक सीधी थी: लोगों को घने धुएँ के लिए तैयार रहना चाहिए, बाहर शारीरिक गतिविधियां सीमित करनी चाहिए, बाहर जाते समय N95 मास्क पहनना चाहिए और भारी प्रदूषण के दौरान दरवाजे तथा खिड़कियां बंद रखनी चाहिए।
प्रदूषण कब बढ़ने की आशंका है
दिली के पूर्व में स्थित लाउतेम, बाकाउ और विकेके में सबसे पहले आने वाला धुआँ पहुंचने का पूर्वानुमान है। फ्रीतास ने कहा कि हवाएं कणों को क्षेत्र के दूसरे हिस्सों तक ले जा सकती हैं, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरा पूर्वी नगरपालिकाओं से आगे तक फैल सकता है।
पूर्वानुमान और स्कूल संबंधी उपायों के अनुसार घटनाक्रम इस तरह रहने की आशंका है:
- 6 से 12 अक्टूबर: निगरानी के दो केंद्रों ने दिली में लगातार सात दिन खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की।
- 14 अक्टूबर: अधिकारियों ने स्कूल बंद रखने की घोषणा की और घर से पढ़ाई की तैयारी के लिए एक दिन तय किया।
- 15 अक्टूबर: कक्षाओं की गतिविधियां स्थगित होना शुरू होंगी।
- 16 अक्टूबर: तड़के या सुबह धुएँ की नई लहर आने की आशंका है। दोपहर और शाम के शुरुआती घंटों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
- 17 अक्टूबर: पूरे दिन घना धुआँ बने रहने की आशंका है। यह स्कूल बंदी का तय कार्यक्रम के मुताबिक आखिरी दिन है।
- 18 अक्टूबर: दोपहर या शाम के शुरुआती घंटों में दृश्यता और हवा की स्थिति में सुधार शुरू हो सकता है।
DNMG उपग्रह चित्रों और निगरानी केंद्रों के जरिए धुएँ पर नजर रखेगा और स्थिति बदलने पर अपने दिशा-निर्देश अपडेट करेगा। रविवार को संभावित सुधार एक पूर्वानुमान है, इसलिए परिवारों और स्कूलों को आगे की घोषणाओं पर ध्यान देना होगा।
स्कूलों में तीन दिन कक्षाएं स्थगित
शिक्षा मंत्रालय और राज्य प्रशासन मंत्रालय ने 15, 16 और 17 अक्टूबर के लिए कक्षाएं स्थगित करने की घोषणा की। माध्यमिक शिक्षा के राज्य सचिव डोमिंगोस लोपेस लेमोस ने दिली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह निर्णय बताया और इसे मौसम संबंधी चेतावनियों से जोड़ा।
यह उपाय सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली के तहत आने वाले सार्वजनिक, निजी और सहकारी संस्थानों में पूर्व-प्राथमिक, बुनियादी शिक्षा तथा सामान्य और व्यावसायिक माध्यमिक शिक्षा पर लागू होता है। इस नेटवर्क से बाहर के निजी और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से सुरक्षात्मक उपाय अपनाने का आग्रह किया गया। निलंबन से पहले ही कई स्कूलों ने छात्रों के बीमार पड़ने या सांस लेने में कठिनाई होने की खबर दी थी।
एस्कोला पोर्तुगेसा दे दिली ने अलग से घोषणा की कि वह गुरुवार और शुक्रवार को बंद रहेगा। स्कूल ने कक्षाएं, पाठ्येतर गतिविधियां और आमने-सामने दी जाने वाली प्रशासनिक सेवाएं रद्द कर दीं। इस तरह बंदी का असर सिर्फ कक्षाओं पर नहीं, बल्कि उन गतिविधियों पर भी पड़ेगा जिनके लिए छात्रों, परिवारों या कर्मचारियों को यात्रा करनी पड़ती।
सरकार की शुरुआती घोषणाओं में अवधि नहीं बताई गई थी, जबकि शिक्षा संबंधी विस्तृत व्यवस्था में 15 से 17 अक्टूबर की तारीखें दी गई हैं। कक्षाएं फिर शुरू होने की तारीख की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों से उम्मीद है कि वे सप्ताहांत में स्थिति का आकलन करेंगे और तय करेंगे कि बंदी जारी रखने की जरूरत है या नहीं।
घर से पढ़ाई जारी
स्कूलों को निर्देश दिया गया कि वे 14 अक्टूबर का इस्तेमाल छात्रों के लिए दिशा-निर्देश और काम तैयार करने में करें। बंदी के दौरान उनसे उम्मीद है कि वे घर पर पूरा किए जाने वाले काम और ऐसी अन्य सहायता के जरिए पढ़ाई जारी रखेंगे जिसके लिए कक्षा में उपस्थित होना जरूरी न हो।
सरकार का घोषित उद्देश्य छात्रों, शिक्षकों और स्कूल समुदाय को प्रदूषित हवा से बचाना है। बच्चों को स्कूल से दूर रखने पर धुएँ के बीच यात्रा करने या बाहरी गतिविधियों में हिस्सा लेने का समय भी कम होगा।
माता-पिता को सलाह दी गई है कि वे बच्चों की बाहरी गतिविधियां सीमित रखें, धुआँ बढ़ने पर दरवाजे और खिड़कियां बंद करें और यात्रा जरूरी होने पर उपयुक्त श्वसन सुरक्षा की व्यवस्था करें। यह स्वास्थ्य सलाह बंदी के पूरे समय लागू है, उन घंटों में भी जब बच्चे आम तौर पर बाहर खेलते हैं।
बंदी की पूरी अवधि रविवार को पूर्वानुमानित सुधार से पहले पड़ती है। इसलिए स्कूलों की तैयारी और घरों में बरती जाने वाली सावधानियां साथ-साथ चलेंगी: अपेक्षित प्रदूषण के चरम के दौरान परिवार संपर्क कम रखने की कोशिश करेंगे और पढ़ाई घर से जारी रहेगी।
दिली की वायु गुणवत्ता रीडिंग से क्या पता चलता है
कोमोरो स्थित राष्ट्रपति निकोलाउ लोबातो अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और कैइकोली स्थित परिवहन एवं संचार मंत्रालय के स्वचालित निगरानी केंद्रों ने दिली में लंबे समय तक रही खराब हवा दर्ज की। दो स्थानों से मिले माप अधिकारियों को सिर्फ आसमान की स्थिति देखकर आकलन करने की तुलना में हवा पर अधिक भरोसेमंद नजर रखने में मदद करते हैं।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) प्रदूषण के माप को एक संख्या और स्वास्थ्य श्रेणी में बदलता है। DNMG की बताई गई 165 से 174 की सीमा अस्वास्थ्यकर श्रेणी में आती है। इसका मतलब है कि प्रदूषण के संपर्क में आने का समय कम करना चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें दूषित हवा से अधिक खतरा है।
फ्रीतास ने 14 अक्टूबर के पूर्वानुमान के समय की स्थिति को मध्यम बताया और चेतावनी दी कि आने वाला धुआँ इसे और खराब करेगा। धुएँ के आगे बढ़ने और हवाओं की दिशा बदलने से हवा की गुणवत्ता में बदलाव हो सकता है। इसलिए कई दिनों तक अस्वास्थ्यकर रीडिंग दर्ज होने के बाद भी पूर्वानुमान महत्वपूर्ण है।
DNMG के अनुसार, धुएँ का आने वाला गुबार पश्चिम पापुआ की आग से उठा है और ऑस्ट्रेलियाई मानसून से जुड़ी हवाएं धुएँ को तिमोर की ओर ले जाने में मदद कर रही हैं। कृषि भूमि साफ करने के लिए आग लगाने समेत स्थानीय स्तर पर जलाने से भी प्रदूषण बढ़ सकता है। आपात स्थिति के दौरान अतिरिक्त धुआँ रोकने के लिए अधिकारियों ने स्थानीय स्तर पर कचरा जलाने पर रोक लगा दी है।
छोटे कण स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा क्यों हैं
इस धुंध की घटना में PM2.5 मुख्य चिंता है। यह शब्द 2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे व्यास वाले कणों के लिए इस्तेमाल होता है। एक माइक्रोमीटर मीटर का दस लाखवां हिस्सा होता है। ये कण इतने छोटे हैं कि फेफड़ों में गहराई तक जा सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में रक्तप्रवाह में भी प्रवेश कर सकते हैं।
धुएँ के संपर्क में आने से खांसी, आंखों और श्वसन मार्ग में जलन तथा सांस लेने में कठिनाई हो सकती है। इससे अस्थमा और पहले से मौजूद हृदय या फेफड़ों की बीमारियां भी बिगड़ सकती हैं। लोग कितना प्रदूषण सांस के साथ लेते हैं और कितनी देर उसके संपर्क में रहते हैं, दोनों ही जोखिम को प्रभावित करते हैं।
फ्रीतास ने श्वसन संबंधी बीमारी, खांसी, आंखों में जलन और बुखार या शरीर गर्म महसूस होने की चेतावनी दी। उन्होंने गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों से विशेष सावधानी बरतने को कहा और लक्षण दिखने पर चिकित्सा सहायता लेने की सलाह दी।
DNMG भारी धुएँ के दौरान जहां संभव हो, घर के भीतर रहने और बाहर व्यायाम से बचने की सलाह देता है। बाहर जाना जरूरी होने पर N95 मास्क महीन कणों को छानने में मदद करते हैं। लगातार खांसी, सांस लेने में कठिनाई या बढ़ते लक्षणों पर चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए, खासकर उन लोगों को जिन्हें पहले से श्वसन या हृदय संबंधी समस्याएं हैं।
सिंगापुर में प्रदूषण तेजी से बढ़ा
सिंगापुर के पश्चिमी क्षेत्र में PM2.5 की सांद्रता 195 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। 14 अक्टूबर को यह दोपहर 2 बजे बढ़कर 284 और 3 बजे 288 तक पहुंच गई। राष्ट्रीय पर्यावरण एजेंसी ने इस चरम स्तर को अपनी बहुत उच्च श्रेणी में रखा। एक माइक्रोग्राम एक ग्राम का दस लाखवां हिस्सा है; यह माप एक घन मीटर हवा में कणों का द्रव्यमान बताता है।
दोपहर 3 बजे सिंगापुर के अन्य हिस्सों में सांद्रता मध्य क्षेत्र में 218, पूर्व में 208, दक्षिण में 177 और उत्तर में 140 थी। पश्चिम की 288 की रीडिंग उत्तर की 140 की रीडिंग से दोगुने से कुछ अधिक थी। इससे पता चलता है कि एक ही देश के अलग-अलग हिस्सों में धुएँ का असर कितना असमान हो सकता है।
सिंगापुर में 24 घंटे की अवधि के दौरान सूचकांक रीडिंग 114 से 160 के बीच रही, जो अस्वास्थ्यकर श्रेणी है। उसका प्रदूषक मानक सूचकांक (PSI) प्रति घंटे की PM2.5 सांद्रता की तुलना में लंबी अवधि की स्थिति बताता है। इसलिए निवासियों को प्रदूषण में थोड़े समय के उछाल और लंबे समय तक संपर्क के व्यापक आकलन, दोनों की जानकारी मिलती है।
पश्चिमी सिंगापुर में कुछ बाहरी खेल सुविधाएं और वातानुकूलन रहित सुविधाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं। अधिकारियों ने धुंध से संबंधित इलाज पर सोमवार से सब्सिडी देकर चिकित्सा खर्च का बोझ भी घटाया और प्रदूषण का स्तर बहुत अस्वास्थ्यकर होने पर पात्र निवासियों को N95 मास्क देने शुरू किए।
सिंगापुर ने आगे के उपाय भी तैयार किए हैं। PSI 200 से ऊपर जाने पर जोखिम वाले समूहों को मास्क बांटे जा सकते हैं और पूर्वानुमान 300 से ऊपर खतरनाक श्रेणी तक पहुंचने पर स्कूल बंद किए जा सकते हैं। पश्चिमी क्षेत्र में PM2.5 का चरम स्तर अक्टूबर 2015 की आग के दौरान दर्ज राष्ट्रीय रिकॉर्ड 471 से कम है।
इंडोनेशिया में बीमारी, विस्थापन और जिद्दी आग
इंडोनेशियाई अधिकारियों ने 18 अगस्त से धुंध प्रभावित क्षेत्रों में सांस संबंधी 280,000 से अधिक समस्याएं दर्ज की हैं। बोर्नियो और सुमात्रा में जंगलों तथा बागानों के लाखों हेक्टेयर क्षेत्र में आग लगी है, जबकि पापुआ की आग ने भी व्यापक स्वास्थ्य आपात स्थिति में योगदान दिया है।
इंडोनेशिया के प्रांत पूर्वी नुसा तेंगारा में भी आग के हॉटस्पॉट की खबरें हैं। इस प्रांत में तिमोर द्वीप का पश्चिमी हिस्सा आता है। तिमोर-लेस्ते के शिक्षा संबंधी बयान में पड़ोसी क्षेत्रों या देशों की आग से उठे प्रदूषण का सामान्य रूप से उल्लेख किया गया, जबकि DNMG ने शुक्रवार को आने वाले नए धुएँ के गुबार का स्रोत पश्चिम पापुआ बताया।
स्थानीय आपदा एजेंसी के अनुसार, बांका बेलितुंग प्रांत में आग ने करीब 300 घर नष्ट कर दिए और लगभग 1,000 लोगों को भागने पर मजबूर किया। निवासियों ने शुरुआत में पोर्टेबल पंपों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन सतह के नीचे पीट में आग सुलगती रही। इसके बाद हवा का रुख बदलने से लपटें उनके घरों की ओर बढ़ गईं।
पीट गीली जमीन में जमा हुए वनस्पति पदार्थ से बनता है। जब यह सूखकर जलता है, तो आग सतह के नीचे फैल सकती है और जमीन के ऊपर की लपटों की तुलना में उस तक पहुंचना कठिन होता है। आपदा न्यूनीकरण एजेंसी के प्रवक्ता बर्टन पंजैतान ने इन आग को बुझाने की कठिनाई बताई और कहा कि लगातार बारिश जरूरी है।
"हमें मानना होगा कि इसे सुलझाने का एकमात्र तरीका लगातार बारिश है," उन्होंने कहा।
सूखे हालात के बीच अग्निशमन अभियान का विस्तार
इंडोनेशिया में जंगल की आग के इस मौसम को 11 वर्षों में सबसे तीव्र बताया गया है। अल नीनो से जुड़ा सूखा मौसम आग को फैलने में मदद कर रहा है। अल नीनो एक जलवायु पैटर्न है जो बड़े क्षेत्रों में बारिश को प्रभावित कर सकता है और इंडोनेशिया के कुछ हिस्सों में शुष्क स्थिति ला सकता है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार छह प्रांतों में 60,177 कर्मियों को तैनात किया गया है, खासकर मध्य कालीमंतान और दक्षिण सुमात्रा में। राजनीतिक और सुरक्षा मामलों के समन्वय मंत्रालय के अधिकारी होनी हवाना ने देशव्यापी आंकड़ा 69,000 से अधिक बताया। उनका आंकड़ा सितंबर के मध्य के करीब 44,000 कर्मियों की तुलना में 25,000 से अधिक की वृद्धि दर्शाता है।
इस अभियान में अग्निशामक, सैन्यकर्मी, पुलिस, वन सेवा, क्षेत्रीय अधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं, साथ ही विमान भी तैनात किए गए हैं। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने सरकार को अधिकतम प्रयास जुटाने का आदेश दिया। हवाना ने बुधवार की ब्रीफिंग में राष्ट्रीय अभियान का विवरण दिया।
"हम अपने सभी संसाधन और क्षमताएं जुटा रहे हैं," उन्होंने कहा।
अधिकारी विशेष रसायनों के इस्तेमाल के तरीकों का परीक्षण कर रहे हैं, जबकि बादलों में बीजारोपण और विमानों से पानी गिराने के प्रयासों को सीमित सफलता मिली है। बादलों में बीजारोपण का उद्देश्य उपयुक्त बादलों से बारिश कराने में मदद करना है। पीट के नीचे लगातार सुलगती आग और सूखे हालात के चलते अधिक कर्मियों और उपकरणों के बावजूद काम मुश्किल है।
पड़ोसी देश सहयोग और कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं
तिमोर-लेस्ते के राष्ट्रपति जोसे रामोस-होर्टा ने इंडोनेशिया के साथ एकजुटता जताई और क्षेत्रीय सहयोग की पेशकश की। उन्होंने इस स्थिति को साझा पर्यावरणीय चुनौती बताया। उन्होंने लोगों से बाहरी गतिविधियां कम करने, सुरक्षात्मक मास्क पहनने, बार-बार पानी पीने और दरवाजे तथा खिड़कियां बंद रखने का भी आग्रह किया।
रामोस-होर्टा ने चेतावनी दी कि खराब हवा से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या हृदय रोग से पीड़ित लोगों को विशेष खतरा है। उनके संदेश में इंडोनेशिया के अग्निशमन प्रयासों में समर्थन को तिमोर-लेस्ते के लोगों के लिए तत्काल सावधानियों से जोड़ा गया।
मलेशिया के विदेश मंत्री मोहम्मद हसन ने कहा कि मलेशिया और इंडोनेशिया ने सहयोग पर चर्चा शुरू कर दी है। मलेशिया ने आसियान की बैठक बुलाने का अनुरोध भी किया है और दक्षिण-पूर्व एशिया के विदेश मंत्रियों के नवंबर में होने वाली बैठक में धुंध पर चर्चा करने की उम्मीद है।
मलेशियाई सांसद सैयद सादिक सैयद अब्दुल रहमान ने समन्वित राजनयिक विरोध की मांग की और मलेशिया तथा सिंगापुर के बैंकों से भूमि जलाने से जुड़ी कंपनियों को वित्तपोषण देना बंद करने का आग्रह किया। उनकी मांग व्यावहारिक सहयोग पर बातचीत के साथ-साथ अधिक कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया की जरूरत दिखाती है।
तिमोर-लेस्ते के सामने तत्काल सवाल कक्षाओं, घरों में धुएँ के संपर्क और बदलती हवाओं से जुड़े हैं। पूरे क्षेत्र की सरकारों के सामने धुआँ पैदा करने वाली आग पर काबू पाने की दीर्घकालिक चुनौती भी है। अगले अहम पड़ाव हैं: शुक्रवार को धुएँ के आने की आशंका, शनिवार तक की स्थिति और रविवार देर तक सुधार की संभावना।
मुख्य बातें
- पश्चिम पापुआ से आया धुआँ 16 अक्टूबर को तड़के लाउतेम, बाकाउ और विकेके में दाखिल हो सकता है और फिर तिमोर-लेस्ते के अन्य हिस्सों में फैल सकता है।
- DNMG को शुक्रवार दोपहर स्थिति बिगड़ने और शनिवार तक बने रहने की आशंका है। रविवार, 18 अक्टूबर को देर से सुधार हो सकता है।
- 15 से 17 अक्टूबर तक कक्षाओं की गतिविधियां स्थगित हैं; घर से पढ़ाई के लिए काम और सहायता जारी रहेगी।
- दिली में 6 से 12 अक्टूबर तक लगातार सात दिन खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई। हाल की AQI रीडिंग 165 से 174 के बीच रही।
- लोगों को बाहर व्यायाम से बचने, बाहर जाते समय N95 मास्क पहनने और भारी धुएँ के दौरान दरवाजे तथा खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी गई है।
- पश्चिमी सिंगापुर में 14 अक्टूबर को प्रति घंटे PM2.5 की सांद्रता 288 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंची।
- इंडोनेशिया में 18 अगस्त से धुंध प्रभावित क्षेत्रों में सांस संबंधी 280,000 से अधिक समस्याएं दर्ज की गईं और अग्निशमन अभियान का विस्तार किया गया।
- तिमोर-लेस्ते ने क्षेत्रीय सहयोग की पेशकश की है, मलेशिया और इंडोनेशिया ने सहयोग वार्ता शुरू की है और नवंबर में आसियान मंत्रियों के धुंध पर चर्चा करने की उम्मीद है।






