सीसे के निष्कर्ष और विवादित इंजेक्शन के मामले में राष्ट्रपति का हस्तक्षेप
दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने 12 अक्टूबर, 2026 को उन आरोपों की गहन जांच का आदेश दिया कि DN Automotive के उल्सान बैटरी संयंत्र में कर्मचारियों को भारी धातुएं निकालने के लिए बार-बार इंजेक्शन दिए गए और उन्हें विटामिन के इंजेक्शन बताया गया। उनका यह हस्तक्षेप व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य अधिनियम के 68 उल्लंघनों के निष्कर्षों और विस्तृत माप के बाद आया है, जिसमें उत्पादन की एक प्रक्रिया में सीसे का संपर्क अनुमत सीमा से 5.5 गुना तक पाया गया।
विषय-सूची
- सीसे के निष्कर्ष और विवादित इंजेक्शन के मामले में राष्ट्रपति का हस्तक्षेप
- ली ने जांचकर्ताओं को किन बातों की जांच का निर्देश दिया
- नियमित जांच और विस्तृत माप के नतीजों में बड़ा अंतर
- जांच से पहले क्या हुआ, इस बारे में कर्मचारियों का कहना
- इंजेक्शन का प्रकार क्यों मायने रखता है
- आरोपों पर कंपनी का जवाब
- सार्वजनिक विवाद से महीनों पहले शुरू हुई कार्रवाई
- स्वास्थ्य जांच में पूर्व कर्मचारी भी शामिल होंगे
- उल्सान संयंत्र से आगे भी निरीक्षण
- मुख्य बातें
रोजगार एवं श्रम मंत्रालय ने कहा कि उसने कंपनी को कारोबार में बाधा डालने के संदेह में पुलिस के हवाले किया है। मंत्रालय का निष्कर्ष है कि विशेष स्वास्थ्य जांच से पहले दिए गए इंजेक्शन कर्मचारियों की सुरक्षा के सरकारी उपायों में बाधा डाल सकते थे। उल्सान महानगर पुलिस एजेंसी मामले की जांच कर रही है। अलग से, मंत्रालय ने कुल 46.2 मिलियन वॉन का प्रशासनिक जुर्माना लगाया और व्यावसायिक सुरक्षा उल्लंघनों को अभियोजन के लिए भेजा।
DN Automotive इस बात से इनकार करती है कि इंजेक्शन जांच के नतीजों में हेरफेर के लिए दिए गए थे। कंपनी इन्हें कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रबंधन के लगातार चल रहे कार्यक्रम का हिस्सा बताती है, जबकि उसके सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख का कहना है कि भाग लेना स्वैच्छिक था। कर्मचारियों का बयान अलग है। उनका आरोप है कि उपचार के बारे में गलत जानकारी दी गई और कुछ मामलों में बिना वेतन छुट्टी लेने को कहा गया।
विवाद अब तीन अलग-अलग मुद्दों से जुड़ा है: कार्यस्थल में सीसे की मात्रा, चिकित्सा उपचार से पहले कर्मचारियों को क्या बताया गया और क्या स्वास्थ्य जांच के दौरान सीसे के संपर्क को छिपाने के लिए उपचार दिया गया। राष्ट्रपति के निर्देश से ध्यान एक कारखाने से आगे बढ़ा है। बैटरी निर्माण के 14 अन्य कार्यस्थलों पर लक्षित निरीक्षण पहले ही शुरू हो चुके हैं।
ली ने जांचकर्ताओं को किन बातों की जांच का निर्देश दिया
राष्ट्रपति के मुख्य प्रवक्ता कांग यू-जुंग ने कहा कि ली ने निर्देश जारी करने से पहले श्रम मंत्रालय से उसकी कार्रवाई और आगे की योजनाओं पर जानकारी ली थी। उन्होंने कानूनी सीमा से पांच गुना से अधिक सीसे के स्तर के बावजूद कार्यस्थल के आकलन में सफल होने के लिए कथित तौर पर कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाने वाले उपायों के इस्तेमाल की आलोचना की।
राष्ट्रपति के रूप में ली ने चिकित्सा जोखिमों और खतरनाक पदार्थों के संपर्क को कथित तौर पर छिपाने को कर्मचारियों के अधिकारों का उल्लंघन बताया। कांग के हवाले से उनके बयान में कहा गया:
कर्मचारियों के जीवन और स्वास्थ्य की रक्षा करने वाली कंपनी अगर दुष्प्रभावों के जोखिम को छिपाती है, कर्मचारियों को इंजेक्शन लगवाने के लिए कहती है और खतरनाक पदार्थों के संपर्क को छिपाती है, तो यह मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
उन्होंने श्रम मंत्रालय और जांच एजेंसियों को खतरनाक पदार्थों के संपर्क की सीमा, इंजेक्शन दिए जाने की परिस्थितियों और स्वास्थ्य जांच के नतीजे छिपाए जाने की आशंका का पता लगाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उल्लंघन पाए जाने पर कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
यह निर्देश अदालत का ऐसा निष्कर्ष नहीं है कि कंपनी ने कर्मचारियों को धोखा दिया या जांच के नतीजों में हेरफेर किया। इन आरोपों की जांच अभी जारी है। हालांकि, मंत्रालय ने व्यावसायिक सुरक्षा के अलग-अलग उल्लंघनों और प्रवर्तन संबंधी कदमों की घोषणा पहले ही कर दी है।
नियमित जांच और विस्तृत माप के नतीजों में बड़ा अंतर
DN Automotive वाहनों के लिए लेड-एसिड बैटरियां बनाती है। उत्पादन में सीसे और सल्फ्यूरिक एसिड का इस्तेमाल होता है, इसलिए संयंत्र की स्थितियों पर नजर रखने के लिए कार्यस्थल में संपर्क की जांच और कर्मचारियों की विशेष स्वास्थ्य जांच अहम हैं।
बताया जाता है कि 2022 से नियमित कार्यस्थल आकलनों में सीसे का संपर्क अनुमत स्तर के भीतर पाया गया। कर्मचारियों की विशेष जांच में भी व्यावसायिक बीमारी का कोई संदेह दर्ज नहीं हुआ। इसके बाद कोरिया व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य एजेंसी, जिसे KOSHA के नाम से जाना जाता है, के विस्तृत माप में कहीं अधिक स्तर सामने आए।
सीसे के पाउडर से बनी इलेक्ट्रोड प्लेटों की लोडिंग प्रक्रिया में माप अनुमत सीमा से पांच गुना से अधिक रहे। स्टैकर प्रक्रिया में, जहां धनात्मक और ऋणात्मक इलेक्ट्रोड अलग करके जमाए जाते हैं, सबसे ऊंचा दर्ज स्तर सीमा का 5.5 गुना था। यानी यह सीमा से 450 प्रतिशत अधिक था, न कि केवल 5.5 प्रतिशत।
इंजे विश्वविद्यालय में व्यावसायिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा इंजीनियरिंग के प्रोफेसर किम बू-वूक ने विस्तृत नतीजों की तुलना नियमित आकलनों से करते हुए कहा:
नियमित कार्यस्थल पर्यावरण माप के सबसे ऊंचे स्तरों की तुलना KOSHA के इस विस्तृत माप के सबसे ऊंचे स्तरों से करने पर, सभी मामलों में करीब दस गुना का अंतर दिखाई देता है।
यह तुलना बड़ा अंतर दिखाती है, लेकिन इससे अकेले उस अंतर का कारण पता नहीं चलता। जांचकर्ताओं को अब भी यह निर्धारित करना है कि आकलन कैसे किए गए और उनके नतीजों में फर्क क्यों था। स्वतंत्र तुलना के लिए जरूरी मूल सांद्रता, इकाइयों या नमूना लेने की परिस्थितियों की जानकारी उपलब्ध आंकड़ों में नहीं है।
जांच से पहले क्या हुआ, इस बारे में कर्मचारियों का कहना
कर्मचारियों का आरोप है कि अनिवार्य स्वास्थ्य जांच से पहले इंजेक्शन देने की व्यवस्था की गई थी। एक यूनियन अधिकारी ने कहा कि वार्षिक जांच से पहले एक या दो महीने की अवधि में कर्मचारियों को आम तौर पर एक से तीन इंजेक्शन दिए गए, जबकि कुछ प्रक्रियाओं में काम करने वालों को चार तक इंजेक्शन लगे।
कर्मचारी ली वू-सॉन्ग ने कहा कि इंजेक्शन को विटामिन उपचार बताकर पेश किया गया और कहा गया कि आम तौर पर इसकी कीमत 150,000 से 200,000 वॉन होती है और इसे लेने के बाद ताजगी महसूस होगी। एक अन्य कर्मचारी, ह्योन सॉन-चॉन ने बताया कि वह अस्पताल पहुंचे, उनसे पूछा गया कि क्या वह DN Automotive से हैं और उपचार की जानकारी दिए बिना उन्हें नसों के जरिए दवा चढ़ाई गई।
बताया जाता है कि कंपनी के एक आंतरिक दस्तावेज में उन कर्मचारियों की पहचान की गई थी जिन्हें अतिरिक्त कीलेशन उपचार की जरूरत थी। इसमें कर्मचारियों के नाम के सामने तारीखें दर्ज थीं और तीसरी तथा चौथी खुराक की प्रविष्टियां भी थीं। ये रिकॉर्ड उपचार के व्यवस्थित ढंग से तय किए जाने का संकेत देते हैं, हालांकि इससे स्वतंत्र रूप से यह साबित नहीं होता कि हर कर्मचारी को क्या बताया गया था या उनकी सहमति पूरी जानकारी के आधार पर थी।
एक अज्ञात कर्मचारी ने कहा कि सीसे का स्तर अधिक आने वाले कर्मचारियों से दो सप्ताह तक बिना वेतन घर रहने और उस दौरान कीलेशन इंजेक्शन लेने को कहा गया। एक अन्य कर्मचारी ने बताया कि उनका रक्तचाप 180 तक पहुंच गया और उन्हें दोहरा दिखाई देने लगा। ये कर्मचारियों के बयान हैं, न कि ऐसे पुष्ट चिकित्सकीय निष्कर्ष जो साबित करें कि किसी खास दवा से ये लक्षण हुए।
उपचार पाने वाले लोगों की कुल संख्या, यह प्रक्रिया कितने समय तक चली और दवा की पहचान का खुलासा नहीं किया गया है। सहमति की जांच और स्वास्थ्य को हुए नुकसान के आकलन, दोनों के लिए ये विवरण अहम हैं।
इंजेक्शन का प्रकार क्यों मायने रखता है
विवादित उपचार को विटामिन देने के बजाय कीलेशन बताया गया है। कीलेशन में ऐसी दवा का इस्तेमाल होता है जो शरीर में कुछ धातुओं से जुड़ जाती है, ताकि उन्हें मूत्र समेत अन्य माध्यमों से बाहर निकाला जा सके। इसका उद्देश्य, चिकित्सकीय जोखिम और उपयुक्तता दवा, मरीज की स्थिति और उपचार की परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं।
इस मामले में बताए गए इंजेक्शन कथित तौर पर जांच से पहले कर्मचारियों के रक्त में सीसे का स्तर कम करने के लिए दिए गए। उपचार के संभावित जोखिम के रूप में गुर्दों को नुकसान पहुंचने की बात कही गई, लेकिन इन कर्मचारियों में ऐसे नुकसान की किसी पुष्ट जांच का ऐलान नहीं किया गया है।
रक्त में सीसे का 30 माइक्रोग्राम प्रति डेसीलीटर स्तर सरकारी निगरानी शुरू होने की सीमा बताया गया। एक डेसीलीटर, एक लीटर का दसवां हिस्सा होता है। रक्त में यह माप कार्यस्थल के संपर्क संबंधी माप से अलग है, जहां स्तर अनुमत सीमा के 5.5 गुना तक पहुंचे: एक माप किसी व्यक्ति के रक्त में सीसे की मात्रा बताता है, जबकि दूसरा कामकाजी माहौल में सीसे के संपर्क का आकलन करता है।
आरोपों को समझने के लिए यह फर्क अहम है। रक्त में सीसे का स्तर घटाने वाला इंजेक्शन उत्पादन प्रक्रिया से सीसा नहीं हटाता। इसलिए इससे अकेले यह नहीं समझाया जा सकता कि कार्यस्थल के माप स्वीकार्य क्यों दर्ज किए गए। जांच में पर्यावरण संबंधी आकलनों के अंतर और स्वास्थ्य जांच के नतीजों में कथित बदलाव, दोनों पर अलग-अलग ध्यान देना होगा।
आरोपों पर कंपनी का जवाब
DN Automotive का कहना है कि इंजेक्शन कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रबंधन के लगातार चल रहे कार्यक्रम का हिस्सा थे और उनका मकसद जांच के नतीजों में हेरफेर करना नहीं था। कंपनी के सुरक्षा एवं स्वास्थ्य कार्यालय के प्रमुख सॉन्ग जिन-वूक ने इसे स्वैच्छिक विकल्प बताया और इस बात से इनकार किया कि उपचार लेना अनिवार्य था।
यह जवाब उन कर्मचारियों के बयानों से टकराता है, जिनका कहना है कि उपचार को विटामिन बताया गया या काम से दूर रहने के निर्देशों से जोड़ा गया। इसलिए मुख्य सवाल सिर्फ यह नहीं है कि कर्मचारी स्वेच्छा से क्लिनिक गए थे या नहीं। जांचकर्ताओं को यह भी पता लगाना होगा कि क्या उन्हें मालूम था कि उन्हें कौन-सी दवा दी जा रही है, क्या वे उसके जोखिम समझते थे और क्या वे नौकरी पर असर पड़े बिना उपचार से इनकार कर सकते थे।
नेशनल असेंबली की जलवायु, ऊर्जा, पर्यावरण एवं श्रम समिति के सदस्य किम जू-यंग ने जांच से पहले कर्मचारियों के शरीर से सीसा निकालने की आशंका जताई। यह जांच का विषय है, कंपनी की मंशा का प्रमाण नहीं।
अदालत का कोई फैसला, पुलिस की जांच का कोई अंतिम निष्कर्ष या महामारी-विज्ञान संबंधी अंतिम आकलन घोषित नहीं हुआ है। कंपनी के इनकार और कर्मचारियों के आरोपों को मंत्रालय द्वारा पहले ही पहचाने गए व्यावसायिक सुरक्षा उल्लंघनों से अलग रखा जाना चाहिए।
सार्वजनिक विवाद से महीनों पहले शुरू हुई कार्रवाई
श्रम मंत्रालय ने कहा कि उसे आरोपों के बारे में पहली जानकारी जनवरी के आखिर में मिली थी। इसके बाद उसने दावों की पड़ताल की, सुरक्षा निरीक्षण किए और कार्यस्थल के विस्तृत माप की व्यवस्था की। घटनाक्रम से पता चलता है कि अक्टूबर की खबरों और राष्ट्रपति के निर्देश से पहले ही सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी थी।
- 2022 से: नियमित कार्यस्थल आकलनों में कथित तौर पर सीसे का स्वीकार्य स्तर दर्ज हुआ, जबकि विशेष स्वास्थ्य जांच में व्यावसायिक बीमारी का कोई संदेह नहीं मिला।
- जनवरी 2026 के अंत में: श्रम मंत्रालय को कथित तौर-तरीकों के बारे में जानकारी मिली और उसने तथ्यों की जांच शुरू की।
- 21 अप्रैल से 7 मई: मंत्रालय ने सीसे के संपर्क वाली प्रक्रियाएं रोकने का आदेश दिया।
- 18 सितंबर: KOSHA की महामारी-विज्ञान जांच मूल्यांकन समिति ने स्वास्थ्य प्रभावों की समूह जांच को मंजूरी दी।
- 8 अक्टूबर: सीसे के संपर्क की जांच और कामकाजी स्थितियां बेहतर करने के लिए नौ सदस्यीय समिति शुरू की गई।
- 11 अक्टूबर: खबरों में कर्मचारियों के बयान और इंजेक्शन से जुड़ा एक आंतरिक दस्तावेज विस्तार से सामने आया।
- 12 अक्टूबर: मंत्रालय ने प्रवर्तन संबंधी कदमों और पुलिस को मामला सौंपने की घोषणा की, जबकि ली ने गहन जांच का आदेश दिया।
निर्धारित अवधि के दौरान रोक सीसे के संपर्क वाली प्रक्रियाओं पर लागू थी। इसे पूरे संयंत्र को बंद करने की घोषित कार्रवाई या अक्टूबर में भी लागू रहने वाले आदेश के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए।
46.2 मिलियन वॉन का प्रशासनिक जुर्माना भी आपराधिक जांच से अलग है। संदेहास्पद अपराधों को आगे की कार्रवाई के लिए भेजने से कानूनी प्रक्रिया शुरू होती है या आगे बढ़ती है; इससे दोषसिद्धि नहीं होती और न ही धोखे के आरोपों का निपटारा होता है।
स्वास्थ्य जांच में पूर्व कर्मचारी भी शामिल होंगे
KOSHA ने 18 सितंबर को DN Automotive के मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों, जिनमें सेवानिवृत्त लोग भी शामिल हैं, की समूह महामारी-विज्ञान जांच करने का फैसला किया। इसका उद्देश्य पूरे कर्मचारी वर्ग पर सीसे के संपर्क के स्वास्थ्य प्रभावों का पता लगाना है, न कि केवल संयंत्र में मौजूदा कर्मचारियों की जांच करना।
महामारी-विज्ञान जांच किसी आबादी में संपर्क और बीमारी के रुझानों का अध्ययन करती है। इस मामले में यह उस सवाल का जवाब दे सकती है जिसे कार्यस्थल का एक माप या किसी एक व्यक्ति का रक्त परीक्षण तय नहीं कर सकता: क्या कर्मचारियों के रोजगार और संपर्क के इतिहास से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हुईं।
श्रम मंत्रालय ने 8 अक्टूबर को DN Automotive सीसा संपर्क जांच एवं कार्यस्थल पर्यावरण सुधार समिति भी शुरू की। इसके नौ विशेषज्ञों की सिफारिश श्रमिकों, प्रबंधन और सरकार ने की थी। इसकी तीन प्रस्तावित इकाइयां स्वास्थ्य, कामकाजी माहौल और महामारी-विज्ञान जांच पर काम करेंगी।
समूह जांच के पूरा होने की तारीख, इसमें शामिल लोगों की संख्या या रिपोर्ट प्रकाशित करने का कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। पुष्ट रूप से प्रभावित कर्मचारियों की संख्या भी अज्ञात है। पूर्व कर्मचारियों को शामिल करने से जांच मौजूदा परीक्षण नतीजों से आगे बढ़ती है, लेकिन निष्कर्ष जांच के नतीजों पर निर्भर करेंगे।
उल्सान संयंत्र से आगे भी निरीक्षण
मंत्रालय ने बैटरी निर्माण के इसी क्षेत्र के 14 अन्य कार्यस्थलों पर लक्षित निरीक्षण शुरू कर दिए हैं। ली ने यह भी कहा कि अन्य जगहों पर ऐसे ही तौर-तरीकों से व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सुरक्षा कमजोर तो नहीं हो रही, इसकी बारीकी से जांच की जाए।
ग्वांगजू में लेड-एसिड बैटरी बनाने वाले एक अलग कारखाने की भी इसी तरह के कीलेशन उपचार के कथित इस्तेमाल को लेकर जांच चल रही है। उसकी पहचान, शामिल कर्मचारियों की संख्या और किसी भी प्रवर्तन संबंधी निष्कर्ष का खुलासा नहीं किया गया है। यह स्पष्ट नहीं है कि वह कारखाना लक्षित निरीक्षणों के दायरे वाले 14 कार्यस्थलों में शामिल है या नहीं।
व्यापक जांच में वैध चिकित्सा उपचार और सीसे के संपर्क को छिपाने के लिए कथित तौर पर किए गए उपचार के बीच फर्क करना होगा। उल्सान के मामले में सहमति, चिकित्सा जरूरत, समय, कंपनी की भूमिका और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए बनाई गई जांचों की विश्वसनीयता से जुड़े सवाल अब भी अनसुलझे हैं।
आगे के तात्कालिक कदमों में जारी पुलिस जांच, अन्य संयंत्रों के निरीक्षण और नियोजित स्वास्थ्य तथा कार्यस्थल जांच शामिल हैं। सुनवाई की तारीख, आरोप तय करने की समयसीमा या अंतिम रिपोर्ट जारी करने की तारीख घोषित नहीं की गई है। राष्ट्रपति ने सख्त कार्रवाई की मांग की है, लेकिन आगे की कानूनी और सुरक्षात्मक कार्रवाई जांच में जुटाए गए सबूतों से तय होगी।
मुख्य बातें
- ली जे-म्युंग ने 12 अक्टूबर को DN Automotive के उल्सान संयंत्र में इंजेक्शन के बारे में कथित धोखे की गहन जांच का आदेश दिया।
- कार्यस्थल के विस्तृत माप में स्टैकर प्रक्रिया के दौरान सीसे का संपर्क अनुमत सीमा से 5.5 गुना तक पाया गया।
- श्रम मंत्रालय ने व्यावसायिक सुरक्षा के 68 उल्लंघन पाए और 46.2 मिलियन वॉन का प्रशासनिक जुर्माना लगाया।
- स्वास्थ्य जांच से पहले दिए गए उपचार से जुड़े कारोबार में बाधा डालने के संदेह की उल्सान पुलिस जांच कर रही है।
- कर्मचारियों का आरोप है कि इंजेक्शन को विटामिन बताया गया। DN Automotive ने नतीजों में हेरफेर से इनकार करते हुए कहा कि उपचार स्वैच्छिक स्वास्थ्य प्रबंधन का हिस्सा था।
- समूह स्वास्थ्य जांच में मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों, जिनमें सेवानिवृत्त लोग भी शामिल हैं, की जांच होगी।
- लक्षित निरीक्षण बैटरी निर्माण के 14 अन्य कार्यस्थलों पर हो रहे हैं। जांच के अंतिम निष्कर्ष या उनके पूरा होने की तारीख घोषित नहीं की गई है।






