सारा दुतेर्ते के महाभियोग मुकदमे में अब सिर्फ संपत्ति का आरोप, बचाव पक्ष ने निष्पक्षता पर उठाए सवाल

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Sara Duterte Impeachment Trial Narrows to Wealth Charge as Defense Challenges Fairness

एक आरोप बाकी, कथित रकम P1.5 अरब तक

सीनेट की महाभियोग अदालत ने 13 अक्टूबर 2026 को फिलीपींस की उपराष्ट्रपति सारा दुतेर्ते के खिलाफ चार में से तीन आरोपों को वापस लेने की मंजूरी दे दी। अब केवल अघोषित संपत्ति का आरोप बाकी है, जिसमें वकील और लेखाकार अलेक्जेंडर कैबरेरा ने P817 मिलियन से P1.5 अरब तक की संपत्ति का अनुमान पेश किया। कार्यवाही 9 नवंबर को फिर शुरू होने पर बचाव पक्ष के अपना पक्ष रखने की उम्मीद है।

विषय-सूची
  1. एक आरोप बाकी, कथित रकम P1.5 अरब तक
  2. सीनेट ने मामले से क्या हटाया
  3. अभियोजकों ने मुकदमे का दायरा क्यों घटाया
  4. संपत्ति का आरोप वास्तव में किस बारे में है
  5. बचाव पक्ष ने जवाब देने के अवसर पर सवाल उठाए
  6. कोरोना की मिसाल और अदालत का अधिकार
  7. सार्वजनिक चर्चा की अनुमति, लेकिन पाबंदियां जारी
  8. दुतेर्ते ने इस्तीफे से इनकार किया, अन्य आरोप जारी
  9. समय-सारणी और फैसले के दांव
  10. मुख्य बातें

इस फैसले से गोपनीय निधियों के कथित दुरुपयोग, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को रिश्वत देने और राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर को गंभीर धमकी देने के आरोप अदालत के अंतिम मतदान से बाहर हो गए हैं। इसका अर्थ इन आरोपों से बरी होना नहीं है। पीठासीन अधिकारी सीनेटर फ्रांसिस एस्कुडेरो ने फैसला सुनाया कि सीनेटर वापस लिए गए आरोपों पर न तो दोषसिद्धि करेंगे, न ही बरी।

बचा हुआ अनुच्छेद II दुतेर्ते और उनके पति मानसेस कार्पियो की कथित अघोषित संपत्ति और निषिद्ध कारोबारी हितों से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष का कहना है कि उसके पास संविधान के दोषपूर्ण उल्लंघन और जनविश्वास के साथ विश्वासघात के आधार पर उन्हें पद से हटाने की मांग करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं। दुतेर्ते ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और अदालत ने अभी यह तय नहीं किया है कि संपत्ति संबंधी आरोप साबित हुआ है या नहीं।

मामले का दायरा घटाने का फैसला, हटाए गए आरोपों में से दो पर कई हफ्तों तक चली सार्वजनिक गवाही के बाद आया। बचाव पक्ष की प्रमुख वकील शीला सिसन ने दलील दी कि दुतेर्ते को अपने सबूत पेश करने से पहले आरोप वापस लेने से नुकसानदेह आरोप सार्वजनिक रूप से सामने तो आए, लेकिन अदालत में उनका जवाब देने का समान अवसर नहीं मिला।

इस फैसले से वापस लिए गए आरोपों पर सार्वजनिक चर्चा को लेकर अलग विवाद भी शुरू हुआ। एस्कुडेरो ने उन आरोपों पर बयान देने की महाभियोग अदालत की पाबंदी हटा दी, लेकिन बचाव पक्ष ने आपत्ति जताई और सीनेटर फ्रांसिस पैंगिलिनन ने फैसले पर पुनर्विचार की मांग की। 2027 के प्रस्तावित राष्ट्रीय बजट पर विचार-विमर्श के लिए कार्यवाही स्थगित होने तक यह मुद्दा अनसुलझा रहा।

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सीनेट ने मामले से क्या हटाया

वापस लिए गए आरोप तीन अलग-अलग मामलों से जुड़े थे। अनुच्छेद I में उपराष्ट्रपति कार्यालय और शिक्षा विभाग की गोपनीय निधियों के कथित दुरुपयोग या गबन का आरोप था। अनुच्छेद III में शिक्षा अधिकारियों को कथित रिश्वत देने का मामला था। अनुच्छेद IV में गंभीर धमकियों का आरोप था, जिसमें मार्कोस, प्रथम महिला और सदन के पूर्व अध्यक्ष को कथित सशर्त धमकी देना शामिल था।

धमकी का आरोप एक प्रेस वार्ता के बाद सामने आया, जिसमें कथित तौर पर दुतेर्ते ने कहा था कि अगर पहले उनकी हत्या हुई, तो उन्होंने उन लोगों की हत्या करवाने की व्यवस्था कर रखी थी। दुतेर्ते और उनकी टीम ने उनके खिलाफ लगे आरोपों से इनकार किया है।

एस्कुडेरो ने अभियोजन पक्ष की कार्यवाही कितनी आगे बढ़ी थी, इसके आधार पर आरोप वापस लेने के मामलों में अलग-अलग फैसला किया। गोपनीय निधियों और गंभीर धमकियों से जुड़े आरोप पूर्वाग्रह सहित वापस लिए गए। उनके फैसले के तहत 20वीं कांग्रेस और दुतेर्ते के मौजूदा कार्यकाल के दौरान ये आरोप दोबारा नहीं लगाए जा सकते, फिर से दाखिल नहीं किए जा सकते और उन पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता।

रिश्वत का आरोप पूर्वाग्रह के बिना वापस लिया गया, क्योंकि अभियोजकों ने उस पर सबूत पेश नहीं किए थे। इस अंतर से भविष्य में कार्यवाही की संभावना खुली रहती है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि कोई दूसरा मामला दायर किया गया है या ऐसा मामला आगे जरूर चलेगा।

रिपोर्टों में घटनाक्रम का क्रम अलग-अलग बताया गया है। कुछ के अनुसार मंगलवार को तीनों आरोप वापस लिए गए, जबकि कुछ का कहना है कि अभियोजकों ने रिश्वत का आरोप पिछले सप्ताह ही वापस लेने की मांग की थी और फिर बाकी दो आरोप हटाने की पहल की। हालांकि, सभी इस नतीजे पर सहमत हैं कि अनुच्छेद I, III और IV पर फैसला नहीं होगा।

अभियोजकों ने मुकदमे का दायरा क्यों घटाया

हाउस अभियोजन पैनल की प्रमुख, बातांगास के दूसरे जिले की प्रतिनिधि गर्विल लुइस्त्रो ने कहा कि यह फैसला जनता, अदालत, अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष पर विचार करने के बाद लिया गया। पासाय शहर में निजी अभियोजक लोर्ना कपुनान के साथ सीनेट की प्रेस वार्ता में उन्होंने इसे पैनल का सबसे अहम फैसला बताया।

लुइस्त्रो की मुख्य दलील थी कि अनुच्छेद II पर अकेले आगे बढ़ा जा सकता है। महाभियोग अदालत को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि बाकी तीन आरोप जारी रखे बिना भी इस अनुच्छेद के आधार पर पद से हटाने की मांग करने के लिए सबूत पर्याप्त हैं।

"हमारा मानना है कि सबूत ठोस और निर्णायक हैं तथा संविधान के दोषपूर्ण उल्लंघन और जनविश्वास के साथ विश्वासघात के लिए प्रतिवादी को पद से हटाना उचित है," लुइस्त्रो ने कहा।

उन्होंने लंबी कार्यवाही से जनता की अधीरता और सीनेटरों की विधायी जिम्मेदारियों का भी हवाला दिया। चार में से तीन आरोप हटने से फैसले की प्रतीक्षा कर रहे आरोपों की संख्या 75 प्रतिशत घट गई है, हालांकि इससे यह तय नहीं होता कि बाकी सुनवाई कितनी छोटी होगी।

जिन गवाहों को अब गवाही नहीं देनी होगी, उनकी संख्या पर रिपोर्टों में मतभेद है। कई रिपोर्टों में यह संख्या 32 बताई गई है, जबकि एक में 12। आरोप वापस लेने से नियोजित गवाहियों में स्पष्ट रूप से कमी आएगी, लेकिन सटीक संख्या विवादित है। बचाव पक्ष ने जिन 14 गवाहों का उल्लेख किया, उन्होंने पहले ही गवाही दी थी; उनकी भविष्य की पेशी रद्द नहीं की जा रही है।

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संपत्ति का आरोप वास्तव में किस बारे में है

अनुच्छेद II केवल यह दावा नहीं करता कि दुतेर्ते के पास काफी संपत्ति है। इसमें आरोप है कि उन्होंने अपनी परिसंपत्तियों, देनदारियों और कुल संपत्ति के विवरण, जिसे SALN कहा जाता है, में संपत्ति की जानकारी नहीं दी और संविधान के तहत निषिद्ध कारोबारी हितों से अलग नहीं हुईं। इसमें कार्पियो के कथित निषिद्ध कारोबारी हित भी शामिल हैं।

SALN किसी सरकारी अधिकारी की संपत्ति, कर्ज और कुल संपत्ति का विवरण होता है। फिलीपींस के सरकारी अधिकारियों को हर साल यह विवरण दाखिल करना होता है। इस मामले में सीनेटरों को संपत्ति के आकार को अपने-आप में कदाचार का सबूत मानने के बजाय, अभियोजन पक्ष के छिपाई गई जानकारी और कारोबारी हितों से जुड़े आरोपों का आकलन करना होगा।

आरोप वापस लिए जाने से पहले वाले सप्ताह में अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग रोधी परिषद, बैंकों और बीमा कंपनियों के अधिकारियों तथा कैबरेरा की गवाही सुनी। अभियोजन पक्ष ने बाकी आरोप के समर्थन में कर अधिकारियों को भी पेश किया।

कैबरेरा ने दुतेर्ते और कार्पियो पर P817 मिलियन से P1.5 अरब तक की अघोषित संपत्ति रखने का आरोप लगाया। यह गवाही के दौरान पेश किया गया आरोप है, सीनेट का निष्कर्ष नहीं। कम और अधिक अनुमान के बीच P683 मिलियन का अंतर है, इसलिए गणना का आधार मामले का अहम हिस्सा है।

सार्वजनिक रूप से बताए गए सबूतों में कई तरह के वित्तीय रिकॉर्ड और गवाह शामिल हैं। उनका अदालत में पेश होना अपने-आप यह साबित नहीं करता कि संपत्ति छिपाई गई या कारोबारी हित गैरकानूनी थे। इन दावों पर बचाव पक्ष का जवाब और सीनेटरों का आकलन होना बाकी है।

बचाव पक्ष ने जवाब देने के अवसर पर सवाल उठाए

सिसन ने कहा कि बचाव पक्ष को आरोप वापस लेने पर आपत्ति नहीं थी। उनकी आपत्ति इस बात पर थी कि अभियोजन पक्ष द्वारा सार्वजनिक सुनवाई में आरोप और सबूत पेश किए जाने के बाद बचाव पक्ष की आगे की कार्यवाही का फैसला कौन कर सकता है।

उन्होंने दलील दी कि दुतेर्ते को अभियोजन पक्ष के सबूतों का खंडन करने का अवसर खोने का खतरा था। बचाव पक्ष ने यह चेतावनी भी दी कि आरोप और जवाब के बीच संतुलन गंभीर रूप से बिगड़ने पर मुकदमे को अमान्य घोषित किया जा सकता है। यह वकील की ओर से उठाई गई कानूनी आपत्ति थी, मुकदमे को अमान्य ठहराने वाला फैसला नहीं।

लुइस्त्रो ने जवाब दिया कि बचाव पक्ष को जिरह के जरिए गवाहों को चुनौती देने का अवसर मिला था और वह अन्य मंचों पर वापस लिए गए आरोपों का जवाब दे सकता है। सिसन ने इस सुझाव को खारिज किया कि अदालत के बाहर सार्वजनिक बयान कार्यवाही के दौरान बचाव पक्ष की दलीलें पेश करने का विकल्प हो सकते हैं।

एटेनियो डी मनीला विश्वविद्यालय के पॉलिसी सेंटर के वरिष्ठ शोध अध्येता माइकल हेनरी युसिंगको ने बचाव पक्ष की चिंता का समर्थन किया। उन्होंने दलील दी कि सार्वजनिक रूप से सबूत पेश किए जाने के बाद गोपनीय निधियों और धमकियों से जुड़े आरोप वापस लेने से दुतेर्ते के निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन हुआ। उनका आकलन अदालत के आरोप वापस लेने की अनुमति देने के फैसले से अलग है।

यह विवाद दो ऐसे मुद्दों को अलग करता है, जो देखने में एक जैसे लग सकते हैं: क्या सीनेटरों को किसी आरोप पर फैसला करना चाहिए, और क्या प्रतिवादी को पहले सुने गए सबूतों का खंडन करने का अवसर मिलना चाहिए। एस्कुडेरो ने फैसला दिया कि वापस लिए गए आरोपों पर बचाव पक्ष को सबूत पेश करने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि अभियोजन और बचाव पक्ष की बारी-बारी से दलीलें पेश करने की व्यवस्था आरोप वापस लेने से पहले बचाव पक्ष के जवाब न दे पाने की स्थिति से बचा सकती है।

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कोरोना की मिसाल और अदालत का अधिकार

लुइस्त्रो ने अभियोजन पक्ष के कुछ आरोप आगे बढ़ाने का अधिकार साबित करने के लिए पूर्व मुख्य न्यायाधीश रेनाटो कोरोना के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही का हवाला दिया। मूल विवरण में इस मिसाल को कोरोना महाभियोग मुकदमा बताते हुए 2011 का बताया गया है। दुतेर्ते की कार्यवाही में विवाद मिसाल से जुड़े वर्ष के बजाय आरोप वापस लेने के समय को लेकर है।

सिसन ने कहा कि कोरोना के खिलाफ आठ में से पांच आरोपों को उन पर सबूत पेश किए जाने से पहले हटा दिया गया था। दुतेर्ते के मामले में अभियोजक गोपनीय निधियों और गंभीर धमकियों से जुड़े आरोपों पर पहले ही सबूत पेश कर चुके थे। उनका कहना था कि पहले आरोप वापस लेने की मिसाल से सीनेट के सामने मौजूद निष्पक्षता का सवाल हल नहीं होता।

एस्कुडेरो ने यह विचार भी खारिज किया कि दोनों में से कोई एक पक्ष अकेले इस मामले का फैसला कर सकता है। उन्होंने कहा कि आरोप दाखिल होने के बाद वे महाभियोग अदालत के अधिकार क्षेत्र में आ जाते हैं और उन्हें वापस लेने की अभियोजन पक्ष की मांग पर अदालत का फैसला और विवेक लागू होता है।

यह अंतर बताता है कि लुइस्त्रो की घोषणा के बाद अदालत का फैसला क्यों जरूरी था। अभियोजन पक्ष ने तय किया कि वह किन आरोपों पर आगे बढ़ना चाहता है, लेकिन अदालत ने तय किया कि आरोप वापस लेने की अनुमति दी जाए या नहीं और इसके कानूनी नतीजे क्या होंगे।

सार्वजनिक चर्चा की अनुमति, लेकिन पाबंदियां जारी

एस्कुडेरो ने अनुच्छेद I, III और IV के लिए नियम 18 के तहत महाभियोग अदालत की सब-ज्यूडिस पाबंदी हटा दी। सब-ज्यूडिस पाबंदियां लंबित मामले के गुण-दोष पर सार्वजनिक बयानों को सीमित करती हैं, ताकि कार्यवाही सुरक्षित रहे। उनका तर्क था कि वापस लिए गए आरोपों पर अब फैसला होना बाकी नहीं था।

फैसले के तहत अभियोजक, दुतेर्ते, उनके संबंधित वकील और गवाह वापस लिए गए आरोपों पर सार्वजनिक रूप से बात कर सकते हैं। एस्कुडेरो ने कहा कि इसका उद्देश्य दुतेर्ते को जवाब देने का अवसर देना था, क्योंकि ये आरोप अदालत के अंतिम फैसले का हिस्सा नहीं रह गए थे।

यह अनुमति सबूतों के अप्रतिबंधित प्रकाशन की छूट नहीं देती। एस्कुडेरो ने कहा कि गोपनीयता और निजता से जुड़े सुरक्षा उपाय संरक्षित दस्तावेजों और अन्य सामग्री पर लागू रहेंगे। आरोप वापस लिए जाने के कारण उन सुरक्षा उपायों के दायरे में आने वाले सबूतों की नकल, प्रसार या अपलोड नहीं किया जा सकता।

सिसन ने आपत्ति जताई कि पाबंदी हटने से महाभियोग मुकदमा खत्म हुए बिना दुतेर्ते के खिलाफ अनियंत्रित आरोपबाजी हो सकती है। पैंगिलिनन ने फैसले के उस हिस्से पर पुनर्विचार की मांग की और एस्कुडेरो ने दुतेर्ते से परामर्श के लिए बचाव पक्ष को समय देने के बाद प्रस्ताव पर विचार करने की बात कही।

वापस लिए गए आरोपों के लिए पाबंदी में ढील तब तक लागू रहेगी, जब तक बचाव पक्ष अपनी टिप्पणी नहीं देता और अदालत इस मुद्दे पर विचार नहीं करती। बचाव पक्ष के प्रवक्ता माइकल पोआ ने यह भी चेताया कि एक अलग क्षेत्रीय ट्रायल कोर्ट का प्रतिबंध आदेश गंभीर धमकियों के मामले पर सार्वजनिक चर्चा रोक सकता है। इसलिए सीनेट अदालत की अनुमति से पक्षकारों पर लागू सभी पाबंदियां खत्म नहीं होतीं।

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दुतेर्ते ने इस्तीफे से इनकार किया, अन्य आरोप जारी

मंगलवार को 52वें फिलीपीन बिजनेस कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो में बोलते हुए दुतेर्ते ने स्वेच्छा से पद छोड़ने की किसी भी संभावना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि उनकी कानूनी टीम आरोपों को खारिज करने की तैयारी कर रही है और उन्हें सरकार से निष्पक्षता की उम्मीद नहीं है।

मैं इस्तीफा नहीं दूंगी। मैं उपराष्ट्रपति कार्यालय से कभी इस्तीफा नहीं दूंगी।

दुतेर्ते ने आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है और कहा है कि उनका मकसद 2028 में उनकी प्रस्तावित राष्ट्रपति पद की दावेदारी को कमजोर करना है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव नजदीक आने पर उन्हें और आरोपों तथा शत्रुतापूर्ण प्रचार का सामना करना पड़ेगा। ये बयान उनका पक्ष बताते हैं; अदालत के सामने मौजूद दावों का निपटारा नहीं करते।

महाभियोग सुनवाई से बाहर भी अन्य आरोप जारी हैं। इससे पिछले सोमवार को राष्ट्रीय जांच ब्यूरो ने कहा कि वह दुतेर्ते की संपत्तियों की जांच कर रहा है। इनमें वह जमीन भी शामिल है जिसे कथित तौर पर उनके SALN में कृषि भूमि के रूप में गलत बताया गया।

पूर्व सीनेटर एंटोनियो त्रिलानेस IV ने अलग से दुतेर्ते और कार्पियो पर चीनी सरकार से धन भेजे जाने का आरोप लगाया। बर्खास्त पुलिसकर्मी रोडुल्फो ग्रासियो जूनियर और खुद को धन पहुंचाने वाला बताने वाले रामिल माद्रिआगा ने पैसे पहुंचाने के आरोप लगाए। दुतेर्ते ने इन आरोपों से इनकार किया।

इन जांचों और आरोपों को अनुच्छेद II पर निष्कर्षों के साथ नहीं मिलाना चाहिए। महाभियोग के तीन आरोप वापस लिए जाने से यह तय नहीं होता कि ये अलग दावे सही हैं या नहीं। इसी तरह, जांच होने का अर्थ गलत काम साबित होना नहीं है।

समय-सारणी और फैसले के दांव

मंगलवार की कार्रवाई मुकदमे के कथित 39वें दिन हुई। मुकदमा 6 जुलाई को शुरू हुआ था। अगला निर्धारित चरण 9 नवंबर को बचाव पक्ष की प्रस्तुति है। सीनेट में अल्पमत के नेता एलन पीटर कायेतानो ने कहा कि महाभियोग मुकदमे के लिए संविधान में कोई समय-सीमा तय नहीं है और बजट पर विचार-विमर्श के साथ-साथ निष्पक्ष सुनवाई के लिए सीनेटर जरूरी समय ले सकते हैं।

  • मई 2026: प्रतिनिधि सभा ने दुतेर्ते पर चार आरोपों के तहत महाभियोग चलाया।
  • 6 जुलाई 2026: सीनेट में महाभियोग मुकदमा शुरू हुआ।
  • सितंबर 2026: खबरों के अनुसार सीनेट ने दोषसिद्धि की सीमा की ऐसी व्याख्या अपनाई, जो भाग लेने में सक्षम सीनेटरों पर आधारित थी।
  • 13 अक्टूबर 2026: अदालत ने अनुच्छेद I, III और IV वापस लेने की मंजूरी दी; अनुच्छेद II बाकी रहा।
  • 9 नवंबर 2026: कार्यवाही फिर शुरू होने का कार्यक्रम है। बचाव पक्ष से सबूत और गवाह पेश करने की उम्मीद है।

मतदान की सीमा निर्णायक हो सकती है। रिपोर्टों के अनुसार 24 सदस्यों वाली सीनेट ने संविधान की दो-तिहाई सदस्यों वाली शर्त की व्याख्या ऐसे सीनेटरों के आधार पर की जो मतदान में भाग लेने में सक्षम हैं, जिससे जरूरी मतों की संख्या 14 बनी। पूरे 24 सदस्यीय सदन के दो-तिहाई 16 मत होंगे। बताया गया यह अर्थ आवश्यक मतों की संख्या दो कम करता है।

अभी कोई फैसला नहीं सुनाया गया है। दोषसिद्धि होने पर दुतेर्ते को पद से हटाया जा सकता है और सार्वजनिक पद संभालने से अयोग्य ठहराया जा सकता है, जिससे 2028 में उनकी प्रस्तावित राष्ट्रपति पद की दावेदारी खतरे में पड़ सकती है। मामले का दायरा घटने से सीनेटर किन बातों पर फैसला करेंगे, यह बदलता है; लेकिन संभावित नतीजे नहीं बदलते।

आरोप वापस लेने के फैसले की बागोंग अल्यांसांग मकाबायन ने भी आलोचना की। इसके अध्यक्ष रेनाटो रेयेस जूनियर ने कहा कि गोपनीय निधियों का विवाद महाभियोग की पहल का अहम कारण था और जनता को मामले का पूरा निपटारा मिलना चाहिए। अदालत के फैसले से उस आरोप पर फैसला नहीं होगा, जबकि उस पर पहले ही गवाही दी जा चुकी है।

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मुख्य बातें

  • सीनेट के फैसले के लिए अब केवल अनुच्छेद II बाकी है। इसमें अघोषित संपत्ति, संपत्ति का खुलासा न करने और निषिद्ध कारोबारी हितों के आरोप शामिल हैं।
  • कैबरेरा ने P817 मिलियन से P1.5 अरब तक की अघोषित संपत्ति का आरोप लगाया। सीनेट ने इस अनुमान को निष्कर्ष के रूप में स्वीकार नहीं किया है।
  • गोपनीय निधियों और गंभीर धमकियों के आरोप पूर्वाग्रह सहित वापस लिए गए; रिश्वत का आरोप पूर्वाग्रह के बिना वापस लिया गया।
  • बचाव पक्ष ने सार्वजनिक सुनवाई में अभियोजन के सबूत सुने जाने के बाद आरोप हटाने की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।
  • सीनेट के मौजूदा फैसले के तहत वापस लिए गए आरोपों पर सार्वजनिक चर्चा की अनुमति है, लेकिन गोपनीयता सुरक्षा और अलग अदालतों की संभावित पाबंदियां लागू रह सकती हैं।
  • बचाव पक्ष 9 नवंबर से अपना मामला पेश कर सकता है। दुतेर्ते ने गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि वह इस्तीफा नहीं देंगी।
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