122 अरब युआन से जुड़े मामलों में तीन मृत्युदंड
चीन की अदालतों ने म्यांमार के कोकांग क्षेत्र में आपराधिक परिसरों, जुए और धोखाधड़ी से जुड़े 12.2 अरब युआन से अधिक के धन तथा चीनी नागरिकों की मौतों के मामलों में वेई हुआइरन, चेन दावेई और लियाओ जिंगफांग को मृत्युदंड सुनाया है। 13 अक्टूबर, 2026 को सुनाए गए प्रथम दृष्टया फैसलों में तीन अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास और 55 को जेल की सजा भी दी गई।
विषय-सूची
- 122 अरब युआन से जुड़े मामलों में तीन मृत्युदंड
- किन्हें सजा मिली और किनके मामले अलग चल रहे हैं
- सशस्त्र सुरक्षा से परिसरों को कैसे मदद मिली
- मौतों के बारे में अदालतों ने क्या कहा
- म्यांमार में हुए अपराधों पर चीन मुकदमा क्यों चला सकता है
- बाई परिवार का फैसला पहले के मामले का पैमाना दिखाता है
- मिंग मामला और राजनीतिक संबंध
- अभियोजन कैसे आगे बढ़ा
- व्यापक कार्रवाई के आंकड़े क्या बताते हैं
- मुख्य बातें
चीन के फुजियान प्रांत की क्वानझोउ इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट और नानआन पीपुल्स कोर्ट ने वेई परिवार के आपराधिक नेटवर्क के सदस्यों के खिलाफ फैसले सुनाए। कुल 61 लोगों को सजा मिली। जेल की सजाएं तीन साल और तीन महीने से लेकर 24 साल तक थीं। साथ ही, जहां लागू हुआ, वहां जुर्माना, संपत्ति जब्ती और निर्वासन की सजा भी दी गई।
अदालतों ने दो आपराधिक गिरोहों का ब्योरा दिया, जिन्होंने कोकांग के मुख्य शहर लौक्काइंग में परिसर स्थापित करने और उनकी रक्षा करने के लिए वेई परिवार के प्रभाव और सशस्त्र बलों का इस्तेमाल किया। उनकी गतिविधियां ऑनलाइन ठगी से आगे बढ़कर गैरकानूनी कैसीनो, जबरन वसूली, वेश्यावृत्ति, मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध सीमा पार कराने के आयोजन तक फैली थीं।
ये फैसले कोकांग के उन आपराधिक परिवारों के खिलाफ चीन के व्यापक अभियान का हिस्सा हैं, जिनके कारोबार में स्थानीय राजनीतिक प्रभाव, सशस्त्र सुरक्षा और विदेशों में लोगों को निशाना बनाने वाले धोखाधड़ी अभियान शामिल थे। इससे पहले बाई और मिंग परिवारों के खिलाफ मुकदमे चले थे; बाद में कुछ आरोपियों को मृत्युदंड दिए जाने की खबरें आई थीं।
ताजा फैसले मृत्युदंड की सजाएं हैं, फांसी दिए जाने की घोषणाएं नहीं। ये प्रथम दृष्टया स्तर पर सुनाए गए हैं। इन फैसलों के ब्योरों में अपील का नतीजा, मृत्युदंड की अंतिम मंजूरी या फांसी की तारीख नहीं बताई गई है।
किन्हें सजा मिली और किनके मामले अलग चल रहे हैं
वेई हुआइरन को दो गिरोहों में से एक का नेता बताया गया। चेन दावेई और लियाओ जिंगफांग को भी मृत्युदंड सुनाया गया, हालांकि अदालत के निष्कर्षों के विस्तृत ब्यौरे में लियाओ की व्यक्तिगत भूमिका नहीं बताई गई है।
वेई छिंगताओ, कांग मिन और श्योंग हेंगशिंग को आजीवन कारावास मिला। अन्य 55 आरोपियों में सु होंगशियांग, देंग जिदा और चेन लोंगजियांग शामिल थे। उनकी अलग-अलग सजाएं नेटवर्क से जुड़े सभी लोगों को एक ही सजा देने के बजाय प्रत्येक की व्यक्तिगत भूमिका के निष्कर्षों पर आधारित हैं।
पहले गिरोह का नेतृत्व वेई हुआइरन और वेई छिंगसोंग करते थे। इसके अहम सदस्यों में वेई के करीबी सहयोगी बताए गए चेन लोंगजियांग और सशस्त्र बलों के नेता चा गुईछेंग तथा यान लोंगदी शामिल थे। वेई छिंगसोंग, चा गुईछेंग और यान लोंगदी के मामलों पर अलग से कार्रवाई हो रही है।
दूसरे संगठन को हेनरी आपराधिक गिरोह के नाम से जाना जाता था। इसका नेतृत्व वेई रोंग, वेई छिंगहाई और वेई छिंगताओ करते थे। परिवार के सदस्य सु होंगशियांग और करीबी सहयोगी देंग जिदा इसके अहम सदस्यों में शामिल थे। वेई रोंग और वेई छिंगहाई से जुड़े मामले भी अलग चल रहे हैं।
ये अंतर इसलिए अहम हैं क्योंकि 61 लोगों को सुनाई गई सजाओं से वेई परिवार से जुड़े सभी मुकदमे पूरे नहीं होते। अदालतों ने पाया कि वेई हुआइरन और वेई छिंगताओ समेत आरोपियों ने आपराधिक गिरोहों का गठन किया, उनका नेतृत्व किया या उनमें हिस्सा लिया और जानबूझकर हत्या तथा धोखाधड़ी समेत सात अपराधों को अंजाम दिया।
सशस्त्र सुरक्षा से परिसरों को कैसे मदद मिली
फैसलों के ब्योरों में दिए गए अदालत के निष्कर्षों के अनुसार, दोनों गिरोह 2019 से सक्रिय थे। उन्होंने कोकांग में वेई परिवार की हैसियत का इस्तेमाल कर लौक्काइंग में कई परिसर स्थापित किए और आपराधिक गतिविधियां चलाने वालों को सशस्त्र सुरक्षा देकर वहां बुलाया।
गिरोहों ने उन संचालकों के साथ मिलकर या स्वतंत्र रूप से अपराध किए। इस व्यवस्था ने परिसरों के मालिकों और उनके रक्षकों को वहां धोखाधड़ी, जुआ और अन्य गैरकानूनी कारोबार चलाने वालों से जोड़ दिया। इसलिए यह मामला केवल फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले व्यक्तिगत ठगों के खिलाफ मुकदमे तक सीमित नहीं था।
एक विवरण में नेटवर्क की गतिविधियों के 14 बड़े परिसरों में चलने की बात कही गई है। फैसलों का अधिक विस्तृत ब्यौरा कई परिसरों का उल्लेख करता है, लेकिन उनकी कुल संख्या नहीं बताता। खबरों के अनुसार, भर्ती के लिए ऊंचे वेतन का झांसा देकर चीनी नागरिकों को म्यांमार बुलाया जाता था।
ऐसे परिसरों में काम करने वाले लोगों की परिस्थितियां अलग-अलग हो सकती हैं। कुछ लोग स्वेच्छा से धोखाधड़ी में शामिल होते हैं, जबकि कुछ की तस्करी की जाती है, उन्हें बंधक बनाया जाता है और ऐसा करने के लिए मजबूर किया जाता है। क्षेत्रीय ठगी उद्योग की खबरों में दोनों तरह के मामलों का उल्लेख है, लेकिन उनसे यह पता नहीं चलता कि वेई परिवार के परिसरों में कितने लोग इनमें से किसी श्रेणी में थे।
12.2 अरब युआन के आंकड़े को भी सावधानी से समझना चाहिए। अदालत के विस्तृत ब्यौरे में इसे जुए और धोखाधड़ी से जुड़ा धन बताया गया है, न कि मुनाफे या पीड़ितों को हुए नुकसान का अलग से ऑडिट किया गया आकलन। खबरों में इसी युआन राशि को लगभग 1.7 अरब या 1.8 अरब डॉलर में बदला गया है। डॉलर के ये अनुमान अलग-अलग हैं, लेकिन चीनी मुद्रा में मूल आंकड़ा एक ही है।
मौतों के बारे में अदालतों ने क्या कहा
वेई मामले के निष्कर्षों का सबसे विस्तृत विवरण आपराधिक गिरोहों को चार चीनी नागरिकों की मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराता है। इसके मुताबिक, गिरोह के सदस्यों ने दूरसंचार धोखाधड़ी गिरोहों के साथ मिलीभगत कर उन लोगों की हत्या की, जो धोखाधड़ी में शामिल थे और उनके आदेश मानने से इनकार करते थे। इससे दो लोगों की मौत हुई।
इसमें अलग से कहा गया है कि चेन दावेई ने अपने नियंत्रण वाले सशस्त्र बलों का इस्तेमाल कर अंधाधुंध लोगों की हत्या की, जिससे दो और चीनी नागरिकों की मौत हुई। यह विवरण इन दोषसिद्धियों को आदेश मनवाने के लिए की गई हिंसा और सशस्त्र कार्रवाई, दोनों से जोड़ता है।
एक संक्षिप्त विवरण में कहा गया है कि गिरोह ने कम से कम दो चीनी नागरिकों की हत्या की। यह विस्तृत विवरण में दर्ज चार मौतों से कम संख्या बताता है, लेकिन जरूरी नहीं कि यह विरोधाभासी आंकड़ा हो। अदालतों ने सबसे कठोर सजाएं क्यों दीं, इसका वर्णन करते समय इस अंतर को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
खबरों में जांचकर्ताओं को पीड़ितों के शव लोहे के तार से बंधे हुए और खोपड़ियों पर गोली के निशान मिलने का भी उल्लेख है। ये विवरण नेटवर्क के भीतर हिंसा से जुड़ी खबरों की पुष्टि करते हैं, लेकिन अदालत के निष्कर्षों में बताई गई मौतों से अधिक संख्या साबित नहीं करते।
अदालतों ने कहा कि उन्होंने प्रत्येक आरोपी के अपराधों के तथ्य, प्रकृति और परिस्थितियों के साथ-साथ समाज को हुए नुकसान पर भी विचार किया। सजा से जुड़े विवरण हर आरोपी की भूमिका या प्रत्येक सजा के पीछे के सटीक तर्क नहीं बताते।
म्यांमार में हुए अपराधों पर चीन मुकदमा क्यों चला सकता है
परिसरों का चीन से बाहर होना अपने आप में चीनी अभियोजन को नहीं रोकता। चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ के प्रोफेसर हुओ झेंगशिन ने कहा कि इस मामले में चीन के आपराधिक कानून की धारा 8 लागू होती है, जो संरक्षणात्मक अधिकारिता का प्रावधान करती है।
संरक्षणात्मक अधिकारिता के तहत कोई देश तय शर्तों में विदेश में किए गए ऐसे कृत्यों पर अपना आपराधिक कानून लागू कर सकता है, जो उस देश या उसके नागरिकों को नुकसान पहुंचाते हैं। हुओ के मुताबिक, धारा 8 उन विदेशी नागरिकों पर लागू हो सकती है जो चीन के बाहर चीन या चीनी नागरिकों के खिलाफ अपराध करते हैं, बशर्ते चीनी कानून के तहत उस अपराध के लिए कम से कम तीन साल की कैद का प्रावधान हो। इसमें एक अपवाद भी है: यदि जिस जगह अपराध हुआ, वहां के कानून के तहत वह कृत्य दंडनीय न हो।
हुओ ने कानूनी आधार की व्याख्या इन शब्दों में की:
"अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अधिकारिता के लिए संरक्षणात्मक अधिकारिता भी एक व्यापक रूप से मान्य आधार है," हुओ ने कहा।
यह व्याख्या बताती है कि चीनी अदालत ऐसे मामले की सुनवाई क्यों कर सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि विदेश में किया गया हर अपराध अपने आप चीनी अधिकारिता में आ जाता है या किसी चीनी पीड़ित की मौजूदगी से हर कानूनी सवाल का जवाब मिल जाता है।
हुओ ने यह भी बताया कि निर्वासन विदेशी नागरिकों और राज्यविहीन लोगों पर लागू होता है, चीनी नागरिकों पर नहीं। राजनयिक छूट के हकदार विदेशी नागरिक भी इसके दायरे से बाहर हैं। जब इसे कैद के साथ दिया जाता है, तो आम तौर पर मुख्य सजा पूरी होने या पैरोल पर रिहाई के बाद यह प्रभावी होता है। इसलिए यह दोषसिद्धि के तुरंत बाद देश से निकालने से अलग है।
बाई परिवार का फैसला पहले के मामले का पैमाना दिखाता है
पहले के मामलों से सबसे मजबूत आधिकारिक तुलना शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट का बाई परिवार पर फैसला है, जिसकी घोषणा 4 नवंबर, 2025 को हुई थी। अदालत ने बाई सुओछेंग, बाई यिंगकांग, यांग लिच्यांग, हू श्याओजियांग और चेन गुआंगयी को मृत्युदंड सुनाया। ली फुशोउ और ली झिदे को दो साल के लिए निलंबित मृत्युदंड मिला।
पांच आरोपियों को आजीवन कारावास और नौ को तीन से 20 साल तक की जेल की सजा मिली। एक खबर में बाद की सजाओं की अवधि 20 से 30 साल बताई गई है, लेकिन यह आधिकारिक अदालत के बयान से मेल नहीं खाती, जिसमें तीन से 20 साल की सजा दर्ज है।
अदालत ने पाया कि बाई गिरोह ने परिवार के प्रभाव और सशस्त्र बलों का इस्तेमाल कर 41 परिसर स्थापित किए थे। जुए, धोखाधड़ी और संबंधित गतिविधियों से जुड़े धन की राशि 29 अरब युआन से अधिक थी। फैसले में छह चीनी नागरिकों की हत्या, एक चीनी नागरिक की आत्महत्या और कई लोगों के घायल होने का उल्लेख था। बाई यिंगकांग करीब 11 टन मेथामफेटामाइन की तस्करी और निर्माण में भी शामिल था।
आधिकारिक फैसले में 12 अपराध शामिल थे, जिनमें धोखाधड़ी, जानबूझकर हत्या, जानबूझकर चोट पहुंचाना, अपहरण, जबरन वसूली, वेश्यावृत्ति का आयोजन और उसे मजबूर करना तथा अवैध सीमा पार कराने का आयोजन शामिल थे। बाई मामले का वित्तीय आंकड़ा भी वेई मामले के विस्तृत ब्यौरे की तरह आपराधिक गतिविधियों से जुड़े धन को दर्शाता है, न कि केवल शुद्ध मुनाफे को।
बाई परिवार को मृत्युदंड कोकांग नेटवर्क के खिलाफ पहले की एक बड़ी कार्रवाई थी। प्रकाशित आंकड़ों की तुलना करें तो बाई मामले में 29 अरब युआन से अधिक और वेई मामलों में 12.2 अरब युआन से अधिक की राशि शामिल थी। दोनों राशियों की बताई गई न्यूनतम सीमाओं में 16.8 अरब युआन का अंतर है। चूंकि दोनों आंकड़े उन राशियों से अधिक बताए गए हैं, इसलिए दोनों नेटवर्क के बीच सटीक अनुपात की गणना नहीं की जा सकती।
मिंग मामला और राजनीतिक संबंध
झेजियांग प्रांत की वेनझोउ पीपुल्स इंटरमीडिएट कोर्ट में अलग से मिंग परिवार के नेटवर्क के खिलाफ मुकदमा चला। खबरों के मुताबिक, सजा का ब्योरा यह था: 11 तत्काल मृत्युदंड, पांच निलंबित मृत्युदंड और 23 अन्य आरोपियों को 24 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजाएं।
अदालत के निष्कर्षों में इस गिरोह को कम से कम 16 मौतों और करीब 1.4 अरब डॉलर से अधिक के वित्तीय नुकसान से जोड़ा गया। मृत्युदंड पाने वालों में मिंग गुओपिंग और मिंग झेनझेन शामिल थे, जो मिंग शुएचांग के बेटे और पोती थे। म्यांमार के अधिकारियों ने कहा कि मिंग शुएचांग ने नवंबर 2023 में गिरफ्तारी के दौरान खुद को गोली मार ली थी और बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई।
वकालत करने वाले संगठन जस्टिस फॉर म्यांमार की प्रवक्ता यदानार मौंग ने परिवार के स्थानीय सैन्य और राजनीतिक संस्थानों से संबंधों का वर्णन किया:
"मिंग परिवार कोकांग के साइबर ठगी उद्योग और स्थानीय म्यांमार सैन्य संस्थानों, कोकांग बॉर्डर गार्ड फोर्स तथा सत्तारूढ़ यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी, तीनों में अहम भूमिका निभाता था," यदानार मौंग ने कहा।
मौंग ने म्यांमार की सेना और ठगी उद्योग के पीछे मौजूद लोगों तथा कारोबारों पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। उनका दृष्टिकोण उन सशस्त्र और राजनीतिक ढांचों से अभियोजन को जोड़ता है, जिन्होंने परिसरों को सहारा दिया। वहीं, चीनी मुकदमों का ध्यान अपराध साबित करने और नामजद आरोपियों की जिम्मेदारी तय करने पर है।
बाई, वेई, मिंग और लियू परिवारों को कोकांग के चार प्रमुख सत्ता केंद्रों के रूप में पहचाना गया है। खबरों में इन मुकदमों को ऑपरेशन 1027 के बाद हुई उथल-पुथल से जोड़ा गया है। यह सैन्य अभियान जातीय सशस्त्र समूहों के गठबंधन ने शुरू किया था, जिसने ठगी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई को अपने उद्देश्यों में से एक बताया था।
अभियोजन कैसे आगे बढ़ा
ये मामले परिसरों के संचालन, गिरफ्तारियों, हस्तांतरण और सुनवाई की कई वर्षों की घटनाओं से जुड़े हैं। तारीखों के ये विवरण ताजा सजाओं को पहले के फैसलों और बाद में फांसी दिए जाने की खबरों से अलग पहचानने में मदद करते हैं:
- 2019: अदालत के निष्कर्षों में वर्णित दोनों वेई गिरोहों ने आपराधिक गतिविधियां शुरू कीं।
- नवंबर 2023: म्यांमार के अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद मिंग शुएचांग की मौत हुई।
- 30 जनवरी, 2024: खबरों के अनुसार, बाई सुओछेंग और अन्य अहम संदिग्धों को इसी तारीख को चीनी हिरासत में सौंपा गया।
- 11 जुलाई, 2025: खबरों के मुताबिक, बाई मामले की सुनवाई शुरू हुई।
- 29 सितंबर, 2025: मिंग मामले में 11 तत्काल और पांच निलंबित मृत्युदंड सुनाए गए।
- 4 नवंबर, 2025: शेनझेन इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने बाई मामले का फैसला सुनाया।
- 13 अक्टूबर, 2026: क्वानझोउ और नानआन की अदालतों ने वेई मामले के फैसले सुनाए।
बाद में फांसी दिए जाने की खबरों में अंतर है। एक खबर के मुताबिक, जनवरी में मिंग मामले के 11 आरोपियों और फरवरी में बाई मामले के चार आरोपियों को फांसी दी गई। दूसरी खबर में कहा गया है कि चीन ने फरवरी में म्यांमार के आपराधिक गिरोहों के 15 सदस्यों को फांसी दी। इन विवरणों में महीनों के हिसाब से संख्या अलग है, इसलिए इन्हें एक ही सत्यापित घटनाक्रम नहीं मानना चाहिए।
तत्काल मृत्युदंड और निलंबित मृत्युदंड के बीच का अंतर भी अहम है। दो साल के लिए निलंबित सजा का मतलब दो साल बाद तय फांसी नहीं है; यह अलग कानूनी परिणाम है। इसी तरह, प्रथम दृष्टया मृत्युदंड को अपील पूरी होने और मृत्युदंड की अनिवार्य समीक्षा से अलग समझना चाहिए।
व्यापक कार्रवाई के आंकड़े क्या बताते हैं
चीन के सुप्रीम पीपुल्स कोर्ट के हवाले से दिए गए आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक चीनी अदालतें उत्तरी म्यांमार में दूरसंचार धोखाधड़ी गतिविधियों से जुड़े 27,000 से अधिक मामलों में प्रथम दृष्टया सुनवाई पूरी कर चुकी थीं और प्रत्यर्पित किए गए 41,000 से अधिक संदिग्धों को सजा दे चुकी थीं।
एक अलग विवरण के अनुसार, पिछले वर्ष दूरसंचार धोखाधड़ी के संदेह में 7,600 से अधिक चीनी नागरिकों को म्यांमार से वापस भेजा गया। यह आंकड़ा एक खास अवधि में स्थानांतरित किए गए लोगों के समूह को दर्शाता है, जबकि 41,000 का आंकड़ा मामलों के व्यापक समूह में सजा पाए लोगों से जुड़ा है। इन आंकड़ों की सीधे तुलना ऐसे नहीं की जा सकती, मानो वे एक ही आबादी के बारे में हों।
चीन के आपराधिक जांच ब्यूरो के हवाले से यह भी कहा गया है कि 2023 से म्यांमार के साथ संयुक्त अभियानों में कोकांग के चार बड़े आपराधिक गिरोहों को खत्म किया गया। एक अन्य बताया गया संकेतक यह था कि अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 तक लगातार 11 महीनों में चीन में दूरसंचार धोखाधड़ी के मामलों की सालाना संख्या में गिरावट आई।
ये आंकड़े कार्रवाई के व्यापक दायरे को दिखाते हैं, लेकिन यह साबित नहीं करते कि पूरे म्यांमार में ठगी की गतिविधियां खत्म हो गई हैं। वेई मामले में नामजद कुछ नेता अब भी अलग मुकदमों का सामना कर रहे हैं। उन मामलों की अगली सुनवाई की तारीखें, 61 आरोपियों की अपील का कार्यक्रम या फांसी की समय-सारणी नहीं बताई गई है।
मुख्य बातें
- 13 अक्टूबर, 2026 को सुनाए गए फैसलों में वेई हुआइरन, चेन दावेई और लियाओ जिंगफांग को मृत्युदंड मिला।
- तीन आरोपियों को आजीवन कारावास और 55 को तीन साल और तीन महीने से लेकर 24 साल तक की जेल की सजा मिली।
- अदालतों ने वेई गिरोहों को जुए और धोखाधड़ी से जुड़े 12.2 अरब युआन से अधिक के धन तथा चार चीनी नागरिकों की मौतों से जोड़ा।
- परिसर म्यांमार के लौक्काइंग में सक्रिय थे और उन्हें वेई परिवार के नियंत्रण वाले सशस्त्र बलों से सुरक्षा मिलती थी।
- बाई मामले के आधिकारिक फैसले में 41 परिसर और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े 29 अरब युआन से अधिक के धन का उल्लेख था।
- ताजा सजाएं प्रथम दृष्टया फैसले हैं; फैसलों के ब्योरों में फांसी की तारीख या अपील का नतीजा घोषित नहीं किया गया है।






