समीक्षा में 2023 से कक्षाओं, किताबों और शिक्षकों की स्थिति का आकलन
वियतनाम की कम्युनिस्ट पार्टी के सचिवालय ने स्कूली शिक्षा की व्यापक समीक्षा शुरू की है। इसमें 2023 से 30 सितंबर, 2026 तक की अवधि शामिल होगी। निष्कर्ष 10 दिसंबर को सचिवालय के समक्ष पेश किए जाने हैं। इस कवायद में कक्षा 1 से 12 तक का पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकों की सामग्री और उनकी लागत, शिक्षकों की कमी, स्कूलों की सुविधाओं तथा सीमावर्ती कम्यूनों में आवासीय स्कूलों में निवेश की पड़ताल की जाएगी। इसे 15 दिसंबर, 2026 से पहले पूरा करना होगा।
विषय-सूची
- समीक्षा में 2023 से कक्षाओं, किताबों और शिक्षकों की स्थिति का आकलन
- प्रतिनिधिमंडल का गठन कैसे हुआ
- पाठ्यक्रम के बोझ और विषयों के चयन की पड़ताल
- पाठ्यपुस्तकों की सामग्री, लागत और पुनः उपयोग अलग-अलग मुद्दे
- किताबों की कमी पर जवाबदेही का कड़ा संदेश
- नामांकन के मुकाबले स्कूल सुविधाओं की कमी का आकलन
- शिक्षकों की संख्या और आय का एक साथ आकलन
- क्षेत्रीय दौरे और दिसंबर की रिपोर्टिंग समयसीमा
- प्रस्ताव 71 लक्ष्य तय करता है, समीक्षा के निष्कर्ष नहीं
- मुख्य बिंदु
इस फैसले और कार्ययोजना की घोषणा 13 अक्टूबर, 2026 को शिक्षा एवं प्रशिक्षण मंत्रालय में की गई। पोलित ब्यूरो के सदस्य, पार्टी केंद्रीय समिति के सचिव और केंद्रीय प्रचार आयोग के प्रमुख त्रिन्ह वान क्वयेत प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल औपचारिक रूप से मंत्रालय की पार्टी समिति की स्थायी समिति के कामकाज की समीक्षा करेगा। इसमें यह देखा जाएगा कि उसने शिक्षा और प्रशिक्षण विकास पर पोलित ब्यूरो के प्रस्ताव संख्या 71-NQ/TW को लागू करने का नेतृत्व और आयोजन किस तरह किया।
शिक्षा मंत्री होआंग मिन्ह सोन ने कहा कि स्कूली शिक्षा 2 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों और 10 लाख शिक्षकों को प्रभावित करती है। इस समीक्षा में उन मुद्दों को एक साथ देखा जाएगा जिन पर अक्सर अलग-अलग विचार होता है: क्या पाठ बच्चों के अनुकूल हैं, क्या किताबें किफायती और दोबारा इस्तेमाल योग्य हैं, क्या स्कूलों में पर्याप्त कमरे और उपकरण हैं, और क्या किसी विषय की कक्षा तय होने पर योग्य शिक्षक उपलब्ध है।
प्रतिनिधिमंडल का गठन कैसे हुआ
सचिवालय ने 16 सितंबर, 2026 को पाठ्यपुस्तकों और स्कूली पाठ्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर विचार किया। इसके बाद पार्टी केंद्रीय समिति के कार्यालय ने 18 सितंबर की आधिकारिक चिट्ठी संख्या 5099-CV/VPTW के जरिए फैसला बताया। चिट्ठी में क्वयेत को प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व सौंपा गया और केंद्रीय प्रचार एवं प्रशिक्षण आयोग को केंद्रीय निरीक्षण समिति तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया गया।
समीक्षा की अवधि 2023 से शुरू होती है, जबकि प्रस्ताव 71 को 22 अगस्त, 2025 को जारी किया गया था। इसका मतलब है कि प्रतिनिधिमंडल प्रस्ताव से पहले हुए घटनाक्रमों के साथ-साथ उसके बाद के क्रियान्वयन की भी पड़ताल करेगा। इसलिए प्रस्ताव से पहले लिए गए निवेश, नियुक्तियों और पाठ्यक्रम संबंधी फैसले भी मौजूदा स्थिति के आकलन का हिस्सा बन सकते हैं।
क्वयेत ने इस कवायद को सचिवालय का इस तरह का पहला निगरानी प्रतिनिधिमंडल बताया, जिसका नेतृत्व पोलित ब्यूरो का कोई सदस्य कर रहा है और जो पार्टी केंद्रीय समिति का सचिव भी है। उन्होंने इसके व्यापक दायरे को पहले किसी खास मामले या शिक्षा के सीमित मुद्दों की जांच से अलग बताया। इसका उद्देश्य पोलित ब्यूरो और सचिवालय को सलाह देना है कि किन बातों को जारी रखा जाए, किनमें बदलाव हो और किनके लिए नई नीतिगत मदद दी जाए।
पाठ्यक्रम के बोझ और विषयों के चयन की पड़ताल
पाठ्यक्रम के आकलन में प्राथमिक, निम्न माध्यमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षा शामिल होगी। प्रतिनिधिमंडल कार्यक्रम के वैज्ञानिक आधार, पिछली कक्षाओं में सीखी बातों पर आगे की पढ़ाई के निर्माण और शिक्षा के विभिन्न स्तरों के बीच तालमेल की जांच करेगा। यह भी देखा जाएगा कि पाठ्यवस्तु विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक विकास और विभिन्न क्षेत्रों की व्यावहारिक परिस्थितियों के अनुरूप है या नहीं।
खास तौर पर पाठ्यक्रम के बोझ, अत्यधिक मांग घटाने के प्रयासों, एकीकृत शिक्षण और विषयों के चयन पर ध्यान दिया जाएगा। एकीकृत शिक्षण में संबंधित विषयों की सामग्री को एक साथ पढ़ाया जाता है, जिसके लिए स्कूलों को उन क्षेत्रों में पढ़ाई का समन्वय करना पड़ता है। समीक्षा में यह देखा जाएगा कि इन पाठों की व्यवस्था समूचे पाठ्यक्रम के अनुरूप है या नहीं और स्कूल अपनी वास्तविक परिस्थितियों में उन्हें पढ़ा सकते हैं या नहीं।
क्वयेत ने उन विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों से सुझाव मांगे जिनके पास कई वर्षों और सुधार के विभिन्न चरणों में पाठ्यक्रमों के अध्ययन का अनुभव है। उनके आकलन का उद्देश्य यह पहचानना है कि कौन-से तत्व अब भी उपयुक्त हैं और किनमें बदलाव की जरूरत है। समीक्षा के नतीजे के तौर पर किसी संशोधित पाठ्यक्रम, हटाए जाने वाले विषयों की सूची या पढ़ाई के बोझ की नई सीमा की घोषणा नहीं की गई है।
पाठ्यपुस्तकों की सामग्री, लागत और पुनः उपयोग अलग-अलग मुद्दे
पाठ्यपुस्तकों की समीक्षा में नैतिक शिक्षा, इतिहास, राजनीति, विचारधारा और जीवन-शैली से जुड़ी सामग्री देखी जाएगी, खासकर साहित्य, इतिहास और नागरिक शिक्षा की किताबों में। प्रतिनिधिमंडल विशेषज्ञों से सलाह लेगा कि कौन-से अंश बने रहने चाहिए, पुरानी पाठ्यपुस्तकों की कौन-सी सामग्री आगे जारी रखी जा सकती है और किन अंशों को हटाया या बदला जाना चाहिए। संकलन और प्रकाशन की जिम्मेदारी की भी जांच होगी।
क्वयेत ने ऐसी कविताओं का उदाहरण दिया जिन्हें उनके अनुसार समझना कठिन है और जिनका अधिक बारीकी से आकलन होना चाहिए। उनकी टिप्पणियों के विवरण में उन कविताओं के नाम नहीं बताए गए और न ही उनके बारे में किसी विशेषज्ञ का निष्कर्ष दिया गया। उनकी टिप्पणी समीक्षा के लिए एक विषय रखती है, किसी खास किताब पर अंतिम फैसला नहीं।
एक पाठ्यक्रम और कई पाठ्यपुस्तक सेट की नीति का आकलन गुणवत्ता, चयन और लागत के आधार पर किया जाएगा। पाठ्यक्रम तय करता है कि विद्यार्थियों को क्या सीखना चाहिए, जबकि पाठ्यपुस्तकों में उन अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सामग्री दी जाती है। प्रतिनिधिमंडल से यह पता लगाने को कहा गया है कि इस व्यवस्था में समस्याएं कहां पैदा होती हैं, उनकी जिम्मेदारी किसकी है और आगे कौन-से व्यावहारिक बदलाव किए जाने चाहिए।
ऐसी किताबें भी समीक्षा के दायरे में हैं जिनके पन्नों पर विद्यार्थी सीधे अभ्यास पूरा करते हैं। एक बार भर जाने के बाद, उसी तरह किसी दूसरे विद्यार्थी के लिए उनका इस्तेमाल करना संभव नहीं रह जाता। क्वयेत ने अभिभावकों के लिए फिजूलखर्ची बनने वाली ऐसी किताबों को हटाने या बदलने पर विचार करने का अनुरोध किया। यह चिंता पाठ्यपुस्तक सेटों की संख्या से अलग है: एक ही सेट में ऐसी किताबें हो सकती हैं जिनका दोबारा उपयोग आसानी से न हो सके। इससे परिवारों पर पड़ने वाले खर्च का कोई अनुमान या इन किताबों पर प्रतिबंध का फैसला घोषित नहीं किया गया है।
किताबों की कमी पर जवाबदेही का कड़ा संदेश
12 अक्टूबर को दा नांग में मतदाताओं के साथ हुई बैठक में भी पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता का मुद्दा उठाया गया। पोलित ब्यूरो के सदस्य और सचिवालय के स्थायी सदस्य त्रान कैम तू ने शहर के नेशनल असेंबली प्रतिनिधिमंडल के साथ हाइ चाउ, होआ कुओंग, थान खे, आन हाइ और सोन त्रे वार्डों के मतदाताओं से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि पोलित ब्यूरो ने शिक्षा और प्रशिक्षण की व्यापक जांच तय की है, जिसमें पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकें, पढ़ाई, शिक्षक और संगठनात्मक ढांचे शामिल हैं।
तू ने सवाल किया कि जब वियतनाम के पास प्रकाशन और उत्पादन क्षमता है और कई प्रकाशन संस्थान हैं, तो विद्यार्थियों को अब भी किताबों की कमी क्यों झेलनी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि कमी के कारणों का पता लगाने के लिए इसकी जांच होनी चाहिए और अगर कोई गड़बड़ी सामने आती है तो कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनकी टिप्पणी किताबों तक पहुंच पर थी, जबकि 13 अक्टूबर की चर्चा में उनकी सामग्री, कीमत और डिजाइन भी शामिल थे।
विभिन्न ब्योरे संस्थागत अधिकार-क्षेत्र का अलग-अलग वर्णन करते हैं। तू ने पोलित ब्यूरो की जांच का जिक्र किया, जबकि घोषित योजना सचिवालय के निगरानी प्रतिनिधिमंडल से जुड़ी है। क्वयेत ने कहा कि यह कथित उल्लंघनों के संदेह में शुरू की गई जांच नहीं है और इसका मकसद किसी व्यक्ति या संगठन की गलती खोजना नहीं है। हालांकि, केंद्रीय प्रचार आयोग के उपप्रमुख गुयेन वान चिएन ने कहा कि इसके उद्देश्यों में पार्टी संगठनों और सदस्यों की ओर से किसी उल्लंघन के संकेत हों तो उनका आकलन करना भी शामिल है। इन बयानों से यह साबित नहीं होता कि कोई गड़बड़ी हुई है, और दोनों विवरणों के बीच संबंध स्पष्ट नहीं किया गया है।
नामांकन के मुकाबले स्कूल सुविधाओं की कमी का आकलन
प्रतिनिधिमंडल स्कूलों, कक्षाओं और शिक्षण उपकरणों की कमी के साथ 2023 से किए गए निवेश का भी आकलन करेगा। क्वयेत ने हर शिक्षा स्तर पर विद्यार्थियों की संख्या, मौजूदा स्कूलों और पूरी न हो रही जरूरतों की तुलना करने का अनुरोध किया। इसके लिए केवल निर्माण परियोजनाओं की सूची बनाना काफी नहीं होगा: यह भी देखना होगा कि उपलब्ध सुविधाएं जगह चाहने वाले बच्चों की संख्या के अनुरूप हैं या नहीं।
सीमावर्ती कम्यूनों में प्राथमिक और निम्न माध्यमिक शिक्षा को मिलाकर चलने वाले आवासीय स्कूलों पर खास ध्यान दिया जाएगा। समीक्षा में इन स्कूलों में निवेश और स्थानीय जरूरतें पूरी करने की उनकी क्षमता देखी जाएगी। इन्हें शामिल करने से सीमावर्ती इलाकों में सुविधाओं, आवास और शिक्षा तक पहुंच का आकलन एक साथ होगा।
समीक्षा की घोषणा में लापता कक्षाओं, उपकरणों की कमी या सीमावर्ती आवासीय स्कूलों में पूरी न हो रही मांग के राष्ट्रीय आंकड़े नहीं दिए गए हैं। मंत्रालय से अपेक्षा है कि वह समीक्षा के लिए ये आंकड़े उपलब्ध कराएगा। इनके तय होने तक प्रतिनिधिमंडल मौजूदा सुविधाओं और विद्यार्थियों की जरूरतों के बीच अंतर का संख्यात्मक ब्योरा नहीं दे सकता।
शिक्षकों की संख्या और आय का एक साथ आकलन
कर्मचारियों की समीक्षा में शिक्षा प्रशासन, स्कूल प्रबंधन और शिक्षक शामिल होंगे। इसमें अलग-अलग इलाकों में कर्मचारियों की अधिकता और कमी देखी जाएगी, जिनमें वंचित क्षेत्रों की मुश्किलें और शिक्षा संस्थानों के आकार घटाने या पुनर्गठन से जुड़ी कमियां भी शामिल हैं। मंत्रालय को बताना होगा कि कहां कर्मचारियों की कमी है, यह क्यों है और वह क्या कदम उठाने का प्रस्ताव करता है।
स्थानीय असंतुलन पर ध्यान देना इसलिए अहम है क्योंकि कुल संख्या से यह पता नहीं चलता कि खास विषयों को पढ़ाने के लिए शिक्षक सही जगह पर उपलब्ध हैं या नहीं। क्वयेत ने शिक्षक व्यवस्था को विद्यार्थियों को पूरी शिक्षा मिलने से जोड़ा और ऐसी स्थिति से बचने की चेतावनी दी जिसमें तय विषय पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक ही न हो। समीक्षा में अभी तक इलाकों या विषयों के अनुसार शिक्षकों की कमी के आंकड़े प्रकाशित नहीं किए गए हैं।
शिक्षकों की स्थिति का आकलन केवल वेतन गुणांक के आधार पर नहीं, बल्कि वेतन और भत्तों समेत वास्तविक मासिक आय के आधार पर किया जाएगा। वेतन गुणांक वेतन के एक हिस्से की गणना के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला कारक है; यह अपने आप में कुल कमाई नहीं बताता। क्वयेत ने सामान्य सरकारी सेवा के वेतन स्तर से तुलना करने को कहा। आय की कोई तालिका या प्रस्तावित बढ़ोतरी घोषित नहीं की गई, इसलिए समीक्षा भविष्य के वेतन पर फैसला नहीं, बल्कि आंकड़े जुटाने का अनुरोध है।
क्षेत्रीय दौरे और दिसंबर की रिपोर्टिंग समयसीमा
प्रतिनिधिमंडल शिक्षा क्षेत्र के भीतर और बाहर के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शिक्षकों से सुझाव लेने की योजना बना रहा है। इसके तीन समूह बनाए जाएंगे, जो उत्तरी, मध्य और दक्षिणी वियतनाम के प्रतिनिधि इलाकों का दौरा करेंगे। इनमें बड़े शहर, मैदानी इलाके, पर्वतीय क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्र शामिल होंगे। आकलन में अलग-अलग परिस्थितियों को शामिल करने के लिए मंत्रालय इलाकों, संस्थानों और विशेषज्ञों के चयन में मदद करेगा।
सोन ने मंत्रालय की ओर से 20 अक्टूबर से पहले आंकड़ों के आधार पर पूरी और सच्ची रिपोर्ट देने की प्रतिबद्धता जताई। प्रकाशित समय-सारणी इस प्रकार है:
- 16 सितंबर, 2026: सचिवालय पाठ्यपुस्तकों और स्कूली पाठ्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर विचार करता है।
- 18 सितंबर: आधिकारिक चिट्ठी संख्या 5099-CV/VPTW में प्रतिनिधिमंडल गठित करने का फैसला बताया जाता है।
- 13 अक्टूबर: शिक्षा मंत्रालय में फैसले और निगरानी योजना की घोषणा होती है।
- 13 से 20 अक्टूबर: मंत्रालय की पार्टी समिति की स्थायी समिति को अपनी रिपोर्ट और सहायक दस्तावेज जमा करने हैं।
- 20 से 30 अक्टूबर: प्रतिनिधिमंडल रिपोर्ट और दस्तावेजों का अध्ययन करेगा।
- 1 से 20 नवंबर: प्रतिनिधिमंडल संबंधित संगठनों और संस्थानों के साथ काम करेगा; विस्तृत व्यवस्था बाद में घोषित की जाएगी।
- 21 से 30 नवंबर: प्रतिनिधिमंडल अपनी रिपोर्ट पूरी करेगा।
- 10 दिसंबर: निष्कर्ष सचिवालय के समक्ष पेश किए जाने हैं।
- 15 दिसंबर से पहले: निगरानी की कवायद पूरी करनी होगी।
कुछ ब्योरे में कहा गया है कि यह कवायद 15 दिसंबर तक चलेगी, जबकि विस्तृत योजना के अनुसार इसे उस तारीख से पहले पूरा करना है और 10 दिसंबर को निष्कर्ष पेश किए जाने हैं। नवंबर की बैठकों में शामिल संस्थानों के नाम और क्षेत्रीय दौरों का सटीक कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है।
प्रस्ताव 71 लक्ष्य तय करता है, समीक्षा के निष्कर्ष नहीं
प्रस्ताव 71 वह नीतिगत ढांचा है जिसके आधार पर प्रतिनिधिमंडल शिक्षा व्यवस्था का आकलन करेगा। 2030 के लिए इसके घोषित लक्ष्यों में कम से कम 80% माध्यमिक स्कूलों का राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना और स्कूल जाने की उम्र के कम से कम 85% लोगों का उच्च माध्यमिक शिक्षा या समकक्ष योग्यता पूरी करना शामिल है। दूसरे लक्ष्य में कोई भी प्रांत या शहर 60% से नीचे नहीं होना चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर पढ़ाई पूरी करने के 85% लक्ष्य और हर इलाके के लिए 60% के न्यूनतम लक्ष्य के बीच 25 प्रतिशत अंक का अंतर है। ये लक्ष्य हैं, मौजूदा प्रदर्शन के आंकड़े नहीं। घोषणा में पढ़ाई पूरी करने की मौजूदा राष्ट्रीय दर या प्रांतों के बीच तुलना नहीं दी गई है, इसलिए इन लक्ष्यों तक की दूरी की गणना अभी नहीं की जा सकती।
प्रस्ताव में पाठ्यक्रम की समीक्षा, एक एकीकृत राष्ट्रीय पाठ्यपुस्तक सेट और 2030 तक सभी विद्यार्थियों को मुफ्त पाठ्यपुस्तकें देने के प्रयासों की भी बात है। शिक्षा के व्यापक लक्ष्यों में तीन से पांच साल के बच्चों के लिए सार्वभौमिक पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और निम्न माध्यमिक स्कूल तक अनिवार्य शिक्षा शामिल है। हालांकि, घोषित निगरानी कवायद पूरे शिक्षा क्षेत्र के बजाय स्कूली शिक्षा पर केंद्रित है।
दिसंबर की रिपोर्ट से केवल शिकायतें दर्ज करने के बजाय नीतिगत विकल्पों पर सिफारिशों की अपेक्षा है। पाठ्यपुस्तकें बदलने, स्कूलों में निवेश, कर्मचारियों की नियुक्ति या शिक्षकों के वेतन पर अभी कोई फैसला घोषित नहीं किया गया है। क्वयेत ने कहा कि पोलित ब्यूरो के निष्कर्षों के बाद सरकार की पार्टी समिति समान रूप से उनका क्रियान्वयन करेगी। फिलहाल यह देखना अहम होगा कि मंत्रालय की रिपोर्ट और क्षेत्रीय दौरे जांच के दायरे में आए मुद्दों के पैमाने, कारणों और जिम्मेदारी को स्पष्ट कर पाते हैं या नहीं।
मुख्य बिंदु
- सचिवालय की समीक्षा में 2023 से 30 सितंबर, 2026 तक की स्कूली शिक्षा शामिल है।
- त्रिन्ह वान क्वयेत प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो पाठ्यक्रम, पाठ्यपुस्तकों, सुविधाओं और कर्मचारियों की पड़ताल करेगा।
- पाठ्यपुस्तकों की गुणवत्ता, लागत, कमी और आसानी से दोबारा इस्तेमाल न हो पाने वाली किताबों की अलग-अलग समीक्षा होगी।
- स्थानीय स्तर पर कर्मचारियों के असंतुलन के साथ वेतन और भत्तों के आधार पर शिक्षकों की आय का आकलन होगा।
- तीन क्षेत्रीय समूह उत्तरी, मध्य और दक्षिणी वियतनाम के इलाकों का दौरा करेंगे।
- निष्कर्ष 10 दिसंबर को पेश किए जाने हैं और समीक्षा 15 दिसंबर, 2026 से पहले पूरी करनी होगी।
- पाठ्यक्रम में अंतिम बदलाव, पाठ्यपुस्तकों पर पाबंदी, निवेश का आवंटन या वेतन संबंधी कोई फैसला घोषित नहीं किया गया है।






