बांग्लादेश बैंक ने दिसंबर 2027 तक दो बेक्सिमको कंपनियों के लिए ऋण प्रतिबंधों में ढील दी

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Bangladesh Bank Eases Credit Curbs for Two Beximco Firms Until December 2027

शर्तों के साथ राहत से दो कंपनियों को फिर मिली ऋण सुविधा

बांग्लादेश बैंक ने बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 और शाइनपुकुर सिरेमिक्स पर ऋण प्रतिबंधों में ढील दी है। इससे बेक्सिमको समूह की इन दोनों कंपनियों को 31 दिसंबर 2027 तक निर्दिष्ट बैंकिंग सुविधाएं मिल सकेंगी। फैसले में शाइनपुकुर की मौजूदा 105 करोड़ टका (1.05 अरब टका) की कार्यशील पूंजी सीमा के नवीनीकरण की अनुमति भी शामिल है।

विषय-सूची
  1. शर्तों के साथ राहत से दो कंपनियों को फिर मिली ऋण सुविधा
  2. किस कानूनी प्रतिबंध में ढील दी गई है?
  3. एलपीजी कारोबार सीधे आयात कैसे फिर शुरू कर सकेगा
  4. शाइनपुकुर को ऋण सीमा के नवीनीकरण और कम आयात मार्जिन की राहत
  5. आय को पुनर्भुगतान वाले खातों में जमा करना होगा
  6. संचालन बहाल करने की कोशिश में बोर्ड बदलाव भी शामिल
  7. बेक्सिमको कंप्यूटर्स के लिए अलग गारंटी मंजूरी
  8. घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा
  9. मुख्य बातें

नेशनल बैंक का चूककर्ता कर्जदार बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 अब 100 प्रतिशत नकद मार्जिन पर साख पत्र खोल सकता है और कार्यशील पूंजी के लिए वित्तपोषण प्राप्त कर सकता है। सरकारी स्वामित्व वाले सोनाली बैंक की ग्राहक शाइनपुकुर को अपने नियमित संचालन के वित्तपोषण के लिए इस्तेमाल की जाने वाली ऋण सीमा के नवीनीकरण की अनुमति मिली है।

बांग्लादेश बैंक ने नवीनीकृत वित्तपोषण को बैंक के बकाये के पुनर्भुगतान से जोड़ने के लिए शर्तें लगाई हैं। दोनों कंपनियों को अपनी सारी आय निर्धारित बैंक खातों में जमा करनी होगी। इन खातों में आई रकम से अपने-अपने ऋणदाताओं को नियमित और अनुपातिक किस्तों में भुगतान करना होगा।

केंद्रीय बैंक ने नई सुविधाओं की जिम्मेदारी ऋण देने वाले बैंकों पर भी रखी है। नेशनल बैंक एलपीजी कंपनी को दी गई नई सुविधाओं के संबंध में सरकार या बांग्लादेश बैंक से वित्तीय सहायता नहीं मांग सकता। शाइनपुकुर के मामले में शर्तों के तहत वित्त प्रभाग की कोई देनदारी नहीं होगी और सोनाली बैंक इस सुविधा के लिए सरकार से वित्तीय सहायता नहीं मांग सकेगा।

बांग्लादेश बैंक ने कहा कि शाइनपुकुर को यह रियायत जनहित में दी गई है। केंद्रीय बैंक के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इन छूटों का उद्देश्य कंपनियों के नियमित कारोबार को चालू रखना है। व्यावहारिक रूप से, इन बदलावों से आयात और रोजमर्रा के संचालन के लिए धन जुटाना आसान होगा, जबकि पुनर्भुगतान की शर्तें बैंकों के मौजूदा दावों को ध्यान में रखती हैं।

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किस कानूनी प्रतिबंध में ढील दी गई है?

बैंक कंपनी अधिनियम, 1991 की धारा 27कक(3) बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ऋण चूककर्ताओं को ऋण सुविधाएं देने से रोकती है। कर्जदार तब चूककर्ता होता है, जब वह सहमत शर्तों के अनुसार रकम नहीं चुका पाता। यह प्रतिबंध ऐसे कर्जदार को कारोबार जारी रखने के लिए जरूरी बैंकिंग सहायता पाने से रोक सकता है।

बांग्लादेश बैंक ने दोनों कंपनियों के लिए अलग-अलग परिपत्र जारी किए हैं। अधिनियम की धारा 121 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उसने निर्दिष्ट सुविधाओं के लिए प्रतिबंध में ढील दी है। ये छूट 31 दिसंबर 2027 तक लागू रहेंगी। इस तरह कंपनियों को तय शर्तों के तहत इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने के लिए एक निश्चित अवधि मिली है।

केंद्रीय बैंक ने सभी बैंकों के प्रबंध निदेशकों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को इन छूटों की सूचना दी। हालांकि, हर व्यवस्था एक खास कंपनी और उसके बैंकिंग संबंध से जुड़ी है: बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 का नेशनल बैंक से और शाइनपुकुर सिरेमिक्स का सोनाली बैंक से।

बताया गया कि परिपत्र सोमवार को जारी किए गए, जबकि जारी होने की तारीख 12 अक्टूबर भी बताई गई, लेकिन वर्ष का उल्लेख नहीं था। छूट की घोषित अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2027 है।

एलपीजी कारोबार सीधे आयात कैसे फिर शुरू कर सकेगा

बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 अब 100 प्रतिशत नकद मार्जिन पर साख पत्र खोल सकती है। साख पत्र बैंक का ऐसा वादा होता है, जिसके तहत तय शर्तें पूरी होने पर, जैसे शिपमेंट के लिए जरूरी दस्तावेज जमा करने पर, वह आपूर्तिकर्ता को भुगतान करता है। विदेश से माल खरीदते समय इसका आम तौर पर इस्तेमाल होता है।

100 प्रतिशत नकद मार्जिन का मतलब है कि कंपनी को साख पत्र में शामिल पूरी रकम के बराबर नकदी जमा करनी होगी। 1 करोड़ टका के साख पत्र के लिए उसे 1 करोड़ टका नकद जमा करना होगा। इस अनुमति से बैंक की भुगतान व्यवस्था तक पहुंच फिर बहाल होती है, लेकिन पूरी रकम की नकद गारंटी देनी होगी।

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5 अगस्त 2024 को अवामी लीग सरकार के पतन के बाद बेक्सिमको का एलपीजी कारोबार साख पत्र नहीं खोल पा रहा था। बाजार में आपूर्ति जारी रखने के लिए उसे दूसरी घरेलू एलपीजी कंपनियों से कच्चा माल खरीदना पड़ा। नई अनुमति से वह इन सामग्रियों का सीधे आयात कर सकेगा।

नेशनल बैंक कार्यशील पूंजी भी दे सकता है। इसका मतलब कारोबार चलाने के खर्चों के लिए वित्तपोषण है, न कि कारखाना बनाने जैसे किसी बड़े नए निवेश के लिए। एलपीजी इकाई को बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच मिलने से कानूनी ऋण प्रतिबंध के बावजूद संचालन जारी रखने में आ रही मुश्किल दूर होगी।

शाइनपुकुर को ऋण सीमा के नवीनीकरण और कम आयात मार्जिन की राहत

शाइनपुकुर सिरेमिक्स की मौजूदा 105 करोड़ टका की कार्यशील पूंजी सीमा 31 दिसंबर 2027 तक नवीनीकृत की जा सकती है। ऋण सीमा से तय होता है कि किसी सुविधा के तहत अधिकतम कितनी रकम उपलब्ध होगी। कंपनी वास्तव में कितनी रकम उधार लेगी, यह उस सुविधा के इस्तेमाल और लागू बैंकिंग शर्तों पर निर्भर करता है।

शाइनपुकुर अब 15 प्रतिशत मार्जिन पर साख पत्र खोल सकती है, जो पहले 100 प्रतिशत था। 1 करोड़ टका के आयात साख पत्र के लिए जरूरी मार्जिन 1 करोड़ से घटकर 15 लाख टका रह जाएगा। यानी साख पत्र खोलते समय 85 लाख टका कम नकदी बांधकर रखनी होगी, हालांकि सुविधा के तहत भुगतान की जिम्मेदारी बनी रहेगी।

बेक्सिमको समूह के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि 5 अगस्त के बाद शाइनपुकुर की वित्तपोषित सुविधाएं 80 करोड़ टका से घटकर 35 करोड़ टका रह गई थीं। वित्तपोषित सुविधाओं में बैंक वास्तव में रकम देता है। यह 45 करोड़ टका, यानी पहले की रकम से 56.25 प्रतिशत की गिरावट थी। इससे उपलब्ध वित्तपोषण में बताई गई कमी का पैमाना सामने आता है।

बांग्लादेश बैंक की अधिसूचना में शाइनपुकुर को सोनाली बैंक का चूककर्ता ग्राहक बताया गया है। हालांकि, एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि शाइनपुकुर खुद चूककर्ता नहीं थी, लेकिन बेक्सिमको की दूसरी कंपनियों के चूककर्ता होने के कारण उसे चूककर्ता माना गया। राहत शाइनपुकुर पर लागू प्रतिबंध से संबंधित है, जबकि उसकी स्थिति के बारे में स्पष्टीकरण पर विवाद बना हुआ है।

आय को पुनर्भुगतान वाले खातों में जमा करना होगा

बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 को अपनी पूरी आय निर्धारित खाते में जमा करनी होगी। इस खाते से नेशनल बैंक का बकाया नियमित रूप से और अनुपातिक आधार पर चुकाया जाएगा। शाइनपुकुर पर भी सोनाली बैंक को भुगतान के लिए ऐसी ही शर्त लागू होगी।

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आय को निर्धारित खाते के जरिए जमा करने से कारोबार में राजस्व आने पर ऋणदाता को भुगतान मिलने का स्पष्ट रास्ता बनता है। कंपनियों को बैंकिंग सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति मिली है, लेकिन उनकी आय से बकाया रकम भी चुकानी होगी।

भुगतान का अनुपात और किस्तों का कार्यक्रम सार्वजनिक नहीं किया गया है। ये जानकारियां अहम हैं, क्योंकि इन्हीं से तय होगा कि बैंक को कितनी रकम मिलेगी और संचालन खर्चों के लिए कितनी राशि बची रहेगी।

नेशनल बैंक के लिए शर्त में साफ कहा गया है कि एलपीजी सुविधाओं से जुड़ी किसी देनदारी के लिए सरकार और बांग्लादेश बैंक जिम्मेदार नहीं होंगे। शाइनपुकुर की शर्त में वित्त प्रभाग की कोई देनदारी नहीं होगी और सोनाली बैंक सरकार से वित्तीय सहायता का दावा नहीं कर सकेगा। इन व्यवस्थाओं के तहत ऋण देने का फैसला और उससे जुड़ा ऋण जोखिम संबंधित बैंकों पर रहेगा।

संचालन बहाल करने की कोशिश में बोर्ड बदलाव भी शामिल

बांग्लादेश प्रतिभूति और विनिमय आयोग (बीएसईसी) ने बेक्सिमको की शेयर बाजार में सूचीबद्ध तीन कंपनियों के बोर्ड में बदलाव को भी मंजूरी दी थी: बेक्सिमको फार्मास्यूटिकल्स, बेक्सिमको लिमिटेड और शाइनपुकुर सिरेमिक्स। पुनर्गठित बोर्ड में समूह के उपाध्यक्ष सलमान एफ रहमान शामिल नहीं हैं।

हटाई गईं प्रधानमंत्री शेख हसीना के पूर्व निजी उद्योग और निवेश सलाहकार रहमान ने सितंबर में बेक्सिमको की सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड छोड़ने पर सहमति दी थी। अगस्त 2024 से वह कई आपराधिक आरोपों में हिरासत में हैं।

बेक्सिमको ने सरकार और नियामकों से विचार-विमर्श के बाद बोर्ड बदलावों की मंजूरी मांगी थी। घोषित उद्देश्य लंबे समय से जारी परिचालन गतिरोध खत्म करना और नियमित कारोबार बहाल करना था। शाइनपुकुर दोनों कदमों से जुड़ी है: उसके बोर्ड में बदलाव और बैंकिंग सुविधाओं तक पहुंच का नवीनीकरण।

नियामकों की ये दोनों कार्रवाइयां कंपनी संचालन के अलग-अलग पहलुओं से जुड़ी हैं। बोर्ड का पुनर्गठन तय करता है कि उसके फैसलों की निगरानी कौन करेगा। ऋण राहत से यह तय होता है कि कंपनी किन बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकती है। दोनों मिलकर प्रभावित कारोबारों को चालू रखने की कोशिश का हिस्सा हैं।

बेक्सिमको कंप्यूटर्स के लिए अलग गारंटी मंजूरी

बांग्लादेश बैंक ने 9 अक्टूबर को बेक्सिमको कंप्यूटर्स को चार सरकारी परियोजनाओं के तहत सामान की आपूर्ति के लिए 16 करोड़ टका (160 मिलियन टका) की बैंक गारंटी नवीनीकृत करने की अनुमति भी दी। यह गारंटी एक्सिम बैंक ने जारी की थी, जिसका बाद में सम्मिलित इस्लामी बैंक में विलय हो गया।

बैंक गारंटी, बैंक का ऐसा वादा है कि ग्राहक द्वारा अपना दायित्व पूरा न करने पर वह गारंटी के तहत देय रकम चुकाएगा। सरकारी परियोजनाओं पर काम करने वाले आपूर्तिकर्ता के लिए यह अनुबंध के तहत परियोजना प्राधिकरण को वित्तीय सुरक्षा दे सकती है।

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केंद्रीय बैंक ने बैंक कंपनी अधिनियम की धारा 121 के तहत अनापत्ति दी, जिससे विलय के बाद बैंक का बोर्ड गारंटी का नवीनीकरण कर सके। यह व्यवस्था सरकारी परियोजनाओं में सामान की आपूर्ति से जुड़े अनुबंध की गारंटी के बारे में है, न कि एलपीजी और सिरेमिक्स कारोबारों को दी गई आयात और कार्यशील पूंजी सुविधाओं के बारे में।

घटनाक्रम कैसे आगे बढ़ा

अगस्त 2024 से प्रभावित कारोबारों में बताई गई परिचालन बाधाएं शुरू हुईं। बाद में कंपनी नेतृत्व, परियोजना गारंटी और बैंक वित्तपोषण तक पहुंच के लिए कदम उठाए गए।

  • 5 अगस्त 2024: अवामी लीग सरकार गिर गई। साख पत्र खोलने की सुविधा खोने के बाद बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 ने घरेलू एलपीजी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भरता शुरू की।
  • सितंबर, वर्ष का उल्लेख नहीं: सलमान एफ रहमान ने बेक्सिमको की सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड छोड़ने पर सहमति दी।
  • नवीनतम ऋण राहत से पहले: बीएसईसी ने बेक्सिमको फार्मास्यूटिकल्स, बेक्सिमको लिमिटेड और शाइनपुकुर सिरेमिक्स के पुनर्गठित बोर्डों को मंजूरी दी।
  • 9 अक्टूबर, वर्ष का उल्लेख नहीं: बांग्लादेश बैंक ने बेक्सिमको कंप्यूटर्स की 16 करोड़ टका की गारंटी के नवीनीकरण की अनुमति दी।
  • 31 दिसंबर 2027: बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 और शाइनपुकुर सिरेमिक्स के लिए छूट की अवधि खत्म होगी।

तत्काल बदलाव यह है कि पुनर्भुगतान और देनदारी से जुड़ी शर्तों के तहत निर्दिष्ट बैंकिंग सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। इससे कंपनियों को संचालन के लिए धन जुटाने और आयात की व्यवस्था करने की गुंजाइश मिलेगी। नेशनल बैंक और सोनाली बैंक के लिए निर्धारित खातों से कारोबार की आय के जरिए पुनर्भुगतान इन व्यवस्थाओं का अहम हिस्सा है।

मुख्य बातें

  • बांग्लादेश बैंक ने बेक्सिमको एलपीजी यूनिट-1 और शाइनपुकुर सिरेमिक्स के लिए 31 दिसंबर 2027 तक ऋण प्रतिबंधों में ढील दी।
  • एलपीजी कंपनी 100 प्रतिशत नकद मार्जिन पर साख पत्र खोल सकती है और कार्यशील पूंजी के लिए वित्तपोषण प्राप्त कर सकती है।
  • शाइनपुकुर की मौजूदा 105 करोड़ टका की कार्यशील पूंजी सीमा का नवीनीकरण हो सकता है और उसके साख पत्र का मार्जिन घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है।
  • दोनों कंपनियों को अपनी सारी आय निर्धारित खातों में जमा करनी होगी और बैंकों को नियमित, अनुपातिक भुगतान करना होगा।
  • सुविधाओं की शर्तों के तहत सरकारी वित्तीय सहायता नहीं मिलेगी। एलपीजी व्यवस्था की देनदारी से बांग्लादेश बैंक को भी अलग रखा गया है।
  • बीएसईसी ने बेक्सिमको की तीन सूचीबद्ध कंपनियों के बोर्ड में बदलाव को मंजूरी दी, जबकि बेक्सिमको कंप्यूटर्स को अलग से गारंटी नवीनीकरण की अनुमति मिली।
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